ब्रेकिंग:. पूर्व विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज का निधन

दिल्ली
प्राप्त सूचनाओं के अनुसार भारत की पूर्व प्रदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज अब इस दुनिया में नहीं रही
प्राप्त सूचनाओं के अनुसार श्रीमती सुषमा स्वराज की 9:00 बजे हार्ट अटैक से निधन हो गया स्वराज को तत्काल एम्स ले जाया गया जहां वेंटीलेटर वाह सीपीडी भी दी गई पर कोई रिजल्ट नहीं निकला अंत में डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया सूचना के साथ ही बीजेपी में एक मातम सा छा गया है सारे नेता एम्स की भाग रहे हैं

सिख समाज द्वारा प्रति रविवार को जिला चिकित्सालय में लंगर का वितरण

https://youtu.be/Awtl_OvrfzE

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द न्यूज़ लाइट के संपादक कर्णेश शर्मा ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कोषाध्यक्ष विजय सरदार से लंगर में ही वार्ता की

बहुप्रतीक्षित अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद पर आज से सुप्रीम कोर्ट में रोजाना सुनवाई शुरू निर्मोही अखाड़े ने रखा अपना पक्

नई दिल्ली। आखिरकार वो पल आ गया जिसके लंबे समय से इंतजार था। बहुप्रतीक्षित अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद पर आज से सुप्रीम कोर्ट में रोजाना सुनवाई शुरू हो गई है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने मंगलवार सुबह इस मामले की सुनवाई शुरू की। इस पीठ के अन्य न्यायाधीश एसए बोबडे, डीवाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण व एस. अब्दुल नजीर हैं।

अयोध्या में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में रोजाना सुनवाई आज से शुरू हो गई है. इस मामले पर संविधान पीठ सुनवाई कर रही है, जिसकी अगुवाई खुद चीफ जस्टिस रंजन गोगोई कर रहे हैं. मध्यस्थता को लेकर नियुक्त की गई समिति के किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद में 6 अगस्त से रोज सुनवाई करने का आदेश दिया था.

राम मंदिर मामले पर सुनवाई शुरू हो गई है / चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस बोबडे, जस्टिस चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नज़ीर कोर्ट में पहुंचे. निर्मोही अखाड़े की तरफ से सुशील कुमार जैन ने अपनी बात रखनी शुरू की. निर्मोही अखाड़े ने कहा कि 16 दिसंबर 1949  को आखिरी बार जन्मभूमि पर बनाई गई मस्जिद में नमाज़ पढ़ी गई थी. जिसके बाद 1961 में वक्फ बोर्ड ने अपना दावा दाखिल किया था. लेकिन इसी दौरान जब राजीव धवन ने कोर्ट को टोका तो CJI ने कहा कि आपको आपका समय मिलेगा, बीच में ना टोकें और कोर्ट की गरिमा का ध्यान रखें.

 इसके बाद निर्मोही अखाड़े के वकील ने सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से जो सबमिशन किया गया, उसे अदालत के सामने पढ़ा. निर्मोही अखाड़े की तरफ से इस मामले के इतिहास और बाबर शासन काल का जिक्र किया जा रहा है.

चीफ जस्टिस ने पूछा कि वहां पर एंट्री कहां से होती है? सीता रसोई से या फिर हनुमान द्वार से? इसके अलावा CJI ने पूछा कि निर्मोही अखाड़ा कैसे रजिस्टर किया हुआ? जस्टिस नज़ीर ने निर्मोही अखाड़े से पूछा कि आप बहस में सबसे पहले अपनी बात रख रहे हैं, आपको हमें इसकी पूरी जानकारी देनी चाहिए.

 निर्मोही अखाड़े ने अदालत को बताया कि 1961 में वक्फ बोर्ड ने इस पर दावा ठोका था. लेकिन हम ही वहां पर सदियों से पूजा करते आ रहे हैं, हमारे पुजारी ही प्रबंधन को संभाल रहे थे. सुनवाई के दौरान निर्मोही अखाड़े ने कहा कि 6 दिसंबर, 1992 को कुछ शरारती तत्वों ने रामजन्मभूमि पर बना विवादित ढांचा ढहा दिया था.

अब पूर्वांचल की सब्जी भरेगी विदेशी उड़ान, सात अगस्त को आएंगे विशेषज्ञ

वाराणसी । पूर्वांचल के किसानों व सब्जी विक्रेताओं के लिए राहत की खबर। अब उनकी उगाई सब्जी को विदेशी मार्केट मिल सकेगा। इस दिशा में पहल आगे बढऩे से पूर्वांलच में उत्पादित सब्जियां निर्यात हो सकेंगी। केंद्र व प्रदेश सरकार इसके लिए लगभग आधा दर्जन से अधिक विभागों के अधिकारियों की टीम सात अगस्त को बनारस भेज रही है। टीम के सदस्य कई महत्वपूर्ण संस्थानों व स्थानों का निरीक्षण कर इस कार्य में आने वाली बाधाओं को दूर करेंगे। 

डीएम संग बैठक में करेंगे मंथन : बनारस आई टीम सुबह 10 बजे डीएम संग बैठक कर प्रमुख बिंदुओं पर मंथन करेगी। तत्पश्चात दो बजे विभिन्न स्थलों का निरीक्षण करने निकलेगी। राजातालाब और कछवां में सब्जी उत्पादन की बेहतर संभावना को देखते हुए जरूरी मानकों को देखेगी। निर्यात के लिए रेल, वायु, सड़क को सुगम बनाने पर भी मंथन करेगी। 

टीम में इन विभागों के अधिकारी : टीम में कृषि व प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण यानी एपीईडीए के चेयरमैन, जीएम, एजीएम, कृषि विभाग के संयुक्त सचिव, रेलवे के अधिकारी, वाराणसी एयरपोर्ट के डायरेक्टर, भारतीय सब्जी अनुसंधान केंद्र व मंडी समिति के निदेशक, डीएम संग पांच से 10 किसान और निर्यातक मुख्य रूप से शामिल हैं। 

इन स्थानों का करेगी निरीक्षण : सात अगस्त को आने वाली टीम के सदस्य एयरपोर्ट, कार्गो, फेसिलिटी सेंटर, पहडिय़ा मंडी, रामनगर नदी पत्तन, कार्गो सेंटर राजातालाब के साथ विभिन्न जगह सब्जी-फल उत्पादन केंद्र का दौरा करेगी। 

शादी की पहली रात द‍ुल्हन ने ससुराल‍ियों को ख‍िलाया हाथ का खाना, फ‍िर…

एक लुटेरी दुल्हन ने शादी के दुसरे दिन ही ससुरालियों को अपने हाथ से बना हुआ नशीला खाना खिलाया और अपने पति सहित पूरे परिवार को बेहोश करने के बाद घर में रखे जेवर और नकदी लेकर फरार हो गई. घटना उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद में सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है. 
एक नई-नवेली दुल्हन ने अपनी ससुराल में मौजूद अपने पति सहित 5 लोगों को अपने हाथ से बनाकर खाना खिलाया और उनके बेहोश हो जाने के बाद घर में रखे जेवर और नगदी समेटकर फरार हो गई. परिजनों के अनुसार शादी होने से पहले दुल्हन के परिजनों ने अपने आपको गरीब बताते हुए उनसे 30 हजार रुपये भी ले लिए थे. डायल 100 की सूचना पर पुलिस ने दूल्हे सहित परिवार के 5 लोगों को नशे की हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया था.

सिविल लाइन्स इलाके के झांझनपुर निवासी संजय होटल में काम करता है. दो अगस्त को उसकी शादी बरेली की रहने वाली पूजा के साथ उसी के इलाके में स्थित एक मंदिर में हुई थी. दुल्हन के आने से घर में खुशी का माहौल था. शनिवार रात दुल्हन ने सभी को खाना बनाकर खिलाया लेकिन खुद पूजा ने खाना खाने से मना कर दिया और पत‍ि को कोल्ड ड्रिंक प‍िलाकर सो गई. परिवार के सभी सदस्य घर में सो गये और वह भी दुल्हन के साथ नीचे कमरे में सो गया. बेहोश होने की वजह से सभी सोते ही रह गए.

दूल्हे ने बताया क‍ि दो तारीख को शादी थी. लडकी वाले बरेली से आए और नहा धोकर तैयार हुए. फ‍िर मंद‍िर में शादी के फेरे हुए. घर आकर दुल्हन ने खाना बनाया और सबको ख‍िलाया. मेरे जीजा को भी खाना द‍िया. 

मैंने जब दुल्हन को खाने के ल‍िए कहा तो उसने कहा क‍ि मैं बाद में खा लूंगी. उसके बाद वह एक ग‍िलास कोल्डड्र‍िंक लेकर आई. कोल्डड्र‍िंक पीते ही मैं लेट गया. सुबह आंख खुली तो दुल्हन मेरे बेड पर नहीं थी, अलमारी खाली खुली पड़ी थी ज‍िसमें जेवर और पैसा रखा था.  

इस मामले में सीओ स‍िव‍िल लाइन राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया क‍ि संजय की कुछ द‍िन पहले ही शादी हुई थी. दुल्हन जेवर और 16 हजार नकदी लेकर फरार है. लुटेरी दुल्हन की तलाश की जा रही है. फ‍िलहाल मुकदमा दर्ज करने के बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. यह क‍िसी गैंग का भी काम हो सकता है. मुरादाबाद में इस तरह पूर्व में हुई घटनाओं की पड़ताल की जा रही है. 

Kashmir से आई एक तस्‍वीर, Dhoni की सरलता के कायल हुए फैंस

कश्‍मीर

इन दिनों कश्‍मीर में है माही

जम्‍मू-कश्‍मीर फिलवक्‍त सोशल मीडिया के हॉट टॉपिक बना हुआ है। केंद्र सरकार ने राज्‍य के पुनर्गठन का प्रस्‍ताव दिया है। साथ ही धारा 370 को हटाने का भी ऐलान किया है। लिहाजा, ट्विटर से लेकर फेसबुक और इंस्‍टाग्राम से लेकर वॉट्सऐप पर जम्‍मू-कश्‍मीर पर चर्चा हो रही है। लेकिन इन सब के बीच सोशल मीडिया के ऑल टाइम फेवरेट महेंद्र सिंह धोनी की एक तस्‍वीर भी वायरल हो रही है। संयोग है कि वह भी इन दिनों कश्‍मीर में ही सेना में सेवा दे रहे हैं।

सेना में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं धोनी

महेंद्र सिंह धोनी इन दिनों क्रिकेट के मैदान से दूर हैं। वह कश्‍मीर में 106 टेरिटोरियल आर्मी बटालियन (पैरा) में सेवाएं दे रहे हैं। उन्‍होंने खेल से 2 महीने की छुट्टी ली है, ताकि सेना में सक्रिय भूमिका निभा सके। बीते दिनों धोनी का एक विडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह घाटी में सैनिकों के साथ वॉलीबॉल खेल रहे थे। अब उनकी एक तस्‍वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

एक ही दिल है धोनी, कितनी बार जीतोगे

कैप्‍टन कूल’ धोनी इस तस्‍वीर में सेना की वर्दी में हैं और खुद अपने बूट्स में पॉलिस करते हुए नजर आ रहे हैं। फैंस धोनी की इस तस्‍वीर पर दिल हार रहे हैं। इसे धोनी की सादगी और सरलता से जोड़कर देखा जा रहा है।

फैंस ने धारा 370 से भी जोड़ा

ट्विटर पर इस तस्‍वीर को शेयर करते हुए @msdfansofficial ने लिखा है, ‘कोई विशेषाधिकार नहीं, कोई विशेष सुरक्षा नहीं। क्योंकि वह हमारे बहादुर सैनिकों की तरह ही राष्ट्रीय कर्तव्य पर हैं!’ दिलचस्‍प बात यह है कि कश्‍मीर में धोनी की मौजूदगी को लोग ‘बेस्‍ट फिनिशर’ वाले टैग और आर्टिकल 370 से जोड़कर भी ट्वीट कर रहे हैं।

अधीर रंजन ने धारा 370 पर किया सेल्फ गोल, लोकसभा में कांग्रेस की किरकिरी

लोकसभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर चर्चा के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि कांग्रेस की किरकिरी हो गई. दरअसल, कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने अनुच्छेद 370 पर ऐसा सवाल पूछा कि गृहमंत्री अमित शाह ने उनकी खिंचाई कर दी. अमित शाह ने कहा, ‘इस मामले में कांग्रेस को अपना रुख साफ करना चाहिए. कांग्रेस बताए कि क्या कश्मीर को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) मॉनिटर करे.’

लोकसभा में आज जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन विधेयक पर बहस हो रही है. इस दौरान सदन की कार्यवाही शुरू होते ही गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी के बीच तीखी नोंक-झोक हुई. पहले गृह मंत्री ने जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक सदन के पटल पर पेश किया. इसके बाद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने अपनी राय सदन में रखनी शुरू की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने रातो-रात नियम कायदों को ताक पर रखकर जम्मू कश्मीर के टुकड़े कर दिए और इसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया.
अधीर रंजन चौधरी के इस बयान पर अमित शाह भड़क गए. अमित शाह ने कहा कि सरकार ने कौन सा नियम तोड़ा है अधीर रंजन ये बताएं, सरकार उसका जवाब देगी. अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस नेता को जनरल स्टेटमेंट नहीं देना चाहिए.

इसके जवाब में अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि आपने अभी कहा कि कश्मीर अंदरूनी मामला है, लेकिन यहां अभी भी संयुक्त राष्ट्र 1948 से मॉनिटरिंग करता आ रहा है.

अमित शाह ने इस पर अधीर रंजन चौधरी को तुरंत टोका. गृह मंत्री ने कहा, “आप ये स्पष्ट कर दें कि ये कांग्रेस का स्टैंड है कि संयुक्त राष्ट्र कश्मीर को मॉनिटर कर सकता है.” इसके बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ. अमित शाह ने बार बार कहा कि आप ये स्पष्ट कर दें कि कश्मीर को UN मॉनिटर कर सकता है…आपने अभी कहा है.

अमित शाह के इस बयान के बाद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि गृह मंत्री से उन्होंने सिर्फ स्पष्टीकरण मांगा है और कुछ नहीं. अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि भारत के एक प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर शिमला समझौता किया, दूसरे प्रधानमंत्री लाहौर यात्रा की तो फिर इसे अंदरूनी मामला कैसे माना जाएगा. संसद में इस मुद्दे पर खूब हंगामा हुआ.

बता दें कि सोमवार को नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष अधिकार देने वाली संविधान की धारा-370 के कई प्रावधानों को रद्द कर दिया था. इसके अलावा सरकार ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा खत्म कर दिया और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया है. जम्मू-कश्मीर अब अलग केंद्र शासित प्रदेश होगा, जबकि लद्दाख भी अलगा केंद्र शासित प्रदेश बन गया है. जम्मू-कश्मीर में दिल्ली की तरह विधानसभा होगी, जबकि लद्दाख में चंडीगढ़ की तरह विधानसभा नहीं होगी.

कश्‍मीर पर भारत के फैसलों से पाकिस्‍तान में बेचैनी, बुलाया गया संसद का आपात सत्र


इस्‍लामाबाद : जम्‍मू एवं कश्‍मीर पर भारत के फैसलों से पाकिस्‍तान में खलबली मची है। भारत के फैसले पर जहां पाकिस्‍तान ने पहले ही बौखलाहटभरी प्रतिक्रिया दी है, वहीं इस मुद्दे पर देश में संसद की आपात बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें नियंत्रण रेखा (LoC) से सटे इलाकों में तनावपूर्ण हालात पर चर्चा होगी। पाकिस्‍तान में विपक्षी दलों ने भी जम्‍मू-कश्‍मीर को दो हिस्‍सों में बांटकर अलग-अलग केंद्र प्रशासित प्रदेश बनाने और इससे पहले राज्‍य को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्‍छेद 370 के प्रावधानों को निरस्‍त करने के भारत के फैसले के बाद राष्‍ट्रपति से संसद का आपात सत्र बुलाने की मांग की थी।

कश्‍मीर को लेकर भारत के फैसलों पर पाकिस्‍तान में गहमागहमी के बीच संसद के आपात सत्र से पहले पाकिस्‍तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा की अध्‍यक्षता में मंगलवार को कॉर्प्स कमांडर्स कॉन्‍फ्रेंस भी हुई, जिसमें जम्‍मू-कश्‍मीर को लेकर भारत सरकार के फैसलों पर चर्चा की गई। भारत सरकार ने कश्‍मीर पर दो संकल्‍प सोमवार को राज्‍यसभा में पेश किया, जो भारी बहुमत से पारित हो गया। इससे कुछ ही दिनों पहले कश्‍मीर में कानून-व्‍यवस्‍था का हवाला देते हुए अतिरिक्‍त सुरक्षा बलों की तैनाती का फैसला लिया गया था। बाद में सेना ने अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाए जाने की बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा किया था, जिसके बाद श्रद्धालुओं व पर्यटकों को घाटी से जल्‍द से जल्‍द निकलने के लिए एडवाइजरी जारी की गई।

केंद्रीय सरकार ने एक ओर जहां जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35 खत्म करने का फैसला लिया है। भारत सरकार के इस फैसला से पाकिस्तान में हलचल तेज हो गई है। आज पाकिस्तान ने दोनों सदनों में आपात बैठक होने जा रही है। इसकी घोषणा सोमवार को राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने सोमवार को की थी। आरिफ अल्वी ने नेशनल असेंबली और सीनेट की बैठक की जानकारी दी थी। 

सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री इमरान खान भारत के जम्मू कश्मीर से विशेष दर्जा छीने जाने के फैसले पर आपात बैठक बुलाई है। पाकिस्तान शुरुआती विकल्प के रूप में इस मामले को संयुक्त राष्ट्र में उठाने पर विचार कर रहा है। पाकिस्तान का मानना है कि कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है और इस पर कोई भी निर्णय दिव्पक्षीय रूप से ही निपटाना होगा। 

गौरतलब है कि भारत सरकार ने अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए को खत्म करके जम्मू कश्मीर को विधानसभा के साथ एक केंद्र शाशित प्रदेश और लद्दाख को बिना विधानसभा के एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है। 

भारत ने कसी कमर
भारत यह समझ रहा है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अभी यह लड़ाई लंबी चलेगी। इसको देखते हुए भी जबरदस्त तैयारी है। संयुक्त राष्ट्र से लेकर दूसरे मंचों पर पाकिस्तान की हर साजिश का कूटनीतिक तरीके से जवाब देने के लिए पूरी तरह से कमर कस ली है।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को दोपहर बाद से संयुक्त राष्ट्र स्थाई परिषद के पांच सदस्य देशों के अलावा अन्य दूसरे देशों को अनुच्छेद-370 के संबंध में जानकारी देने का सिलसिला शुरू किया गया है। कई राजनयिकों ने अपने स्तर पर सरकार के इस फैसले के बारे में जानकारी मांगी थी और उन्हें विदेश मंत्रालय की तरफ से उपलब्ध कराई गई है।

पाकिस्तान विदेश मंत्री ने किया विरोध
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने जम्मू व कश्मीर संबंधी भारत के फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि पाकिस्तान इसका हर मुमकिन तरीके से विरोध करेगा। कुरैशी ने कहा है कि उनका देश भारत सरकार के इस फैसले को संयुक्त राष्ट्र, इस्लामिक सहयोग संगठन, मित्र देशों और मानवाधिकार संगठनों के समक्ष उठाएगा और उनसे इस मुद्दे पर चुप नहीं रहने का अनुरोध करेगा। 

मानसून / बारिश का दौर थमने से उमस बढ़ी; 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

भोपाल.राज्य में मानूसन की सक्रियता बनी हुई है, सोमवार की सुबह से आसमान पर आंशिक बादल छाए हुए हैं। गर्मी का असर कम है, वहीं कई स्थानों पर बारिश का दौर थमा होने से उमस का असर बढ़ने लगा है। तापमान में भी उछाल आया है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटे में 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र और दक्षिण उत्तर प्रदेश में उपरी हवाओं का चक्रवात बना हुआ है। आगामी 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने साथ ही राज्य के 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
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राज्य के मौसम में बदलाव का दौर जारी है। सोमवार को भोपाल का न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस, इंदौर का 23.5, ग्वालियर का 26.1 और जबलपुर का न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, रविवार को भोपाल का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस, इंदौर का 29़.4 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर का 35.2 डिग्री सेल्सियस और जबलपुर का अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस रहा।

थम-थमकर बरसा, इसलिए जमीन में ज्यादा गया

भाेपाल में इस बार मानसून सीजन में अब तक पिछले साल के मुकाबले 61 फीसदी ज्यादा बारिश हाे गई है, लेकिन इसके बावजूद ज्यादा हालात नहीं बिगड़े। साथ ही थम-थमकर बरसने के कारण जमीन में पानी भी ज्यादा समाया। सीजन में सिर्फ चार दिन ही भारी बारिश भी हुई। इसके बावजूद स्थिति नियंत्रण में रही। एक्सपर्ट कहते हैं एेसी बारिश ग्राउंड वाटर लेवल तो बढ़ाती ही है, खेती व मिट्टी के लिए भी फायदेमंद हाेती है। इस बार बड़ा तालाब भी काफी भर गया गया।

पिछले साल से 61% ज्यादा बारिश

सीजन में अब तक इसका जल स्तर 14.20 फीट बढ़ चुका है। भाेपाल में मानसून 28 जून काे पहुंचा था। इसके 38 दिन बाद भाेपाल में अब तक 808.3 मिमी बारिश हाे चुकी है। यह अब तक की सामान्य बारिश 501.3 से 307 मिमी ज्यादा है। जून में 101.1 मिमी ही पानी बरसा। जुलाई में करीब 700 मिमी पानी बरस गया। हालांकि रविवार को बारिश थमने और धूप निकलने के कारण दस दिन बाद अधिकतम तापमान 30 डिग्री तक पहुंचा। उमस ने भी परेशान किया।