काशी में नागपंचमी पर टूटी सदियों की पंरपरा, बेटियों ने गदा और जोड़ी पर दिखाया दमखम

वाराणसी, । सैकड़ों वर्ष से अखाड़े पर जोड़ी एवं गदा फेरने का काम पुरुष पहलवान ही करते रहे हैं। मगर काशी में नागपंचमी पर इस वर्ष यह परंपरा भी टूट गई। सिगरा स्थित संपूर्णानंद स्टेडियम में सोमवार को नागपंचमी पर सुबह प्रदेश की महिला पहलवानों ने जोड़ी और गदा फेर कर अपना दम दिखाया तो मैदान भी तालियाें की गड़गडाहट से गूंज उठा। काशी क्षेत्र में महिलाआें को अखाडों में अनुमति मिलने के बाद यह पहला मौका है जब पहलवानी के साथ बेटियों ने गदा और जोड़ी पर अपना दमखम दिखाया है।

वाराणसी में अखिल भारतीय कुश्ती संघ के संयुक्त सचिव संजय सिंह का कहना है कि दो वर्ष पहले चार सौ वर्ष से अधिक पुराने तुलसी घाट अखाड़े पर नागपंचमी के अवसर पर पहली बार महिला पहलवानों की कुश्ती हुई थी। उस कुश्‍ती की परंपरा को ही संघ की आेर से आगे बढ़ाने के लिए कुश्ती संघ यह आयोजन कर रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश भर की महिला प‍हलवानों को इस आयोजन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था। 

परंपरा का लोगों ने किया स्‍वागत

प्रदेश भर से आई महिला पहलवानों ने भी इस मौके पर काफी उत्‍साह से आयोजन में हिस्‍सा लिया। महिला पहलवानों के लिए भी पुरुषों का खेल माना जाने वाला यह आयोजन काफी विशेष लगा और उत्‍साह पूर्वक महिला खिलाडियों ने इसमें भाग लिया। आयोजकों के साथ ही महिला खिलाडियों के लिए भी यह ऐतिहासिक मौका रहा। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए खिलाडियों और खेल संघ के पदाधिकारियों के अलावा काफी संख्‍या में खेल प्रेमी भी मौजूद रहे। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *