नरोत्तम की मुश्किलें बढ़ीः ई-टेंडरिंग घोटाले में एक और करीबी से पूछताछ

निजी सचिव पहले भी हो चुके हैं गिरफ्तार
भोपाल। मध्य प्रदेश के ई-टेंडरिंग घोटाले में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. घोटाले की जांच की आंच धीरे-धीरे नरोत्तम मिश्रा के करीब आती जा रही है. पुलिस की विशेष आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने पूर्व मंत्री के एक और करीबी से पूछताछ की है. ईओडब्ल्यू ने इस मामले में पूछताछ के लिए नरोत्तम मिश्रा के करीबी मुकेश शर्मा को बुलाया और उनके नगरी प्रशासन स्वास्थ्य और जल संसाधन विभाग के टेंडर को लेकर पूछताछ की गई.
गौरतलब है कि नरोत्तम मिश्रा के दो निजी सचिवों निर्मल अवस्थी और वीरेंद्र पांडे को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है. बीते गुरुवार को ही भोपाल कोर्ट के आदेश के बाद ईओडब्ल्यू ने दोनों को रिमांड पर लिया है. ईओडब्ल्यू ने निर्मल अवस्थी और वीरेंद्र पांडे को तीन दिन तक पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया. पूछताछ के दौरान ई-टेंडर घोटाले में बड़े खुलासे होने की आशंका जताई जा रही है. माना जा रहा है कि नेता और अफसरों पर कार्रवाई हो सकती है. इसके अलावा पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा से भी पूछताछ की जा सकती है.
बता दें कि पूर्ववर्ती शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार में नरोत्तम मिश्रा जल संसाधन मंत्री रहे हैं. आशंका जताई जा रही है कि शिवराज सरकार के कार्यकाल में ई-टेंडरिंग में लगभग 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला हुआ है. कांग्रेस ने अपने विधानसभा चुनाव के वचन-पत्र में ई-टेंडरिंग घोटाले की जांच और दोषियों को सजा दिलाने का वादा किया था. ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया के दौरान एक अधिकारी ने इस बात का खुलासा किया था कि ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल में छेड़छाड़ की उन कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया, जिन्होंने टेंडर डाले थे, जिन 9 टेंडरों में गड़बड़ी की बात सीईआरटी की जांच में पुष्टि हुई है, वे लगभग 900 करोड़ रुपये के हैं.

भ्रष्टाचार की कमाई से पवन सिंघल ने खड़े किये धन दौलत के अंबार

ग्वालियर। न कोई बड़ा पुश्तैनी धंधा और न ही विरासत में मिली कोई बड़ी संपत्ति। मगर वर्तमान में करोड़ों रूपयों के साम्राज्य के मालिक बनने वाले व्यक्ति की कहानी फिल्मों में ही नजर आती है। मगर निगम में ऐसी ही एक पटकथा सब इंजीनियर ने अपनी दिमागी उपज से शासन के राजस्व को जबरदस्त क्षति पहुंचाते हुये लिखी है। जिसमें अपनी नौकरी के वर्षों में उन्होंने धन दौलत का अंबार अपने पास लगा लिया है।
नगर निगम में पदस्थ इंजीनियर पवन सिंघल को लेकर निगम में लगातार चर्चाओं की स्थिति बनी रहती है। जिसके कारण उनके पास ना कोई पुश्तैनी धंधा था और न ही उनको विरासत में एक मकान के अलावा कोई बड़ी संपत्ति हासिल हुई थी। मगर वर्तमान में नौकरी के सहारे ही उनके पास करोड़ों रूपयों की संपत्ति अर्जित की गई है। जिसके दिखाने के लिए कई वारिस मौजूद है। मगर उसके बाबजूद उस पूरे इंतजामात की कमाई का स्त्रोत पवन सिंघल से होकर ही निकलता है। अपने सेवाकाल में पवन सिंघल की संपत्ति का अनुमान निगम सूत्रों के अनुसार 50 करोड़ से अधिक है। वैसे पवन सिंघल का पुश्तैनी मकान जीवाजीगंज स्थित निम्बाह जी की खोह में है।
मलाईदार पदों पर रहे हैं पवन सिंघल
इंजीनियर पवन सिंघल निगम में हमेशा मलाईदार पदों पर ही रहे हैं। जिनमें नियम विरूद्ध सिटी प्लानर, कार्यपालन यंत्री भवन, नोडल अधिकारी प्रोजेक्ट सेल जैसे पद हैं।
पिता थे 300 रूपये माह के लेखापाल
पवन सिंघल के पिताजी निगम में ही लेखापाल के पद पर पदस्थ बताये जाते है। जिनको 300 रूपये मासिक वेतन मिलने की व्यवस्था थी।

काशी में नागपंचमी पर टूटी सदियों की पंरपरा, बेटियों ने गदा और जोड़ी पर दिखाया दमखम

वाराणसी, । सैकड़ों वर्ष से अखाड़े पर जोड़ी एवं गदा फेरने का काम पुरुष पहलवान ही करते रहे हैं। मगर काशी में नागपंचमी पर इस वर्ष यह परंपरा भी टूट गई। सिगरा स्थित संपूर्णानंद स्टेडियम में सोमवार को नागपंचमी पर सुबह प्रदेश की महिला पहलवानों ने जोड़ी और गदा फेर कर अपना दम दिखाया तो मैदान भी तालियाें की गड़गडाहट से गूंज उठा। काशी क्षेत्र में महिलाआें को अखाडों में अनुमति मिलने के बाद यह पहला मौका है जब पहलवानी के साथ बेटियों ने गदा और जोड़ी पर अपना दमखम दिखाया है।

वाराणसी में अखिल भारतीय कुश्ती संघ के संयुक्त सचिव संजय सिंह का कहना है कि दो वर्ष पहले चार सौ वर्ष से अधिक पुराने तुलसी घाट अखाड़े पर नागपंचमी के अवसर पर पहली बार महिला पहलवानों की कुश्ती हुई थी। उस कुश्‍ती की परंपरा को ही संघ की आेर से आगे बढ़ाने के लिए कुश्ती संघ यह आयोजन कर रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश भर की महिला प‍हलवानों को इस आयोजन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था। 

परंपरा का लोगों ने किया स्‍वागत

प्रदेश भर से आई महिला पहलवानों ने भी इस मौके पर काफी उत्‍साह से आयोजन में हिस्‍सा लिया। महिला पहलवानों के लिए भी पुरुषों का खेल माना जाने वाला यह आयोजन काफी विशेष लगा और उत्‍साह पूर्वक महिला खिलाडियों ने इसमें भाग लिया। आयोजकों के साथ ही महिला खिलाडियों के लिए भी यह ऐतिहासिक मौका रहा। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए खिलाडियों और खेल संघ के पदाधिकारियों के अलावा काफी संख्‍या में खेल प्रेमी भी मौजूद रहे। 

कांग्रेस का नया अध्यक्ष कौन? मिलिंद देवड़ा ने की सचिन पायलट या ज्योतिरादित्य सिंधिया की पैरवी

नई दिल्ली: राहुल गांधी के पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद से कांग्रेस का नया अध्यक्ष कौन होगा यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है. पार्टी के कई नेता किसी युवा के हाथों में कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपने की वकालत कर रहे हैं. इन सबके बीच अब ऐसी संभावनाएं जताई जा रही हैं कि इस महीने की 10 तारीख को होने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में नए अध्यक्ष के नाम को लेकर सहमति बन सकती है और इसका ऐलान हो सकता है. एक तरफ पार्टी के कई वरिष्ठ नेताप्रियंका गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की वकालत कर चुके हैं, वहीं दूसरी ओर मिलिंद देवड़ा ( ने राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट या फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम की पैरवी की है.

हाल ही में मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे चुके मिलिंद देवड़ा ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम की पैरवी की. देवड़ा ने कहा कि वह पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस बयान से सहमत हैं कि अध्यक्ष किसी युवा को होना चाहिए, जिसके पास चुनावी, प्रशासनिक और सांगठनिक अनुभव हो और जिसका पूरे देश में प्रभाव हो. उन्होंने कहा कि मेरे विचार से सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया में ये सारी खूबियां हैं और वे पार्टी को मजबूती दे सकेंगे.

इसके साथ ही देवड़ा ने यह भी कहा कि कम से कम सचिन पायलट या ज्योतिरादित्य सिंधिया को कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया जाना चाहिए और गांधी परिवार को खुलकर इसका समर्थन करना चाहिए. हालांकि मिलिंद देवड़ा बाद में अपने बयान पर सफाई देते भी दिखे. देवड़ा ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, ‘मुझे खुशी होगी अगर वह (प्रियंका) आगे आएं और पार्टी का नेतृत्व करें. हालांकि, जब गांधी परिवार स्पष्ट कर चुका है कि अगला अध्यक्ष गांधी परिवार से नहीं होना चाहिए तो इस बात की संभावना की नहीं है.’

इन सबसे बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह ने न्यूज एजेंसी PTI को दिए इंटरव्यू में कहा कि प्रियंका पार्टी प्रमुख के रूप में सबको ‘एकजुट करने वाली ताकत’ होंगी और इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार होगा. सिंह ने यह भी कहा कि नेतृत्व मुद्दे पर निर्णय न होने से कांग्रेस को ‘निश्चित रूप से नुकसान पहुंचा है.’ उन्होंने आगाह किया कि आगे और नेतृत्वविहीन रहना पार्टी के लिए गंभीर रूप से हानिकारक होगा. कांग्रेस नेता ने इंटरव्यू में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा हाल में व्यक्त किए गए इस विचार से सहमति जताई कि किसी युवा नेता को पार्टी अध्यक्ष बनाना अधिक उपयुक्त होगा.

कश्मीर से 370 खत्म! सेना अलर्ट पर, आज ही कश्मीर जाएंगे डोभाल

नरेंद्र मोदी सरकार ने कश्मीर को लेकर एतिहासिक फैसला लिया है। सरकार ने आज राज्यसभा में कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल पेश कर दिया है। जिसके तहत धारा 370 का खात्मा किया जाएगा। गृह मंत्री ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 370 के खंड 1 के सिवा इस अनुच्छेद के सारे खंडों को रद्द करने की सिफारिश की। वहीं विपक्ष सरकार को घेरने के लिए तैया हैं। बिल के पेश होने के बाद से ही विपक्षी नेता सदन में हंगामा कर रहे हैं। जिसके बाद सदन को थोड़ी देर के लिए स्थगित करना पड़ा।

खास बातें

अमित शाह ने राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर के अनुच्छेद 370 को हटाने का संकल्प पेश किया।नए संशोधन के तहत अनुच्छेद 370 के सभी खंड लागू नहीं होंगे। इसका केवल खंड एक रहेगा।शाह के संशोधन विधेयक पेश करने के बाद से विपक्षी दल हंमागा कर रहे हैं।

गृहमंत्री अमित शाह ने जम्‍मू-कश्‍मीर के लिए सोमवार को ऐतिहासिक बदलाव की पेशकश की। उन्‍होंने यहां से धारा 370 हटाने की सिफारिश की।  इस बदलाव को राष्‍ट्रपति की ओर से मंजूरी दे दी गई है। गृह मंत्री के इस जवाब पर राज्य सभा में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। राष्‍ट्रपति की मंजूरी के बाद अनुच्‍छेद 370 के सभी खंड लागू नहीं होंगे। इसमें सिर्फ एक खंड रहेगा। उन्‍होंने जम्‍मू कश्‍मीर के पुनर्गठन का विधेयक पेश किया। जम्‍मू कश्‍मीर को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया। लद्दाख भी अलग केंद्र शासित प्रदेश बनेगा।

गृह मंत्री ने कहा, ‘अनुच्‍छेद 370 के तहत तीन परिवारों ने सालों जम्‍मू कश्‍मीर को लूटा।’

न हो एक सेकेंड की भी देरी

गृहमंत्री ने कहा, ‘अनुच्‍छेद 370 को हटाने में एक सेकेंड की भी देरी नहीं करनी चाहिए। हमें वोट बैंक नहीं बनाना है। भाजपा के पास राजनीतिक इच्‍छाशक्‍ति की कमी नहीं, विपक्ष के लोग बेखौफ होकर चर्चा करें।’ इसे बसपा की ओर से समर्थन दिया गया है। राज्‍यसभा में ‘लोकतंत्र की हत्‍या नहीं चलेगी’ के नारे लगाए गए।

संविधान फाड़ने की कोशिश
राज्‍य सभा चेयरमैन वेंकैया नायडू ने पीडीपी के मिर फयाज और नजीर अहमद को सदन से बाहर जाने को कहा। दोनों ने संविधान फाड़ने की कोशिश की थी।

राज्यसभा में मार्शल बुलाने के आदेश
इस विधेयक पर विरोध दर्शाते हुए पीडीपी सांसदों ने अपने कपड़े फाड़ दिए। वहीं विरोधी दल के सांसद राज्‍यसभा में जमीन पर बैठ गए। राज्‍यसभा अध्‍यक्ष को सदन में मार्शल बुलाने पड़े।

मुरली मनोहर जोशी ने पीएम मोदी को दी बधाई

केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 हटाने और जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के फैसले का बीजेपी के सीनियर लीडर मुरली मनोहर जोशी ने स्वागत किया है. मुरली मनोहर जोशी का कहना है कि इस फैसले के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देता हूं. मैं प्रधानमंत्री को बधाई देता हूं. यह फैसला जो मेरी दृष्टि से पहले ही हो जाना चाहिए था. उन्होंने आज किया है. इसकी शुरुआत तो हमारे डॉक्टर मुखर्जी के जमाने से होती है जब उन्होंने 370 हटाने के लिए और कश्मीर बाकी भारत के अन्य राज्यों में समानता लाने के लिए सवाल उठाया था.

लालकृष्ण आडवाणी ने पीएम मोदी को दी बधाई

पूर्व उप प्रधानमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि मैं सरकार के अनुच्छेद 370 को रद्द करने के फैसले से खुश हूं और मेरा मानना है कि यह राष्ट्रीय एकीकरण को मजबूत करने की दिशा में एक साहसिक कदम है. जनसंघ के दिनों से ही धारा 370 को खत्म करना भाजपा की मूल विचारधारा का हिस्सा रहा है. मैं इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को बधाई देता हूं और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में शांति, समृद्धि और प्रगति के लिए प्रार्थना करता हूं.

प्रधानमंत्री कई राज्‍यों के मुख्‍यमंत्री से बात करेंगे। 7 अगस्‍त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करेंगे। लद्दाख को भी बिना विधानसभा केंद्रशासित प्रदेश की मंजूरी मिल गई है।

गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘भाजपा ने लोकतंत्र की हत्‍या कर दी है।

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने गृहमंत्री के बयान से पहले ही कश्‍मीर मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जम्‍मू-कश्‍मीर में युद्ध जैसे हालात हैं, पूर्व मुख्‍यमंत्रियों को नजरबंद क्‍यों कर दिया गया है। इस पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘कश्‍मीर पर किसी भी सवाल का जवाब देने को तैयार हूं।‘

इसके साथ ही जम्‍मू कश्‍मीर में ये बदलाव होंगे-

– इसका अलग झंडा नहीं होगा

– कश्‍मीर में अन्‍य राज्‍यों से लोग ले सकेंगे जमीन

– दोहरी नागरिकता होगी खत्‍म