सेना ने पाकिस्‍तानी फौज से कहा, ले जाओ अपने बैट जवानों के शव, लेकिन रखी यह शर्त

नई दिल्‍ली, । पाकिस्‍तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तानी सेना और आतंकियों के बैट (बॉर्डर एक्शन टीम) दस्ते ने शनिवार को उत्तरी कश्मीर के केरन (कुपवाड़ा) सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर एक भारतीय सैन्य चौकी पर हमले का प्रयास किया, जिसे सेना ने नाकाम करते हुए सात बैट हमलावर मार गिराए। भारतीय सेना ने रविवार को पाकिस्तानी फौज को एलओसी पर मारे गए बैट जवानों/आतंकियों के शवों को ले जाने का प्रस्ताव भेजा। 

सैन्य अधिकारियों के अनुसार, केरन सेक्टर में केल कुल्लियां इलाके से पाकिस्तानी सेना के बैट दस्ते ने भारत की एक अग्रिम निगरानी चौकी पर बड़ा हमला करने के लिए नियंत्रण रेखा पार की। भारत की निगरानी चौकी में तैनात सतर्क जवानों ने बैट दस्ते को देख लिया। जैसे ही बैट दस्ता एलओसी से आगे पहुंचा, जवानों ने उसे ललकारते हुए फायरिंग शुरू कर दी। जान बचाकर भागते हुए बैट दस्ते के सदस्यों को एलओसी के पास गिरते देखा गया है। 

सूत्रों ने बताया कि सीमा पर तनाव और गोलीबारी के चलते शवों को हटाया नहीं जा सका है। सेना ने सबूत के तौर पर उनमें से चार शवों की सैटलाइट तस्वीरें ली हैं। बैट दस्ते में करीब सात सदस्य शामिल थे। दो शव एलओसी पर पाकिस्तानी सेना की सीधी फायरिंग रेंज में पड़े हैं और चार से पांच शव पाकिस्तानी इलाके में ही हैं। बता दें कि पाकिस्तान की ओर से कश्मीर में शांति भंग करने की लगातार कोशिश की जा रही है। 

सूत्रों की मानें तो पाकिस्‍तानी सेना सीमा पर फायरिंग की आड़ में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों की भारत में घुसपैठ कराने की फिराक में है। खुफ‍िया इनपुट के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्‍मद के करीब 15 आतंकी घुसपैठ की ताक में हैं।  इसीलिए वह सीमा पर रुक रुक कर फायरिंग कर रहा है। यही वजह है कि भारतीय सेना ने पाकिस्‍तानी फौज को सफेद झंडे के साथ आने प्रस्ताव दिया है। हालांकि, पाकिस्‍तान की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। 

पाकिस्तानी सेना ने शनिवार देर शाम पुंछ के मेंढर एवं बालाकोट सेक्टर में भारी गोलाबारी की जिसका भारतीय सेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। कल शाम को करीब सवा आठ बजे पाकिस्तानी सेना ने दोनों सेक्टरों में एकाएक भारी गोलाबारी शुरू कर दी। शाम करीब सवा आठ बजे पाकिस्तानी सेना ने दोनों सेक्टरों में एकाएक भारी गोलाबारी शुरू कर दी। अग्रिम चौकियों के साथ रिहायशी क्षेत्रों को निशाना बनाकर मोर्टार दागना शुरू कर दिए। इससे सीमांत क्षेत्रों में दहशत फैल गई।

सूत्रों ने यह भी बताया कि मसूद अजहर का भाई इब्राहिम अजहर पीओके में घुसपैठ कराने साजिश में शामिल है। मौजूदा वक्‍त में इब्राहिम अजहर ही पीओके में जैश-ए-मोहम्‍मद को संचालित कर रहा है। खुफिया इनपुट में कहा गया है कि जैश के 15 आतंकी पीओके के अलग-अलग प्रशिक्षण कैंपों में पहुंच चुके हैं। यही वजह है कि भारतीय सुरक्षाबलों ने आतंकवाद के खिलाफ अपना अभियान भी तेज कर दिया है। बीते दो दिनों में शोपियां और सोपोर में जैश-ए-मुहम्मद के दो आतंकी मारे गए हैं। 

बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और सेना ने श्रीनगर में संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस करके कहा था कि आतंकी अमरनाथ यात्रियों पर हमले की फ‍िराक में हैं। सुरक्षा बलों ने अमरनाथ यात्रा से हथियार, आइईडी और स्नाइपर राइफल बरामद किया है। सुरक्षा बलों को जो हथियार और गोला बारूद बरामद हुए हैं उनमें पाकिस्तान के आर्डिनेंस फैक्ट्री में बनी एंटी पर्सन माइन भी शामिल है, जो हमले की साजिश में सीधे पाकिस्तानी सेना के शामिल होने का सुबूत दे रही है। यही कारण है कि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर उन्‍हें घाटी से लौटने के लिए कहा गया है। 

78 साल के वृद्ध मरीज और आरक्षक बेटे को डाक्टर ने पीटा

ग्वालियर। डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट (Doctor Protection Act) लागू होने के बाद से ही डॉक्टरों द्वारा मरीजों के साथ दुर्व्यवहार व मारपीट के मामले बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को सिविल अस्पताल हजीरा में एक 78 साल के वृद्ध मरीज व उसके आरक्षक बेटे को डाक्टरों ने सिर्फ इसलिये पीट दिया कि उसने डाक्टर से यह कह दिया कि और दवा तो ठीक है, लेकिन पिता बहुत कमजोर हो गए हैं उन्हें ताकत की दवा लिख दें। यह मामला पुलिस तक पहुंच गया, वहीं अस्पताल में तनाव के हालात बने हुए हैं।

आरक्षक अपने पिता के लिए ताकत की दवा चाहता था

पुलिस कालोनी हजीरा निवासी अशोक (Ashok Bharti) पुलिस महकमे में आरक्षक है। उसने अपने पिता भरोसीलाल भारती (Bharosilal Bharti) को उल्टी दस्त की शिकायत पर सिविल अस्पताल हजीरा में दो दिन पहले दिखाया था, जहां उनकी स्थिति देखकर डॉक्टरों ने भर्ती कर लिया था। आज जब वृद्ध की छुट्टी की गई तो उनका इलाज कर रहे डा. वीरपाल यादव (Dr. Veerpal Yadav) ने दवा का पर्चा भी डिस्चार्ज टिकट के साथ पकड़ा दिया। यहां तक सब कुछ ठीक था, लेकिन जब अशोक ने डाक्टर से कहा कि उसके पिता के लिये ताकत की दवा भी लिख दें।

डॉक्टर ने कहा क्लीनिक आकर फीस दो तब लिखूंगा

इस पर डा. यादव ने इंकार कर दिया और कहा कि अब यह ठीक हैं इन्हें घर ले जाओ, बकौल अशोक जब उसने डाक्टर ये यह कहा कि बाजार से ही दवा लिख दो तो फिर डा. यादव को ताव आ गया और उन्होंने कहा कि इसके लिये इन्हें क्लीनिक पर ले आओ और फीस चुकाओ तब लिखूंगा दवा, बस यहीं से मामला पहले मुंहवाद और मारपीट पर पहुंच गया।

KBC में शानदार सूट-बूट में दिखेंगे अमिताभ, डिजाइनर ने बताया- क्या होगा खास

टीवी का सबसे चर्च‍ित भारतीय गेम शो कौन बनेगा करोड़पत‍ि (KBC) के 11वें सीजन की शुरुआत अगस्त में होने जा रही है. शो के दो प्रोमो अब तक रिलीज हो चुके हैं. दोनों प्रोमो की शूटिंग बीते दिनों लखनऊ में हुई थी. शो की तैयारियां जोरों पर हैं. 
केबीसी में इस बार नया क्या होगा, अब तक इसका पता तो नहीं चला है. मगर अमिताभ बच्चन का लुक कैसा होगा इसे लेकर लेटेस्ट रिपोर्ट सामने आ गई हैं.
प्र‍िया पाटिल कौन बनेगा करोड़पति शो में सात सालों से अमिताभ बच्चन की डिजाइनर रही हैं. प्र‍िया ब‍िग बी के ड्रेसअप को स्टाइल करती हैं, इसमें सबसे ज्यादा इस बात का ध्यान रखा जाता है कि बिग बी शो के दौरान अपनी ड्रेस को लेकर कम्फर्टेबल रहें. 

डीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक प्र‍िया ने बीते साल शो के लिए तीन सूट डिजाइन किए थे. इनमें ब्रॉच और पिन को टाई में जोड़ने का सजेशन खुद अमिताभ ने प्र‍िया को दिया. ये डिजाइन प्रिंस हैरी और मेघना मार्केल की रॉयल वेडिंग से आया था. प्र‍िंस हैरी शादी में इस स्टाइल के साथ नजर आए थे. 

प्र‍िया के मुताबिक प्र‍िंस हैरी ने इसे पहना और जब अमिताभ बच्चन ने शो में पहना तो ये ट्रेंड बन गया. इस साल कौन बनेगा करोड़पति के नए सीजन में अमिताभ बच्चन का लुक थ्री पीस सूट ही रहेगा. लेकिन इसमें टाई के साथ खास एक्पैरिमेंट करते हुए Eldredge knot, Trinity knot, Rose knot, Resurrection knot होगी. 

अमिताभ बच्चन के सूट इटली से इम्पोर्ट किए जाएंगे. अमिताभ बच्चन को हमेशा 120 थ्रेड काउंट फैब‍िक पसंद है. इसलिए खासतौर से सूट इटली से मंगवाया जाएगा. सूट के कलर सॉलिड शेड में होंगे. 

प्र‍िया ने बताया कि अमिताभ को हमेशा क्लासिक लुक पसंद है. ये उन पर शानदार लगते हैं. अमिताभ बच्चन शो में सॉलिड डीप कलर्स को चुनना चाहते हैं. जैसे- ब्लैक, वाइन. इन बातों को ध्यान में रखते हुए अम‍िताभ के डिजाइन को तैयार किया गया है. 

बता दें कि कौन बनेगा करोड़पति की शुरुआत अगस्त के महीने में होने वाली है. हालांकि शो किस दिन से टेलीकास्ट होगा इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. नए सीजन के प्रोमो आ गए हैं.

नवदीप सैनी के धमाकेदार डेब्यू से गौतम गंभीर गदगद, लेकिन बेदी-चौहान पर इस वजह से भड़के

वेस्टइंडीज के खिलाफ फ्लोरिडा में खेले गए टी-20 सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया के तेज गेंदबाज नवदीप सैनी ने धमाकेदार अंदाज में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया. अपने पहली ही मैच में उन्होंने कमाल की गेंदबाजी करते हुए 17 रन देकर 3 विकेट झटके. सैनी के शानदार प्रदर्शन पर टीम इंडिया के पूर्व ओपनर गौतम गंभीर ने खुशी जताई. साथ ही उन्होंने बिशन सिंह बेदी और चेतन चौहान जैसे दिग्गजों को निशाने पर ले लिया.

गंभीर ने ट्वीट कर कहा कि भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने के लिए नवदीव सैनी तुम्हें बधाई. तुमने गेंदबाजी करने से पहले ही बिशन सिंह बेंदी और चेतन चौहान के विकेट हासिल कर लिए हैं. तुम्हें भारतीय टीम के लिए डेब्यू करता देख इन दोनों के मिडिल स्टंप उखड़ गए हैं क्योंकि तुम्हारे खेल के मैदान में उतरने से पहले ही तुम्हारे क्रिकेट करियर के समापन का शोक संदेश लिख दिया था. शर्मनाक!

बता दें कि बेदी और चौहान डीडीसीए सदस्यों के एक धड़े का हिस्सा थे, जिन्होंने दिल्ली रणजी ट्रॉफी टीम में सैनी को लाने के लिए गंभीर की पसंद को मंजूरी नहीं दी थी. बहुत कम लोगों को पता है कि सैनी की प्रतिभा को पहचानने में गंभीर का अहम किरदार रहा.

सैनी की गेंदबाजी प्रतिभा को गौतम गंभीर ने 15 मिनट के एक नेट सेशन के दौरान ही पहचाना था. वो 15 मिनट ही सैनी के करियर के लिए एक महत्वपूर्ण समय साबित हुए. 150 किमी प्रति घंटे की गति से गेंद डालने वाले नवदीप सैनी वेस्ट इंडीज में भारत ए के लिए 5 मैचों की अनौपचारिक एकदिवसीय सीरीज में दूसरे सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज थे.

सैनी ने अपने पहले आईपीएल सीजन में अपनी गति से प्रभावित किया था और 152.85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डाली थी. घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले सैनी इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए खेलते हैं. 2019 सीजन में उन्होंने 13 मैचों में 11 विकेट लिए. 2013 तक नवदीप सैनी लेदर की गेंद से बहुत क्रिकेट नहीं खेले थे. वह अपने गृहनगर में टेनिस की गेंद से खेला करते थे और वे अक्सर प्रति मैच 200 रुपये कमाते थे.

LoC पार PoK में आतंकी कैंपों पर बोफोर्स ने दागे गोले, कई घुसपैठिए मारे गए

सीमा पर पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को नाकाम करने और उसको मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने बोफोर्स होवित्जर तोपों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. अब नियंत्रण रेखा (LOC) पर पाकिस्तान की आतंकी घुसपैठ को विफल करने और उसकी गोलाबारी का जवाब भारतीय सेना बोफोर्स होवित्जर तोपों से दे रही है.

सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में मौजूद पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर आतंकी कैंप चलाए जा रहे हैं, जिन पर भारतीय सेना ने बोफोर्स तोपों से गोले दागे हैं. सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना सिर्फ सीमा पार बैठे आतंकियों और उनका समर्थन करने वाली पाकिस्तानी सेना के ठिकानों को निशाना बना रही है. राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी बोफोर्स की तैनाती की पुष्टि की है.

इससे पहले 31 जुलाई और 1 अगस्त की रात को पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) ने केरन सेक्टर हमला करने की कोशिश की थी, जिसको भारतीय सेना के जवानों ने विफल कर दिया.

इसके बाद एलओसी पर चार शव देखे गए हैं. माना जा रहा है कि ये चारों शव पाकिस्तान एसएसजी कमांडो और पाकिस्तानी आतंकियों के हैं. ये चारों भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में मारे गए हैं. सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाने और शवों को बरामद करने से रोकने की कोशिश कर रही है.

सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर की शांति भंग करना चाहता है. पाकिस्तान पिछले 36 घंटे से जैश-ए-मोहम्मद समेत अन्य आतंकी संगठनों के खूंखार आतंकियों की घुसपैठ कराने की पुरजोर कोशिश कर रहा है. कुछ दिनों पहले ही इलाके में भारतीय सुरक्षा बलों ने 4 आतंकियों को ढेर किया था.

पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में माहौल बिगाड़ने और अमरनाथ तीर्थयात्रियों को निशाना बनाने की कई बार कोशिश कर चुका है. भारतीय सुरक्षा बलों ने अमरनाथ यात्रा रूट से पाकिस्तानी स्नाइपर राइफल, आईईडी और माइन बरामद किया है. साथ ही सुरक्षा बलों ने अमरनाथ तीर्थयात्रियों और सैन्य कर्मियों पर हमले की पाकिस्तानी साजिश को नाकाम कर दिया है.

अमित शाह ने साधा निशाना, कहा- कांग्रेस में विपक्ष को एकजुट करने की क्षमता नहीं बची

नई दिल्ली: गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह का मानना है कि संसद में तीन तलाक संबंधी विधेयक पारित होने से यह साफ हो गया है कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस में अब ‘विपक्ष को एकजुट करने की क्षमता’ नहीं बची है. संसद में विधेयक के पारित होने को कई मायनों में महत्वपूर्ण बताते हुए शाह ने कहा कि शाहबानो प्रकरण के समय तीस साल पहले कांग्रेस का जो रुख था वही रुख इस बार भी संसद में देखने को मिला है. शाह ने शनिवार को कुछ अखबारों में प्रकाशित अपने लेख में टिप्पणी की है कि तीन तलाक संबंधी विधेयक पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम इतिहास में राजा राम मोहन राय और ईश्वरचंद्र विद्यासागर जैसे ‘समाज सुधारकों’ की श्रेणी में रखा जाएगा. 

गृह मंत्री ने अपने लेख में कहा है कि 30 जुलाई भारत के संसदीय इतिहास में अहम पड़ाव है. उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद तीन तलाक कानून प्रभाव में आ गया है और मुस्लिम महिलाओं को इस कुप्रथा के दंश से सरंक्षण मिलेगा.’ उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमायुक्त जीवन के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता दिखी है. गृह मंत्री ने लेख में दावा किया, ‘एक तथ्य यह भी उभर कर सामने आया है कि विपक्षी दलों को एकजुट करने की कांग्रेस की क्षमता क्षीण हुई है.’ लेख में कहा गया है कि तीन तलाक कानून जनसरोकार तथा सामाजिक सुधार से जुड़ा विषय था, इसलिए कई गैर राजग दलों ने भी इस विधेयक के पारित होने में परोक्ष या अपरोक्ष रूप से सहयोग दिया. 

शाह के अनुसार, ‘आज से तीन दशक पूर्व एकबार यह अवसर आया था जब शाहबानो मामले में 400 से अधिक सांसदों वाली कांग्रेस पार्टी मुस्लिम महिलाओं को इस दंश से मुक्त करा सकती थी. लेकिन मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, मौलवियों और वोट बैंक की राजनीति के दबाव में (तत्कालीन) प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अदालत के आदेश के विपरीत फैसला लिया. बीजेपी अध्यक्ष ने लेख में कहा है कि आज के तीस साल पहले कांग्रेस का जो रुख था वही वोट बैंक की राजनीति का रुख इस बार भी संसद में हुई चर्चा और वोटिंग में देखने को मिला है जो ‘उसकी तुष्टिकरण की राजनीति का चरित्र दर्शाता है.’ 

गृह मंत्री ने कहा कि इस विधेयक ने कथित उदारवादियों की भी पोल खोल दी. लेख में उन्होंने कहा है कि महिला अधिकारों के लिए आए दिन आंदोलन करने वाले उदारवादी खेमे ने मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों पर या तो चुप्पी साध ली या इसका विरोध किया. इससे साबित होता है कि उनकी उदारवादिता राजनीति स्वार्थ से प्रेरित है.’ शाह ने कहा कि यह हमें समझना होगा कि तीन तलाक के खिलाफ महिलाओं ने लंबी लड़ाई लड़ी, वे किसी राजनीतिक दल से प्रभावित नहीं थीं, बल्कि सामान्य महिलाएं थीं. केवल मुस्लिम महिलाओं के लिए सरकार की ओर से कदम उठाए जाने के विपक्ष के सवाल के जवाब में शाह ने कहा है कि इससे पूर्व अन्य धर्मों में भी आवश्यक सुधार किए गए हैं चाहे वह बाल विवाह का कानून हो, हिन्दू विवाह अधिनियम हो, दहेज़ प्रथा के विरुद्व कानून हो या ईसाई अधिनियम हो, इस तरह के सुधार सब धमों में किए जाते रहे हैं. 

तीन तलाक के मामले में दंड के प्रावधान को भी सही करार देते हुए शाह ने कहा कि पहले भी दिवानी मामलों में दंड का प्रावधान किया गया है. उल्लेखनीय है कि राज्यसभा में समुचित संख्या बल नहीं रखने वाली नरेन्द्र मोदी सरकार इस सप्ताह मंगलवार को कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों की आपत्तियों के बावजूद उच्च सदन में तीन तलाक संबंधी विधेयक को पारित कराने में सफल रही. लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित चुकी थी.

मप्र / एफटीएल से तीन फीट नीचे बड़ा तालाब, 400 मिमी बारिश और हुई तो फुल टैंक

भोपाल .भोपाल में अब तक 803.5 मिमी बारिश हो चुकी है, जो कि अब तक की सामान्य बारिश से 314 मिमी ज्यादा है। बावजूद इसके भोपाल की लाइफलाइन बड़ा तालाब फुल टैंक लेवल से 2.90 फीट कम है। पिछले 36 घंटे में तालाब सिर्फ 0.20 फीट ही भर सका। इससे लेवल 1663.90 फीट हो गया है। इस बार सीजन में अब तक बड़े तालाब का लेवल 14.20 फीट बढ़ चुका है। जून अंत में इसका जल स्तर 1649.70 फीट था। 3 जुलाई की रात हुई 118.2 मिमी अाैर 29 जुलाई काे 24 घंटे में हुई 166.9 मिमी बारिश के कारण ही तालाब का लेवल इस स्थिति तक पहुंच सका।

एक दिन में 200 मिमी तक बारिश होनी चाहिए :पीएचई के रिटायर्ड इंजीनियर के मुताबिक तालाब का फुल टैंक लेवल 3588 मिलियन क्यूबिक फीट पानी से बनता है। लेवल तक पहुंचने के लिए अभी 10,000 एमसीएफटी पानी चाहिए। इतना पानी तभी मिल सकता है, जब 400 मिमी बारिश और हो जाए और यह भी तब होगा, जब एक दिन में 150 या 200 मिमी बारिश हो। यदि धीरे-धीरे बरसा तो 3588 एमसीएफटी पर पहुंचना मुश्किल है।

प्रदेश में 24 घंटे में 8.9 मिमी :प्रदेश में बीते 24 घंटे में 8.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। यहां अब तक 449.5 मिमी बारिश हो चुकी है, जो कि सामान्य है। आठ जिले बालाघाट, छतरपुर, शहडोल, छिंदवाड़ा, पन्ना, सीधी, सिवनी, सागर अभी भी सामान्य बारिश को तरस रहे हैं। इन जिलों में अब तक 19 फीसदी कम बारिश हुई है।

आजम के खिलाफ एक और किसान ने दर्ज कराया जमीन कब्जाने का मुकदमा

रामपुर। अजीमनगर थाने में शनिवार को एक और किसान असलार ने आजम खां पर जौहर विश्वविद्यालय के लिए जमीन हड़पने का मुकदमा दर्ज कराया है। उसने आरोप लगाया है कि पुलिस से दबाव बनवाकर आजम में फर्जी तरीके से उसकी जमीन अपने नाम करा ली और उस पर कब्जा भी कर लिया। यह भी कहा है कि उसने उस समय प्रशासन के सामने गुहार लगाई लेकिन, आजम के दबाव के कारण किसी ने सुनी नहीं। 

मानसिक बीमारी से ग्रस्त हैं गोविंदा! दोस्त का खुलासा- एक्टर को मदद की सख्त जरूरत

90 के दशक हीरो नंबर 1, कुली नंबर 1, दूल्हे राजा जैसी फिल्मों से सबके दिल में जगह बनाने वाले गोविंदा ने कुछ दिन पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें हॉलीवुड फिल्म अवतार ऑफर हुई थी लेकिन उन्होंने मना कर दिया था। इसके साथ ही गोविंदा ने रिवील किया कि संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास में उनको चुन्नी लाल का किरदार भी ऑफर हुआ था। गोविंदा की ये बात सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उनका बहुत मजाक उड़ाया था। लेकिन अब गोविंदा के बारे में जो ताजा खुलासा हुआ है उसे जानकर फैंस के पैरों तले से जमीन खिसक जाएगी।

डेक्कन क्रॉनिकल को दिए एक इंटरव्यू में गोविंदा के करीबी दोस्त ने कहा, ‘गोविंदा लंबे समय से अजीब तरह का बर्ताव कर रहे हैं। बड़े ऑफर्स को ठुकराने का दावा करना गोविंदा की आदत में शुमार हो गया है। ये नेगेटिविटी एक्टर को बॉक्स ऑफिस तक फॉलो कर रही है।’

गोविंदा के कई दोस्तों का मानना है कि वो किसी साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम से गुजर रहे हैं और उन्हें मदद की सख्त जरूरत है। दोस्त के मुताबिक, ‘कई डिस्ट्रीब्यूटर्स और एग्जिबिटर्स ने उनकी पिछली फिल्म रंगीला राजा को लेने से मना कर दिया था। क्योंकि गोविंदा ने उनसे लड़ाई की और गाली दी। उन्होंने अपने सभी दोस्तों से रिश्ते खत्म कर लिए हैं। आज फिल्म इंडस्ट्री में गोविंदा का कोई दोस्त नहीं है और कोई उनकी मदद करने के लिए नहीं है।’

क्या कहा था गोविंदा ने?
टीवी शो ‘आप की अदालत’ में पहुंचे गोविंदा ने बताया था कि फिल्म का नाम ‘अवतार’ उन्होंने डायरेक्टर जेम्स कैमरून को सजेस्ट किया था। ये फिल्म सुपरहिट हो गई। गोविंदा ने ये भी बताया कि वो अपनी बॉडी को पेंट नहीं करना चाहते थे इसलिए उन्होंने ये फिल्म रिजेक्ट कर दी थी।