राहुल गांधी का केंद्र पर निशाना- बीजेपी सिर्फ नष्ट कर सकती है

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत में बिगड़ती अर्थव्यवस्था पर चिंता जताते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने मंदी को मुद्दा बनाया है. राहुल गांधी ने गिरती अर्थव्यवस्था पर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं. राहुल गांधी ने इस मामले पर ट्वीट किया है.

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार कुछ नहीं बना सकती. दशकों की मेहनत और जुनून से हमने जो बनाया है वह उसे सिर्फ नष्ट सकते हैं. इसके साथ राहुल गांधी ने एक फाइल भी शेयर की है, जिसमें नौकरियों की कमी को दर्शाया गया है.’

राहुल गांधी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत के सिर से दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था का ताज छिन गया है. अर्थव्यस्था की दृष्टि से भारत सातवें पायदान पर पहुंच गया है.

दरअसल विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक साल 2018 में ब्रिटेन और फ्रांस की अर्थव्यवस्था में भारत के मुकाबले ज्यादा ग्रोथ रिकॉर्ड की गई, जिस वजह से इन दोनों से एक-एक पायदान का छलांग लगाया है.

ब्रिटेन 5 पांचवें स्थान पर पहुंच गया है जबकि छठे स्थान पर फ्रांस काबिज हो गया है. जिस वजह से भारत पांचवें स्थान से खिसक कर सातवें पायदान पर आ गया है. जबकि अमेरिका टॉप पर बरकरार है.

आंकड़ों के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था साल 2018 में महज 3.01 फीसदी बढ़ी, जबकि इसमें साल 2017 में 15.23 फीसदी का इजाफा देखा गया था. इसी तरह ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था 2018 में 6.81 फीसदी बढ़ी. जिसमें साल 2017 में महज 0.75 फीसदी का उछाल आया था.

इसके अलावा अगर फ्रांस की बात करें तो साल 2018 में इसकी अर्थव्यवस्था 7.33 फीसदी बढ़ी, जो कि साल 2017 में सिर्फ 4.85 फीसदी बढ़ी थी. इस तरह भारतीय अर्थव्यवस्था 2017 के मुकाबले 2018 में सुस्त रही, जिस वजह से भारत इस रैंकिंग में पिछड़ गया.

पंजाबः मोगा में परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर युवक ने की खुदकुशी, छोड़ा 19 पेज का सुसाइड नोट

पंजाब के मोगा में एक युवक ने अपने ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर खुदकुशी कर ली। गांव नथुवाला गरबी में हुई इस वारदात की खबर फैलते ही इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। पड़ोसियों ने हत्याकांड की सूचना पुलिस को दी।

आननफानन में एसपी एसपी(डी) हरिंदर पाल सिंह परमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सभी शव अपने कब्जे में ले लिए हैं और मौके से मिले 19 पेज के सुसाइड नोट की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि युवक ने गोली मारकर पहले पांच लोगों की हत्या की और फिर खुद को भी गोली मार ली।

मृतकों में संदीप सिंह उर्फ सन्नी, उसके माता-पिता, बहन, भांजी और दादा और दादी शामिल हैं। दादा गुरचरण सिंह गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें फरीदकोट की बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के भर्ती कराया गया। पड़ोसियों ने घर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनी, तब वारदात का पता चला।

बताया जा रहा है कि आरोपी मृतक युवक संदीप की कुछ महीने बाद शादी थी, लेकिन वह गुप्त रोग से पीड़ित था। इसी परेशानी के चलते वह तनाव में रहने लगा था। उसने शराब पीनी शुरू कर दी थी। चर्चा है कि इन सभी के चलते संदीप ने ऐसा कदम उठाया।

मप्र / छतरपुर में बच्चा चोरी के शक में मूक-बधिर युवक को बुरी तरह पीटा

छतरपुर। यहां के नौगांव कस्बे के गर्रोली गांव में बच्चा चोरी के शक में भीड़ द्वारा एक मूक-बधिर युवक को पीटने का मामला सामने आया है। युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।इससे पहले भी यहां एक विक्षिप्त महिला को लोगों ने बच्चा चोर समझ उससे बुरा सलूक किया था।

जानकारी के अनुसार नौगांव कस्बे के गर्रोली गांव के टीला रोड मेला मोहल्ला की है। घटना और मामले की जानकारी लगने पर गर्रोली चौकी प्रभारी माधवी अग्निहोत्री और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को बचाया। युवक बोलने और सुनने में असमर्थ होने की वजह से गांव के लोगों को शक हुआ कि वह नाटक कर रहा है।

इस संबंध में टीआई राकेश साहू ने बताया कि एक संदिग्ध व्यक्ति जो बोलने और सुनने में असमर्थ गांव के मेला मोहल्ला में घूमता दिखा, जिसे स्थानीय लोगों ने जमकर पीटा जिस पर आठ लोगों के खिलाफ नाम दर्ज एफआईआर और कुछ संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

वहीं संदिग्ध व्यक्ति की गंभीर हालत होने से नौगांव सामुदायिक केंद्र से डॉक्टर ने छतरपुर रैफर किया है, जहां से युवक को कान व गले के परीक्षण हेतु ग्वालियर भेजा गया है।

इस पूरे मामले में नौगांव थाना प्रभारी राकेश साहू ने बताया कि पूरे मामले में 8 लोगों पर 147, 323 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि इनमें 15 से 20 लोग अभी भी अज्ञात हैं, जिनकी पहचान की जा रही है।

रुपयों के लालच में शादीशुदा ले रहे दोबारा फेरे, जानिये- क्या है मामला

भोपाल, । मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। सरकार की ओर से मिलने वाले 48 हजार रुपये पाने के चक्कर में शादीशुदा जोड़े भी फिर से फेरे ले रहे हैं। जुलाई से अब तक फर्जीवाड़ा करने के 517 जोड़े प्रकाश में आए हैं।

दरअसल, कमलनाथ सरकार के आने के बाद योजना के तहत वधू को 51 हजार रुपये नकद देने की व्यवस्था की गई है। इसमें से तीन हजार रुपये व्यवस्था के नाम पर काटे जाते हैं। बाकी बचे 48 हजार रुपये वधू के खाते में जमा कराए जाते हैं। ऐसे में रुपयों के लालच में शादीशुदा जोड़े दोबारा फेरे ले रहे हैं। जुलाई से अभी तक 1158 शादियों के पंजीयन में से 517 जोड़ों के दोबारा शादी करने के मामले सामने आए हैं।

ताजा मामला इंदौर के समीप महू के आसपास के गांवों का है। महू जनपद क्षेत्र में छह जून को यशवंत नगर व आठ जून को राजपुरा कुटी में सामूहिक विवाह के आयोजन किए गए। यशवंत नगर में 438 जोड़ों के विवाह कराए गए, जिनके आवेदनों की जांच में 110 जोड़े अपात्र निकले।
राजपुरा में हुए सामूहिक विवाह में 300 जोड़ों के विवाह कराए गए। जांच में 82 जोड़े अपात्र निकले। इससे पूर्व जुलाई माह में श्योपुर जिले में 420 जोड़ों के पंजीयन में से 325 जोड़े ऐसे थे, जो पहले से शादीशुदा थे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में पहले 21 हजार रुपये कीमत का गृहस्थी का सामान दिया जाता था। नकद राशि देने का प्रावधान नहीं था।

महू जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमेंद्र कुमार चौहान ने बताया कि दोनों आयोजनों में बड़ी संख्या में अपात्र जोड़े पाए गए, जिन्हें शासन की ओर से राशि नहीं दी जाएगी। संभवत: ऐसा पहली बार हुआ होगा, जब इतनी बड़ी संख्या में अपात्र जोड़े निकले।

महादेव की पूजा कर रहे थे अजय देवगन, कपड़ों की वजह से हुए ट्रोल

नई दिल्ली: बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन सोशल मीडियापर सिर्फ अपने काम की वजह से एक्टिव रहते हैं. इन दिनों अजय ने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘भुज: द प्राइड इंडिया’ की शूटिंग शुरू कर दी है. ‘भुज: द प्राइड इंडिया’ मांडवी में शूट हो रही है और हाल ही में इसके एक गाने की शूट को कंप्लीट किया गया है. गाने की शूटिंग के बाद अजय ने वहीं के श्री नागनाथ महादेव मंदिर में बाबा भोलेनाथ की पूजा की और इस पूजा की फोटो सामने आते ही अजय को ट्रोल किया जा रहा है. 

इंस्टाग्राम के एक यूजर अकाउंट पर अजय की ये फोटो पोस्ट की गई है. इस फोटो में अजय डेनिम शॉर्टस और टी-शर्ट पहने नजर आ रहे हैं. अजय के कपड़ों की वजह से लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया. लोगों का कहना है कि मंदिर में ऐसे कपड़े पहनकर जाना सही नहीं है. 

अजय देवगन से जुड़े एक सोर्स ने बताया कि छुट्टी का दिन था और अजय रिलेक्स कर रहे थे. नियम और अनुशासन को लेकर वह मंदिर में जाने से पहले क्या पहनना है, इसके बारे में पूछताछ की होगी. अजय एक अच्छे इंसान हैं. वह सोशल और धार्मिक मान्यताओं को लेकर काफी सजग रहते हैं वह कभी भी जाने-अनजाने में इन सब चीजों के खिलाफ नहीं जा सकते हैं. मंदिर में दर्शन के बाद उन्होंने मांडवी के कई प्रतिष्ठित लोगों से मुलाकात की. 

बता दें कि मंदिरों में अक्सर कुर्ता-पायजामा, धोती-कुर्ता या फिर फॉर्मल कपड़े पहनकर जाना ही सही माना जाता है. औरतों के अलावा पुरुषों के लिए भी मंदिरों में जाने के लिए कुछ नियम-कायदे हैं. ऐसा हर मंदिर में नहीं है लेकिन कई मंदिरों में ऐसा है. 

आमिर खान ने लगाई केंद्र सरकार के अधिकारियों की क्लास, पत्नी ने भी कुछ इस तरह दिया साथ

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान शुक्रवार को विज्ञान भवन में शिक्षक बन जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन का पाठ पढ़ाते नजर आए। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यशाला में उन्होंने अपने अनुभव केंद्र सरकार के सचिवों, केंद्रीय जल प्राधिकरण के विशेषज्ञों व स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ साझा किए। 

आमिर पिछले तीन साल से अपने एनजीओ पानी फाउंडेशन के जरिए महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त इलाकों में काम कर रहे हैं। उन्होंने 24 जिलों के 75 तालुका में सूखे से बेहाल 4706 गांवों के कायाकल्प की कहानी बयां की।
उन्होंने सत्यमेव जयते वाटर कप के तहत 8 अप्रैल से 27 मई तक जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन अभियान भी चलाया था। उन्होंने बिना पैसों के केवल जनसहभागिता और पंचायतों की कोशिशों से गांव वालों के साथ मिलकर किए गए वर्षा जल संचयन के बारे में भी बताया। 

दो घंटे से ज्यादा समय तक चले सत्र में उनकी पत्नी किरण राव ने इस अभियान में महिलाओं की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पंचायतों के सक्रिय सहयोग और जुनून से ही जल संरक्षण अभियान को सफल बनाया जा सकता है।  

जल शक्ति मंत्रालय ने एक जुलाई से 15 सितंबर तक अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत देश के सबसे अधिक पानी की कमी और घटते भूजल वाले 257 जिलों और 1592 ब्लॉक में 31 जुलाई तक पहले चरण में किए गए कामों की समीक्षा की गई। इसमें पानी फाउंडेशन समेत चार स्वयं सहायता समूहों ने अपनी सफलताओं की कहानियों को साझा किया।   

डेढ़ सौ साल से भी ज्यादा पुराने 58 कानूनों को खत्म करने की संसद से मंजूरी

संसद ने पुराने पड़ चुके 58 अप्रचलित कानूनों को समाप्त करने के प्रावधान वाले एक अहम विधेयक को शुक्रवार को मंजूरी प्रदान कर दी। इन कानूनों में कुछ कानून डेढ़ सौ साल से भी ज्यादा पुराने हैं। राज्यसभा ने निरसन और संशोधन विधेयक 2019 को संक्षिप्त चर्चा के बाद ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दी। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। चर्चा में ज्यादातर सदस्यों ने इसका स्वागत किया और सुझाव दिया कि मूल विधेयक में ऐसा प्रावधान होना चाहिए कि कानून का प्रयोजन समाप्त होने के बाद वह खुद ही समाप्त हो जाए।

 कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विधेयक की चर्चा करते हुए कहा कि इस विधेयक के जरिए पुराने पड़ चुके कानूनों को समाप्त किया जा रहा है, जिनकी प्रासंगिकता खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसे कानूनों की समीक्षा के लिए एक मजबूत तंत्र की आवश्यकता है।  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद सरकार ने फैसला किया था कि अप्रासंगिक हो चुके कानूनों को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए दो लोगों की समिति बनायी गयी थी। समिति ने 1824 कानूनों की पहचान की थी और अब तक 1428 कानून वापस लिए जा चुके हैं।

उन्होंने हालांकि कहा कि यह एक सतत प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि पुराने वित्त विधेयकों को भी समाप्त किया जाना है और इसके लिए वित्त मंत्रालय से चर्चा चल रही है। प्रसाद ने कहा कि सरकार दो प्रकार के कानूनों को समाप्त कर रही है। इनमें मूल कानून और संशोधित कानून शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संशोधित कानून भी अपने आप समाप्त नहीं होते। उन्होंने भारतीय दंड संहिता, 1860 की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें समय समय पर जरूरी संशोधन किए गए हैं। सिनेमेटोग्राफ कानून में संशोधन की मांग पर उन्होंने कहा कि इसके लिए फिल्म समुदाय को एक स्वर में बात करनी होगी। अभी उनमें ऐसी एकराय नहीं है।

 चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के भूपेंद्र यादव ने विधेयक का समर्थन किया और कहा कि विधेयक संसद में ही आते हैं और उनमें ही ऐसा जिक्र होना चाहिए कि उनका प्रयोजन समाप्त होते ही वे स्वत: समाप्त हो जाएं। उन्होंने कहा कि मृतप्राय कानूनों को समाप्त करने के लिए सरकार को कोई प्रक्रिया अपनानी चाहिए। कांग्रेस की अमी याज्ञनिक ने विधेयक का स्वागत करते हुए कहा कि कानून का प्रयोजन पूरा हो जाने पर उन्हें वापस लेना उचित है।

सपा सदस्य जया बच्चन ने भी विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि लोगों को इनके बारे में कैसे जानकरी देंगे। उन्होंने कहा कि न्याय सही तरीके से और समय से मिले तो ज्यादा कानून की जरूरत नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि कुछ विधेयक भाजपा की पिछली सरकार के दौरान लाए गए थे और उन्हें भी खत्म किया जा रहा है। बीजद के प्रशांत नंदा ने सिनेमेटोग्राफ कानून सहित कुछ कानूनों में संशोधन की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुराने हो चुके कानूनों की समय समय पर समीक्षा की जानी चाहिए।

जद (यू) की कहकशां परवीन ने कहा कि यह विधेयक पुराने हो चुके कानूनों के सफाये के लिए है और जिन कानूनों की जरूरत नहीं है, उन्हें समाप्त किया जाना चाहिए। तृणमूल कांग्रेस के शुभाशीष चक्रवर्ती, अन्नाद्रमुक के नवनीत कृष्णन, माकपा के केके रागेश और के सोमप्रसाद, द्रमुक के पी विल्सन, भाकपा के विनय विश्वम, सपा के वीर सिंह और भाजपा के रामकुमार वर्मा ने भी विधेयक का समर्थन किया।

कश्मीर में उथलपुथल के बीच राज्यपाल ने फिर दी सफाई, ’35A को हटाए जाने की कोई तैयारी नहीं’

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शुक्रवार रात को कहा कि अमरनाथ यात्रा को बीच में रोकने को अन्य मुद्दों के साथ जोड़कर ‘अनावश्यक भय’ पैदा किया जा रहा है . उन्होंने राजनीतिक नेताओं से अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने तथा ‘अतिशयोक्तिपूर्ण अफवाहों पर भरोसा ना करने की अपील करने का’ अनुरोध किया.

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट के प्रमुख शाह फैसल और पीपुल्स कांफ्रेंस के नेता सज्जाद लोन तथा इमरान रजा अंसारी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की थी.

मुलाकात के बाद राजभवन ने जारी किया बयान

राजभवन से जारी एक बयान के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने सरकार द्वारा जारी किए परामर्श समेत दिन में हुए घटनाक्रमों से कश्मीर घाटी में भय की स्थिति पैदा होने के बारे में चिंताएं जताई. सरकार ने अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों से जल्द से जल्द लौटने के लिए कहा है.

‘अमरनाथ यात्रियों के मसले को अन्य मुद्दों से जोड़कर फैलाया जा रहा अनावश्यक भय’

राजभवन से जारी किए गए इस बयान में कहा गया है, ‘‘राज्यपाल मलिक ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि सुरक्षा एजेंसियों के पास अमरनाथ यात्रा पर आतंकवादी हमलों के संबंध में गंभीर और विश्वसनीय सूचनाएं हैं. इस संदर्भ में सरकार ने परामर्श जारी कर यात्रियों और पर्यटकों से जल्द से जल्द लौटने के लिए कहा है.’’

मलिक ने कहा कि इस कदम को अन्य सभी तरह के मुद्दों से जोड़कर ‘‘अनावश्यक भय’’ उत्पन्न किया जा रहा है.

विशुद्ध रूप से सुरक्षा के लिए उठाया गया है यह कदम

राजभवन की ओर से जारी इस बयान में उन्होंने कहा, ‘‘विशुद्ध रूप से सुरक्षा के नजरिये से उठाए गए इस कदम को उन मुद्दों से जोड़ा जा रहा है जिसका इससे कोई संबंध नहीं है. यही भय की वजह है.’’ उन्होंने नेताओं से अपने समर्थकों से मामलों का घालमेल ना करने, शांति बनाए रखने और अतिशयोक्तिपूर्ण अफवाहों पर भरोसा ना करने के लिए कहने का अनुरोध किया.

राज्यपाल ने फिर दी सफाई, अनुच्छेद 35A को हटाए जाने की कोई तैयारी नहीं

राजभवन की ओर से जारी इस बयान में एक बार फिर से 35A के मसले पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सफाई दी है. इस बयान में कहा गया है, ‘‘राज्यपाल ने बारामूला में कल और उससे एक दिन पहले श्रीनगर में अनुच्छेद 35ए को हटाए जाने के मामले पर खुद सफाई दी थी.’’ मलिक ने बारामूला और श्रीनगर में कहा था कि जम्मू कश्मीर को विशेष शक्तियां देने वाले संविधान के अनुच्छेद 35ए को रद्द करने की कोई योजना नहीं है.

राज्यसभा में दिग्विजय सिंह बोले, आप मुझे ही आतंकी घोषित कर देंगे, तो गृहमंत्री अमित शाह बोले- अगर…

नई दिल्ली : राज्यसभा में आतंकवाद के खिलाफ UAPA संशोधन बिल पास हो गया है. इसको प्रवर समिति में भेजने का प्रस्ताव वोटिंग के दौरान गिर गया. इस बिल पर चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बीच नोंकझोंक देखने को मिली. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि बीजेपी पर शक है. कांग्रेस ने कभी आतंकवाद से समझौता नहीं किया है इसलिए यह बिल लेकर आई थी. लेकिन आपने दो बार आतंकवाद से समझौता किया है, पहले रुबिया सईद को छुड़वाने में फिर मसूद अजहर को छोड़ने. इस दौरान दिग्विजय सिंह ने आशंका जताई कि बिल का दुरुपयोग कर उन्हें ‘आतंकी’ घोषित कर दिया जाएगा. इस पर गृह मंत्री ने कहा कि अगर वह (दिग्विजय सिंह) कुछ नहीं करेंगे तो उन्हें कुछ नहीं होगा.  

विधेयक पर चर्चा के दौरान इसके प्रावधानों के दुरूपयोग की आशंका जताते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि कोरेगांव मामले में उनका भी नाम जोड़ा गया है. उन्होंने आशंका जतायी, ‘आप (सरकार) सबसे पहले मुझे ही उसमें (आतंकवादी की सूची में) डालेंगे.’बाद में चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा, ‘मैं उनको (सिंह को) आश्वस्त करना चाहता हूं, अगर कुछ नहीं करोगे तो कुछ नहीं होगा.’ गृह मंत्री ने यह भी कहा, ‘दिग्विजय जी का गुस्सा मैं समझ सकता हूं. अभी अभी चुनाव हार कर आए हैं. उनका गुस्सा निकलना स्वाभाविक है.’  

चर्चा में हिस्सा लेते हुये दिग्विजय सिंह ने आतंकवाद से जुड़े तीन मामलों (समझौता एक्सप्रेस विस्फोट, मक्का मस्जिद विस्फोट और अजमेर शरीफ विस्फोट) में एनआईए की जांच के बाद अभियुक्तों के बरी होने का जिक्र करते हुये सरकार पर निशाना साधा था. इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, ‘इमरजेंसी के दौरान क्या हुआ था? सारे मडिया को बैन कर दिया गया था, सारे विपक्षी नेताओं को जेल भेज दिया गया था. 19 महीनों तक कोई लोकतंत्र नहीं था और आप हमपर कानून का दुरुपयोग करने का आरोप लगा रहे हैं? कृपया अपना पुराना इतिहास देखें.’