रक्षा खरीद के नियमों की समीक्षा करेगी कमेटी, डिफेंस और होम मिनिस्टर की बैठक में फैसला

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर शनिवार को ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक हुई. इस बैठक में भाग लेने के लिए गृह मंत्री अमित शाह भी पहुचे. ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने  रक्षा खरीद प्रक्रिया(डीपीपी) 2016 और रक्षा खरीद नियमावली(डीपीएम) 2009 की समीक्षा के लिए महानिदेशक(अधिग्रहण) की अध्यक्षता में एक समिति के गठन को मंजूरी दी. समिति को अपनी सिफारिशें पेश करने के लिए छह महीने का समय दिया गया है.

हालांकि बैठक की शुरुआत में किसी तरह का एजेंडा सार्वजनिक न किए जाने से माना जा रहा है कि इसमें जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 के कई प्रावधानों के हटने के बाद से उपजे हालात पर चर्चा होगी. मगर इस बैठक में रक्षा खरीद के नियमों की समीक्षा को लेकर चर्चा हुई.

बिजली की रफ्तार से दौड़ता है मध्य प्रदेश का रामेश्वर, खेल मंत्री रिजिजू बोले-उसे मेरे पाए लाएं

नई दिल्ली 
अगर 100 मीटर फर्राटा धावक की बात की जाए तो आपके जेहन में जमैका के उसेन बोल्ट का ही नाम ही आएगा। कम-से-कम भारत के किसी धावक का नाम तो आपके दिमाग में नहीं ही आएगा। लेकिन रुकिए, भारत में भी बोल्ट है और यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल विडियो में दिख भी रहा है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी के युवा धावक रामेश्वर की 100 मीटर फर्राटा दौड़ का विडियो खूब वायरल हो रहा है। दावा है कि रामेश्वर 11 सेकंड में 100 मीटर दौड़ जाता है। मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जब इस विडियो को शेयर किया तब केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू ने इस धावक को अपने पास भेजने का आग्रह किया। केंद्रीय खेल मंत्री के आश्वासन के बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने रामेश्वर को अतिशीघ्र मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित साई सेंटर पहुंचने के लिए कहा है। 
पूर्व मुख्यमंत्री ने टि्वटर के जरिए खेल मंत्री से मांगा सपॉर्टशिवराज सिंह ने युवा रामेश्वर का एक विडियो अपने टि्वटर हैंडल से शेयर करते हुए लिखा, ‘भारत ऐसी व्यक्तिगत प्रतिभा का धनी है। अगर इन्हें सही अवसर और सही प्लेटफॉर्म मिले तो ये लोग निश्चित तौर पर नया इतिहास रचते हुए दिखाई देंगे।’ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस विडियो को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आगे बढ़ाया तो केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू भी इस धावक को समर्थन देने से खुद को नहीं रोक पाए। 

शिवराज ने विडियो के लिए पत्रकार को बोला-थैंक्स 

शिवराज ने लिखा, ‘मैं भारत के खेल मंत्री किरण रिजिजू से अपील करता हूं कि इस अभिलाषी ऐथलीट को उनकी प्रतिभा निखारने में मदद दें।’ इस ट्वीट के साथ शिवराज सिंह चौहान ने उस पत्रकार को भी धन्यवाद दिया है, जिसकी बदौलत उन तक यह विडियो पहुंचा है। इस विडियो में दावा किया जा रहा है कि रामेश्वरम 100 मीटर फर्राटा दौड़ को मात्र 11 सेकंड में पूरा कर रहे हैं। हमारे देश में अक्सर यह कहा जाता है कि देश में खेल के क्षेत्र में प्रतिभा चाहिए तो गांवों की ओर कूच कीजिए। यहां मिलने वाले टैलंट को अगर सही ढंग से तराशा जाए तो इंटरनैशनल लेवल पर देश को कई मेडल मिल सकते हैं। 

नंगे पांव दौड़ रहा 11 सेकंड में 100 मीटर 
इस विडियो में यह युवा ऐथलीट सड़क पर नंगे पांव दौड़ता दिख रहा है। चूने से 100 मीटर तक की मार्किंग इस विडियो में नजर आ रही है और मात्र 11 सेकंड के इस विडियो यह फर्राटा धावक अपने स्टार्टिंग पॉइंट से 100 मीटर दौड़की फिनिशिंग लाइन को आराम से पार करता दिख रहा है। 

खेल मंत्री ने किया समर्थन का वादा 
खेल मंत्री किरण रिजिजू ने भी शिवराज सिंह चौहान के इस ट्वीट पर रिप्लाई करने में देर नहीं लगाई। कुछ ही मिनटों में उन्होंने इस ऐथलीट की प्रतिभा का लोहा मानते हुए उन्हें खेल मंत्रालय की ओर से समर्थन का वादा कर दिया। 

रिजिजू ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘शिवराज सिंह जी किसी को कहिए कि इस (रामेश्वर) ऐथलीट को मेरे पास लेकर आए। मैं उन्हें ऐथलेटिक अकैडमी में रखने के लिए पूरा इंतजाम करूंगा।’

सोशल मीडिया पर इस ऐथलीट को पूर्व मुख्यमंत्री की पहल पर खेल मंत्री द्वारा मिल रहे समर्थन को खूब पसंद किया जा रहा है। 

जम्मू-कश्मीर के प्रधान सचिव बोले- घाटी में 96 में से 17 टेलीफोन एक्सचेंज चालू, 35 इलाकों में ढील

जम्मू और कश्मीर में शनिवार से फोन सेवाएं फिर से बहाल हो गई हैं. जम्मू में जहां टू जी स्पीड के साथ इंटरनेट सेवा शुरू हो गई तो वहीं कश्मीर के श्रीनगर के कई क्षेत्रों में लैंडलाइन सेवाएं शुरू कर दी गई हैं. हालांकि कश्मीर में इंटरनेट सेवा बहाल होने में वक्त लग सकता है.

प्रधान सचिव रोहित कंसल ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य हो रहे हैं. घाटी के 35 इलाकों में ढील दी गई. सार्वजनिक परिवहन सेवा भी शुरू कर दी गई है. श्रीनगर के कई इलाकों में टेलीफोन सेवा बहाल किया जा चुका है. प्रधान सचिव ने बताया कि कश्मीर के 96 में से 17 टेलीफोन एक्सचेंज चालू हो गए हैं. घाटी में कई दिनों से बंद स्कूल अब सोमवार से खुल जाएंगे.

राजौरी में धारा में 144 में ढील

जम्मू के अलावा साम्बा, कठुआ, उधमपुर में टू जी स्पीड के साथ इंटरनेट सेवाएं शुरू की गई हैं. राजौरी क्षेत्र में भी प्रतिबंधों में ढील दी गई है. राजौरी में धारा 144 के तहत रात नौ से सुबह पांच तक ही सीमित रहेगा. इस संबंध में राजौरी के डीएम ने आदेश भी जारी किया है.

जम्मू क्षेत्र के 10 में से 5 जिलों में 2G सेवाएं बहाल कर दी गई हैं. राज्य के जम्मू, साम्बा, कठुआ, उधमपुर और रेसाई जिले में सेवाएं बहाल कर दी गई हैं. हालांकि, राजौरी, पुंछ, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जिले में इंटरनेट सेवाओं पर लगी रोक अब भी जारी है.

जम्मू-कश्मीर में पिछले पांच अगस्त से टेलीफोन सेवा बंद दी. धारा 370 हटाने के बाद एहतियातन सरकार ने फोन और इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी थी. मीडिया रिपोर्टस के अनुसार राज्य प्रशासन ने प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेज और सरकारी दफ्तरों को भी सोमवार 19 अगस्त से खोलने के निर्देश दिए हैं.

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर को विशेषाधिकार देने वाला अनुच्छेद 370 मोदी सरकार की ओर से हटाने के मद्देनजर घाटी में धारा 144 लागू कर दिया गया था. जिसके कारण पिछले 12 दिनों से घाटी मे संचार सेवाओं को ठप करने के साथ स्कूल-कॉलेज भी बंद थे. जैसे-जैसे हालात ठीक हो रहे हैं, वैसे ही सख्ती में ढील दी जा रही है.

16 अगस्त को जम्मू कश्मीर प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया से कहा था कि अब स्थिति शांतिपूर्ण हैं. घाटी के ज्यादातर हिस्सों में लोगों की आवाजाही पर पाबंदियों में भी ढील दी गयी है. अभी तक स्थिति शांतिपूर्ण है. उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों की तैनाती पहले की तरह ही है. लोगों को शहर के आसपास और अन्य शहरों में आवाजाही की इजाजत दी गई है.

शास्त्री के चयन पर प्रशंसक भड़के, सोनिया को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने से की तुलना

क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) ने रवि शास्त्री को फिर से टीम इंडिया का हेड कोच नियुक्त कर दिया. 57 साल के रवि शास्त्री टी-20 वर्ल्ड कप 2021 तक टीम इंडिया के हेड कोच बने रहेंगे. टीम इंडिया के मुख्य कोच के लिए 6 नामों को शॉर्टलिस्ट किया गया था, जिसमें मौजूदा कोच रवि शास्त्री भी शामिल थे.

रवि शास्त्री के अलावा दो और भारतीय कोच (पूर्व क्रिकेटर लालचंद राजपूत और रॉबिन सिंह) भी शॉर्ट लिस्ट किए गए थे. आखिरकार कपिल देव के नेतृत्व वाली सीएसी की पहली पसंद रवि शास्त्री बने. इस समिति में अंशुमान गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी भी शामिल थी. रवि शास्त्री का फिर से टीम इंडिया का हेड कोच बनना फैंस को जरा भी पसंद नहीं आया और उन्होंने ट्विटर पर अपनी नाराजगी जाहिर की है.

हालांकि क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) के प्रमुख कपिल देव ने कहा कि रवि शास्त्री का टीम इंडिया का हेड कोच बनने के पीछे विराट कोहली की पसंद का कोई लेना देना नहीं है. कपिल देव ने कहा, ‘सभी उम्मीदवारो में रवि शास्त्री का रिकॉर्ड शानदार था. उनके कोच रहते हुए भारतीय टीम टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक स्थान पर पहुंची और उसने 71 वर्षों में पहली बार ऑस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर हराया.’

वैसे शास्त्री की अगुवाई में हालांकि भारत आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत पाया तथा उसे 2015 और 2019 के वर्ल्ड कप में निराशा हाथ लगी. कपिल देव की अगुवाई वाली समिति को हालांकि यह बड़ा कारण नहीं लगा. क्रिकेट सलाहकार समिति में शांता रंगास्वामी और अंशुमन गायकवाड़ भी शामिल थे.

देखिए इन दो तस्‍वीरों को, कैसे शहीद होने के बाद हथेलियों पर रखा सैनिक के परिजनों का मान

नई दिल्‍ली । वीरता के कई किस्‍से आपने सुने होंगे, मगर सैनिक की शहादत के बाद वीरांगाना को जिस तरह से जनसहयोग देकर उनकी जरूरत को पूरा किया है यह वाकई काबिले तारीफ है। इस कहानी के दो किरदार हैं पहला मध्‍यप्रदेश के एक वीर सैनिक की शहादत के बाद उनकी पत्‍नी के जर्जर मकान को जिस तरह से मिलकर ठीक करवाया गया। इसकी जितनी भी तारीफ की जाए यह कम ही होगी। इतना ही नहीं जब वह वीरांगना घर में प्रवेश के लिए द्वार पर खड़ी हुईं तब गांव के युवाओं ने अपनी हथेली जमीन पर बिछा दी और वह पांव बिना जमीन पर रखे अंदर प्रवेश कर गई। वहीं कहानी के दूसरे किरदार बिहार के हैं। यहां एक गरुड़ कमांडो आतंकियों से लोहा लेने के बाद शहीद हो गया था। बहन की शादी में उनकी पूरी यूनिट आ गई और हर रश्‍मों रिवाज को बखूबी निभाया ही नहीं, बल्‍कि उसे अपनी हथेलियों पर विदा किया। दोनों की तस्‍वीरें आपके दिल को छू लेने वाली हैं।

भारत के वीर 
बता दें कि भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपने शहीद जवानों के परिवार की आर्थिक मदद के लिए 2017 में विशेष तौर पर भारत के वीर (Bharat Ke Veer) नाम से वेबसाइट www.bharatkeveer.gov.in और मोबाइल एप लॉच किया था। इस सरकारी वेबसाइट के जरिए देश की आम जनता शहीदों के परिवारो को आसानी से आर्थिक मदद पहुंचा सकती है।

शहीद की पत्नी को घर का तोहफा
देश की सेवा करते हुए 27 साल पहले शहीद हो गए मध्य प्रदेश के एक जवान की शहादत को गांव वालों ने जिस तरह सलाम किया है, वह बेमिसाल है। पति के वीरगति को प्राप्त हो जाने के बाद जर्जर मकान में रह रही राजू बाई को गांव वालों ने न केवल जन सहयोग से मकान बनवाकर दिया, बल्कि हथेलियां बिछाकर उनको गृह प्रवेश कराया। मकान बनाने वाले ठेकेदार ने मुनाफा नहीं लिया।

31 दिसंबर 1992। यह वह तारीख है, जब इंदौर के समीप पीर पिपल्या गांव निवासी राजू बाई की दुनिया उजड़ गई। असम में तैनात उनके पति और सीमा सुरक्षा बल के सिपाही मोहन सिंह ने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उस वक्त राजू बाई गर्भवती थीं। उनका तीन वर्ष का एक और बेटा था। मोहन सिंह की शहादत के बाद परिवार पर मुसीबतों को पहाड़ टूट पड़ा। उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती चली गई। पेंशन ही एक मात्र सहारा थी। परिवार के पास एक कच्चा घर था, जो समय के साथ और जर्जर होता चला गया।

शहीद की पत्नी को नए अंदाज में दिया सम्मान
इस बीच शहीद समरसता मिशन के संस्थापक मोहन नारायण उनको एक मददगार के रूप में मिले। उन्होंने और उनके साथियों ने राजू बाई से वादा कि या कि उन्हें एक साल के भीतर पक्का घर बनाकर देंगे। राजू बाई को घर देने के लिए मोहन नारायण ने ‘वन चेक-वन साइन’ नाम से अभियान चलाया। इसके जरिये लोगों से आर्थिक सहायता ली गई। कुछ दिनों में 11 लाख रुपये जमा हो गए। मकान बनाने वाले ठेके दार ने के वल मजदूरों की मजदूरी ली। इस नेक काम में सहयोग स्वरूप उसने अपना मुनाफा छोड़ दिया। 15 अगस्त को राजू बाई को सम्मानित कर गृह प्रवेश कराया गया। इस दौरान लोग उनकी राह में अपनी हथेलियां बिछाकर बैठ गए, जिन पर चलकर राजू बाई अपने नए घर तक पहुंचीं।

कराया गृह प्रवेश
शहीद समरसता मिशन के मोहन नारायण और विशाल राठी ने बताया कि शहीद के परिवार के लिए दस लाख रुपये में एक हजार वर्ग फीट जमीन पर सर्वसुविधायुक्त घर तैयार कराया गया है। एक लाख रुपये मोहन सिंह की प्रतिमा के लिए रखे गए हैं। प्रतिमा तैयार है। इसे पीर पीपल्या गांव के मुख्य मार्ग पर स्थापित कराया जाएगा। मोहन सिंह ने कहा,शाहीद के परिवार को किसी भी शासकीय योजना का लाभ नहीं मिल सका है। परिवार मेहनत-मजदूरी कर गुजारा कर रहा है। अलबत्ता, अब छोटा बेटा बीएसएफ में भर्ती हो चुका है।

मदद ही है मिशन 
शहीद के परिवार को नया घर देने वाला संगठन शहीद समरसता मिशन अब एक नए मिशन पर है। मोहन नारायण का कहना है कि यह संगठन अब तक 22 शहीदों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता और सम्मान कार्यक्रम आयोजित कर चुका है। अब शहीद के परिजनों की मदद करना ही मिशन है। जर्जर मकान में रह रही राजू बाई को जन सहयोग से बनाकर दिया मकान, गांव वालों ने जुटाए 11 लाख, ठेकेदार ने छोड़ दिया मुनाफा, 27 साल पहले असम में देश पर न्योछावर हो गए थे मोहन सिंह।

शहीद कमांडो ज्योति प्रकाश निराला
ऐसा ही एक वाक्‍या बिहार के रोहतास जिले का है 18 नवंबर 2017 को कश्मीर के बांदीपोरा में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए एयरफोर्स की गरुड़ यूनिट के कमांडो ज्योति प्रकाश निराला की। उनकी अपनी बहन शशिकला की शादी में गरूड़ यूनिट के 50 कमांडो मौजूद रहे। उन्‍होंने शादी की पूरी व्‍यवस्‍था तो की ही, दुल्‍हन की विदाई के दौरान उसके पैरों तले अपनी हथेलियां बिछा दीं।

गरुड़ कमांडो यूनिट और एयर चीफ मार्शल को दिया था निमंत्रण 
देश पर न्योछावर होने वाले शहीद ज्‍योति प्रकाश निराला माता-पिता के इकलौते पुत्र और तीन बहनों के भाई थे। पिता तेजनारायण सिंह बताते हैं कि दूसरी बेटी शशिकला की शादी इसी साल तीन जून को डेहरी के पाली रोड निवासी उमाशंकर यादव के पुत्र सुजीत कुमार के साथ तय की। शादी की जानकारी गरुड़ कमांडो यूनिट और एयर चीफ मार्शल बीएस धनवा को भी दी थी।

शादी में पहुंचे 50 कमांडो, संभाल ली पूरी व्‍यवस्‍था 
पिता तेजनारायण सिंह की आंखें फटी रह गईं, जब यूनिट के करीब 50 कमांडो यहां पहुंच गए। उन्होंने शादी की पूरी व्यवस्था अपने हाथों में ले ली थी। बेटी की शादी कैसे हुई, पता ही नहीं चला। मेरी आंखें छलक रही थीं। यह महसूस हुआ कि मेरे तो कई निराले बेटे साथ खड़े हैं।

बहन की राह में कमांडोज ने बिछा दीं अपनी हथेलियां 
शादी में भाई की हर रस्म इन कमांडो ने ही अदा की। उस बहन का सौभाग्य इससे और ज्यादा क्या होगा, जिसके इतने-इतने भाई उसकी अपनी पलकों पर बिठाने को आतुर हों। उस दृश्य ने तो कन्या और वर दोनों ही पक्ष को भावविह्वल कर दिया, जब मंडप पर जा रही बहन की राह में कमांडोज ने अपनी हथेलियां बिछा दीं। बहन को विदा भी इन्हीं हथेलियों पर किया।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले को लेकर पूरे देश में गुस्सा था। इस हमले में देश ने अपने 40 वीर सपूतों को खो दिया था, जबकि कई जवान गंभीर रूप से घायल हैं। लोगों की आंखें नम हैं और दिलों में दुश्मन से बदला लेने की आग धधक रही थी। गुस्साए लोग जगह-जगह अपने शहीद जांबाजों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे। साथ ही आतंकवाद और पाकिस्तान के पुतले भी फूंके।

भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपने शहीद जवानों के परिवार की आर्थिक मदद के लिए 2017 में विशेष तौर पर भारत के वीर (Bharat Ke Veer) नाम से वेबसाइट www.bharatkeveer.gov.in और मोबाइल एप लॉच किया था। इस सरकारी वेबसाइट के जरिए देश की आम जनता शहीदों के परिवारो को आसानी से आर्थिक मदद पहुंचा सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे भूटान, पीएम लोटे शेरिंग ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार को दो दिवसीय भूटान पहुंचे हैं. एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र के स्वागत के लिए भूटान के पीएम लोटे शेरिंग भी पहुंचे थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एयर पोर्ट पर गॉड ऑफ ऑनर दिया गया. भूटान में पीएम मोदी का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है. प्रधानमंत्री अपने भूटान दौरे पर कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. इस दौरे में भारत और भूटान के बीच आपसी संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा.

माना जा रहा है दोनों देशों के बीच कुछ अहम दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार दूसरी बार देश की सत्ता पर काबिज होने के बाद पहली बार भूटान दौरे पर जा रहे हैं. अपनी दो दिवसीय यात्रा के तहत प्रधानमंत्री मोदी 17 अगस्त को भूटान पहुंचेंगे.

प्रधानमंत्री की इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच 10 एमओयू (मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर दस्तखत होंगे. भूटान में भारत की राजदूत रुचिरा कुमार के अनुसार 10 समझौतों पर दस्तखत के अलावा प्रधानमंत्री पांच परियोजनाओं का लोकार्पण भी करेंगे.साथ ही रुपे कार्ड भी लॉन्च करेंगे.

रुचिरा कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस भूटान यात्रा को दोनों देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में निरंतर किए जा रहे प्रयास के रूप में देखा जा सकता है.

गौरतलब है कि पीएम मोदी के दौरे से ठीक पहले भूटान के प्रधानमंत्री डॉक्टर एल शेरिंग ने सोशल पर एक पोस्ट शेयर किया था. भूटानी प्रधानमंत्री ने अपने भारतीय समकक्ष की पुस्तक ‘एग्जाम वारियर्स’ की तारीफ की थी.

डॉक्टर शेरिंग ने पीएम मोदी को सरल और सहज व्यक्ति बताते हुए कहा था कि वह देश को आगे ले जाने वाले कड़े फैसले लेने में भी नहीं हिचकते.

बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली की हालत नाजुक, कोविंद, शाह और योगी एम्स पहुंचे : सूत्र

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शुक्रवार देर रात पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली का हालचाल जानने एम्स पहुंचे. भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली काफी समय से बीमार हैं और 9 अगस्त से उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था. जेटली का हालचाल जानने के बाद अमित शाह एम्स से रवाना हो गए.

इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी बीजेपी नेता अरुण जेटली का हालचाल जानने एम्स पहुंचे. वहीं इससे पहले शुक्रवार शाम को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अरुण जेटली से मिलने एम्स पहुंचे थे.

पूर्व वित्त मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का बीते काफी दिनों से नई दिल्ली के एम्स में इलाज चल रहा है. शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी उनका हालचाल जानने एम्स अस्पताल पहुंचे थे. राष्ट्रपति ने सुबह करीब 11 बजे एम्स पहुंचकर पूर्व वित्तमंत्री का हालचाल जाना.

इससे पहले जब अरुण जेटली को 9 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला और अन्य शीर्ष बीजेपी के नेता उनको देखने एम्स पहुंचे थे.

बता दें कि मई 2018 में जेटली का किडनी प्रत्यारोपण हुआ था. इसके बाद जेटली के बाएं पैर में सॉफ्ट टिशू कैंसर हो गया, जिसकी सर्जरी के लिए वह इस साल की शुरुआत में अमेरिका भी गए थे. तबीयत खराब होने के कारण ही उन्होंने 2019 का आम चुनाव नहीं लड़ा था और मंत्रिमंडल में शामिल होने से भी इनकार कर दिया था.

सीएम नीतीश कुमार का एलान : अब किसानों को ‍60 रुपये प्रति लीटर मिलेगा डीजल अनुदान

स्वतंत्रता दिवस पर गांधी मैदान में सीएम का एलान पटना : राज्य के किसानों को इस बार से डीजल सब्सिडी बढ़ी हुई दर पर मिलेगी. पेट्रोलिंग के लिए निकली पुलिस गाड़ियों में जीपीएस लगा होगा.  सभी जिला अस्पतालों में सिटी स्कैन और डायलिसिस की सुविधा होगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एेतिहासिक गांधी मैदान में झंडोत्तोलन करने के बाद इसकी घोषणा की.  उन्होंने राज्य में बाढ़ और सूखा की स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन बिहार में एक साथ बाढ़ और सुखाड़ होने का प्रमुख कारण है. दक्षिण बिहार में इस वर्ष भी सुखाड़ की स्थिति बन रही है. पिछले वर्ष एक लीटर डीजल पर 50 रुपये सब्सिडी दी गयी थी, जो इस वर्ष बढ़ाकर 60 रुपये कर दी गयी है.  बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति पर 18 अगस्त को होनेवाली समीक्षा बैठक में अन्य निर्णय लिये जायेंगे. पिछले वर्ष 25 जिलों के 280 प्रखंडों को सुखाड़ घोषित किया गया था. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष जुलाई में ही बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी, जिससे 13 जिलों के 101 प्रखंड और एक हजार 269 पंचायतें पीड़ित हुई हैं. आपदा पीड़ितों के लिए तेजी से काम किया जा रहा है. ग्रैचुटस रिलीफ के जरिये बाढ़पीड़ितों के बैंक खातों में सीधे छह-छह हजार रुपये भेजे जा रहे हैं.  सीएम ने जलवायु परिवर्तन को सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत की जा रही है. जल्द ही इसकी कार्ययोजना लागू की जायेगी. इसके अंतर्गत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सार्वजनिक पारंपरिक जल स्रोतों-पोखर, तालाब, नहर, आहर, पइन, कुएं की उड़ाही करायी जायेगी और इनके किनारे सघन पौधारोपण कराया जायेगा. सभी प्रमुख और ग्रामीण पथों की दोनों तरफ बड़े स्तर पर पौधारोपण कराया जायेगा. इस अभियान के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण किया जायेगा.   सीएम ने भ्रष्टाचार और लॉ एंड ऑर्डर से किसी तरह का समझौता नहीं करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि 15 अगस्त से सभी थानों में विधि-व्यवस्था सुचारु ढंग से संचालित करने के लिए अनुसंधान एवं विधि-व्यवस्था के लिए अलग-अलग इकाई गठित कर दी गयी है.  पेट्रोलिंग के लिए वाहनों में जीपीएस यंत्र लगे होंगे. इसके अलावा सभी जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन और डायलिसिस की व्यवस्था होगी. इस वर्ष के अंत तक स्वच्छ भारत मिशन और लोहिया  स्वच्छ बिहार अभियान के तहत राज्य को खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य  रखा गया है. अगले वर्ष के अंत तक हर घर में नल का जल मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष के अंत तक हर घर नल का जल निश्चय के तहत शहर और गांवों के सभी घरों में नल का जल, घर तक पक्की गली-नालियां निश्चय के तहत सभी घरों तक पक्की नाली और गली का निर्माण हो जायेगा. राज्य के संपर्क विहीन टोलों को भी अगले वर्ष तक पक्की सड़कों से जोड़ दिया जायेगा. सीएम का एलान सड़क, पुल और भवनों के लिए नयी मेंटेनेंस पाॅलिसी पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ियों में लगा रहेगा जीपीएस  सभी जिला अस्पतालों में सिटी स्कैन व डायलिसिस की होगी सुविधा  बाढ़ और सुखाड़ पर 18 अगस्त को होगी समीक्षा बैठक 

जल्द शुरू होगी एक और डबल डेकर ट्रेन, इन दो शहरों के बीच दौड़ेगी AC गाड़ी

नई दिल्ली : भारतीय रेलवे की तरफ से यात्रियों के लिए नई-नई सुविधाएं शुरू की जा रही है. पिछले दिनों दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रूट पर 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों के संचालन को मंजूरी देने के बाद अब रेलवे ने विशाखापट्नम से विजयवाड़ा के बीच नई ट्रेन शुरू करने का निर्णय लिया है. दोनों शहरों के बीच चलने वाली इस ट्रेन का नाम उदय एक्सप्रेस है और यह डबल डेकर ट्रेन होगी.

बिजनेस ट्रैवलर को आरामदायक सफर देना मकसद
ट्रेन को सप्ताह में पांच दिन चलाया जाएगा और यह पूरी तरह एयर कंडीशनर (Fully AC) ट्रेन होगी. 22701/22702 नंबर वाली इस डबल डेकर ट्रेन को विशाखापट्नम से रेल राज्यमंत्री हरी झंडी दिखाकर जल्द रवाना करेंगे. उदय एक्सप्रेस को शुरू करने के पीछे रेलवे का मकसद बिजनेस ट्रैवलर को आरामदायक सफर मुहैया कराना है. आपको बता दें इस रूट पर काफी बिजनेसमैन ट्रेन का सफर करते हैं.

साढ़े पांच घंटे का होगा सफर
ट्रेन नंबर 22701 उदय एक्सप्रेस विशाखापट्नम से विजयवाड़ा के लिए सुबह 5.45 बजे रवाना होगी. यह ट्रेन 5.30 घंटे के सफर के बाद 11.15 बजे विजयवाड़ा पहुंच जाएगी. इसी दिन ट्रेन संख्या 22702 विजयवाड़ा से विशाखापट्नम के लिए लौटेगी. विजयवाड़ा से उदय एक्सप्रेस शाम 5.30 बजे चलेगी, जो कि विशाखापट्नम रात में 10.55 बजे पहुंचेगी.

सप्ताह में पांच दिन चलेगी ट्रेन
यह ट्रेन सप्ताह में पांच दिन सोमवार, मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार और शनिवार को चलाई जाएगी. गुरुवार हो रविवार को डबल डेकर ट्रेन नहीं चलेगी. विशाखापट्नम से विजयवाड़ा जाने में ट्रेन को 5 घंटे 30 मिनट का समय लगेगा. वहीं वापस लौटने में ट्रेन 5 घंटे 25 मिनट लेगी.