NRC की अंतिम सूची वेबसाइट पर जारी: 19 लाख 6 हजार 657 लोगों के नाम लिस्ट से बाहर

गुवाहाटी। असम के लोगों के लिए शनिवार का दिन बहुत अहम है। NRC की अंतिम सूची वेबसाइट पर जारी हो गई है। सामने आ रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फाइनल सूची में 19 लाख 6 हजार 657 लोग लिस्ट से बाहर हो गए हैं। बता दें करीब 41 लाख लोगों की सांसें इस आशंका में अटकी थी कि उनका नाम आज जारी होने वाली राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम लिस्ट में उनका नाम शामिल होगा या नहीं। पिछले साल 30 जुलाई को प्रकाशित मसौदे में इनके नाम शामिल नहीं थे। थोड़ी देर में वेबसाइट पर NRC सूची जारी होने वाली है।

NRC की अंतिम सूची गृह मंत्रालय ने जारी कर दी है इसमें 3 करोड़ 11 लाख 21 हजार 4 लोगों को शामिल किया गया है। वहीं 19 लाख 6 हजार 657 लोग लिस्ट से बाहर हो गए हैं।इस बीच, मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने लोगों को भरोसा दिया है कि किसी को डरने की जरूरत नहीं है। महज NRC में नाम नहीं होने की वजह से किसी को विदेशी या बाहरी नहीं मान लिया जाएगा। इसका फैसला समुचित कानूनी प्रक्रिया के बाद सिर्फ फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल (एफटी) लेगा। शनिवार को अंतिम NRC के प्रकाशन के मद्देनजर राज्य प्रशासन ने गुवाहाटी समेत सभी संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू कर दी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, केंद्र सरकार ने राज्य प्रशासन की मदद के लिए पर्याप्त संख्या में अर्धसैनिक बल मुहैया कराए हैं। हमने प्रत्येक जिले में उपायुक्तों और एसपी को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

दिग्विजय सिंह की ग्वालियर यात्रा से कांग्रेसियों में कयासों का दौर चालू

ग्वालियर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर मची आपधापी   और धड़ेबाजी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज ग्वालियर आकर अपनी सियासी महफ़िल सजाई। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ नाश्ता किया और खूब हंसी ठट्ठा किया। जब उनसे पूछा कि कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति कब होगी ? तो उन्होंने बोला – पार्टी चल रही है।  कमलनाथ जी अभी प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष है।

मध्यप्रदेश में तीन दिनों से कांग्रेस में सियासी घमासान मचा हुआ है। पहले प्रदेश कॉंग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया के हवाले से खबर आयी कि उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से रायशुमारी के बाद अध्यक्ष पद का पैनल पार्टी हाईकमान को सौंप दिया है। इसमें लगभग आधा दर्जन नाम हैं। फिर खबर उडी कि कमलनाथ की पसंद का ही अध्यक्ष बनेगा।  इसमें बाला बच्चन का नाम आया  कि कोई युवा अध्यक्ष होगा तो जीतू पटवारी का नाम चर्चा में आ गया। इस बीच पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया के घर पर दिग्विजय समर्थक विधायक इकट्ठे हुए तो माना गया कि ये लोग राहुल भैया को अध्यक्ष बनवाने की जोर आजमाइश में हैं। लेकिन कल चेनल्स पर खबर आई कि पार्टी हाईकमान को वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अल्टीमेटम दे दिया है कि उन्हें अध्यक्ष नहीं बनाया तो वे पार्टी छोड़ देंगे।  हालाँकि अभी तक सिंधिया की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई यद्यपि उनके समर्थक मंत्री प्रद्दुम्न सिंह तोमर ने इसे कोरी बकवास बताया लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि जनभावना है कि महाराज को नेतृत्व सौंपा जाए।

सरगर्मियों के बीच इस घमासान के एक किरदार दिग्विजय सिंह आज तड़के श्रीधाम एक्सप्रेस से ग्वालियर पहुंचे। पहली बार था जब संभाग भर से उनके समर्थक उनकी अगवानी करने स्टेशन पर पहुंचे। वे सवा नौ बजे सहकारिता और सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ गोविन्द सिंह के साथ एपेक्स बैंक के प्रशासक अशोक सिंह के बंगले पर पहुंचे। वहां पहले से ही बड़ी संख्या में उनके समर्थक खड़े थे। यहाँ उनको नाश्ता करना था।  वे नाश्ते के लिए अंदर गए इससे पहले उन्होंने ऐदल सिंह कंसाना सी तरफ इशारा किया और बोले अरे भाई आपने तो बड़े नेताओं की पेशाब बंद कर दी थी। फिर थोड़े सम्भले बोले – मेरी भी।  और फिर ठठाकर हंस पड़े।

            इसके बाद उन्होंने नाश्ते की टेबिल संभाली। वहां पर डॉ  गोविन्द सिंह , पूर्व सांसद रामसेवक सिंह बाबूजी ,विधायक कंसाना , पूर्व सांसद बाबूलाल सोलंकी ,बासुदेव शर्मा,बृजमोहन सिंह परिहार ,अमर सिंह माहौर ,फूलसिंह बरैया ,भिंड से सांसद का चुनाव लड़ चुके आशीष जरारिया ,भगवान् सिंह तोमर ,राकेश यादव ,संत कृपाल सिंह,पत्रकार  ए एच कुरैशी ,डॉ राकेश पाठक और भोपाल के पत्रकार विजय दास इस दौरान उनके आसपास रहे।

 दौरान उन्होंने सबकी कुशल क्षेम पूँछी और सबके साथ खूब हंसी मजाक किया।

नाश्ते के बाद श्री सिंह से जब मीडिया ने पूछा कि अध्यक्ष पद कब भरा जाएगा ? वे बोले – कमलनाथ जी अध्यक्ष हैं। उनसे पूछा सिंधिया जी ने अल्टीमेटम दिया है तो वे बोले कोई  अल्टीमेटम नहीं दिया। ये भाजपा की वाट्सएप आर्मी के दिमाग की उपज  है। उनसे पूछा – अध्यक्ष कैसा होना चाहिए ? युवा की मांग उठ रही है। दिग्विजय सिंह ने कहाकि – हांगकांग में बीस बाइस साल के लड़के आंदोलन का  नेतृत्व कर रहे हैं। ऐसा ही होना चाहिए। इसके बाद वे डॉ गोविन्द सिंह और अशोक सिंह के साथ भिंड के लिए रवाना हो गए।

नहीं पहुंचे सिंधिया समर्थक

दिग्विजय सिंह के आगमन पर सिंधिया समर्थकों ने अपनी दूरी बनाकर रखी।  इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष या कोई विधायक या मंत्री उनसे मिलने नहीं पहुंचा।

मंच पर थे इमरान के मंत्री, जुबां पर आया मोदी का नाम और लग गया करंट

इमरान के मंत्री को लगा जोर का झटक
भारत विरोधी बयान देते वक्त माइक में लगा करंट
रेल मंत्री शेख रशीद के साथ एक रैली में हुआ वाक्या

दुनिया के हर मंच पर भारत के हाथों कूटनीतिक हार झेल चुका पाकिस्तान अब बौखलाहट पर उतर गया है. जम्मू-कश्मीर के मामले पर आज पाकिस्तान की जनता प्रदर्शन कर रही है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने देश के लोगों से कश्मीर के मसले पर शुक्रवार के दिन आधे घंटे खड़े होने को कहा था. इसी कड़ी में पाकिस्तानी सरकार में रेल मंत्री शेख रशीद एक सभा को संबोधित कर रह थे, जब वह अपनी बात रख रहे थे तो तभी उनके माइक में एक झटका-सा लगा और वह अचानक डर गए. इस पर वहां खड़े लोग हंसने लगे, इसपर मंत्री बोले कि मोदी इस जलसे को खराब नहीं कर पाएगा.

दरअसल, शेख रशीद पाकिस्तान के उन मंत्रियों में शामिल हैं जो लगातार भारत के खिलाफ बयानबाजी करते हैं. शुक्रवार दोपहर को जब वह भाषण दे रहे थे, तभी उनके माइक में झटका लगा. वह जब भारत के खिलाफ बयान दे रहे थे, तभी ऐसा हुआ और वह अचानक डर गए.

माहौल को संभालते हुए बाद में उन्होंने कहा कि लगता है कि करंट लगा है, लेकिन ये मोदी इस जलसे को नाकाम नहीं कर सकता है. शेख रशीद इससे पहले भी कई बार भारत के खिलाफ युद्ध की धमकी देते आए हैं, ये वहीं हैं जिन्होंने भविष्यवाणी करते हुए कहा था कि अक्टूबर-नवंबर में भारत-पाकिस्तान के बीच जंग हो सकती है.

इस दौरान वहां पर खड़े लोग ठहाके लगाने लगे. पाकिस्तानी मंत्री शेख रशीद का ये वीडियो जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है और पाकिस्तानी लोग ही उन्हें खरी-खोटी सुना रहे हैं.

आपको बता दें कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने देश के लोगों से अपील की थी कि वह कश्मीर के मसले पर हर शुक्रवार को दोपहर 12 से 12.30 के बीच सड़कों पर आएं और संदेश दें. शुक्रवार को भी ऐसा हुआ, पाकिस्तान के कई शहरों में लोग इमरान की अपील पर बाहर निकले. खुद इमरान खान ने भी एक जनसभा को संबोधित किया और एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला.

हर बार की तरह इस बार भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने युद्ध की धमकी दी और कहा कि कश्मीरियों के लिए वह आखिरी सांस तक लड़ेंगे. इतना ही नहीं इमरान खान ने कहा कि अगर भारत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर हमला करता है, तो पूरी दुनिया को नुकसान देने वाली जंग होगी.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा इस ‘कश्मीर ऑवर’ की अपील पर वहां के पत्रकार ही विरोध कर रहे हैं. कई पत्रकारों ने ट्वीट कर लिखा है कि कुछ प्रदर्शनकारियों की वजह से हजारों लोगों को नुकसान हो रहा है, क्योंकि सड़कों पर जाम लगा है, सरकार को बताना चाहिए कि इससे क्या हासिल हुआ?

PAK ने रची नई साजिश, सच्चाई जानकर खुफिया एजेंसियों के उड़ गए होश

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने को लेकर हर मंच पर बुरी तरह मात खाने के बाद पाकिस्तान अब एक नई साजिश के जरिए भारत को बर्बाद करने का सपना देख रहा है. भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ तोड़ने के नापाक मकसद से पाकिस्तान देश में भारी मात्रा में 2 हजार रुपये के नकली नोट झोंक रहा है.

2 हजार रुपये के नए नोट की ताजा खेप की जब्ती ने हिंदुस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. इस खेप में सप्लाई किए जा रहे 2000 रुपये के नोट में पाकिस्तानी तंत्र ने उन सभी सुरक्षा इंतजामों की हू-ब-हू नकल कर ली, जो बिना सरकारी मदद के मुमकिन नहीं है. सच तो यह है कि पाकिस्तानी सिक्योरिटी प्रेस में छपकर भारतीय बाजार में लाकर झोंके जा चुके 2000 के इन नकली और भारत के असली नोट में फर्क करते वक्त भारतीय एजेंसियां और दिल्ली पुलिस भी चकराने लगी है.

जांच में पता चला है कि कराची के ‘मलीर-हाल्ट’ इलाके में स्थित ‘पाकिस्तानी सिक्योरिटी प्रेस’ में छापे जा रहे इस जाली नोट में भी पहली बार ‘ऑप्टिकल वेरियबल इंक’ का इस्तेमाल किया गया है.

इस इंक की खासियत है कि यह नोट पर हरे रंग का दिखाई देता है. नोट की दिशा ऊपर-नीचे करने पर इस स्याही का रंग बदलकर खुद-ब-खुद नीला हो जाता है. सूत्रों के मुताबिक छह महीने पहले तक पकड़े जा चुके जाली नोटों की खेप में इस इंक का इस्तेमाल नहीं हो रहा था. सूत्रों के मुताबिक, यह खास किस्म की स्याही एक विदेशी कंपनी बनाती है, जिसकी आपूर्ति सिर्फ चुनिंदा देशों की सरकार को ही की जाती है.

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की शह पर ही पाकिस्तानी सिक्योरिटी प्रेस में भारत की जाली मुद्रा धड़ल्ले से छप रही है. छपने के बाद भारत में इन्हें फैलाने के लिए कराची में बैठे भारत के मोस्ट वॉन्टेड डॉन दाऊद इब्राहिम के कंधों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

भारतीय खुफिया एजेंसियों की संयुक्त जांच में खुलासा हुआ है किए इस वक्त चलन में अत्याधुनिक भारतीय मुद्रा (नोटबंदी के बाद छापे गए दो हजार और पांच सौ के नए नोट) एक और प्रमुख सिक्योरिटी फीचर की भी पहली बार आईएसआई के गुर्गों ने हू-ब-हू नकल कर ली है. दो हजार के नए भारतीय नोट के एकदम बायीं और दायीं ओर के किनारे में ‘ब्लीड-लाइनें’ खींची गई हैं. ये सात लाइनें असल में विशेष रुप से नेत्रहीनों को नोट की पहचान आसानी से कराने में सहायक होती हैं.

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुमार सिंह कुशवाहा की अगुवाई में सहायक पुलिस आयुक्त अतर सिंह की टीम ने 24 अगस्त को दिल्ली के नेहरू प्लेस से डी-कंपनी के एजेंट असलम अंसारी को धर दबोचा था. असलम अंसारी के पास से 2000 के नोट वाली करीब साढ़े पांच लाख जाली भारतीय मुद्रा जब्त की गई थी. असलम मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है. असलम से बरामद नोट गहराई से देखने पर भी जब असली ही लगे तो भारतीय गुप्तचर एजेंसियां और नोट जब्त करने वाली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम के सदस्यों का माथा चकरा गया था.

अब ट्रैफिक नियम तोड़ा तो लगेगा मोटा जुर्माना और होगी बदनामी!

सरकार (Government) न सिर्फ आपके ऊपर भारी जुर्माना (Penalty) ठोकेगी, बल्कि आपकी पहचान भी सार्वजनिक करेगी. अगर ऐसा होता है, तो जाहिर तौर पर नियम तोड़ने वालों को सार्वजनिक तौर पर शर्मिंदा होना पड़ेगा.

अब ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ कड़े एक्शन लिए जाएंगे. अगर आप भी रेड लाइट जंप करते हैं, ड्राइविंग (Driving)  करते समय फोन का इस्तेमाल करते हैं, शराब (Alcohol) पीकर गाड़ी चलाते हैं या फिर रैश ड्राइविंग करते हैं, तो ऐसा करना तुरंत बंद कर दें. क्योंकि सरकार न सिर्फ आपके ऊपर भारी जुर्माना ठोकेगी, बल्कि आपकी पहचान भी सार्वजनिक करेगी. अगर ऐसा होता है, तो जाहिर तौर पर नियम तोड़ने वालों को सार्वजनिक तौर पर शर्मिंदा होना पड़ेगा.

नए नियम एक सितंबर से लागू

सरकार ने मोटर वाहन (संशोधन) कानून 2019 के 63 प्रावधानों को अधिसूचित (नोटिफाई) कर दिया है. इसमें यातायात के नियमों के उल्लंघन को लेकर अधिक जुर्माना लगाने का प्रावधान शामिल है. नए प्रावधान एक सितंबर, 2019 से प्रभाव में आएंगे. कुछ समय पहले ही मोटर वाहन (संशोधन) बिल को राज्यसभा और लोकसभा से हरी झंडी मिली थी. इस बिल का उद्देश्य ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने से लोगों को रोकने का है.

रद्द हो सकता है डीएल

संशोधित कानून में कहा गया है कि जिनका ड्राइविंग लाइसेंस (DL निरस्त किया जाएगा, उनका नाम भी सार्वजनिक किया जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक, ऐसे 9 तरह के अपराधों के लिए जल्द ही अधिसूचना भी जारी की जाएगी. रोड एंड ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी की थी. जिसके मुताबिक, पहले अपराध के लिए तीन महीने के लिए आपका ड्राइविंग लाइसेंस (DL) सस्पेंड हो सकता है, वहीं दूसरे अपराध या फिर अगर आपका नाम और अपराधों में आता है, तो आपका DL रद्द भी हो सकता है.

लगेगा इतना जुर्माना

नए कानून में बिना लाइसेंस के वाहनों के अनधिकृत उपयोग के लिए 1,000 रुपए तक के जुर्माने को बढ़ाकर 5,000 रुपए कर दिया गया है. वहीं शराब पीकर गाड़ी चलाने को लेकर पहले अपराध के लिए 6 महीने की जेल और/ 10,000 रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है. जबकि दूसरी बार के अपराध के लिए दो साल तक जेल और 15,000 रुपए के जुर्माना का प्रावधान किया गया है. ओवरस्पीड के लिए पहले 400 रुपए देने पड़ते थे, वहीं अब LMV के लिए 1000 रुपए और मीडियम पैसेंजर व्हीकल के लिए 2000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है.

असम में आज 10 बजे जारी होगी नागरिकों की लिस्ट, पिछले साल ड्राफ्ट से बाहर 41 लाख लोगों का होगा फैसला

एनआरसी की फाइनल लिस्ट के प्रकाशन से पहले असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने लोगों से कहा कि वे घबराएं नहीं राज्य सरकार अपनी नागरिकता साबित करने में उन लोगों को मदद करने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी जो वास्तव में भारतीय हैं.

असम में आज जारी होगी NRC लिस्ट40 लाख लोगों का होगा फैसलाअसम के सीएम ने कहा- घबराए नहीं

नई दिल्ली: असम में नागरिकों की अंतिम सूची आज सुबह 10 बजे ऑनलाइन प्रकाशित कर दी जाएगी. इस लिस्ट के सामने आने के बाद ये साफ हो जाएगा कि पिछले साल लिस्ट के ड्राफ़्ट से बाहर हुए 41 लाख लोगों में से कितने अंतिम लिस्ट में जगह बना पाते हैं. लिस्ट में जिनका नाम होगा वही देश के नागरिक माने जाएंगे और जिनका नाम नहीं होगा वो विदेशी माने जाएंगे. लिस्ट के प्रकाशन से पहले असम पुलिस ने प्रदेश में अफ़वाह  फैलाने वालों को रोकने के लिए कमर कस ली है. सुरक्षा के मद्देनज़र राज्य के कई इलाक़ों में धारा 144 भी लगाई गई है. जिन लोगों के नाम अंतिम सूची में नहीं होंगे उनकी सुरक्षा की भी व्यवस्था की गई है. एनआरसी की फाइनल लिस्ट के प्रकाशन से पहले असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने लोगों से कहा कि वे घबराएं नहीं राज्य सरकार अपनी नागरिकता साबित करने में उन लोगों को मदद करने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी जो वास्तव में भारतीय हैं.

सोनोवाल ने इन लोगों को कानूनी सहायता मुहैया कराने का भी आश्वासन दिया. उन्होंने यह भी कहा कि शनिवार को प्रकाशित होने वाली एनआरसी की अंतिम सूची से यदि किसी का नाम बाहर रह जाता है, तो इसका यह अर्थ नहीं है कि वह विदेशी बन गया है. क्योंकि उचित कानूनी प्रक्रिया के बाद विदेशी न्यायाधिकरण (एफटी) ही इस संबंध में निर्णय ले सकता है. उन्होंने कहा, ‘किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. किसी को घबराने की जरूरत नहीं है. सरकार सभी का ध्यान रखेगी. अंतिम सूची से जिनका नाम बाहर रखा जाएगा, उन्हें भी अपनी नागरिकता साबित करने का पूरा अवसर मिलेगा.’ एनआरसी के असम प्रदेश समन्वयक प्रतीक हजेला को सोमवार को सत्तारूढ़ बीजेपी की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. दरअसल, भगवा पार्टी ने यह आशंका जताई है कि विदेशी नागरिक भी पंजीकरण में जगह पा लेंगे क्योंकि वह कथित तौर पर सिर्फ दो-तीन संगठनों के परामर्श से समीक्षा प्रक्रिया कर रहे हैं. 
मसौदा एनआरसी में जिन लोगों का नाम शामिल नहीं था लेकिन शनिवार को प्रकाशित होने वाली अंतिम एनआरसी सूची में उन्हें जगह मिल गयी है तो उनके आधार कार्ड जारी किये जाएंगे. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. एनआरसी अधिकारियों ने 30 जुलाई 2018 को प्रकाशित मसौदा एनआरसी में जगह नहीं बना पाए ऐसे 36 लाख लोगों का बायोमीट्रिक डाटा लिया है जिन्होंने भारतीय नागरिकता का दावा किया था. इस बायोमीट्रिक डाटा की वजह से आधार कार्ड बनाना संभव हो सकेगा. 



शिवपुरी जिले में आरटीआई फाइलों की दुर्दशा


[ संपादक करुणेश शर्मा की कलम से]
शिवपुरी शिवपुरी जिले में आरटीआई की फाइलें विभागों में धूल खा रही हैं मीडिया व आमजन समस्याओं को उठाने के लिए आरटीआई का सहारा लेते हैं जब किसी विभाग में आरटीआई के लिए आवेदन किया जाता है तो विभाग प्रमुख उसकी ओर बिल्कुल लापरवाही तरीके से व्यवहार करते हैं आरटीआई के तहत जानकारी इसलिए नहीं देते हैं जिससे उनके द्वारा किया गया भ्रष्टाचार उजागर होगा जिला पंचायत जनपद पंचायत शिवपुरी कोलारस एवं कई विभागों में आरटीआई की फाइलें धूल खा रही हैं इस ओर जिलाधीश महोदय से निवेदन है कि आरटीआई के आवेदनों पर गंभीर पूर्वक समय सीमा में विचार होना चाहिए इसी प्रकार 181 पर की जाने वाली शिकायतों के बारे में भी अधिकारी गंभीरता से ध्यान नहीं देते अक्सर आरटीआई कार्यकर्ताओं को हमने विभाग में चक्कर लगाते हुए देखा है यही कारण है कि आरटीआई के बहुत से प्रकरण सूचना आयोग भोपाल तक अपील में जाते देखे जा सकते हैं कलेक्टर महोदय से विनम्र निवेदन है कि आरटीआई के द्वारा मांगी गई जानकारियों को अधिकारी गंभीरता से लें व समय सीमा में जवाब दें तो काफी हद तक समस्याओं का समाधान हो सकता है विशेषकर कर जब मीडिया कर्मी आरटीआई के तहत जानकारी लेना चाहते हैं तो विभाग उन्हें भी समय सीमा में जानकारी नहीं देता इससे जनता में अच्छा मैसेज नहीं जा रहा है.

बाल संरक्षण अधिकारी महिला बाल विकास शिवपुरी की सरकारी यात्राएं चर्चा में.


[संपादक करुणेश शर्मा की कलम से]
शिवपुरी बाल संरक्षण अधिकारी महिला बाल विकास शिवपुरी की आजकल शहर में सरकारी यात्राएं चर्चा का विषय बनी हुई है सूत्रों के हवाले से खबर है कि बाल संरक्षण अधिकारी महोदय सरकारी वाहन से प्रतिदिन अपने घर ग्वालियर जाते हैं एवं उसी सरकारी वाहन से सुबह ड्यूटी पर आ जाते हैं सूत्रों ने यह खबर दी है कि टोल टैक्स के सीसीटीवी फुटेज कुछ लोगों के पास हैं ऐसी चर्चा शहर में है जिनसे यह साबित हो रहा है कि श्रीमान जी एक दिन अपने व्यक्तिगत वाहन से ग्वालियर जाते हैं एवं 1 दिन सरकारी वाहन का इस्तेमाल ग्वालियर जाने में करते हैं हेड क्वार्टर भगवान भरोसे छोड़कर श्रीमान ग्वालियर प्रतिदिन प्रस्थान कर जाते हैं.
वैसे भी शहर की आंगनबाड़ियों की स्थिति काफी दयनीय है आंगनवाड़ियों पर बच्चों के लिए वितरित किए जाने वाला मध्यान भोजन बहुत ही घटिया क्वालिटी का दिया जा रहा है जब हमने भोजन वितरण वालों से भोजन की क्वालिटी के बारे में पूछा तो उसने कहा कि जो भोजन दे रहे हैं हमें उसी प्रकार का भोजन देने के निर्देश हैं.
आंगनवाड़ी केंद्रों पर अगर चेकिंग की जाए तो दलिया व अन्य खाद्य सामग्री नदारद मिलेगी क्योंकि आंगनवाड़ियों की प्रदाय की जाने वाली खाद्यान्न सामग्री बाजार में औने पौने दाम पर बेची जा रही है सूत्रों के हवाले से खबर है कि उस से प्राप्त धन को बड़े अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाता है शासन द्वारा गरीब बच्चों को दिया जाने वाला पोषक आहार बाजार में ओने पौने दामों में बेचा जा रहा है यह सब कुछ महिला बाल विकास प्रमुख के नाक के नीचे हो रहा है और विभाग प्रमुख आंखें बंद किए बैठे हैं.

जम्मू-कश्मीरः कश्मीर में आतंकी संगठनों ने अपनाया नया पैंतरा; मस्जिदों से एलान, बाहरी को न दें मकान-दुकान

श्रीनगर, । श्रीनगर, नवीन नवाज। जिहादी और अलगाववादी एजेंडे को नाकाम होते देख हताश राष्ट्र विरोधी तत्वों ने अब वादी में गैर कश्मीरी नागरिकों के खिलाफ जहर उगलना शुरू कर दिया है। कई जगह मस्जिदों में किसी बाहरी व्यक्ति को मकान-दुकान किराए पर न देने का फरमान जारी किया गया है। कुछ आतंकी भी मस्जिदों में यह फरमान सुनाने पहुंचे हैं। इन फतवों से राज्य प्रशासन के लिए नई चुनौती पैदा हो गई है। वहीं, वादी में बचे हुए गैर कश्मीरी भी सहमे हुए हैं। 

एक अनुमान के अनुसार 5 अगस्त से पूर्व घाटी में देश के अन्य भागों से आए करीब साढ़े पांच लाख लोग काम कर रहे थे। इनमें से अधिकांश हलवाई, नाई, पलंबर, राज मिस्त्री, ठेलों में सब्जियां और अन्य सामान बेचने का धंधा करते थे। राज्य के पुनर्गठन के फैसले से पूर्व प्रशासन ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए इन लोगों को घाटी छोडऩे की नसीहत दी थी। इसके बाद अब वादी में एक हजार से भी कम बाहरी राज्यों के श्रमिक हैं। शेष केंद्र के कर्मचारी, सुरक्षाबल या फिर विभिन्न संस्थानों के कर्मी हैं।

आतंकियों ने दुष्प्रचार के लिए लगाए पोस्टर :

370 खत्म होने के बाद कई जगह बाहरी लोगों को कथित तौर पर धमकाने और मारपीट के मामले भी सामने आए। दुष्प्रचार किया जा रहा है कि बाहरी लोगों को बसाकर हमारी रिवायतों और मजहब को कमजोर करने की साजिश चल रही है। इसलिए कोई किसी बाहरी को मकान या दुकान किराये पर न दे, न ही किसी बाहरी को जमीन या मकान बेचेगा। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम और पुलवामा में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने इस तरह के पोस्टर लगाकर जहर फैलाने की साजिश रची है।

दिखने लगा दुष्प्रचार का असर :

इस दुष्प्रचार का कई स्थानों पर असर भी दिखा। श्रीनगर के बाहरी इलाके में रहने वाले एक युवक ने कहा कि हमने किसी से मारपीट नहीं की। लेकिन हमने यहां आए श्रमिकों को जाने के लिए कहा है। हम नहीं चाहते कि यहां हम लोगों की रिवायतों और मजहब को नुकसान हो। उत्तर प्रदेश में मेरठ के रहने वाले शफीक ने कहा कि मैं यह सोचकर रुक गया था कि जल्द हालात सुधर जाएंगे। लेकिन अब दुकान पर जाने से डरता हूं। मकान मालिक ने मुझे मकान खाली करने के लिए सीधे तौर पर नहीं कहा है, लेकिन तरह-तरह की बातें सुन परेशान हूं।

ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो :

पेशे से बिल्डर फिरोज अहमद फाफू ने कहा कि मुझे भी अपनी पहचान और संस्कृति प्यारी है लेकिन किसी को डराकर इसका संरक्षण नहीं हो सकता। ऐसे तत्व कश्मीर और कश्मीरियों को ही बदनाम कर रहे हैं। साथ ही हमारी अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचा रहे हैं। श्रमिकों के पलायन से विकास योजनाएं ठप हैं। सरकार को इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

मोहम्मद अकबर को मजाक महंगा पड़ा :

खनयार में दो दशक से हलवाई की दुकान चला रहा मोहम्मद अकबर ने केंद्र के फैसले के बाद मजाक में अपने पड़ोसी से कह दिया अब मुझे यहां से कोई नहीं निकाल सकता। बस यह बात फैली और कुछ ही देर में दुकान और मकान का मलिक आ पहुंचे। उसे 24 घंटे का समय देते हुए निकल जाने को कहा। इसके बाद उसे कश्मीर से 20 साल का नाता तोड़ बिजनौर लौटना पड़ा।

बसपोरा से इमाम को निकाला गया :

बसपोरा में एक मस्जिद में 32 साल इमाम रहे एक व्यक्ति ने कोई मजाक भी नहीं किया। लेकिन कुछ लड़के आए और उसे अपना बोरिया बिस्तर समेटने या फिर गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने को कहा। उसने इस्लाम का वास्ता दिया, लेकिन बात नहीं बनी और उसे परिजनों संग एक ट्रक में सामान लेकर भागना पड़ा।