कांग्रेस के नए मुखिया को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ‘हमने नहीं सोचा था कि राहुल गांधी…’

नई दिल्ली: हालात मुश्किल हैं, लेकिन पार्टी जल्द ही इससे उबर जाएगी, कांग्रेस को खुद को फिर से पुनर्जीवित और परिवर्तित करना होगा,  ये कहना था कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया का. उन्होंने कहा कि किसी ऐसी शख्सियत को कांग्रेस अध्यक्ष पद दिया जाना चाहिए जो पार्टी में नई ऊर्जा भर पार्टी को मजबूत कर सके और सबको खासतौर से देश के पार्टी कार्यकर्ता को साथ लेकर चल सके.

लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार भोपाल आए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्यप्रदेश विधानसभा में मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘हमने कभी नहीं सोचा था कि जिस राहुल गांधी जी ने केवल कांग्रेस का ही नहीं बल्कि देश के लोगों का नेतृत्व किया है, वे अपने पद को छोड़ देंगे.’ पार्टी अध्यक्ष के मुद्दे पर उन्होंने कहा “समय निकल चुका है, हम इसमें और समय नहीं लगा पाएंगे. पहले ही सात सप्ताह बीत चुके हैं, संयुक्त रूप से साथ मिलकर हमें करना है. ये समय नहीं है एक एक कांग्रेस जन को अपना एजेंडा चलाने का ये समय है एक साथ मिलकर संयुक्त निर्णय लेना का.”

गौरतलब है कि सिंधिया को AICC अध्यक्ष नियुक्त करने की मांग करने वाला एक पोस्टर हाल ही में भोपाल में मध्यप्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के बाहर लगाया गया था. लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर, सिंधिया ने कहा, “वर्तमान में पार्टी एक गंभीर स्थिति से गुजर रही है. लोगों का विश्वास जीतने के लिए  कांग्रेस को खुद को पुनर्जीवित और मजबूत करना होगा। मुझे लगता है कि वह क्षण आ गया है.”

उन्होंने कहा, ”मैंने कभी भी बैक फुट पर बल्लेबाजी नहीं की, बल्कि हमेशा फ्रंट फुट पर बल्लेबाजी की. जो परिणाम आए हैं वो सर माथे हैं, मैं कभी इस बात से परहेज़ नहीं कर सकता कि आप में भी कमी थी, कमी नहीं होती तो ये नतीजा क्यों आता. पहली जवाबदेही हमारी होनी चाहिये. जहां तक मेरा परिणाम है शायद नहीं ज़रूर कमी ज्योतिरादित्य सिंधिया की होगी, मुझे आत्मवालोकन करके कमियां ढूंढनी होगी.”

राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ”कांग्रेस के लिए ये बड़ा गंभीर समय है. हमने बहुत कोशिश की कि हम उन्हें मना पाए लेकिन वो कोई फैसला लेते हैं तो अडिग रहते हैं. इस बात का गर्व भी है हमें. लेकिन अब समय हो गया है. अब ऐसे शख्स को मौका दिया जाना चाहिए जो कांग्रेस में नई जान फूंक सके.”

कांग्रेस में ज़िम्मेदारी बुजुर्ग नेता को मिले या युवा इस मुद्दे पर सिंधिया ने कहा, “मैं मोदीजी नहीं हूं, देश की आबादी को पुराने और में विभाजित न करें युवा. जरूरत उम्र के बजाय व्यक्तिगत क्षमताओं पर ध्यान देने की है. लेकिन समय बीतने के साथ, परिवर्तन होने की जरूरत है. यहां तक ​​कि एक समय भी होगा, जब मुझे जाना होगा.”

कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के एक दर्जन से अधिक विधायकों के इस्तीफे और गोवा में 10 कांग्रेस विधायकों के पार्टी छोड़ने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी पीछे के दरवाजे से सत्ता में आना चाहती है. कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘जहां तक कर्नाटक की बात है, गोवा की बात है, ये कोई नई बात नहीं है. बीजेपी की सीधी सोच है कि जहां-जहां उन्हें सामने के दरवाजे से प्रवेश न मिले, वहां पीछे के दरवाजे से प्रवेश हो.” कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘बीजेपी का एक ही लक्ष्य है, ‘सरकार बनाओ, मौज करो’. बीजेपी को जनता से लेना-देना नहीं है.”

कांग्रेस नेता सिंधिया ने कहा कि बीजेपी पिछले छह महीने से मध्यप्रदेश की चुनी हुई सरकार को गिराने की कोशिश में है. उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक मध्यप्रदेश की बात है यह मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने जैसा ही होगा.” एमपी में पार्टी के विधायकों को बीजेपी की बात में नहीं आने के लिए पार्टी ने कोई मैसेज विधायकों को दिया है के सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘विधायकों को इंटरनल मैसेज देने की कोई जरूरत नहीं है. हमारे विधायकों को जनता ने चुना है और विधायक अपनी जवाबदेही अच्छी तरह से समझते हैं.” सिंधिया ने कहा, ”विधायक चाहे बीजेपी के हों या कांग्रेस के, मैं मानता हूं कि जो विधायक चुना जाता है वह परिपक्व है और अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह से समझता है.”

ब्यूरोक्रेसी हावी होने के सवाल उन्होंने कहा कि न मंत्री ऊपर, न ब्यूरोक्रेसी ऊपर, सबको टीम भावना से काम करना ही होगा, तभी सरकार सफल होगी. नौकरशाही और मंत्रियों को एक-दूसरे पर हावी होने की कोशिश करने के बजाय मिलकर काम करने की जरूरत है। नौकरशाही नए विचार दे सकती है और नया कर सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय मंत्रियों को लेना है. मुख्यमंत्री सहित कोई भी (नौकरशाही या मंत्री) किसी से भी ऊपर नहीं है, लेकिन टीम भावना के साथ काम करने की जरूरत है.”

कैबिनेट में सिंधिया गुटा के मंत्रियों के टकराव के सवाल पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ये हर परिवार में होता है. यह एक स्वस्थ्य परंपरा है. इससे प्रजातंत्र को कोई हानि नहीं है. प्रजातंत्र और मजबूत होगा. “हर व्यक्ति न्याय चाहता है, सम्मान चाहता है हर व्यक्ति चाहता है उसकी आवाज़ सुनी जाए. मैं तो मानता हूं ये स्वस्थ परंपरा है क्या आप ऐसे चाहोगे जैसे मोदीजी की सरकार है जहां कोई कुछ ना बोल पाए. हर व्यक्ति अपनी बात बोल पाए इसमें कोई कठिनाई नहीं है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप साथ नहीं हो. कांग्रेस साथ थी साथ है और साथ रहेगी.”

हालांकि विधानसभा में इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बीजेपी ने आंखें टेढ़ी कर ली हैं. प्रदेश प्रवक्ता राहु कोठारी ने मध्यप्रदेश विधानसभा के परिसर का राजनीतिक उपयोग करने पर सिंधिया के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही करने की मांग की है. कोठारी ने कहा लोकसभा में करारी शिकस्त के बाद मुंह छुपा कर घूम रहे कांग्रेस के नेता सिंधिया विधानसभा के सदस्य नहीं हैं. वह जिस तरह खुलेआम प्रेस कांफ्रेंस करके मध्यप्रदेश विधानसभा को अपने अस्तित्व बचाने का अखाड़ा बना रहे हैं वह ना केवल संवैधानिक मर्यादाओं का हनन है बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. आज की घटना से स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस पार्टी नियम एवं मर्यादाओं में विश्वास नहीं करती ,यदि इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा तत्काल कड़ी कार्यवाही नहीं कि गयी तो विधानसभा अध्यक्ष की संदेहास्पद भूमिका की  बारे में भी माननीय राज्यपाल महोदया को संज्ञान लेना चाहिए.

राजकुमार राव ने अपनी को-स्टार कंगना रनौत को लेकर कही ये बात

कंगना रनौत और जर्नलिस्ट विवाद काफी बढ़ गया है। कंगना और जर्नलिस्ट के बीच दरअसल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बहस हो गई थी जिसके बाद मीडिया के एक सेक्शन ने कंगना रनौत को बॉयकॉट करने को कहा। बता दें कि जब ये बहस हो रही थी तब राजकुमार राव भी साथ में थे। तो जब राजकुमार से इस बारे में बात की तो उन्होंने बॉलीवुड लाइफ से कहा, ये कंगना का नजरिया है। हम ऐसे देश में रहते हैं जहां मेरे ख्याल से हर किसी को अपना विचार रखने का हक है। मैं बस यही कह सकता हूं कि कंगना को और रावर मिले। कई सारे लोग हैं जो कंगना को उनकी ईमानदारी के लिए पसंद करते हैं।

राजकुमार ने आगे कहा, ‘कंगना निडर महीला हैं। उन्होंने अपने काम के जरिए कई लड़ियों को मोटिवेट किया है। कभी-कभी तो मैं सोचता हूं कि कैसे कंगना इतनी निडर हैं और हर मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखती हैं।’
कंगना ने माफी मांगने से किया मना, कहा- प्लीज मुझे बैन करो…

मामला बढ़ता देख एकता कपूर के प्रोडक्शन हाउस ने बालाजी टेलीफिलम्स ने सोशल मीडिया पर एक ऑफिशयल स्टेटमेंट जारी करके माफी मांगी, लेकिन कंगना ने माफी मांगने से मना कर दिया है।
दरअसल, कंगना की बहन रंगोली ने ट्विटर पर कंगना का वीडियो शेयर किया है जिसमें कंगना ने इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी है। 

क्या है मामला?

दरअसल, हाल ही में कंगना रनौत ने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘जजमेंटल है क्या’ के गाने ‘वखरा स्वैग’ की प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान एक पत्रकार के साथ उनकी बहस हो गई थी जो बाद में काफी बढ़ गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंगना ने पत्रकार से कहा, ‘तुम तो हमारे दुश्मन बन गए हो यार। बड़ी घटिया बातें लिख रहे हो।कितनी ज्यादा गंदी-गंदी बातें लिख रहे हो। इतना गंदा सोचते कैसे हो।’

पत्रकार द्वारा इस बात का विरोध करने पर कंगना ने कहा, ‘तुम्हारे लिए ऐसा करना ठीक है? तुमने कहा कि मैं जिंगोस्टिक महिला हूं, जिसने मणिकर्णिका बनाई है। क्या राष्ट्रवाद पर फिल्म बनाकर मैंने कोई गलती कर दी?’ इसके बाद कंगना रनौत की काफी निंदा शुरू हो गई और सोशल मीडिया पर इस बर्ताव के लिए कंगना से माफी की मांग होने लगी’।

कमलनाथ की डिनर डिप्लोमेसी, सीएम बोले हम तो दिल्ली की चर्चा कर रहे थे

भोपाल: गुरूवार रात सीएम कमलनाथ की लंच डीनर पार्टी में कांग्रेस ने अपनी ताकत दिखाई। डीनर पार्टी से पहले भोपाल पहुंचे सिंधिया ने समर्थक मंत्री तुलसी सिलावट के बंगले पर मुख्यमंत्री कमलनाथ से करीब 25 मिनट तक बंद कमरे में मीटिंग की । इससे पहले लंच में भी दोनों साथ बैठे और अकेले में बातचीत की। सरकार को समर्थन दे रहे बीसपी ,एसपी और निर्दलीय विधायक भी डिनर में हुए शामिल। इस डिनर में 90 विधायक और 27 मंत्री मौजूद थे, लेकिन दिग्विजय सिंह, अजय सिंह और पीसी शर्मा नजर नहीं आए। डिनर के बाद बाहर आये सभी नेताओं ने कहा कांग्रेस में सब एक साथ हैं, साथ थे और साथ रहेंगे।

सिंधिया का बयान
डिनर के बाद बाहर निकले पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए उनके नाम दौड़ में है या नहीं इस पर कहा कि न में किसी दौड़ में शामिल हूं, न मुझे किसी कुर्सी का मोह है, वर्तमान की परिस्थिति सही नहीं है, इतनी गंभीर संकट का समय कांग्रेस में कभी नहीं आया है। यह समय एक साथ होकर कांग्रेस को इस स्तिथि से उभारने का है और यह हमारा दायित्व है।  वहीं गोवा और कर्नाटक के सियासी संकट पर उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधा। सिंधिया ने कहा कि भाजपा ने स्पष्ट बता दिए हैं कि अगर जनता ने उन्हें सामने के दरबाजे से प्रवेश नहीं दिया तो पीछे के दरबाजे से राज्यों की सरकारें हड़पने की कोशिश करेगी। उन्हें विश्वास है जनता भी भाजपा की असलियत जल्द पहचान जाएगी।

सीएम बोले हम तो दिल्ली की चर्चा कर रहे थे, मेरा तो लंच भी था
मुख्यमंत्री ने डिनर के बाद कहा, इसमें किसी तरह की डिप्लोमेसी नहीं है, मेरा तो लंच भी था, डिनर की क्या बात है|  उन्होंने कहा कर्नाटक-गोवा में राजनीतिक संकट की तुलना मध्य प्रदेश से मत कीजिए, ​वहां अलग परिस्थिति है, मैं पहले भी डिनर पार्टी कर चुका हूं, दिल्ली में भी की थी। डिनर में क्या किया, इस सवाल पर कमलनाथ बोले, दिल्ली की चर्चा कर रहे थे>

शिक्षा विभाग की अतिशेष सूची में विकलांग कोटे में भारी अनियमितता

शिवपुरी शिक्षा विभाग द्वारा जारी अतिशेष सूची में विकलांग कोटे में भारी अनियमितता पाई गई हैं इसके साथ-साथ इस सूची में भारी अनियमितता व शिकायतें देखी जा रही है विकलांग कोटे में जो शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं उन्हें भी विकलांगता का लाभ देकर अतिशेष सूची से मुक्त कर दिया गया है विधानसभा चुनाव 2019 से पहले तत्कालीन कलेक्टर श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने सारे विकलांग कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण मेडिकल बोर्ड से करवाया था जिसमें कई विकलांग कर्मचारियों को स्वस्थ व 40% से कम विकलांग पाया था वह डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में यह कहा था कि यह ड्यूटी देने में पूर्ण सक्षम है ऐसे स्वस्थ कर्मचारियों की विधानसभा चुनाव 2019 में ड्यूटी लगाई गई थी इसके साथ-साथ उन्हें लोकसभा चुनाव में भी ड्यूटी पर लगाया गया है वह शारीरिक रूप से पूर्ण स्वस्थ होकर विकलांगता का लाभ उठा रहे हैं शिक्षा विभाग ने ऐसे नकली विकलांगों को लाभ देकर अतिशेष सूची से मुक्त कर दिया है उनके स्थान पर सीनियर शिक्षकों को अतिशेष दर्शा दिया गया है ऐसी शिकायतें देखने को मिल रही हैं कलेक्टर महोदय से निवेदन है कि विकलांग शिक्षकों की सूची अवश्य तलब कर कर जांच करें जिसमें तत्कालीन कलेक्टर श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने उन्हें काम के लिए पूर्णरूपेण फिट पाया था अधिकांश का कर्मचारी वर्ग विकलांगता का लाभ लेकर काम से किनारा करते देखे जा रहे हैं

कलेक्टर महोदया से अनुरोध है कि अतिशेष सूची की अनियमितताओं के साथ-साथ विकलांग कोटे की जांच करें करें तो कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर होंगे.

ट्यूशन पढ़ाते वक्त आए आइडिया से शुरू किया ये बिजनेस, 8 साल में कंपनी 39 हजार करोड़ पर पहुंची

फ्लिपकार्ट, पेटीएम और ओला के बाद बायजूस देश की चौथी सबसे कीमती निजी इंटरनेट कंपनी बन गई. पिछले एक साल में निवेश के हर दौर में कंपनी की वैल्यू बढ़ी है. आइए जानें रविंद्रन ने 8 साल में कैसे खड़ी की करोड़ों की कंपनी…

अगर कुछ करने की इच्छा है तो दुनिया में कोई भी आपको सफल होने से नहीं रोक सकता. ऐसी ही कहानी आईआईएम के एंट्रेंस टेस्‍ट में टॉप करने और फिर एडमिशन न लेकर दोस्तों और दूसरे छात्रों की मदद के लिए खुद को समर्पित करने वाले बायजू रविंद्रन की है. बायजू रविंद्रन ने खुद करोड़पति बनने की जगह दूसरों को करोड़पति बनाने की ठानी, लेकिन उनकी मेहनत और दृढ़ निश्चय ने उन्‍हें आज अरबपति बना दिया है. उनकी कंपनी की मार्केट वैल्यू महज 8 साल में 39,900 करोड़ रुपये हो गई है. वहीं,  फ्लिपकार्ट, पेटीएम और ओला के बाद बायजूज देश की चौथी सबसे कीमती निजी इंटरनेट कंपनी बन गई.

आइए जानें रविंद्रन ने कैसे खड़ी करोड़ों की कंपनी…

ट्यूशन पढ़ाते वक्त आए आइडिया से शुरू की कंपनी- टीचिंग में आने का आइडिया रविंद्रन का अपना नहीं था. इस आइडिया के पीछे वहीं फ्रेंड और स्‍टूडेंट्स थे, जिन्‍हें उन्‍होंने शुरुआत में पढ़ाना शुरू किया था. शुरुआती आठ सदस्‍यों की टीम ने ही इस बड़े ब्रांड की नींव डाली थी.

ए?शिया की highest-valued tech company- Tencent ने पिछले साल जुलाई में ही बायजूस की वैल्‍यूएशन करीब 26 हजार करोड़ रुपये आंकी थी. ऐसे में इस समय यह कंपनी संभव है कि उससे अधिक की  है.
बायजू रविंद्रन जिन्होंने 8 साल में खड़ी की 40 हजार करोड़ की कंपनी

 इंजीनियर होने के कारण गणित के प्रति बायजू में स्‍वाभाविक दिलचस्पी थी. इस विषय की विशेषज्ञता ने उन्‍हें छात्रों के बीच जल्‍द लोकप्रिय बना दिया. इस तरह उन्‍हें अपनी मजबूती का अहसास हुआ और फिर इसको उन्‍होंने और उभारने की सफल कोशिश की.

यहीं कारण है कि उनकी कंपनी में मार्केटिंग मामलों के वाइस प्रेसिडेंट अर्जुन मोहन जैसे उनके कई छात्रों ने आईआईएम की पढ़ाई छोड़कर उनका यह स्‍टार्टअप ज्‍वाइन किया. उनकी पत्‍नी और कंपनी की डायरेक्‍टर दिव्‍या गोकुलनाथ भी गणित और बायोलॉजी पढ़ाती हैं. उनकी मुलाकात भी टीचिंग के दौरान ही हुई थी.
39 हजार करोड़ की हुई कंपनी- एजुकेशन टेक्नॉलजी कंपनी बायजूस ने कतर सरकार के फंड की मदद से 15 करोड़ डॉलर का फंड जुटाया है. निवेश के इस दौर में सैन फ्रांसिस्को की आउल वेंचर्स भी शामिल हुई.

बायजूस की ऐप का विज्ञापन एक्टर शाहरुख़ ख़ान करते हैं

>> इस सौदे में कंपनी की कीमत 5.7 अरब डॉलर (39,900 करोड़ रुपये) हो गई. इससे फ्लिपकार्ट, पेटीएम और ओला के बाद बायजूस देश की चौथी सबसे कीमती निजी इंटरनेट कंपनी बन गई. पिछले एक साल में निवेश के हर दौर में कंपनी की वैल्यू बढ़ी है.

गांव के स्‍कूल में पढ़ाई करने वाले बायजू रविंद्रन ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनका यह स्‍टार्टअप इतना बड़ा हो जाएगा कि बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान उसके लिए विज्ञापन करेंगे. लेकिन यह सब चंद वर्षों में ही संभव हो गया.

ऑनलाइन ट्यूशन से करते हैं करोड़ों की कमाई- उनकी कंपनी का नाम भी उनके नाम पर ही रखा गया. बायजू की ऑनलाइन कोचिंग कंपनी के जरिये सालाना कमाई 260 करोड़ रुपये हो चुकी है. बायजूस अब टीवी और डिजिटल माध्‍यम के जरिये जोरदार तरीके से अपना विज्ञापन कर रही है और इस अभियान की अगुआई शाहरुख खान कर रहे हैं.अगले 3 साल में कंपनी ने अपने रेवेन्यू का लक्ष्‍य 260 करोड़ से बढ़ाकर 3250 करोड़ करने का रखा है.

सिर्फ 2 लाख रुपये से हुई थी बायजूस की शुरुआत

ऐसे शुरू हुई कंपनी- बायजू ने अपनी इंजीनियरिंग पूरी करके शुरुआत में एक शिपिंग कंपनी में नौकरी शुरू की थी. उसी दौरान उनके कुछ दोस्तों को एमबीए की परीक्षा देनी थी. इस तैयारी के लिए उन्‍होंने बायजू की मदद मांगी. बायजू ने परीक्षा की तैयारी में मदद करने की सोची और इस तरह उनकी टीचिंग शुरू हुई. बेहतर रिजल्ट ने उनके लिए सफलता के द्वार खोल दिए.

14 हजार करोड़ का घाटा जमीन बेचकर पूरा करेगी बीएसएनएल



घाटे में चल रही सरकारी टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल ने जमीन बेचने की तैयारी शुरू कर दी है. इस संबंध में बीएसएनएल ने सर्कलों को पत्र भेज कर राय मांगी थी.

सरकारी टेलिकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) देशभर में जमीन बेचकर 20 हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है. इसके लिए कंपनी ने देशभर में फैले जमीनों को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. बीएसएनएल की ओर से यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब कंपनी लगातार घाटे में चल रही है. बता दें कि बीएसएनएल का घाटा 2018-19 में बढ़कर 14,202 करोड़ रुपये होने का अनुमान है. ऐसे में इस बात की उम्‍मीद की जा रही है कि कंपनी अपने इस घाटे को खत्‍म कर देगी.

न्‍यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक बीएसएनएल के कॉरपोरेट कार्यालय की ओर से जमीनों की एक सूची जारी की गई है. जिन जमीनों की बिक्री होनी है उनमें मुंबई, कोलकाता, गाजियाबाद और जबलपुर स्थित बीएसएनएल की फैक्‍ट्रियां, वायरलेस स्टेशन और अन्य दफ्तर के अलावा कर्मचारी आवास कॉलोनियां शामिल हैं. इन जमीनों की बिक्री निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) के जरिए होगी.

रिपोर्ट के मुताबिक बिक्री के संबंध में बीएसएनएल के कॉरपोरेट कार्यालय ने अपने सर्कलों को पत्र भेज कर राय मांगी थी. पत्र में बताया गया था कि देशभर में फैले जमीन और आधे-अधूरे भवनों और फैक्‍ट्रियों का क्षेत्रफल 32.77 लाख वर्गमीटर है और बचे हुए जमीन का क्षेत्रफल 31.97 लाख वर्गमीटर है. एक अप्रैल 2015 को बचे हुए जमीन का मूल्य 17,397 करोड़ रुपये था और वर्तमान अनुमानित मूल्य 20,296 करोड़ रुपये है.

14 हजार करोड़ के घाटे का अनुमान

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा लोकसभा में दिए गए एक लिखित जवाब की मानें तो बीएसएनएल को वित्त वर्ष 2018-19 में 14,000 करोड़ रुपये का घाटा होने का अनुमान है. बीएसएनएल का अस्थायी घाटा 2015-16 में 4,859 करोड़ रुपये था. वहीं साल 2016-17 में 4,793 करोड़ रुपये और 2017-18 में 7,993 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. वहीं इसका रेवेन्‍यू करीब 19,308 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. इसके अलावा बीएसएनएल अपने कर्मचारियों की सैलरी पर कुल खर्च का 75 फीसदी खर्च करती है. बीएसएनएल का कुल खर्च 1 लाख 44 हजार 888 करोड़ रुपये है.

सुप़ीम कोर्ट ने आसाराम की जमानत याचिका को खारिज किया

याचिका

नाबालिग से रेप मामले में जेल में बंद आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की आसाराम बापू की जमानत याचिका

नाबालिग से रेप मामले में जेल में बंद आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है.

एयर कनाडा की सिडनी जा रही फ्लाइट को घातक झटके, 35 लोग घायल



विमान में 284 लोग सवार थे, वैंकूवर से सिडनी की थी हवाई यात्रामेडिकल स्टाफ ने होनोलुलु के हवाई अड्डे पर घायलों की जांच की

वाशिंगटन।एयर कनाडा की उड़ान के दौरान अचानक एक खतरनाक झटके (Turbulence) ने 35 लोगों को घायल कर दिया। विमान में 284 लोग सवार थे। गुरुवार को विमान वैंकूवर से सिडनी की यात्रा कर रहा था लेकिन उसे हवाई मार्ग से मोड़ना पड़ा। मेडिकल स्टाफ ने होनोलुलु के हवाई अड्डे पर उतरने के बाद घायलों की जांच की। एयरलाइन ने कहा कि बोइंग 777-200 जेट को खतरनाक झटका लगा। इस दौरान कई यात्री चोटिल हो गए।

फ्लाइट में सवार एक यात्री जेस स्मिथ ने बताया कि उन्हें अचानक एक झटका महसूस किया। सभी छत से जाकर टकरा गए और सब कुछ नीचे गिर गया। कुछ लोग अपनी सीट से उड़कर दूर जाकर गिरे। एक अन्य यात्री ने बताया कि कुछ लोग उन्हें हवा में उड़ते हुए दिखाई दिए। कई लोगों के सिर प्लेन की छत से जा टकराए।

अमरीकी संघीय विमानन प्रशासन के प्रवक्ता इयान ग्रेगर के अनुसार टब्र्यूलेंस होनोलूलू के लगभग 966 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में जमीन से 10,973 मीटर (36,000 फीट) ऊपर हुआ। एयर कनाडा ने कहा कि सिडनी की विमान सेवा शुक्रवार को बहाल हो सकती है।

क्यों लगता है झटका

दरअसल हवा में उड़ान के दौरान बादलों में कुछ ऐसे बिंदु होते हैं जहां पर विमान को झटका लगता है। यह तब होता है जब विभिन्न गति से चलने वाली हवा में द्रव्यमान मिल जाता है। इसे आंखों या पारंपरिक रडार के माध्यम से नहीं देखा जा सकता है। पायलट इस पैच को ट्रैक करने के लिए ट्रैफिक कंट्रोल का इस्तेमाल करते हैं। विमानों की रिपार्ट के अधार पर इसका पता लगाया जा सकता है।