ट्रेनों में सुनाई नहीं देगी चाय-चाय की आवाज, यात्रियों को सुखद होगा यह बड़ा बदलाव

मुरादाबाद। सुबह होते ही ट्रेन में चाय-चाय की आवाज सुनाई नहीं देगी, बल्कि वेंडर गुड मॉर्निग, बेड-टी की आवाज से आपको उठाएंगे और बताएंगे कि अब कौन सा स्टेशन आने वाला है या कितनी देरी से ट्रेन चल रही है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आइआरसीटीसी) ट्रेनों में काम करने वाले वेंडरों को इसके लिए विशेष प्रशिक्षण देने जा रहा है। 

वेंडर ट्रेन कितने घंटे लेट चल रही है, इसकी भी जानकारी देंगे। राजधानी व शताब्दी जैसी ट्रेनों में यह बिना मांगे सुविधा उपलब्ध होगी। अन्य ट्रेनों में पेंट्रीकार के वेंडर को पहले बताना पड़ेगा कि चाय-नाश्ता, खाना कब चाहिए। वेंडर उसके आधार पर खाना आदि उपलब्ध कराएगा और सुबह गुड मॉर्निग कर बेड-टी उपलब्ध कराएगा।

आइआरसीटीसी ने पहले चरण में राजधानी व शताब्दी एक्सप्रेस के वेंडर को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है। दूसरे चरण में मेल एक्सप्रेस के वेंडरों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें वेंडरों को यात्रियों के साथ व्यवहार करने, साफ ड्रेस पहने, यात्री को सही सूचना देने, बुजुर्ग यात्रियों की सहायता करना शामिल है। साथ में वेज व नानवेज खाने को अलग रखना और अलग परोसे की जानकारी दी जाएगी।

स्टेशन के वेंडर को रेल प्रशासन देगा ट्रेनिंग
रेलवे स्टेशनों पर तैनात वेंडरों को यात्रियों के साथ कैसा व्यवहार करें, खाना कैसे परोसें, खाने की शुद्धता कैसे बनाए रखें, इसकी ट्रेनिंग मंडल रेल प्रशासन की ओर से दी जाएगी। मुरादाबाद रेल मंडल में एक अगस्त को वेंडरों को ट्रेनिंग दी जाएगी। आइआरसीटीसी के जन संपर्क अधिकारी सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि ट्रेनों में खाना किस तरह उपलब्ध कराने के साथ वेंडरों को यात्रियों के साथ अच्छा व्यवहार करने की ट्रेनिंग दी जाएगी।

चंद्रयान-2 भेजने वाले इसरो के वैज्ञानिकों की काटी जा रही है तनख्वाह, सरकार को लिखी चिट्ठी

भारत के अंतरिक्ष अभियान में लंबी छलांग लगाने वाले चंद्रयान-2 मिशन के वैज्ञानिकों की तनख्वाह में कटौती का मामला सुर्खियों में आ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य मोतीलाल वोरा ने मंगलवार को राज्यसभा में इसरो के वैज्ञानिकों के वेतन काटने का मामला उठाया। 

वोरा ने कहा कि जब पूरा देश चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों को सफलता पर बधाई दे रहा है, ऐसे में भारत सरकार उनके वेतन में कटौती कर रही है। 

बता दें कि वैज्ञानिकों के लिए दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि की इजाजत राष्ट्रपति ने दी थी। सरकार की सैद्धांतिक तौर पर कोशिश रहती है कि वैज्ञानिकों को बेहतर वेतनमान दिया जा सके ताकि युवा टैलेंट्स को विज्ञान शोध के क्षेत्र में आने के लिए प्रोतसाहन मिले।

मोतीलाल वोरा ने राज्यसभा में कहा कि अतिरिक्त वेतन वृद्धि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 1996 में अंतरिक्ष विभाग ने लागू किया था। आदेश के मुताबिक इस वेतन वृद्धि को स्पष्ट तौर पर ‘तनख्वाह’ माना जाना था। 

उल्लेखनीय है कि चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से देश के सबसे ताकतवर बाहुबली रॉकेट जीएसएलवी एमके-3 एम1 के जरिए प्रक्षेपित किया गया था।  

इससे पहले केंद्र सरकार ने 12 जून 2019 को जारी एक आदेश में कहा कि वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को साल 1996 से मिल रही दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि को रोका जा रहा है। सरकार ने यह उस वक्त किया जब इसरो के वैज्ञानिक अंतरिक्ष में भारत की लंबी छलांग लगाने के लिए दिन-रात एक कर रहे थे। आज पूरा देश जिनके दम पर फख्र से सर ऊंचा कर रहा है और प्रधानमंत्री देशवासियों को बधाई दे रहे हैं, उन्हीं वैज्ञानिकों को आर्थिक रूप से चपत लगाई गई।

वैज्ञानिकों के संगठन स्पेस इंजीनियर्स एसोसिएशन (एसईए) ने इसरो के चेयरमैन डॉ. के सिवन को पत्र लिखकर वेतन कटौती को रोकने के लिए केंद्र सरकार के आदेश को रद्द करने में सहायता करें। एसईए के अध्यक्ष ए मणिरमन ने इसरो चेयरमैन को लिखे पत्र में कहा था कि सरकारी कर्मचारी के वेतन में किसी भी तरह की कटौती तब तक नहीं की जा सकती, जब तक बेहद गंभीर स्थिति न खड़ी हो जाए। वेतन में कटौती होने से वैज्ञानिकों के उत्साह में कमी आएगी। इसरो के वैज्ञानिक सरकार के इस कदम से बेहद हैरत में हैं और दुखी हैं। 

कवायद / भोपाल और इंदौर के साथ ग्वालियर भी घोषित होगा मेट्रोपॉलिटन एरिया

भोपाल/ग्वालियर.मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ग्वालियर को मेट्रोपॉलिटन एरिया घोषित करने की प्रारंभिक स्वीकृति दे दी। अब प्रदेश में भोपाल और इंदौर के साथ ग्वालियर भी मेट्रोपॉलिटन सिटी बनेगी। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस पर ट्वीट करमुख्यमंत्री कमलनाथ का आभार जताया है। कमलनाथ ने इस ट्वीट को रिट्वीट भी किया। तीन दिन पहले सिंधिया ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भोपाल और इंदौर के साथ ग्वालियर को भी मेट्रोपॉलिटन एरिया बनाने की मांग की थी।

सोमवार को मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर और इमरती देवी समेत ग्वालियर-चंबल अंचल के एक दर्जन विधायकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। इन्होंने ग्वालियर को मेट्रोपॉलिटन रीजन घोषित करने के संबंध में चर्चा की। उन्होंने मेट्रोपॉलिटन एरिया में भिंड, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर और श्योपुर जिले को शामिल करने की मांग की थी।

कलेक्टर ने प्रस्ताव बनाने की जिम्मेदारी सौंपी :मेट्रोपोलिटन सिटी घोषित कराने के लिए कलेक्टर अनुराग चौधरी ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को एक सप्ताह में प्रस्ताव का प्रारूप तैयार करने को कहा है। साथ ही, संबंधित विभागों से भी सहयोग मांगाहै। उनका कहना है कि किस क्षेत्र में क्या उपलब्ध है और क्या जरूरत है, इसकी जानकारी आने के बाद ही प्रारूप को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी तकनीकी एजेंसियों को दी जाएगी।

काउंटर मैग्नेट सिटी: मंत्रियों का कहना था कि ग्वालियर को पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय माधवराव सिंधिया ने काउंटर मैग्नेट सिटी घोषित कराया था। योजना में क्षेत्र का विस्तार करते हुए मुरैना और भिंड के कुछ क्षेत्रों को भी शामिल कर लिया गया है।लोकल ट्रेन: जनप्रतिनिधियों का कहना था कि प्रदेश के अन्य महानगरों में अब लोकल ट्रेन का प्लान तैयार किया जा रहा है, जबकि ग्वालियर में आजादी से पहले भी लोकल ट्रेन चला करती थी। इसका ट्रैक आज भी शहर के कई हिस्सों में बिछा है।औद्योगिक क्षेत्र: जेसी मिल्स, ग्रेसिम और सिमको जैसे बड़े उद्योगों के लिए पहचान रखने वाले ग्वालियर में आसपास मालनपुर, बामौर और सीतापुर जैसे औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां बड़े उद्योग लगाए जा सकते हैं।

ट्रैफिक: दिल्ली से नजदीक होने के कारण बड़ी संख्या में ट्रेनों की सुविधा के साथ-साथ हवाई सेवा का भी विस्तार हो रहा है। सिविल एयरपोर्ट के लिए भी लंबे समय से प्रयास चल रहे हैं। स्मार्टसिटी योजना के तहत सिटी बस सेवा भी शुरू कर दी गई है।

जौहर विश्वविद्यालय में छापा, चोरी की दो हजार किताबें बरामद

सपा सांसद मोहम्मद आजम खां की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में छापा मार कर विश्वविद्यालय की मुमताज सेंट्रल लाइब्रेरी से चोरी की  लगभग दो हजार बेशकीमती किताबें और पांडुलिपियां बरामद कीं। कुछ एंटीक फर्नीचर भी बरामद हुआ है। कार्रवाई का विरोध करने पर पुलिस ने एक महिला समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है।
रामपुर में रियासत कालीन मदरसा आलिया का एक हिस्सा सपा शासनकाल में जौहर ट्रस्ट को लीज पर दिया गया था। इस जमीन पर आजम खां ने रामपुर पब्लिक स्कूल खोल लिया। पिछले दिनों तंजीम अवाम-ए-अहले सुन्नत के सदर मौलाना मोहब्बे अली नईमी और मोहम्मद हुसैन साबरी ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि मदरसा आलिया में बेशकीमती किताबों का खजाना था, जहां से किताबें चोरी की गई हैं। आरोप लगाया था कि ये किताबें जौहर विश्वविद्यालय  भेजी गई हैं। डीएम ने मामले की जांच करायी, जिसमें रिकार्ड का मिलान हुआ तो नौ हजार किताबें चोरी होने की पुष्टि हुई। ये किताबें सौ-डेढ़ सौ साल से अधिक पुरानी हैं। शिकायत पर डीएम के निर्देश पर 16 जून को मदरसा आलिया के प्रधानाचार्य जुबैद खां की ओर से किताबें चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज करायी गई।

शक के आधार पर मंगलवार की अपराह्न एक बजे पुलिस टीम ने एसपी डा. अजय पाल शर्मा के नेतृत्व में जौहर विवि में छापा मारा। पुलिस टीम सीधे मुमताज सेंट्रल लाइब्ररी में पहुंची और अंदर से गेट बंद कर करीब पांच घंटे छानबीन की। इस बीच बाहर विरोध करने पर पुलिस ने एक महिला, लाइब्रेरी में तैनात दो कर्मचारी व एक अन्य को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई में मदरसा आलिया से चोरी हुई करीब दो सौ हजार किताबें और कुछ फर्नीचर बरामद किया गया है।

पुलिस अधीक्षक डा. अजय पाल शर्मा का कहना है कि मदरसा आलिया के प्रधानाचार्य की ओर से किताबें चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। शक के आधार पर जौहर विवि में छापा मारा गया। इस दौरान मुमताज सेंट्रल लाइब्रेरी से चोरी की करीब दो हजार किताबें बरामद हुई हैं। काम में बाधा डालने पर चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। 

वहीं विधायक एवं सीईओ जौहर यूनिवर्सिटी अब्दुल्ला आजम का कहना है कि पुलिस प्रशासन से जितना जुल्म किया जाए, उतना कर ले। हमें ऊपर वाले पर भरोसा है। पुलिस फर्नीचर और कलकत्ता से खरीदी गई एंटिक अलमारी भी ले गई। किताबें यूनिवर्सिटी को दान में मिली थीं। पुलिस को किताबों की कोई जानकारी नहीं है। उसे जो मिला, उसे भरकर ले गई।

मप्र / ग्वालियर एयरपोर्ट पर यात्री के पर्स से मिला कारतूस, बोला- ये लकी है

ग्वालियर। एयरपोर्ट पर चेकिंग के दौरान एक यात्री के पर्स से कारतूस मिला। जब यात्री को सीआईएसएफ के जवानों ने पकड़ लिया तो वह बोलने लगा- कारतूस मेरे लिए लकी है, इसलिए पर्स में रखता हूं। बाद में एयरपोर्ट प्रबंधन की तरफ से महाराजपुरा थाना पुलिस को सूचना दी गई और उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उस पर आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यात्री ग्वालियर से जम्मू जा रहा था।

सोमवार दोपहर में ग्वालियर से जम्मू जाने वाली फ्लाइट के यात्री सिविल एयरपोर्ट के गेट से प्रवेश कर रहे थे। गेट पर ही डीएफएमडी (डोर फ्रेम मैटल डिटेक्टर) और हैंड मेटर डिटेक्टर के साथ लगेज स्कैनर से चेकिंग होती है। यहां सीआईएसएफ के जवान तैनात रहते हैं। इसी दौरान हेमसिंह की परेड का रहने वाला सूर्यांश (21) पुत्र मदन मोहन मिश्रा अंदर जाने लगा। डीएफएमडी से जैसे ही गुजरा तो मशीन का सिग्नल रेड हो गया।

उसे रोककर चेकिंग की गई तो उसने पर्स से निकालकर कारतूस नीचे गिरा दिया। जवानों ने इसे देख लिया और सूर्यांश को हिरासत में लेकर पुलिस को सूचना दी। सीएसपी महाराजपुरा रवि भदौरिया एयरपोर्ट पहुंचे और यात्री से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह जम्मू में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। उसे 3 साल पहले किले पर कारतूस मिला था। तभी से वह उसे पर्स में रखने लगा। उसे ज्योतिष ने बताया था कि कारतूस पर्स में रखने से तरक्की होगी।

Triple Talaq Bill पास होने के बाद पीएम मोदी ने किया Tweet, लिखी यह बात…

नई दिल्ली: तीन तलाक बिल (Triple Talaq Bill) लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पास हो गया है. राज्यसभा में वोटिंग के दौरान बिल के समर्थन में 99, जबकि विरोध में 84 वोट पड़े. बिल पास होने के बाद पीएम मोदी (PM Modi) ने ट्वीट कर सभी सांसदों का आभार जताया है. पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘पूरे देश के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है. आज करोड़ों मुस्लिम माताओं-बहनों की जीत हुई है और उन्हें सम्मान से जीने का हक मिला है. सदियों से तीन तलाक की कुप्रथा से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को आज न्याय मिला है. इस ऐतिहासिक मौके पर मैं सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं.

उन्होंने अपने अलगे ट्वीट में लिखा, तीन तलाक बिल का पास होना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है. तुष्टिकरण के नाम पर देश की करोड़ों माताओं-बहनों को उनके अधिकार से वंचित रखने का पाप किया गया. मुझे इस बात का गर्व है कि मुस्लिम महिलाओं को उनका हक देने का गौरव हमारी सरकार को प्राप्त हुआ है.

वहीं, राज्यसभा से तीन तलाक बिल पास होने के बाद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज एक ऐतिहासिक दिन है. दोनों सदनों ने मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिया है. यह एक उन्नतिशील भारत की शुरुआत है.

उधर, तीन तलाक बिल पास होने के बाद कांग्रेस ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है. कांग्रेस नेता राज बब्बर ने कहा कि मैं समझता हूं कि इस देश के अंदर किसी भी फैमिली लॉ को लेकर एक बहुत बड़ा झटका है. उन्होंने कहा कि सिविल लॉ को क्रिमिनल लॉ बनाया गया है. यह एक ऐतिहासिक भूल है.

CCD संस्‍थापक वीजी सिद्धार्थ की तलाश कर रही टीम को मिला शव, पहचान होना बाकी

मेंगलुरु 
सोमवार से लापता सीसीडी के मालिक वीजी सिद्धार्थ की तलाश कर रही टीम को एक शव मिला है। आशंका जताई जा रही है कि यह शव वीजी सिद्धार्थ का ही है। पुलिस को यह शव होयगे बाजार के नजदीक मुलिहितलु द्वीप के पास से मिला है। हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मंगलुरु पुलिस कमिश्नर संदीप पाटिल ने बताया कि उन्हें आज सुबह ही एक शव मिला है। अभी इसकी पहचान होना बाकी है। हमने वीजी सिद्धार्थ के परिजनों को इसकी सूचना दे दी है। सिद्धार्थ की तलाश के लिए पुलिसकर्मी, तटरक्षक बल, गोताखोर और मछुआरे सहित लगभग 200 लोग लगाए गए थे। 

इससे पहले सिद्धार्थ (60) के कार चालक बसवराज पाटिल ने मेंगलुरु में एक पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया कि उनके मालिक पुल से लापता हो गए थे, जहां वह कार से उतरे थे और कुछ देर टहलना चाहते थे। चालक द्वारा दर्ज मामले के अनुसार,‘सिद्धार्थ नेथरवती नदी के पुल पर कार से उतर गए और यह कहकर कि वह थोड़ी देर सैर करना चाहते हैं, उसे पुल के दूसरे छोर पर इंतजार करने के लिए बोलकर चले गए, लेकिन एक घंटे बाद भी नहीं लौटे।’ 

कंपनी पर चढ़े कर्ज को चुकाना चाह रहे थे 
पुलिस को शक है कि सिद्धार्थ बहती नदी में कूद गए होंगे तभी ड्राइवर को वहां नहीं मिले। सिद्धार्थ बीजेपी के वरिष्ठ नेता और यूपीए-2 सरकार में विदेश मंत्री (2009-2012) रह चुके एस. एम. कृष्णा के सबसे बड़े दामाद हैं। कृष्णा 1999 से 2004 के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। सिद्धार्थ ने 18 मार्च को 10 रुपये की फेस वैल्यू पर 980 रुपये प्रति शेयर की दर से शहर में सॉफ्टवेयर कंपनी माइंडट्री लिमिटेड में अपने कुल 20 प्रतिशत शेयर मुंबई की कंपनी लार्सन एंड टॉब्रो (एल ऐंड टी) को 3,300 करोड़ रुपये में बेच दिए थे। वह अपनी कंपनी पर चढ़े कर्ज को चुकाना चाह रहे थे। 

वीजी सिद्धार्थ के लापता होने के बाद उनका एक पत्र सामने आया था। तीन दिन पहले लिखे गए इस खत में सिद्धार्थ ने अपनी परेशानियों का जिक्र किया है। पत्र में कंपनी को हो रहे नुकसान और भारी कर्ज की बात की गई है। इसके अलावा आयकर विभाग के एक पूर्व डीजी के दबाव की भी चर्चा है। सिद्धार्थ के लापता होने के बाद यह लेटर सामने आया है जो 27 जुलाई को लिखा गया है। इसमें उन्होंने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर और सीसीडी (Cafe Coffee Day) परिवार से कहा है कि 37 साल बाद वह अपनी तमाम कोशिशों के बाद भी एक सही और फायदे वाला बिजनस मॉडल नहीं तैयार कर सके हैं। 

शिवपुरी शहर नशे के कारोबार की जकड़ में इस बारे में

https://youtu.be/dfmeUGWePa8

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हमने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता धैर्य वर्धन शर्मा की न्यूज़ लाइट के प्रवक्ता कर्णेश शर्मा की मुलाकात

शिवपुरी जिला नशे के कारोबार की जकड़ में

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शिवपुरी जिला नशे के कारोबार की जकड़ में इस बारे में हमने भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान से द न्यूज़ लाइव के संवाददाता कर्णेश शर्मा की मूलाकात