सोशल मीडिया फाउंडेशन का सदस्यता अभियान 1 जुलाई से आरंभ…..

भोपाल…डिजिटल मीडिया- वेब न्यूज़ पोर्टल, यूट्यूब चैनल के पत्रकारों का राष्ट्रीय संगठन सोशल मीडिया फाउंडेशन (रजिस्टर्ड) का सदस्यता अभियान 1 जुलाई से आरंभ होगा.
राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराम शर्मा के जारी प्रेस नोट के अनुसार देश का पहला शासन द्वारा पंजीकृत सोशल मीडिया फाउंडेशन डिजिटल मीडिया में कार्यरत वेब न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल के संपादकों पत्रकारों का संगठन है .विगत वर्ष इस फाउंडेशन का गठन किया गया. इसके उपरांत शासन द्वारा पंजीकृत कराया गया, और इसके बाद फाउंडेशन ने अपनी सक्रियता से पत्रकारों की बैठकों का आयोजन किया, और देश भर में संगठन का विस्तार किया ,साथ ही हमारे मध्य प्रदेश में भी 8 जिलों में फाउंडेशन का विस्तार किया गया ,अभी तक मध्य प्रदेश में 1007 सदस्यों ने सदस्यता ग्रहण की है ,तथा 8 जिलों में इकाइयों का भी गठन किया गया है. फाउंडेशन की वेबसाइट www.socalmediafoundation.co.inपर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है .
जारी प्रेस नोट में संयुक्त सचिव एवं सदस्यता प्रभारी अशोक जैन के अनुसार मध्य प्रदेश में 1 जुलाई से सदस्यता अभियान प्रारंभ किया जा रहा है .सदस्यों को नियुक्तियां प्रदान भी की जाना आरंभ की गई हैं. प्रदेश, संभाग ,जिला ,की ईकाईयो मे पदाधिकारियों की नियुक्तियां भी इसी के साथ की जाना है .सदस्य बनने के लिए नाम, पता, मोबाइल नंबर s.m.s. के माध्यम से किए जा सकते हैं ,मोबाइल नंबर 9300011630 पर करना होगा .इसके उपरांत फाउंडेशन के कार्यालय प्रभारी संपर्क करेंगे ,सदस्यता प्रदान करेंगे और सदस्यों को नियुक्ति पत्र के साथ एक सुंदर आई डी कार्ड यानि कि परिचय -पत्र प्रदान किया जाएगा .
फाउंडेशन के कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रचार प्रभारी गजेंद्र वर्मा के अनुसार फाउंडेशन के सदस्यों की एकजुटता से शासन-प्रशासन के विज्ञापन ,विज्ञापन एजेंसियों के विज्ञापन सहित पाठकों व दर्शकों की संख्या में बढ़ोतरी से गूगल ऐड सेल से भी विज्ञापन से लाभ होगा तथा समाचारों ,आलेखों के प्रकाशन ,प्रसारण से भी लाभ प्राप्त होगा .सदस्यों को शासन के नियमानुसार अधिमान्यता प्रदान करने के लिए भी फाउंडेशन पहल करेगा . प्रशिक्षण कार्यशाला ,सम्मेलनों तथा आंदोलनों में भी सदस्यों की सहभागिता होगी.
जारी प्रेस नोट मे समस्त वेब न्यूज पोर्टल, यूट्यूब चैनल के पत्रकारों से फाउन्डेशन की सदस्यता लेने का अनुरोध किया है.
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प्रेषक:-
गजेंद्र वर्मा.
कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रचार प्रसार प्रभारी.
S.M.F.
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AN-32: बारिश, सांप और कीड़ों के बीच 12,000 फीट की ऊंचाई में जिंदगी की जंग लड़ रहे 12 बचावकर्मी

ईटानगर 
भारतीय वायुसेना के दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान एएन 32 में सवार लोगों के शवों को बरामद करने गए बचावकर्मी अब अपनी जिंदगी के लिए जंग लड़ रहे हैं। 12 बचावकर्मियों की टीम अभी भी अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले के जोखिम भरे पर्वतीय क्षेत्र में फंसी है जहां विमान क्रैश हुआ था। यहां लगातार बारिश, जहरीले सांप और कीड़े का सामना कर रहे बचावकर्मियों को 15 दिन बीतने के बाद भी वापस नहीं लाया जा सका है। 

खराब मौसम के कारण, वायुसेना अब तक बचाव दल को घर लाने में सक्षम नहीं हुई है। इस बचाव दल में 9 वायु सैन्यकर्मी एक एवरेस्टर और दो लोकल हंटर शामिल हैं। शुक्रवार को रक्षा प्रवक्ता ने बताया, ‘सभी लोग साइट पर हैं। वायुसेना उन्हें जल्द से जल्द एयरलिफ्ट करने की कोशिश कर रही है। इस मौसम में पहाड़ों से खुद से उतरना मुश्किल है।’

बेहद मुश्किल हालात में फंसे हैं बचावकर्मी 
फंसे हुए बचावकर्मियों के पास केवल एक सैटलाइट फोन अभी तक काम कर रहा है। फिलहाल यह टीम 12,000 फुट से अधिक की ऊंचाई पर पारी आदि पहाड़ी की चोटी पर मौजूद है। प्रवक्ता ने बताया, ‘बचावकर्मी पहाड़ की चोटी पर आ गए हैं और वहां उन्होंने अपने टेंट भी लगा लिए हैं लेकिन दूसरी तरफ काफी खतरा भी है क्योंकि लगातार बारिश के चलते वहां काफी फिसलन हो गई है।’ 

बचावकर्मियों के पास खत्म हो रहा राशन 
पश्चिमी सियांग जिले के जिला सूचना व जनसंपर्क अधिकारी जीजुम ताली ने बताया, ‘एक्स्ट्रा बैटरी वाला एक मोबाइल फोन अभी भी काम कर रहा है लेकिन वहां मुश्किल से ही सिग्नल आ रहे हैं। सिग्नल मिलने के लिए उन्हें और अधिक ऊंचाई पर जाना होता है। ऐसे में उनसे संपर्क तभी किया जाता है जब बहुत जरूरी हो।’ सबसे बड़ी चिंता इस बात की है बचावकर्मी के पास राशन भी खत्म हो रहा है। 

3 जून को लापता हुआ था विमान 
बता दें कि तीन जून को असम के जोरहाट से उड़ान भरने के 33 मिनट पर रूसी एएन-32 विमान लापता हो गया था। उसने अरूणाचल प्रदेश के शी योमी जिले के मेचुका के लिए उड़ान भरी थी। ताली ने कहा, ‘12 बहादुर लोगों को लाने के लिए अभी मौसम की स्थिति अनुकूल नहीं है।’ 

राजस्थान: शादी के बाद विदाई में हुई देरी तो दूल्हे ने ससुर को मारी गोली

जयपुर, जेएनएन। राजस्थान के जालोर में शादी के बाद दुल्हन की विदाई में सिर्फ एक दिन की देरी पर ही दूल्हा इतना नाराज हो गया, उसने अपने ससुर की हत्या कर दी। बीच बचाव करने आए दुल्हन की मां और भाई भी इस हमले में बुरी तरह जख्मी हो गए। पुलिस ने आरोपी दूल्हे सहित 7 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया हैं।

पुलिस के मुताबिक रामदेव कॉलोनी निवासी पपीया ने रिपोर्ट दर्ज कर बताया कि उसकी बहन गीता की शादी अशोक उर्फ असीया पुत्र पकाराम भील के साथ तय हुई थी। सोमवार को बरात आई और मंगलवार को धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ शादी संपन्न हुई।

इसके बाद दूल्हा पक्ष ने बुधवार को विदाई की बात कही तो दुल्हन पक्ष ने इसके लिए गुरुवार का दिन तय किया। इससे दोनों पक्षों में विवाद हो गया। बुधवार सुबह दूल्हा बिना दुल्हन के लौट गया, लेकिन रात करीब 10 बजे उसने परिजनों के साथ आकर दुल्हन पक्ष के लोगों पर हमला कर दिया।

इसमें दुल्हन के पिता दुदाराम, मां ढेली व भाई पांचाराम घायल हो गए। इलाज के दौरान दुदाराम की मौत हो गई। दुल्हन गीता मौक गांव में रहती हैं। मौक गांव में भील समाज के किसी व्यक्ति की मृत्यु होने से शोक था।  

जी-20: ट्रंप ने ऐसा क्या कहा कि खिलखिलाकर हंस पड़े पीएम मोदी

जापान के ओसाका शहर में जी-20 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच दोस्ती एक बार फिर दिखी. ओसाका में हो रही जी-20 नेताओं की डिनर पार्टी के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कोई ऐसी बात कही, जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी खिलखिलाकर हंस पड़े. इस दौरान ट्रंप भी हंसते नजर आए. पूरी डिनर पार्टी के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी एक-दूसरे के बगल में बैठे रहे. इस दौरान दोनों नेताओं में गर्मजोशी से बातचीत होती रही.

ऐसा लग रहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के दोस्ताना संबंधों के बाद एक बार फिर अमेरिका और भारत के व्यापारिक संबंध पटरी पर लौटेंगे.

इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जापान में शुक्रवार को मुलाकात हुई थी. इस दौरान भी दोनों नेता एक-दूसरे के काफी करीब नजर आए. गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध अभी बहुत ठीक नहीं है. दोनों देशों के बीच अपने-अपने हितों को साधने को लेकर टकराव चल रहा है.

अमेरिकी उत्पादों पर कर और भारत को मिले जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस (जीएसपी) को लेकर दोनों देश की असहमतियां सामने आती रही हैं. लेकिन इन सबके बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच दोस्ती पर जरा भी असर नहीं पड़ा है. दोनों ने काफी हल्के-फुल्के अंदाज में एक-दूसरे से मुलाकात की.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर उन्हें लोकसभा चुनाव 2019 में पूर्ण बहुमत के साथ मिली जीत पर बधाई भी दी. भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई. इस दौरान दोनों देशों के नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई.

राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी से शुक्रवार को हुई मुलाकात में कहा था कि कहा, ‘आपने लोगों को साथ लाने का बड़ा काम किया है. मुझे याद है कि जब आप पहली बार सत्ता में आए थे तब कई गुट थे और वे आपस में लड़ते थे और वे अब एकसाथ हैं. यह आपकी क्षमता का सबसे बड़ा सम्मान है.’

बैठक में राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि ‘हम लोग काफी अच्छे दोस्त हो गए हैं, हमारे देशों में इससे पहले कभी इतनी नजदीकी नहीं हुई. मैं ये बात पूरे भरोसे से कह सकता हूं. हम लोग कई क्षेत्रों में खासकर सैन्य क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे. आज हमलोग कारोबार के मुद्दे पर भी बात कर रहे हैं.’

हाल ही में अमेरिका ने भारत को मिले जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस (जीएसपी) दर्जे को खत्म करने की धमकी दी, तो भारत ने भी अमेरिकी सामानों पर ज्यादा टैरिफ लगाने की तैयारी कर ली.

अब अमेरिका को भारत के ज्यादा टैरिफ लगाने के फैसले से ऐतराज है. जीएसपी का दर्जा मिलने से भारत को अमेरिका में अपने सामानों पर मामूली टैक्ट देना पड़ता है. इसके हटने से भारतीय सामानों पर ज्यादा टैक्स लगेगा. ऐसे में जापान में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई मुलाकात खासी अहम मानी जा सकती है. ऐसा माना जा सकता है कि दोनों देशों के बीच जारी असहमतियां खत्म होंगी जिससे दोनों देशों के बीच जारी व्यापार सामान्य होगा.

शाह ने कांग्रेस से कहा- जम्मू कश्मीर के इतिहास का मुद्दा न उठाएं, बहुत जवाब देना पड़ जाएगा

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर में छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन बढ़ाने के सरकार के फैसले पर कांग्रेस की तरफ से उठाए गए सवालों को लेकर उनकी कड़ी खिंचाई की।

अमित शाह ने कांग्रेस पर यह हमला उस वक्त बोला जब जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन को लेकर लोकसभा में प्रस्तावना पर बहस चल रही थी। इसके साथ ही, अमित शाह ने जम्मू कश्मीर आरक्षण (संशोधन) बिल को सदन में पेश किया। दोनों ही प्रस्ताव गृह मंत्री के तौर पर अमित शाह की तरफ से पहली बार दोपहर बाद लोकसभा में रखा गया।

जम्मू कश्मीर की स्थिति के लिए एनडीए को कसूवार न ठहराने के लिए वकालत करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- “क्यों जमात-ए-इस्लामी पर पहले प्रतिबंध नहीं लगाया गया? आप किसको खुश करना चाहते थे?”

राष्ट्रपति शासन बढ़ाने को लेकर कांग्रेस का हमला

राष्ट्रपति शासन की अवधि को बढ़ाने के प्रस्ताव और जम्मू-कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक-2019 पर लोकसभा में चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के मनीष तिवारी ने कहा कि इस ‘संवेदनशील राज्य में निर्वाचित सरकार का नहीं होना देशहित में नहीं है। उन्होंने सरकार से पूछा कि जब राज्य में लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से हो सकते हैं तो विधानसभा चुनाव क्यों नहीं करवाए जा सकते?

यह आरोप लगाया कि केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद से राज्य के लोगों में खुद को अलग-थलग महसूस करने का भाव बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसका पूरा समर्थन करती है कि सरकार आतंकवाद और आतंकवादियों के खिलाफ सख्ती दिखाए, लेकिन साथ ही राज्य के लोगों को साथ लेने की कोशिश करे। तिवारी ने सरकार से सवाल किया कि जब हाल में राज्य में लोकसभा शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव करवाये गये तो फिर वहां विधानसभा चुनाव क्यों नहीं करवाये जा सकते?

उन्होंने ऐतिहासिक तथ्यों और घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में फिलहाल जो स्थिति है उसकी बुनियादी उस वक्त पड़ी जब 2015 में वैचारिक रूप से भाजपा और पीडीपी के बेमेल गठबंधन की सरकार बनी।

तिवारी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर एक संवेदनशील राज्य है और ऐसे में यहां निर्वाचित सरकार का नहीं होना देशहित में नहीं है।
केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए आरोप लगाया कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद जारी रहने के पीछे ऐसे लोगों का निहित स्वार्थ है जो कम वोट प्रतिशत से लाभान्वित होते हैं और वंशवादी शासन बनाये रखना चाहते हैं ।

सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में चुनाव कब हो, इसका फैसला चुनाव आयोग करता है । हम 365 दिन और 24 घंटे चुनाव के लिये तैयार रहने वाली पार्टी हैं और हमेशा चुनाव के लिये तैयार रहते हैं।

उन्होंने कहा कि जो लोग हमारे ऊपर चुनाव नहीं कराने के बारे में आरोप लगा रहे हैं, वे ऐसे लोग हैं जिन्होंने पंचायत चुनाव में हिस्सा नहीं लिया लेकिन कम वोट पड़ने की संभावना को देखते हुए बाद में लोकसभा चुनाव में हिस्सा लिया। सिंह ने कहा कि ऐसे लोगों एवं दलों को अब संविधान के अनुच्छेद 35ए को लेकर कश्मीर की जनता को जवाब देना होगा ।

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि जम्मू कश्मीर की समस्या नेहरू काल की श्रृंखलाबद्ध भूल के कारण उत्पन्न हुई । आजादी के बाद जैसे अन्य रियासतों से जुड़े विषयों से निपटा गया, उस तरह से जम्मू कश्मीर से निपटा गया होता, तब यह समस्या उत्पन्न नहीं होती।

जितेन्द्र सिंह ने कहा कि राज्य में आरक्षण की बात आई तो पूर्व की सरकार ने अपनी सुविधा के हिसाब से संविधान का उपयोग किया । उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर एकमात्र ऐसा प्रदेश है जहां विधानसभा की अवधि छह साल है । हम मांग करेंगे कि इसे भी वापस लिया जाए ।

भाजपा सांसद पूनम महाजन ने सवाल किया कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जम्मू-कश्मीर का विषय लेकर संयुक्त राष्ट्र क्यों गए थे?

उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार में जम्मू-कश्मीर के युवा देश के साथ जुड़े हैं और कांग्रेस के इस दावे में कोई दम नहीं है कि राज्य के लोग अलग-थलग महसूस कर रहे हैं।

पूनम ने सवाल किया कि लंबे समय तक कश्मीर में जाने के लिए परमिट क्यों लेना पड़ता था? दो झंडा और दो निशान (राजकीय चिह्न) की बात क्यों हुई? श्यामा प्रसाद मुखर्जी को बलिदान क्यों देना पड़ा? कश्मीरी पंडितों को घाटी से विस्थापित क्यों होना पड़ा? लोगों को पहले लाल चौक पर तिरंगा फहराने से क्यों रोका जाता था?

भाजपा सदस्य ने कहा कि मोदी सरकार ने आतंकवादियों के खिलाफ सख्ती दिखाई और ‘इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत की भावना के साथ राज्य के लोगों को दिल से अपने साथ जोड़ा है।

तृणमूल कांग्रेस की प्रतिमा मंडल ने भी सवाल किया कि आखिर लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव क्यों नहीं कराए गए? नेशनल कांफ्रेस के हसनैन मसूदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के साथ लंबे समय से नाइंसाफी होती आ रही है।

बल्लामार कांड अभी ठंडा नहीं हुआ था कि बीजेपी के एक और नेता ने एक अधिकारी की पिटाई कर दी.

भोपाल: मध्य प्रदेश में अभी इंदौर नगर निगम कर्मचारी पर बीजेपी नेता कैलाश विजय वर्गीय के विधायक बेटे का बल्ला मार कांड अभी ठंडा नहीं हुआ कि बीजेपी के एक और नेता ने एक अधिकारी की पिटाई कर दी. मामला सतना के रामनगर का है, जहां के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को गंभीर हालत में इलाज के लिये रीवा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मामले में बीच बचाव करने आधा दर्जन पार्षद भी पिट गए जिनमें तीन महिला पार्षद भी हैं. सीएमओ  का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने अध्यक्ष के करोड़ों के घोटाले की शिकायत की थी और अध्यक्ष अब लगभग आठ करोड़ के गबन के मामले में जमानत पर हैं.  

रामनगर नगर परिषद में आज शाम को हड़कंप मच गया जब अचानक अध्यक्ष रामसुशील पटेल उनके कई समर्थकों ने सी एम ओ देव रत्न सोनी के चेम्बर में घुसकर जमकर मार पीट शुरू कर दी. इस दौरान परिषद में अफरा तफरी का माहौल बन गया बीच बचाव करने वाले कई ठेकेदार और आधा दर्जन पार्षद भी घायल हो गए. विवाद परिषद की बैठक के पहले ही शुरू हो गया. बैठक में पहले से प्रधान मंत्री आवास घोटाले की जाँच का मुद्दा गरमाया था जिसमें अध्यक्ष  पर फर्जी वाड़े की जाँच चल रही थी.  

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने स्कूली वाहनों की अचानक की पड़ताल, मिलीं खामियां


बिना परमिट, बिना वर्दी दौड़ते मिले वाहन, मानक से ज्यादा बच्चे बैठाए ऑटो में, सेंट चाल्स की बस में नहीं था फस्ट एड बॉक्स

शिवपुरी नगर में संचालित निजी स्कूलों के वाहनों की शुक्रवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राधाकिशन मालवीय ने यातायात पुलिस के साथ मिलकर आकस्मिक पड़ताल कर डाली। शहर में संचालित स्कूली वाहन अचानक हुई इस कार्रवाई से संभल नहीं पाए और कई खामियां पाई गईं। इस दौरान 7 ऑटो और 3 बसों की जांच की गई। इसमें अलग-अलग कमियां पाए जाने पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जिन वाहनों को रोककर पड़ताल की गई, उनमें शामिल ऑटो चालक की सीट पर बच्चों को बैठाकर ले जाते मिले। वहीं उनमें निरधारित संख्या से ज्यादा बच्चे भी बैठे पाए गए। सेंट्रल स्कूल के मैजिक में बिना वर्दी और बिना बैज के चालक ऑटो चलाता मिला। इसमें 12 बच्चे सवार थे। जब दूसरे ऑटो को रोका गया तो केंद्रीय विद्यालय के इस ऑटो में भी चालक ने वर्दी नहीं पहनी थी। बैज भी नहीं लगाया था। 6 बच्चे बैठा रखे थे। केंद्रीय विद्यालय के ही तीसरे ऑटो में जहां 8 बच्चे बैठे तो यह वाहन बगैर परमिट बिना वर्दी और बैज के सड़क पर फर्राटे भरता मिला।

केंद्रीय विद्यालय के ही चौथे ऑटो में बच्चों को चालक ने अपनी सीट के दाएं और बाएं बैठा रखा था। बिना वर्दी और बैज के 5 बच्चे सवार मिले। ठीक इसी तरह पांचवें ऑटो में बिना वर्दी और बैज के 4 बच्चे सवार थे, जबकि छठवें ऑटो में बिना बैज के चालक 5 बच्चों को बैठाकर विद्यालय ले जा रहा था। एक अन्य ऑटो में बिना परमिट मिला ऑटो बिना बैज के चला जा रहा था, इसमें 8 बच्चे सवार था।

सेंट चार्ल्स की बस में नहीं मिले कागज,

ऑटो के अलावा स्कूली बसें भी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मालवीय ने यातायात प्रभारी रणवीर यादव के साथ मिलकर चेक की। इन बसों में कई बार हिदायत देने के बावजूद कागज नहीं पाए गए यानि की बगैर कागाजात के यह बसें सड़क पर दौड़ती मिलीं। इसके अलावा फर्स्ट एड बॉक्स भी सेंट चार्ल्स की बस में मौजूद नहीं था। इन सभी वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई केा अंजाम दिया गया। हिदायत दी गई कि भविष्य में वाहनों को नियम से ही सड़क पर लेकर निकलें, यदि ऐसा न हुआ तो वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा। यह भी कहा गया कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में 85 फीसदी प्रदेश के और 15% बाहरी छात्रों को मिलेगा दाखिला

पहली बार शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में छात्रों को प्रवेश नीट के जरिए मिलने जा रहा है। इसकी प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो…

पहली बार शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में छात्रों को प्रवेश नीट के जरिए मिलने जा रहा है। इसकी प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई। खास बात यह है कि जिले के नीट में चयनित ऐसे छात्र जो शिवपुरी जिले और आसपास के निवासी हैं उन्हें अब मेडिकल की पढ़ाई के लिए बाहर के कॉलेज में दाखिला नहीं लेना पड़ेगा। प्रवेश के लिए जो प्रक्रिया यहां कॉलेज में अपनाई गई है उसके तहत 85 फीसदी प्रवेश प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के छात्रों के लिए और 15 फीसदी प्रवेश ऑल इंडिया कोटे से होंगे। 

मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. ईला गुजरिया ने बताया कि शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के लिए शासन ने 100 सीटें आवंटित की है। इसमें पहले चरण का कोर्स अगस्त से शुरू हो जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया के तहत चयनित छात्रों को फाउंडेशन कोर्स में सबसे पहले तनाव घटाने और व्यवहारिक तौर तरीकों की शिक्षा पहले महीने में दी जाएगी। इसके लिए कॉलेज की डीन डॉ. ईला गुजरिया बुधवार को इंदौर में आयोजित हुए प्रशिक्षण सत्र में शामिल हुईं। जहां प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेज के प्रथम वर्ष प्रवेशी विद्यार्थियों के लिए कैसी शिक्षा देना है और क्या पढ़ाई के टिप्स देने हैं इस पर विशेषज्ञों ने टिप्स दिए और उसी के आधार पर अब छात्रों को पहले वर्ष में प्रवेश लेने पर वही शिक्षा प्रथम चरण में दी जाएगी। इसके बाद मेडिकल कोर्स की पढ़ाई शुरूहोगी