G-20 समिट: पीएम मोदी से मुलाकात से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया ये ट्वीट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्रंप ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात से पहले ट्वीट करके कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी के साथ बात करने के लिए उत्सुक हूं, भारत संयुक्त राज्य अमेरिका पर बहुत अधिक शुल्क (टैरिफ) लगा रहा है, अभी हाल ही में शुल्क में और वृद्धि की गई है। यह अस्वीकार्य है और शुल्क को वापस लेना चाहिए! आपको बता दें कि जापान में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को यहां पहुंचे। इस सम्मेलन के दौरान वह महत्वपूर्ण बहुपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेने के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत दुनिया के प्रमुख नेताओं से भी मिलेंगे। 

जी-20 समिट की 10 खास बातें

1- प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, “अलसुबह ओसाका पहुंचे। आने वाले दिनों में जी-20 शिखर सम्मेलन, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय वार्ताएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंतजार कर रही हैं। वह वैश्विक महत्व के कई मुद्दों पर जोर देने के साथ ही भारत का नजरिया पेश करेंगे।”

2- ओसाका में 28-29 जून को हो रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छठी बार शिरकत करने पहुंचे हैं। 

3- विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर कहा, “जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओसाका के कंसाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। अगले तीन दिनों तक, वैश्विक मंच पर भारत के नजरिये को रखने के लिये प्रधानमंत्री कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय चर्चाओं का हिस्सा होंगे।”

4- जी 20 सम्मेलन में पीएम मोदी जलवायु परिवर्तन से लेकर आतंकवाद और प्रमुख वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा कर सकते हैं। जापान के ओसाका में होने जा रहे जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी जिन देशों के साथ दस द्विपक्षीय वार्ता करेंगे वो हैं फ्रांस, जापान, इंडोनेशिया, अमेरिका और तुर्की। इसके साथ ही, ब्रिक्स यानि ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका और रिक यानि रूस-चीन-भारत के नेताओं के बीच बैठक होगी।

5-G-20 सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा- मैं अन्य वैश्विक नेताओं के साथ हमारी दुनिया के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं। महिला सशक्तीकरण, डिजिटलाइजेशन और जलवायु परिवर्तन जैसी प्रमुख वैश्विक चुनौतियों का समाधान हमारी इस बैठक का मुख्य मुद्दा होगा।

6- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जापान में हो रहे G-20 बैठक के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई विश्वनेताओं से मुलाकात करेंगे। इस दौरान व्यापार समेत कई मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। G-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने ट्रंप 27 जून को रवाना होंगे। भारत में हाल में हुए आम चुनावों के बाद मोदी और ट्रंप के बीच यह पहली मुलाकात होगी। ट्रंप ने फिर से प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी को फोन पर बधाई दी थी।

7-रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप जापान में इस हफ्ते जी 20 शिखर सम्मेलन से इतर बैठक कर हथियारों के नियंत्रण और ईरान तथा सीरिया संकट पर चर्चा करेंगे। दोनों नेताओं की बैठक शुक्रवार को होगी।

8-हांगकांग में विवादित प्रत्यर्पण कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य देशों के नेताओं से अनुरोध किया है कि वे जापान में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के समय इस मुद्दे को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के समक्ष उठाएं। गौरतलब है कि चीन ऐसे किसी कदम का सख्त विरोधी है और उसने कहा है कि हांगकांग उसका आंतरिक मामला है। 
 
9- ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने बुधवार को आगाह किया कि चीन और अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध से हो रहे ‘पारस्परिक नुकसान’ की चपेट में छोटे देश भी आ रहे हैं और यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिहाज से खतरनाक है। मॉरिसन ने वॉशिंगटन को आगाह किया कि ‘दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंध–अमेरिका-चीन संबंध’ “तनावपूर्ण” बन गया है।

10- ये देश हैं जी20 का हिस्सा: अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, ब्रिटेन और अमेरिका जी-20 के सदस्य हैं.

वोट आपने नरेंद्र मोदी को दिया, और मुझसे…’ : लोगों पर भड़कते कैमरे में कैद हुए CM कुमारस्वामी

बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी बुधवार को रायचूर जिले में प्रदर्शन कर रहे लोगों के सामने अपना आपा खोते दिखे. कुमारस्वामी उन पर गुस्सा हो गए और भड़कते हुए यह कहते दिखे कि वह मदद नहीं कर पाएंगे, क्योंकि उन्होंने पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वोट दिया है. स्थानीय चैनल द्वारा प्रसारित किए गए वीडियो में देखा गया कि सीएम अपने एक प्रोग्राम के तहत यात्रा पर थे, तभी लोगों के एक समूह से बातचीत करने के लिए उन्होंने अपनी गाड़ी की खिड़की खोली. लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और चिल्लाने लगे, इसके साथ ही उन्होंने नारे लगाए. इस पर मुख्यमंत्री को गुस्से में यह कहते हुए सुना जा सकता है ‘आप लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वोट दिया है.’

बाकी कुमारस्वामी ने क्या कहा, यह स्पष्ट नहीं है. लेकिन स्थानीय चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘क्या मुझे आपका सम्मान करना चाहिए? क्या आपको लाठीचार्ज की जरूरत है? आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वोट दिया और आप चाहते हैं कि मैं आपकी मदद करूं.’ भाजपा ने कुमारस्वामी की प्रतिक्रिया की आलोचना की, इसे आक्रामक और हताशा बताया.

भाजपा कर्नाटक के महासचिव रविकुमार ने कहा, ‘आज रायचूर में हमारे मुख्यमंत्री ने जो कहा, उन्होंने बहुत आक्रामक और सख्त शब्दों में लोगों से कहा कि क्या मैं लाठीचार्ज के लिए पुलिस को बुलाऊं? कुमारस्वामी अपना आपा खो बैठे और कहा कि- आपने नरेंद्र मोदी को वोट दिया. मैं आपका समर्थन नहीं करूंगा.’

रविकुमार ने साथ ही कहा, ‘जैसे उन्होंने अपना आपा खो दिया और बहुत गुस्से में थे, वह एक एक आम इंसान की तरह व्यवहार कर रहे थे. यह अच्छा नहीं है. यदि आप सीएम के पद पर नहीं रहना चाहते, तो अच्छा होगा कि इस्तीफा देकर घर पर बैठ जाएं.’

कैसे कांग्रेस के खिलाफ प्रणब मुखर्जी बन गए हैं मोदी के मजबूत हथियार

संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है. पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस चर्चा का जवाब दिया. पीएम मोदी ने अपने जवाब में कांग्रेस के हर हमले पर पलटवार किया लेकिन दोनों ही दिन उनके भाषण में एक बात समान रही, वह ये कि उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बहाने कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया.

राष्ट्रपति बनने से पहले प्रणब मुखर्जी ने 5 दशक तक कांग्रेस में रहकर राजनीति की और सरकार से लेकर संगठन में बड़े पदों पर रहे. लेकिन 2014 में जब केंद्र में नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए की सरकार बनी तो राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी थे. तब से पीएम मोदी ने प्रणब दा के साथ अपना रिश्ता जोड़ा और मजबूती से निभाया भी. पीएम मोदी ने कांग्रेस के सबसे कद्दावर नेता को ही कांग्रेस के खिलाफ हथियार बनाकर खड़ा कर दिया है.

हमारी सरकार ने दिया भारत रत्न

लोकसभा में दिए अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह को भी महत्व नहीं दिया और कांग्रेस शासन में परिवार से बाहर के लोगों को कुछ नहीं मिला. पीएम मोदी ने कहा कि प्रणब दा किसी भी पार्टी के हैं लेकिन हमने उन्हें भारत रत्न दिया. हम किसी के भी योगदान को नहीं नकारते. पूर्व राष्ट्रपति को मोदी सरकार ने 2019 में देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा था.

इसके बाद जब प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में अपना संबोधन दिया तो फिर से पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा कि एक बार प्रणब मुखर्जी ने कहा था कि बहुमत को देश चलाने का जनादेश मिलता है, अल्पमत को विरोध का जनादेश मिलता है लेकिन किसी को भी बाधा पहुंचाने के लिए जनादेश नहीं मिलता. आज हमारे पास राज्यसभा में बहुमत नहीं है लेकिन इस वजह से जनता के फैसले को कुचला नहीं जाना चाहिए. यह पहला मौका नहीं है जब पीएम मोदी ने प्रणब मुखर्जी के प्रति अपना नजरिया देश के सामने रखा है. इससे पहले बीजेपी को मिली प्रचंड जीत के बाद पीएम मोदी ने शपथ ग्रहण से पहले प्रणब दा का आशीर्वाद लिया था.

पीएम मोदी और बीजेपी लगातार कांग्रेस पर सरदार पटेल और बाबा साहब अंबेडकर को उचित सम्मान न देने के आरोप तो लगाती रहती है लेकिन हाल के दिनों में बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधने के लिए प्रणब मुखर्जी को हथियार बना लिया है. मुखर्जी कांग्रेस के बड़े नेता रहे हैं ऐसे में पार्टी उनके खिलाफ कुछ कह भी नहीं सकती और पीएम मोदी के सियासी तीरों को झेलना उसकी मजबूरी है.

प़ोफेसर सतीशकुमार ने बनाया प्लास्टिक से पेट्रोल

नई दिल्ली: बढ़ती टेक्नोलॉजी के साथ लोगों का जीवन दिन-ब-दिन बदलता जा रहा है. लेकिन पर्यावरण की सुरक्षा एक अहम मुद्दा है. पर्यावरण को बचाने के लिए प्लास्टिक को रिसाइकल किया जा रहा है. प्लास्टिक (Plastic) से कई उपयोगी वस्तुएं बनाई जा रही हैं. हैदराबाद के एक प्रोफेसर ने प्लास्टिक से जो बनाया है उसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते. हैदराबाद के रहने वाले 45 वर्षीय प्रोफेसर सतीश कुमार (Satish Kumar) ने प्लास्टिक से पेट्रोल बनाने का कारनामा कर लोगों को हैरान कर दिया है. प्लास्टिक से पेट्रोल बनाने की प्रक्रिया को उन्होंने प्लास्टिक पायरोलीसिस नाम दिया है. सतीश कुमार ने हाइड्रोक्सी प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक कंपनी बनाई है. जो अतिलघु, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत रजिस्टर है.

News18 के मुताबिक सतीश का कहना है कि प्लास्टिक पायरोलीसिस प्रक्रिया की मदद से प्लास्टिक से डीजल, एविएशन फ्यूल और पेट्रोल बनाया जा सकता है. लगभग 500 किलोग्राम रिसाइकल न होने वाले प्लास्टिक से 400 लीटर ईंधन का उत्पादन किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यह एक आसान प्रक्रिया है जिसमें पानी का उपयोग नहीं होता है और न ही गंदा पानी निकलता है. साथ ही यह हवा को प्रदूषित भी नहीं करता क्योंकि यह प्रक्रिया निर्वात में होती है.

सतीश कुमार 2016 से लेकर अब तक करीब 50 टन प्लास्टिक को पेट्रोल में बदल चुके हैं. वह इस प्रकार के प्लास्टिक का प्रयोग करते हैं जिसे किसी भी प्रकार से पुनः प्रयोग में नहीं लाया जा सकता है. सतीश की कंपनी हर दिन 200 किलो प्लास्टिक से 200 लीटर पेट्रोल बना रही है. सतीश प्लास्टिक से बनाए गए पेट्रोल को स्थानीय उद्योगों को 40 से 50 रुपये में बेच रहे हैं. इस ईंधन का प्रयोग वाहनों में किया जा सकता है या नहीं इसका प्रयोग अभी होना बाकी है. बता दें कि PVC (पॉली विनाइल क्लोराइड) और PET (पॉली एथेलीन टैरिफथेलेट)  के अतिरिक्त सभी प्रकार के प्लास्टिक का इस्तेमाल ईंधन बनाने में किया जा सकता है.

ग्वालियर हाई कोर्ट की की युगलपीठ ने ज्योतिरादित्य सिन्धिया,चित्रागदा राजे,माधवी राजे पर 10 हजार का हर्जाना लगाया


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भूपेन्द्र विकल.
भोपाल।(ग्वालियर)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हाई कोर्ट की युगलपीठ ने जनहित याचिका मे पेश नहीं होने पर पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, चित्रांगदा राजे सिंधिया व माधवी राजे पर 10 हजार का हर्जाना लगा.सिंधिया परिवार पर 10 हजार रुपए का हर्जाना लगाया है। साथ ही दो सप्ताह में जवाब पेश करने का आदेश दिया है। सिंधिया पर महलगांव हलके में शासकीय जमीन बेचने का आरोप है।
उपेंद्र चतुर्वेदी ने वर्ष 2014 में जनहित याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि महलगांव हलके का सर्वे क्रमांक 1211 व 1212 भूमि शासकीय है। इस जमीन को बेचा नहीं जा सकता, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया व उनके ट्रस्ट ने जमीन नारायण बिल्डर्स को बेच दी। बिल्डर ने जमीन पर बहुमंजिला इमारत खड़ी कर दी। उन्होंने मांग की थी कि जमीन की रजिस्ट्री को शून्य घोषित कर मामले की जांच कराई जाए।


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मोहम्मद सगीर बिलबिला उठेंगे सुनकरः धैर्यवर्धन शर्मा


भोपाल। कहाँ राजा भोज कहां गंगू तेली …यह कहावत राजा भोज की विद्धवता और वीरता के लिए इतिहास में अभिहित की जाती है …यह कहावत मिथक न बने इसलिए लोक ने इसे अपना लिया और आज भी लोकमानस में जब भी कोई अपनी शेखी बघारता है तब लोक इस कहावत को मन्त्र की तरह बुदबुदाता है।

लेकिन मोहम्मद सगीर जो भोपाल नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष पर आसीन है। नेता प्रतिपक्ष मोहम्मद सगीर की माने तो राजा भोज विद्वान नहीं बल्कि डाकू थे …मोहम्मद सगीर अगर यही नहीं रुके उन्होंने राजा भोज को भोपाल का निर्माणकर्ता मानने से भी इंकार कर दिया …मोहम्मद सगीर के अल्पज्ञान पर हंसी नहीं आती है बल्कि इस बात की और इशारा करती है लोक में एक दूसरे के प्रति हम कितना पूर्वाग्रह से भरे हुए है।

काश ! सगीर इतिहास के पन्नो को उलटे पलते होते तो निश्चित ही उन्हें यह मालूम होता कि राजा भोज परमार वंश के शासक थे। उनका शासन काल 1000 ईसवी से 1050 ईसवी तक था। भोजपुर का मंदिर भी के अलावा बृहद ताल का निर्माणकर्ता भी राजा भोज ही थे।।

नेशनल लोक अदालत 13 जुलाई को

शिवपुरी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष आरबी कुमार के निर्देशन में 13 जुलाई को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया है। जिला विधिक सहायता अधिकारी शिखा शर्मा ने बताया कि 13 जुलाई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, 138 एवं 126 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में से श्रमिकों व कर्मकारो

शिवपुरी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष आरबी कुमार के निर्देशन में 13 जुलाई को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया है। जिला विधिक सहायता अधिकारी शिखा शर्मा ने बताया कि 13 जुलाई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, 138 एवं 126 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में से श्रमिकों व कर्मकारों के घरेलू तथा कृषकों के प्रकरणों की वापसी को छोड़कर शेष निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू व कृषि, 5 किलोवाट भार तक के गैर घरेलू, 10 आश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को छूट प्रदान की जाएगी।

काम पूरा हुआ नहीं नल कनेक्शन की दर तय हो गई


पार्षदों के बीच बैठे उपाध्यक्ष तो नपाध्यक्ष ने ऊपर बिठाया

शिवपुरी. नगरपालिका परिषद की बैठक 11 बजे से शुरू होना थी और सबसे पहले सीएमओ केके पटेरिया व कुछ देर बाद नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह भी वहां आ गए। शुरुआत में पांच पार्षद थे, इसलिए शेष पार्षदों का इंतजार किया गया। लगभग 11.20 बजे तक कुछ और पार्षद भी वहां आ गए। राष्ट्रगान के साथ परिषद की बैठक शुरू हुई और एजेंडे के पहले बिंदु- जलावर्धन योजना में हाउस कनेक्शन, पर चर्चा की गई। जिसमें सीएमओ ने बताया कि 2815 रुपए में प्रति कनेक्शन का चार्ज लिया जाएगा। उपाध्यक्ष अनिल शर्मा ने पूछा कि अभी जलावर्धन योजना में डिस्ट्रीब्यूशन लाइन का कितना काम हो गया है?, सब इंजीनियन सचिन चौहान ने बताया कि 207 किमी में से अभी तक 65 किमी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन डाली जा चुकी है, शेष का काम चल रहा है। कलेक्ट्रेट की पानी की टंकी से 8 किमी आसपास के क्षेत्र में डिस्ट्रीब्यूशन लाइन का काम पूरा कर लिया गया है, जबकि गांधी पार्क टंकी से जुड़े एरिया में कुछ जगह सडक़ क्रॉसिंग के लिए परमीशन लेनी है।

पानी के लिए ऐसे हुआ हंगामा 
भाजपा पार्षद भानू दुबे ने पूछा कि डिस्ट्रीब्यूशन लाइन में कनेक्शन कैसे दिए जाएंगे?, सब इंजीनियर सचिन ने बताया कि डिस्ट्रीब्यूशन लाइन में से 3 इंची की लाइन अलग से अंडर ग्राउंड डाली जाएगी, जिसमें से घरों में कनेक्शन दिए जाएंगे। भानू ने पूछा तो क्या फिर से खुदाई होगी, तो इसका कोई जवाब नहीं दे पाया। पार्षद विष्णु राठौर ने कहा कि हमारे वार्ड में तो छह माह पूर्व से सडक़ खोदकर डिस्ट्रीब्यूशन लाइन डाल दी, लेकिन कनेक्शन कब किए जाएंगे?। सीएमओ ने कहा कि परिषद से प्रस्ताव पास करके नगरीय प्रशासन को भेजा जाएगा, फिर टेंडर होंगे। पार्षद पति संजय गुप्ता ने कहा कि टेंडर में भी दो-तीन महीने लग जाएंगे, जनता को पानी कब तक मिलेगा?। इसका जवाब जिम्मेदार नहीं दे पाए।

उपाध्यक्ष ने खोलीं जलावर्धन योजना की परतें 
नपा उपाध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि जलावर्धन योजना में काम न करने वाली दोशियान कंपनी को परिषद की बैठक में निरस्त करके हम अपनी पीठ थपथपाते रहे और दूसरी कंपनी को काम दे दिया, लेकिन सिर्फ कंपनी बदली और काम करने वाले चेहरे वो ही रहे। यह योजना 60 करोड़ से शुरू होकर 80 और फिर अब 110 करोड़ रुपए की हो गई, लेकिन 11 साल में डिस्ट्रीब्यूशन का काम भी नहीं हो पाया। डिस्ट्रीब्यूशन लाइन वहां पर डाली जा रही है, जहां एक मकान व 19 प्लॉट हैं, जबकि आबादी क्षेत्र में अभी तक लाइन का काम पूरा नहीं हो सका। शहर की जनता को तड़पा-तड़पाकर पानी दिया जा रहा है, पार्षद धरना देने को मजबूर हो रहे हैं। उपाध्यक्ष ने कहा कि जब दोनों पंप चलेंगे, तब एक साथ सात-आठ टंकियां भर पाएंगीं, लेकिन यहां तो एक पंप में ही पाइप फूट रहे हैं। दोनों पंप में तो पाइप उखड़ जाएंगे। अनिल ने कहा कि उन उपयंत्रियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, जिनकी वजह से प्रोजेक्ट इस हाल में पहुंच गया।

उपाध्यक्ष ने नपा एजेंडे में शामिल किए गए छह में से चार बिंदु निरर्थक बताते हुए कहा कि पीआईसी में जिन कामों की स्वीकृति मिलती है, उसे परिषद से पास कराना जरूरी होता है। लेकिन उन कामों की लिस्ट तो बताई जाए कि कौन से काम किए गए हैं। उपाध्यक्ष ने सीएमओ से पूछा कि क्या पीआईसी के काम बताए नहीं जाने चाहिए?। सीएमओ ने कहा कि हम पीआईसी के कामों की लिस्ट बनाकर पार्षदों को भिजवा देंगे।

पार्षद ने वार्ड में रहने का सीएमओ को ऑफर 
वार्ड 16 के पार्षद लालजीत आदिवासी ने अपने वार्ड की सडक़ों की बदहाली को बताते हुए नपा सीएमओ केके पटेरिया से कहा कि आप मेरे वार्ड में किराए का कमरा लेकर अपने बच्चों सहित वहां रहें, तब पता चलेगा कि वार्ड की जनता किन हालातों के बीच में जीवन व्यतीत कर रही है। पार्षद मंच पर पहुंचकर टेबिल ठोकते हुए बोला कि मुझे सडक़ चाहिए।
ये निकला सडक़ों का निष्कर्ष 
शहर के जिन वार्डों में डिस्ट्रीब्यूशन लाइन डाली जा चुकी है, उसमें एक कॉर्नर पर पाइप को बाहर निकालकर छोड़ दिया जाए तथा सडक़ बनाने के बाद उस मेन लाइन से घरों के कनेक्शन किए जाएं। जहां पर लाइन नहीं डाली है, वहां पर भौतिक सत्यापन कर पाइप लाइन के लिए जगह छोडक़र शेष हिस्से में सडक़ बना दी जाए। ताकि बरसात में आमजन को परेशानी न झेलनी पड़े।
काम न करने वालों की एफडीआर करेंगे जब्त 
नपा सीएमओ ने कहा कि जिन वार्डों में 3 महीने से लेकर डेढ़ साल पूर्व के स्वीकृत कामों के टेंडर लेने के बाद ठेकेदारों ने काम नहीं किया, उनकी लिस्ट बनाकर हम उन्हें 24 घंटे का आखिरी चेतावनी नोटिस देकर उन्हें निरस्त कर देंगे तथा उनकी एफडीआर राजसात करके उस काम का पुन: सात दिन का टेंडर बुलाएंगे। ताकि काम जल्दी हो सकें।