पंजाब नेशनल बैंक को 14 हजार करोड़ का चूना लगाने वाला हीरा कारोबारी मेहुल चौकसी बेचता था नकली हीरे.


पंजाब नेशनल बैंक (PNB) स्कैम में देश को लगभग 14 हजार करोड़ रुपये का चूना लगाकर विदेश फरार होने वाले हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की नागरिकता एंटिगा सरकार ने रद्द कर दी है. एंटिगा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने कहा, ‘मेहुल चोकसी को पहले यहां की नागरिकता मिली हुई थी. लेकिन अब इसे रद्द किया जा रहा है और भारत प्रत्यर्पित किया जा रहा है. हम किसी भी अपराधी को अपने देश में सुरक्षित ठिकाना नहीं देंगे.’ इसके बाद माना जा रहा है कि मेहुल चोकसी को जल्द भारत लाया जा सकता है. इसी बीच उसके काले कारनामों का चिट्ठा भी खुलने लगा है.

मुंबई के एक डायमंड एक्सपर्ट ने दावा किया कि गीतांजलि जेम्स के नाम पर कस्टमर को घटिया और नकली हीरे बेचे गए. डायमंड एक्सपर्ट हार्दिक हुंडिया ने कहा कि मेरे एक परिचित हीरे के गहने बेचना चाहते थे. वह गीतांजलि से गहने खरीदकर मेरे पास आए. मैंने गहने की जांच की तो परिणाम देखकर चौंक गया. 5 लाख रुपये में खरीदे गए गहने की कीमत महज 25,000 रुपये थी.

इससे पहले अमेरिका की एक अदालत ने चोकसी की अमेरिका स्थित कंपनी ‘सैमुएल जूलर्स’ के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे. इसमें पता चला कि चोकसी की कंपनी असली हीरों की जगह ग्राहकों को लैब में बनाए गए हीरे बेचा करती थी.

आधे दामों पर नहीं बिकते मेहुल की कंपनी से खरीदे गहने

हीरा विशेषज्ञ हुंडिया ने नीरव मोदी के शोरूम से एजेंसियों द्वारा जब्त किए गए गहनों के बारे में संदेह जताते हुए कहा कि जब्त किए गए गहनों की बिक्री के बाद भी अनुमानित बुक वैल्यू की पचास फीसदी रकम भी वसूलना मुश्किल है. हुंडिया ने यह भी कहा कि ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए गहने के फर्जी प्रमाण पत्र भी दिए गए. हालांकि, नीरव और मेहुल चोकसी के ब्रांडों द्वारा बेचे जाने वाले गहने की गुणवत्ता पर सवाल करने वाले हुंडिया पहले व्यक्ति नहीं हैं. देश के विभिन्न हिस्सों के कई लोगों ने इसको लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है.
नकली हीरों को असली बताकर बेचते थे

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, इस जांच में पता चला कि चोकसी ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में स्थित एक प्रयोगशाला में ‘गुप्त रूप से’ ये हीरे बनवाता था. फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गीतांजलि जेम्स लिमिटेड के मालिकाना हक वाले सैमुएल जूलर्स को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने गीतांजलि द्वारा जारी वचन पत्र के आधार पर दो करोड़ डॉलर (करीब 139 करोड़ रुपये) का लोन भी दिया था.

इससे पहले चोकसी के एक पूर्व वरिष्ठ कर्मचारी ने भी आरोप लगाया था कि उसकी कंपनी नकली हीरों को असली बताकर बेचा करती थी. कंपनी के एक पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर संतोष श्रीवास्तव ने कहा था, ‘नकली हीरों को ब्रैंड वैल्यू, कट्स और फर्जी सर्टिफिकेशन देकर ऊंचे दामों पर बेचा जाता था. ए-ग्रेड का बताकर बेचा गया हीरा असल में सी-ग्रेड का हुआ करता था.’ उन्होंने पिछले साल ही कहा था, ‘बेशकीमती और दुलर्भ बताकर बेचा जाने वाला हीरा असल में लैब में बना होता था, जिसकी लागत बताई गई कीमत का महज 5-10 फीसदी ही हुआ करती थी.’

मध्यप़देश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार

भोपाल, इंदौर। लंबे इंतजार के बाद सोमवार को आखिर मानसून ने मध्यप्रदेश में दस्तक दे ही दी। 48 घंटे बाद भोपाल में इसका असर दिखाई देना शुरू हो जाएगा। मंडला, छिंदवाड़ा के रास्ते मानसून मध्यप्रदेश पहुंचा है। खंडवा में भी पिछले तीन दिनों में अच्छी बारिश की शुरुआत हो गई है। तीन दिन लगातार बारिश के बाद सोमवार को मौसम विभाग ने मप्र में मानसून की आमदगी की घोषणा कर दी। सोमवार शाम इंदौर में तेज बारिश हुई। कुछ इलाकों में इससे घरों में पानी भी घुस गया अगले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट भी जारी कर दिया गया है।

मौसम वैज्ञानिक पीके शाह ने बताया कि सोमवार सुबह से मानसून की बारिश हो रही है। शाम तक बालाघाट सहित महाकौशल और मालवा के कुछ क्षेत्र में बारिश हुई। वहीं अगले 48 घंटे में रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, उज्जैन, आगर व इंदौर जिले में भारी बारिश होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों के दौरान इंदौर, जबलपुर, संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर भी बारिश हुई। मंडला, बालाघाट जिले सहित आसपास के इलाकों में पिछले तीन दिन में 3 सेमी से ज्यादा बारिश हुई है।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून और आगे बढ़ गया है। यह सोमवार को मध्य महाराष्ट्र का कुछ हिस्से मराठवाड़ा का अधिकांश हिस्से और विदर्भ के कुछ भाग तथा उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में आगे बढ़ा है। अगले 24 घंटों में मानसून की अरब सागर ब्रांच भी मप्र पहुंच जाएगी, जिससे दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम मध्यप्रदेश के इलाके तरबतर हो सकते हैं।

इन जिलों में होगी 24 घंटे के अंदर बारिश

उज्जैन, नीमच, रतलाम, शाजापुर, देवास, मंदसौर, आगर, इंदौर, धार, खंडवा, खरगौन, अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, बुरहानपुर के अधिकांश क्षेत्र में। जबलपुर, मंडलवा, बालाघाट, नरसिंहपुर, सिवनी, कटनी, छिंदवाड़ा, उमरिया, अनूपपुर, शहडोल, डिंडौरी, होशंगाबाद, बैतूल, हरदा जिले के कुछ स्थानों पर बारिश व गरज चमक के साथ बौछारे पड़ने की संभावना है। वहीं रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, सागर, पन्ना, टीकमगढ़, दमोह, छतरपुर, गुना, शिवपुरी,अशोक नगर में कहीं-कहीं बौछारे पड़ सकती.

25 जून इतिहास मेंं आपातकाल के लिये जाना जाता है

नई दिल्ली इतिहास में 25 जून का दिन भारत के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटना का गवाह रहा है। आज ही के दिन 1975 में देश में आपातकाल लगाने की घोषणा की गई जिसने कई ऐतिहासिक घटनाओं को जन्म दिया। 26 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक की 21 महीने की अवधि में भारत में आपातकाल था। तत्कालीन राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार की सिफारिश पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 352 के अधीन देश में आपातकाल की घोषणा की थी। स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह सबसे विवादस्पद काल था। आपातकाल में चुनाव स्थगित हो गए थे।

रेत की अवैध खदान धसने से हुआ हादसा.

शिवपुरी। जिले के बैराड़ थाना अंतर्गत ग्राम मारोरा के पास पार्वती नदी के घाट पर रेत भरने की मजदूरी करने गए एक ही परिवार के 6 लोगों में से 4 लोगों की रेत की खदान धसकने से मौत हो गई, जबकि दो की हालत नाजुक है, जिनको इलाज के लिए जिला अस्पताल रैफर किया गया है। मृतकों में दो किशोर शामिल हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाकर व मृतकों के पीएम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इस घाट पर बरसों से रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है और पुलिस इसके बदले में सुविधा शुल्क लेती है, इसी कारण से इस कारोबार पर अंकुश नही लग पा रहा।

जानकारी के मुताबिक ग्राम मारोरा निवासी निवास (18), सुदामा (20), टिंकल (17) पुत्रगण सरबन गोस्वामी, देवेन्द्र उर्फ कल्ला (13)पुत्र कृष्णा गोस्वामी जो कि सरबन का नाती है। सरबन के परिवार का ही नीतेश (12)पुत्र बल्लू गोस्वामी तथा अभिषेक (22) पुत्र संतोष गोस्वामी यह सभी सोमवार की दोपहर करीब 1 बजे रेत भरने की मजदूरी करने गांव के पास स्थित पार्वती नदी के घाट पर गए थे।

यहां पर जब यह सभी लोग ट्रेक्टर-ट्रॉली में रेत भर रहे थे, उसी समय अचानक से रेत की खदान धसंक गईऔर घटना में निवास व उसका सगा भाई सुदामा, देवेन्द्र उर्फ कल्ला व नीतेश की खदान के अंदर दबने से मौत हो गई, जबकि अभिषेक व टिंकल दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना होते ही ट्रेक्टर-ट्रॉली वाला तो मौके से फरार हो गया।

जब गांव के लोगों व परिजनों को सूचना मिली तो वह घटनास्थल पर पहुंचे, साथ ही पुलिस को भी मामले की सूचना दी गई। दोनों घायलों को तुरंत जिला अस्पताल इलाज के लिए रैफर किया गया वहीं मृतकों के शवो को रेत में से निकाला गया। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों का पीएम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। सभी मृतक व घायल एक ही परिवार के है। घटना से गांव में शोक का माहौल है। यहां बता दें कि इस घाट सहित आसपास के रेत के स्थानों पर रेत खदान धसंकने से दर्जन भर लोगों की मौत पिछले तीन साल में हो चुकी है।