पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और चिरायु अस्पताल संचालक डॉ. गोयनका के खिलाफ आपराधिक परिवाद पेश



भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और चिरायु अस्पताल के संचालक अजय गोयनका के खिलाफ शुक्रवार को राजधानी की विशेष अदालत में आपराधिक परिवाद पेश किया गया। विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह की अदालत में शुक्रवार को कैपिटल होटल हमीदिया रोड निवासी भुवनेश्वर प्रसाद मिश्रा ने परिवाद पेश करते हुए बैरागढ़ स्थित ग्राम भैंसाखेड़ी में

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और चिरायु अस्पताल के संचालक अजय गोयनका के खिलाफ शुक्रवार को राजधानी की विशेष अदालत में आपराधिक परिवाद पेश किया गया। विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह की अदालत में शुक्रवार को कैपिटल होटल हमीदिया रोड निवासी भुवनेश्वर प्रसाद मिश्रा ने परिवाद पेश करते हुए बैरागढ़ स्थित ग्राम भैंसाखेड़ी में बड़े तालाब के डूब क्षेत्र की भूमि पर नियमों के विपरीत अस्पताल निर्माण के लिए जमीन आवंटित किए जाने का आरोप लगाया है।


आरोप है कि शिवराज सिंह चौहान और चिरायु अस्पताल के संचालक अजय गोयनका ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया में आने वाली करीब 32 एकड़ जमीन हड़प ली है। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने अपने पद पर रहते हुए डूबत क्षेत्र की भूमि का लैंडयूज अस्पताल निर्माण के लिए करवा दिया। इसके बाद बैरागढ़ राजस्व मंडल और डॉ. गोयनका के बीच 9 सितंबर 2018 को अनुबंध हुआ। इस षड़यंत्र के तहत सभी नियमों और कानूनों को ताक पर रखकर शासन की करीब 100 करोड़ की भूमि हड़प कर अपने व्यावसायिक निजी उपयोग के लिए रख ली गई। अदालत ने मामले की सुनवाई 19 जून को तर्क हेतु नियत की है।

वन विभाग की आपत्ति खारिज कर दी थी

परिवाद में बताया गया कि इस संबंध में वन विभाग द्वारा उक्त भूमि को डूबत क्षेत्र की बताते हुए आपत्ति की गई थी, जिसे सिरे से खारिज कर दिया गया था। परिवादी ने आरोप लगाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और डॉ. गोयनका ने षडयंत्र और अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके शासन को करोड़ों रुपए का चूना लगाया है, जिसके लिए धोखाधड़ी, अमानत में खयानत के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। परिवादी की ओर से वकील यावर खान ने इस मामले को लेकर ईओडब्ल्यू में की गई शिकायत, विभागों द्वारा की गई आपत्तियों और कैचमेंट एरिया के लिए वैधानिक नियमों से संबंधित दस्तावेज भी पेश किए हैं।

सात साल की बच्ची ने तख्ती पर लिख पीएम मोदी से की अपील जलवायु परिवर्तन पर कानून पास करें और हमारे भविष्य को बचाएं

नई दिल्ली: शुक्रवार को जब पूरा देश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहा था तब दिल्ली में एक 7 साल की बच्ची संसद के बाहर खड़े होकर एक खास संदेश दे रही थी. इस बच्ची का नाम लिसिप्रिया कंगुजम (Licypriya Kangujam) है. बच्ची ने सफेद रंग की तख्ती पर लिखा, ‘डियर मिस्टर मोदी (PM Modi) और सांसद..जलवायु परिवर्तन पर कानून पास करें और हमारे भविष्य को बचाएं.’ बच्ची ने कहा, ‘समुद्र का स्तर बढ़ रहा है और पृथ्वी गर्म हो रही है. उन्हें इस पर काम करना चाहिए.

बता दें जलवायु परिवर्तन (Climate Change)दुनिया की एक बड़ी समस्या है जो कहीं न कहीं आम जीवन को प्रभावित कर रही है. कई सांसद ये मानते हैं कि जलवायु परिवर्तन का असर मानसून की दिशा और दशा पर पड़ रहा है और इसी की वजह से कृषि के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण राज्यों में मानसून को लेकर अनिश्चितता भी बढ़ रही है. ताजा मामला ये है कि तमिलनाडु और दक्षिण भारत के दूसरे राज्यों में जो पेयजल संकट है, वो और खतरनाक हो सकता है. जिन जलाशयों के सहारे सरकारें लोगों को पीने का पानी मुहैया करा रही हैं, वे सब सूख रहे हैं.

चेन्नई में पानी का संकट सुर्खियों में है. यही हाल दक्षिण भारत के कई और शहरों का है. वैसे तो हर साल गर्मियों में पानी की किल्लत होती है लेकिन इस साल संकट बड़ा है. केंद्रीय जल आयोग बता रहा है कि चेन्नई और दूसरे बड़े शहरों में पानी के संकट की एक महत्वपूर्ण वजह जलाशयों में पानी का घटता स्तर है. उसकी ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक तमिलनाडु के बड़े जलाशयों में औसत से 40 फ़ीसदी कम पानी है 20 जून तक  दक्षिण भारत के 31 बड़े जलाशयों में उनकी क्षमता का बस 10% पानी बचा है. सबसे बुरा हाल कर्नाटक का है जहां के 4 बड़े जलाशयों में उनकी क्षमता का बस 1 से 2 फ़ीसदी पानी बचा है. ऐसे में अब सरकार को इस पानी के संकट का दूरगामी हल खोजना होगा.

सड़क पर भी सोने को तैयार’, फर्श पर नींद लेते दिखे कर्नाटक सीएम एचडी कुमारस्‍वामी

बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी ने इन दिनों राज्‍य के गांवों में दिन गुजार रहे हैं. शुक्रवार को वह यादगीर के चंद्राकी गांव में रहे. यहां उन्‍होंने अपने मंत्रियों संग एक सरकारी प्राथमिक स्‍कूल में रात गुजारी. वह फर्श पर सोते देखे गए.

कुमारस्‍वामी शुक्रवार सुबह ही यहां पहुंचे थे. यहां उन्‍होंने ग्रामीणों, किसानों और स्‍कूली बच्‍चों से मुलाकात की. कुमारस्‍वामी का कालाबुर्गी जिले के अफजलपुर तालुक स्थित हेरूर (बी) गांव जाने का कार्यक्रम था, मगर भारी बारिश ने इरादों पर पानी फेर दिया.

कुमारस्‍वामी इन दिनों ‘ग्राम वास्‍तव्‍य’ पर निकले हैं. चंद्राकी गांव में कुमारस्‍वामी ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस भी की. उन्‍होंने उन रिपोर्ट्स से इनकार किया जिनमें कहा गया था कि सीएम को गांव में 5-स्‍टार सुविधाएं मिल रही हैं. कुमारस्‍वामी ने कहा कि वह ‘सड़क पर सोने को तैयार’ हैं.

2006 में भी कुमारस्‍वामी ने ऐसा ही अभियान शुरू किया था. कुमास्‍वामी ने कहा कि वह हर महीने कम से कम दो से चार गांवों में रुकना चाहते थे. उन्‍होंने अपना दौरा शुरू करने से पहले ANI से कहा, “मैं हर महीने कम से कम दो से चार ग्राम वास्‍तव्‍य करना चाहता हूं.”

जजों की संख्या बढ़ाने को चीफ जस्टिस ने लिखी प़धानमंत्री को चिट्ठी.

देश की अदालतों पर मुकदमों के लगातार बढ़ते बोझ से निपटने को लेकर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में सीजेआई गोगोई ने बढ़ते लंबित मुकदमों का जिक्र किया है. सीजीआई गोगोई ने पीएम मोदी लिखा है कि अदालतों में कई सालों से हजारों मामले में लंबित पड़े हैं, जिनके निपटारे के लिए जजों की संख्या बढ़नी चाहिए.

साथ ही चीफ जस्टिस गोगोई ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी में हाई कोर्ट के जजों की रिटायरमेंट आयु सीमा को बढ़ाने का सुझाव दिया. अभी हाई कोर्ट में जजों की सेवानिवृत्ति की उम्र 62 साल है. सीजेआई गोगोई ने इसे 65 साल करने को कहा है. उन्होंने चिट्ठी में हाई कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाए जाने का भी सुझाव दिया है. बता दें कि इन दोनों ही मामलों में सरकार को संविधान में संशोधन करना होगा.

प्रधानमंत्री के नाम चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के पत्र में साफ है कि अभी सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या के मुताबिक तो संविधान संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए जरूरी है कि पांच जजों की कई संविधान पीठ बनाई जाए पर फिलहाल जजों की सीमित संख्या में ये बहुत मुश्किल है. बता दें कि अभी सुप्रीम कोर्ट में जजों के 31 पद स्वीकृत हैं, फिलहाल इतने ही जज हैं. वहीं सरकार के आंकड़ों के मुताबिक अभी हाई कोर्ट्स में करीब 44 लाख और सुप्रीम कोर्ट में 58,700 मामले लंबित पड़े हैं.  

सीजेआई गोगोई का सुझाव है कि लंबित मामलों के निपटारे के लिए सरकार सेवानिवृत्त जजों को फिक्स कार्यकाल के लिए नियुक्त करने की व्यवस्था लागू कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए सीजेआई गोगोई ने लिखा है कि लंबित मुकदमों का ये हाल है कि यहां 26 मुकदमे 25 साल, 100 से ज्यादा मुकदमे 20 साल, करीब 600 मुकदमे 15 साल और 4980 मुकदमे पिछले दस साल से चल ही रहे हैं.

छत्तीसगढ़ पहुंचा मॉनसून, इन इलाकों में हो रही है तेज बारिश

रायपुर। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार छत्तीसगढ़ मॉनसून पहुंच गया है। प्रदेश के दक्षिण बस्तर क्षेत्र में जमकर बारिश हो रही है। वहीं तेज बारिश से लोगों को गर्मी से निजाद मिली है प्रदेश के रामगुंडम, जगदलपुर, में मॉनसून पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने यहां तेज बारिश की संभावना जताई है।

वहीं मॉनसून को रायपुर पहुंचने में 5 दिन का और समय लग सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 5 दिन के भीतर राजधानी में मॉनसून पहुंचने की संभावना जताई गई है, वहीं अनुमान लगाया जा रहा है कि 2019 में पिछले साल के मुकाबले ज्यादा बारिश होगी।

बस्तर में मानसून की पहली बारिश की बौछार के साथ ही तेज हवाएं चलने लगी हैं। मौसम वैज्ञानिको के अनुसार मानसून की रफ्तार को देखकर लग रहा है कि एक सप्ताह के भीतर पूरे राजधानी समेत छत्तीसगढ़ कई इलाकों को मॉनसून कवर कर लेगा।

मोदी सरकार का भ्रष्टाचार पर वार: सरकारी कर्मचारियों के कामकाज की होगी समीक्षा, छिन सकती है नौकरी

नई दिल्ली : मोदी सरकार भ्रष्टाचारियों पर लगाम लगाने के लिए सख़्ती के मूड में है. पिछले दिनों टैक्स डिपार्टमेंट के 25 से ज्यादा वरिष्ठ अधिकारियों को जबरन रिटायर करने के बाद अब केंद्र ने भ्रष्ट एवं नकारा कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए बैंकों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं सभी विभागों से अपने कर्मियों के सेवा रिकार्ड की समीक्षा करने को कहा है. कार्मिक मंत्रालय ने केंद्र सरकार के सभी विभागों से प्रत्येक श्रेणी के कर्मचारियों के कामकाज की समीक्षा ‘पूरे नियम कायदे’ से करने के साथ यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ जबरन सेवानिवृत्ति की कार्रवाई में मनमानी न हो. इसमें कहा गया है, ‘सभी मंत्रालयों व विभागों से आग्रह है कि वे सार्वजनिक उपक्रमों/बैंकों और स्वायत्त संस्थानों समेत अपने प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले विभागों के कर्मचारियों के कामकाज की ‘कायदे कानून और सही भावना’ के अनुसार समीक्षा करे

कार्मिक मंत्रालय ने कहा कि मंत्रालयों या विभागों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि एक सरकारी कर्मचारी को जनहित में समय से पहले सेवानिवृत्त करने जैसी निर्धारित प्रक्रिया का कड़ाई से पालन हो और ऐसा निर्णय मनमाना नहीं हो. निर्देश के अनुसार सभी सरकारी संगठनों को प्रत्येक महीने की 15 तारीख को निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट देने को कहा गया है. इसकी शुरूआत 15 जुलाई 2019 से होगी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मूल नियम 56 (जे), (आई) और केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1972 के नियम 48 के तहत जारी कार्मिक मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अंतर्गत बैंकों, सार्वजनिक उपक्रमों और केंद्र सरकार के विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों का सेवा रिकार्ड की समीक्षा की जाएगी. ये नियम सरकार को जनहित में उस सरकारी कर्मचारी को सेवानिवृत्त करने की अनुमति देता है जिसकी ईमानदारी संदेहास्पद है और जो काम के मामले में कच्चे हैं.  

केंद्र सरकार ने हाल ही में जनहित में सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद विभाग के 15 अधिकारियों को समय से पहले सेवानिवृत्त कर चुकी हैय इससे पहले इस महीने की शुरूआत में भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के12 अधिकारियों को भी सेवा से बर्खास्त किया गया था. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए बृहस्पतिवार को कहा था कि सार्वजनिक जीवन और सरकारी सेवाओं से भ्रष्टाचार को हटाने का अभियान चलाया जाएगा. 

तीन तलाक पर बोली कांग्रेस- पत्नी को छोड़ना सिर्फ मुस्लिम नहीं, हर किसी के लिए हो जुर्म

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के बाद शुक्रवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई. भारी हंगामे के बीच कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन तलाक बिल को सदन के पटल पर रखा. कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियों ने तीन तलाक बिल को सदन के पटल पर रखे जाने का विरोध किया. कांग्रेस पार्टी की तरफ से सांसद शशि थरूर ने बिल के पेश होने का विरोध किया. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जो बिल लाया जा रहा है, वह संविधान के खिलाफ है.

शशि थरूर ने सदन में कहा कि मैं इस बिल के पेश किए जाने का विरोध करता हूं. उन्होंने कहा कि मैं तीन तलाक का समर्थन नहीं करता हूं लेकिन इस बिल के विरोध में हूं. थरूर बोले कि ये बिल संविधान के खिलाफ है, इसमें सिविल और क्रिमिनल कानून को मिला दिया गया है.

उन्होंने कहा कि अगर सरकार की नजर में तलाक देकर पत्नी को छोड़ देना गुनाह है, तो ये सिर्फ मुस्लिम समुदाय तक ही सीमित क्यों है. उन्होंने कहा कि क्यों ना इस कानून को सभी समुदाय के लिए लागू किया जाना चाहिए. कांग्रेस की ओर से कहा गया कि सरकार इस बिल के जरिए मुस्लिम महिलाओं को फायदा नहीं पहुंचा रही है बल्कि सिर्फ मुस्लिम पुरुषों को ही सजा दी रही है.

शशि थरूर ने तर्क रखा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने ही तीन तलाक को गैरकानूनी घोषित कर दिया है, तो सरकार सजा किस बात की दे रही है. उन्होंने कहा कि इस बिल का किसी भी तरह गलत इस्तेमाल किया जा सकता है. जिसमें मुस्लिम पुरुषों को तलाक देने पर तीन साल की सजा की बात कही है, लेकिन इन तीन साल में महिलाओं और बच्चों का ध्यान कौन रखेगा.

कांग्रेस की ओर से मांग की गई है कि बिल को स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाए और इस पर सही तरीके से चर्चा हो. सभी तरह की राय पर विचार किया जाए.

आपको बता दें कि तीन तलाक बिल को पिछले कार्यकाल में भी सरकार ने लोकसभा में पेश किया था, जहां ये पास हो गया था लेकिन राज्यसभा में पास नहीं हो पाया था. कार्यकाल खत्म होने के साथ ही पुराना बिल रद्द हो गया और अब बिल को दोबारा पेश किया जा रहा है.

ट्रंप ने कहा 150 नागरिक मारे जाते ईरान में इसलिये हमला नहीं किया.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने ईरान पर सैन्य कार्रवाई इसलिए नहीं की क्योंकि इसमें 150 आम नागरिक मारे जाते. गुरुवार को ईरान द्वारा अमेरिकी ड्रोन मार गिराए जाने के बाद दोनों देशों के बीच संबंध और खराब हो गए. इसके बाद युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी ईरान में तीन जगहों पर हमला करने की योजना थी. इस मामले पर ईरान का कहना है कि ड्रोन ने उसके एयरस्पेस का उल्लंघन किया है. वहीं वॉशिंगटन ने कहा कि ड्रोन इंटरनेशनल एयरस्पेस में मार गिराया गया. ट्रंप ने एनबीसी के मीट द प्रेस प्रोग्राम में एक इंटरव्यू के दौरान वाइट हाउस में कहा, ”मुझे यह अच्छा नहीं लगा.”

ईरान द्वारा अमेरिका का ड्रोन गिराए जाने से दोनों देशों के बीच सीधे युद्ध जैसा माहौल बन गया. दोनों देशों के बीच संबंध पहले से ही बिगड़े हुए हैं. ईरान से तेल के निर्यात में रुकावट की आशंका के चलते शुक्रवार को तेल की कीमतें 1 प्रतिशत बढ़कर 65 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं. यह संकेत देते हुए कि अमेरिका भी कूटनीति का रास्ता चुन सकता है, ईरानी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से कई अहम खुलासे किए. उनके मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमला होने की वाला था लेकिन उन्होंने कहा कि वह युद्ध के खिलाफ हैं और बातचीत करना चाहते हैं. अमेरिका ने सोमवार को बंद कमरे में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की बैठक का अनुरोध किया है.

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर जवाब देते हुए कहा था कि ईरान ने बहुत बड़ी गलती कर दी. गौरतलब है कि रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिकी ड्रोन को गोली से मार गिराया था. 13 जून को अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों पर हमले के लिए ईरान पर आरोप लगाया था. लेकिन ईरान ने इसका खंडन किया था.

श्रीराम जानकी मंदिर पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा वाचक रघुनंदन शास्त्री ने कहा

कथा… कथा सुनने, सुनाने, पढ़ने और पाठ कराने से भी होता है पुण्यार्जन: शास्त्री

शिवपुरी | शहर में पुलिस कंट्रोल रूम के पास स्थित श्रीराम जानकी मंदिर पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा वाचक…

शिवपुरी | शहर में पुलिस कंट्रोल रूम के पास स्थित श्रीराम जानकी मंदिर पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा वाचक रघुनंदन शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा को सुनना ही महत्वपूर्ण नहीं वरन इसको पढ़ने वाले, पढ़ाने वाले, सुनने वाले और सुनाने वालों के साथ आयोजन कराने वालों का भी कल्याण हो सकता है। बशर्ते कि वह इस कथा को सुनकर तदनुरुप आचरण करना शुरू कर दें। कथा का आयोजन नक्टूराम मुद््गल ग्राम अमरपुर वाले करा रहे हैं। इनके साथ आयोजक कैलाश नारायण शर्मा, अशोक शर्मा, बृजेश शर्मा, संजय शर्मा, दीपक शर्मा सोनू आरपीएफ, सूवेदार नीरज शर्मा, शिक्षक जितेन्द्र शर्मा सहित कई लोगों की आयोजन में सक्रिय सहभागिता है।