गुना शिवपुरी लोकसभा से सांसद केपीयादव रेलमंत्री से मिलेे

शिवपुरी गुना शिवपुरी से निर्वाचित सांसद डॉ केपीयादव ने ट्विट कर रेल मंंत्री पीयुष गोयल से मिलकर क्षेत्र केे लिये कुछ मांगें रखीं. इस संदर्भ में सांसद महोदय ने पिपरई गांव से चंदेरी और ललितपुर को जोड़ने वाली 80 किमी रेल लाईन पर राशि आवंटन एवं काम शुरु करने बाबत पत्र लिखकर सौंपा साथ ही स्टॉपेज हेतु भी मंत्री जी से चर्चा की.

ट्विटर पर ट्विट कर सांसद केपीयादव ने यह जानकारी दी.

डॉ केपीयादव क्षेत्र के समग़ विकास के लिये अभी से आतुर दिख रहे हैं आगे आने वाले समय में निश्चित ही जनता के दिलों में पैठ बना लेंगे.


@DrKPYadavBJPmp
माननीय रेलमंत्री श्री
@PiyushGoyal
जी से भेंट कर पिपरई गांव के रास्ते चंदेरी और ललितपुर को जोड़ने वाली 80 कि.मी. रेललाइन पर जल्द राशि आवंटित करने एवं कार्य शुरू करने के संबंध में पत्र दिया और आदरणीय मंत्री जी से ट्रेन स्टापेज हेतु चर्चा की।

गुलाबो सिताबो का फर्स्ट लुक: खड़ूस बूढ़े के किरदार में नजर आए अमिताभ बच्चन

अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना की फिल्म गुलाबो सिताबो के ऐलान के बाद से ही फैंस के बीच खुशी की लहर दौड़ गयी थी. आयुष्मान और अमिताभ को साथ देखना सही में दिलचस्प होगा और शूजित सरकार की बदौलत हम इन टैलेंटेड एक्टर्स को एक ही फिल्म में जल्द देखेंगे. विक्की डोनर और पीकू के साथ शूजित सरकार, आयुष्मान खुराना और अमिताभ बच्चन के साथ काम किया था और अब वो इस कॉमेडी फिल्म में दोनों को साथ लेकर आ रहे हैं.

फिल्म गुलाबो सिताबो की शूटिंग लखनऊ में शुरू हो चुकी है और अमिताभ बच्चन ने अपने हिस्से का काम शुरू कर दिया है. अमिताभ ने ट्विटर पर अपने फैंस को इस बारे में जानकारी दी और अपनी लुक के बारे में टीज भी किया.

लेकिन लगता है कि जब से शूटिंग की शुरुआत हुई है, गुलाबो सिताबी के मेकर्स परेशान हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि मंगलवार को अमिताभ बच्चन की फिल्म के सेट्स से कुछ तस्वीरें इंटरनेट पर लीक हो गयी थीं. जी हां, लखनऊ के कैसरबाग के महमूदाबाद मैंशन में इस फिल्म की शूटिंग हो रही है और इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, आयुष्मान खुराना के मकान मालिक का किरदार निभा रहे हैं.

खबर है कि फिल्म के सेट्स से अमिताभ की तस्वीरें वायरल होने के बाद फिल्म से जुड़े सभी लोगों से  तस्वीरों के लीक होने के बारे में पूछा गया और लापरवाही करने के लिए झाड़ लगाई गई. सूत्रों के मुताबिक, ‘शूजित सरकार और फिल्म के प्रोड्यूसरों ने शूटिंग की जगहों की सिक्योरिटी बढ़ा दी है. इसकी वजह से गुरुवार को शूटिंग शुरू होने में देर भी हुई थी. अब किसी को भी सेट्स पर फोन ले जाने की इजाजत नहीं है और आप नो रिकॉर्डिंग और नो मोबाइल फोन्स के साइन हर जगह देख सकते हैं.’

अब मेकर्स ने अमिताभ बच्चन का बतौर बूढ़े आदमी का लुक खुद से भी रिलीज कर दिया है. तरण आदर्श ने ट्विटर पर ये लुक शेयर किया, जिसमें आप अमिताभ को बड़ी दाढ़ी के साथ चश्मा लगाए देख सकते हैं. उनकी नाक को प्रोस्थेटिक्स से अलग बनाया गया है और अमिताभ बच्चन यहां काफी खड़ूस नजर आ रहे हैं.
बता दें कि ये फिल्म 24 अप्रैल 2020 को रिलीज होगी.

PM नरेंद्र मोदी को चुना गया दुनिया का सबसे ताकतवर शख्स, पुतिन-ट्रंप को पछाड़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर बड़ी खुशखबरी आई है. पीएम नरेंद्र मोदी को ब्रिटिश हेराल्ड के एक पोल में रीडर्स ने 2019 का दुनिया का सबसे ताकतवर शख्स चुना है. इस पोल में मोदी ने दुनिया के अन्य ताकतवर नेताओं जैसे व्लादिमीर पुतिन, डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग को मात दी. नॉमिनेशन लिस्ट में दुनिया की 25 से ज्यादा हस्तियों को शामिल किया गया था और जज करने वाले पैनल एक्सपर्ट्स ने सबसे ताकतवर शख्स के तमगे के लिए 4 उम्मीदवारों का नाम सामने रखा. चयन प्रक्रिया का मूल्यांकन इन सभी आंकड़ों के व्यापक अध्ययन और रिसर्च पर आधारित था.

कैसे की गई वोटिंग

वोटिंग के लिए आम प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं किया गया. ब्रिटिश हेराल्ड के रीडर्स को अनिवार्य वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) प्रोसेस के जरिए वोट करना था. हैरानी की बात है कि वोटिंग के दौरान साइट क्रैश भी हो गई क्योंकि वोटर्स अपनी पसंदीदा हस्ती को जिताने की कोशिश में जुटे थे.  

किसको कितने वोट

शनिवार को वोटिंग खत्म होने तक पीएम नरेंद्र मोदी को पोल में सबसे ज्यादा 30.9 प्रतिशत वोट मिले. वह अपने प्रतिद्वंदियों व्लादिमीर पुतिन, डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग से काफी आगे थे. इस पोल में मोदी के बाद दूसरे सबसे ताकतवर शख्स रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रहे, जिन्हें 29.9 प्रतिशत वोट मिले. वहीं 21.9 प्रतिशत लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सबसे ताकतवर शख्स माना. इसके बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का नंबर आया, जिन्हें 18.1 प्रतिशत लोगों ने वोट दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर ब्रिटिश हेराल्ड मैगजीन के जुलाई संस्करण के कवर पेज पर भी प्रकाशित की जाएगी. यह एडिशन 15 जुलाई को रिलीज होगा.

ब्रिटिश हेराल्ड की वेबसाइट पर छपे आर्टिकल के मुताबिक हालिया महीनों में पीएम मोदी को भारतीयों की ओर से बेहद ज्यादा अप्रूवल रेटिंग्स मिली हैं. 2019 लोकसभा चुनाव में आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख और बालाकोट में आतंकी कैंपों पर एयरस्ट्राइक के बाद उनके समर्थकों में भारी इजाफा हुआ. इसके अलावा आयुष्मान भारत, उज्जवला योजना और स्वच्छ भारत अभियान ने भी उनकी लोकप्रियता में काफी इजाफा किया.  

अमेरिका ने ईरान को धमकाया तो रूस ने किया आगाह, तनाव बढ़ा, सऊदी भी कूदा

वॉशिंगटन 
अमेरिका द्वारा ईरान को धमकी देने के बाद अब युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में दुनिया के कई देश खुलकर अमेरिका के साथ या विरोध में आ गए है। रूस ने चेतावनी दी है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका ने हमला किया तो भारी तबाही मचेगी। वहीं, सऊदी अरब ने अमेरिका के सुर में सुर मिलाते हुए कहा है कि ईरान ने गल्फ में गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। आपको बता दें कि ईरान ने अमेरिका के एक शक्तिशाली ड्रोन को मार गिराया है। उसका कहना है कि US ड्रोन ईरान में घुस आया था जबकि पेंटागन का कहना है कि यह घटना अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में घटी। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सख्त लहजे में कहा है कि ईरान ने बहुत बड़ी गलती कर दी है!

पुतिन ने US को किया आगाह 
मेल ऑनलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका को आगाह किया है कि ईरान पर आक्रमण करने से भारी तबाही मचेगी। रूसी राष्ट्रपति पुतिन तेहरान सरकार के करीबी हैं। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन के द्वारा किसी प्रकार के फोर्स का इस्तेमाल क्षेत्र में हिंसा को बढ़ावा देगा और फिर नुकसान की भरपाई कर पाना काफी मुश्किल होगा। दरअसल, US ने ईरान की कार्रवाई को अकारण हमला करार दिया है। 

सऊदी भी आगे आया, ईरान को घेरा 
रूस के आगे आने के बाद अमेरिका का प्रमुख सहयोगी सऊदी अरब भी इस मामले में कूद पड़ा है। सऊदी ने गल्फ के हालात को बिगाड़ने के लिए सीधे तौर पर ईरान के आक्रामक रवैये को जिम्मेदार ठहराया। सऊदी ने कहा कि वह इस बारे में परामर्श कर रहा है कि आगे कौन से कदम उठाए जाएं। सऊदी के विदेश मंत्री अदेल अल-जुबेर ने आगाह किया कि हॉर्मूज जलडमरूमध्य के करीब तेल टैंकरों पर हमले ने वैश्विक स्थिरता पर चोट की है। आपको बता दें कि इस रास्ते से दुनिया की तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा जहाजों से होकर गुजरता है। 

दुनिया के हर व्यक्ति पर असर’ 
सऊदी मंत्री ने कहा, ‘जब आप इंटरनैशनल शिपिंग में दखल देंगे तो इससे ऊर्जा की आपूर्ति पर प्रभाव पड़ेगा। इससे तेल की कीमतें भी प्रभावित होंगी और फिर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर होगा।’ उन्होंने कहा कि ऐसे में दुनिया के हर व्यक्ति पर इसका असर पड़ता है।

भी’ 
एक फोन-इन सेशन में पुतिन ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘अमेरिका ने कहा है कि वह फोर्स के इस्तेमाल से इनकार नहीं कर सकता…. यह क्षेत्र में तबाही लाएगा। इससे न केवल हिंसा बढ़ेगी बल्कि शरणार्थियों की संख्या में भी भारी इजाफा होगा।’ 

आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ओबामा के समय में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से अलग हो गए हैं। इसके बाद भी ईरान ने 12 महीने से समझौते का पालन किया है। अमेरिका ने धीरे-धीरे उस पर प्रतिबंध फिर से लगा दिए हैं। इससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरानी तेल के आयातकों को प्रतिबंधों से मिली छूट खत्म करने के बाद अप्रैल में ईरान ने धमकी दे दी थी कि वह हॉर्मूज जलडमरूमध्य को बंद कर देगा। दरअसल, अमेरिकी प्रतिबंधों से ईरान की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान हो रहा है। 

मई में इसी क्षेत्र में दो तेल टैंकरों पर हमले हुए। इस महीने फिर से हमले हुए। अमेरिका ने फुटेज जारी कर दावा किया है कि हमले में ईरान का हाथ था जबकि तेहरान ने इससे इनकार किया है। 

उम्र में आठवें, अनुभव में नौवें सबसे ‘युवा’ लोकसभा स्पीकर हैं ओम बिड़ला

ओम बिड़ला ने लोकसभा के नए स्पीकर का पदभार संभाल लिया है. इस हफ्ते से पहले ओम बिड़ला का नाम देश की राजनीति में ज्यादा नहीं सुना गया था, लेकिन 17वीं लोकसभा के पहले संसद सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब ओम बिड़ला का नाम नए स्पीकर के लिए नामित किया तो अचानक वह हर ओर चर्चा का विषय बन गए. वह अपने पूर्ववर्ती स्पीकरों की तुलना में कम अनुभवी हैं, लेकिन सबसे युवा स्पीकर नहीं हैं.

भारतीय संसदीय इतिहास में 1951-52 से लेकर अभी तक बने सभी लोकसभा अध्यक्ष में ओम बिड़ला से पहले स्पीकर नहीं है, जिन्हें दूसरी बार जीत के बाद इस पद पर विराजमान होने का मौका मिला हो. बिड़ला से पहले 1980 में दूसरी बार सांसद बनने वाले बलराम जाखड़ लोकसभा अध्यक्ष चुने गए थे.

दिलचस्प बात यह है कि लोकसभा अध्यक्ष के फेहरिस्त में ओम बिड़ला से पहले 8 स्पीकर ऐसे थे, जो पहली बार चुनाव जीतने के बाद स्पीकर के पद पर विराजमान हुए थे.

पहली बार में बने स्पीकर

पहली बार सांसद बनने के बाद लोकसभा अध्यक्ष बनने वाले नेताओं में 1952 में जीवी मावलंकर, 1956 में एमए अयंगर, 1967 में नीलम संजीव रेड्डी, 1967 में गुरुदयाल सिंह ढिल्लन, 1977 में केएस हेगड़े, 1989 में रवि रॉय, 1996 में सीएम बालयोगी और 2002 में मनोहर जोशी का नाम शामिल हैं. 

आठवें सबसे युवा स्पीकर

उम्र के आधार पर लोकसभा स्पीकर बनने की बात करें तो ओम बिड़ला देश के सबसे युवा स्पीकर नहीं हैं. उम्र के आधार पर वह देश के आठवें सबसे कम उम्र के स्पीकर हैं. 50 साल से कम उम्र के 2 लोकसभा स्पीकर (जीएमसी बालयोगी और पीए संगमा) हुए हैं.

देश के पहले दलित स्पीकर होने का गौरव हासिल करने वाले जीएमसी बालयोगी लोकसभा के सबसे युवा स्पीकर भी हैं. स्पीकर बनने के समय जीएमसी बालयोगी 47 साल के थे. बालयोगी पहली बार सांसद बनने के बाद ही लोकसभा अध्यक्ष चुने गए थे. जीएमसी बालयोगी (तेलुगू देशम पार्टी) के बाद दूसरे सबसे युवा स्पीकर पीए संगमा (तब कांग्रेस) में थे जो स्पीकर बनने के समय 49 साल के थे.

सबसे बुजुर्ग स्पीकर

इन दोनों के बाद 3 स्पीकर ऐसे हुए जो 54 साल की उम्र में स्पीकर बने. ये नाम हैं नीलम संजीव रेड्डी (1967), गुरदयाल सिंह ढिल्लन (1969) और बलिराम भगत (1976). खास बात यह है कि तीनों का कार्यकाल एक साथ का ही है. 60 साल से कम उम्र के स्पीकरों की संख्या 8 है.

अब सबसे बुजुर्ग स्पीकर पर नजर डालें तो सोमनाथ चटर्जी 75 साल की उम्र में लोकसभा स्पीकर बने. सीपीआई के कद्दावर नेता रहे चटर्जी 2004 में यूपीए-1 कार्यकाल में स्पीकर बने थे. इसके बाद सबसे बुजुर्ग स्पीकर बनीं सुमित्रा महाजन. 2014 में 16वीं स्पीकर बनने वाली सुमित्रा महाजन स्पीकर बनने के समय 71 साल की थीं. 70 से ज्यादा के उम्र के यही 2 स्पीकर हैं. जबकि 60 साल के ऊपर के स्पीकरों की संख्या 9 है.

स्पीकर साल उम्र

अब तक के स्पीकर  (क्रमवार) जिस साल पदभार संभाला  स्पीकर बनने के समय उम्र गणेश वासुदेव मावलंकर 1952 64‬ साल एम ए आयंगर 1956 65 साल हुकुम सिंह 1962 67 ‬साल नीलम संजीव रेड्डी 1967 54‬ साल गुरदयाल सिंह ढिल्लन 1969 54‬ साल बलिराम भगत 1976 54‬ साल केएस हेगड़े 1977 68‬ साल बलराम जाखड़ 1980 57 साल, 5 महीना रवि राय 1989 63‬ साल शिवराज पाटिल 1991 56 साल पीए संगमा1996  49‬ साल जीएमसी बालयोगी 1998 47‬ साल मनोहर जोशी 2002 65‬ साल सोमनाथ चटर्जी 2004 75‬ साल मीरा कुमार 2009 64‬ साल सुमित्रा महाजन 2014 71‬ साल ओम बिड़ला 2019 57‬ साल, 7 महीना1970 के बाद के स्पीकर

पहले संसदीय अनुभव के आधार पर लोकसभा स्पीकरों की बात करें तो 1971 के लोकसभा चुनाव के बाद गुरदयाल सिंह ढिल्लन को स्पीकर के रूप में चुना गया. गुरदयाल सिंह ढिल्लन इससे पहले भी स्पीकर (1 साल, 221 दिन) रहे थे. 1967 में चौथी लोकसभा में नीलम संजीव रेड्डी स्पीकर बने थे, लेकिन राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के लिए पद छोड़ दिया था और फिर उनकी जगह गुरदयाल सिंह ढिल्लन को स्पीकर बनाया गया. 1971 में लोकसभा चुनाव के बाद गुरदयाल सिंह ढिल्लन फिर से स्पीकर बने. वह इस पद पर पौने 5 साल रहे.

ढिल्लन बने स्पीकर

25 जून 1975 को देश में आपाताकाल (इमरजेंसी) लग गई थी जो 21 मार्च 1977 तक रही. गुरदयाल सिंह ढिल्लन के बाद  बलिराम भगत 22 मार्च 1971 को लोकसभा के अगले स्पीकर बने और वह इस पद पर करीब एक साल रहे. बलिराम भगत स्पीकर बनने से पहले पंडित जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी के मंत्रिमंडल में शामिल रहे.

सुप्रीम कोर्ट के जज बने स्पीकर

1977 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद जनता दल की सरकार पहली बार सत्ता में आई और बलिराम भगत के बाद नीलम संजीव रेड्डी (26 मार्च 1977) दूसरी बार स्पीकर बने और 109 दिन इस पद पर रहे क्योंकि वह राष्ट्रपति के लिए चुन लिए गए. उनकी जगह केएस हेगड़े देश के अगले स्पीकर बने.

आजादी के बाद वह कई सालों तक सरकारी वकील रहे. 1952 में वह राज्यसभा सांसद बने. इसके बाद 1967 में वह सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त किए गए. 1973 में उन्होंने नाराजगी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट से इसलिए इस्तीफा दे दिया क्योंकि उनके जूनियर को सुप्रीम कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बना दिया गया था.

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष से स्पीकर

हेगड़े के बाद बलराम जाखड़ लोकसभा के अगले स्पीकर चुने गए जो लगातार 2 लोकसभा (1980-1984 और 1984-89) के स्पीकर रहे. स्पीकर चुने जाने के समय जाखड़ पंजाब के कद्दावर नेता थे. लोकसभा आने से पहले वह 2 बार पंजाब विधानसभा (1972 और 1977) के लिए चुने जा चुके थे और 1977 में तो वह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने.

बलराम जाखड़ के बाद 1989 में नौंवीं लोकसभा में 2 सरकार बनी जिस दौरान रवि राय लोकसभा के स्पीकर रहे. स्पीकर बनने से पहले वह ओड़िशा की राजनीति में बड़ा चेहरा बन चुके थे और उनकी जनता दल के बड़े नेताओं में गिने जाते थे. 10वीं लोकसभा में शिवराज पाटिल स्पीकर बनने से पहले 2 बार विधायक रहे और इसके बाद लगातार चौथी बार लोकसभा में आने के बाद वह स्पीकर बनाए गए. वह लगातार 7 बार लोकसभा चुनाव जीतने में कामयाब रहे.

पूर्व मुख्यमंत्री बना स्पीकर

11वीं लोकसभा में कांग्रेस की ओर से स्पीकर चुने गए पीए संगमा, जो 1977 में पहली बार लोकसभा सांसद बने और कई बार सांसद का चुनाव जीते. 1996 में वह स्पीकर बने. 12वीं लोकसभा में देश को जीएमसी बालयोगी के रूप में पहला दलित स्पीकर मिला, लेकिन इससे पहले वह लोकसभा सांसद और आंध्र प्रदेश के मंत्री के रूप में काम कर चुके थे.

13वीं लोकसभा में स्पीकर जीएमसी बालयोगी की अचानक हुई मौत के बाद शिवसेना के मनोहर जोशी अगले स्पीकर बने. जोशी स्पीकर बनने से पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे. शिवसेना के कद्दावर नेताओं में शुमार 1999 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर स्पीकर बन गए थे, लेकिन बतौर मुख्यमंत्री उनके पास बड़ा अनुभव था और 3 बार विधानसभा सदस्य भी रहे थे.

पूर्व IFS बनीं पहली स्पीकर

14वीं लोकसभा (2004) में सोमनाथ चटर्जी, 15वीं लोकसभा में मीरा कुमार (2009) और 16वीं लोकसभा (2014) में सुमित्रा महाजन स्पीकर बनीं और इन सभी तीनों नेताओं के पास स्पीकर बनने से पहले राजनीति का बड़ा अनुभव था, वह पहली बार 1971 में सांसद बने थे.

मीरा कुमार भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) की अफसर रही थीं, लेकिन 1985 में इस्तीफा देकर राजनीति में प्रवेश किया. स्पीकर बनने से पहले मीरा कुमार 4 बार लोकसभा पहुंच चुकी थीं और बतौर दलित नेता बड़ा चेहरा था. वह देश की पहली महिला नौकरशाह रहीं जो स्पीकर के पद पर पहुंचीं.

2014 में बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए के सत्ता में लौटने पर सुमित्रा महाजन जब स्पीकर बनीं, तो वह आठवीं बार लोकसभा में चुनकर आई थीं. वह 2014 में उन 3 सदस्यों में शामिल है जो आठवीं बार लोकसभा पहुंचीं.

1970 के बाद के लोकसभा के अनुभवों को देखते हुए कहा जा सकता है कि नए स्पीकर ओम बिड़ला को अपने पूर्ववर्ती स्पीकरों की तुलना में ज्यादा अनुभव नहीं है. हालांकि उनके पास 3 बार विधायक बनने और एक बार बतौर सांसद काम करने का अनुभव है. नरेंद्र मोदी सरकार के इस अप्रत्याशित फैसले पर अभी कुछ भी कहना संभव नहीं है. उनके पास पूरे 5 साल का वक्त है और सभी की नजर इस पर रहेगी कि वह अपने कर्तव्य के प्रति कितना वफादार रह पाते हैं.  

International Yoga Day 2019: दुनियाभर में दिखा जबरदस्‍त नजारा

नई दिल्‍ली, एएनआइ। International Yoga Day 2019 (अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2019) पर आज दुनिया भर में योगाभ्‍यास के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झारखंड के रांची तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हरियाणा के रोहतक में योग कर रहे हैं। ‘योग फॉर हार्ट केयर’ की थीम पर इस बार आयोजित होने वाले पांचवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योगाभ्‍यास की दिलचस्‍प तस्‍वीरें और वीडियो सामने आई हैं। 

दिल्ली में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के दूतावास में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग का प्रदर्शन किया गया।

जम्मू: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर डॉग स्क्वॉड ऑफ बॉर्डर सिक्युरिटी फोर्स ने अपने प्रशिक्षकों के साथ योग किया।

चेन्नई: मरीना बीच पर भारतीय नौसेना और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योग का प्रदर्शन किया।

हरियाणा: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सीमा सुरक्षा बल (BSF)की घुड़सवार टीम ने गुरुग्राम के बीएसएफ कैंप में घोड़ों पर खड़े होकर योगाभ्यास किया।

हिमाचल प्रदेश: आईटीबीपी के जवानों ने किन्नौर जिले में भारत-चीन सीमा (India-China Border) पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग किया।

दिल्ली: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर दिल्ली के द्वारका में योग किया।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र के नागपुर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग का प्रदर्शन किया। 

पंजाब: अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने योग किया।

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों ने आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रोहतांग दर्रे पर योग का प्रदर्शन किया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर देश के सबसे ऊंचे पर्वत हिमालय पर भारतीय सेना के जवानों ने योग का प्रदर्शन किया। भारतीय सेना के यह वीर जवान हिमालय पर कई पदों पर तैनात है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर नौसेना के जवानों ने पनडुब्बी आइएनएस सिंधुध्वज पर योग का प्रदर्शन किया।

लद्दाख: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस(ITBP)के जवान  उत्तरी लद्दाख में 18000 फीट की ऊंचाई पर माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तापमान में योग का प्रदर्शन कर रहे हैं।

दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर दिल्ली में फ्रांसीसी दूतावास (French Ambessey) में भी योग का प्रदर्शन किया गया। आज पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है।

जम्मू: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर अमरनाथ यात्रा सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात आइटीबीपी (ITBP) के जवानों ने योग किया। 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर असम राइफल्स, सीआरपीएफ, पुलिस और नागरिकों के सैनिकों ने आज खराब मौसम और बारिश के बावजूद भारत-म्यांमार सीमा पर योग का प्रदर्शन किया।

जम्मू कश्मीर: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जम्मू कश्मीर के लेह में आइटीबीपी (ITBP) के जवान योग अभ्यास सत्र में भाग ले रहे हैं। देश की सबसे ऊंची सीमाओं की रक्षा करने वालों जवान अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भी अपना कर्तव्य बखूबी निभा रहे हैं। 

मुंबई: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मुंबई में पश्चिमी नौसेना डॉकयार्ड में आईएनएस विराट (INS Virat) पर ऑन-बोर्ड योग का प्रदर्शन किया जा रहा है। 

छत्तीसगढ़: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोंडागांव के नक्सल प्रभावित इलाके में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस( ITBP) के जवानों ने किया योग का प्रदर्शन किया।

आईटीबीपी के जवान उत्तरी लद्दाख में 18000 फीट की ऊंचाई पर माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तापमान में योग करते हुए।

अरुणाचल प्रदेश: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर अरुणाचल प्रदेश के लोहितपुर में आइटीबीपी (ITBP)के 9वीं बटालियन के जवानों ने ‘नदी योग’ किया। इस दौरान हजारों आइटीबीपी (ITBP)के जवानों ने दिगारू नदी में खड़े होकर योगाभ्यास किया। योग का ये अद्भुत नजारा देखते ही बन रहा है। देश के ये वीर जवान ना सिर्फ देश की रक्षा, बल्कि देश को स्वस्थ्य रखने का भी हुनर सिखा रहे हैं।

सिक्किम: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आइटीबीपी (ITBP) के जवानों ने माइनस 15 डिग्री तापमान के बीच 19 हजार फीट की ऊंचाइ पर ओपी दोरजिला पर योग का अभ्यास किया। इस दौरान जवानों का हौसला देखते ही बन रहा है। माइनस 15 डिग्री की कंपकपा देने वाली ठंड के बावजूद जवानों ने योग का अभ्यास किया।

हिमाचल प्रदेश: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर देश के वीर जवानों का जोश देखते ही बन रहा है। रोहतांग दर्रे (Rohtang Pass) के पास करीब 14 हजार फीट की ऊंचाई और माइनस 10 डिग्री जैसे हालात में भी आइटीबीपी (ITBP)के जवान योग करते नजर आ रहे हैं। ये देश के वीर जवानों की फर्ज के प्रति वफादारी को दिखाता है कि चाहे हालात मुश्किल हों, लेकिन जवानों का हौसला नहीं टूटता है। यह तस्वीर देश की ताकत को दिखाती है।

भारतीय दूतावास ने नेपाल के जनकपुर स्थित जानकी मंदिर परिसर में योगाभ्‍यास कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।

गुना शिवपुरी लोकसभा से सांसद केपीयादव क्षेत्र के विकास को लेकर प़यासरत.

शिवपुरी-गुना संसदीय क्षेत्र में बड़ेगा विकास और ट्रेनों की संख्या में होगा इजाफा

शिवपुरी। गुना संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. केपी यादव ने संसदीय सत्र के चलते देश के ग्रह मंत्री अमित शाह एवं भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह यादव से भेंट की।

इस अवसर पर सांसद डॉ. केपी यादव ने भारत सरकार एवं भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से क्षेत्र में कृषि, सिंचाई, उद्योग, स्वास्थ्य, रेल, सडक़ मार्गों की योजनाओं पर चर्चा की। जिस पर शीर्ष नेतृत्व ने सांसद श्री यादव को आश्वस्त करते हुए कहा कि गुना संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए किसी भी प्रकार से कमी नहीं आने दी जाएगी, एवं गुना संसदीय क्षेत्र को प्राथमिकता के साथ विकास के कार्योँ में अग्रणी रखा जाएगा।

रेल विकास की बढ़ी संभावनाएं

सांसद केपी यादव ने इस अवसर पर रेलमंत्री  पीयूष गोयल से भी भेंट कर चंदेरी रेल लाइन के प्रस्ताव को लेकर चर्चा की, वहीं गुना-बीना रेल खण्ड पर अस्थाई रूप से बंद गुना-नागदा टे्रन एवं इंदौर-जबलपुर इंटरसिटी ट्रेन, उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस टे्रन का अशोकनगर में स्टॉपेज को लेकर चर्चा की, जिससे अस्थाई रूप से बंद ट्रेनों के जल्द प्रारम्भ होने की संभावनाऐं बढ़ी हैं। वहीं सांसद श्री यादव ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने के लिए देश के स्वास्थ्य मंत्री श्री हर्षवर्धन से भी चर्चा की।

रेत माफिया जिले में हो रहे बेकाबू.

करैरा। खबर जिले के करैरा अनुविभाग से आ रही है। यह खबर प्रशासन की दुर्बलता और वेकाबू होते रेत माफिआयो और प्रशासन पर हावी होते रेत माफियाओ पर प्रकाश डालती हैं। बताया गया है कि करैरा में नेशनल पार्क के उडनदस्ते ने रेत से भरे एक डंपर को रोकने का प्रयास किया जो उसने उडनदस्ते पर ही डंफर चढा दिया। अचानक डम्फर से किए गए इस हमले में उडनदस्ता चालक और अन्य ग्रामीण घायल हो गया। रेत माफिया अपना डम्फर खाली कर भाग गए।

जानकारी के अनुसार नेशनल पार्क शिवपुरी से उड़नदस्ता तीन गाड़ियों से करैरा अभयारण्य क्षेत्र में गया था। फॉरेस्ट ऑफिसर एलपी आर्य ने बताया कि भ्रमण के दौरान उड़नदस्ता ने करही गांव के पास रेत से भरे डंपर क्रमांक एमपी 07 जीए 2432 को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी और डंपर भगा ले गया। डंपर की टक्कर से गाड़ी चालक मुरारी रजक और श्रमिक जगदीश खटीक घायल हो गए।

करीब 5-6 किमी तक उड़नदस्ता की गाड़ियों ने पीछा किया तो चालक ने डंपर को खड़ा किया और चाबी निकालकर मौके से भाग गया। इस पर उड़नदस्ता में शामिल कर्मचारियों ने किसी तरह डंपर चालू किया। वे डंपर को जब्त कर ला रहे थे, तभी गधाई गांव के पास रेत माफिया आ पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से उड़नदस्ता को घेर लिया।

डंपर की रेत सड़क पर ही खाली कर दी, फिर डंपर को छुड़ाकर ले गए। इस घटना की रिपोर्ट करैरा थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने दो आरोपी रामकिशन और दिलीप परिहार सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

डंपर पकड़ने यह लोग गए थे अभयारण्य सीमा में

करैरा अभयारण्य की सीमा में गुरुवार सुबह साढ़े चार बजे उड़नदस्ते की टीम ने करही रमगढ़ा मार्ग पर डंपर पकड़ा था। उस दौरान उड़नदस्ता प्रभारी रेंजर आर्य, डिप्टी रेंजर गज्जूराम कोरी, नरेश आदिवासी डिप्टी रेंजर, सादिक मोहम्मद वनपाल, दीपक मौर्य वनरक्षक, अरविंद जयंत, अनुग्रह वशिष्ट, याकूब खान चालक, मुरारी लाल चालक मौजूद रहे थे। 

इस पूरी घटना के समय उड़नदस्ता प्रभारी रेंजर आर्य मौजूद रहे, लेकिन थाने पर केस दर्ज कराने के दौरान वह मौजूद नहीं थे। प्रभारी रेंजर अनुराग तिवारी के आने के बाद ही पुलिस ने केस दर्ज किया।

कमलनाथ और सिंधिया समर्थक मंत्रियों में रार कुछ मंत्री हो सकते बाहर.

शिवपुरी।भाजपाई बार-बार कांग्रेस की सरकार को गिराने के बायनबाजी करते रहते हैं,लेकिन मौजूदा हालत को देखकर लगता हैं कि कांग्रेस को अब अपनो से ज्यादा खतरा होता दिख रहा हैं। अब कांग्रेस की आपसी गुटबाजी की आंच मप्र सरकार की टांग खिचाई तक पहुंच गई हैं। बताया जा रहा हैं की मप्र सरकार की केबिनेट बैठक में सिंधिया समर्थक माने जाने वाले जिले के प्रभारी मंत्री प्रधुम्मन सिंह तोमर की झडप प्रदेश के सीएम से हो गई हैं। इस कारण मंत्री पद से हाथ धोना पड सकता है ऐसी अटकलो की हवाए चल रही हैं।

मुख्यमत्री कमलनाथ को प्रदेश में सरकार चलाने में अडचने भाजपा से नही बल्कि अपनो से ही हो रही हैं। सरकार को मजबूत करने के लिए सपा बसपा के साथ कुछ वरिष्ठ कांग्रेसी विधायको को मंत्रिमण्डल में शामिल किया जाना था। ओर इसके लिए कुछ मंत्रीयो से इस्तीफा लिए जाने थे, इसकी भनक सिंधिया समर्थको को लग गई ओर वे सक्रिय हो गए।कहा जा रहा है कि सिंधिया समर्थक मंत्रीयो ने एक बैठक कर रणनीति भी बनाई हैं कि अगर किसी भी मंत्री पर इस्तीफे का दबाब डाला जाता हैं तो सभी मंत्री एक साथ इस्तीफा देंगें। बताया जा रहा हैं कि जब विधानसभा सरकार बनी थी और उसके बाद मंत्री मण्डल बना तो कई कांग्रेसी सहित निर्दलीय और सरकार को समर्थन दे रहे दुसरे दलो के विधायक नाराज हो गए थे।उनकी नाराजगी को स्वयं सीएम कमलनाथ ने बैठकर दूर किया और कहां कि लोकसभा चुनाव के बाद मंत्रिमण्डल का विस्तार किया जाऐगा। लोकसभा चुनावो के बाद नाराज विधायको ने मंत्री बनने के लिए दबाब बनाना शुरू की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया था,लेकिन सीएम कमलनाथ की समस्या यह है कि नए मंत्री बनाने के लिए कुछ मंत्रियो से इस्तीफा लिया जाए।

इस कारण यह तय किया गया कि सिंधिया और दिग्गी राजा कोटे के 2-2 मंत्रीयो को कैबिनेट से बहार कर दिया जाए,लेकिन इस बात की भनक सिंधिया समर्थक मंत्रियो को लग गई ओर वे सक्रिय हो गए। बताया जा रहा हैं कि मंत्रियो की कैबिनेट बैठक में जिले के प्रभारी मंत्री प्रधुम्मन सिंह तोमर ने मोर्चा खोल दिया।

बताया यह भी जा रहा हैं कि सीएम कमलनाथ ने मंत्री तोमर को खूव खरी खोटी भी सुनाई ओर कहा कि मुझे पता है कि तुम किसके इशारे पर यह काम कर रहे हो,सूत्र यह भी बता रहे है कि सीएम और प्रभारी मंत्री की इस नोकझोक को वहां मौजूद कुछ मंत्रियो ने हस्तेक्षेप कर मामले को शांत किया हैं,लेकिन मंत्री प्रधुम्मन सिंह तोमर बीच कैबिनेट से उठकर चले गऐ।

अब राजनीतिक हल्को में यह अटकले तेज हो गई अब सीएम और शिवपुरी के प्रभारी मंत्री के संबंधो में खटास बढ गई हैं ओर सीएम कमलनाथ प्रधुम्मन सिंह तोमर को मंत्रिमण्डल से बहार करने का रास्ता तलाश रहे हैं।