शिक्षकों के तबादले अब ऑनलाइन आवेदन से

 

भोपाल! मध्य प्रदेश में इस बार भी शिक्षकों के तबादले ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत होंगे! अध्यापकों को तबादले के लिए अब ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तबादला नीति में संशोधन करने के निर्देश दिए हैं। अब विभाग सामान्य प्रशासन विभाग को प्रस्ताव भेजेगा ! जिसके बाद जल्द ही तबादलों के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया और अंतिम तारीख तय होगी।

मुख्यमंत्री के साथ विभागीय मंत्री की हुई बैठक में तबादले के आवेदन ऑनलाइन लेने का निर्णय लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक नई तबादला नीति के तहत शिक्षकों के भी तबादले किये जाने थे, लेकिन स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी के पास तबादलों के लिए आवेदनों का अंबार लग गया था। यही स्थिति प्रभारी मंत्रियों के यहां भी बन रही थी। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी इस प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं थे और ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया को अपनाना चाहते थे। इस मामले में एक राय नहीं बनने की वजह से प्रकरण मंगलवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ के सामने पहुंचा तो उन्होंने विभागीय मंत्री के साथ अधिकारियों की बैठक बुला ली। जिसमे अब ऑनलाइन आवेदन बुलाने का निर्णय लिया गया है! अब विभाग सामान्य प्रशासन विभाग को प्रस्ताव भेजेगा और तबादलों के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया और अंतिम तारीख तय होगी।

नई नीति में ऑन लाइन आवेदन के लिए शिक्षकों के सामने च्वाइस फिलिंग का प्रावधान रखा जाएगा। इसके लिए पाेर्टल पर जिलेवार स्कूलों में खाली पदाें की सूची अपलोड की जाएगी। आवेदक शिक्षक यूनिक आईडी के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। जिस जिले में जाना चाहते हैं वहां के स्कूलाें काे बताैर च्वाइस देना हाेगा। दाे साल पहले तत्कालीन राज्य सरकार ने ऑनलाइन ट्रांसफर का प्रावधान किया था। इसके तहत हाई व हायर सेकंडरी स्कूलाें के शिक्षकाें के तबादले तक कर दिए गए थे। पिछले विधानसभा चुनाव के लिए लगी आचार संहिता के कारण प्राइमरी व मिडिल स्कूलाें के शिक्षकाें के तबादले इस प्रक्रिया से नहीं हाे सके थे। चुनाव के बाद नई सरकार बनते ही नई नीति पर विचार शुरू हाे गया। कुछ दिनाें बाद लाेकसभा चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता लगने से यह मामला फिर अटक गया था।

शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे के जन्मदिन पर खास.

ग्वालियर  मध्यप्रदेश  में  भारतीय जनता पार्टी की सरकार में  15 वर्ष तक कार्य किया पर धर्मस्व विभाग की महत्वपूर्ण (मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना) मध्य प्रदेश की जनता का दिल जीता और हजारों लोगों ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में पढ़ने वाले अपने तीर्थ स्थलों का दर्शन किए.
पर इस योजना को अंतिम मूर्त रूप देने के लिए शिवपुरी विधायक और पूर्व मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया को मध्यप्रदेश में चली इस तीर्थ दर्शन योजना के लिए  याद किया जाता है.
इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में हजारों लाखों लोगों ने इस योजना का लाभ लेकर अपने तीर्थ स्थलों के दर्शन किए अजमेर शरीफ से लेकर रामेश्वरम और वैष्णो देवी जैसे तमाम धार्मिक स्थलों पर मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों से रेलगाड़ियों का तीर्थ स्थलों तक जाना तीर्थ यात्रियों के लिए हर सुविधा उपलब्ध कराना इस योजना हिस्सा महत्वपूर्ण था भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में बनी इस योजना के लिए श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया को प्रदेश की जनता आज भी याद करती है कि किस तरह से इस योजना को साकार कर मध्य प्रदेश में रहने वाली अपनी जनता को तीर्थ स्थलों के दर्शन करवाना और उनका लाभ प्राप्त करवाना इस मंत्रालय का प्रमुख  लक्षय रहा और मध्य प्रदेश की जनता के साथ साथ शिवपुरी जिले से हुई करीब 20 हजार लोगों ने इस योजना का लाभ लिया और आज भी शिवपुरी विधायक को ऐसी योजना के लिए क्षेत्र की जनता ही नहीं पूरे मध्यप्रदेश की जनता जितना धन्यवाद करें उतना कम है।
दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने आज भी इस योजना को चला रखा है और ऐसी योजना कल आप दिल्ली प्रदेश के लोग प्राप्त कर रहे हैं।
कमलनाथ सरकार ने इस योजना को किया बंद।
मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने पूर्व सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना को बंद किया।

आज 19 जून को श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया यशस्वी विधायक और पूर्व मंत्री कैलाश वासी राजमाता सिंधिया की लाडली शिवपुरी की जनता की सेवा के लिए हमेशा तत्पर और हमारी मार्गदर्शक के जन्मदिवस की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाओं के साथ .

सत्येंद़ सिंह रघुवंशी
डायरेक्टर &
चीफ एडीटर द न्यूज़ लाइट

सिर्फ ड्राइविंग टेस्ट पास करने पर मिलेगा लाइसेंस।

दिल्ली।सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मिनिमम एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बाध्यता को खत्म कर दिया है। मंत्रालय की ओर से इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया गया है।मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या रिन्यू कराने के लिए 8वीं पास शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं रहेगी. सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 के नियम 8 के तहत ट्रांसपोर्ट व्हीकल ड्राइवर बनने के लिए कक्षा 8 पास होना जरूरी है।

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि गरीब वर्ग के लोगों की आजीविका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. इस फैसले से उन लोगों को तुरंत फायदा होगा जो 8वीं पास नहीं होने के कारण अपने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करा पा रहे हैं।सरकार के इस फैसले से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे और यह निर्णय परिवहन के क्षेत्र में लगभग 22 लाख ड्राइवरों की कमी को पूरा करेगा।