गृहमंत्री अमित शाह ने बताया भारतीय जनता पार्टी की पहुंच बढ़ाने का तरीका, कही ये बात

नई दिल्ली: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को कहा कि पार्टी के सदस्यता अभियान का उद्देश्य अपनी पहुंच का विस्तार करना और इसे समावेशी बनाना है ताकि पार्टी सभी वर्गों के लोगों तक पहुंच बना सके. शाह ने यहां पार्टी मुख्यालय में सदस्यता अभियान के लिए पार्टी के प्रदेश प्रभारियों की एक बैठक को संबोधित करते हुये कहा कि भाजपा 2019 के आम चुनाव में भले ही जीत हासिल कर ली हो लेकिन पार्टी को सर्वश्रेष्ठ स्थिति में पहुंचना अभी बाकी है.
शाह ने कहा कि यह अभियान पार्टी को समावेशी बनाने का एक माध्यम है, जिससे पार्टी सभी वर्गों के लोगों तक पहुंच बना सके. वर्तमान में भाजपा के 11 करोड़ सदस्य हैं. पार्टी ने अपने सदस्यों की संख्या में कम से कम 20 प्रतिशत वृद्धि करने का लक्ष्य रखा है. बता दें कि सोमवार को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा (JP Nadda) को BJP का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. भारतीय जनता पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया. 
पूर्व केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा (Jagat Prakash Nadda) के नाम की चर्चा पहले से ही चल रही थी. बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे. अमित शाह (Amit Shah) बीजेपी अध्यक्ष बने रहेंगे. बैठक के बाद रक्षा मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा कि अमित शाह जी के नेतृत्व में भाजपा ने कई चुनाव जीते, लेकिन जब से प्रधानमंत्री ने उन्हें गृह मंत्री नियुक्त किया, अमित शाह जी ने खुद कहा कि पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी किसी और को दी जानी चाहिए. भाजपा संसदीय बोर्ड ने जेपी नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष चुना है.

जेपी नड्डा बने BJP के कार्यकारी अध्यक्ष मोदी-शाह के चहेते रहे हैं नड्डा, इन खूबियों की वजह से बने BJP के कार्यकारी अध्यक्ष

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सीनियर नेता जेपी नड्डा को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. बीजेपी के मौजूदा अध्यक्ष अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद इस बात को लेकर कयासों का दौर चल रहा था कि किसे अध्यक्ष कि जिम्मेदारी मिलनी चाहिए. पिछले मोदी सरकार में नड्डा को मंत्री पद मिला था, लेकिन इस बार 57 नेताओं वाली मंत्रिपरिषद की लिस्ट में उनका नाम नहीं था. ऐसे में चर्चाएं जोरों पर थी कि बीजेपी नड्डा को लेकर कुछ बड़ा प्लान कर रही है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार देर शाम जेपी नड्डा को बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की घोषणा की. नड्डा अगले छह महीने तक पार्टी अध्यक्ष की कमान संभालेंगे. इस दौरान दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. अमित शाह के साथ मिलकर ही जेपी नड्डा पार्टी का कामकाज देखेंगे.

बीजेपी संसदीय बोर्ड में सोमवार को नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का फैसला हुआ. इस मीटिंग में राजनाथ ने कहा कि मौजूदा अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में बीजेपी ने कई चुनाव जीते हैं. लोकसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत भी हासिल किया. लेकिन अब जबकि अमित शाह को मोदी कैबिनेट में गृह मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है, ऐसे में उनपर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाना चाहिए. पार्टी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी किसी और को मिलनी चाहिए. राजनाथ सिंह ने ऐलान किया कि बीजेपी संसदीय बोर्ड ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष चुना है.

नड्डा क्यों बनाए गए बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष?

हिमाचल प्रदेश के लो-प्रोफाइल नेता माने जाने वाले जेपी नड्डा को साल 2014 के चुनाव के बाद केंद्र की मोदी सरकार में पहली बार बड़ा पद मिला. 58 साल के नड्डा पीएम मोदी और अमित शाह दोनों के काफी करीबी हैं. नड्डा के बारे में ऐसा कहा जाता है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का समर्थन भी हासिल है.

राष्ट्रीय टीम में लाने का गडकरी को क्रेडिट

बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में नड्डा को लाने का श्रेय नितिन गडकरी को जाता है. 2010 में बतौर अध्यक्ष गडकरी ने नड्डा को राष्ट्रीय टीम में अहम जिम्मेदारी दी थी. उन्हें बीजेपी संसदीय बोर्ड का सदस्य बनाया गया, जो कि पार्टी में फैसले लेने वाली सबसे बड़ा संगठन है. 2019 के चुनाव के लिए नड्डा को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया था. उनके प्रभारी रहते हुए बीजेपी ने राज्य में 62 सीटें जीती और प्रचंड बहुमत हासिल किया.

गज़ब की नेतृत्व क्षमता

आरएसएस मैन कहे जाने वाले जेपी नड्डा में बेहतरीन तरीके से संगठन चलाना जानते हैं. उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के पीछे ये भी एक वजह रही. 2014 में नड्डा तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह को रिप्लेस करने वाले थे, राजनाथ सिंह की भी यही इच्छा थी. लेकिन बाद में बीजेपी संसदीय बोर्ड ने नड्डा की जगह अमित शाह को पार्टी की कमान सौंप दी. हालांकि, नड्डा को इसका कोई नुकसान नहीं हुआ. 2014 के मोदी कैबिनेट में उन्हें जगह मिली.

जेपी नड्डा को काफी हद तक अमित शाह की तरह ही चुनाव प्रबंधन की रणनीति में माहिर माना जाता है. अमित शाह ने 2019 में पार्टी के लिए हर सीट पर 50 फीसदी वोट हासिल करने का लक्ष्य रखा था. नड्डा ने यूपी में पार्टी को 49.6 फीसदी वोट दिलाने का कारनामा कर दिखाया.

जेपी नड्डा के सामने ये चुनौतियां

कार्यकारी अध्यक्ष बनने के साथ ही जेपी नड्डा के सामने कई चुनौतियां हैं. अगले तीन महीनों के बाद महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने है. इन राज्यों में बीजेपी की सरकार है. इसके अलावा साल के आखिर तक जम्मू-कश्मीर में भी विधानसभा चुनाव है. बीजेपी इन राज्यों में अपने अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष के नेतृत्व में चुनावी रण में उतरेगी. इसके साथ ही 7 महीने बाद दिल्ली का विधानसभा चुनाव है, जिसमें जीत हासिल कर नड्डा खुद को साबित करना जरूर चाहेंगे.

कौन हैं नड्डा?

हिमाचल प्रदेश के एक ब्राह्मण परिवार से आने वाले जेपी नड्डा पार्टी के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं. नड्डा भाजपा की पितृ संस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विश्वसनीय चेहरा माने जाते हैं. नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य मंत्री रहे 58 साल के नड्डा अपनी लो-प्रोफाइल को बनाए रखने की वजह से कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर चुने गए हैं. अब पार्टी और सरकार के बीच सामंजस्य बनाकर काम करेंगे और अमित शाह के एजेंडा को आगे लेकर जाएंगे.

मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार के छह मंत्री हटाए जाएंगे, जानिये क्या है वजह…

इंदौर: मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार के छह मंत्रियों को हटाए जाने की चल रही चर्चाओं की पुष्टि लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने सोमवार को कर दी है. सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि कई लोगों को एकोमोडेट किया जाना है, इसलिए पांच-छह मंत्रियों को हटाया जा सकता है. उन्हें संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है. वर्मा ने आगे कहा, ‘किसी भी राज्य की सरकार को चलाने की प्रक्रिया होती है. नए लोगों को जोड़ें, पुराने लोगों को भी काम दें, किसी को संगठन की जिम्मेदारी दें. संगठन का किसी को मुखिया बनाया जाए. इसी क्रम में अभी तो छह मंत्रियों को हटाने की बात है. इन स्थानों पर नए लोगों को लाया जाए, वहीं मंत्रियों के पांच पद अभी खाली पड़े हैं.’

मालूम हो कि पिछले कुछ दिनों से राज्य सरकार के छह मंत्रियों को हटाने की चर्चा है. सरकार के भविष्य पर किसी तरह का खतरा न आए, इसके लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ समर्थन देने वाले गैर कांग्रेसी विधायकों को मंत्री बनाना चाहते हैं. कमलनाथ ने एक एक फॉर्मूला बनाया है. इसके मुताबिक, तीनों बड़े नेताओं (कमलनाथ, दिग्विजय सिंह व ज्योतिरादित्य सिंधिया) के कोटे वाले दो-दो मंत्रियों को बाहर करने की तैयारी है.

राज्य की 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 114, भाजपा के 108 विधायक हैं. इसके अलावा दो बसपा, एक सपा और चार निर्दलीय विधायक हैं. अभी हाल ही में एक सीट खाली हुई है, क्योंकि झाबुआ से विधायक रहे जीएस डामोर सांसद का चुनाव जीत गए हैं. कांग्रेस को बसपा के दो, सपा के एक और चार निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल है. एक निर्दलीय मंत्री है, जबकि तीन मंत्री बनने का इंतजार कर रहे हैं. वहीं अन्य समर्थन करने वाले विधायक भी कतार में हैं. 

इस तरह निर्दलीय तीन विधायकों और बसपा के दो व सपा के एक विधायक को कमलनाथ मंत्री बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं, ताकि इन समर्थन देने वाले विधायकों के असंतोष को दबाया जा सके और सरकार पर कोई खतरा न रहे. 

रानी लक्ष्मीबाई बलिदान दिवस पर निकाली पैदल मशाल यात्रा, करैरा में विश्राम के बाद,पहुंचेगी झांसी

सीआरपीएफ आईजी, कमाण्डेट, एसडीएम, एसडीओपी, पूर्व विधायक, पूर्व राज्यमंत्री ने तात्याटोपे को नमन कर दिखाई हरी झण्डी 
शिवपुरी- वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस के अवसर पर अमरशहीदों की स्मृतियों को सहेजने के लिए लगातार अमर शहीदों के बलिदान दिवस पर समाजसेवी संस्था बीपीएम जयहिंद मिशन अध्यक्ष जेलर व्ही.एस.मौर्य एवं संत रैदास लोक कल्याण ट्रस्ट अध्यक्ष डॉ.कपिल मौर्य, उपाध्यक्ष श्रीमती माया मौर्य के संयुक्त तत्वाधान में पैदल मशाल यात्रा का आयोजन किया गया। यह पैदल मशाल यात्रा स्थानीय तात्याटोपे समाधि स्थल से प्रारंभ हुई जहां कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीआरपीएफ सीआईएटी संस्थन के आई.जी. मूलचंद पंवार,  कमाण्डेट जे.पी.बलई, एसडीएम अतेन्द्र सिंह गुर्जर, एसडीओपी शिवसिंह भदौरिया, पूर्व विधायक प्रहलाद भारती, पूर्व राज्यमंत्री राजू बाथम, जल संसाधन विभाग के एसडीओ अवधेश सक्सैना के द्वारा संयुक्त रूप से हरी झण्डी दिखाकर इस पैदल मशाल यात्रा को रवाना किया गया। इस अवसर पर देशभक्त और वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर आईजी श्री पवंार द्वारा प्रकाश डाला गया। इसके पूर्व तात्याटोपे को  21 तोपों की सलामी दी गई। इस अवसर पर बीपीएम जयहिंद मिशन अध्यक्ष जेलर व्ही.एस.मौर्य, संत रैदास संस्था के अध्यक्ष डॉ.कपिल मौर्य, उपाध्यक्ष श्रीमती माया मौर्य, सचिव मनीषा वर्मा, उम्मेद झा, भूपेन्द्र विकल, नितिन शर्मा, सुल्तान शाक्य शिक्षक, रामलखन धाकड़ शिक्षक, मुरारी लाल, रामजी लाल शर्मा, पूनम पुरोहित, जयहिंद मिशन संस्था के सह सचिव वासित अली, सचिव दुर्गेश गुप्ता, आदित्य शिवपुरी, मीडिया प्रभारी राजू यादव ग्वाल, रशीद खान, मणिकांत शर्मा, रैली प्रभारी लल्ला पहलवान, भाजपा नेता मुकेश रघुवंशी, पं.केदार समाधिया, आदि शामिल रहे। पैदल मशाल यात्रा के दौरान वीरांगना लक्ष्मीबाई एवं तात्याटोपे के प्रतीकात्मक झांकी भी नगर में निकाली गई।
करैरा में मंगल पाण्डे को दी श्रद्धांजलि, आज पहुंचेगी झांसी 
बीपीएम जयहिंद मिशन के अध्यक्ष व्ही.एस.मौर्य एवं संत रैदास लोक कल्याण ट्रस्ट की अध्यक्ष कपिल मौर्य व उपाध्यक्ष श्रीमती माया मौर्य द्वारा संयुक्त रूप से दी गई जानकारी में बताया कि वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर निकली यह पैदल मशाल यात्रा शिवपुरी में तात्याटोपे समाधि से निकली जो अस्पताल चौराहा, कष्टमगेट, आर्य समाज रोड़, सदर बाजार, गांधी चौक होते हुए माधवचौक चौराहे से होकर गुरूद्वारा, झांसी तिराहा होते हुए झांसी की ओर रवाना हुई। देर सायं को यात्रा करैरा पहुंची जहां जेलर करैरा दिलीप नायक एवं कांग्रेस नेता वीनस गोयल द्वारा मशाल यात्रा का स्वागत किया गया और रात्रि विश्राम के पूर्व अमर शहीद मंगल पाण्डे की प्रतिमा पर देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रमों का आयेाजन कर श्रद्धांजलि दी गई। आज यह पैदल मशाल यात्रा करैरा से निकलकर झांसी पहुंचेगी जहां रानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर मशाल यात्रा को समर्पित किया जाएगा। इस दौरान झांसी नगर में भी यात्रा का भव्य स्वागत अनेकों स्थानों पर किया जाएगा। 
अब तक 4 हजार किमी की निकाल चुके है पैदल मशाल यात्रा
बताना होगा कि बीपीएम जयहिंद मिशन एवं संत रैदास लोक कल्याण ट्रस्ट दोनों ही संस्थाओं द्वारा अब तक करीब 4 हजार किलोमीटर की पैदल मशाल यात्रा विभिन्न स्थानों के लिए निकाली जा चुकी है जिसमें 11बार तात्याटोपे समाधि स्थल से झांसी के लिए, 12बार कर्नल गुरूबख्श ढिल्लन की स्मृति में, 5बार अमरशहीद पं.रामप्रसाद बिस्मिल स्मृति में, 11बार शिवपुरी से करैरा मंगल पाण्डे स्मृति में पैदल मशाल यात्रा निकाली जा चुकी है। इस पैदल मशाल यात्रा में चाहे बच्चे हो या जवान या आमजन कोई भी वह अपनी देश की मिट्टी के लिए शहीद हुए बलिदानियों की स्मृतियों को हमेशा अपने जेहन में समाए रखे और वह प्रेरणा ले कि ऐसे वीर बलिदानियों ने इस देश के लिए अपना सबकुछ गंवा कर हमें आजादी दिलाई है उन अमर शहीदों की स्मृतियों के लिए ही लगातार 11वर्षों से समाजसेवी संस्था बीपीएम जयहिंद मिशन एवं संत रैदास लोक कल्याण ट्रस्ट द्वारा पैदल मशाल यात्रा निकाली गई। 

खाद एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री तोमर ने जिला चिकित्सालय का किया निरीक्षण।

ट्रामा सेंटर में दो कूलर एवं ए.सी. लगाने के दिए निर्देश।

शिवपुरी, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री एवं जिले के प्रभारी श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आज जिला चिकित्सालय शिवपुरी पहुंचकर निरीक्षण कर मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओ के संबंध में मरीजों से चर्चा कर जानकारी ली। 
इस दौरान कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एच.पी.वर्मा, अपर कलेक्टर श्री आर.एस.बालोदिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री गजेन्द्र सिंह कंवर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.ए.एल.शर्मा, जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डाॅ.पी.के.खरे सहित संबंधित अधिकारी एवं चिकित्सकगण उपस्थित थे। 
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री तोमर ने जिला चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण कर ट्रामा सेंटर का अवलोकन किया। उन्होंने गर्मी में मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए तत्काल दो अच्छी गुणवत्ता के दो कूलर और आगामी दौरे के पूर्व एअरकंडीशन(ए.सी.) की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। 
उन्होंने ट्रामा सेंटर के वार्डों के निरीक्षण के दौरान भर्ती मरीजों के बिस्तरों पर फटे हुए गद्दे एवं चादर न बिछे होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए। इसी प्रकार वार्ड में भर्ती दुर्घटना में घायल मरीज जवाहर काॅलोनी निवासी आकाश परिहार एवं आयु शर्मा ने प्रभारी मंत्री को बताया कि उसे भोजन उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस संबंध में एमडीएम हो जांच कर संबंधित कर्मचारी की एक वेतनवृद्धि रोकने के भी निर्देश दिए। 
उन्होंने मेडीकल काॅलेज द्वारा जिला चिकित्सालय को गुणवत्ताविहीन उपलब्ध कराए गए गद्दों की भी जांच कराने के भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने ट्रामा सेंटर के नर्सिंग स्टाॅफ एवं मरीजों के लिए शौचालयों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देते हुए ड्रिनेज सिस्टम को मरम्मत करने के निर्देश दिए। श्री तोमर ने शुरू में जिला चिकित्सालय के अल्ट्रासाउण्ड कक्षा का भी निरीक्षण किया।

आज सभी वकील हड़ताल पर रहेंगे

शिवपुरी। जिला न्यायालय में मंगलवार को सभी वकील हड़ताल पर रहेंगे। वकीलों ने हड़ताल का यह एलान राज्य अधिवक्ता परिषद जबलपुर के आह्वान पर किया है। जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष स्वरूप नारायण ने बताया कि उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की नृशंस हत्या के विरोध में मंगलवार को वकीलों की हड़ताल रहेगी। वकीलों की मांग है कि सरकार ने न तो एडवोकेट प्रोटक्शन एक्ट लागू किया है और न ही न्यायालय परिसर में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। इन मांगों के विरोध में यह हड़ताल की जा रही है। अध्यक्ष का कहना है कि राज्य अधिवक्ता परिषद के आह्वान पर 18 जून को प्रतिवाद दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से अपने को अलग रखेंगे।

अंडमान में 4.9 तीव्रता का भूकंप, लोगों में दहशत का माहौल.


नई दिल्ली। अंडमान निकोबार द्वीप समहू में बीती रात भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। यह भूकंप के झटके बीती रात 3:49 बजे महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.9 दर्ज की गई है। इस भूकंप में किसी भी तरह की जान-माल के नुकसान की अभी तक कोई खबर नहीं है। भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। इससे पहले 21 मई को भी अंडमान में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस वक्त रात 12:39 बजे ये भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसकी तीव्रता 5.6 दर्ज की गई थी। बीती बुधवार को गुजरात के बनासकांठा में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इन झटकों की 2.3 तीव्रता मापी गई।