मौसम / प्री-मानसून में राहत की बूंदों ने मध्यप्रदेश और राजस्थान को गर्मी से दिलाई निजात, कई जिलों में अलर्ट

भोपाल/ जयपुर. पिछले दो दिनों में मौसम ने करवट बदली है। मध्यप्रदेश और राजस्थान के कई शहरों में दूसरे दिन शनिवार को भी तेज बारिश हुई। रविवार को भी ज्यादातर इलाकों में गरज औरहवा के साथ प्री-मानसून की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने राजस्थान के कई जिलों में अलर्ट जारी किया है।

मध्यप्रदेश के कई शहरों में बारिश
शनिवार को भोपाल में दोपहर करीब 1.45 बजे एमपी नगर, अरेरा हिल्स, रोशनपुरा, न्यू मार्केट समेत भेल टाउनशिप के कुछ इलाकों में बारिशहुई।इससे पहले शहर में सुबह से चटक धूप रही। सुबह 11.30 बजे पारा 35.2 डिग्री पर पहुंच गया था। उमस से लोग बेहाल थे।इसके बाद बादल छाए और बारिश होने लगी। मध्यप्रदेश के रतलाम, सतना, देपालपुर, राजगढ़, सहलाना, रहली, दमोह, बैतूल, टीकमगढ़, शिवपुरी, सिंगरौली समेत कई शहरों में तेज हवा के साथ बारिश हुई।मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि अरब सागर से आ रही नमी के कारण प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों में इजाफा हुआ है

राजस्थान: बारिश से गर्मी के तेवर नर्म, जयपुर समेत कई जिलों में बारिश
राजस्थान में गर्मी के तेवर थोड़े कम हुए हैं। शनिवार को जयपुर, कोटा, अजमेर, बूंदी, बारां, भीलवाड़ा, सवाईमाधोपुर समेत कई शहरों में तेज बारिश हुई। इससे पहले शुक्रवार को भी प्रदेश में प्री-मानसून की बारिश हुई। कई जिलों में शुक्रवार रात मौसम बदला और हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग ने राजस्थान में 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और धूल भरी आंधी के साथ बरसात की चेतावनी जारी की है।

पूर्वी राजस्थान के अजमेर, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, जयपुर, झुंझुंनूं, प्रतापगढ़, राजसमंद, सिरोही, उदयपुर और पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, बीकानेर, चूझ, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालौर, जेधपुर, नागौर, पाली व श्रीगंगानगर में पांच दिन यानी बुधवार तक धूल भरी आंधी और बादल गरजने की चेतावनी जारी की है।

कई जिलों में रविवार से तीन दिनों तक सतर्क रहने की हिदायत
अजमेर, डूंगरपुर, सिरोही, टोंक, उदयपुर में रविवार और सोमवार को सतर्क रहने की हिदायत दी है। अलवर, बारां, झालावाड़, कोटा, सवाईमाधोपुर में रविवार से यह चेतावनी है। करौली में मंगलवार को आंधी-बादल गरजने की चेतावनी है। जैसलमेर, जालौर, जोधपुर में रविवार, सोमवार, मंगलवार को और जोधपुर, नागौर, पाली, श्रीगंगानगर में रविवार से सोमवार को इस मौसम से सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

शुक्रवार को बारिश से 4 डिग्री तक तापमान गिरा
शुक्रवार रात में अधिकांश शहरों के तापमान में चार डिग्री तक की गिरावट आई है। राज्य में शुक्रवार रात सात शहरों का तापमान 30 डिग्री से ऊपर रहा। शुक्रवार रात सबसे अधिक तापमान जोधपुर के फलौदी में 34.8 डिग्री रहा। सबसे कम तापमान राज्य के एकमात्र पर्वतीय स्थल माउंटआबू में 18.6 डिग्री रहा। माउंटआबू में तापमान 22 डिग्री से अधिक पहुंच गया था। राज्य में शुक्रवार को 47.8 डिग्री तापमान के साथ फलौदी सबसे गर्म स्थार रहा।

राजस्थान में इस बड़े हिस्ट्रीशीटर का हुआ मर्डर, बीच सड़क जीप में सीट के बीच में फंसा मिला शव

सीकर।
सीकर जिले के पाटन इलाके में शनिवार को सुबह हिस्ट्रीशीटर राजू रेला की हत्या कर दी गई। पुलिस को हिस्ट्रीशीटर का शव बीच सडक़ पर जीप में पड़ा मिला। गाड़ी में आगे व पीछे की सीट के बीच हिस्ट्रीशीटर राजू रेला का शव फंसा हुआ था। घटना पाटन थाने के हसामपुर मोड़ इलाके की है। जानकारी के अनुसार सुबह करीब 6 बजे पुलिस को सूचना मिली कि बीच सडक़ पर एक जीप में शव पड़ा है। जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में शव पर धारदार हथियार के निशान मिले है जिससे हत्या होने की बात सामने आई है। सूचना पर एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए राजकीय अस्पताल पहुंचाया। इधर, हत्या की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। मौक पर पुलिस का भारी जाब्ता तैनात रहा। गौरतलब है कि हिस्ट्रीशीटर राजू रेला हरियाणा व राजस्थान पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उस पर कई थानों में दर्जनों आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वह पिछले महीने ही जमानत पर जेल से बाहर आया था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

अवैध पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस के साथ हुआ गिरफ्तार
हिस्ट्रीशीटर राजू रेला को जनवरी माह में पुलिस ने अवैध पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पाटन कस्बे के नीमकाथाना रोड से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ पाटन, नीमकाथाना, जयपुर ग्रामीण और हरियाणा पुलिस में मारपीट, लूट और नकबजनी के दर्जनों मामले दर्ज हैं।

ट्रेन में मसाज की सुविधा पर सुमित्रा महाजन ने उठाए सवाल, रेल मंत्री से पूछे ये सवाल

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन ने ट्रेनों में मालिश और चंपी की सेवा देने के रेलवे के फैसले पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर कहा है कि महिला यात्रियों के सामने इस तरह की सर्विस ऑफर करना भारतीय संस्कृति के खिलाफ है.

बता दें कि पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने हाल ही इंदौर से आने जाने वाली 39 ट्रेनों में मालिश और चंपी की सेवा शुरू करने का ऐलान किया था. यह सेवा फिलहाल इंदौर से चलने वाली सिर्फ 39 ट्रेनों में ही उपलब्ध होगी.

इससे पहले इंदौर से बीजेपी के सांसद एमपी शंकर लालवानी ने भी इस सेवा पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि मेरी राय है कि रेल यात्रा के दौरान यात्रियों को जरूरी मेडिकल सुविधाएं और डॉक्टर्स उपलब्ध कराए जाएं. इस तरह की स्तरहीन सर्विस का कोई मतलब नहीं है.

सुमित्रा महाजन ने पीयूष गोयल को लिखे पत्र में कहा कि भारतीय रेल को आधुनिक, गतिशील एवं प्रौद्योगिकी अनुकूल बनाने की दिशा में आपके द्वारा किए गए प्रयासों की मैं प्रशंसा करती हूं. आशा है कि भविष्य में रेल मंत्रालय यात्रियों के लिए उत्कृष्टतम सुविधाएं उपलब्ध कराएगा.

उन्होंने आगे लिखा कि इस संबंध में, मैं आपका ध्यान रतलाम रेल मंडल द्वारा हाल ही में इंदौर की 39 ट्रेनों में मसाज की सुविधा उपलब्ध कराने संबंधी एक समाचार की ओर से आकृष्ट करना चाहती हूं. इस संबंध में मेरे कुछ प्रश्न हैं, जिनके उत्तर मैं जानना चाहती हूं.

सुमित्रा महाजन ने रेल मंत्री से पूछे ये सवाल

क्या वास्तव में रतलाम रेल मंडल द्वारा यात्रियों के लिए चलती ट्रेन में कोई मसाज की सुविधा कराई जाने वाली है ? क्या इस नीतिगत फैसले को मंत्रालय की मंजूरी है ?

  • इस प्रकार की सुविधा के लिए चलती ट्रेन में किस तरह व्यवस्था की जाएगी. क्योंकि इसमें यात्रियों विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा और सहजता के संबंध में कुछ प्रश्न हो सकते हैं ?
  • क्या इंदौर स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर मसाज पार्लर खोले जाने का भी कोई प्रस्ताव है ?
  • यदि लंबी दूरी की ट्रेनों में ऐसी कुछ सुविधा उपलब्ध होने जा रही है तो उसकी दर, अवधि इत्यादि क्या होगी ?

रेलवे के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इससे यात्रियों की सुविधा के साथ रेलवे को भी प्रतिवर्ष लगभग रु. 20 लाख की अतिरिक्त आय के साथ ही करीब रु. 90 लाख की अतिरिक्त टिकट की भी बिक्री होने का अनुमान लगाया गया है.

इन ट्रेनों में मिलेगी सुविधा

यह सेवा फिलहाल इंदौर से चलने वाली सिर्फ 39 ट्रेनों में ही उपलब्ध होगी. रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि देहरादून-इंदौर एक्सप्रेस (14317), नई दिल्ली-इंदौर इंटरसिटी एक्सप्रेस (12416) और इंदौर-अमृतसर एक्सप्रेस (19325) जैसी अहम ट्रेनें भी इसमें शामिल हैं.

रेलवे के समक्ष यह प्रस्ताव पश्चिमी रेलवे जोन के रतलाम डिवीजन ने रखा था. इसके लिए हर गाड़ी में 3 से 4 ट्रेंड मसाज करने वाले रखे जाएंगे. यात्रियों को सिर और पैर की मसाज के लिए 100 से लेकर 300 रूपए तक का भुगतान करना पड़ सकता है.

रेलवे में मसाज का लुत्फ उठाने के लिए पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा. दगोल्ड स्कीम में मालिश करने वाला 15 से 20 मिनट तक जैतून या कम चिपकने वाले तेल से मालिश करने की फीस 100 रु. तो वहीं डायमंड मसाज के तहत तेल और क्रीम के साथ 200 रु. का शुल्क लिया जाएगा. तो वहीं प्लैटिनम स्कीम के तहत खास तरीके के तेल और क्रीम के साथ मसाज और चंपी करने का 300 रु. वसूला जाएगा.

Cancer से पूरी तरह ठीक हुए ऋषि कपूर, इस दिन लौट सकते है भारत

नई दिल्ली,  फिल्म अभिनेता Rishi Kapoor से जुड़ा एक बड़ा हेल्थ अपडेट आया हैl इसके अनुसार ऋषि कपूर के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है और वह अगस्त के अंत तक भारत लौट सकते हैंl ऋषि कपूर कैंसर से पीड़ित थेl खास बात यह कि इस बारे में उन्होंने खुद एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में बताया हैंl

इस बारे में बताते हुए ऋषि कपूर ने कहा,’मैं अगस्त के अंत तक भारत वापस आने का विचार कर रहा हूं लेकिन यह अस्पताल के डॉक्टरों के कहने पर आधारित होगाl मेरा इलाज अच्छे से हुआ हैं और मुझे अच्छा लग रहा हैंl मुझे लग रहा है, जब तक मैं आऊंगा, तब तक 100% स्वस्थ हो जाऊंगाl’
4 सितंबर को 67 वर्ष के हो जाएंगे ऋषि कपूर

गौरतलब है कि ऋषि कपूर 4 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाते है और इस वर्ष वह 67 वर्ष के हो जाएंगेl सूत्रों ने बताया कि ऋषि कपूर अपना जन्मदिन अपने घर पर परिवार और मित्रों के साथ मनाना चाहते हैंl ऋषि कपूर 100% कैंसर से मुक्त है और अभी कुछ समय के लिए डॉक्टरों की निगरानी में हैंl

डॉक्टरों ने खारिज किया ममता से मिलने का ऑफर, कहा- खुद आकर सुनें समस्याएं

कोलकाता/नई दिल्ली
दो जूनियर डॉक्टरों से मारपीट के खिलाफ बंगाल से लेकर दिल्ली तक पहुंची हड़ताल के बाद ममता बनर्जी सरकार कुछ सक्रिय नजर आ रही है। शुक्रवार रात को सरकार की ओर से हड़ताली डॉक्टरों से बातचीत का प्रयास किया गया था, लेकिन डॉक्टर इस बात पर अड़े रहे कि सीएम एनआरएस मेडिकल कॉलेज आकर उनकी समस्याओं को सुनें। ऐसे में सवाल यह है कि अगर ममता बनर्जी डॉक्टरों से मिलने नहीं जाती हैं और डॉक्टर यूं ही अड़े रहते हैं तो इस संकट का समाधान कैसे निकलेगा? इस बीच राहत की बात यह है कि AIIMS के रेजिडेंट डॉक्टर शनिवार को काम पर लौट आए। हालांकि उनका सांकेतिक विरोध अब भी जारी है। 
आपको बता दें कि एनआरएस मेडिकल कॉलेज में ही इलाज के दौरान एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर हमला कर दिया था। इस हमले में दो डॉक्टर घायल हो गए थे, जिनमें से एक की हालत गंभीर है। शुक्रवार रात को 11:45 बजे सूबे के तमाम शहरों के मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों की मीटिंग हुई। इसमें शामिल ज्यादातर डॉक्टरों ने सरकार से समझौते की बात से इनकार किया। 
इस बीच पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने एक बार फिर से डॉक्टरों से वापस लौटने की अपील करते हुए कहा है कि वे जल्द से जल्द मरीजों को देखें। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को सरकार की ओर से एनआरएस मेडिकल कॉलेज के आंदोलनकारी डॉक्टरों को बातचीत का प्रस्ताव आया था। डॉक्टरों से कहा गया था कि वे राज्य सचिवालय में आकर सीएम से मुलाकात करें। 

यह प्रस्ताव सरकार के भरोसेमंद कहे जाने वाले सूबे के 5 सीनियर डॉक्टरों के जरिए भेजा गया था। बातचीत के मध्यस्थों ने स्वीकार किया है कि वार्ता का प्रस्ताव खारिज हुआ है, लेकिन उन्होंने कहा कि यदि सरकार के शीर्ष स्तर पर और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता होती है तो फिर बात आगे बढ़ सकती है। 

ममता बनर्जी सरकार ने केंद्र, हाई कोर्ट और राज्यपाल के दफ्तर की ओर से सूबे में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली के दबाव के बीच बातचीत की पहल की थी। उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने ममता बनर्जी को नसीहत देते हुए कहा है कि उन्हें इस मसले को प्रतिष्ठा का विषय नहीं बनाना चाहिए। आपको बता दें कि इंडियन मेडिकल असोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से हड़ताल को लेकर मुलाकात की है

AIIMS के रेजिडेंट डॉक्टर काम पर लौटे 
उधर, AIIMS के रेजिडेंट डॉक्टर्स असोसिएशन के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने शनिवार को बताया कि सभी रेजिडेंट डॉक्टर्स काम पर लौट आए हैं लेकिन काली पट्टी बांधकर और हेल्मेट पहनकर अपना सांकेतिक विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि अगर हालात और खराब होते हैं तो हम 17 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। 

दिग्विजय की जीत की भविष्यवाणी करने वाले बाबा ने प्रशासन से मांगी खुद को आग लगाने की इजाजत

लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भोपाल लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया था। उनके खिलाफ भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मैदान में उतारा था। दिग्विजय को चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा। चुनाव से पहले दिग्विजय के समर्थन में स्वामी वैराग्यनंद उतरे थे। उन्होंने कहा था कि यदि सिंह चुनाव हार जाते हैं तो वह खुद को आग लगा लेंगे। 

दिग्विजय की हार के बाद लोग सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना कर रहे हैं। जिससे परेशान होकर स्वामी ने भोपाल के जिलाधिकारी को आवेदन देकर रविवार को खुद को आग लगाने की इजाजत मांगी है। वकील के जरिए गुरुवार को उन्होंने यह आवेदन सौंपा। जिसमें लिखा है, ‘दिग्विजय सिंह की जीत के लिए यज्ञ करते हुए मैंने संकल्प लिया था कि यदि उन्हें हार का सामना करना पड़ेगा तो मैं हवनकुंड में समाधि ले लूंगा।’

अपने आवेदन में स्वामी ने कहा, ‘मैं वर्तमान में कामाख्याधाम में रह रहा हूं और मैं 16 जून को दो बजकर 11 मिनट पर अपने संकल्प अनुसार समाधि लेना चाहता हूं। मैं इस बात को लेकर आश्नस्त हूं कि मेरी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रशासन मेरा पूरा सहयोग करेगा और मुझे इसके लिए उचित स्थान प्रदान करेगा।’ 

आवेदन को लेकर जिलाधिकारी तरुण कुमार पिथोडे ने कहा कि उन्होंने भोपाल के पुलिस उप-महानिरीक्षक को पत्र लिखा है और उन्हें आवेदनकर्ता को ऐसी कोई भी इजाजत न देने के लिए कहा है। साथ ही आवेदनकर्ता की जिंदगी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह 3.60 लाख वोटों से प्रज्ञा से हार गए थे। 

चुनाव के दौरान स्वामी वैराग्यनंद ने सिंह की जीत की भविष्यवाणी की थी और उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए मिर्चियों से हवन किया था। दिग्विजय की हार के बाद स्वामी को सोशल मीडिया पर झूठी भविष्यवाणी करने और अपना संकल्प पूरा न करने की वजह से ट्रोल किया जा रहा था। उनके अलावा कंप्यूटर बाबा ने भी सिंह के पक्ष में यज्ञ किया था और भोपाल में रोड शो किया था। 

MP: मुख्यमंत्री कमलनाथ का बड़ा ऐलान- सरकारी जमीन पर लोग खोल सकते हैं गौशाला

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने सूबे में नई गौशालाएं खोलने के ‘प्रोजेक्ट गौशाला’ पर तेजी से काम शुरू कर दिया है. इस बाबत मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक महत्वपूर्ण बैठक भी की है, जिसमें पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव भी मौजूद रहे. इस बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रोजेक्ट गौशाला की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जो भी व्यक्ति या संस्था गौशाला खोलना चाहता है, उसे शासकीय भूमि उपयोग का अधिकार दिया जाए.

उन्होंने जिला पशु कल्याण समितियों का पुर्नगठन कर सभी ब्लाक में पशु कल्याण समिति गठित करने के निर्देश भी दिए. इस बैठक में पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 955 गौशालाओं का काम शुरू हो चुका है. उन्होंने बताया कि फिलहाल मध्य प्रदेश में 614 गौशालाएं चल रही हैं, जिनमें करीब एक लाख 60 हजार गायों को रखा गया है.

इस बैठक के दौरान सीएम कमलनाथ ने कहा, ‘जो भी संस्थाएं इच्छुक हों, उन्हें शासकीय भूमि पर गौशाला खोलने के लिए भूमि उपयोग अधिकार दिए जाएं और प्रोजेक्ट गौशाला का विदेशों में NRI के बीच भी प्रचार किया जाए. प्रोजेक्ट गौशाला को लेकर सीएम कमलनाथ कितने गम्भीर है, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होनें बैठक में कहा कि गोपालन के लिए जो भी इच्छुक हैं, वो उनसे सीधे मिल सकते हैं. उन्होंने बैठक के दौरान ही पशुपालन विभाग को निर्देश दिया कि ऐसे इच्छुक लोगों को चिन्हित कर उनसे मिलवाया जाए.

इस दौरान बैठक में बताया गया कि पशु चारे के लिए अनुदान राशि 20 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है. इसके लिए जल्द ही बजट प्रावधान भी कर दिया जाएगा. सरकार के पशुपालन विभाग के मुताबिक ‘प्रोजेक्ट गौशाला’ से शहरों और गांवों में आवारा पशुओं को रहने की जगह तो मिलेगी ही, साथ में इससे आवारा पशुओं की वजह से होने वाले सड़क हादसों और खेतों में फसल के नुकसान को रोकने में भी मदद मिलेगी.

चुनाव जीतने के 20 दिन बाद क्षेत्र में पहुंचे सनी देयोल, लेकिन जनता से रहे दूर

गुरदासपुर, जेएनएन। लोकसभा चुनाव में शानदार जीत के साथ सांसद बने फिल्म स्टार सनी देयोल चुनाव खत्म होने के 20 दिन बाद अपने क्षेत्र में पहुंचे। लंबा इंतजार करवाने के बाद सनी शुक्रवार देर शाम गुरदासपुर पहुंचे पहले दिन मीडिया और जनता से दूर रहे। उन्होंने इस दौरान किसी से भी मिलने से मना कर दिया।

पहले दिन किसी से भी मिलने से किया मना, सुरक्षा कर्मी ने गेट किया बंद

सनी देयोल शुक्रवार शाम चार बजे अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंचे। वहां से  वह कार से शाम करीब छह बजे गुरदासपुर पहुंचे। गुरदासपुर के नवां पिंड सरदारां स्थित उसी कोठी में पहुंचे जहां पर वह चुनाव के दौरान रहे थे। सनी के गुरदासपुर आने की जानकारी भी चुनिंदा भाजपा नेताओं को ही थी। सनी देयोल के यहां आने का पता चलते ही मीडिया भी कोठी के बाहर पहुंच गया लेकिन गेट पर तैनात एएसआइ ने अंदर जाने से रोक दिया। सुरक्षा कर्मी ने बताया कि सनी ने किसी से भी मिलने से मना कर दिया है।

दो दिन कहां-कहां जाएंगे तय नहीं : मित्तल
भाजपा के जिला प्रधान बाल कृष्ण मित्तल का कहना है कि सनी देयोल दो दिन तक हलके में ही रहेंगे। वे कहां-कहां जाएंगे अभी यह तय नहीं किया गया है। रात को सनी देयोल के शनिवार के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

यूपी: हार पर कांग्रेस का मंथन, कई द‍िग्‍गज नदारद, ज्‍योतिरादित्‍य को सुनाई खरी-खरी

लखनऊ 
‘जिस सेना का सेनापति कन्फ्यूज होता है, वह सेना हार ही जाती है महाराज। हमारे सेनापति आखिर तक यह तय नहीं कर पाए कि कार्यकर्ताओं को लड़ाना है या पैराशूट प्रत्याशियों को। यही कन्फ्यूजन पार्टी की इस बुरी हार का कारण बना। पार्टी की मजबूती के लिए अब प्रयोग बंद कीजिए।’ शुक्रवार को लोकसभा चुनाव में हार की समीक्षा के दौरान कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने पश्चिमी यूपी के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने ऐसे ही खरी-खरी सुनाई। ज्‍योतिरादित्‍य के साथ जहां प्रभारी सचिव रोहित चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर मौजूद थे, वहीं पार्टी के कई वरिष्‍ठ नेताओं ने इस बैठक से किनारा कर लिया। 

हालांकि, राज बब्बर भी पश्चिमी यूपी की फतेहपुर सीट से पार्टी के प्रत्याशी थे और उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा। 30 जून तक सभी राज्यों के प्रभारियों को समीक्षा रिपोर्ट एआईसीसी को सौंपनी है। इस बैठक से जो बड़े कांग्रेस नेता गायब रहे, उनमें जितिन प्रसाद, इमरान मसूद, सलमान खुर्शीद और श्री प्रकाश जायसवाल शामिल हैं। कई कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि दिल्‍ली-एनसीआर के नजदीक के प्रत्‍याशियों को दिल्‍ली में एक अन्‍य मीटिंग में हिस्‍सा लेना था, इसलिए वे नहीं आए हैं। 

बैठक में भाग लेने वाले 28 प्रत्‍याशियों में से एक ने कहा, ‘अनुपस्थित रहने वाले बड़े नेताओं के साथ पार्टी अलग व्‍यवहार क्‍यों करती है। लखनऊ दिल्‍ली से दूर नहीं है। हम भी दिल्‍ली जा सकते थे।’ बैठक के बाद ज्‍योतिरादित्‍य ने ट्वीट कर कहा, ‘कार्यकर्ताओं की बात से मैं पूरी तरह सहमत हूं कि यूपी में 2022 विधानसभा चुनाव जीतने के लिए संगठन को मजबूत करना बेहद आवश्यक है।’ 

एक-दूसरे पर फोड़ा हार का ठीकरा 

दोपहर 11:30 बजे से शुरू हुई बैठक शाम साढ़े पांच बजे तक चली। इस दौरान प्रभारी महासचिव और प्रभारी सचिव ने प्रत्याशियों और पार्टी नेताओं से बात की। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कई नेताओं ने पार्टी नेतृत्व तक को नहीं बख्शा। अधिकतर प्रत्याशियों ने हार का कारण बताते हुए कहा कि उनके यहां पार्टी का संगठन था ही नहीं। जहां संगठन था, वहां मदद नहीं की गई। 
जिला और शहर अध्यक्षों का कहना था कि प्रत्याशी ने चुनाव के दौरान संगठन को तवज्जो ही नहीं दी। इसके बाद भी वह पार्टी के नाते प्रचार में लगे रहे। यही अनदेखी हार का कारण बनी। बैठक से निकलकर बरेली के प्रत्याशी रहे प्रवीण सिंह ने मीडिया के सामने कहा कि संगठन कमजोर रहा। मिसरिख से प्रत्याशी रहीं मंजरी राही ने आरोप लगाया कि जो संगठन में हैं, उनकी सोच कांग्रेसी नहीं है। बहराइच की प्रत्याशी सावित्री बाई फुले ने भी हार का कारण संगठन का कमजोर होना बताया। 

पश्चिमी यूपी में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब 
कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के हिस्से में यूपी की 39 लोकसभा सीटें आती हैं। पश्चिमी यूपी में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और पार्टी यहां कोई सीट नहीं जीत पाई। हालांकि, कांग्रेस का प्रदर्शन पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी ठीक नहीं रहा। रायबरेली छोड़ कांग्रेस अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की परंपरागत अमेठी सीट भी हार गई। ज्योतिरादित्य पश्चिमी यूपी की 39 में 14 सीटों की समीक्षा पिछले दिनों दिल्ली में कर चुके हैं। बाकी 25 सीटों की समीक्षा के लिए कांग्रेस नेताओं, प्रत्याशी, जिला और शहर अध्यक्षों के साथ लोकसभा को-ऑर्डिनेटरों को भी लखनऊ बुलाया गया था। इस दौरान धौरहरा से जितिन प्रसाद और सीतापुर से कैसरजहां को छोड़ कर बाकी सभी 23 प्रत्याशी मौजूद रहे।