अभिताभ बच्चन का ट्विटर अकाउंट हैक, लिखा- लव पाकिस्तान

Amitabh Bachchan का ट्विटर अकाउंट हैक, लिखा- लव पाकिस्तान

अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan Twitter) का ट्विटर अकाउंट सोमवार रात हैक कर लिया गया था। सामने आई जानकारी के अनुसार, इसके पीछे टर्किश हैकर ग्रुप ‘अयिल्दिज टिम’ का हाथ बताया गया है जिन्होंने Amitabh Bachchan के ट्विटर अकाउंट को हैक किया था। हालांकि, अच्छी बात यह रही कि आधे-घंटे में सदी के महानायक Amitabh Bachchan के ट्विटर अकाउंट को रिकवर कर लिया गया था। अमिताभ बच्चन ने अकाउंट रिकवर होने के बाद राहत की सांस ली और आज सुबह उन्होंने दो ट्वीट किए हैं।

बिग बी (Amitabh Bachchan) ने आज सुबह दो ट्वीट किए हैं, पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा “जी जीवन का यही सत्य है ; स्वीकार करो अशुधता से परे उसका बहिष्कार करो” और दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा “सिर्फ शब्दों से न करना, किसी के वजूद की पहचान हर कोई , उतना कह नही पाता जितना समझता और महसूस करता है… ~ Ef sp”।

आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि इस टर्किश हैकर ग्रुप ने अमिताभ बच्चन के ट्विटर अकाउंट को हैक करने के बाद प्रोफाइल पिक्चर को बदला और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की तस्वीर लगा दी। केवल इतना ही नहीं, अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के ट्विटर अकाउंट पर लव पाकिस्तान और टर्किश फ्लैग का इमोज़ी भी दिख रहा था।

मुंबई पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि जैसे ही उन्हें इस बात की जानकारी मिली उन्होंने तुरंत साइबर यूनिट को सूचित कर दिया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की गई और ट्विटर अकाउंट पर लिखे लव पाकिस्तान, प्रोफाइल पिक्चर और टर्किश फ्लैग को तुरंत हटाया गया। अमिताभ बच्चन के ट्विटर अकाउंट को हैक करने के बाद केवल प्रोफाइल पिक्चर या फिर “लव पाकिस्तान” और टर्किश फ्लैग ही नहीं लगाया गया बल्कि ट्वीट भी किए गए थे जिन्हें हटा लिया गया है।  

मुंबई पुलिस के प्रवक्ता ने मीडिया से बातचीत में बताया था कि उन्होंने साइबर यूनिट और महाराष्ट्र साइबर @SrBachchan के ट्विटर अकाउंट हैक होने की जानकारी दे दी है। वह इस मामले की जांच कर रहे हैं। याद करा दें इसी टर्किश हैकर ग्रुप ने पहले भी अभिनेता शाहिद कपूर और अनुपम खेर के ट्विटर अकाउंट को हैक किया था।

प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी पर SC ने दिया योगी सरकार को झटका, कहा- तुरंत रिहा करें

कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि ट्वीट के लिए गिरफ्तार करने की क्या जरुरत थी। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि नागरिक अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता।

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के बारे में आपत्तिजनक पोस्ट करने और सीएम की छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए पत्रकार प्रशांत कनौजिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत कनौजिया की पत्नी की तरफ से दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए पत्रकार को रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि ‘ट्वीट के लिए गिरफ्तार करने की क्या जरुरत थी।’ सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि ‘नागरिक अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि लोगों के विचार भिन्न हो सकते हैं। उन्हें (प्रशांत कनौजिया) भी ट्वीट नहीं करने चाहिए थे, लेकिन इसके आधार पर गिरफ्तारी नहीं हो सकती!’

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ‘लोगों की आजादी के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। यह देश के संविधान द्वारा प्रदत्त और इसके साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।’ बता दें कि प्रशांत कनौजिया पर आरोप है उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। पुलिस के मुताबिक कनौजिया ने वीडियो शेयर करते हुए एक विवादित कैप्शन लिखा था। पुलिस के अनुसार, इस पोस्ट के जरिए सीएम योगी आदित्यनाथ की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। जिसके आधार पर पुलिस ने प्रशांत कनौजिया को गिरफ्तार कर लिया था।

बता दें कि प्रशांत कनौजिया पर आरोप है उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था, जो कि सीएम योगी आदित्यनाथ से संबंधित था। पुलिस के मुताबिक कनौजिया ने वीडियो शेयर करते हुए एक विवादित कैप्शन लिखा था। पुलिस के अनुसार, इस पोस्ट के जरिए सीएम योगी आदित्यनाथ की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। जिसके आधार पर पुलिस ने प्रशांत कनौजिया को गिरफ्तार कर लिया था। प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी की एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने भी आलोचना की थी।

प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में बीजेपी आज किसान आक्रोश ट्रैक्टर रैली निकालने जा रही

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में बीजेपी आज किसान आक्रोश ट्रैक्टर रैली निकालने जा रही है. कहने को तो ये बीजेपी का प्रदर्शन है, लेकिन इसके मुख्य कर्ता-धर्ता पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय हैं. वहीं कांग्रेस ने इसे नकली शक्ति प्रदर्शन बताया है. राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा दावा कर रहे हैं कि मध्यप्रदेश के किसान परेशान नहीं, बल्कि ये बीजेपी की अंदरूनी गुटबाजी है, जिसमें कैलाश विजयवर्गीय को सर्वशक्तिमान दिखाने की कोशिश में शहर की जनता को परेशान किया जाएगा.

कमलनाथ के खिलाफ मोर्चा

बिजली कटौती, कर्ज़माफी सहित किसानों की तमाम समस्याओं के विरोध में कमलनाथ सरकार के ख़िलाफ बीजेपी का आज इंदौर में बड़ा प्रदर्शन है. दावा है कि इसमें करीब 1 हजार ट्रैक्टरों के साथ किसान शामिल हो रहे हैं. रैली में भीड़ जुटाने के लिए सभी मंडलों को सौ-सौ ट्रैक्टर का लक्ष्य दिया गया है. जिले की 350 पंचायतों के किसान और कार्यकर्ता ट्रैक्टरों के साथ भगत सिंह प्रतिमा चौराहा राजमोहल्ला पर सुबह 11 बजे जमा होंगे. यहां से रैली शुरू होगी जो कलेक्ट्रेट तक जाएगी. इस दौरान राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया जाएगा. रैली के स्वागत के लिए 200 से ज्यादा मंच बनाए गए हैं. इसमें पश्चिम बंगाल में बीजेपी को 18 सीटें दिलाने वाले कैलाश विजयवर्गीय का स्वागत किया जाएगा.

कांग्रेस ने बताया नकली शक्ति प्रदर्शन

बीजेपी की इस रैली को कांग्रेस नकली शक्ति प्रदर्शन बता रही है. राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का कहना है पिछली सरकार की अव्यवस्थाओं को सुधारने का काम उनकी सरकार कर रही है. बीजेपी की सरकार ने बिजली के नकली उपकरण खरीदकर भारी भ्रष्टाचार किया. राज्य के किसान खुश हैं और बीजेपी नकली शक्ति प्रदर्शन कर रही है.

अंदरूनी गुटबाज़ी

दरअसल बीजेपी में अंदरूनी गुटबाज़ी है. बहाना किसानों और बिजली-पानी का है, लेकिन हक़ीक़त कैलाश विजयवर्गीय को सर्वशक्तिमान दिखाने की है. उनके नेतृत्व में हाल ही में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत दर्ज की. पहली बार पार्टी ने 18 लोकसभा सीटें जीतीं. इससे विजयवर्गीय का वज़न पार्टी में बढ़ चुका है. उधर विधानसभा चुनाव में हार के बाद शिवराज सिंह हाशिए पर हैं. आज के इस प्रदर्शन के ज़रिए विजयवर्गीय अपनी ताकत पार्टी में अपने कद के नेताओं को दिखाना चाहते हैं.

गुजरात और महाराष्ट्र में तूफान ‘वायु’ की आशंका, दोनों राज्यों में मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

मौसम विभाग ने केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिणी महाराष्ट्र में 11 जून को 65 से 85 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवायें चलने की आशंका जतायी है.

मौसम विभाग ने अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण अगले कुछ दिनों में गुजरात और महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों खासकर तटीय जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि अरब सागर में बने कम दबाव के क्षेत्र के गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल जाने का अनुमान है. इस तूफान को ‘वायु’ नाम दिया गया है.

मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों में समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है और बंदरगाहों को खतरे का संकेत देने को कहा गया है. अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण 13 और 14 जून को सौराष्ट्र तथा कच्छ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गयी है.

अरब सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र सोमवार को करीब 31 किमी प्रति घंटा की गति से उत्तर की ओर बढ़ रहा है. गुजरात और महाराष्ट्र में भीषण गर्मी की चपेट में है.

गुना शिवपुरी लोकसभा के नवनिर्वाचित सांसद के पी यादव आज बैठक में भाग लेंगे

गुना-शिवपुरी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के सांसद डाॅ.कृष्णपाल सिंह की अध्यक्षता में 11 जून 2019 को दोपहर 01 बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष शिवपुरी में विभागीय योजनाओं से संबंधित बैठक आयोजित की गई है।
प्रभारी कलेक्टर श्री एच.पी.वर्मा ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए है कि संबंधित अधिकारी अपने विभाग से संबंधित संचालित समस्त योजनाओं की अद्यतन जानकारी की दो प्रतियों के साथ नियत दिनांक, समय एवं स्थान पर उपस्थित होना सुनिश्चित करें। 

आर्थर जेल की बैरक नंबर 12 बन सकती है विजय माल्या, नीरवमोदी,मेहुलचोकसी की कालकोठरी, प़त्यार्पण हुआ तो

भारत सरकार की कोशिशें अगर कामयाब रहीं तो आर्थर रोड जेल के बैरक नंबर 12 का नाम बदलकर ‘करोड़पतियों की कोठरी’ पर सकता है। दरअसल, देश से करोड़ों का कर्ज लेकर फरार हुए व्यापारियों, पूर्व लिकर किंग विजय माल्या और पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी को देश वापस लाने की कोशिश कर रहे है। इसके चलते उनके स्वागत के लिए देश की जेलों में तैयारी की जा रही है। महाराष्ट्र जेल विभाग ने केंद्र को बताया है कि नीरव और माल्या को एक ही बैरक में रखे जाने की योजना है। 

यूके के कोर्ट में जारी प्रक्रिया 
केंद्र ने राज्य सरकार को बताया था कि यूनाइटेड किंग्डम की वेस्टमिंस्टर मैजिस्ट्रेट कोर्ट में नीरव मोदी को भारत को सौंपे जाने के लिए प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। केंद्र ने राज्य सरकार से मोदी को आर्थर रोड जेल में रखे जाने की स्थिति में वहां की हालत के बारे में पूछा था। इसके बाद महाराष्ट्र जेल विभाग ने उन सभी फसलिटीज की जानकारी दी है जो आर्थर रोड जेल में दी जाती हैं। राज्य सरकार पहले ऐसी ही रिपोर्ट विजय माल्या के प्रत्यर्पण के लिए भी केंद्र को सौंप चुकी है। 

पत्रकार प्रशांत कनौजिया का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. इस पर सुनवाई मंगलवार को हो रही है लेकिन इस मामले में कनौजिया के खिलाफ आरोप साबित करना आसान नहीं होगा.

पत्रकार प्रशांत कनौजिया का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. इस पर सुनवाई मंगलवार को होगी, लेकिन इस मामले में कनौजिया के खिलाफ आरोप साबित करना आसान नहीं होगा.

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली हैं और अदालत यूपी सरकार और पुलिस से इस मामले पर अहम सवाल करेगी लेकिन इन सवालों के जबाव देने आसान नहीं होंगे क्योंकि पुलिस कई धाराओं के तहत आनन-फानन में एफआईआर दर्ज कर कथित रूप से बिना वारंट के प्रशांत को दिल्ली से यूपी की राजधानी लखनऊ ले गई. यही बात कई सवाल खड़े करती है.

धाराओं पर पत्नी ने उठाए सवाल

इसके अलावा कानून की जिन धाराओं के खिलाफ प्रशांत को गिरफ्तार किया गया है उन पर सुप्रीम कोर्ट में प्रशांत की पत्नी जिगीषा अरोड़ा ने हेबियस कॉर्पस यानी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल कर कई सवाल उठाए हैं. इन सवालों में प्रमुख हैं आईपीसी यानी भारतीय दंड संहिता की धारा 500 और आईटी एक्ट की धारा 66 और 67.

जिगीषा का कहना है कि आईटी एक्ट की धारा 66 के प्रावधान इन पोस्ट के मामले में लागू नहीं होते क्योंकि किसी तरह की कोई अश्लीलता या भड़काने वाली सामग्री इसमें नहीं है. अगर सरकार इसे अदालत में साबित भी करती है तो इस धारा के तहत अधिकतम तीन साल की सजा है लिहाजा वो जमानत पर रिहा हो सकता है. इसके अलावा आईपीसी की धारा 500 और 505 के तहत प्रशांत ने किसी तरह की धार्मिक या जातीय भावनाएं भड़काकर लोगों को उकसाया नहीं और न ही कोई अफवाह फैलाई है.

बिना वारंट के गिरफ्तारी

वहीं, सादे लिबास में खुद को उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी बताकर प्रशांत को मंडावली स्थित घर से उठा ले जाने वालों ने कोई गिरफ्तारी वारंट या एफआईआर भी नहीं दिखाई. दिल्ली की किसी अदालत में पेश किए बिना और बगैर किसी ट्रांजिट रिमांड के दूसरे प्रदेश में पुलिस कैसे ले गई, ये भी एक बड़ा सवाल है.

ऐसे ही कई मामलों में सरकारों की हो चुकी किरकिरी

बात सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर करने की है लेकिन ऐसे ही मामलों में अब से पहले पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के कार्टून शेयर करने वाली लड़की प्रियंका शर्मा पर भी ऐसी ही कार्रवाई हुई थी. ऐसे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उसी दिन सुनवाई कर उसे रिहा करने और माफीनामा लिखवाने की शर्त लगाकर मामला निपटा दिया था. इससे पहले मुंबई में भी दो लड़कियों ने ऐसे ही पोस्ट शेयर किए तो वहां की सरकारों ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल में डाल दिया गया था. लेकिन अदालतों के दखल के बाद सरकारों ने सबको छोड़ा था.

ऐसे ही मामले में कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी पर भी सरकार की किरकिरी हुई थी. आखिरकार सभी सरकारों ने उन आरोपियों को रिहा किया क्योंकि सत्ता के आरोप और गोल मोल दलीलें अदालत की चौखट पर तीखे और सीधे सवालों के आगे टिक नहीं पाईं. अब बड़ा सवाल ये ही सामने है कि क्या प्रशांत कनौजिया के मामले में भी यूपी शासन और पुलिस प्रशासन का यही हश्र होने वाला है?

आयकर विभाग में मोदी सरकार का सफाई अभियान भ़ष्ट अधिकारियों को किया बाहर

नई दिल्ली: मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार और पेशेवर कदाचार के आरोप में आयकर विभाग के 12 वरिष्ठ अधिकारियों को सेवा से जबरन रिटायर कर दिया है. इनमें आयुक्त और संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं. सूत्रों ने यह जानकारी दी. इस सूची में शामिल एक निलंबित संयुक्त आयुक्त के खिलाफ स्वयंभू धर्मगुरु चंद्रास्वामी की मदद करने के आरोपी एक व्यवसायी से जबरन वसूली तथा भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायतें हैं. सूत्रों ने बताया कि नोएडा में तैनात आयुक्त (अपील) के पद का कए आईआरएस अधिकारी भी हैं. उस पर आयुक्त स्तर की दो महिला आईआरएस अधिकारियों के यौन उत्पीड़न का आरोप है.

एक अन्य आईआरएस अधिकारी ने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर 3.17 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति अर्जित की थी. यह संपत्ति कथित तौर पर पद का दुरुपयोग करके और भ्रष्ट एवं गैर-कानूनी तरीकों से अर्जित की गई थी. इस अधिकारी को समय से पहले सेवानिवृत्ति लेने का निर्देश दिया गया है. आयकर विभाग के एक आयुक्त के खिलाफ सीबीआई की भ्रष्टाचार रोधी शाखा ने आय से अधिक का मामला दर्ज किया था और उन्हें अक्टूबर 2009 में सेवा से निलंबित कर दिया था. उन्हें भी सरकार ने अनिवार्य सेवानिवृत्त लेने के लिए कहा है.

कमतर रहा प्रदर्शन तो 50 की उम्र के बाद ‘जबरन रिटायर’ कर दिए जाएंगे सरकारी कर्मचारी

एक अन्य अफसर जो भ्रष्टाचार और जबरन वसूली में लिप्त था और कई गलत आदेश पारित किए थे. इन आदेशों को बाद में अपीलीय प्राधिकरण ने पलट दिया था. उसे भी सेवा से बर्खास्त किया गया है. आयुक्त स्तर के एक अन्य अधिकारी पर मुखौटा कंपनी के मामले में एक व्यवसायी को राहत देने के एवज में 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था. इसके अलावा उसने पद का दुरुपयोग करके चल/अचल संपत्ति इकट्ठा करने का आरोप लगा था. उसे भी जबरिया सेवानिवृत्ति कर दिया गया है.

केरला एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में गर्मी से 4 यात्रियों की मौत, रेलवे प्रशासन में मचा हड़कंप

झांसी में निजामुद्दीन से त्रिवेंद्रम जा रही केरला एक्सप्रेस ट्रेन में गर्मी की वजह से 4 यात्रियों की मौत की खबर आ रही है.

झांसी में निजामुद्दीन से त्रिवेंद्रम जा रही केरला एक्सप्रेस ट्रेन में गर्मी की वजह से 4 यात्रियों की मौत की खबर आ रही है. बताया जा रहा है कि आगरा से ग्वालियर के बीच भीषण गर्मी से 5 यात्री की तबियत बिगड़ गई. इसमें से 4 की मौत हो गई. जबकि एक यात्री को गंभीर हालात में अस्पताल में भर्ती कराया गया. मृतकों के शवों को झांसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतारा गया. हालांकि उनका पोस्टमार्टम अभी नहीं हुआ है. यह यात्री आगरा से कोयम्बटूर जा रहे थे.

मृतक के साथी यात्रियों ने बताया कि 10 दिन पहले वे सभी 68 लोग तमिलनाडु से वाराणसी और आगरा घूमने आए थे. सोमवार दोपहर 2.30 बजे आगरा केंट से केरला एक्सप्रेस (12626) से वापस लौट रहे थे. वे सभी एस-8 व एस-9 कोच में थे. आगरा से झांसी के बीच पहुंचते ही ट्रेन में भीषण गर्मी की वजह से 3 यात्री की मौत हो गई. जबकि एक को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया जहां उसने देर रात दम तोड़ दिया. वहीं डीआरएम नीरज अम्बष्ठ ने बताया कि मंगलवार को सभी शवों को केरल एक्सप्रेस के लगेज वैन से ताबूत में कोयम्बटूर भेजा जाएगा.

गर्मी से मौत का सिलसिला जारी

मृतकों की पहचान तमिलनाडु के नीलगिरी के 80 साल के पाची अप्पा पलानी स्वामी, 69 साल के बालाकृष्णन रामास्वामी और कोयंबटूर के 71 साल के चिन्नारे के रूप में हुई है. जबकि चौथे मृतक के बारे में अभी जानकारी नहींं मिली है. बता दें कि 5 जून को कुशीनगर एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रा कर रहे राजेश गुप्ता की गर्मी से मौत हो गई थी. जबकि 1 जून को बांदा निवासी रामप्रकाश अहिरवार की बेटी सीता की मौत संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में हो गई थी.