अमित शाह गृहमंत्री, रजानाथ रक्षा तो निर्मला को वित्त मंत्रालय, देखें सूची

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी और उनके 57 मंत्रियों की कैबिनेट ने गुरुवार को एक भव्य कार्यक्रम में शपथ ग्रहण की। इसके बाद आज इन मंत्रियों को मंत्रालयों का भी बंटवारा कर दिया गया है। इस बंटवारे के बाद अब कैबिनेट के सबसे चमकीला चेहरा माने जा रहे अमित शाह को गृह मंत्रालय दिया गया है वहीं राजनाथ सिंह को गृह की बजाय अब रक्षा मंत्रालय दिया गया है।

पूर्व सरकार में रक्षा मंत्रालय संभाल रही निर्मला सीतारमण को अब वित्त मंत्रालय दिया गया है जबकि एस जयशंकर को विदेश मंत्री बनाया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन के अलावा एटॉमिक एनर्जी विभाग, स्पेस और वो मंत्रालय जो किसी को नहीं दिए जाएंगे उनकी जिम्मेदारी ली है।
पीयूष गोयल को रेलवे मंत्रालय का जिम्मा फिर से सौंपा गया है वहीं नितिन गडकरी को पूर्व की तरह सड़क परिवहन औ जहाजरानी मंत्री बनाया जा सकता है। स्मृति ईरानी को महिला और बाल विकास मंत्रालय दिया गया है।

सदानंद गौड़ा को फर्टिलाइजर और रसायन मंत्री बनाया गया है जबकि रमेश पोखरियाल को मानव संसाधन मंत्रालय दिया गया है। हरसिमरत कौर को पूर्व की तरह ही फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय दिया गया है।

देखिए पूरी लिस्ट किसे मिला कौन सा मंत्रालय

मध्यप्रदेश सरकार करीब साढ़े चार लाख कर्मचारियों का 3% महंगाई भत्ता बढ़ाकर खुशखबरी देने जा रही है.

मध्यप्रदेश सरकार करीब साढ़े चार लाख कर्मचारियों का 3% महंगाई भत्ता बढ़ाकर खुशखबरी देने जा रही है. इस बाबत वित्त विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है और सीएम कमलनाथ की मंजूरी के बाद इसके भुगतान के लिए आदेश जारी कर दिया जाएगा. बता दें कि राज्य सरकार पर कर्मचारियों का 1 जनवरी 2019 से 3% डीए बकाया है. जिसे सरकार को बकाया महंगाई भत्ते को एरियर के रुप में देना होगा. यह राशि भी करीब 450 करोड़ रुपए के करीब है.

इससे प्रदेश सरकार पर हर साल करीब 900 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा. केंद्र सरकार की तर्ज पर प्रदेश सरकार भी अपने कर्मियों का महंगाई भत्ता 9 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने जा रही है.

सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के मिलने का समय बदला

  भोपाल।मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने सरकारी अस्पतालों  में डॉक्टरों के मिलने का समय बदलने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के उपलब्ध रहने का समय पूर्वान्ह 9 से अपरान्ह 4 बजे तक निर्धारित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए विशेषज्ञों की सीधी भर्ती करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि बेहतर स्वास्थ्य लोगों का अधिकार हो, इसके लिए ‘राइट टू हेल्थ’ की दिशा में विचार किया जाये। मुख्यमंत्री श्री नाथ आज मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री तुलसी सिलावट उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि मरीजों की विशेषकर, ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों की सुविधा को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के उपलब्ध रहने का समय पूर्वान्ह 9 से अपरान्ह 4 बजे तक निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल परिसर में निजी भागीदारी में डायग्नोस्टिक सेंटर स्थापित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अधिक से अधिक कॉर्पोरेट-सोशल रेस्पांसिबिलिटी फंड लाने की दिशा में विशेष प्रयास करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सूचकांकों के बीच के अंतर को समाप्त करने के लिए लक्ष्य और समय आधारित रणनीति बनायी जाये। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने को सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल कर परिणाम आधारित योजनाएँ बनायें। मुख्यमंत्री ने निजी नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

श्री कमल नाथ ने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि डॉक्टर्स अस्पतालों में समय पर उपलब्ध हों और विशेषज्ञों की सेवाएँ मरीजों को मिले। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मध्यप्रदेश के लिए जरूरी है कि स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं का हर स्तर पर उन्नयन कर उन्हें बेहतर बनाया जाये। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एम.डी. पीएस वेब सर्विस का शुभारंभ किया।

बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्रीमती पल्लवी जैन गोविल, सचिव श्री राजीव दुबे एवं स्वास्थ्य आयुक्त श्री नीतेश व्यास उपस्थित थे।

सोशल मीडिया के कैम्पैनर्स को भी मोदी के शपथ समारोह में बुलावा मिला.

नई दिल्ली 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली। पीएम मोदी का इस बार का यह शपथ ग्रहण समारोह बहुत ही खास था। खासकर उनके लिए जिनके लिए इस समारोह का साक्षी होना किसी सपने के सच होने जैसा था। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष आग्रह पर इस समारोह में उन सभी को शामिल किया गया, जो पिछले कुछ सालों महज विचारधारा के स्तर पर पूरी तरह सपॉर्ट में रहे और वे मोदी की बड़ी जीत के अनसंग हीरो बने। 

उन कार्यकर्ताओं ने परदे के पीछे रहकर काम किया। इनमें सबसे खास था बंगाल में राजनीतिक हिंसा मे मारे गए बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिजन। इसके अलावा इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में दो दर्जन से अधिक ऐसे भी लोग थे, जिन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत लगन से मोदी के पक्ष में महौल तैयार करने में योगदान निभाया। मालूम हो कि आम चुनाव के करीब आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वे पुराने सपॉर्टर भी एक मंच पर आ गए थे, जिन्होंने 2014 के आम चुनाव में उनकी बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। 

अलग-अलग नाम से चल रहा यह अभियान सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हुआ था। ‘आएगा तो मोदी ही’ यह नारा सोशल मीडिया पर ही शुरू हुआ जो इस चुनाव का सबसे बड़े अभियान के रूप में सामने आया। गुरुवार को शपथ ग्रहण में सोशल मीडिया पर ब्रांड मोदी को मजबूत करने वाले नामों में अहम- अंकित जैन, अंकुर सिंह, राहुल कौशिक, विकास पांडे, आशुतोष मुगलीकर, धवल पटेल आदि आए थे।

एनबीटी से बातचीत में अंकुर और अंकित ने कहा कि यह उनके लिए बेहद भावुक करने वालो मोमेंट है, जब खुद पीएम मोदी ने अपनी पहल से उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया। एक सपॉर्टर ने अपना भावुक विडियो भी शेयर किया जो ऑस्ट्रेलिया से खासकर मोदी के पक्ष में वोट करने आए थे और जाने के दिन उन्हें शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए फोन आया। नमो ऐप का इस्तेमाल करने वालों को भी इसमें बुलाया गया। 

इसके अलावा असल में चौकीदारी का काम करने वाले 3 लोगों को भी शपथ ग्रहण में बुलाया गया। इस चुनाव में कांग्रेस के ‘चौकीदार चोर है’ के नारे के खिलाफ नरेंद्र मोदी ने ‘मैं भी चौकीदार’ नाम से सुपरहिट कैंपेन चलाया। इससे पहले 2014 आम चुनाव में भी बड़ी जीत मिलने के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर उनके 150 सपॉर्टरों से मुलाकात की थी। इसके अलावा उनके पक्ष पर सोशल मीडिया पर उनके पक्ष में लड़ने वाले सपॉर्टरों को जीत के बाद डिनर पर बुलाया था। 

मोदी सरकार में 58 केबिनेट मंत्रियों ने शपथ ली.

नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दूसरी बाद प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. दूसरी सरकार में उन्होंने कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या 76 से घटकर 58 हो गई. इस सरकार में सुषमा स्वराज, मेनका गांधी, सुरेश प्रभु और राधा मोहन सिंह सरीखे नाम शामिल नहीं हुए. बीती सरकार में वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली ने बुधवार को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया.

मोदी सरकार के बीते कार्यकाल में वे काबीना मंत्री भी थे वे इसमें शामिल नहीं हुए. जिसमें अरुण जेटली और सुषमा स्वराज का नाम प्रमुख है. अब यह देखना है कि पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल से चुने गए काबीना मंत्रियों की जगह नये लोगों को चुनकर मोदी कैबिनेट कितनी जुदा है.

इस सरकार में अमित शाह की एंट्री बतौर काबीना मंत्री हुई है. शाह ने 23 मई को संपन्न हुए लोकसभा चुनाव गांधीनगर सीट से पहली बार संसदीय चुनाव जीता. राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में शपथ ग्रहण के दौरान शाह ने मोदी और राजनाथ सिंह के बाद और नितिन गडकरी से पहले शपथ ली. इन सबके बीच सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम रहा एस जयशंकर का. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में जयशंकर ने पीएमओ के साथ बहुत करीबी से काम किया.

मंत्रिपरिषद में शामिल न होने वाले नामों में पूर्व ओलंपियन राज्यवर्धन राठौर, महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी, वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु, संस्कृति मंत्री महेश शर्मा, आदिवासी मामलों के मंत्री जुएल ओराम और नागरिक उड्डयन मंत्री जयंत सिन्हा शामिल हैं.

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा बन सकते हैं बीजेपी अध्यक्ष

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का भी नाम मंत्रिपरिषद की सूची में शामिल नहीं था, हालांकि, नड्डा पार्टी अध्यक्ष के उत्तराधिकारी के तौर पर नड्डा को देखा जा रहा है. हालांकि, प्रधानमंत्री ने पहले कार्यकाल में उनके साथ काम करने वाले अन्य सभी प्रमुख भाजपा नेताओं को रखा, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल और प्रकाश जावड़ेकर  शामिल हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराने वाली स्मृति ईरानी, जिन्होंने राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव को हराने वाले गजेन्द्र शेखावत जबकि ने जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह को हराने वाले कैलाश चौधरी को काबीना में जगह मिली.

प्रमुख सहयोगी शिवसेना को मंत्रिमंडल में एक सीट मिली, तो लोक जनशक्ति पार्टी से रामविलास पासवान को मंत्री बनाया गया. शिरोमणि अकाली दल ने हरसिमरत कौर बादल को फिर से मंत्री पद के लिए नामित किया.

हालांकि, अपना दल के सांसद अनुप्रिया पटेल को सरकार से बाहर कर दिया गया.

जेडीयू मंत्रिमंडल में नहीं हुआ शामिल

जनता दल (युनाइटेड) के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सहयोगी दलों को कम प्रतिनिधित्व देने के विरोध में किसी भी सांसद को परिषद में नामित नहीं करने का फैसला किया.हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी एनडीए सरकार को समर्थन देना जारी रखेगी.

चुनावी राज्य झारखंड में पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा काबीना मंत्री बने तो वहीं उत्तराखंड के पूर्व सीएम और दो बार के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक भी मंत्री बने.

पश्चिम बंगाल से 2 और ओडिशा से 1 सांसद को मंत्री बनाया गया है. तमिलनाडु से केंद्रीय मंत्रिमंडल में कोई शामिल नहीं है. मुख्तार अब्बास नकवी को मोदी सरकार में एकमात्र मुस्लिम चेहरा केंद्रीय मंत्रिमंडल में  शामिल किया है.

रेत माफिया ने किया आरक्षक को घायल

करैरा। अभी अभी खबर जिले के करैरा थाने के सुनारी चौकी क्षैत्र से आ रही है। जहाँ आज गस्त करते समय रेत माफियाओं ने पुलिस को ही निशाना बनाते हुए उनके साथ मारपीट कर डाली।इतना ही नही आरोपी यो के हौसले इतने बुलंद है कि उन्होंने पुलिस SI पर टैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया। इस हादसे में पुलिस आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल आरक्षक को उपचार के लिए करैरा उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहाँ उसकी गम्भीर हालात को देखते हुए चिकित्सक ने उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार SI रवि गुप्ता अपने साथी आरक्षक दिलीप के साथ सुनारी के पास गस्त कर रहे थे। तभी उन्हें सामने से एक रेत से भरा हुआ ट्रेक्टर आते दिखा। जिसपर पुलिस ने उक्त टेक्टर को रोकने का प्रयास किया तो आरोपी रेत माफिया सेंकी रावत ने उसपर ट्रेक्टर चढ़ाने का प्रयास किया,जैसे तैसे आरक्षक भागा तो आरोपी ने उसपर फरसे से हमला बोल दिया। फरसा दिलीप के सिर में जाकर लगा।जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।जिसे उपचार के लिए करेरा में भर्ती कराया गया। जहाँ दिलीप की गंभीर हालत को देखते हुए उसे शिवपुरी रैफर कर दिया।इनका कहना हैआरोपियों ने पुलिस पार्टी पर गस्त के दौरान ट्रेक्टर चढ़ाने ओर फरसे से हमला किया। इस मामले में आरोपियों पर शासकीय कार्य मे बाधा का मामला दर्ज कर विबेचना में ले लिया है। आरोपी फिलहाल फरार है।राकेश शर्मा,थाना प्रभारी करैरा

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल में आगामी 4 जून से कई सुविधाएं शुरु होंगी

भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (All India Institute of Medical Sciences) भोपाल में आगामी 4 जून से कई सुविधाएं शुरू हो रही हैं। इनमें मरीजों के लिए दो अहम हैं। एक तो आयुष्मान भारत योजना (  Ayushman Bharat Yojna) के तहत मरीजों को यहां पर इलाज मिलने लगेगा। दूसरी बात यह कि दो एंबुलेंस चलेंगी।इसमें एक एडवांस लाइफ सपोर्ट (Advance Life Support) वाली एक और साधारण होगी। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना पिछले साल 23 सितंबर को शुरू हुई थी। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल व कुछ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में इलाज मिलता है। राष्ट्रीय महत्व का संस्थान होने के बाद भी एम्स व बीएमएचआरसी को इसमें शामिल नहीं किया था। इसके लिए प्रदेश स्तर पर नहीं, बल्कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय स्तर पर निर्णय होना था, इसलिए इसमें देरी हुई। 
अब 4 जून से यहां आयुष्मान योजना शुरू हो रही है। इस योजना के तहत चिन्हित परिवार के सदस्यों को साल में पांच लाख रुपए तक का इलाज निशुल्क मिलता है।

प़ताप सारंगी नव सांसद झौपड़ी से राजपथ तक

मोदी के केबिनेट मे वैसे तो एक से एक धुरंधर लोग शामिल हुए हैं मगर सबको समान रूप से आदर देते हुए जिस विशेष व्यक्तित्व की मै बात करने जा रहा हूँ वो है प्रताप चंद्र सारंगी जो बालासोर उड़ीसा से भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित सांसद है। इन्हे “उड़ीसा का मोदी” भी कहा जाता है

इन्हे राज्यमंत्री का प्रभार मिला है यह असली आर्थिक रूप से पिछड़े है जिनके मन मे दिखावटी सांसदो की तरह जरा भी दिखावा नहीं है।

इलाके पर पकड़ होने के कारण ही लगभग 13000 वोटों से जीते है प्रतापचन्द्र सारंगी, आज भी झोपड़े में रहते है।

श्री प्रताप चंद सारंगी 542 सांसदों में सबसे गरीब आर्थिक रुप से कमजोर सांसद हैं। जिनके पास मोबाइल नहीं है। झोपडी में निवास है । ग्राम पंचायत के हैंडपंप पर स्नान करते हैं । 12970 वोटों से अरबपति उम्मीदवार को हरा कर विजेता बने हैं । इन्होंने पूरा प्रचार सायकिल से किया इनकी सकल संपत्ति सवा लाख रुपये है।

अमरनाथ यात्रा के लिये पंजीकरण जारी

वादियों में बढ़ते आतंकवाद को देखते हुए अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण करवाना आवश्यक हो गया है. इस साल अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 1 जुलाई से दोनों मार्गों पर एक साथ होगी. बाबा बर्फानी के दर्शनों के इच्छुक यात्रियों के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 1 अप्रैल से हो चुकी है.

इस दौरान दोनों मार्ग बालटाल और पहलगाम से यात्रा करने वाले श्रद्धालु अपने लिए आवेदन कर सकते हैं. हालांकि पंजीकरण की जिम्मेदारी जम्मू-कश्‍मीर सरकार के पास है. अगर आप भी इस साल बाबा बर्फानी के दर्शन करना चाहते हैं तो जान लें क्या है पंजीकरण का सही तरीका.  

-सबसे पहले आपको बता दें कि यह पंजीकरण ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा. इस पंजीकरण फार्म को पाने के लिए आपको अपने आवेदन के साथ एक फिटनेस सर्टिफिकेट भी लगाना आवश्यक है.

-एक यात्रा परमिट केवल एक यात्री पंजीकरण के लिए मान्य होगा.

-अमरनाथ यात्रा करीब 46 दिन की होगी. जिसके लिए यात्रियों के पास परमिट होना जरूरी होता है. यह परमिट एक निश्चित दिन और मार्ग के लिए वैध होता है. बिना परमिट के कोई भी यात्री यात्रा नहीं कर सकता है.

-अमरनाथ यात्रा से करीब 1 महीना पहले यात्रा के इच्छुक श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है. जिसके बाद ही यात्रियों को यात्रा के लिेए परमिट जारी किया जाता है.

-रजिस्ट्रेशन के बाद परमिट जारी किए जाते हैं. ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा हर दिन 500 इच्छुक तीर्थयात्रियों के लिए होगी. यह दोनों मार्गो पहलगाम से 250 यात्रियों और बालताल से 250 यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी.

-अमरनाथ यात्रा के लिए 12 साल से कम और 75 साल से अधिक उम्र वाले यात्रियों को अनुमति नहीं दी गई है.

-यात्रा के दौरान पंजीकरण से संबंधित कागजात और आईडी प्रूफ आदि हमेशा अपने पास रखें.

-पंजीकरण के बाद यात्री को यात्रा के हफ्ते के अनुसार परिचय पत्र जारी किए जाते हैं. इसके ऊपर यात्रा की तिथि अंकित होती है. पंजीकरण से जुड़ी सारी कवायद आपकी सुरक्षा के लिए है, इसलिए इसमें कोताही न बरतें। इन परिचय पत्रों की यात्रा के समय कई जगहों पर जाँच की जाती है.