साध्वी प्रज्ञा पर दिग्विजय का तंज: आतंकी मसूद अजहर को देतीं श्राप, तो नहीं पड़ती सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत

भोपाल 
कांग्रेस के सीनियर नेता और भोपाल लोकसभा सीट से पार्टी के प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने विपक्षी उम्मीदवार और बीजेपी कैंडिडेट साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर निशाना साधा है। दिग्विजय ने तंज कसते हुए कहा कि अगर साध्वी प्रज्ञा ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना आतंकवादी मसूद अजहर को भी श्राप दिया होता, तो फिर सेना को किसी तरह की सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत ही नहीं पड़ती। 

भोपाल में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘प्रज्ञा ठाकुर ने कहा था कि उन्होंने आतंकी हमले में शहीद हुए एटीएस चीफ हेमंत करकरे को सर्वनाश होने का श्राप दिया था। ऐसे ही अगर ठाकुर ने आतंकवादी मसूद अजहर को भी श्राप दे दिया होता तो फिर किसी सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत ही नहीं पड़ती।’ गौरतलब है कि मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी साध्वी ठाकुर ने कहा था कि उन्होंने हेमंत करकरे का सर्वनाश होने की बात कही थी। 

डर गई है बीजेपी’ 
दिग्विजय ने कहा कि भोपाल से चुनाव मैदान में उतरने से बीजेपी खेमा डर गया। उन्होंने कहा, ‘मामा (शिवराज सिंह चौहान) डर गए, जब मुझे भोपाल से कांग्रेस प्रत्याशी बनाया। उमा भारती ने भी लड़ने से मना कर दिया। बाबू लाल गौर ने कहा कि वह बीमार चल रहे हैं। नामांकन की आखिरी तारीख से पहले बीजेपी ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर को टिकट दिया।’ 

दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर भी जमकर निशाना साधा। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘पीएम कहते हैं कि वह पाताल से भी ढूंढकर आतंकवादियों को मारेंगे। मैं पूछना चाहता हूं कि पुलवामा, पठानकोट और उरी हमलों के वक्त वह कहां पर थे? क्यों आतंकवादी हमलों का अंत नहीं हो रहा है।’ 

‘धर्म को बेचने वालों से सावधान रहने की जरूरत’ 
दिग्विजय ने कहा, ‘बीजेपी कहती है कि देश का हिंदू खतरे में है। मैं बताना चाहता हूं कि देश पर 500 सालों तक मुस्लिमों ने राज किया और कोई धर्म खतरे में नहीं आया। धर्म को बेचने वालों से सावधान रहने की जरूरत है। हम हिंदू धर्म में हर-हर महादेव का नारा लगाते हैं, लेकिन बीजेपी ने हर-हर मोदी कहकर हमारी धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। हम सबको पता है कि गूगल पर फेकू टाइप करने पर किसकी तस्वीर नजर आती है।’ 

पीएम मोदी के दावे ’70 साल में कांग्रेस ने कुछ नहीं किया’ पर राहुल गांधी ने दिया जवाब

रायबरेली: कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष राहुल गांधी ने नोटबंदी और गलत वस्तु एवं सेवा कर (GST) के लिए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) पर निशाना साधा और कहा कि पिछले 70 सालों में नोटबंदी और गब्बर सिंह टैक्स की मूर्खता किसी ने नहीं की. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अपनी मां सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली के ऊंचाहार में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की. पीएम मोदी ने शुक्रवार को एक टेलीविजन चैनल को दिए साक्षात्कार में अर्थशास्त्रियों के उन कयासों को खारिज कर दिया था कि नोटबंदी के कारण बेरोजगारी बढ़ी है. प्रधानमंत्री ने कहा था, ‘लोग नोटबंदी के बड़े निर्णय को महत्वहीन बनाने का बहाना ढूंढ़ रहे हैं.’
राहुल गांधी ने पूछा, ‘मोदी ने नोटबंदी को काला धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक लड़ाई बताकर देश से झूठ बोला था. यदि यह काला धन के खिलाफ लड़ाई थी, तो 2016 में नोटबंदी के बाद कोई चोर बैंकों और एटीएम के बाहर कतारों में क्यों नहीं खड़ा था.’ राहुल ने प्रधानमंत्री पर 22 लाख सरकारी नौकरियां न भरने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो एक साल के भीतर सभी पदों को भर दिया जाएगा.’ साथ ही यह भी वादा किया कि यदि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में सरकार बनाती है तो किसानों के कर्ज माफ कर दिए जाएंगे.

रैली को संबोधित करने के बाद गांधी ने मीडिया से बातचीत भी की और रोजगार मुहैया कराने तथा किसानों के कर्ज माफ करने के वादे पूरे न करने का मोदी पर आरोप लगाया. गांधी ने कहा, ‘मोदीजी ने पिछले पांच सालों में देश से सिर्फ झूठ बोला है. बेरोजगारी दर पिछले 45 सालों में सबसे ऊंची है और उत्तर प्रदेश के सभी युवक इस बात को जानते हैं. मोदीजी ने अपने सभी भाषणों में दो करोड़ लोगों को रोजगार देने के बारे में बातें की थी. लेकिन आज किसान आत्महत्या कर रहे हैं, क्योंकि उनके कर्ज माफ करने के वादे पूरे नहीं किए गए हैं. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सत्ता में आते ही हमने दो दिनों के भीतर किसानों के कर्ज माफ करने का वादा पूरा कर दिया.’

उन्होंने कहा, ‘मोदीजी युवाओं को रोजगार या 15 लाख रुपये के अपने वादे के बारे में बातें नहीं करते. उनके पास बोलने के लिए कुछ नहीं रह गया है. उनके सामने एक टेलीप्रॉम्टर होता है, जिसे पढ़कर वह भाषण देते हैं और वही उन्हें नियंत्रित करता है.’

पठानकोट से डलहौजी जा रही बस 250 फीट गहरी खाई में गिरी; 12 की मौत, 26 जख्मी

धर्मशाला. पठानकोट से डलहौजी जा रही एक निजी बस नैनीखड़ के पास पंजपुला में करीब 250 फीटगहरी खाई में जा गिरी। हादसे में 12यात्रियों की मौत हो गई। 26लोग जख्मी हो गए। इनमें से कुछ की हालत नाजुक है।बताया जा रहा है कि बस में करीब 40 यात्री सवार थे।हादसे की सूचना मिलने के बाद रहवासियों ने पुलिस और आर्मी की मदद से राहत-बचाव कार्य शुरू किया।

पुलिस के मुताबिक, बस में सवार सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, पांच ने डलहौजी औरबनीखेत के अस्पताल में दम तोड़ दिया।
एसपी चंबा डॉ. मोनिका ने बताया कि अंधेरा होने की वजह से बचाव कार्य में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती किया गया है। पुलिस के मुताबिक यह बस पठानकोट से करीब 4.30 बजे डलहौजी के लिए रवाना हुई थी।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हादसे पर दुख जताते हुए स्थानीय प्रशासन कोतत्काल राहत अभियान सुनिश्चित करने और दुर्घटना के पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।सीएम ने कहा कि राज्य सरकार दुख की इस घड़ी में हादसे के शिकार हुए लोगों के परिजनों के साथ है।

जाति पर तनी चुनावी तलवार, PM नरेंद्र मोदी पर विपक्ष का चौतरफा हमला

चौथे चरण का मतदान करीब आते-आते लोकसभा चुनाव 2019 जाति पर आकर केंद्रित हो गया है. कन्नौज की रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने खुद को पिछड़ा नहीं, अति पिछड़ा वर्ग से बताया तो विपक्ष ने इस बयान पर नरेंद्र मोदी को घेर लिया. सबसे पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती सामने आईं और कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी अगड़ी जाति से आते थे, लेकिन गुजरात में अपनी सरकार के दौरान अपनी जाति को पिछड़ी जाति में शामिल करवा दिया. अब आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी पीएम मोदी पर जाति को लेकर टिप्पणी की है.

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के जाति वाले बयान पर रविवार को ट्वीट पर कहा, मैंने 20 अप्रैल को ही कह दिया था कि अपने आप को नकली ओबीसी बताने के बाद नरेंद्र मोदी अब अति पिछड़ा बताएंगे और उन्होंने बता भी दिया. तेजस्वी ने कहा कि मोदी अपने आप को दलित भी बता चुके हैं. कुछ भी कहें लेकिन सच्चाई यह है कि वो जन्मजात अगड़े हैं और कागजी पिछड़े हैं.

वहीं जेडीयू प्रवक्ता अजय आलोक ने तेजस्वी पर पलटवार करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने जाति को लेकर झूठ नहीं बोला है. प्रधानमंत्री मोदी फर्जी ब्राह्मणों से बेहतर हैं.

जाति पर बहस के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मोदी ने पहले अपनी जाति बताई और खुद को ओबीसी कहा लेकिन अब पलट गए. चिदंबरम ने कहा कि 2014 में मोदी ने खुद को चायवाला बताया था लेकिन अब वो इस बात से भी पलट गए हैं.

जाति पर यह ताजा बहस शनिवार को पीएम मोदी की कन्नौज रैली के बाद शुरू हुई है. जहां पीएम मोदी ने विपक्षियों पर चुनाव के दौरान जाति का राग अलापने का आरोप लगाया था. साथ ही मोदी ने यह भी कहा, ‘मैं जाति की राजनीति नहीं करता हूं, लेकिन मैं पिछड़ा नहीं, बल्कि अति पिछड़ा हूं और देश को अगड़ा बनाना चाहता हूं’. पीएम मोदी के इसी बयान पर राजनीतिक बयानबाजी हो रही है.

इसी कड़ी में मायावती के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी ने भी पीएम मोदी पर जाति को लेकर टिप्पणी की है. जबकि कांग्रेस नेता भी इस बहस में कूद गए हैं.

केपी यादव के नाम आते ही.BJP के सोशल कैंपेन ही हवा निकल गई, अब चमत्कार की आस |

शिवुपरी। गुना-शिवुपरी लोक सभा क्षेत्र में नाम वापस लेने की अंतिम तारिख निकल जाने के बाद मुकाबले में 13 प्रत्याशी मुकाबले में रह गए हैं। लेकिन मुख्य मुकाबला कांग्रेस के प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया और भाजपा के प्रत्याशी केपी सिंह के बीच माना जा रहा हैं। बहुजन समाज पार्टी का इस संसदीय क्षेत्र में अधिक प्रभाव नही हैं।
चुनावी गणित है कि बहुजन कांग्रेस को ज्यादा डैमेज करती है,लेकिन इस चुनाव में माना जा रहा है कि बसपा के उम्मीदवार लोेकेन्द्र सिंह राजपूत किरार होने के कारण कांग्रेस से ज्यादा भाजपा को डैमेज करेंगें। 

मप्र की राजनीति में पूर्व सीएम शिवराज सिंह के कारण किरार समाज का वोट भाजपा का माना जाता रहा हैं। कांग्रेस इस चुनाव में अपनी जीत को पक्की मानते हुए जीत का रिर्काड बनाने के लिए चुनाव लड रही हैं तो वही भाजपा मोदी फैक्टर को लेकर चमत्कार की आस है। प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता होने के कारण सिंधिया समर्थक मंत्रियो के डेरा डालने के कारण प्रचार में आगे दिख रही है। 

संभाग की चार सीटो में इस सीट पर कांग्रेस की मतबूत पकड मानी जा रही हैं। कारण है सिर्फ सिंधिया। सिंधिया अभी तक अपराजेय योद्धा रहे है। अभी तक इस क्षे. में ग्वालियर राजमहल का कोई भी सदस्य प्रतिकूूल से प्रतिकूल प्रतिकूल परिस्थितियो भी नही हारा है। किसी की आंधी हो यहां राजमहल से टकरा सभी आंधिया झुक जाती हैं।
पूरा गणित सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के पक्ष में है लेकिन सिंधिया ने क्षेत्र में पूरी ताकत लगा दी हैं। प्रदेश की सिंधिया समर्थक लॉबी ने अपना डेरा यहा जमा लिया है। मप्र के शासन के मंत्रियो ने भी यहां डेरा डाल लिया हैं।

पिछले लोकसभा चनुाव की बात करे तो महल विरोध के गर्भ से जन्मे जयभान सिंह पवैया को सिंधिया ने 1 लाख 21 हजार वोटो से पराजित किया था। जयभाग सिंह पवैया के अनुपात में इस बार के भाजपा प्रत्याशी केपी यादव ज्यादा मजबूत नजर नही आते हैं। 

केपी यादव सिंधिया समर्थक नेता थे लेकिन विधानसभा चुनाव में टिकिट न मिलने के कारण उन्होने काग्रेस छोड दी। अगर अशोकनगर जिले को छोड दिया जाए तो शिवुपरी और गुना के मतादातओ ने केपी यादव का नाम पहली बार सुना है। 

केपी यादव के नाम फायनल न होने से पूर्व भाजपा के स्थानीय नेता ओर कार्यकर्ताओ ने सोशल पर अपनी पकड बनानी शुरू कर दी थी। सिंधिया पर लगातार हमले किए जा रहे थें। एक भाजपा नेता ने नाम ने छापने की शर्त पर बताया कि हमे बताया गया था कि इस बार सिंधिया के खिलाफ एक बडा ही मजबूत नाम वाला नेता इस रण में उतारा जाऐगा। 
हमने उसी तरह से सोशल के माध्यम से तैयारी शुरू कर दी थी। लेकिन केपी यादव का नाम आते ही हमारे कैपेंन की हवा निकल गई। केपी यादव के नाम से कार्यकर्ताओ में जोश नही रहा है। दिल से भाजपा के लिए कार्यकर्ता काम नही कर रहा हैं। 
इसके विपरित कांग्रेस में उत्साह अधिक हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता जीत के अंतर को बढाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। आम जन में इस चुनाव को लेकर भी कोई उत्साह नजर नही आ रहा है। दोनो दलो की ओर से किसी भी बडे नेता की सभा अभी तक नही हई है। कुल मिलाकर भाजपा में केपी यादव के नाम के कारण उत्साह नही हैं,उसे सिर्फ मोदी के नाम के चमत्कार की उम्मीद हैं।

अमरीका कैलिफोर्निया: यहूदी प्रार्थनास्थल पर गोलीबारी, एक की मौत, तीन घायल

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19 वर्षीय एक युवक को हिरासत में लिया गया
अस्पताल में एक घायल ने दम तोड़ा
हमले में तीन की हालत स्थिर है
वाशिंगटन। अमरीका के कैलिफोर्निया में शनिवार को प्रार्थनास्थल पर गोलीबारी में एक की मौत और तीन घायल हो गए। यह एक यहूदी प्रार्थनास्थल था। हमलावार 19 वर्षीय एक युवक को हिरासत में लिया गया है। इस मामले में मेयर का कहना है कि ये घृणा अपराध हो सकता है। सैन डिएगो काउंटी के शेरिफ बिल गोर ने मीडिया से कहा कि गोलीबारी के दौरान, चार लोग घायल हो गए। इन्हें पॉलिमर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में एक घायल ने दम तोड़ दिया और अन्य तीन की हालत अब स्थिर है। इस घटना में मारी गई महिला काफी बुजुर्ग थीं।

MP के सबसे अमीर उम्मीदवार के पास 660 करोड़, तो गरीब की संपत्ति सिर्फ 1823 रुपये

चौथे चरण के उम्मीदवारों पर एडीआर की रिपोर्ट, कमलनाथ के बेटे नकुल अमीरों की सूची में पहले स्‍थान पर. वहीं, तन्‍खा की सालाना कमाई 11 करोड़लोकसभा का चौथे चरण 29 अप्रैल को होने जा रहा है. इस दौरान देशभर की 71 सीटों पर मतदान होगा. ऐसे में मध्य प्रदेश खासी चर्चा में है. यहां पर 6 सांसद मैदान में हैं, इनमें से कुछ करोड़पति हैं, कुछ पर आपराधिक मामले हैं तो कुछ अशिक्षित हैं. एसोसिएट डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) ने राज्य के 104 उम्मीदवारों की एक रिपोर्ट जारी की है. इनमें करोड़पति उम्मीदवारों के भी नाम हैं. इनमें टॉप तीन कांग्रेस के टिकट पर अपना भाग्य आजमा रहे हैं.
सबसे अमीर उम्मीदवार हैं कमलनाथ के बेट
छिंदवाड़ा से मैदान में उतरे मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुल नाथ की संपत्ति इन दिनों चर्चा का विषय है. राज्य में भाग्य आजमा रहे चौथे चरण के उम्मीदवारों में कांग्रेस के नकुल नाथ की संपत्ति सबसे अधिक है. वे 660 करोड़ मुल्य की संपत्ति के मालिक हैं. वहीं जबलपुर से खड़े हुए राज्य सभा सदस्य विवेक तन्‍खा 66 करोड़ की संपत्ति के साथ दूसरे नंबर पर हैं. कांग्रेस के ही सिद्ध‌ि से उम्मीदवार अजय सिंह 37 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के पास 4 करोड़ की संपत्ति हैै.

सबसे ज्‍यादा कमाई तन्‍खा की
तन्‍खा के आयकर रिटर्न के अनुसार उनकी सालाना आय 11 करोड़ रुपए है, वहीं नकुल की सालाना आय 2 करोड़ रुपए है. इनके साथ कुछ ऐसे भी उम्मीदवार हैं जो करोड़पति तो छोड़िए लखपति भी नहीं हैं. ऐसे ही एक सबसे कम संपत्ति के मालिक हैं लल्लन कुमार जो कि सिद्ध‌ि से मैदान में हैं. इनके पास 1823 रुपए की संपत्ति बताई गई है. यह उम्मीदवारों की संपत्ति के मामले में सबसे निचले पायदान पर हैं.

हाईकोर्ट ने 16 से 18 साल की उम्र के बीच सहमति से बने यौन संबंधों को पोक्सो कानून (POCSO ACT) के दायरे से बाहर लाने का सुझाव भी दिया है।

नई दिल्ली।मद्रास हाई कोर्ट (MADRAS HIGH COURT) ने किशोर या किशोरावस्था (MINOR BOY OR GIRL) से थोड़ा अधिक उम्र के लड़के-लड़की के बीच यौन संबंधों (SEX) को कानूनी अमलीजामा पहनाने की वकालत की है। इस मामले में मद्रास हाई कोर्ट का मानना है कि 18 साल से कम उम्र की लड़की और एक किशोर या किशोरावस्था से थोड़ा अधिक उम्र के लड़के के बीच संबंध को ‘पराया’या ‘अस्वाभाविक’नहीं ठहराया जा सकता है। हाई कोर्ट ने 16 से 18 साल की उम्र के बीच सहमति से बने यौन संबंधों को पोक्सो कानून (POCSO ACT) के दायरे से बाहर लाने का सुझाव भी दिया है। जस्टिस वी पतिबन ने शुक्रवार को साबरी नामक अभियुक्त की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह बात कही। साबरी ने नामक्कल की महिला अदालत द्वारा पॉक्सो कानून के तहत उसे दी गई 10 साल कैद की सजा को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता पर 17 साल की एक लड़की का अपहरण और उसके यौन उत्पीड़न का आरोप था। कानून में संशोधन का सुझाव देते हुए जज पतिबन ने कहा कि 16 साल की उम्र के बाद सहमति से कोई यौन संबंध या शारीरिक संपर्क या संबद्ध कृत्य को पोक्सो कानून के कठोर प्रावधानों से बाहर रखा जा सकता है और यदि इस तरह का यौन उत्पीड़न होता है तो उसकी सुनवाई और उदार प्रावधानों के तहत की जा सकती है, जिसे इस कानून में ही शामिल किया जा सकता है। जज पतिबन ने कहा कि कानून में इस हिसाब से संशोधन किया जा सकता है कि सहमति के यौन संबंध के मामले में अपराधी की आयु 16 साल या उससे अधिक उम्र की लड़की से पांच साल से अधिक नहीं हो सकती। ताकि लड़की से उम्र में बहुत अधिक बड़ा और परिपक्व व्यक्ति लड़की की कम उम्र और उसके भोलेपन का गलत फायदा ना उठा सके। जस्टिस पतिबन ने राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एससीपीसीआर), सामाजिक संरक्षा आयुक्त, समाज कल्याण विभाग और दोपहर का भोजन कार्यक्रम को निर्देश दिया कि वो संबंधित अधिकारियों और विभागों के सामने इस मामले को रखें और यह पता लगाने के लिए कदम उठाएं कि क्या यह सुझाव सभी धड़ों को स्वीकार होगा। डीजीपी और एससीपीसीआर समेत अन्य संस्थाओं की रिपोर्ट पर विचार करते हुए जज ने कहा कि इस कानून की धारा 2 (डी) के तहत 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति को ‘बच्चे’के रूप में परिभाषित किया या है। लड़के और लड़की के प्रेम संबंध के मामले में अगर लड़की की उम्र 16 या 17 साल की होती है तो लड़के के खिलाफ कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई होती है और लड़के को कम से कम सात से 10 साल कैद की सजा होनी निश्चित है। लेकिन विपरीत लिंगों के बीच इस तरह के संबंध को अस्वाभाविक या पराया नहीं माना जा सकता। अदालत ने अभियुक्त को सभी आरोपों से बरी करते हुए निचली अदालत के फैसले को रद कर दिया। साथ ही पोक्सो कानून के तहत बढ़ते अपराधों और ऐसे मामलों में कठोर सजा पर चिंता भी जताई

महिला कर्मचारियों में चुनाव ड्यूटी को लेकर भय का वातावरण


शिवपुरीी चुनाव ड्यूटी को लेकर महिलाओं में भय का वातावरण निर्मित हो गया है चुनाव में महिला कर्मचारियों की ड्यूटी प्रशासन ने लगाई है हालांकि चुनाव की ट्रेनिंग महिला कर्मचारियों को प्रशासन द्वारा करवाई गई है सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि कई महिला कर्मचारियों को पीठासीन अधिकारी बना दिया गया है जबकि उन्हें चुनाव कराने का कोई अनुभव नहीं है ऐसी स्थिति में चुनाव में व्यवधान आना तय है ऐसी कर्मचारियों के साथ एक ट्रेंड कर्मचारी को रखना चाहिए जिससे चुनाव प्रक्रिया आसानी से संपन्न की जा सके प्रशासन को पीठासीन अधिकारी के पद पर अनुभवी ट्रेंड व्यक्ति को रखना चाहिए महिला कर्मचारियों में चुनाव को लेकर भय का माहौल देखा जा रहा है