मारुति सुजुकी Alto 800 फेसलिफ्ट लॉन्च, शुरुआती कीमत 2.94 लाख रुपये

मारुति सुजुकी ने भारतीय बाजार में नई Alto को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इसकी शुरुआती कीमत 2.94 लाख रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) रखी है. ये फेसलिफ्टेड एंट्री-लेवल हैचबैक तीन वेरिएंट में ही उपलब्ध होगी. अब इन सारे वेरिएंट अब नया BS-VI कॉम्पलिएंट 800cc इंजन मिलेगा.

मारुति सुजुकी ने Alto फेसलिफ्ट से ‘800’ बैजिंग को हटा दिया है. नई ऑल्टो Baleno के बाद दूसरी कार है जिसमें BS-VI कॉम्पलिएंट इंजन दिया गया है. नई ऑल्टो में कुछ कॉस्मेटिक अपडेट्स किए गए हैं. अब इसनें नया फ्रंट ग्रिल और बंपर दिया गया है. इस कार में 12-इंच स्टील व्हील्स दिए गए हैं, जिसमें ब्लैक या सिल्वर पेंट देखने को मिलेगा.

इंटीरियर की बात करें तो नई मारुति ऑल्टो में Alto K10 की तरह नया केबिन दिया गया है. इसमें डुअल-टोन डैशबोर्ड, डबल DIN इंफोटेनमेंट सिस्टम, USB, ब्लूटूथ और ऑक्स-इन सपोर्ट दिया गया है. नई हैचबैक में अनिवार्य सेफ्टी इक्विपमेंट दिए गए हैं, जिसमें ड्राइवर एयरबैग्स, रिवर्स पार्किंग सेंसर, हाई-स्पीड अलर्ट, सीट-बेल्ट रिमाइंडर और ABS शामिल हैं.

नई Maruti Alto में नया BS-VI कॉम्पलिएंट 796cc थ्री-सिलिंडर पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 48bhp का पावर और 69Nm का पिक टॉर्क जनरेट करता है. इस इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स दिया गया है. कंपनी ने दावा किया है कि 2019 Alto की माइलेज 22.05 kmpl होगी.

वेरिएंट-

— Alto BS VI Std — 2,93,689 रुपये

—  Alto BS VI LXI — 3,50,375 रुपये

—  Alto BS VI VXI — 3,71,709 रुपये

फिलहाल, ये नई ऑल्टो कंपनी के लिए एक अंतरिम मॉडल है, कंपनी नेक्स्ट जनरेशन मॉडल को 2020 में लॉन्च करेगी. नेक्स्ट जनरेशन मारुति ऑल्टो में पूरी तरह एक नया डिजाइन देखने को मिलेगा. यहां SUV जैसा लुक दिखाई देगा, जो अपने प्रतिद्वंदी Renault Kwid से मुकाबले के लिए उतारा जाएगा. नेक्स्ट जनरेशन ऑल्टो में 2018 ऑटो एक्सपो में शोकेस किए गए फ्यूचर एस कॉन्सेप्ट वाला डिजाइन देखने को मिल सकता है. 

लोकसभा चुनाव का आधा सफर पूरा, क्या कहते हैं अब तक के वोटिंग ट्रेंड

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में 117 सीटों पर मतदान पूरा हो गया. तीसरे चरण में करीब 66.4 फीसदी मतदान हुए. जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में इन सीटों पर 70.11 फीसदी वोटिंग हुई थी. इस तरह से करीब 4 फीसदी कम वोट पड़े हैं. पिछले तीन चरणों में कुल 302 सीटों पर मतदान के साथ आधा से ज्यादा चुनाव का सफर पूरा हो गया है. इस बार को लोकसभा चुनाव में वोटिंग ट्रेंड को राजनीतिक दल अपने-अपने नफा और नुकसान के नजरिए से देख रहे हैं. लेकिन मतदाताओं की खामोशी उन्हें बेचैन कर रही है.

तीसरे चरण में सबसे ज्यादा वोटिंग असम में 80.75 फीसदी हुई है. जबकि सबसे कम जम्मू-कश्मीर में 12.86 फीसदी मतदान हुआ है. उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर 61.40 फीसदी मतदान रहा, जो कि 2014 की तुलना में 0.4 फीसदी कम रहा. तीसरे चरण के चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के गृह राज्य गुजरात की सभी 26 सीटों पर 63.73 फीसदी वोटिंग हुई.

इसके अलावा केरल की सभी 20 सीटों पर 73.69 फीसदी वोट पड़े हैं. इसी के साथ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव और शरद यादव सहित कई दिग्गजों के किस्मत का फैसला EVM में कैद हो गया है.

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में 117 सीटों पर 66.44 फीसदी वोटिंग हुई है. इन सीटों पर 2014 में 70.11 फीसदी और 2009 में 61.8 फीसदी मतदान हुआ था. वोटिंग ट्रेंड को देखें तो 2014 में वोट फीसदी मे बढोत्तरी हुई तो वहीं 2019 में कमी आई है. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के पास 63, कांग्रेस के पास 16, बीजेडी के पास 6, सीपीएम के पास 8, एनसीपी 4, सपा के पास 3, आरजेडी के पास 2 और अन्य के पास 15 सीटें थी.  2009 के नतीजे को देखें तो बीजेपी के पास 44, कांग्रेस के पास 38, बीजेडी के पास 5, सीपीएम के पास 6 एनसीपी के पास 3 और अन्य के पास 21 सीटें थी.

बता दें कि देश की कुल 543 लोकसभा सीटों के लिए सात चरण में चुनाव हो रहे हैं. इनमें से तीन चरण का चुनाव पूरा हो चुका है. इसी के साथ 302 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है. पहले चरण की 91, दूसरे चरण की 95 और तीसरे चरण की 117 सीटों पर वोटिंग हुई है. इनमें जम्मू-कश्मीर की अनंतनाग सीट भी शामिल हैं, जहां तीन चरण में चुनाव होने हैं.

लोकसभा चुनाव के लिए 11 अप्रैल को पहले चरण की 20 राज्यों की 91 सीटों पर करीब 60 फीसदी लोगों ने वोट डाला.  2014 में इन्हीं 91 सीटों पर 70.79 फीसदी मतदान हुए थे. ये पिछली बार की तुलना में करीब 10 फीसदी कम है. पहले चरण की जिन 91 लोकसभा सीटों पर वोटिंग हुई. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 32 सीटें जीतने में सफल रही थी. जबकि कांग्रेस के पास महज 7 सीटें जीती थी. इसके अलावा 16 सीटें टीडीपी के पास, 11 टीआरएस, 9 सीटें वाईएसआर कांग्रेस, 4 सीटें बीजेडी और 12 सीटें अन्य दलों ने जीती थी. ऐसे में 10 फीसदी कम वोटिंग मोदी के लिए बेचैनी का सबब बनेगी या फिर विपक्ष के लिए एक बार और झटका साबित होगी.

लोकसभा चुनाव के लिए 18अप्रैल को दूसरे चरण के 12 राज्यों की 95 सीटों पर करीब 68 फीसदी लोगों ने मतदान किया था. इन 95 सीटों पर 2014 में 65 फीसदी वोटिंग पड़ी थी. पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में 3 फीसदी अधिक वोट पड़े हैं. जबकि 2009 के चुनाव में 62.49 फीसदी वोट पड़े थे.

दूसरे चरण की जिन 95 लोकसभा सीटों पर वोटिंग हो चुकी है, इन्हीं सीटों पर 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 27 सीटें जीतने में सफल रही थी. जबकि एनडीए के पास 64 सीटें थी. वही, कांग्रेस के पास महज 12 सीटें जीती थी. इसके अलावा 4 सीटें बीजेडी, 2 सीटें जेडीएस, 2 सीटें आरजेडी, 1 सीटें टीएमसी, एक जेडीयू और 6 सीटें अन्य को मिली थी. वहीं बीजेपी की सहयोगी  एआईएडीएमके के पास 36 सीटें और शिवसेना के पास 4 सीटें थी.

लोकसभा चुनाव 2019 में तीन चरण का चुनाव पूरा हो गया है आर चार चरणों में 241 सीटों पर वोटिंग होनी है. इसका मतलब साफ है कि आधे से ज्यादा सीटों पर चुनाव का सफर पूरा हो चुका है. पहले चरण की वोटिंग कम होने के बाद बाकी तीन चरणों में वोटिंग फीसदी में इजाफा हुआ है. 2019 के लोकसभा चुनाव के वोटिंग ट्रेंड में सियासी पार्टियां अपने-अपने पक्ष में बता रही हैं.

उदित राज ने छोड़ी बीजेपी कांग्रेस में हुए शामिल

नई दिल्ली। टिकट कटने से नाराज चल रहे सांसद उदित राज ने भाजपा छोड़ दी है। बुधवार को राहुल गांधी की मौजूदगी में वे कांग्रेस में शामिल हो गए। खबर है कि कांग्रेस उन्हें यूपी में कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है। 2014 में उदित राज दिल्ली की उत्तर पश्चिम सीट से सांसद चुने गए थे। इस बार भाजपा ने यहां से हंस राज हंस को टिकट दिया है। इसके बाद बगालती तेवर दिखाते हुए उदिर राज ने ट्विटर पर अपने नाम के आगे से चौकीदार शब्द हटा लिया था।

बीएचयू में छात्र की हत्या: HC की तल्ख टिप्पणी….तो कैंपस को भी बंद करना पड़ेगा’

प्रयागराज 
बीएचयू में एमसीए छात्र गौरव सिंह की हत्या के मामले में चीफ प्रॉक्टर प्रफेसर रोयना सिंह को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने मामले की विवेचना जारी रखने और उसे जल्द पूरी करने का भी निर्देश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर इसी तरह से अराजकता के हालात बने रहे तो कैंपस को भी बंद करना पड़ेगा। 

कोर्ट ने चीफ प्रॉक्टर रोयना सिंह के प्रयासों की भी सराहना की है। हाई कोर्ट ने माना है कि बीएचयू में अराजकता रोकने की ठोस कोशिश करने की वजह से ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। कोर्ट ने कहा, ‘यदि बीएचयू के ही प्राध्यापकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तो इससे कैंपस का माहौल और ज्यादा खराब होगा।’ जस्टिस पंकज नकवी की अध्यक्षता वाली डिविजन बेंच ने याचिका की सुनवाई के बाद चीफ प्रॉक्टर रोयना सिंह को यह राहत दी है। 
बता दें कि तीन अप्रैल को बीएचयू कैम्पस स्थित बिड़ला हॉस्टल में एमसीए के छात्र गौरव सिंह की हत्या कर दी गई थी। गौरव सिंह की हत्या के मामले में कई छात्र गुटों के नाम प्रकाश में आए थे। इस मामले में मृतक छात्र गौरव के पिता ने पांच नामजद और दो-तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। नामजद आरोपियों में बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर प्रफेसर रोयाना सिंह का भी नाम शामिल है। इसके बाद प्रफेसर रोयाना सिंह ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर एफआईआर को चुनौती देते हुए उसे रद्द करने की मांग की। 

चलती ट्रेन के इंजन में आग लगी, यात्रियों ने बोगियों को इस तरह बचाया

गुना। ग्वालियर-बीना पैसेंजर मंगलवार को बर्निंग ट्रेन बनने से बच गई। सिलावटी और गुना के बीच ट्रेन के डीजल इंजन में आग लग गई। ड्राइवर ने फुर्ती दिखाकर ट्रेन रोक दी और यात्रियों की मदद से कपलिंग खोलकर इंजन को धकेलकर बोगियों से दूर किया। इसके बाद आसपास के खेतों से पानी डालकर इंजन की आग बुझाई। इसके कारण सभी यात्री सुरक्षित रहे।
ट्रेन नंबर 51884 ग्वालियर-बीना पैसेंजर मंगलवार को सुबह साढ़े आठ बजे ग्वालियर से रवाना हुई थी। इसमें डीजल इंजन लगा हुआ था। इसे दोपहर एक बजे गुना पहुंचना था, लेकिन दोपहर साढ़े 12 बजे के बाद सिलावटी और गुना स्टेशन के बीच इंजन में आग की लपटें उठने लगीं। ड्राइवर मुकेश कुमार ने ट्रेन रोक कर उसमें उपलब्ध अग्निशमन यंत्र से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। दहशत में यात्री भी बोगियों से उतरकर आसपास के खेतों में खड़े हो गए थे।

आग बढ़ती देखकर फायर ब्रिगेड को सूचना दी। ट्रेन के स्टाफ ने इंजन और पहली बोगी के बीच की कपलिंग खोल दी। फिर यात्रियों की मदद से जलते इंजन को धक्का देकर बोगियों से दूर हटाया। तब तक सूचना मिलने पर गुना से फायर ब्रिगेड पहुंच गई। उसने ट्रेन की आग बुझाई। इसके अलावा आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के करीब 50 जवान व अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। यात्रियों के लिए पानी के पाउच सहित अन्य जरूरी सुविधाएं भी ले गए थे। बाद में दूसरा इंजन पहुंचाकर ट्रेन को गुना लाया गया। फिर यहां से ट्रेन बीना रवाना हुई। विभाग अब आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है।

सभी सुरक्षित

ट्रेन में आग लगने की सूचना पर स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा दिया था। सुखद बात यह रही कि सभी यात्री सुरक्षित हैं। आग लगने के कारणों की जांच रेलवे के अधिकारी करेंगे।

भारतीय मूल का लड़का ब्रिटेन का सबसे युवा अकाउंटेंट बना

भारतीय मूल का 15 साल का लड़का सबसे कम उम्र का लेखाकार (अकाउंटेंट) बना गया। उसने स्कूल में रहने के दौरान ही अकाउंटेंसी की कंपनी स्थापित की है।

दक्षिण लंदन में रहने वाले रनवीर सिंह संधु ने अपने लिए 25 साल की उम्र तक करोड़पति बनने का लक्ष्य रखा है। संधु ने 12 साल की उम्र में अपना पहला कारोबार शुरू किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि 15 साल का युवा उद्यमी अपना सर्वश्रेष्ठ जीवन जी रहा है और धन कमाने की कोशिश कर रहा है। स्कूली छात्र ने कहा कि वह बहुत पहले से ही जानते थे कि उन्हें अकाउंटेंट और वित्तीय सलाहकार बनना है ताकि वह अपने सपनों का कारोबार शुरू करने वाले साथी युवाओं की मदद कर सकें। वह अपनी सेवा के लिए प्रति घंटे 12 से 15 पौंड लेते हैं।

रनवीर ज्यादातर अपना काम घर से ही करते हैं। उनके पिता अमन सिंह संधू (50 वर्ष) पेशे से बिल्डर हैं और मां दलविंदर कौर संधू एक एस्टेट एजेंट के रूप में काम करती हैं। रनवीर ने कहा कि मेरी हमेशा से ख्वाहिश रही है कि मैं खूब पैसा कमाऊं, अपने व्यवसाय का विस्तार कर इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर सकूं। इसमें मेरे माता-पिता ने हमेशा मेरी मदद की है। उन्होंने कहा कि भविष्य की मेरी योजना यह है कि मुझे करोड़पति बनना है और अपने कारोबार का दायरा बढ़ाना है।

श्रीलंका अभी सुरक्षित नहीं, कई हमलावर अब भी हैं हमले की फिराक में

श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने मंगलवार को कहा कि देश अभी सुरक्षित नहीं है। विस्फोटकों के साथ कई हमलावर अब भी देश में आजाद घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में अभी और हमले हो सकते हैं।उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि ईस्टर के दिन के हमलों के इस्लामिक स्टेट से संबंध थे। उन्होंने कहा कि खुद आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट ने हमलों की जिम्मेदारी ली है। ईस्टर के मौके पर श्रीलंका में हुए हमलों में 300 से अधिक लोग मारे गए थे
रानिल विक्रमसिंघे ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार की सुरक्षा एजेंसियां उन श्रीलंकाई की निगरानी कर रही हैं जो इस्लामिक स्टेट में शामिल हुए थे और घर लौट आए हैं। हम आतंकी संगठन आईएस के दावों पर चल रहे हैं, हमारा मानना है कि इन लोगों का हमलों से लिंक हो सकता है।

अबतक 40 गिरफ्तार

श्रीलंका में ईस्टर के दिन हुए जबर्दस्त बम धमाकों के सिलसिले में एक ड्राइवर समेत 40 संदिग्ध गिरफ्तार किये गये हैं और सरकार ने आपातकाल की घोषणा कर दी है। इसी ड्राइवर के वाहन का आत्मघाती हमलावरों ने कथित रूप से इस्तेमाल किया था। पुलिस प्रवक्ता रूवान गुणाशेखरा ने बताया कि श्रीलंका पुलिस ने पिछले 24 घंटे के दैरान 16 और गिरफ्तारियां की हैं जिससे अबतक गिरफ्तार किये गये संदिग्धों की कुल संख्या 40 हो गयी है। गुणाशेखरा ने कहा, ”उनमें से 26 सीआईडी के पास हैं, तीन आतंकवाद जांच संभाग की गिरफ्त में हैं। उनमें से नौ को पहले ही हिरासत में भेज दिया गया है और दो कोलंबो के दक्षिण में एक थाने में हैं।

श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर तीन गिरजाघरों और लक्जरी होटलों में जबर्दस्त धमाके हुए थे जिसमें 321 लोगों की जान चली गयी और 500 से अधिक अन्य घायल हो गये। मारे गये लोगों में 10 भारतीयों समेत 38 विदेशी हैं। श्रीलंका सरकार ने कल रात आपातकाल लगा दिया जिससे सुरक्षाबलों को बिना वारंट के संदिग्धों को हिरासत में लेने और उनसे पूछताछ करने की व्यापक शक्तियां मिल गयीं।

श्रीलंका हमलों में मारे गए लोगों का सामूहिक अंतिम संस्कार

श्रीलंका में रविवार को ईस्टर के दिन सिलसिलेवार बम हमलों में मारे गए लोगों का मंगलवार को सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया। इन हमलों में 321 लोग मारे गए हैं। स्थानीय मीडिया ने खबर दी कि सामूहिक अंतिम संस्कार कोलंबो के उत्तर में नेगोम्बो स्थित सेंट सेबास्टियन चर्च में किया गया। यह आत्मघाती हमलों के घटनास्थलों में से एक है। अंतिम संस्कार नष्ट हुए चर्च में किया गया, जहां आत्मघाती हमलावर के हमले में 100 लोग मारे गए थे। इससे पहले कुछ देर के लिए मौन रखा गया। झंडे आधे झुके रहे। हमलों में 500 लोग घायल हुए हैं। खबर में कहा गया कि देश में आपात स्थिति के बीच अंतिम संस्कार किया गया।
नेशनल तौहीद जमात पर जताया जा रहा था शक

पहले इस आतंकवादी घटना के पीछे नेशनल तौहीद जमात नाम के स्थानीय संगठन का हाथ बताया जा रहा था। स्वास्थ्य मंत्री एवं सरकारी प्रवक्ता रजीत सेनारत्ने ने कहा था कि विस्फोट में शामिल सभी आत्मघाती हमलावर श्रीलंकाई नागरिक मालूम हो रहे हैं। उन्होंने कहा था कि कट्टर मुस्लिम समूह -नेशनल तौहीद जमात नाम के स्थानीय संगठन को इन घातक विस्फोटों को अंजाम देने के पीछे माना जा रहा है। उन्होंने इस घटना के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जुड़े होने की संभावना जताई है।

लोकसभा चुनाव 2019: भाजपा ने जारी की 26वीं लिस्ट, गुरदासपुर से सनी देओल, चंडीगढ़ से किरण खेर को टिकट

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Elections 2019) के लिए 3 उम्मीदवारों की एक और लिस्ट (BJP LIST) जारी कर दी है। भाजपा ने इस लिस्ट में पंजाब और चंडीगढ़ की लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। पार्टी की यह 26वीं उम्मीदवारों की लिस्ट है।

भाजपा (BJP) ने चंडीगढ़ में किरण खेर (Kirron kher), पंजाब की गुरदास पुर लोकसभा सीट से सनी देओल (Sunny Deol) व पंजाब के ही होशियारपुर (सुरक्षित सीट) से सोम प्रकाश (Som Prakash) को मैदान में उतारा है।

दोस्तो एक कांग्रेसी मतदाता का पत्र हमारे सांसद जी के नाम कृपया आखिर तक अवश्य पढ़ें

                       प्रिय सांसद जी

में अच्छी तरह जानता हूँ कि आपने मेरे वोट नामक बीज
से जन्म लिया है , तथा हर नालायक बेटे की तरह आप मुझे ( अपने जन्मदाता ) को भूल गए हो , इस लिए ये पत्र आपको कुछ उधारी के सम्बंध में लिख रहा हूँ

1999 में हमने आपके पिताजी को वोट दिया ,भाजपा की सरकार बनी , मगर आपके स्व पिताजी , स्व अटल विहारी जी के खिलाफ सदन में बैठे , फिर 2002 में हमने आपको वोट दिए,वो भी उस सरकार के खिलाफ जिसने पूरे भारत के ग्रामीण क्षेत्रो को सड़क से जोड़ने का ऐतिहासिक निर्णय लिया ,उस अटल सरकार ने बहुत कुछ किया , अफसोस आपने कुछ नही किया ,हम चुप रहे , 2004 में भी आपने परिवार की दुहाई दी हमने वोट दिया ,अपने सिर्फ बातों के अलाबा कुछ नही किया ,हम चुप रहे , 2009 में भी हमने आपको वोट दिए , एक बार भी नही पूछा कि 26/11 हमले पर सख्त कार्यवाही क्यों नही की आपकी सरकार ने , हम चुप रहे ,2014 में पूरा देश मोदी लहर में सराबोर था परंतु हमने आपको चुना फिर भी आपने कुछ नही सोचा हमारे लिए ,हम चुप रहे
आप जब भी आये अपने एक बार भी नही कहा कि मैं आपकी बदौलत दिल्ली में बैठा हूँ , हर बार एक ही झूठ बोलते रहे कि मैं आपको ये सौगात लाया हूँ , झूठ पर झूठ
अरे साहब जिस अखबार से आपके आने का समचार मिलता है उसी अखबार में ये भी लिखा रहता है कि दिल्ली में बैठी सरकार ने हमारे लिए समर्पित कोई स्किम बनाई है ,मगर आप हर बार साहूकार की तरह एक ही योजना को 100 बार सुनाते हो , कसम से उस वक्त हमारे गांव का साहूकार याद आ जाता है जिसने मेरे जन्म के समय मेरे पिताजी को उधार दिया था तथा उसके बदले में व्याज सहित हमारा पूरा खेत ले लिया था , आप सिर्फ अटल सरकार द्वारा लाई प्रधानमंत्री सड़क योजना में ही हमको खुश करने की सफल कोशिश करते रहे ,और वही योजना लाखों बार सुनाते रहे , तथा बदले में 15 साल से हमारा अनमोल वोट लेते रहे जो हमारे खेत से कम कभी नही थे

, जब मैं घर में tv देखता हूँ तो पूरा परिवार खुश रहता है राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में , परिवार खुश दिखाई देता है कि हमारा पक्का घर बन गया है , घरबाली भी बहुत खुश है क्यों कि उसे अब धुंए में खाना बनाना नही पड़ता , पिताजी भी चैन से माला जपते हैं क्यों कि उनका आयुष्मान भारत का कार्ड बन गया है इससे उन्होंने अपने घुटनों का ऑपरेशन मुफ्त कराया है ,
में अपनी भारत सरकार से संतुष्ट हूँ , और हाँ आपभी झूठ बोलना बंद कर जन सेवा कीजिये हम सभी आपके राज्य के नागरिक थे जो अब नही हैं क्यों कि
5 बार आपको वोट देकर भी कुछ लौटाया नही है आपने इसलिए मेरे हिसाब की किताब में आपके नाम के आगे
खाता बंद लिख रहा हूँ तथा कोशिश करूंगा कि अपने बच्चों को भी यही सिखाकर जाऊं

याद कीजिये आपने 2018 के विधानसभा चुनाव में एक नारा दिया था कि वक्त है बदलाब का ,
में आपका ही वोटर था , तो आदेश का पालन भी करूंगा , मेने बदलाब का मन बना लिया है , अब और सहा नही जाता ,
बच्चों के सवालों का जबाब देना मुश्किल हो रहा है , वह नन्हे मुन्ने पूछते है कि जब सारा देश मोदी के साथ खड़ा, आतंकी हमलों के खिलाफ जब सारा देश खड़ा दिखाई देता है , पुलवामा हमले के बाद जब भारत की ताकत दुनिया ने देखी है , तो हमारा परिवार मोदी के साथ क्यो नही है
इस लिए मुझे क्षमा करें
मेरा मूड वही है जो सारे देश का मूड है

आपके खानदानी मतदाता का आपको आखिरी सलाम
एक कांग्रेसी मतदाता

( सोशल मीडिया सेे साभार)