गुना शिवपुरी लोकसभा: में ऐसा न हो कछुआ खरगोश से जीत जाये और कहानी फिर से ताजी हो जाये.

गुना शिवपुरी लोकसभा में अभी पशोपश की स्थिति बनी हुई है कोई कह नहीं सकता है, बाजी किस तरफ पलटेगी. भले ही महाराजा ने अपने लाव लश्कर के साथ नामांकन भरा हो लेकिन जनता के बीच यह सब बेअसर है.
महाराजा की फौज जो है अंदर ही अंदर मन के भीतर चोर रखती है, मंचों के आसपास खड़े रहना तो उनकी मजबूरी है. सब थके हुये हैं और जोश से रहित हैं. उनके भीतर कुछ और है और बाहर कुछ और.
कक्का जी ने भी अभी मंच से अपनी भड़ास निकाल ही ली और फौज की और स्वयं की तुलना गाड़ी के नीचे चलने वाले कुत्ते से कर दी संकेत साफ है, घुटन बाहर निकल ही गई.
उधर भाजपा के सिपाहियों की फौज का जोश बरकरार है. रणभूमि में सभी दो दो हाथ करने के मूड़ में नजर आते हैं. जनता भी तो इनकी तरफ झुकती नजर आ रही है दबे पांव ही सही.
मोदी लहर भी इसमें सहयोगी बन रही है. नामांकन भरते समय भाजपा प़त्याशी ने भी अच्छा खासा प़दर्शन किया है ,इनके रेले में स्थानीय कार्यकर्ता अधिक थे जबकि दूसरी तरफ सब कुछ प़ायोजित था और बाहरी लोग अधिक थे जिनका जनता के बीच संपर्क कम ही है.
भाजपा कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास कोलारस क़ांति के कारण बहुत बड़ा हुआ है और विजयी कोलारस वीरों ने आने वाले चुनाव के लिये तन,मन, धन से कमर कसली है.अगर कुछ उलट फेर हुआ तो सेहरा कोलारस के वीरों के सर पर ही बंधेगा.
खैर सब कुछ जनता के हाथ में है और वह किसी भी तरह के तिलिस्म के झांसे में नहीं आने वाली है. हम तो इतना ही कह सकते ऐसा न हो तेज दौड़ते हुये खरगोश को कछुआ मात न दे दे.

रोहित शेखर मर्डर केस मेंं तीसरे किरदार की एंट्री.

दिल्ली, कोर्ट परिसर में साथ काम करते हुए पहले प्‍यार हुआ, एक साल प्रेम कहानी चली, फिर हाई प्रोफाइल शादी हुई और शादी के एक साल के भीतर पति की हत्‍या में पत्‍नी बनी मुख्‍य आरोपी। यह किसी फिल्‍म की पटकथा नहीं, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्‍यों के मुख्‍यमंत्री रह चुके दिवंगत नारायण दत्त तिवारी के पुत्र रोहित शेखर और उनकी वकील पत्‍नी अपूर्वा शुक्‍ला की कहानी है। इस कहानी में तीसरे और चौथे किरदार की एंट्री ने इसे उस खौफनाक अंजाम तक पहुंचाने में मदद की, जिसकी शायद ही किसी ने कल्‍पना की होगी।
रोहित और अपूर्वा की शादी पिछले साल (2018) 12 मई को दिल्‍ली के अशोका होटल में हुई। इस समारोह में राजनीति, समाज और कॉरपोरेट वर्ल्‍ड की नामी-गिरामी शख्सियतें शामिल हुईं। इससे एक महीने पहले अप्रैल में दोनों ने सगाई की थी। उससे पहले सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते हुए दोनों की आंखें चार हुईं और फिर शुरू हुई उनकी लव स्‍टोरी। उन्‍हें जानने वालों की मानें तो सामान्‍य कपल की तरह कोर्टशिप के दौरान भी दोनों दो बार जुदा होते-होते बचे। हालांकि, आखिरकार परिवार और मित्रों के सहयोग से दोनों ने शादी का फैसला किया।
अलबत्ता, शादी के तुरंत बाद से ही दोनों के रिश्‍ते प्‍यारपूर्ण तो छोड़ि‍ए, सामान्‍य भी नहीं रह गए। रोहित की मां उज्‍ज्‍वला शर्मा ने उनकी हत्‍या के बाद कई दफा इस बात का खुलासा किया है। उनके अनुसार, शादी के दिन से ही दोनों के रिश्‍तों में खटास आनी शुरू हो गई थी। उज्‍ज्वला के मुताबिक, इसी साल जून में दोनों तलाक के लिए अर्जी भी डालने वाले थे, लेकिन किस्‍मत ने रोहित को इसके लिए भी वक्‍त नहीं दिया।
इन सबके बीच रोहित और मूलत: इंदौर की रहने वाली अपूर्वा के रिश्‍तों के बीच एक अन्‍य महिला के आने की भी खबर है। यह महिला एनडी तिवारी और उज्‍ज्‍वला के परिवार से जुड़ी हुई बताई जा रही है। वैसे उज्‍ज्‍वला की मानें तो शादी से पहले अपूर्वा के भी एक मर्द से रिश्‍ते थे। संभव है कि रोहित को इसकी भनक शुरू में ही लग गई हो और यहीं से दोनों के संबंध मजबूत होने के बदले लगातार कमजोर होते चले गए।
संपत्ति का एंगल:
अब जबकि अपूर्वा समेत छह लोग हत्‍या के गहरे शक की जद में आ चुके हैं, रोहित की मां उज्‍ज्वला ने संपत्ति के एंगल का सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्‍होंने अपूर्वा और उसके परिवार पर अपने दोनों बेटों- रोहित (दूसरे पति एनडी तिवारी से) और सिद्धार्थ (उज्‍ज्वला के पहले पति से) की सम्‍पत्ति हड़पने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, यह जमीन सुप्रीम कोर्ट के करीब है, इसलिए भी अपूर्वा की उस पर नजर थी।
इस तरह नाजायज औलाद से जायज बेटा बने रोहित:
शादी से पहले की रोहित शेखर के संघर्ष की कहानी भी कम दिलचस्‍प नहीं है। नाजायज औलाद से जायज बेटा बनने के उनके संघर्ष का दूसरा उदाहरण दुनिया में शायद ही कहीं और हो। अदालत से न्याय मिलने पर उन्होंने कहा था- शायद मैं दुनिया का पहला आदमी हूं जिसने ख़ुद को जायज़ साबित होने के लिए मुकदमा लड़ा हो।
रोहित ने सात साल तक देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शुमार रहे एनडी तिवारी के ख़िलाफ़ पितृत्व का केस लड़ा। कोर्ट ने डीएनए टेस्ट कराने का आदेश दिया। एनडी तिवारी ने नमूना देने से पहले इनकार किया, लेकिन केस जीतने के बाद तिवारी ने रोहित को बेटा मानते हुए उन्‍हें संपत्ति का वारिस भी बनाया। तिवारी ने रोहित की मां उज्‍ज्‍वला से 88 साल की उम्र में शादी भी की। गौरतलब है कि उज्‍ज्‍वला से तिवारी के प्रेम संबंध रहे, मगर उन्होंने शादी नहीं की थी। इसी बीच रोहित का जन्‍म हुआ। 3 मार्च 2014 को एनडी तिवारी ने रोहित शेखर को बेटा माना था।

कांग्रेस के प्रत्याशी अशोक सिंह ने नामांकन दाखिल किया और रैली निकाली वा संबोधित भी किया

आज कांग्रेस प्रत्याशी श्री अशोक सिहं जी अपना नामंकन भरने अपने समर्थको के साथ शहर के प्रमुख मार्गो से निकले। सभी मार्गो में जबर्दस्त स्वागत किया। शायद इतना जबर्दस्त समर्थन इससे पहले देखने को नही मिला था।

स्टेट बैंक आफ इंडिया लुकवासा शाखा मैनेजर का व्यवहार अभद़ता पूर्ण है, किसानों को परेशान किया जा रहा.


शिवपुरी कोलारस तहसील के लुकवासा कस्बे में स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया के शाखा प़बंधक का व्यवहार ग़ाहकों के प़ति अभद़ता से भरा हुआ होता है.
किसानों के गेंहूं का पैमेंट इस समय बैंक के द्वारा हो रहा है, और किसान को तत्काल पैसे की जरुरत पड़ती है ऐसे में किसानों को घंटे घंटे बैंक में खड़ा रखना स्टाफ के द्वारा झिड़कना आम बात हो गई है, ऐसे शाखा प़बंधक का तबादला शीध़ अन्यत्र कहीं किये जाने की आवश्यकता है, ग़ाहकों से क़ेडिट कार्ड और लोन देने के लिये रिश्वत खोरी की मांग आम बात हो गई है.
चुनाव के समय जनता को परेशान करना ठीक नहीं है, इसक आक़ोश जनता मतदान करते हुये ले सकती है.

भोपाल से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह बोले- शहीद भी अगर संघ को पसंद नहीं तो वो ‘शैतान’ हैं

भोपाल सीट से कांग्रेस और बीजेपी प्रत्याशियों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. मुंबई हमले में शहीद हेमंत करकरे पर बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा के विवादित बयान पर कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो संघ की मर्जी के खिलाफ बोले वो देशद्रोही है. भारत के शहीद भी अगर संघ को पसंद नहीं तो वो ‘शैतान’ हैं.

मंगलवार को दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘शहीद हेमंत करकरे के विरुद्ध संघ के लोगों के बयान से साफ है कि उनके लिए भारत ‘माता’ नहीं, संघ ही सब कुछ है. जो संघ की मर्जी के खिलाफ बोले वो देशद्रोही है. भारत के शहीद भी अगर संघ को पसंद नहीं तो वो ‘शैतान’ हैं. हमने संघ की नहीं, संविधान की शपथ ली है. हम भारत माता के भक्त हैं.

ट्विटर पर दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘भारत आज एक मजबूत राष्ट्र है. जिसमें संघ की नहीं, कांग्रेस के लोगों के कुर्बानियां शामिल हैं. महात्मा गांधी, इंदिरा जी, राजीव जी के बलिदान हैं, छत्तीसगढ़, कश्मीर, पंजाब, असम, मणिपुर, त्रिपुरा. देश की मिट्टी में कांग्रेस का खून मिला हुआ है. उस खून की खुश्बू संघ को नहीं आती.’

दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘ BJP के लोग भले मानते हों कि जब जागे तभी सवेरा, लेकिन भारत का सूर्य आपसे बहुत पहले उदय हो चुका था. आजादी के बाद मजबूत भारत बनाने में देशवासियों की मेहनत, सैनिकों/ पुलिसकर्मियों के बलिदान, संविधान की ताकत, कांग्रेस की नीतियां शामिल हैं. राष्ट्र निर्माण यज्ञ है, निजी चमत्कार नहीं’

दिग्विजय सिंह ने पूछा, ‘नेहरु जी ने नए राष्ट्र के रूप में भारत की नींव रखी. उसमें संघ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी सम्मानपूर्वक शामिल किया, सबको साथ लिया. आप जो राष्ट्र बना रहे हैं, उसमें शहीदों तक का सम्मान नहीं. महात्मा गांधी, इंदिरा जी, राजीव जी से हेमंत करकरे तक सब आपके लिए बस राजनीति है? क्यों?’

इससे पहले दिग्विजय सिंह ने कहा था, ‘मैं साध्वी प्रज्ञा जी का भोपाल में स्वागत करता हूं. आशा करता हूं कि इस रमणीय शहर का शांत, शिक्षित और सभ्य वातावरण आपको पसंद आएगा. मैं मां नर्मदा से साध्वी जी के लिए  प्रार्थना करता हूं और नर्मदा जी से आशीर्वाद मांगता हूं कि हम सब सत्य, अहिंसा और धर्म की राह पर चल सकें. नर्मदे हर!’

योगेश के आने के बाद दिलचस्प हुई इलाहाबाद की लड़ाई

कांग्रेस की ओर से भाजपा से आए योगेश शुक्ला के उतारे जाने के बाद इलाहाबाद संसदीय सीट की लड़ाई दिलचस्प हो गई है। उनके आने के साथ ही इस सीट पर नए सियासी समीकरण बनने लगे हैं तथा भाजपा और महागठबंधन के बीच सीधी लड़ाई न होकर बहुकोणीय हो गई है। सपा ने इस सीट पर अगड़ा बनाम पिछड़ा कार्ड खेलने का संकेत पहले ही दे दिया है। अब भाजपा के बाद कांग्रेस की ओर से भी ब्राह्मण उम्मीदवार पर दांव खेले जाने के बाद सपा ने अगड़ों और पिछड़ों की इस सियासत को और धार देने की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि योगेश की नई पारी कांग्रेस को क्षेत्र में फिर से खड़ा कर पाने में कितना सफल होती है। साथ ही भाजपा के लिए कितनी चुनौती बन पाती है।

योगेश ने 2009 में भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ा था। उस समय उन्हें 60983 वोट मिले थे तथा सपा और बसपा के बाद तीसरे स्थान पर रहे। इसके बाद भी वह यमुनापार के विभिन्न मुद्दाें को लेकर लगातार सक्रिय रहे। कलश यात्रा निकालने के साथ कॉटन मिल के कर्मचारियों की हक के लिए भी संघर्ष किया। इस वजह से क्षेत्र के हर तबके के मतदाताओं के साथ उनका मजबूत रिश्ता है। अगड़ों के साथ पिछड़ों के बीच भी उनकी अच्छी छवित है। इसी सक्रियता तथा रिश्तों के दम पर वह भाजपा से टिकट के दावेदारों में भी शामिल रहे। अब टिकट नहीं मिलने के बाद नामांकन की आखिरी तारीख से एक दिन पहले उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया।

कांग्रेस ने उन्हें पार्टी ज्वाइन कराने के साथ इलाहाबाद से प्रत्याशी भी घोषित कर दिया है। इलाहाबाद संसदीय सीट के अंतर्गत सबसे अधिक करीब साढ़े तीन लाख ब्राह्मण मतदाता हैं। इनके अलावा पौने तीन लाख कायस्थ तथा अन्य सवर्ण मतदाता हैं। इनके अलावा पटेल मतदाताओं की संख्या करीब पौने तीन लाख तथा करीब दो लाख यादव हैं। इनके अलावा अन्य पिछड़ी जाति मतदाताओं की संख्या भी दो लाख के करीब बताई जाती है। इसी जातीय समीकरण के साथ पिछड़ों एवं अनुसूचित जाति तथा आदिवासियों के बीच मजबूत पकड़ को देखते हुए भाजपा ने डॉ.रीता बहुगुणा जोशी को मैदान में उतारा है लेकिन अब योगेश के कांग्रेस से आने के बाद भाजपा के सामने सवर्ण मतदाताओं के ध्रुवीकरण की चुनौती बढ़ गई है तो सपा के लिए भी अगड़ा बनाम पिछड़ा का दांव आसान नहीं होगा।

भाजपा के बड़े नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के घर पर पुलिस का छापा

बदायूं, समाजवादी पार्टी के सांसद तथालोकसभा चुनाव 2019 में बदायूं से पार्टी के प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव की शिकायत पर योगी आदित्यनाथ के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के घर पर आज पुलिस ने छापा मारा है। धर्मेंद्र यादव का आरोप है कि बदायूं में उनके घर पर अराजक तत्व छुपे हैं। धर्मेंद्र यादव ने सवाल भी पूछा कि आखिर किस हैसियत से स्वामी प्रसाद मौर्या जिले में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी बेटी संघप्रिया गौतम की खातिर चुनाव प्रभावित कर रहे हैं। 

स्वामी प्रसाद मौर्य के आवास विकास कालोनी के आवास में बाहरी लोगों के रुके होने की सूचना पर पुलिस ने छापामारी की। इसी आवास में भाजपा प्रत्याशी संघमित्रा भी रहती हैं। पिता कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के रुके होने की बात सपा प्रत्याशी सांसद धर्मेंद्र यादव ने मीडिया से की थी। भाजपा प्रत्याशी संघमित्रा मौर्य के पिता स्वामी प्रसाद मौर्य किराये के घर पर रह रहे हैं। सीओ सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट ने छापेमारी की है। बदायूं से सपा उम्मीदवार धर्मेंद्र यादव ने भाजपा प्रत्याशी संघमित्रा मौर्या के पिता मंत्री स्वामी प्रसाद की चुनाव आयोग से शिकायत की है। आरोप है हूटर लगी गाड़ियों में स्वामी प्रसाद विधानसभा सहसवान में घूमकर मतदाताओं को प्रभावित कर रहे हैं। जिसका संज्ञान लेकर आयोग की टीम ने स्वामी प्रसाद के आवास पर छापेमारी की है।

इसी वजह से पुलिस पहुंची थी। जब पुलिस ने छापा मारा तो उस समय आवास में स्वामी प्रसाद मौर्य नहीं थे। उनकी गाड़ी जरूर आवास पर खड़ी थी। आवास में कोई अन्य भी नही मिला। फिलहाल पुलिस की एक टीम को वहां पर तैनात कर दिया गया है।  

सीएम कमलनाथ के भतीजे पर 1350 करोड़ की टैक्स चोरी का आरोप, पड़ी रेड

आयकर विभाग ने हिंदुस्तान पावर प्रोजेक्ट्स पर छापे और तलाशी के दौरान 1,350 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी पकड़ी है। यह कंपनी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भतीजे की है। यह सौर ऊर्जा क्षेत्र में काम करती है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सोमवार को कहा कि छापे इस महीने की शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर, भोपाल, इंदौर और गोवा में मारे गए।

ये छापे आयकर (अन्वेषण) महानिदेशालय ने अहम और विश्वसनीय सूचना के आधार पर मारे हैं। यह सूचना कंपनी में बड़े पैमाने पर बिना हिसाब किताब वाली संपत्ति के संग्रह, उसे रखने और इधर- उधर करने से संबंधित थी। हालांकि, सीबीडीटी ने अपने बयान में कंपनी का नाम नहीं लिया है।

सूत्रों के अनुसार छापे कमलनाथ के भतीजे राहुल पुरी की कंपनी हिंदुस्तान पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड पर 7 अप्रैल को मारे गए। सीबीडीटी ने कहा कि ये छापे विश्वसनीय सूचना के आधार पर मारे गए और इसमें 1,350 करोड़ रुपये से अधिक कर चोरी पकड़ी गई। पुरी से अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदा घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दौरान पूछताछ की जा चुकी है। छापे के दौरान संपत्ति की खरीद के लिए 9 करोड़ रुपये के बेहिसाब भुगतान का भी पता चला है और  3 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति जब्त की गई है।

अभिनेता से राजनेता बने सनी देओल, BJP में शामिल होने के बाद दिया ये बयान

मशहूर फिल्म अभिनेता सनी देओल (Sunny Deol) मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। सनी देओल ने यहां रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और रेल मंत्री पीयूष गोयल की की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

बीजेपी में शामिल होने के बाद सनी देओल ने कहा कि आज मैं यहां मोदीजी के साथ जुड़ने आया हूं। उन्होंने देश के लिए बहुत कुछ किया है। मैं चाहता हूं कि वो ही अगले पांच साल और रहें क्योंकि हमारी यूथ को मोदी जैसे लोगों की जरूरत है। मैं जिस तरह भी इस परिवार से जुड़कर जो भी कर सकता हूं, जरूर करूंगा। उन्होंने कहा, ‘मेरे पिता (बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र) अटलजी से जुड़े हुए थे, आज मैं मोदीजी के साथ जुड़ने के लिए आया हूं। देओल ने कहा, ”मैं इस परिवार (भाजपा) के लिए जो कुछ कर सकता हूं, मैं करूंगा… मैं बात नहीं करता, मैं अपने काम से आपको दिखाऊंगा।’

सनी देओल के पंजाब के गुरुदासपुर सीट से चुनाव लड़ने की संभावना है। गुरुदासपुर से पूर्व में फिल्म अभिनेता विनोद खन्ना भी भाजपा से सांसद रहे हैं।

सनी देओल ‘हीमैन’ के नाम से लोकप्रिय एवं अपने जमाने के प्रसिद्ध अभिनेता धमेंद्र के बड़े पुत्र हैं। धमेंद्र 2004 में राजस्थान के बीकानेर सीट से भाजपा सांसद निर्वाचित हुए थे और उनकी पत्नी हेमा मालिनी उत्तर प्रदेश की मथुरा सीट से भाजपा से मौजूदा सांसद है और वहां से चुनाव लड़ रही है।