यूपी: फसल में लगी आग बुझाने में जिंदा जला किसान

अलीगढ़ के पास क्षेत्र के गांव घांघौली में बिजली के तारों से निकली चिंगारी से रविवार को गेहूं की फसल में आग लग गई। आग को बुझाने के प्रयास में किसान जिंदा जल गया। तहसील प्रशासन ने भी मौके पर पहुंचकर जानकारी की। थाना पुलिस को तहरीर दी गई है।
गांव घांघौली में रविवार दोपहर दो बजे किसान फौरन सिंह (65वर्ष) पुत्र राधेलाल अपने खेत पर काम कर रहा था। तभी बिजली के तारों से चिंगारी निकली जो गेहूं की फसल में जाकर गिरी। तेज हवा के कारण गेहूं की खड़ी फसल में आग फैलती चली गई। इस दौरान किसान फौरन सिंह अपने खेत में आग को बुझाने के लिए चीखता चिल्लाता हुआ दौड़ा। आसपास के किसानों को आवाज लगाई और आग बुझाने में जुट गया। खेत को बचाने की जद्दोजहद में ही किसान आग से घिर गया। कपड़ों में आग लग गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। खेतों में आग देख आसपास के किसान मौके पर पहुंचे तो फोरन सिंह मृत हालत में मिला।

घटना से परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आग लगने की जानकारी पर आसपास के गांवों के किसान भी मौके पर आए। थाना पुलिस व तहसील प्रशासन को अवगत कराया। पुलिस ने किसान के शव का पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम को भिजवा दिया गया। तहसील से आई टीम ने भी मौका मुआयना करके रिपार्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेजी है।

इन किसानों की फसल भी जली
आग लगने से अग्निकांड में मृत फौरन सिंह के अलावा जगपाल पुत्र दरियाब सिंह, डिगंबर पुत्र राजपाल, किशनी पुत्र तेज सिंह, ईशपाल पुत्र राधालाल, सतेंद्र पुत्र मलूका आदि किसानों की भी लगभग 25 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई है।

लेखपाल ने किया मौका-मुआयना
राजस्व निरीक्षक अहमद अली ने बताया कि घटनास्थल पर लेखपाल प्रतीक गुप्ता को मौका मुआयना के लिए भेज दिया गया है। बिजली के तारों से निकली चिंगारी से खेत में लगी आग को बुझाने के दौरान किसान की मौत होना बताया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। थाना प्रभारी टप्पल केपी सिंह चाहल ने बताया मृत किसान के पुत्र देशराज की तरफ से बिजली की चिंगारी से खेत में लगी आग से पिता की मृत्यु एवं फसल के नुकसान के संबंध में तहरीर आ गई है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि टप्पल के गांव घांघौली में दु:खद घटना हुई है। एसडीएम को मौके पर भेजा गया था। रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। पीड़ित परिवार को निर्धारित मदद उपलब्ध करवाई जा रही है।

राजस्थान में पहली बार 30 फीट की ऊंचाई पर 120 की स्पीड से दौड़ेगी Train, ऐसा होगा रोमांच से भरा सफर

गेज परिवर्तन के बाद तैयार हुए रींगस से जयपुर Sikar Reengus Jaipur Train तक के ब्रॉडगेज रेलवे ट्रेक पर रविवार को ट्रायल इंजन को तेज गति से चलाया गया। ट्रायल के दौरान रींगस से ढेहर का बालाजी रेलवे स्टेशन के बीच 56.50 किमी की दूरी मात्र 32 मिनट में तय हो गई। ट्रायल के दौरान रेलवे के उप मुख्य अभियंता मनोहर सिंह, आर के मीणा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर ए के जैन ने इंजन के साथ पूरे ट्रेक का ट्रायल लिया। ट्रायल के दौरान रींगस स्टेशन से इंजन को 12.05 बजे रींगस से रवाना किया जो कि 12.37 मिनट ढेहर का बालाजी स्टेशन पहुंचा और वापसी में 1.03 बजे ढेहर का बालाजी से प्रारम्भ होकर 1.35 बजे रींगस स्टेशन पर पहुंचा। ट्रायल के दौरान अधिकतम गति सीमा 127 किमी प्रति घंटा रही। वहीं फुलेरा रेवाड़ी ट्रेक व डीएफसी रेलवे ट्रेक पर बने 7.8 किमी के क्रॉसिंग ब्रिज के ऊपर इंजन की गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा की रही। ब्रिज के उपर घुमाव होने के कारण इंजन की स्पीड कम रखी गई थी। इससे पहले ट्रेक पर रेलवे के अधिकारियों व कर्मचारियों ने पूजा अर्चना करके इंजन के पायलेट और लोको पायलेट को रवाना किया। गौरतलब है कि रींगस – जयपुर रेलवे ट्रेक का 24 व 25 अप्रेल को सीआरएस होना प्रस्तावित है।

यह सफर यात्रियों के लिए काफी रौमांचक भी रहने वाला है। क्योंकि इस ट्रेक पर रींगस से छोटा गुढा रेलवे स्टेशन के बीच 150 करोड़ के 7.8 किलोमीटर के कॉरिडोर के सफर का रौमांच भी छिपा होगा। जिसमें करीब साढे तीन किलोमीटर की यात्रा 30 फीट ऊंचे ओवर ब्रिज Over Bridge पर होगी। जो 173 पिल्लर पर बने ट्रेक पर होगी। रेलवे की ओर से फुलेरा- रेवाडी ट्रेक और दिल्ली – मुंबई फ्रंट कोरिडॉर ट्रेक में क्रोसिंग देने के बजाय इस ट्रेक को दोनों ट्रेक के उपर ब्रिज बनाकर गुजारा गया है। ब्रिज पेड़ों से उपर होने के कारण भी यात्रा का दृश्य बेहद रोमांचक होगा। प्रदेश में इस तरह का यह पहला अनूठा कॉरिडोर है। जिसका काम तकरीबन पूरा हो गया है। बतादें कि सीकर से रींगस तक के लिए ट्रेन पहले शुरू हो चुकी है, लेकिन रींगस में इस कॉरिडोर के निर्माण के चलते ही रींगस से जयपुर तक के लिए ट्रेन शुरू नहीं हो पा रही थी। लेकिन, अब इस ट्रेक पर कॉरिडोर सहित बाकी काम भी करीब करीब पूरा कर लिया है। जिस पर आज इंजन की ट्रायल होने के बाद जल्द ही सीआरएस और इसके बाद यात्री ट्रेन चलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह भी बतादें कि ट्रेक के शुरू होने से एक तरफ जहां शेखावाटी राजधानी जयपुर से जुड़ जाएगा। वहीं, इसके जरिए लंबी दूरी की ट्रेनों तक भी शेखावाटी की सीधी पहुंच हो जाएगी।

हत्या की जांच: रोहित शेखर की पत्नी समेत तीन हिरासत में

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने रविवार रात पत्नी अपूर्वा और दो नौकरों समेत तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। इन तीनों के साथ क्राइम ब्रांच की टीम पिछले तीन दिनों से पूछताछ कर रही है।

रविवार सुबह क्राइम ब्रांच की टीम रोहित के डिफेंस कॉलोनी स्थित घर पहुंची, जहां नौकरों से और पत्नी अपूर्वा से अलग-अलग कमरों में पूछताछ की गई। इसके बाद कुछ विरोधाभास मिले तो इन सभी को एकसाथ बैठाकर आमना-सामना कराते हुए पूछताछ की गर्ह। इसके बाद शाम करीब छह बजे क्राइम ब्रांच की एक टीम रोहित के दो नौकरों को कार में बैठाकर क्राइम ब्रांच के ऑफिस ले गई। करीब 15 मिनट बाद ही क्राइम ब्रांच की दूसरी टीम अपूर्वा को भी लेकर क्राइम ब्रांच के ऑफिस गई। हिरासत में लिए गए इन तीनों की गिरफ्तारी के बारे में पूछने पर क्राइम ब्रांच ने कहा कि तीनों से पूछताछ करने का मतलब तीनों को गिरफ्तार करना नहीं है। इसमें जिसकी भूमिका सामने आएगी उसे ही गिरफ्तार किया जाएगा।

कोट: अभी हम अपूर्वा सहित अन्य से पूछताछ कर रहे हैं। जैसे ही जांच पूरी हो जाएगी, मामले का खुलासा कर देंगे। -सतीश गोलचा, स्पेशल कमिश्नर, क्राइम ब्रांच

बेटे के लिए प्रचार करने पहुंचे कमलनाथ, बोले- बेटा काम ना करे तो फाड़ देना कपड़े

मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ ने अपने बेटे नकुलनाथ के पक्ष में छिंदवाड़ा में चुनाव प्रचार करते हुए कहा कि अगर उनका बेटा काम ना करे तो लोग उसके कपड़े फाड़ दें. छिंदवाड़ा से 9 बार सांसद रहे कमलनाथ ने कहा कि अब उन्होंने जनता की सेवा करने का जिम्मेदारी अपने बेटे को सौंपी है. उन्होंने कहा ‘मैं आज जहां हूं वहां इसलिए हूं क्योंकि आपने मुझे प्यार और ताकत दी है. नकुल आज यहां नहीं है, लेकिन वह आपकी सेवा करेगा.’

कमलनाथ ने पीएम नरेंद्र मोदी और मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर लोगों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया. रविवार को कांग्रेसी नेता छिंदवाड़ा मुख्यालय से 65 किलोमीटर दूर धनोरा गांव में जनता को संबोधित कर रहे थे. यह क्षेत्र अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के तहत आता है. बता दें कि सीएम कमलनाथ छिंदवाड़ा सीट से 9 बार सांसद रहे हैं, लेकिन अब उन्होंने अपने बेटे नकुलनाथ के लिए यह सीट छोड़ दी है.

कमलनाथ फिलहाल छिंदवाड़ा विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ रहे हैं. हाल ही में 9 अप्रैल को पिता-पुत्र की जोड़ी ने एक ही सीट से विधानसभा और लोकसभा के लिए नामांकन दाखिल कर इतिहास बनाया है. छिंदवाड़ा में 29 अप्रैल को मतदान होना है. बीते लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में भाजपा ने 26 और कांग्रेस ने 3 सीटें जीती थी.

कमलनाथ के लिए विधायक ने खाली की थी सीट

दो महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में छिंदवाड़ा से चुनकर आए कांग्रेस विधायक दीपक सक्सेना ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने छिंदवाड़ा सीट मुख्यमंत्री कमलनाथ के लिए खाली की है ताकि मुख्यमंत्री छिंदवाड़ा विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ सकें. मुख्यमंत्री कमलनाथ फिलहाल विधायक नहीं हैं और मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के छह महीने के अंदर उन्हें विधायक बनना जरूरी है.

1996 में कांग्रेस ने नहीं दिया था टिकट

1980 में कांग्रेस की ओर से कमलनाथ मैदान में उतरे. उन्होंने अपने पहले ही चुनाव में जीत हासिल की और राजनीतिक करियर की एक शानदार शुरुआत की. कमलनाथ 1980 से लेकर 1991 तक हुए 3 चुनावों में जीत हासिल किए. 1996 के चुनाव में इस सीट पर कमलनाथ की पत्नी अलकानाथ लड़ीं. यहां की जनता ने उन्हें भी निराश नहीं किया और उन्होंने बीजेपी के चौधरी चंद्रभान सिंह को मात दी. हालांकि 1996 में हवाला कांड में नाम आने के बाद कांग्रेस ने कमलनाथ को टिकट नहीं दिया था. बाद में कमलनाथ की पत्नी ने इस्तीफा दे दिया. जिसके कारण 1997 में यहां पर उपचुनाव हुआ.कमलनाथ एक बार फिर मैदान में उतरे.

उनके सामने बीजेपी के दिग्गज नेता सुंदरलाल पटवा थे. इस चुनाव में पटवा ने कमलनाथ के सपने को तोड़ दिया और इस सीट पर पहली बार कमलनाथ को हार मिली. हालांकि अगले साल 1998 में फिर चुनाव हुए और पटवा कमलनाथ से हार गए. 1998 से लेकर 2014 तक इस सीट पर हुए 5 चुनावों में सिर्फ और सिर्फ कमलनाथ का ही जादू चला है.

दर्दनाक: पूरे परिवार की हत्या करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने नींद की गोली देकर रेता बच्चों का गला

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के इंदिरापुरम के ज्ञान खंड-4 में रविवार को एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों की चाकू मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद उसने व्हाट्सअप ग्रुप पर अपने रिश्तेदारों को हत्या की सूचना दी और शवों का वीडियो भी डाल दिया। ग्रुप पर उसने खुद भी आत्महत्या करने की बात कही थी। ग्रुप पर वीडियो देख जब वसुंधरा में रहने वाला उसका साला पंकज फ्लैट पर पहुंचा तो शव अंदर ही पड़े थे। लेकिन इंजीनियर लापता है। पुलिस के अनुसार बच्चों का चाकू से गला रेता गया है जबकि महिला के पेट और छाती पर चाकू से कई वार किए गए हैं। सुमित सिंह मूलत: झारखंड के टाटानगर का निवासी है। वह इंदिरापुरम के ज्ञानखंड-4 में पत्नी आशु बाला और तीन बच्चों, सात साल के प्रथम तथा चार साल की आकृति और आरव के साथ रहता था। आशु निजी स्कूल में शिक्षिका थीं। बताया जा रहा है सुमित बेंगलुरु में नौकरी करता था और दिसंबर में नौकरी छूटने के बाद से बेरोजगार है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुमित अपने पूरे परिवार की हत्या करने के बाद शवों के साथ कई घंटे फ्लैट में रहा। हत्या की सूचना मिलने के बाद से ही उसका मोबाइल बंद जा रहा है। पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों में उसकी तलाश कर रही है। सुमित के साले पंकज ने देर रात इंदिरापुरम थाने में अपने बहनोई पर बहन और तीन बच्चों की हत्या करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी।

व्हाट्सएप पर भेजे संदेश में सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुमित ने खुद बताया कि उसने शनिवार रात पत्नी और तीनों बच्चों को कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाईं। जब सब बेसुध हो गए तो इसके बाद देर रात में ही उसने चाकू से हमला कर सबकी हत्या कर दी। बीते साल अक्तूबर तक सुमित गुरुग्राम की आईटी कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर था। उसके बाद सुमित ने बंगलुरू की आईटी कंपनी में नौकरी कर शुरू कर दी। लेकिन जनवरी में उसने नौकरी छोड़ दी। परिजनों का कहना है कि तीन-चार महीने से वह बेरोजगार था।
परिजनों और पड़ोसियों के मुताबिक, सुमित की पत्नी आशुबाला बिहार के छपरा की रहने वाली थीं। उनके पिता वैद्यनाथ और भाई पंकज परिवार के साथ वसुंधरा सेक्टर-15 में रहते हैं। आशुबाला इंदिरापुरम के मदर्स प्राइड स्कूल में शिक्षिका थीं। उनका बड़ा पुत्र प्रथम उनके ही स्कूल में पढ़ता था, जबकि आकृति और आरव इंदिरापुरम के रिवेरा स्कूल में पढ़ते थे। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार मिलनसार था। आशुबाला का व्यवहार पड़ोसियों से अच्छा था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का सही समय पता चलेगा
अभी पुलिस या परिजनों को हत्या का सही समय पता नहीं है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत का सही समय पता चलेगा। आरोपी ने परिवार के सदस्यों को नींद की गोलियां दी या नहीं इसका भी पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चलेगा।

आर्थिक तंगी की वजह से हत्या करने की आशंका जताई
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में परिजनों से बातचीत के आधार पर हत्या की शुरुआती वजह आर्थिक तंगी लग रही है। सुमित की नौकरी गए करीब चार महीने हो गए। इसलिए पति-पत्नी में रुपयों को लेकर झगड़ा हो सकता है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही हत्या की सही वजह का पता चल सकेगा।

गार्डने बताया, सुबह तीन बजे घर छोड़कर गया था आरोपी
ज्ञानखंड-4 की जिस सोसाइटी में सुमित का फ्लैट है उसके गार्ड इंद्रजीत ने बताया कि सुबह तीन बजे सुमित घर से बाहर यह कहकर गए थे कि वह थोड़ी देर में आ रहे हैं। किस काम से गए इसकी जानकारी उन्होंने नहीं दी। गार्ड का कहना है कि सुमित के चेहरे से यह आभास नहीं हुआ कि उसने चार हत्याएं की हैं। वह बस इतना बोलकर चले गए। रविवार को परिवार के किसी सदस्य को पड़ोसियों ने नहीं देखा। शनिवार शाम को आशुबाला को पुत्र प्रथम के साथ बाहर देखा गया था। सुमित भी अक्सर बच्चों के साथ बाहर खेलता था। सुमित ने व्हाटसअप ग्रुप पर जब हत्या की जानकारी दी तो परिजन सन्न रह गए। .

सबसे पहले बहन ने देखा था धिनौना वीडियो
परिजनों का कहना है कि परिवार के व्हाटसअप ग्रुप पर सुमित द्वारा डाले गए वीडियो को उसकी बहन गुड्डी ने देखा। इसके बाद गुड्डी ने सुमित के साले को घटना की जानकारी दी और तत्काल घर पर जाने को कहा।

चौकीदार चोर है’ बयान पर राहुल ने SC में जताया खेद, कहा- जोश में बोल गया

बीजेपी सांसद मिनाक्षी लेखी की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई की अगुआई वाली बेंच ने कहा था कि कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की है. कोर्ट ने कहा था कि राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के बयान को गलत तरह से पेश किया है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल मुद्दे पर दिए गए ‘चौकीदार चोर है’ बयान पर सुप्रीम कोर्ट में खेद जताया है. हाल ही में राहुल गांधी ने राफेल डील को लेकर पीएम मोदी पर तंज कसे थे. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया है कि चौकीदार ही चोर है. राहुल के इस बयान पर बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने याचिका दायर कर कोर्ट की अवमानना की शिकायत दर्ज कराई थी. राहुल ने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि वो ये जोश और उत्तेजना में बोल गए.
सुप्रीम कोर्ट ने लीक दस्तावेजों को वैध मानते हुए राफेल डील पर पुनर्विचार याचिका स्वीकार की थी. बीजेपी सांसद मिनाक्षी लेखी की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई की अगुआई वाली बेंच ने कहा था कि कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की है. कोर्ट ने कहा था कि राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के बयान को गलत तरह से पेश किया है.

आपको बता दें कि 10 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने राफेल मामले में रिव्यू पिटिशन पर नए दस्तावेज के आधार पर सुनवाई की फैसला किया था. सीजेआई की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय बेंच ने एक मत से दिए फैसले में कहा था कि जो नए दस्तावेज डोमेन में आए हैं, उन आधारों पर मामले में रिव्यू पिटिशन पर सुनवाई होगी. कोर्ट के इस फैसले के बाद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अब सुप्रीम कोर्ट ने मान लिया है कि चौकीदार चोर है.
राहुल गांधी ने कहा था, ‘सुप्रीम कोर्ट ने क्लियर कर दिया है कि चौकीदार जी ने चोरी करवाई है. सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि राफेल मामले में कोई न कोई करप्शन हुआ, कोई न कोई भ्रष्टाचार हुआ है.’