सिंधिया राजघराने से नाता रखने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास है करोड़ों रुपये की पैतृक संपत्ति



शिवपुरी।सिंधिया राजघराने से नाता रखने वाले गुना संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास करोड़ों रुपये की पैतृक संपत्ति है, जिसमें महल, कोठियों के साथ-साथ व्यक्तिगत तीन करोड़ रुपये की एफडीआर शामिल है। उनके पास एक पैतृक बीएमडब्ल्यू कार भी है।

सिंधिया ने शनिवार को गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र से अपना नामांकन भरा, और इस दौरान दिए शपथ-पत्र में सिंधिया ने खुलासा किया है कि उन पर किसी भी तरह का आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और न उन्हें किसी भी मामले में दोषी ठहराया गया है।

सिंधिया के पास पैतृक संपत्ति में 40 एकड़ में फैला ग्वालियर का जय विलास पैलेस है। इसके अलावा महाराष्ट्र में श्रीगोंड़ा में 19 एकड़ और लिंबन गांव मे 53 एकड़ जमीन है। इसके साथ ही रानी महल, हिरनवन कोठी, रैकेट कोर्ट, शांतिनिकेतन, छोटी विश्रांति, विजय भवन, पिकनिक स्पॉट, बूट बंगला, रेलवे कैरिज घंटी घर, इलेक्ट्रिक पॉवर हाउस रोषनी घर आदि रिहायशी संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों की बाजार कीमत 2,97,00,48,500 रुपये है।

पंचवीं बार गुना संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे सिंधिया ने अपने शपथ-पत्र में बताया है कि उनके पास 301,87,000 रुपये से ज्यादा की एफडीआर, और 3,33,39,827 रुपये की चल संपत्ति है। सिंधिया की ओर से बीते वर्ष दाखिल आयकर रिटर्न में उनकी वाíषक आमदनी 151,56,720 रुपये है। वहीं उनकी धर्मपत्नी प्रियदर्शिनी राजे की वार्षिक आय 250,400 रुपये है। ज्योतिरादित्य के मुम्बई में दो आवास हैं, जो समुद्र महल में हैं। इनकी बाजार कीमत 31,97,70,000 रुपये है।

शपथ-पत्र के अनुसार, पैतृक संपत्ति जीवाराव एम. सिंधिया से प्रतिवर्ष आय 467,410 रुपये है। उनके पास 2,066 ग्राम जेवरात है। कुल जेवरात जिसमें गोल्ड कप आदि शामिल है, उसकी कीमत 8,68,53,219 रुपये है। सिंधिया के पास 1960 मॉडल की एक पैतृक बीएमडब्ल्यू कार है।

शपथ-पत्र के अनुसार, सिंधिया ने देहरादून के तूने स्कूल से स्कूली शिक्षा अíजत की है, और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी यूएसए से बीए अर्थशास्त्र और स्टानफोर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिस्ट्रेशन की डिग्री ली है। सिंधिया के एक पुत्र और एक पुत्री हैं।

श्रीलंका में अब तक का सबसे भयावह हमला, 8 धमाकों में 207 लोगों की मौत, 450 से ज्यादा घायल

श्रीलंका में तीन गिरजाघरों और तीन होटलों में एक के बाद एक हुए विस्फोटों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 207 हो गई और 450 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। द्वीपीय राष्ट्र में यह अभी तक का सबसे भयावह हमला है। मृतकों में करीब नौ विदेशी शामिल हैं।

पुलिस प्रवक्ता रूवन गुनासेखरा ने बताया कि ये विस्फोट स्थानीय समयानुसार पौने नौ बजे ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान कोलंबो के सेंट एंथनी चर्च, पश्चिमी तटीय शहर नेगेम्बो के सेंट सेबेस्टियन चर्च और बट्टिकलोवा के एक चर्च में हुए। वहीं अन्य तीन विस्फोट पांच सितारा होटलों – शंगरीला, द सिनामोन ग्रांड और द किंग्सबरी में हुए। होटल में हुए विस्फोट में घायल विदेशी और स्थानीय लोगों को कोलंबो जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

श्रीलंका के आर्थिक सुधार एवं लोक वितरण मंत्री हर्षा डी सेल्वा ने बताया कि धमाकों में विदेशी नागरिकों सहित कई लोग हताहत हुए हैं। अस्पताल से जुडे़ सूत्रों ने बताया कि कोलंबो में 45, नेगेम्बो में 90 और बट्टिकलोवा में 27 लोगों की मौत हो गई। वहीं 450 से अधिक लोग धमाकों में घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि कोलंबो नेशनल हॉस्पिटल में मौजूद 45 शवों में से नौ की पहचान विदेशी नागरिकों के तौर पर हुई है। इनमे कुछ अमेरिकी और ब्रिटिश हैं।
कोलंबो नेशनल हॉस्पिटल के प्रवक्ता डॉक्टर समिंदि समराकून ने बताया कि 300 से ज्यादा घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं बट्टिकलोवा अस्पताल के प्रवक्ता डॉक्टर कलानिधि गणेशालिंघम ने बताया कि सेंट माइकल चर्च के 100 से ज्यादा घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुनासेखरा ने बताया कि कोलंबो के दक्षिणी उपनगर में कोलंबो जू (चिड़ियाघर) के निकट हुए एक विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई।

पुलिस ने बताया कि पुलिस की एक टीम ओरुगोदावट्टा क्षेत्र के एक घर में जब जांच के लिए गई तो वहां मौजूद एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। इस विस्फोट में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। रविवार को यहां आठ विस्फोट हो चुके हैं। आठवें विस्फोट के तुरंत बाद सरकार ने तत्काल प्रभाव से कर्फ्यू लगा दिया। गुनासेखरा ने बताया कि यह कर्फ्यू अगले नोटिस तक प्रभावी रहेगा।

राष्ट्रपति सिरिसेना ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की
इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी समूह ने नहीं ली है। श्रीलंका में पूर्व में लिट्टे (एलटीटीई) ने कई हमले किए हैं। हालांकि 2009 में लिट्टे का खात्मा हो गया। राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सिरिसेना ने कहा, ”मैं इस अप्रत्याशित घटना से सदमे में हूं। सुरक्षाबलों को सभी जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।”

पीएम विक्रमसिंघे ने बताया कायराना हमला
प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इसे ”कायराना हमला बताते हुए कहा कि उनकी सरकार ”स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए काम कर रही है।” उन्होंने ट्वीट किया,”मैं श्रीलंका के नागरिकों से दुख की इस घड़ी में एकजुट एवं मजबूत बने रहने की अपील करता हूं। सरकार स्थिति को काबू में करने के लिए तत्काल कदम उठा रही है।”

पूर्व राष्ट्रपति राजपक्षे ने हमलों को ‘नृशंस बताया
हर्षा डी सेल्वा ने बताया कि श्रीलंका सरकार ने आपात बैठक बुलाई है। सभी आवश्यक आपातकालीन कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, ”बेहद भयावह दृश्य, मैंने लोगों के शरीर के अंगों को इधर-उधर बिखरे देखा। आपातकालीन बल सभी जगह तैनात हैं।” श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने इन हमलों को ‘नृशंस बताया है। राजपक्षे के कार्यकाल में ही श्रीलंका की सेना ने लिट्टे को कुचल दिया था।

भारतीय उच्चायुक्त ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त ने ट्वीट किया, ”विस्फोट आज कोलंबो और बट्टिकलोवा में हुए। हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। भारतीय नागरिक किसी भी तरह की सहायता, मदद और स्पष्टीकरण के लिए इन नंबरों पर फोन कर सकते हैं- +94777903082, +94112422788, +94112422789

उच्चायुक्त ने अन्य एक ट्वीट में लिखा, ”दिए गए नंबरों के अलावा भारतीय नागरिक किसी भी सहायता व मदद और अन्य किसी स्पष्टीकरण के लिए +94777902082, +94772234176 नंबरों पर फोन कर सकते हैं।”

शिवपुरी गुना लोकसभा के भाजपा प्रत्याशी डॉ के पी यादव 22 अप्रैल को भरेंगे अपना नामांकन

नामांकन सभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, भूपेन्द्र सिंह भी रहेंगे उपस्तिथ।

शिवपुरी गुना लोकसभा संसदीय क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी डॉ के पी यादव 22 अप्रैल दिन सोमवार को अपना नामांकन भरेंगे।
नामांकन महारैली एवं सभा में मुख्य अतिथि नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव होंगे साथ ही लोकसभा प्रभारी श्री महेंद्र सिंह यादव लोकसभा संयोजक श्री सूर्यप्रकाश तिवारी,पूर्व मंत्री एवं विधायक श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया,श्री भूपेंद्र सिंह,श्री वीरेंद्र रघुवंशी,श्री गोपीलाल जाटव विशेष रुप से शामिल होंगे। लोकसभा प्रभारी श्री महेंद्र सिंह यादव एवं शिवपुरी के जिलाध्यक्ष सुशील रघुवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि लोकसभा प्रत्याशी डॉ के पी यादव 22 अप्रैल को अशोकनगर से चलकर गुना से भाजपा कार्यकर्ताओ के साथ म्याना, बदरवास,लुकवासा,कोलारस, सेसई, बडौदी गुना बायपास,झांसी तिराहा होकर सभा स्थल शिवपुरी होटल के सामने ए बी रोड पर आमसभा का आयोजन सुबह 11 बजे किया जा रहा है । आमसभा के उपरांत भाजपा प्रत्याशी डॉ के पी यादव रैली के साथ कोर्ट रोड होते हुए कलेक्ट्रेट पर अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
साथ ही बड़ी संख्या में शिवपुरी गुना अशोकनगर के भाजपा परिवार के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता गण नामांकन के लिए आयोजित रैली में शामिल होगें। पूरे संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में प्रत्याशी के नामांकन को लेकर जबरदस्त उत्साह का वातावरण है । जिले की पिछोर, खनियाधाना, बामौर, खोड़, रन्नौद, कोलारस, बदरवास, शिवपुरी ग्रामीण और शहर क्षेत्र से पार्टी के कार्यकर्ता और उनके समर्थक आज जिला मुख्यालय पर एकत्रित होंगे ।
नामांकन रैली व सभा के लिए भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य,श्री नरेंद्र विरथरे पैनलिस्ट धैर्यबर्धन शर्मा ,श्री राघवेंद्र गौतम,श्री राजू बाथम,श्री सुशील रघुवंशी, श्री सुरेन्द्र शर्मा,श्री प्रहलाद भारती, श्री ओमप्रकाश खटीक,श्री माखनलाल राठौर,श्री देवेंद्र जैन,श्री कामताप्रसाद बेमटे, श्री रमेश खटीक,श्री अजीत जैन,श्री प्रीतम लोधी,श्री राजकुमार खटीक,श्री जगराम सिंह यादव,श्री ओमप्रकाश शर्मा,अशोक खण्डेलवाल,श्री तेजमल सांखला,श्री हेमंत ओझा,श्री रामू विंदल,श्री अनुराग अष्ठाना,श्री ओमी जैन,डॉ राकेश राठौर,अमित भार्गब,श्री भानू दुबे,श्री सोनू विरथरे,श्री धनपाल यादव,श्री मुकेश सिंह चौहान,श्री नरेन्द्र आर्य,डॉ महेश आदिवासी,श्री मति वीनू शर्मा,श्रीमती लक्ष्मी जाटव, श्री मति सरोज धाकड़,श्रीमती नवप्रभा पड़रया,श्री रामकरण यादव,श्री केरन सिंह ,श्री दिनेश रावत,श्री विकास पाठक,श्री भानु जैन,श्री बनवारीलाल ,श्री हेमपाल दांगी,श्री विपिन खेमरिया,श्री राधेश्याम बंसल,ने सभी भाजपा कार्यकर्ताओ से आग्रह किया है कि भाजपा प्रत्याशी डॉ के पी यादव के सभा एवं नामांकन में अधिक से अधिक संख्या में पहुचे।

क्या गुना शिवपुरी लोकसभा क्षेत्र से जनता चुनाव लड़ेगी?


गुना शिवपुरी लोकसभा क्षेत्र में सांसद के लिये दोनों मुख्य दलों द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा होने के बाद स्थिति स्पष्ट है, महाराजा के खिलाफ रंक की लड़ाई है, लगता है कोलारस विधानसभा के चुनाव में जो लड़ाई मतदाता ने आरंभ की है उसी का दूसरा पार्ट लोकसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है.
इसबार किसी भी दल के कार्यकर्ता नहीं बल्कि जनता इसको लड़ते हुये दिखाई देती है ,इसका कारण देश में चल रही मोदी लहर भी है दूसरा कारण महाराजा के सिपाहियों में न तो आत्मबल दिखाई देता है न उनके हलक से आवाज निकलती दिखाई देती है.उनकी मजबूरी भी है और कोई रास्ता भी नहीं ,आत्मसम्मान को बेचकर खड़े रहना मजबूरी है.
लेकिन जनता की कोई मजबूरी दिखाई नहीं देती है. भाजपा का कार्यकर्ता भी इसबार ईमानदारी से काम करने की प़बल इच्छा शक्ति के साथ दिखाई दे रहा है क्यों न हो उसकी परीक्षा की घड़ी आ पहुंची है अगर ईमानदार न रहा तो उसकी असमय बलि निश्चित है.
भाजपा ने केपी यादव की उम्मीदवारी में एक गणित का अनुमान लगाया है यदि यादव अशोकनगर, मुगावली और चंदेरी में बढ़त बना लेते हैं बढ़त न सही बराबरी कर लेते हैं तो कोलारस, शिवपुरी की जनता फिर से कुछ नया करने की सोच रही है.
पिछोर में तो बराबरी की टक्कर है. आज के समय में जनता और युवा पीढ़ी किसी भी छद्म भीड़ के दिखावे से बाहर निकल चुकी है.वैसे भी विधानसभा चुनाव में जो जनता क़ांतिकारी परिणाम दे चुकी है वह वापिस नहीं मुड़ने वाली है.

मीडिया की शिवपुरीी प़शासन द्वारा अवमानना की गई.

लोकेश शर्मा बॉबी, शिवपुरी/20.04.2019
पत्रकारों ने लगाए प्रशासन मुर्दाबाद के नारे
ऐंकर-गुना संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया जब अपना नामांकन पत्र दाखिल करने जिलाधीश कार्यालय पहुंचे तो वहां पर तैनात प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारियों ने पत्रकारों को जिलाधीश कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया। जबकि कांग्रेस के कई नेता के साथ एएनआई के पत्रकार अंदर प्रवेश करा दिया। जिस पर स्थानीय पत्रकार भड़क गए और जिला प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। उनका आरोप था कि जिला प्रशासन आचार संहिता का खुला उल्लंघन करा रहा हैं और पुलिस खड़ी होकर देखती रही। मीडिया की सरेआम बेइज्जती हो रही है। इसके बाद प्रभारी मंत्री ने मीडिया से माफी मांगी। पत्रकारों का कहना था कि पूर्व समय में भी जिलाधीश कार्यालय में नामांकन दाखिल करते समय पत्रकारों को प्रवेश दिया जाता रहा हैं।

सिंधिया ने गुना शिवपुरी से पत्नी प्रियदर्शनी के साथ भरा पर्चा व किया रोड शो

गुना शिवपुरी
कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी शनिवार को गुना शिवपुरी संसदीय क्षेत्र से अपना पर्चा भरा. नामांकन पत्र भरने के दौरान सिंधिया के साथ उनकी पत्नी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया भी साथ थीं. बता दें कि सिंधिया वर्ष 2002 से गुना शिवपुरी लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. इस सीट पर 12 मई को मतदान होना है.

पर्चा भरने के बाद एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि देश में फैले असहिष्णुता के माहौल को बदलने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बीजेपी का बोरिया बिस्तर बांधने का वक्त आ गया है. सिंधिया ने खुद को कामदार बताते हुए कहा कि मोदी जी मैं आपको इस बार शिवपुरी में बुलाता हूं आइए शिवपुरी में और देखिए एक तरफ कामदार है और दूसरी तरफ मोदी जी आप नामदार हैं.

भोपाल से पर्चा भर बोले दिग्विजय सिंह- हिन्दुत्व शब्द मेरी डिक्शनरी में ही नहीं

भोपाल से कांग्रेस के प्रत्याशी और पार्टी के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि हिन्दुत्व शब्द उनकी डिक्शनरी में ही नहीं है. दिग्विजय सिंह ने शनिवार को भोपाल संसदीय क्षेत्र से बतौर कांग्रेस प्रत्याशी अपना पर्चा भरा. इस दौरान पत्रकारों से उन्होंने अपने एजेंडे पर बात की. पत्रकारों ने जब उनसे हिन्दुत्व और हिन्दू आतंकवाद पर सवाल पूछे तो उन्होंने कहा कि हिन्दुत्व शब्द उनकी डिक्शनरी में है ही नहीं. दिग्विजय ने कहा, “आप लोग हिन्दुत्व शब्द का उपयोग क्यों करते हैं? हिन्दुत्व शब्द मेरी डिक्शनरी में है ही नहीं.”

भोपाल लोकसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय के खिलाफ बीजेपी के टिकट पर मालेगांव धमाकों की आरोपी साध्वी प्रज्ञा चुनाव लड़ रही हैं. मुंबई में 26/11 हमले में शहीद हुए मुंबई एटीएस के तत्कालीन प्रमुख हेमंत करकरे पर दिए गए साध्वी प्रज्ञा के बयान और उस चुनाव आयोग के नोटिस पर दिग्विजय सिंह से जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये मामला प्रज्ञा का है. दिग्विजय सिंह ने कहा, “ये बिन्दु हैं प्रज्ञा जी और चुनाव आयोग के बीच के, मैं कहां बीच में आ गया.”

दिग्विजय सिंह ने शाम होते होते अपने बयान से जुड़ा एक ट्वीट किया और कहा कि वह हिंदू धर्म को मानते हैं, जो हजारों सालों से दुनिया को जीने की राह सिखाता आया है. उन्होंने कहा कि वे अपने धर्म को हिंदुत्व के हवाले कभी नहीं करेंगे. उन्होंने ट्वीट किया, “”मैं हिंदू धर्म को मानता हूँ, जो हज़ारों सालों से दुनिया को जीने की राह सिखाता आया है, मैं अपने धर्म को हिंदुत्व के हवाले कभी नहीं करूँगा, जो केवल और केवल राजनीतिक सत्ता पाने के लिए संघ का षड्यन्त्र है, मुझे अपने सनातन हिंदू धर्म पर गर्व है जो वसुदैव क़ुटुम्बकम की बात कहता है.

खबर बनाने का ठेका मैंने लिया है क्या

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिग्विजय सिंह द्वारा विवादित सवालों का जवाब टालने पर जब कुछ पत्रकारों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आप साइलेंट मोड में हैं, तो इस पर दिग्विजय सिंह ने भी अपने अंदाज में जबाव दिया और कहा कि खबर बनाने का ठेका मैंने लिया है क्या? उनके इस जवाब पर पत्रकारों ने खूब ठहाके लगाए.

कमलनाथ पर कोई मुकदमा भी नहीं

दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ से जुड़े सवाल का भी जवाब दिया. साध्वी प्रज्ञा ने शनिवार को भोपाल में कहा था कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ वर्ष 1984 में दिल्ली में हुए सिख दंगों में शामिल थे. इस बावत जब दिग्विजय सिंह से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, “इस दंगे का कमलनाथ पर कोई मुकदमा भी नहीं है, कोई FIR नहीं है, कोई गवाह नहीं, कोई सबूत नहीं, और 36 साल हो गये और अब 36 साल बाद कौन सा दंगा, किसने किया.”

हालांकि दिग्विजय सिंह ने कहा, “सिख दंगों का हमें दुख है और इसमें जो दोषी लोग हैं, उन पर कार्रवाई हुई है. लेकिन जहां तक कमलनाथ जी का सवाल है, उनका नाम इसमें घसीटना तो अनुचित है.” बता दें कि भोपाल सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है और पिछले 30 साल से इस सीट पर बीजेपी का कब्जा है. यहां पर 12 मई को मतदान है.

LHB कोच की वजह से नहीं गई पूर्वा एक्सप्रेस हादसे में एक भी यात्री की जान, जानें इसकी खूबियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर के नजदीक नई दिल्ली से हावड़ा जाने वाली पूर्वा एक्सप्रेस शनिवार (20 अप्रैल) की अहले सुबह दुर्घटनाग्रस्त हो गई। पूर्वा एक्सप्रेस के 12 डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि, इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी न तो किसी यात्री की जान गयी और न ही अधिक यात्री घायल हुए। वहीं, यदि केवल उप्र में पुराने ट्रेन हादसों का ही इतिहास देखें तो प्रत्येक ट्रेन हादसा कुछ न कुछ यात्रियों की जान जरूर लेता था ।

इस बारे में जब रेल अधिकारियों से बात की गयी तो जानकारी मिली कि ”पूर्वा ट्रेन” में देश में ही निर्मित अत्याधुनिक लिंक हॉफमेन बुश (एलएचबी) कोच लगे हुये थे जो मजबूत स्टेनलेस स्टील के बने होते है हल्के होते है और ट्रेन के पटरी से उतरने या टक्कर होने पर यह कोच एक दूसरे पर चढ़ते नहीं हैं। जबकि ट्रेनों के पुराने कोच (सीवीसी) पटरी से उतरने पर या दूसरी ट्रेन से टकराने से डिब्बे एक दूसरे पर चढ़ जाते थे और भारी जान माल का नुकसान उठाना पड़ता था।

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Indian Railways: LHB कोच की वजह से नहीं गई पूर्वा एक्सप्रेस हादसे में एक भी यात्री की जान, जानें इसकी खूबियां

Indian Railways: एलएचबी कोचों और सीबीसी कपलिंग होने से ट्रेन के कोचों के पलटने और एक दूसरे पर चढ़ने की गुंजाइश नहीं रहती है। यह अत्याधुनिक कोच फिलहाल देश की 30 प्रतिशत वीआईपी ट्रेनों में ही लगे हैं।

भाषा| Updated: April 21, 2019 7:28 am

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उत्तर प्रदेश के कानुपर के नजदीक हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। (Photo: PTI)

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Indian Railways: उत्तर प्रदेश के कानपुर के नजदीक नई दिल्ली से हावड़ा जाने वाली पूर्वा एक्सप्रेस शनिवार (20 अप्रैल) की अहले सुबह दुर्घटनाग्रस्त हो गई। पूर्वा एक्सप्रेस के 12 डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि, इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी न तो किसी यात्री की जान गयी और न ही अधिक यात्री घायल हुए। वहीं, यदि केवल उप्र में पुराने ट्रेन हादसों का ही इतिहास देखें तो प्रत्येक ट्रेन हादसा कुछ न कुछ यात्रियों की जान जरूर लेता था ।

इस बारे में जब रेल अधिकारियों से बात की गयी तो जानकारी मिली कि ”पूर्वा ट्रेन” में देश में ही निर्मित अत्याधुनिक लिंक हॉफमेन बुश (एलएचबी) कोच लगे हुये थे जो मजबूत स्टेनलेस स्टील के बने होते है हल्के होते है और ट्रेन के पटरी से उतरने या टक्कर होने पर यह कोच एक दूसरे पर चढ़ते नहीं हैं। जबकि ट्रेनों के पुराने कोच (सीवीसी) पटरी से उतरने पर या दूसरी ट्रेन से टकराने से डिब्बे एक दूसरे पर चढ़ जाते थे और भारी जान माल का नुकसान उठाना पड़ता था।

उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के महाप्रबंधक (जीएम) राजीव चौधरी ने पूर्वा एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के बाद ”भाषा” से विशेष बातचीत में बताया कि ”देश में चलने वाली 70 प्रतिशत ट्रेनों में अभी भी पुरानी तकनीक वाले कन्­वेंशनल कोच लगे हैं जिसकी वजह से हादसे के दौरान ज्­यादा मौतें होती हैं। इंडियन रेलवे ने इससे छुटकारा पाने के लिए लिंक हॉफमेन बुश कोच का निर्माण किया है। रिसर्च डिजाइन्स ऐंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) ने ऐसे कोच बनाये है, जो आपस में टकरा न सकें। इन्हें लिंक हॉफमेन बुश (एलएचबी) कोच नाम दिया गया। एलएचबी कोचों और सीबीसी कपलिंग होने से ट्रेन के कोचों के पलटने और एक दूसरे पर चढ़ने की गुंजाइश नहीं रहती है। यह अत्याधुनिक कोच फिलहाल देश की 30 प्रतिशत वीआईपी ट्रेनों में ही लगे हैं।”

पहले यह कोच जर्मनी से मंगवाये जाते थे लेकिन अब देश की कई रेल कोच फैक्ट्रियों में इन आधुनिक एलएचबी कोच का निर्माण हो रहा है। इनमें रायबरेली, चेन्नई, कपूरथला के कारखाने प्रमुख है। उन्होंने बताया कि एलएचबी कोच पुराने कन्­वेंशनल कोच से काफी अलग होते हैं। ये उच्च स्तरीय तकनीक से लैस हैं। इन कोचों में बेहतर एक्जावर का उपयोग किया गया है। जिससे आवाज कम होती है। यानी कि पटरियों पर दौड़ते वक्त अंदर बैठे यात्रियों को ट्रेन के चलने की आवाज बहुत धीमी आती है। ये कोच स्टेनलेस स्टील से बने होते हैं। जबकि इंटीरियर डिजाइन एल्यूमीनियम से की जाती है। जिससे कि यह कोच पहले की तुलना में थोड़े हल्­के होते हैं।
इन कोचों में डिस्क ब्रेक कम समय व कम दूरी में अच्छे ढंग से ब्रेक लगा देते है। कोचों में लगे शाक एब्जॉवर की वजह से झटकों का अनुभव कम होगा। इन कोच के निर्माण में एन्टी टेलीस्कोपिक और एंटी क्लाइंबिग तकनीक का इस्तेमाल होता है। जिसकी वजह से यह कोई भी दुर्घटना होने पर यह डिब्बे एक दूसरे पर चढ़ते नही है। एलएचबी डिब्­बों में सीबीसी कपलिंग लगाई जाती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर ट्रेन पटरी से उतरती भी है तो कपलिंग के टूटने की आशंका नहीं होती है, जबकि स्क्रू कपलिंग वाले कोचों के पटरी से उतरने पर उसके टूटने का डर बना रहता है।
बता दें कि उप्र में अक्टूबर 2018 में न्यू फरक्का एक्सप्रेस के नौ डिब्बे रायबरेली के पास पटरी से उतरे और सात यात्रियों की मौत हुई तथा कई घायल हुये। अगस्त 2017 में औरैया में पटरी से डिब्बे उतरने से 100 यात्री घायल हुये थे। रायबरेली में मार्च 2015 में जनता एक्सप्रेस के हादसे में 58 यात्रियों की मौत हुई थी तथा 100 यात्री घायल हुये थे। जुलाई 2011 में फतेहपुर के पास कालका एक्सप्रेस हादसे में 70 की मौत हुई थी तथा 300 यात्री घायल हुये थे।

देहरादून में मिली सीकर से अपहरण हुई दुल्हन, पुलिस को चार दिन बाद मिली बड़ी सफलता

सीकर।

सीकर के धोद क्षेत्र के नागवा गांव से अपह्म्त दुल्हन हंसा कंवर ( Sikar Bride Kidnap Case ) को पुलिस ने देहरादून से दस्तयाब ( Bride Found In Dehradun ) कर लिया है। पिछले चार दिनों से राजपूत समाज दुल्हन को लाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा था। पिछले दो दिनों से सीकर में तनाव का माहौल बना हुआ था। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने अभी राजपूत समाज के लोगों को इसकी जानकारी नहीं दी है। पुलिस दुल्हन को सीकर लेकर आएगी।

सीकर में दिनभर बना रहा तनावपूर्ण माहौल

धोद के नागवा गांव में दुल्हन अपहरण मामले को लेकर शहर में दिनभर माहौल तनावपूर्ण बना रहा। प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम के समाप्त होने के बाद कलेक्ट्रेट आवास के सामने धरने पर बैैठे राजपूत समाज के लोगों ने सडक़ पर जाम लगा दिया और जमकर प्रदर्शन किया। आंदोलन के उग्र होने की आशंका के चलते शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस का भारी जाप्ता तैनात किया गया, वहीं दोपहर बाद विधायक राजेन्द्र सिंह गुढ़ा के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने कलेक्ट्रेट आवास को घेरने का प्रयास किया तो पुलिस ने घेरा बनाकर रोका लिया। प्रदर्शनकारियों को रोकने लिए पुलिस के जवान पूरे अलर्ट मोड पर थे। जिससे एकबारगी तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि बाद में पुलिस अधीक्षक डॉ. अमनदीप सिंह कपूर व अलवर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. तेजपाल सिंह ने समझाइश कर मामले को शांत करवाया। जिसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं सडक़ पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। दोपहर बाद जयपुर रेंज के आईजी एस सेंगाथिर सीकर पहुंचे। उन्होंने धरना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। आईजी के आश्वान के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम हटा लिया।