नारायण दत्त तिवारी के पुत्र रोहित शेखर की मौत का पेच उलझा

दिल्ली उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की संदिग्ध मौत का मामला उलझता ही जा रहा है. इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने बीती रात हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. 40 साल के रोहित अपने घर में मृत पाए गए थे. उनकी नाक से खून बह रहा था.

दरअसल, इस मामले में पहले से कुछ झोल नजर आ रहा था. लिहाजा, इस मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच के हवाले कर दी गई है. केस ट्रांसफर होने के बाद क्राइम ब्रांच की एक टीम रोहित शेखर तिवारी के डिफेंस कॉलोनी में मौजूद घर पर जा पहुंची. साथ ही वहां पर सीएफएसएल की टीम भी बुलाई गई है. मौका-ए-वारदात पर छानबीन की जा रही है.

क्राइम ब्रांच रोहित शेखर तिवारी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है. जानकारी के मुताबिक रोहित के घर में 7 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. जिनमें से 2 काम नहीं कर रहे थे. केस की जांच पड़ताल भी अब हत्या के एंगल से की जा रही है. लेकिन एसीपी क्राइम इस केस के बारे में कैमरा पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं.

पुलिस सूत्रों के हवाले से पता चला है कि रोहित शेखर तिवारी की पोस्टमोर्टम रिपोर्ट आ चुकी है. जिसके मुताबिक रोहित का मुंह दबाकर उसकी हत्या की गई. हो सकता है कि तकिया रखकर मुंह दबाया गया हो.

कैसे हुई थी मौत?

रोहित शेखर तिवारी राजधानी दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में अपनी मां उज्ज्वला तिवारी के साथ रहते थे, जहां वो कमरे में संदिग्ध हालात में पाए गए थे. उन्हें फौरन साकेत मैक्स हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया था. रोहित की मौत पर उनकी मां उज्ज्वला ने कहा था कि उन्हें किसी पर शक नहीं है, ये प्राकृतिक ही है. लेकिन वह इस बात का खुलासा बाद में करेंगी कि रोहित की मौत किन परिस्थितियों में हुई. बाद में उनकी मां ने मौत का कारण डिप्रेशन बताया था.

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस उपायुक्त विजय कुमार ने बताया था कि डिफेंस कॉलोनी निवासी रोहित शेखर तिवारी को उनकी पत्नी और मां दक्षिण दिल्ली के मैक्स अस्तपास लेकर गईं, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के कारण पुलिस ने जांच शुरू कर की. रोहित शेखर की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था. जहां पांच डॉक्टरों की टीम ने रोहित का पोस्टमार्टम किया. बताया जा रहा है कि पैनल में शामिल सभी डॉक्टरों ने रोहित की मौत को लेकर अलग-अलग राय जाहिर की है. उसी के बाद इस संबंध में बीती रात हत्या का मामला दर्ज किया गया और मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई.

हक के लिए लड़ी थी लंबी लड़ाई

गौरतलब है कि एन.डी. तिवारी का निधन बीते साल 18 अक्टूबर को हुआ था. साल 2008 में रोहित शेखर ने अदालत में मामला दायर कर खुद को एन.डी. तिवारी का बेटा बताया था, शुरू में एन.डी. तिवारी ने इस बात से इनकार किया, लेकिन बाद में डीएनए जांच से साबित हुआ कि रोहित, एन.डी.तिवारी के ही पुत्र हैं. इसके बाद एन.डी. तिवारी ने 2014 में 89 साल की उम्र में रोहित शेखर की मां उज्जवला से लखनऊ में शादी की थी.

मोदी की रैली में झूठ, मेरी रैली में सच्चाई: राहुल गांधी

लखनऊ 
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को बदायूं में जनसभा की और यहां लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। राहुल ने सभा में कहा, ‘मोदी की रैली में झूठ सुनने को मिलेगा, जबकि मेरी रैली में सच्चाई। हम 15 लाख रुपये जैसे झूठे वादे नहीं करते हैं। हम भारत की गरीब जनता के साथ न्याय करेंगे।’ 

सभा में राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार बनने पर वह राफेल डील की जांच भी कराएंगे और उसमें कोई भी बच नहीं सकेगा। राहुल गांधी ने कहा, ‘जैसे ही अनिल अंबानी का पैसा आएगा वैसे ही गरीबों को भेज दिया जाएगा। हिंदुस्तान की फैक्ट्रियां काम करना शुरू करेंगी तो लोगों को रोजगार मिलना शुरू हो जाएगा। इसीलिए हमने इस योजना का नाम ‘न्याय’ रखा है। कांग्रेस की सरकार बनते ही हम कानून में बदलाव करेंगे। हिंदुस्तान का कोई भी किसान कर्ज न लौटाने की वजह से जेल में नहीं डाला जा सकेगा।’ 

उन्होंने आगे कहा कि एक तरफ अन्याय है और दूसरी तरफ न्याय है। इस चुनाव में यही लड़ाई है। पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि चौकीदार ने जीएसटी लागू कर चोरों की जेब में हजारों करोड़ रुपये डाले। गरीबों से पैसा छीनकार नीरव मोदी और अनिल अंबानी को दे दिया। अनिल अंबानी से पैसा छीनकर गरीबों को दिया जाएगा। 

एसपी, बीएसपी और बीजेपी ने उत्तर प्रदेश को किया बर्बाद’ 

बदायूं में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने एसपी और बीएसपी पर भी हमला बोला। यह पहली बार था जब राहुल ने एसपी और बीएसपी को भी निशाने पर लिया। गांधी ने कहा कि एसपी और बीएसपी ने बीजेपी के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश को बर्बाद कर दिया। एसपी प्रमुख अखिलेश यादव और बीएसपी प्रमुख मायावती का नाम लिए बिना राहुल गांधी ने कहा, ‘आप सभी ने देखा कि कांग्रेस बीजेपी के खिलाफ लड़ी और नारा दिया ‘चौकीदार चोर है।’ लेकिन क्या आपने कभी एसपी और बीसएपी के नेताओं को यह नारा बोलते हुए सुना या देखा है? आखिर उन्होंने अब तक क्यों यह नारा नहीं बोला? क्योंकि वे सभी मोदी जी से डरते हैं।’ 

वहीं राहुल गांधी ने अपनी योजना ‘न्याय’ की घोषणा के अलावा 10 करोड़ परिवारों के लिए खत भी लिखा, जिसे कांग्रेस अगले तीन दिनों के अंदर सभी संबंधित लोगों तक पहुंचाएगी। खत में लिखा गया है कि सरकार बनने पर हर साल उनके खाते में 72 हजार रूपये डाले जाएंगे और यह घर की महिला सदस्य के खाते में जाएंगे। इसका भी जिक्र है कि इसपर कोई टैक्स नहीं लगेगा। 

मोदी पर इमरान का बयान: राम माधव ने कहा- भारत के चुनावों से दूर रहे पाक, सलाह नहीं चाहिए

नई दिल्ली. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से पिछले हफ्ते नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर अब भाजपा महासचिव राम माधव ने जवाबी हमला किया है। उन्होंने कहा कि बेहतर होगा कि इमरान खान भारतीय चुनावों से दूर ही रहें। इससे पहले रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इमरान के बयान पर कहा था कि हो सकता है यह कांग्रेस की साजिश हो।

इमरान ने कहा था, ‘‘अगर भाजपा सत्ता में आई तो कश्मीर मुद्दे का कोई हल निकल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत में अगली सरकार कांग्रेस की अगुआई में बनी तो वह पाक के साथ कश्मीर मुद्दे को हल करने से पीछे हट सकती है।’’

राम माधव ने गुरुवार को न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ‘‘भारत का प्रधानमंत्री कौन होगा और कौन नहीं, इसका फैसला भारत के निवासी करेंगे। हम बहुत बुद्धिमान हैं और हमें सरहद पार के लोगों से किसी सलाह की जरूरत नहीं है। जब हम दोबारा सत्ता में आएंगे तो हमें पता है कि पड़ोसियों से कैसा व्यवहार करना है। हमें सरहद पार से किसी तरह के सुझाव या समाधान की कोई जरूरत नहीं है।’’

सीतारमण ने जताई थी कांग्रेस की साजिश की आशंका
इससे पहले सीतारमण ने एएनआई से बातचीत में कहा था, ‘‘कांग्रेस में ऐसे कई नेता हैं जो वहां (पाकिस्तान) जाते रहते हैं और प्रधानमंत्री मोदी को हटाने के लिए मदद मांगते रहते हैं। हो सकता है कि इमरान के इस बयान के पीछे कोई साजिश हो।’’

कांग्रेस ने कहा था- पाकिस्तान मोदी के साथ

उधर, इमरान के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा था, ‘‘पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर मोदी के साथ हो गया है। मोदी को वोट करने का मतलब पाकिस्तान को वोट करना है। मोदीजी, पहले नवाज शरीफ से प्यार और अब इमरान खान आपका चहेता यार। ढोल की पोल खुल गई।’’

भावनात्मक रिश्ते की चाशनी में डूबी ‘विरासत’ की सियासत

आजमगढ़। प्रतिष्ठापरक आजमगढ़ (सदर) संसदीय सीट से पिता मुलायम सिंह यादव की विरासत को संभालते हुए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को पर्चा दाखिल कर दिया। नामांकन से पहले ही उन्होंने आजमगढ़ को लेकर यह बात कही थी कि अगर वहां की जनता चाहेगी तो चुनाव लड़ेंगे। वैसे भी समाजवादियों का दूसरा घर आजमगढ़ ही है। दूसरी तरफ 2014 लोकसभा चुनाव से पूर्व सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने भी यहां से चुनाव लड़ने से पहले कहा था कि इटावा दिल है तो आजमगढ़ मेरी धड़कन है। मुलायम सिंह यादव को इस सीट पर जीत मिली। हालांकि बड़ी जीत नहीं। अंतर महज 63 हजार वोट का ही रहा। भाजपा के रमाकांत यादव ने सपा के पसीने छुड़ा दिए थे।

इस बार अखिलेश के सामने भाजपा उम्मीदवार के रूप में भोजपुरी सिनेस्टार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ होंगे। आजमगढ़ से वह 20 अप्रैल को नामांकन करेंगे। रोड शो व जनसभा के माध्यम से वह कई बार आजमगढ़ से अपने बचपन से रिश्ते की बात कह चुके हैं। उन्होंने यहां तक कहा है कि जीत मिली तो यहीं घर बनाकर बस जाऊंगा।

बहरहाल, रिश्ते की चाशनी में सियासत डूबी हुई है। जनता किसको आजमाएगी, यह तो वक्त बताएगा। बहरहाल, आजमगढ़ भले सपा का गढ़ है पर समय-समय पर सभी पार्टियों को यहां के लोगों ने आजमाया। इस सीट का महत्व इसी से समझा जा सकता है कि यहां से चुने गए प्रतिनिधियों ने केंद्र की राजनीति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि शुरुआती लोकसभा चुनावों के दौरान यह सीट कांग्रेसियों के गढ़ के रूप में मानी जाती थी लेकिन एक समय ऐसा भी आया कि इसने बारी-बारी सबको आजमाया।

इस सीट से छह बार कांग्रेस, चार बार बसपा, तीन बार सपा और एक बार भाजपा के अलावा जनता पार्टी, जनता एस के उम्मीदवार चुने गए। इस हाई प्रोफाइल सीट से कांग्रेस से जीतने वाले चंद्रजीत यादव तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री रहे। 2014 के चुनाव में इसी सीट से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने भी जीत दर्ज की। हालांकि, मोदी लहर में केंद्र में भाजपा की सरकार बनी। इसी सीट से कांग्रेस के टिकट पर पूर्व मुख्यमंत्री व मध्य प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल रामनरेश यादव ने भी जीत दर्ज की थी। भाजपा की झोली में भी पहली बार यह सीट 2009 के आम चुनाव में गई थी जिसमें बसपा, सपा के बाद भाजपा में शामिल हुए पूर्व सांसद रमाकांत यादव विजेता बने थे।

2019 के आम चुनाव में पिता की विरासत संभालने के साथ ही चौथी बार सांसद बनने की चाहत से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद चुनाव मैदान में हैं। बसपा से गठबंधन के बाद यह सीट सपा के खाते में गई है। कांग्रेस ने यहां कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है। भारतीय समाज पार्टी समेत अन्य छोटी पार्टियां अभी मैदान में उतरकर ताल ठोकेंगी। इस सीट पर मतदाता किसको अहमियत देगा, इसके लिए अभी इंतजार करना होगा।

आजमगढ़ की धरती

पवित्र तमसा नदी के किनारे यहां महर्षि दुर्वासा व दत्तात्रेय ने तपस्या की थी। अल्लामा शिब्ली द्वारा स्थापित एशिया की प्रसिद्ध शिब्ली अकादमी यहां है। राहुल सांकृत्यायन की इस धरती से कवि अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध, गुरु भक्त सिंह भक्त, शायर कैफी आजमी, पंडित छन्नू लाल मिश्र जैसी विभूतियां निकलीं।

कांग्रेस ने तय किए दिल्ली की सातों सीटों पर उम्मीदवार, जानिए- कौन-कहां से लड़ेगा चुनाव

नई दिल्ली लोकसभा चुनाव-2019 की कड़ी में दिल्ली की सातों सीटों पर 12 मई को मतदान होना है। इसके लिए 16 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो 23 अप्रैल तक चलेगी। इस बीच आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन पर रार के बीच कांग्रेस ने दिल्ली के सातों उम्मीदवार तय कर दिए हैं। उम्मीदवारों के नाम पर पार्टी आलाकमान ने भी स्वीकृति दे दी है। सेलिब्रेटी उम्मीदवार कोई नहीं होगा। सभी सीटों से पार्टी के वरिष्ठ नेता ही चुनाव लड़ेंगे। शुक्रवार को सभी नामों की घोषणा कर दिए जाने के प्रबल आसार हैं।

चार सीटों के उम्मीदवार तो अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआइसीसी) की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक में 11 अप्रैल को ही तय कर दिए गए थे। इनमें नई दिल्ली से अजय माकन, चांदनी चौक से कपिल सिब्बल, उत्तर पूर्वी दिल्ली से जयप्रकाश अग्रवाल और उत्तर पश्चिमी दिल्ली से राजकुमार चौहान के नाम पर मुहर लगाई गई थी। तीन सीटों का फैसला इस बैठक में नहीं हो पाया था। वजह, पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से प्रदेशकांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित और ओलंपियन सुशील कुमार के नाम का प्रस्ताव करना, जबकि एक उम्मीदवार के नाम पर आपत्ति हो गई थी। एक सप्ताह की रस्साकशी के बाद कांग्रेस ने शेष तीनों सीटों के उम्मीदवार तय कर लिए हैं।

पूर्वी दिल्ली से शीला दीक्षित ही उम्मीदवार होंगी। यहां से पूर्व सांसद संदीप दीक्षित के नाम को आलाकमान ने खारिज कर दिया है। पश्चिमी दिल्लीसे पार्टी ने पूर्व सांसद महाबल मिश्रा पर ही दांव लगाया है। इसी तरह किसी सेलीब्रेटी खिलाड़ी को लड़ाने की चर्चा के बीच दक्षिणी दिल्ली से भी पार्टी ने पूर्व सांसद रमेश कुमार का ही टिकट फाइनल कर दिया है।

पीसी चाको (प्रदेश पार्टी प्रभारी एवं महासचिव एआइसीसी) के मुताबिक, हमने दिल्ली की सातों सीटों के उम्मीदवार फाइनल कर दिए हैं। सभी सीटों से पार्टी के वरिष्ठ नेता चुनाव लड़ेंगे। इनकी घोषणा बहुत ही जल्द कर दी जाएगी।

हेमंत करकरे की शहादत पर बोलीं प्रज्ञा ठाकुर- उन्हें अपने कर्मों की सजा मिली

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भोपाल से उम्मीदवार बनने के बाद साध्वी प्रज्ञा गुरुवार को पहली बार मीडिया के सामने आई थीं. लेकिन उनका अब ये चौंकाने वाला बयान सामने आया है. प्रज्ञा ने आरोप लगाया कि हेमंत करकरे ने मेरे साथ काफी गलत तरीके से व्यवहार किया था और गलत तरीके से फंसाया था.

मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने मुंबई हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे को लेकर विवादित बयान दिया है. प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि उन्होंने मुझे गलत तरीके से फंसाया, मैंने उन्हें बताया था कि तुम्हारा पूरा वंश खत्म हो जाएगा, वो अपने कर्मों की वजह से मरे हैं.

भोपाल से उम्मीदवार बनने के बाद साध्वी प्रज्ञा गुरुवार को पहली बार मीडिया के सामने आई थीं. लेकिन उनका अब ये चौंकाने वाला बयान सामने आया है. प्रज्ञा ने आरोप लगाया कि हेमंत करकरे ने मेरे साथ काफी गलत तरीके से व्यवहार किया था और गलत तरीके से फंसाया था.

सभा में साध्वी प्रज्ञा ने दिया ये बयान

एक सभा में साध्वी प्रज्ञा ने कहा, ‘’वो जांच अधिकारी सुरक्षा आयोग का सदस्य था, उन्होंने हेमंत करकरे को बुलाया और कहा कि साध्वी को छोड़ दो. लेकिन हेमंत करकरे ने कहा कि मैं कुछ भी करूंगा लेकिन सबूत लाउंगा और साध्वी को नहीं छोड़ूंगा.’’

साध्वी बोलीं, ‘’ये उसकी कुटिलता था ये देशद्रोह था धर्मविरुद्ध था, वो मुझसे पूछता था कि क्या मुझे सच के लिए भगवान के पास जाना होगा, तो मैंने कहा था कि आपको जरूरत है तो जाइए’’.

सभा में साध्वी ने कहा, ‘’मैंने उसे कहा था तेरा सर्वनाश होगा, उसने मुझे गालियां दी थीं. जिसदिन मैं गई तो उसके यहां सूतक लगा था और जब उसे आतंकियों ने मारा तो सूतक खत्म हुआ.’’

कौन थे हेमंत करकरे?

हेमंत करकरे मुंबई में हुए आतंकी हमले में आतंकवादियों की गोलियों का शिकार हुए थे. इसके अलावा जिस केस में साध्वी प्रज्ञा आरोपी थीं, उस मालेगांव सीरियल ब्लास्ट की जांच इनके पास ही थी. हालांकि, उनकी चार्जशीट पर कई तरह के सवाल खड़े हुए थे.

26/11 आतंकी हमले में शहीद तत्कालीन एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे का जन्म 12 दिसंबर 1954 को करहड़े ब्राह्मण परिवार में हुआ था. 1982 में वो आईपीएस अधिकारी बने, महाराष्ट्र के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर के बाद इनको एटीएस चीफ बनाया गया था. इस दौरान इन्होंने कई कारनामे किए. 26 नवंबर 2009 में इस शहीद की शहादत को सलाम करते हुए भारत सरकार ने मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया था.

उम्मीदवारी पर उठने लगे हैं सवाल

साध्वी प्रज्ञा का भोपाल में मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह से है. साध्वी की उम्मीदवारी को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. पहले तहसीन पूनावाला ने उनकी ज़मानत रद्द करने की अपील की और अब मालेगांव धमाके के पीड़ित के पिता ने NIA की कोर्ट में याचिका दायर कर उनकी ज़मानत पर सवाल उठा दिए हैं.

एनआईए कोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा गया है कि साध्वी प्रज्ञा को कोर्ट ने स्वास्थ्य कारणों के चलते जमानत दी थी, तो ऐसे में वह भोपाल से लोकसभा चुनाव कैसे लड सकती हैं.

राजस्थान/ वैष्णो देवी कटरा-बांद्रा स्वराज एक्सप्रेस ट्रेन में 1.70 करोड़ की लूट का खुलासा, तीन डकैत गिरफ्तार

कोटा. शहर की राजकीय रेलवे पुलिस ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए वैष्णो देवी कटरा-बांद्रा एक्सप्रेस स्वराज एक्सप्रेस में 1.70 करोड़ रुपए लूटने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार कर लिया। रेलवे पुलिस ने महज डकैती की वारदात के 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। डकैतों के कब्जे से लुटे गए 1 करोड़ 69 लाख रुपए बरामद भी कर लिए। बदमाशों ने 14 अप्रेल को कोटा रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की स्लीपर कोच एस-9 में मौजूद एक कारोबारी यात्री का नकदी भरा बैग लूटा और चलती ट्रेन से कूदकर भाग निकला था।

  1. एसपी पूजा अवाना ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मोहन सिंह राजपुरोहित(58), उत्तम राणा (22) व गणपत सिंह (22) है। ये तीनों बाड़मेर में सिवाना क्षेत्र के निवासी है। जबकि इनकी गैंग में शामिल बाड़मेर निवासी तार सिंह व दिल्ली निवासी झबर सिंह तथा अन्य बदमाश फरार है। इनके खिलाफ डकैती का मुकदमा दर्ज किया है। 
  2. एसपी पूजा अवाना ने बताया कि लूट की वारदात मुंबई में विरार वेस्ट निवासी गौतम कुमार शाह के साथ हुई। जिन्होंने मुंबई के जीआरपी स्टेशन में जीरो नंबर की एफआईआर दर्ज करवाई थी। जिसमें बताया कि वह इलेक्ट्रोनिक्स उपकरणों की सप्लाई का कारोबारी है। उसकी दुकान राजाराम एमसीके में है। दिल्ली के कारोबारी उनकी दुकान पर 1 करोड़ 70 लाख रुपए रखकर गए थे। 
  3. इसके बाद 13 अप्रेल को रात 10 बजे वह स्वराज एक्सप्रेस ट्रेन से रात 10 बजे दिल्ली से मुंबई के लिए रवाना हो गया। सफर के दौरान देर रात कोटा रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन रुकी। तब दो व्यक्ति स्लीपर कोच के गेट पर खड़े थे। ज्योंही 
    ट्रेन रवाना हुई। तभी दोनों बदमाश पीड़ित गौतम कुमार की सीट के पास आए। इनमें एक ने रुपयों से भरा बैग उठाया और दोनों वहां से भागने लगे।
  4. तब एक एक बदमाश रुपयों से भरा बैग लूटकर चलती ट्रेन से कूद गया। जबकि दूसरे लुटेरे को गौतम कुमार ने अन्य यात्रियों की मदद से पकड़ लिया। उन्होंने चेन पुलिंग की। लेकिन ट्रेन नहीं रुकी। तब रतलाम रेलवे स्टेशन पर गौतम कुमार ने जीआरपी में केस दर्ज करवाया। तब यह तफ्तीश कोटा जीआरपी थाने को सौंपी गई। पड़ताल में सामने आया कि गौतम कुमार का अक्सर दिल्ली से मुंबई आना जाना था। दिल्ली निवासी झबर सिंह ने गौतम की रैकी की।
  5. जल्द रुपया पाकर अमीर बनने की चाहत में गिरोह ने मिलकर डकैती की साजिश रची और 14 अप्रेल की रात को ज्योंही ट्रेन कोटा रेलवे स्टेशन पहुंची। आरोपी तार सिंह व उत्तम राणा ट्रेन में गौतम कुमार के कोच में पहुंच गए। वहां बैग लूटकर तार सिंह भाग निकला। जबकि आरोपी उत्तम कुमार को गौतम कुमार व अन्य ने पकड़ा लिया। इसी की मदद से पुलिस अन्य आरोपियों तक पहुंच गई। 
  6. लूट के बाद सभी डकैत निजी वाहन से बाड़मेर पहुंचे। जहां तार सिंह के पापड़ी खुर्द गांव में स्थित पैतृक मकान में लूटी गई रकम को छिपा दिया। इसके बाद मोबाइल फोन बंद कर इधर-उधर हो गए। लेकिन 48 घंटे के भीतर ही पुलिस ने डकैतों को धरदबोचा। वहीं, तार सिंह के पिता को तलाशी नहीं लेने देने व सबूत छिपाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। अन्य मुल्जिमों की तलाश में टीम बाहर भेजी गई है।
  7. यह कार्रवाई एडीजी रेलवेज नीना सिंह के निर्देशन में जीआरपी एसपी पूजा अवाना के निर्देशन में डिप्टी एसपी हुंमायूं कबीर खान और कोटा जीआरपी के प्रभारी राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने की। जिसमें बाड़मेर की बालोतरा थाना पुलिस और जीआरपी भरतपुर के सबइंस्पेक्टर मुकेशचंद शर्मा ने अहम रोल निभाया। वारदात के खुलासे के लिए करीब 30 पुलिसकर्मियों की टीम बनाई गई थी।

अन्नदाता की पीठ पर कमलनाथ सरकार

अमानवीय चेहरा:अन्नदाता की पीठ पर बैठकर पटवारी ने किया फसल के नुकसान का सर्व
शिवपुरी। प्रदेश में बेमौसम बारिश ने किसानों पर कहर बरसाया है। ओले और बारिश से गेहूं की फसलें तबाह हो गई है। फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करने के लिए प्रशासन ने निर्देश दिए हैं। जिसके चलते अब सरकारी अफसर खेतों में पहुँच रहे हैं। लेकिन इस संकट की घडी में किसानों का दुःख समझने के बजाय कर्मचारी उन पर ही बोझ पर बनकर शर्मनाक प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं। मामला है प्रदेश के शिवपुरी जिले का, जहां एक पटवारी किसान की पीठ पर लद कर सर्वे करने पहुंचा।

दरअसल, गुरुवार को शिवपुरी जिले के बामौरकलां में बारिश और ओलों से तबाह हुई गेहूं की फसल का सर्वे पटवारी प्रदीप जैन बामौरकलां हलके में पहुंचे। लेकिन खेतों तक पहुँचने से पहले एक नाला पार करना था।लेकिन पटवारी को जूते गीले होने का डर था और उन्होंने जूते खोलकर नाला पार करने की जहमत नहीं उठाई।बल्कि किसान की पीठ पर लद गए। अब किसान जो कि पहले से ही दुखी और फसल नुकसान से परेशान है, लेकिन सरकारी आदमी को मजबूरन अपनी पीठ पर लादकर नाला पार करवाया। हालाँकि अच्छी बात यह रही कि तमाम अड़चनों के बाद पटवारी साहब ने फसलों के नुकसान का जायजा ले लिया।

आईएएस के निलंबन पर पूर्व चुनाव आयुक्त कुरैशी बिफरे, कहा- आयोग ने छवि सुधारने का मौका गंवाया


पूर्व चुनाव आयुक्त शाहबुद्दीन याकूब कुरैशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलिकॉप्टर की जांच करने वाले अधिकारी को आयोग द्वारा निलंबित करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। पीएम मोदी और चुनाव आयोग पर खीझ व्यक्त करते हुए कहा है कि दोनों के पास अपनी छवि सुधारने का एक मौका था जिससे कि वह चूक गए। अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए उन्होंने प्रतिक्रिया दी है।

अपने ट्वीट में कुरैशी ने लिखा, ‘आयोग ने छवि सुधारने का मौका खो दिया। ओडिशा में सामान्य पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात आईएएस अधिकारी को प्रधानमंत्री मोदी के हेलिकॉप्टर की जांच करने की वजह से निलंबित किया जाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि आयोग की छवि को सुधारने के मौके से चूकना भी है। दोनों ही जनता के स्कैनर पर रहते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री लगातार आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं और आयोग लगातार उसकी अनदेखी कर रहा है। प्रधानमंत्री के हेलिकॉप्टर की तलाशी यह दिखाने का एक अवसर था कि कानून सभी के लिए बराबर है। एक झटके में दोनों की आलोचनाएं खत्म हो जाती। दुर्भाग्य से दोनों ने अलग ही रास्ता चुना। उनकी आलोचना अब पहले के मुकाबले काफी ज्यादा बढ़ जाएगी।’
कुरैशी ने कहा, ‘इसके विपरीत मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के चॉपर की उनकी आंखों के सामने तलाशी ली गई, जिसने उनका कद बढ़ाया। हमें अपने नेताओं में इस तरह के स्टेट्समैन जैसे रवैये की जरूरत है। मिस्टर पटनायक को सलाम।’ बता दें कि 1996 बैच और कर्नाटक काडर के आईएएस अफसर मोहम्मद मोहसिन को चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री के हेलिकॉप्टर की जांच करने की वजह से निलंबित कर दिया था।
 मोहसिन ने प्रधानमंत्री मोदी के काफिले के एक वाहन की जांच की थी। इस जांच की वजह से प्रधानमंत्री को 15 मिनट तक इंतजार करना पड़ा था, जिसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय ने चुनाव आयोग से की थी। इस पर कार्रवाई करते हुए आयोग ने उन्हें दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने की वजह से निलंबित कर दिया था। इससे पहले मोहसिन ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के हेलिकॉप्टर की भी तलाशी कर चुके हैं।