बड़ी खबर-गुना से सिंधिया सहित कांग्रेस ने सात प्रत्याशी की सूची की जारी

शिवपुरी लम्बे इंतजार के बाद कांग्रेस ने सात उम्मीदबार की सूची जारी की है इस सूची में मध्यप्ररदेश कि गुना सीट से वतर्मान सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ,विदिशा से शैलेन्द्र पटेल,राजगढ़ सीट से मोना को मैदान में उतारा है

ग्वालियर के सपूत व हास्य व्यंग्य के बेताज बादशाह प्रदीप चौबे अब नही रहे

ग्वालियर । हास्य व्यंग्य की दुनिया के बेताज बादशाह ,शानदार कवि और बेहतर श्रोता ,हरदिल  अज़ीज़ और मित्र प्रदीप चौबे अब नही रहे । वे लगभग 70 वर्ष के थे । उन्हें देर रात कार्डियक अरेस्ट हुआ । अनेक बीमारियों को हरा चुके चौबे जी इस बार बीमारी से हार ही गए । उनके निधन की खबर से सब  स्तब्ध हैं । किसी भरोसा नही हो रहा कि चौबे जी अब नही रहे।
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कुछ महीनों पहले भोपाल में एक सड़क हादसे में उनके जवान बेटे की मौत हो गई थी लेकिन बावजूद इसके उन्होंने कभी इस असहनीय पीड़ा को चेहरे पर नही आने दिया ।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार वे कुछ दिनों से अपोलो अस्पताल में भर्ती थे कल सुबह ही वे वहां से डिस्चार्ज होकर घर पहुंचे थे कि देर रात कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई ।

उनके निधन की ख़बर से शहर में शोक की लहर छा गयी । जिसे भी ख़बर मिली वह सत्यदेव नगर गांधी रोड स्थित उनके घर की तरफ दौड़ा ।

दिग्विजय सिंह ने कार्यकर्ताओं से किया ‘विनम्र आग्रह’- मेरी नामांकन रैली में न आएं…

भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह 20 अप्रैल को अपना नामांकन पत्र दाखिल करने वाले हैं. भोपाल में 12 मई को मतदान है. नामांकन पत्र दाख़िल करने से पहले दिग्विजय सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि वो उनकी रैली में शामिल नहीं हों.

दिग्विजय सिंह ने एक पत्र जारी किया है. उसमें लिखा है कि राघौ जी महाराज की कृपा और आप सभी के समर्थन से मैं 20 अप्रैल 2019 को भोपाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार के रूप में शांतिपूर्ण तरीके से नामांकन भरने जा रहा हूं. हम नामांकन रैली नहीं निकाल रहे हैं, इसलिये मेरा कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं से विनम्र आग्रह है कि वे उस दिन आदर्श आचार संहिता का पालन करें. किसी भी तरह के समूह में इकट्ठे न हों. बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में बूथ स्तर पर पार्टी को मज़बूती प्रदान करने का प्रयास करें.

दिग्विजय सिंह ने आगे लिखा है कि हमारी जीत आपके सतही और अथक प्रयासों से ही संभव हो पाएगी. आप सभी साथी मेरी शक्ति हैं, इसलिए हमें किसी भी तरह के शक्ति प्रदर्शन की जरूरत नहीं है. आप अपने मंडलम, सेक्टर और बूथ में मुस्तैद रहिए, हमारी जीत निश्चित ही होगी.

मामला दर्ज होते ही कुसुम महदेले ने शिवराज का लिया नाम

भोपाल । ई-टेंडर घोटाले में प्रकरण दर्ज होते ही तत्कालीन पीएचई मंत्री कुसुम सिंह महदेले ने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर ठीकरा फोड़ दिया है। उन्होंने कहा है कि घोटाले की फाइल को उन्होंने नहीं, बल्कि शिवराज ने ही मंजूरी दी थी। टेंडर पीएचई से नहीं, बल्कि जल निगम से जारी हुए थे, जिसके अध्यक्ष शिवराज ही थे। पीएचई और ग्रामीण विकास मंत्री और एक अन्य मंत्री को उपाध्यक्ष बनाया गया था।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निगम की किसी भी फाइल पर मेरे हस्ताक्षर नहीं है। इस मामले में ईओडब्ल्यू ने टेंडर लेने वाली दो कंपनियों ह्यूम पाइप लिमिटेड और जीएमसी लिमिटेड के मालिक व निदेशकों पर प्रकरण दर्ज कर लिया है।

,घोटालों की छानबीन से भाजपा में हड़कंप: शोभा

प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने आरोप लगाया है कि भाजपा शासनकाल में ई-टेंडरिंग घोटाले की छानबीन शुरू होते ही पूरी भाजपा में हड़कंप मच गया। उन्होंने कहा कि जल निगम के तीन टेंडरों में छेड़छाड़ को लेकर एफआईआर की गई है।

इन टेंडरों की राशि करीब 1800 करोड़ रुपए है। ओझा ने कहा कि व्यापमं, डंपर, पोषण आहार, पौधरोपण, सिंहस्थ एवं अवैध उत्खनन घोटालों की जांच रिपोर्ट पेश होंगी तो कई नेताओं ने नाम भी सामने आएंगे। कांग्रेस सरकार हर घोटाले की जांच कराकर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी की बायॉपिक के साथ नमो टीवी पर भी EC की रोक

नई दिल्ली 
चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परबायॉपिक की स्क्रीनिंग और नमो टीवी पर चुनाव होने तक रोक लगा दिया है। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा कि बायॉपिक पर बैन का EC का आदेश नमो टीवी पर भी लागू होता है, जिसे चुनाव के दौरान प्रसारित नहीं किया जा सकता है। अधिकारी ने आदेश के एक पैराग्राफ का जिक्र किया जिसके मुताबिक, ‘किसी भी प्रकार की प्रमाणित सामग्री से संबंधित कोई भी पोस्टर या प्रचार सामग्री, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी उम्मीदवार की चुनावी संभावना को बढ़ाती है, वह आदर्श आचार संहिता के लागू रहने वाले क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रदर्शित नहीं की जाएगी।’ 

आपको बता दें कि निर्वाचन आयोग ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायॉपिक की रिलीज पर लोकसभा चुनाव होने तक रोक लगा दी। आयोग ने कहा कि ऐसी किसी भी सामग्री को नहीं दिखाया जा सकता, जो चुनाव में सभी दावेदारों को समान अवसर उपलब्ध कराने के सिद्धांत से मेल नहीं खाती हो। 

आयोग ने अपने आदेश में कहा, ‘किसी भी राजनीतिक इकाई या उससे जुड़े किसी भी व्यक्ति पर आधारित जीवनी या जीवनी के रूप में उसका कोई भी महिमामंडन, जो चुनाव के दौरान सभी दावेदारों को समान अवसर उपलब्ध कराने के सिद्धांत से मेल न खाता हो, वह आदर्श चुनाव आचार संहिता के लागू रहने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रदर्शित नहीं की जानी चाहिए।’ 

चुनाव आयोग ने कहा कि उसके पास ‘एनटीआर लक्ष्मी’, ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ और ‘उदयामा सिंहम’ सहित कुछ फिल्मों को लेकर शिकायतें आई हैं, जिनमें एक उम्मीदवार या एक राजनीतिक पार्टी की चुनावी संभावना को रचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर कम या उसे बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया गया है। 

आयोग के मुताबिक, हालांकि प्रदर्शित सामग्री के रचनात्मक सामग्री का हिस्सा होने का दावा किया गया है लेकिन इनमें सभी को समान अवसर उपलब्ध कराने को प्रभावित करने की क्षमता है जो आदर्श चुनाव आचार संहिता के खिलाफ है। 

11 को रिलीज होनी थी फिल्म, इसी दिन चुनाव भी 
पीएम पर बायॉपिक फिल्म को 11 अप्रैल को रिलीज किया जाना था। इसी दिन 17वीं लोकसभा चुनाव के लिए सात चरणों में होने वाले पहले चरण का मतदान भी है। विपक्षी दलों की शिकायत पर आयोग ने इसके प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। शिकायत में कहा गया है कि मोदी पर आधारित बायॉपिक को चुनाव के दौरान प्रदर्शित करने का मकसद बीजेपी को चुनावी फायदा पहुंचाना है इसलिए चुनाव के दौरान इसके प्रदर्शन की अनुमति देने से चुनाव आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन होगा। 

पहले चरण की वोटिंग मोदी के लिए बुरी खबर या विपक्ष के लिए एक बार फिर झटका?

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए पहले चरण की 20 राज्यों की 91 सीटों पर गुरुवार को करीब 60 फीसदी मतदान हुआ. पहले चरण की वोटिंग के बाद से सभी सियासी दल आकलन करने में जुटे हैं कि उनके पक्ष में किस तरह से हवा बह रही है. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी के लिए बुरी खबर है या फिर एक बार विपक्ष के लिए झटका साबित होगी

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए पहले चरण की वोटिंग गुरुवार को संपन्न हुई. 20 राज्यों की 91 सीटों पर करीब 60 फीसदी लोगों ने वोट डाले. 2014 में इन्हीं 91 सीटों पर 70.79 फीसदी मतदान हुए थे. ये पिछली बार की तुलना में करीब 10 फीसदी कम है. पहले चरण की वोटिंग के बाद से सभी सियासी दल आकलन करने में जुटे हैं कि उनके पक्ष में किस तरह से हवा बह रही है. वोटिंग प्रतिशत के ये आंकड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी के लिए बुरी खबर है या फिर एक बार विपक्ष के लिए झटका साबित होगी

पहले चरण की जिन 91 सीटों पर गुरुवार को वोट पड़े हैं, वहां पर कुल 1239 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. इन सभी उम्मीदवारों का फैसला EVM में कैद हो गया है, जिनके नतीजे 23 मई को आएंगे. पहले चरण में सबसे ज्यादा मतदान पश्चिम बंगाल में 81 फीसदी रहा और सबसे कम बिहार में 50 फीसदी रहा. जबकि पश्चिम उत्तर प्रदेश की आठ सीटों पर हुए चुनाव में 64 फीसदी मतदान हुआ.

पहले चरण की जिन 91 लोकसभा सीटों पर वोटिंग हुई. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 32 सीटें जीतने में सफल रही थी. जबकि कांग्रेस के पास महज 7 सीटें जीती थी. इसके अलावा 16 सीटें टीडीपी के पास, 11 टीआरएस, 9 सीटें वाईएसआर कांग्रेस, 4 सीटें बीजेडी और 12 सीटें अन्य दलों ने जीती थी.

बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में जिन 32 सीटों को जीता था. इनमें यूपी की सभी 8 सीटें, उत्तराखंड की सभी 5, महाराष्ट्र की 7 में से 5, असम की 5 से 4, बिहार की 4 में 3 सीटें बीजेपी ने जीती थी. दिलचस्प बात ये है कि बिहार की जिन चार सीटों पर गुरुवार को वोटिंग हुई है, बीजेपी उन चार में से महज एक सीट पर चुनावी मैदान में है. बाकी तीन सीटों पर सहयोगी दल के जेडीयू और एलजेपी के उम्मीदवार मैदान में हैं.

बीजेपी महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरी है. इसके अलावा असम की जिन पांच सीटों पर चुनाव वोटिंग हुई है उनमें से चार पर बीजेपी और एक पर उसके सहयोगी दल असम गण परिषद चुनाव मैदान में है. इसके अलावा बाकी राज्यों में बीजेपी अकेले चुनाव मैदान में उतरी थी.

पहले चरण की 91 सीटों में से 2014 में कांग्रेस ने जिन सात सीटों पर जीत हासिल की थी, उनमें दो तेंलगाना, एक-एक अरुणाचल, असम, मेघालय, मिजोरम और मणिपुर की सीटें शामिल है. राहुल गांधी के अगुवाई में उतरी कांग्रेस के लिए अपने खोए हुए जनाधार को वापस हासिल करने हरसंभव कोशिश में है. बिहार में कांग्रेस महागठबंधन का हिस्सा है और पहले चरण की चार सीटों में से किसी भी सीट पर वह चुनाव मैदान में नही थी. जबकि महाराष्ट्र में एनसीपी के साथ मिलकर चुनावी रणभूमि में उतरी है. इसके अलावा बाकी राज्यों में वह अकेले चुनावी किस्मत आजमा रही है.

अमित शाह के NRC पर दिए गए बयान को लेकर बॉलीवुड एक्ट्रेस ने उठाया सवाल,

नई दिल्ली: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) ने गुरुवार को एनआरसी को लेकर एक बयान दिया था. जिस पर बॉलीवुड गलियारे ने गंभीर सवाल उठाए था. अमित शाह (Amit Shah) ने कहा था कि उनकी पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि पूरे देश में एनआरसी (NRC) को लागू किया जाए. अमित शाह  (Amit Shah) ने कहा था कि कहना है कि इस देश से बुद्ध, हिंदू और सिखों को छोड़ सभी घुसपैठियों को निकाल बाहर किया जाएगा. अमित शाह  (Amit Shah)  ने एक रैली को संबोधित करते हुए यह बातें कही थीं. अमित शाह (Amit Shah) के इस बयान पर अब बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर (Swara Bhasker)  ने सवाल उठाया है. उन्होंने इसको लेकर एक ट्वीट किया, जो वायरल हो रहा है.

 अमित शाह (Amit Shah) के बयान पर बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर (Swara Bhasker) ने लिखा:  “बीमार. खतरनाक. विभाजनकारी. नफरत. असंवैधानिक. यह बहुत गलत है.” स्वरा भास्कर ने इस तरह अमित शाह के बयान पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनके इस ट्वीट पर यूजर्स के खूब रिएक्शन आ रहे हैं. स्वरा भास्कर के अलावा गुरुवार को पूजा भट्ट, सोनी राजदान, ओनिर ने भी अपना रिएक्शन दिया था. इन बॉलीवुड सितारों के ट्वीट पर भी लोगों के खूब रिएक्शन आए थे.
स्वरा भास्कर (Swara Bhasker) वैसे भी अपनी बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं. वो हमेशा ऐसे मुद्दों पर अपनी राय रखती हैं.  स्वरा भास्कर को कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) के नामांकन दाखिल करने वाले दिन बेगूसराय में देखा गया था. उन्होंने इस दौरान  कन्हैया कुमार  के लिए प्रचार भी किया और लोगों से उन्हें वोट देने की अपील भी की थी. बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के पहले चरण का मतदान गुरुवार को हुआ.