लोकसभा चुनाव के बाद एसपी-बीएसपी से गठबंधन के लिए तैयार: ज्योतिरादित्य सिंधिया

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस इस बार उत्तर प्रदेश में अपनी खोई जमीन हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। इस बीच पार्टी के महासचिव और वेस्ट यूपी प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को अपनी पहली रैली को संबोधित किया। यूपी में एसपी-बीएसपी-आरएलडी गठबंधन से बीजेपी को कड़ी टक्कर मिलती नजर आ रही है। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव के बाद एसपी-बीएसपी से गठबंधन के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दोनों पार्टियों के साथ चुनाव से पहले हम गठबंधन नहीं कर सके लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भविष्य में ऐसा नहीं हो सकता है। 
उनकी तरफ से कोशिश नहीं की गई’ 
कई चुनावी सर्वे में कहा जा रहा है कि अगर कांग्रेस ने एसपी-बीएसपी के साथ अलायंस कर लिया होता तो उसे बीजेपी से मुकाबले में ज्यादा फायदा होता। हमारे सहयोगी टीओआई ने जब सिंधिया से यह जिक्र किया तो उन्होंने जवाब दिया, ‘देखिए हमें काल्पनिक सवालों पर बात नहीं करनी चाहिए। सच यह है कि उनकी (एसपी-बीएसपी) तरफ से संवाद की कोई कोशिश नहीं की गई। कोई अच्छी चीज होने से पहले कई खराब बातें भी होती हैं। हमने उनसे बात करने का प्रयास किया लेकिन कुछ वजहों से गठबंधन नहीं हो सका।’ 
हमारे दरवाजे हमेशा खुले हैं’ 
ज्योतिरादित्य ने चुनाव के बाद एसपी-बीएसपी गठबंधन से मेलजोल के संकेत देते हुए कहा, ‘हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि भविष्य में हम साथ नहीं हो सकते। पोस्ट पोल अलायंस हो सकता है। हमारे दरवाजे हमेशा खुले हुए हैं। लेकिन अब कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपनी ताकत पर लड़ रही है और 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए अगले तीन साल के दौरान हम अपना आधार बनाने जा रहे हैं।’ 

वोटों की नहीं विचारधारा की लड़ाई’ 
जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या एसपी-बीएसपी और कांग्रेस दोनों एक ही वोट बैंक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं तो सिंधिया ने कहा, ‘यह वोटों की लड़ाई नहीं है। यह विचारधारा की लड़ाई है। यह एक लोकसभा चुनाव है इसलिए हम भारत के बारे में अपने विचार के साथ जनता के पास जा रहे हैं। लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन होती है और यह उस पर निर्भर है कि वह भारत के बारे में आपके विचार के साथ जाना चाहती है या मेरे विचार के साथ।’ 
पहले चरण में 11 अप्रैल को मतदान 
बता दें कि लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 91 लोकसभा सीटों पर 11 अप्रैल को मतदान है। इस चरण में वेस्ट यूपी की गौतमबुद्ध नगर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद और सहारनपुर लोकसभा सीटों पर वोटिंग है। मुजफ्फरनगर में आरएलडी अध्यक्ष अजित सिंह का मुकाबला केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान से है, वहीं बागपत में जयंत चौधरी और केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह के बीच टक्कर है। 

पूर्व मुख्य चुनाव आयोग अध्यक्ष श्री टीएन शेषन का निधन

चुनाव आयोग के अध्यक्ष के रूप में चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी तथा भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए सार्थक कदम उठाने वाले श्री मान टी.एन.शेषन नहीं रहे। वे रिटायरमेंट के बाद एक वृद्धाश्रम में सपत्नीक रह रहे थे। एक आदर्श जीवन था उनका। दाम्पत्य जीवन का अटूट समर्पण कहें या संयोग, कल ही उनकी धर्मपत्नी ने उनका साथ छोड़ा और आज वे स्वयं भी शरीर छोड़कर अपनी सहचरी के पास पहुंच गए। शेषन दम्पति निः संतान थे।
ईश्वर उन दोनों आत्माओं की विकास यात्रा निर्विघ्न पूरी करें ऐसी हमारी हार्दिक कामना है, आदर्श दम्पत्ति को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। शत शत नमन।

कमलनाथ के करीबियों पर रेड: CRPF और MP पुलिस में भिड़ंत, एक बस जवान और बुलाए गए

भोपाल

मध्यप्रदेश में पश्चिम बंगाल की तरह पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच टकराव की खबर आ रही है. कमलनाथ सरकार की पुलिस प्लेटिनम प्लाजा पहुंच गई है और सीआरपीएफ के साथ भिड़ गई है. इसके अलावा पुलिस ने भोपाल और इंदौर में छापेमारी के ठिकानों पर घुसने की कोशिश भी की. पुलिस और सीआरपीएफ के बीच हुई भिड़ंत के बाद सीआरपीएफ ने और जवानों को प्लेटिनम प्लाजा पर बुलाया है. एक बस और सीआरपीएफ जवान पहुंचे हैं.

बता दें, मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के करीबी अश्विनी शर्मा और प्रतीक जोशी के घर पर आयकर विभाग ने सीआरपीएफ की मदद से छापेमारी की है. अभी छापेमारी जारी है. इस बीच मध्यप्रदेश पुलिस ने शर्मा के घर प्लेटिनम प्लाजा को घेर लिया है. पुलिस की सीआरपीएफ के साथ नोंकझोंक भी हुई है. बता दें, भोपाल के प्लेटिनम प्लाजा में आयकर विभाग ने छापेमारी की है. यहां की छठी मंजिल पर प्रतीक जोशी और अश्विनी शर्मा रहते हैं.

MP पुलिस ने कहा- लोगों की सहूलियत के लिए हम आएं, छापेमारी से कोई लेना-देना नहीं

भोपाल के एसपी सिटी भूपिंदर सिंह ने कहा कि छापेमारी से हमारा कोई लेना-देना नहीं है. यह एक आवासीय परिसर है, अंदर ऐसे लोग हैं जिन्हें चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है, वे मदद के लिए स्थानीय एसएचओ को बुला रहे हैं. उन्होंने छापेमारी के कारण पूरे परिसर को बंद कर दिया है. हम लोगों की सहूलियत के लिए यहां पहुंचे हैं.

सीआरपीएफ ने कहा, हमें गालियां दे रहे हैं MP पुलिस के अफसर

सीआरपीएफ अधिकारी प्रदीप कुमार ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस हमें काम नहीं करने दे रही है, वे हमें गालियां दे रहे हैं. हम केवल अपने सीनियर्स के आदेशों का पालन कर रहे हैं. सीनियर्स ने हमें किसी को भी अंदर नहीं जाने देने के लिए कहा है. कार्यवाही जारी है, इसीलिए हम किसी को अंदर नहीं जाने दे रहे हैं. केवल अपना कर्तव्य निभा रहे हैं.

एसएसपी को प्रवीण कक्कड़ के घर में घुसने से रोका

वहीं, इंदौर में प्रवीण कक्कड़ के घर पर एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र, एसपी यूसुफ कुरैशी और पुलिस टीम के साथ मौजूद हैं. एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र को सीआरपीएफ ने प्रवीण के घर के अंदर जाने से रोका है. एसएसपी ने सीआरपीएफ के जवानों को अपना मोबाइल नंबर दिया और कहा कि कुछ आवश्यकता होने पर तत्काल सूचित करें.

शिवराज ने कहा- मध्यप्रदेश में अभूतपूर्व संवैधानिक संकट

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं हैरान हूं कि राज्य सरकार और उसके सीएम आयकर विभाग को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. सीआरपीएफ को उसकी ड्यूटी करने से रोका जा रहा है? क्या यह भ्रष्टाचारियों को बचाने का प्रयास नहीं है. कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी वाले ऐसा कर रहे हैं? क्या बीजेपी ने वहां पैसा रखे हैं. राज्य में अभूतपूर्व संवैधानिक संकट उत्पन्न हो गया है. जैसे बंगाल में हुआ.

पहली बार आयकर की छापेमारी में सीआरपीएफ

आयकर विभाग की यह छापेमारी काफी गोपनीय थी. यहां तक की मध्यप्रदेश के आयकर अफसरों को कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई थी. दिल्ली की टीम ने मध्यप्रदेश पुलिस की भी मदद नहीं ली. पहली बार सीआरपीएफ को छापेमारी की कार्रवाई में शामिल किया गया.

कमलनाथ के करीबियों के 50 ठिकानों पर छापेमारी

बता दें, आयकर विभाग ने कमलनाथ के भांजे रातुल पुरी, निजी सचिव और पूर्व पुलिस अधिकारी प्रवीण कक्कड़, सलाहकार रहे राजेंद्र कुमार मिगलानी और भोपाल में प्रतीक जोशी और अश्विन शर्मा के करीब 50 ठिकानों पर छापेमारी की. अभी कई जगहों पर छापेमारी जारी है. आयकर विभाग को इस दौरान करोड़ों कैश के अलावा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं.

राजस्थान में अचानक आया रेत का बवंडर, दिन में छाया अंधेरा, यहां बारिश के साथ गिरे ओले

जयपुर। राजस्थान के कई जगहों पर दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया है। सीकर, चूरू, झुंझुनूं, श्रीगंगानगर में रेत का गुबार छाया गया। कई जगहों पर धूल भरी हवाएं चलने लगी। नागौर में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। इस वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

रेत के बवंडर के कारण एक बार तो सड़कों पर यातायात थम सा गया। वाहन चालकों को दिन में भी हैड लाइट जलानी पड़ी। धूल भरी आंधी से जनजीवन प्रभावित हुआ, कई पेड़ धराशाई हो गए। हालात यह थे कि रेत का गुबार के कारण अंधेरा हो गया। हर तरफ रेत का गुबार ही नजर रहा था।

खेत में कटाई की की गई फसल उड़कर खेतों में बिखर गई। जिसके कारण किसानों को भारी नुकसान होने आशंका है। नागौर में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। चने के आकार के ओले भी गिरे। मौसम में अचानक बदला के कारण भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली।

जानकारी के अनुसार चूरू, झुंझुनूं, श्रीगंगानगर और बीकानेर क्षेत्र में काला तूफान इस कदर छाया कि दोपहर चार बजे ही अंधेरा छा गया। पूरा वातावरण पीला हो गया। सड़कों पर यातायात थम सा गया। वाहन चालकों को दिन में भी हैड लाइट जलानी पड़ी।

कई दुकानों के आगे लगे टीन शेड हवा में उड़ गए। इस अंधड़ से किसानों को भी नुकसान होने की खबर है। खलिहान में पड़ी सरसों व चने की फसल अंधड़ की भेंट चढ़ गई। इस दौरान कई क्षेत्रों में बिजली सप्लाई ठप हो गई। वहीं नागौर में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। चने के आकार के ओले भी गिरे। लोगों को गर्मी से राहत मिली। श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर शाम करीब साढ़े चार बजे के आसपास बूंदाबांदी शुरू हुई। जिले के लूणियां में दोपहर करीब ढाई बजे आंधी के साथ इतना अंधेरा छा गया कि वाहनों को लाइटें जलाकर चलना पड़ा वहीं रामसिंहपुर में बादल छाए रहे। जिले के अनूपगढ़, जैतसर, केसरीसिंहपुर और दस सरकारी में हल्की बूंदाबांदी के समाचार मिले हैं। रायसिंहनगर में आंधी के साथ गर्जना हुई जबकि गजसिंहपुर में दोपहर में अंधड़ चला। इसी प्रकार सूरतगढ़ और सूरतगढ़ थर्मल में आंधी के समाचार है।
जोधपुर क्षेत्र में अचानक बदले मौसम के कारण घनघोर घटाओं के साथ तेज अंधड़ के साथ ओले भी गिरे। क्षेत्र के जैवासर, विश्वकर्मानगर, पूनासर, पूनासर खुर्द, मुकनासर व पीथासर में करीब एक घंटे अधिक देर तक बारिश होती रही। ओलों से फसले जीरा, चना, इसबगोल व सरसों व रायडे की फसलों में भारी नुकसान की आशंका है।

भारत ने खारिज किया पाकिस्तान का दावा, MEA बोला- हमला करने की बात बेतुकी

भारत ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री के बयान को गैरजिम्मेदाराना और बेतुका बताकर खारिज कर दिया. बता दें, पाकिस्तान विदेश मंत्री ने कहा था कि भारत पाकिस्तान पर फिर से हमला करेगा. भारत ने कहा कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री का बयान क्षेत्र में युद्धोन्माद फैलाने वाला है.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इस हथकंडे से ऐसा लगता है कि पाकिस्तान अपने आतंकवादियों से भारत में हमला कराना चाहता है. पाकिस्तान को मुख्य मुद्दे से भटकाने वाले बयान देने की बजाए आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय, स्थिर कदम उठाना चाहिए.

भारत ने पाकिस्तान को होने वाले आतंकवादी घटनाओं को लेकर ठोस खुफिया जानकारी को साझा करने के लिए स्थापित कूटनीतिक, डीजीएमओ माध्यमों का प्रयोग करने की सलाह दी. इसके साथ ही भारत ने साफ किया कि हम सीमा पार से होने वाले किसी भी आतंकवादी हमले पर मजबूती से और निर्णायक प्रतिक्रिया देने का अधिकार रखते हैं.

बता दें, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने रविवार को कहा था कि देश के पास विश्वसनीय खुफिया जानकारी है कि भारत 16 से 20 अप्रैल के बीच एक और हमले की योजना बना रहा है.

शाह महमूद कुरैशी ने आरोप लगाया कि एक नए हादसे का ताना-बाना रचा जा सकता है और इसका मकसद पाकिस्तान के खिलाफ अपनी (भारत की) कार्रवाई को सही ठहराना और इस्लामाबाद के खिलाफ राजनयिक दबाव बढ़ाना होगा.

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों को पहले ही जानकारी दे दी है और इस्लामाबाद की आशंकाओं से उन्हें अवगत करा दिया गया है.

बता दें,  कश्मीर के पुलवामा जिले में 14 फरवरी को पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. उस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे.

बढ़ते आक्रोश के बीच, भारतीय वायुसेना ने आतंकवाद-रोधी अभियान के तहत 26 फरवरी को पाकिस्तान के अंदर बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया था. इसके बाद पाकिस्तान ने भारत में हमले की नाकाम कोशिश की थी. दोनों देशों के बीच तनाव का माहौल अभी भी बना हुआ है.

बीजेपी ने जारी किया घोषणा पत्र, किसानों को पेंशन,5 साल तक किसानों को नही देना होगा व्याज और कश्मीर से अनुच्छेद 35-ए हटाने का वादा

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। पार्टी ने इसेसंकल्प पत्र का नाम दिया है। इसमें देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर फोकस करते हुए 75 संकल्पों को रखा गया है। दावा किया गया कि इसे छह करोड़ लोगों की मदद से तैयार किया गया। इसे ‘संकल्पित भारत, सशक्त भारत’ नाम दिया गया है।इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत पार्टी के शीर्ष नेता मौजूद हैं। चुनाव आयोग के शेड्यूल के मुताबिक, 11 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होगा।
भाजपा के प्रमुख मुद्दे : यूनिफॉर्म सिविल कोड लाएंगे। सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल दोनों सदनों से पास कराएंगे और उसे लागू करेंगे, लेकिन किसी राज्य की संस्कृति और भाषाई पहचान को बचाएंगे। राम मंदिर के संकल्प को भी हम दोहराते हैं। हमारा प्रयत्न होगा कि राम मंदिर का जल्द से जल्द निर्माण हो जाए। कश्मीर से अनुच्छेद 35-ए हटाएंगे।
गांव-किसान : 25 लाख करोड़ रुपए ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में हम खर्च करेंगे। किसानों की आय को हम 2022 तक दोगुना करेंगे। 1 लाख तक जो क्रेडिट कार्ड पर ब्याज मिलता है 5 सालों तक उस पर ब्याज 0% होगा। आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के लिए हम संग्रहालय बनाएंगे।
बुनियादी सुविधा : प्रत्येक परिवार के लिए पक्का मकान, एलपीजी सिलेंडर मुहैया कराएंगे। सभी घरों का 100% विद्युतीकरण करेंगे। हाईवे दोगुने बनाएंगे। रेलवे में 2022 तक जितनी भी रेल पटरियां हैं। उन्हें ब्रॉड गेज में परिवर्तित करेंगे। सभी रेल लाइनों का पूरी तरह विद्युतीकरण करने की कोशिश करेंगे। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देंगे। सरकारी सेवाओं को डिजिटल बनाएंगे।
शिक्षा : मैनेजमेंट स्कूलों की सीटों की संख्या बढ़ाने की कोशिश करेंगे। इंजीनियरिंग में एक्सिलेंट संस्थाओं में सीटें बढ़ाएंगे, लॉ कॉलेजों में भी हम सीटें बढ़ाएंगे।
महिला : सेनाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। इसे अब हर क्षेत्र में बढ़ाएंगे। संविधान संशोधन कर संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
व्यापारी : राष्ट्रीय व्यापार आयोग बनाएंगे जो व्यापारियों और बिजनेसमैन की चिंता करेगा। दुकानदारों को 60 साल की उम्र के बाद पेंशन देंगे। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत की रैंक और बेहतर करेंगे। निर्यात दोगुना करेंगे। उद्योंगों के लिए एकल खिड़की और अनुपालना विभाग बनाने पर काम करेंगे।

भाजपा नेताओं से भी संबंध रहे हैं प्रवीण कक्कड़ के

भाजपा समर्थित कारोबारियों से हैं व्यापारिक और नजदीकी संबंध

इंदौर।

मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के इंदौर स्थित ठिकानों पर आज मुंहअंधेर इनकम टैक्स का छापा पड़ा। दिल्ली से आई 15 अफसरों की टीम कार्रवाई कर रही है। प्रवीण कक्कड़ कांग्रेस से ही नहीं जुड़े हैं, बल्कि भाजपा नेताओं से भी उनके मधुर संबंध रहे हैं।

जानकारी के अनुसार प्रवीण कक्कड़ का परिवार कई तरह के बिजनेस में शामिल है, जिसमें प्रापर्टी, बिल्डरशिप, शराब और सुरक्षा एजेंसी शामिल हैं। प्रवीण कक्कड़ के परिवार के सदस्यों का कई ऐसे व्यापारियों, प्रॉपर्टी डीलरों और शराब कारोबारियों के साथ संबंध भी सामने आया है, जो भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं या उनके सक्रिय सदस्य रहे हैं। प्रवीण कक्कड़ की पत्नी साधना कक्कड़ और बेटे सलिल कक्कड़ ऐसी कुछ कंपनियों में डायरेक्टर हैं, जिनसे भाजपा नेता भी जुड़े हैं। इन कंपनियों ने प्रदेश में भाजपा सरकार के दौरान खूब ग्रोथ की। भूरिया के बेटे विक्रांत भूरिया का भी प्रवीण कक्कड़ और सलिल कक्कड़ के साथ व्यापािरक संबंध है। विक्रांत भूरिया और सलिल कक्कड़ उर्वरक कंपनी में डायरेक्टर हैं।

कैलाश विजयवर्गीय से भी जुड़ाव

साधना कक्कड़ इंदौर के शरद बिल्डर्स से भी जुड़ीं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस कंपनी के दोनों अन्य डायरेक्टर शरद काले और कृष्णकांत गोयल भाजपा कार्यकर्ता रहे हैं। दोनों भारतीय जनता युवा मोर्चा में काम करते थे। दोनों को ही भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का करीबी माना जाता है।

सलिल कक्कड़ की शराब कंपनियों में भी हिस्सेदारी रही है। मालवा ब्रू एंड अल्कोहल से जुड़े, जिसे 2010 के दौरान मात्र 10 महीने में लाइसेंस मिल गया था। साथ ही सलिल कक्कड़ पिनेकल ब्रेवरीज एंड डिस्टिलरीज में भी जुड़े रहे हैं। कंपनी हरमिंदर सिंह भाटिया की है, जो कैलाश विजयवर्गीय और भाजपा विधायक रमेश मेंदोला के करीबी माने जाते हैं।कैंप

बॉम्बे हॉस्पिटल के सामने बीसीएम हाइट्स में भी प्रवीण कक्कड़ की भागीदारी है। इसका निर्माण भी कैलाश विजयवर्गीय के करीबी माने जाने वाले सुदीप चोरडिया ने किया था। सलिल कक्कड़ की सिक्योरिटी कंपनी थर्डआई और उर्वरक कंपनी के साथ शरद बिल्डर्स के दफ्तर भी यहीं हैं।

ग्वालियर से इंदौर जा रही इंटरसिटी के एस-7 कोच के पहिए अचानक जाम हो गए

शिवपुरी। ग्वालियर से इंदौर जा रही इंटरसिटी के एस-7 कोच के पहिए अचानक जाम हो गए। उनसे धुएं के साथ तेज चिंगारी निकलने लगी। यह देख यात्री घबरा गए और चेन पुलिंग कर ट्रेन को रुकवाया। घटना पाडरखेड़ा और मोहना के बीच बीती रात 11 बजे घटी। ट्रेन में सवार जीआरपी के रामकुमार शर्मा और नरेश ने ट्रेन के स्टाफ को मौके पर बुलाया और पहियों के आइसुलेट सिस्टम को गार्ड ने ठीक कर करीब एक घंटे बाद ट्रेन को शिवपुरी की ओर रवाना किया। इस घटना से यात्री घबरा गए थे। मामले की आरपीएफ एस एस भदौरिया ने पुष्टि की.

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की पहली बैठक में ही जूतमपैजार।



मुरैना। लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए कांग्रेस प्रत्याशी की मौजूदगी में मुरैना में बुलाई गई पहली बैठक में ही कार्यकर्ताओं में आपस में जूतमपैजार होने की खबर है।
पता चला है कि मुरैना लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी रामनिवास रावत की मौजूदगी में आज गोपालपुरा स्थित बाल निकेतन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक बैठक आयोजित की गई थी जिसमें चुनाव अभियान को शुरू करने पर चर्चा किया जाना था।बात किसी मुकाम पर पहुचती इससे पहले ही इस बैठक में कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। परस्पर वार्तालाप से शुरू हुई बात देखते ही देखते झगड़े में बदल गईऔर वहां मौजूद दो गुटों के बीच जमकर जूतमपेजार हुई ।झगड़े के बढ़ जाने पर पुलिस को बुलाया गया।बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से मामला बमुश्किल निपट सका।