जनता याद करने लगी है शिवराज सिंह के प़बंधन को, सिंधिया को भुगतना पड़ सकता है खामियाजा.


*ऐसा न हो आने वाले चुनाव में कोई पैदल वजीर को मात दे दे.
शिवपुरी मध्यप़देश की कांग़ेस सरकार के कुप़बंधन की शिकार जनता तीन महीने में ही शिवराज सिंह के प़बंधन को याद करने लगी है.
किसान सबसे ज्यादा परेशान है, और शिवराज के राज को याद कर रहा है.
गेंहूं की बंपर फसल आ चुकी है किसान के पास रखने को जगह नहीं रहती, किसान का गेंहूं हारवेस्ट हो चौड़े में पड़ा हुआ है लेकिन सरकार के द्वारा चालू किये जाने वाले तौल कांटों का कोई अता पता नहीं है, इसका लाभ ले मंडियों में व्यापारियों ने औने पौने दामों पर गेंहू की खरीद शुरु कर दी है और लूट जारी है.
दूसरी तरफ किसान को बैंकों से नोटिस पहुंचने शुरु हो गये हैं कर्ज माफी को लेकर किसान के साथ बड़ा धोखा कमलनाथ सरकार ने किया है, प़देश के जनमत को बदलने में सिंधिया जी का बड़ा हाथ रहा है आज उनको ही अपने क्षेत्र में इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है, जनता के विरोधी तेवर देखने को मिल रहे हैं और सिंधिया जी हैं कि असलियत देखना नहीं चाहते. ग़ामीण अंचलों में पेयजल समस्या भीषण रुप ले सकती है यदि समय रहते प़बंधन नहीं किया गया.
किसान कहता है न सोयाबीन का भावांतर का पैसा दिया, न कर्ज माफ हुआ, न समय पर उसकी रबी फसल को खरीदने की व्यवस्था है. हैंड पंप सूखते जा रहे, शिवपुरी शहर में भी जलसंकट व्याप्त है और सिंधिया जी हैं 370 का राग अलाप रहे, जनता को बुनियादी सुविधायें चाहिये न कि थोथी घोषनायें.
ऐसा न हो कि आने वाले चुनाव में कोई पैदल वजीर को मात दे दे.

▪बसपा के लोकसभा प्रत्याशी धाकड लोकेन्द्र सिंह राजपूत का तीन दिवसीय सघन जनसंपर्क कोलारस विधानसभा के अटलपुर गाँव से प्रारंभ.


▪संपूर्ण विधानसभा के गांव-गाँव मे जन संपर्क, पोलिग प्रभारी ,कार्यकर्ता की बैठक ली
शिवपुरी 5अप्रेल।बहुजन समाज पार्टी(बसपा)के लोकसभा प्रत्याशी धाकड लोकेन्द्र सिंह राजपूत ने आज कोलारस विधानसभा मे सघन जनसंपक गांव अटलपुर से प्रारंभ हुआ .संपूर्ण कोलारस विधानसभा के गांव गांव मे सघन जनसंपर्क,पोलिग प्रभारी,सेक्टर प्रभारी,कार्यकर्ताओ की बैठक हुई.बैठको को बसपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व लोक सभा प्रत्याशी प्रकाश धाकड, लोकसभा प्रभारी सुआलाल जाटव,ने भी संवोधित किया.
बसपा जिला अध्यक्ष धनिराम चोधरी ने जारी प्रेस नोट मे बताया कि 5अप्रेल को कोलारस विधानसभा मे आज से दोरा प्रारंभ हुआ. आज बदरबास,लुकवासा, खतोरा,इन्दार,रन्नौद, कोलारस,सेसई,मे कार्यकर्ता एवं पोलिग प्रभारी से मुलाकात करने के साथ मे गाँवो मे जन संपर्क किया .इसी तरह से 6अप्रेल को पिछोरविधानसभा मे पिछोर खनियांधाना, बामोर मे 7अप्रेल को शिवपुरी विधानसभा मे भी सघन जनसंपर्क करेगे.
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देश का मूड जानो।। करुणेश शर्मा की एक मुलाकात श्री जगमोहन सिंह सेंगर जी से…

आज हम देश का मूड जानो कार्यक्रम में आपकी मुलाकात शिवपुरी जिले के विख्यात नेता व पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्री जगमोहन सिंह सेंगर जी से करवा रहे हैं।

वीडियो देखे

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https://youtu.be/n4rgdkZ0xXU

जगमोहन सिंह सेंगर से एक मुलाकात करुणेश शर्मा और लोकेश शर्मा के साथ साबिर खान की रिपोर्ट।।

शिवपुरी सिद्धेश्वर मेलाा अधर में बाहर के व्यापारी परेशान.

एडीएम से, बोले परेशान हो रहे, नपा नहीं दे रही ध्यान

शिवपुरी।

प्राचीन व ऐतिहासिक श्री सिद्धेश्वर मेला अब तक चालू नहीं हो सका है। हर साल महाशिवरात्रि पर भूमिपूजन के बाद लगने वाले इस मेले में यूपी, छत्तीसगढ़, मुरादाबाद से व्यापारी 15 दिन पहले आ गए, लेकिन नपा के कर्णधार अब तक मेले की शुरूआत नहीं करा सके हैं। आपसी गुटबाजी और मनमर्जी के फेर में बाहर के करीब एक सैकड़ा से ज्यादा दुकानदार मेले में आकर परेशानी अनुभव कर रहे हैं। गुरुवार को ये सभी दुकानदार एकराय होकर पहले नपा गए, जहां स्वास्थ्य अधिकारी गोविंद भार्गव को अपनी परेशानी से अवगत कराया। कलेक्टर अनुग्रह पी से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन लगातार बैठकों के क्रम में उनकी मुलाकात बाद में एडीएम रंजीत सिंह बालोदिया से हुई, जिन्हें दुकानदारों ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि नपा ने अब तक मेला शुरू नहीं कराया है। हम मजबूर होकर अपने शहर वापस जाना चाहते हैं। इस पर एडीएम ने भरोसा दिलाया कि आज ही उनकी परेशानी दूर कर दी जाएगी। इधर नपा सीएमओ केके पटेरिया ने कहा कि वे इस मामले में निवार्चन कार्यालय से अनुमति के बाद ही मेला लगने या न लगने की बात कह सकते हैं। सवाल ये है कि अगर मेला चुनाव की आचार संहिता के बाद लगाने की कवायद होती तब तो ठीक था, लेकिन उसके पहले से मेले का आयोजन तय होने के बावजूद मेला अब तक नहीं लगाया गया। वहीं दुकानदारों को भी परेशानी में डालकर रख दिया है। करीब 50 साल से लगते चले आ रहे इस मेले के आयोजन के पहली बार न लगने के हालात बनते दिखाई दे रहे हैं।

नपा नहीं दे रही बिजली, पानी

मेले में आए दुकानदारों ने अपनी दुकानें भी नगर पालिका के आश्वासन के बाद लगा लीं थीं। दिन पर दिन गुजरते गए, लेकिन न तो नगर पालिका ने दुकानदारों को बिजली सुविधा उपलब्ध कराई और न ही पेयजल। इस हालत में दुकानदार परेशानी से जूझ रहे हैं। मेला दुकानदारों का कहना है कि उन्हें रोज मेला शुरू होने का आश्वासन दे दिया जाता है।

आचार संहिता के पहले लगाए टेंडर

आचार संहिता लागू होने के पहले परिषद की बैठक में तय हुआ था कि मेला इस बार ठेके पर नहीं लगेगा, बल्कि उसे नपा आयोजित करेगी। टेंडर भी उसी समय हो गए, लेकिन जब दुकानदार शिवपुरी आए और मेले में दुकानें लगा ली गईं, तब उन्हें मेला शुरू करने नहीं दिया जा रहा।

कुछ ट्रक भरकर ले गए सामान

मेले में आए दुकानदार भारी परेशानी में हैं। उन्हें भाड़ा चुकाकर शिवपुरी मेले में आना पड़ा। इसके बाद मेला शुरू नहीं हुआ तो करीब आठ दुकानदार दुकानें मेले से समेंट कर चले गए हैं। बाकी के दुकानदारों का कहना है कि अगर एक दो दिन में मेला शुरू नहीं कराया गया तो वे भी वापस लौट जाएगें, क्योंकि को लगवाने के बाद भी अब तक नपा ने दुकानों का आवंटन नहीं किया है।

दूरदराज से आते हैं लोग

मेले में दुरदराज के लोग मेला देखने आते रहे हैं। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम के अलावा कवि सम्मेलन, कव्वाली, मुशायरा आयोजित होता है तो वहीं रामचरितमानस से मेले की शुरूआत होती रही है। इसलिए मेले में आकर्षण बना रहता है। बच्चों की परीक्षा के बाद आयोजित होने के चलते यह मेला उनके बीच भी आकर्षण का केन्द्र रहता आया है।

मुख्य सड़क तक बदहाल

मेले में जहां दुकानदार परेशान हैं। वहीं अब तक विष्णु मंदिर से चिंताहरण तक भी सड़क का निर्माण नहीं किया गया है। लोगों का कहना है कि इस सड़क की खुदाई के साथ-साथ खराब हालत में पड़ी इस सड़क पर पैदल तक नहीं चल पा रहे हैं। इसकी वजह से कई लोग दुर्घटना का भी शिकार हो चुके हैं। मेला देखने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ेगी।

प़देश के सवा सौ करोड़ मतदाताओं को वितरित की जायेगी वोटर मार्गदर्शिका.

शिवपुरी | 04-अप्रैल-2019 लोकसभा निर्वाचन-2019 में प्रदेश के प्रत्येक परिवार के लिये मतदाता मार्गदर्शिका (वोटर गाइड) तैयार की गई है, जो निर्वाचन से पूर्व मध्यप्रदेश के लगभग एक करोड़ 25 लाख परिवारों को घर-घर जाकर बीएलओ (बूल लेवल ऑफिसर) के माध्यम से वितरित की जाएगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री व्ही.एल. कान्ता राव ने आज ‘मतदाता मार्गदर्शिका’ (वोटर गाईड) का विमोचन किया।
यह वोटर गाइड प्रदेश में होने वाले चार चरण के निर्वाचन को देखते हुए चार पृथक-पृथक रंगों में प्रकाशित की गई है। सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा और निर्वाचक सहभागिता (स्वीप) की दृष्टि से मतदाताओं को जागरूक करने और निर्वाचन प्रक्रिया से भलीभॉंति अवगत कराने के लिये मतदाता मार्गदर्शिका का वितरण किया जाएगा।
‘मतदाता मार्गदर्शिका’ के माध्यम से मतदाताओं को विभिन्न जानकारियां प्राप्त होगी। इसमें मतदाता सूची में अपने नाम का सत्यापन करने संबंधी, मतदान दिवस एवं समय, मतदान की प्रक्रिया, ई.व्ही.एम. और व्ही.व्ही.पैट के माध्यम से वोट देने की जानकारी, मतदान केन्द्रों पर उपलब्ध सुविधाएँ, मतदान केन्द्रों पर पहचान के लिये प्रयोग किये जाने वाले दस्तावेजों एवं मतदाता को जानकारी लेने के लिये उपलब्ध व्यवस्थाएँ- वेबसाइट, टोल फ्री नम्बर इत्यादि की जानकारियाँ सम्मिलित हैं.

नवरात्रि पर्व केे शुभ महुरत ,कलश स्थापना विधि.

चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना 2019
6 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि पर्व का शुभारम्भ हो रहा है। देवी आराधना का यह पर्व नवरात्रि साल में चार बार मनाई जाती है। परंतु दो नवरात्र गुप्त होती है।आम तौर पर दो नवरात्रियां जनमानस में प्रचलन हैं पहला चैत्र और दूसरा शारदीय नवरात्रि। नौ दिनों तक शक्ति की उपासना देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों के रूप में की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना होती है फिर नौ दिनों तक देवी के नौ रूपों की विशेष पूजा और आराधना होती है। कलश स्थापना कर नवरात्रि पर समस्त देवीय शक्तियों का आह्रान कर उन्हें सक्रिय किया जाता है।

कलश स्थापना विधि
नवरात्रि पर कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। कलश स्थापना करते ही नवरात्रि का पवित्र पर्व शुरू हो जाता है। घटस्थापना करते समय मिट्टी में धान बोए जाते हैं। इसके बाद गंगाजल, चंदन, फूल, दूर्वा, अक्षत, सुपारी और सिक्के कलश में रखें। कलश स्थापना के लिए एक लकड़ी का पाटा लें और उस पर नया लाल कपड़ा बिछाएं। इसके बाद नारियल और कलश पर मौली बांधे, रोली से कलश पर स्वास्तिक बनाएं। वहीं कलश में शुद्ध जल और गंगा जल रखें।

*घटस्थापना शुभ मूहूर्त
*6 अप्रैल 2019 दिन – शनिवार
*सुबह- 7:30 से 9:00
*दोपहर: 1:30 से 3:00

इस चैत्र नवरात्रि 2019 की खास बातें-
इस बार चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन अष्टमी और नवमी एक साथ मनाई जाएंगी।
14 अप्रैल को राम नवमी पर इस बार पुष्य नक्षत्र योग का संयोग बन रहा है। भगवान राम का जन्म पुष्य नक्षत्र में ही हुआ था।
*चैत्र नवरात्रि अष्टमी के दिन ही सुबह 8 बजकर 19 मिनट को नवमी तिथि प्रारंभ होगी, जो अगले दिन सुबह 6 बजकर 4 मिनट तक रहेगी।*
भगवान राम का जन्म पुष्य नक्षत्र में दोपहर को हुआ था इसलिए राम नवमी अष्टमी के दिन मनाना शुभ रहेगा।
चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ पर गुड़ी पड़वा और नव संवत्सर 2076 शुरू होगा।
इस बार चैत्र नवरात्रि रेवती नक्षत्र के साथ शुरू हो रही है।
9 दिनों के इस चैत्र नवरात्रि में पांच बार सर्वार्थ सिद्धि और दो बार रवियोग आएगा। जो ज्योतिष दृष्टि से बहुत ही शुभ माना गया है।
देवी भागवत पुराण के अनुसार पूरे वर्ष में चार नवरात्रि मनाई जाती हैं जिनमें दो गुप्त नवरात्रि सहित शारदीय नवरात्रि और बासंती नवरात्रि जिसे चैत्र नवरात्रि कहते हैं शामिल हैं। दरअसल ये चारों नवरात्रि ऋतु चक्र पर आधारित हैं और सभी ऋतुओं के संधिकाल में मनाई जाती हैं। शारदीय नवरात्रि वैभव और भोग प्रदान करने वाली है। गुप्त नवरात्रि तंत्र सिद्धि के लिए विशेष है जबकि चैत्र नवरात्रि आत्मशुद्धि और मुक्ति के लिए। वैसे सभी नवरात्रि का आध्यात्मिक दृष्टि से अपना महत्व है। *आध्यात्मिक दृष्टि से देखें तो यह प्रकृति और पुरुष के संयोग का भी समय होता है। प्रकृति मातृशक्ति है इसलिए इस दौरान देवी की पूजा होती है।।

गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि *संपूर्ण सृष्टि प्रकृतिमय है और वह सिर्फ पुरुष हैं। यानी हम जिसे पुरुष रूप में देखते हैं वह भी आध्यात्मिक दृष्टि से प्रकृति यानी स्त्री रूप है। स्त्री से यहां मतलब यह है कि जो पाने की इच्छा रखने वाला है वह स्त्री है और जो इच्छा की पूर्ति करता है वह पुरुष है।* ज्योतिष की दृष्टि से चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है क्योंकि *इस नवरात्रि के दौरान सूर्य का राशि परिवर्तन होता है। सूर्य 12 राशियों में भ्रमण पूरा करते हैं और फिर से अगला चक्र पूरा करने के लिए पहली राशि मेष में प्रवेश करते हैं। सूर्य और मंगल की राशि मेष दोनों ही अग्रि तत्व वाले हैं इसलिए इनके संयोग में गर्मी की शुरूआत होती है।*

चैत्र नवरात्रि से नववर्ष के पंचांग की गणना शुरू होती है। इसी दिन से वर्ष के राजा, मंत्री, सेनापति, वर्ष कृषि के स्वामी ग्रह का निर्धारण होता है और वर्ष में अन्न, धन, व्यापार और सुख शांति का आकलन किया जाता है। नवरात्रि में देवी और नवग्रहों की पूजा का कारण यह भी है कि ग्रहों की स्थिति पूरे वर्ष अनुकूल रहे और जीवन में खुशहाली बनी रहे। *धार्मिक दृष्टि से नवरात्रि का अपना अलग ही महत्व है क्योंकि इस समय आदिशक्ति जिन्होंने इस पूरी सृष्टि को अपनी माया से ढका हुआ है जिनकी शक्ति से सृष्टि का संचालन हो रहा है जो भोग और मोक्ष देने वाली देवी हैं वह पृथ्वी पर होती हैं।* इसलिए इनकी पूजा और आराधना से इच्छित फल की प्राप्ति अन्य दिनों की अपेक्षा जल्दी होती है।चैत्र नवरात्रि का धार्मिक दृष्टि से खास महत्व है क्योंकि *चैत्र नवरात्रि के पहले दिन आदिशक्ति प्रकट हुई थीं और देवी के कहने पर ब्रह्मा जी ने सृष्टि के निर्माण का काम शुरू किया था।* इसलिए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष शुरू होता है।