➖➖➖➖ बसपा के लोकसभा प्रत्याशी धाकड लोकेन्द्र सिंह राजपूत का तीन दिवसीय सघन जनसंपर्क 5,6,7 अप्रेल को तीन विधानसभा मे. ➖➖➖➖➖➖➖➖




शिवपुरी 4 अप्रेल।बहुजन समाज पार्टी(बसपा)के लोकसभा प्रत्याशी धाकड लोकेन्द्र सिंह राजपूत का शिवपुरी जिले की तीन विधानसभा कोलारस,पिछोर, शिवपुरी मे सघन जनसंपर्क के साथ ही पोलिंग प्रभारीओ की बैठक भी लेगे.
बसपा जिला अध्यक्ष धनिराम चोधरी ने जारी प्रेस नोट मे बताया कि 5अप्रेल को कोलारस विधानसभा मे म्यानां से दोरा प्रारंभ होगा. बदरबास,लुकवासा, खतोरा,इन्दार,रन्नौद, कोलारस,सेसई,मे कार्यकर्ता एवं पोलिग प्रभारी से मुलाकात करने के साथ मे गाँवो मे जन संपर्क करेगे.इसी तरह से 6अप्रेल को पिछोरविधानसभा मे पिछोर खनियांधाना, बामोर मे 7अप्रेल को शिवपुरी विधानसभा मे भी सघन जनसंपर्क करेगे.


भारत चार साल में तैयार कर लेगा हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल

ध्वनि से पांच गुना तेज रफ्तार से भागने वाली हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइलों को डीआरडीओ अगले चार साल में तैयार कर लेगा। अभी दुनिया के किसी भी देश के पास ऐसी मिसाइल नहीं है। भारत के अलावा अमेरिका, चीन और रूस भी इन मिसाइलों पर काम कर रहे हैं। डीएमएसआरडीई में आयोजित वैज्ञानिक सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि आए डीआरडीओ के नेवल सिस्टम के महानिदेशक डॉ. एसवी कामत ने बुधवार को ये जानकारियां दीं।

डॉ. कामत ने बताया कि डीआरडीओ सात क्लस्टर में विभाजित है और संगठन के 52 लैब हैं। भविष्य के रक्षा व मारक हथियारों के बारे में उन्होंने बताया कि हाइपरसोनिक मिसाइलों पर काम तेजी से हो रहा है। ध्वनि की रफ्तार से पांच गुना ज्यादा क्षमता की मिसाइल बनाने के लिए ऐसे मैटैरियल तैयार किए गए हैं, जो 1500 डिग्री सेल्सियस का तापमान भी आसानी से झेल लें। साथ में उनका वजन कम हो ताकि वायुमंडल के दाब को आसानी से झेल ले।
खासियत
हवा से 5 गुना तेज होगी इस मिसाइल की रफ्तार
अभी तक किसी देश के पास नहीं है ऐसी मिसाइल
1500 डिग्री सेल्सियस का तापमान भी झेल सकेगी

ये भी कर रहे काम
अमेरिका, चीन व रूस भी ऐसी मिसाइल बनाने में जुटे
दुश्मन की पनडुब्बियां ढूंढने वाले ‘सोनार’ तैयार
डीएमएसआरडीई के एडीश्नल कमिश्नर डॉ. डीएन त्रिपाठी के साथ डीआरडीओ के महानिदेशक डॉ. कामत ने बताया कि नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए नए ‘सोनार’ बनाए जा रहे हैं। समंदर की गहराइयों में रडार आदि कोई भी निगरानी सिस्टम काम नहीं कर सकता। वहां दुश्मन की पनडुब्बियों पर नजर केवल ‘सोनार’ सिस्टम रख सकता है क्योंकि पनडुब्बियों की पहचान केवल उनकी आवाज से की जा सकती है। ‘सोनार’ भी दुश्मन की पनडुब्बियों को इंजन की आवाज के आधार पर पहचान करता है।

टारपीडो भी भारत ने बनाए
भारत दुनिया के उन पांच देशों में शामिल हो गया है जो खुद टारपीडो बना रहे हैं। टारपीडो यानी समंदर के अंदर पनडुब्बियों को तबाह करने वाली बेहद हाइटेक मिसाइल। पानी के अंदर गन और गोला बारूद काम नहीं करते। टारपीडो की मारक क्षमता और ताकत उसकी बैटरी होती है। लीथियम आयन की बैटरी की ताकत 10 सी होती है। यूं समझ लीजिए कि बड़े से बड़े मोटर वाहनों के लिए केवल 1-सी ताकत की बैटरी पर्याप्त है। टारपीडो की बैटरी की ताकत को कई गुना बढ़ाया जा रहा है।

उप्र: चुनाव से पहले कांग्रेस और SP-BSP गठबंधन को बड़ा झटका, कई नेता बीजेपी में शामिल

लखनऊ: लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और गठबंधन को बुधवार को बड़ा झटका दिया है। विपक्षी दलों के कई प्रमुख नेता प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हो गए। इन नेताओं में बसपा के सांसद रहे सुरेश पासी और कांग्रेस के तिलोई से दो बार विधायक रहे डॉ. मुस्लिम प्रमुख रूप से शामिल हैं।

पूर्व बसपा सांसद सुरेश पासी और कांग्रेस के पूर्व विधायक डॉ. मुस्लिम ने यहां भाजपा मुख्यालय में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसके अलावा कन्नौज से 2014 में बसपा प्रत्याशी रहे निर्मल तिवारी भी भाजपा में शामिल हो गए। इसके साथ ही सपा के पूर्व राज्य मंत्री (दर्जा प्राप्त) नित्यानंद शर्मा और बसपा के पूर्व महासचिव सीतापुर के रामनरेश भारतीय ने भी भाजपा का दामन थाम लिया।

भाजपा में शामिल होने वाले अन्य नेताओं में रालोद के प्रदेश महामंत्री व बुलंदशहर के दो बार जिला अध्यक्ष रहे राजीव चौधरी, बॉलीवुड अभिनेता मुजफ्फरनगर के मुकेश त्यागी, बसपा के चित्रकूट विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी पंडित जगदीश गौतम, लखनऊ के सामाजिक कार्यकर्ता अनिल कपूर, प्रतापगढ़ की पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुसुम सिंह, सपा के पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अलीगढ़ के लक्ष्मी नारायण गांधी (कुशवाहा), सपा की युवजन सभा के नेता धर्मेश शर्मा, अलीगढ़ शहर से सपा के पूर्व प्रत्याशी रमेश पाडेय, बसपा की अलीगढ़ भाईचारा कमेटी के संयोजक पंडित शिव प्रकाश पालीवाल, बसपा के आगरा, अलीगढ़ मंडल के जोनल समन्वयक अजयशील गौतम, कांग्रेस के अलीगढ़ के पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र भारद्वाज शामिल हैं।
इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पांडेय ने सभी नेताओं को पार्टी की पट्टिका पहनाई, और उन्होंने कहा कि ये सभी नेता प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा परिवार में शामिल हुए हैं।

मायावती ने PM बनने की महत्वाकांक्षा का दिया संकेत, जरा इस बयान पर गौर कीजिए

विशाखापत्तनम: बसपा प्रमुख मायावती ने प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा का संकेत देते हुए बुधवार को कहा कि ‘‘अगर अवसर मिलता है’’ तो वह केंद्र में ‘‘सबसे बढ़िया सरकार’’ देने में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में मिले अनुभव का प्रयोग करेंगी। उन्होंने कहा कि वह चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं।

एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बहुत अधिक अनुभव है। मैं इस तजुर्बे का इस्तेमाल केंद्र में और लोगों के कल्याण के लिए करूंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर हमें केंद्र में अवसर मिलता है, हम उप्र के तरीके को अपनायेंगे और सभी दृष्टिकोणों से सबसे बढ़िया सरकार देंगें। सभी स्तरों पर एक अच्छी सरकार।’’ जब उनसे पूछा गया कि वह प्रधानमंत्री बनना चाहेंगी तो उन्होंने कहा, चीजें तब स्पष्ट होंगी जब 23 मई को आम चुनावों के परिणाम आ जाएंगे।

बसपा, आंध्रप्रदेश में लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव में जन सेना, माकपा और भाकपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ रही है। बसपा राज्य की 25 लोकसभा सीटों में से तीन एवं विधानसभा की 175 सीटों में से 21 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। जन सेना पार्टी प्रमुख पवन कल्याण भी इस अवसर पर मौजूद थे।
मायावती ने कहा कि लोग राष्ट्रीय स्तर पर ‘बदलाव चाहते’ है। उन्होंने बताया कि साल 2014 के चुनावों में उनकी पार्टी वोट शेयर के मामले में भाजपा और कांग्रेस के बाद तीसरे स्थान पर थी। जब उनसे पूछा गया कि क्या एक ‘तीसरे मोर्चे’ की जरूरत है, तो बसपा प्रमुख ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद यह स्पष्ट होगा। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि उनका राज्य में हुआ गठबंधन आंध्रप्रदेश में सरकार बनाएगा और पवन कल्याण उसके मुख्यमंत्री होंगे।

लोकसभा चुनाव: 2004 की गलती को नहीं दोहराएगी बीजेपी, 2019 चुनाव में लिया ये सबक

कई विपक्षी दलों का ऐसा मानना है और भारतीय जनता पार्टी के भी कुछ नेताओं को भी इस बात की आशंका है कि 2019 के लोकसभा चुनाव नतीजे 2004 की तरह झटके वाले हो सकते हैं। 2004 के आम चुनाव के वक्त अटल बिहारी वाजपेय काफी लोकप्रिय थे। बीजेपी की तरफ से जमकर प्रचार किया जा रहा था। विपक्षी दल हाशिए पर दिख रहे थे।

उसके बाद, कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर केन्द्र में उभरी और यूपीए ने स्वरूप लिया और बीजेपी को एक दशक तक सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

पन्द्रह वर्ष बाद, मोदी लोकप्रिय हैं और बीजेपी के लोग और संगठन उनकी दोबारा वापसी को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं। जबकि, विपक्षी दल सरकार की खामियां गिनाने के साथ अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत की है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या देश की जनता मौजूदा सरकार को बाहर का रास्ता दिखाएगा?

इस चुनाव के नतीजे के बारे में वास्तविक तौर पर फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन, बीजेपी 2004 के अनुभव के बाद काफी फूंक-फूंक कर कदम आगे बढ़ा रही है। यही वजह है कि पिछले अनुभवों के आधार पर इस चुनाव में उसने कई सबक लिये हैं।

शालीनता का अभाव

बीजेपी ऐसा मानती है कि 2003 के आखिर में राजस्थान, मध्य प्रदेश (एमपी) और छत्तीसगढ़ में मिली जीत ने पार्टी के अंदर आदर भाव को खत्म कर दिया था। आलम ये हो गया था कि इस जीत के बाद स्व. प्रमोद महाजन ने उस वक्त तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समय पूर्व चुनाव कराने की सलाह दे डाली। लेकिन, यह कदम उनके लिए आसान नहीं रहा। वाजपेयी की लोकप्रियता से लबरेज पार्टी ने समय काफी पहले चुनाव कराए। बीजेपी ने सोनिया गांधी को विपक्ष के तौर पर गंभीरता से नहीं लिया था।
लेकिन, इस समय की बात करें तो 2018 के विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद बीजेपी सतर्क है। यही वजह है कि उसने एक के बाद एक कई कदम उठाए, जैसे- आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण के साथ किसानों की आय का समर्थन किया।

इसने सहयोगी दलों की अहमियत को पहचाना और गठबंधन पर ध्यान केन्द्रित किया, चुनाव प्रचार में जोर लगाया और औपचारिक तौर पर चुनावों की घोषणा से कई हफ्ते पहले ही मोदी को कैंपेन में उतारा।

आरएसएस के साथ तालमेल

ऐसा माना जा रहा है कि 2004 के वक्त राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ इतना ज्यादा उत्साहित नहीं था। संघ नेतृत्व और वाजपेयी के बीच मतभेद जगजाहिर था। संघ कैडर के लोग बीजेपी की सत्ता में वापसी को लेकर सक्रियता से काम नहीं किया था। लेकिन, इस वक्त आरएसएस और उसके अन्य शाखाओं ने ने सरकार के साथ बेहद करीबी तालमेल के साथ काम किया है।

बीजेपी के एक शीर्ष नेता ने हालांकि इस तरह के विचार को खारिज करते हुए कहा- “यह सच नहीं है कि संघ ने काम नहीं किया। लेकिन, तालमेल का मुद्दा था।”

देशद्रोह के आरोपियों को संसद में प्रवेश करने की इजाजत नहीं होनी चाहिए: संजय राउत

शिवसेना सांसद संजय राउत ने बुधवार को कहा कि ऐसे लोगों को संसद में प्रवेश करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए जिन पर देशद्रोह जैसे गंभीर आरोप हैं। शिवसेना नेता को उनकी इस टिप्पणी के लिए चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है कि बिहार में बेगूसराय निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ रहे भाकपा उम्मीदवार कन्हैया कुमार को किसी भी कीमत पर हराया जाना चाहिए। उन्होंने यहां पीटीआई से बातचीत करते हुए कहा कि ऐसे गंभीर आरोप तभी लगाए जाने चाहिए जब इसके लिए ठोस सामग्री हो।

राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा कि देशद्रोह जैसे गंभीर प्रकृति के मामले तभी होने चाहिए जब गंभीर गलती को साबित करने के लिए पर्याप्त जानकारी हो। जब सरकार किसी के खिलाफ इस तरह का रुख अपनाती है, तो चुनाव आयोग और उच्चतम न्यायालय को संज्ञान लेना चाहिए तथा ऐसे व्यक्तियों को संसद में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है और वही नियम कन्हैया कुमार के लिए क्यों नहीं लागू किया गया है। राउत ने कहा कि व्यक्ति की जाति, धर्म, विचारधारा या पार्टी कुछ भी हो लेकिन यदि अगर राजद्रोह का आरोप लगाया जाता है, तो ऐसे लोगों को संसद में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। मुंबई के जिला निर्वाचन अधिकारी ने कन्हैया कुमार के खिलाफ टिप्पणी को लेकर सोमवार को राउत को नोटिस दिया।

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक राउत ने अपने साप्ताहिक कॉलम में लिखा था कि कन्हैया कुमार को हराया जाना चाहिए, भले ही केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को यह सुनिश्चित करने के लिए ”ईवीएम” के साथ छेड़छाड़ करनी पड़े। नोटिस के बारे में पूछने पर राउत ने कहा कि वह आने वाले समय में इसका जवाब देंगे।

68500 सहायक शिक्षक भर्ती : सफल अभ्यर्थियों को दो माह में नियुक्ति का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 68500 सहायक शिक्षक भर्ती में पुनर्मूल्यांकन चार्ट पेश किए जाने के बाद सफल सैकड़ों याचियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी इलाहाबाद को नए सिरे से अंक पत्र जारी कर दो माह में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। कट ऑफ मार्क्स 67 अंक या अधिक पाने वाले सभी याचियों को कोर्ट ने दो माह में नियुक्ति देने का आदेश देते हुए याचिकाएं निस्तारित कर दी हैं। .

यह आदेश जस्टिस प्रकाश पाडिया ने अनिरुद्ध नारायण शुक्ल व अन्य की याचिकाओं को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता आरके ओझा व अधिवक्ता शिवेंद्र ओझा ने बहस की। अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता अमित मनोहर सहाय ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से पुनर्मूल्यांकन का चार्ट दाखिल किया। जिसमें याची को 66 की बजाय 67 अंक, रितु वर्मा को 65 की बजाय 68 अंक, विनय कुमार मिश्र को 66 की बजाय 67 अंक मिले हैं। ऐसे ही कई याचियों को कट ऑफ मार्क्स से अधिक अंक मिले हैं। कोर्ट ने सभी को नए अंकपत्र जारी कर दो माह में नियुक्ति का आदेश दिया है। .

अलका लांबा ने लोगों से पूछा कि क्या उन्हें आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देना चाहिए

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) की नाराज विधायक अलका लांबा ने बुधवार को जामा मस्जिद के बाहर के लोगों से पूछा कि क्या उन्हें आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि “पार्टी के लोग” उनके इस्तीफे की बार-बार मांग कर रहे हैं। आप विधायक सौरभ भारद्वाज सौरभ ने उन्हें पार्टी से इस्तीफा देने का ताना दिया था।

चांदनी चौक से विधायक अलका ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी बार-बार उनके इस्तीफे की मांग कर रही है और वह इस बारे में लोगों से राय लेना चाह रही थीं।

लांबा ने कहा “मैं बीजेपी के खिलाफ लड़ रही हूं लेकिन कुछ लोग मेरे खिलाफ लड़ रहे हैं। मेरी पार्टी के लोग मुझसे बार-बार इस्तीफा देने के लिए कह रहे हैं। मैं जानना चाहती हूं कि मेरी गलती क्या है। मुझे इस्तीफा क्यों देना चाहिए? मैं चाहती हूं कि मेरे निर्वाचन क्षेत्र चांदनी चौक के लोग तय करें कि मुझे ‘आप’ से इस्तीफा देना चाहिए या नहीं।”

कांग्रेस ने नौ और उम्मीदवारों की घोषणा की, अमित शाह के खिलाफ ये होंगे मैदान में

अहमदाबाद: कांग्रेस ने गुजरात की गांधीनगर लोकसभा सीट पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ अपने विधायक सी जे चावड़ा को चुनाव मैदान में उतारने के साथ नौ अन्य उम्मीदवारों की भी घोषणा की। विपक्षी पार्टी ने मंगलवार देर रात नामों की एक सूची जारी की थी जिसमें चावड़ा समेत चार और उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। बुधवार रात छह अन्य उम्मीदवारों के नामों का भी ऐलान किया गया। इसी के साथ कांग्रेस ने अब तक गुजरात में लोकसभा की 26 सीटों में से 24 पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। यहां नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख चार अप्रैल है।

,राज्य में लोकसभा की सभी 26 सीटों पर चुनाव 23 अप्रैल को होने हैं और परिणामों की घोषणा 23 मई को होगी। गांधीनगर-उत्तर विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे चावड़ा ने कहा है कि वह शाह को कड़ी टक्कर देंगे। कांग्रेस ने पाटीदार आंदोलन समिति की समन्वयक तथा कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल की करीबी माने जाने वाली गीता पटेल को भी अहमदाबाद-पूर्व लोकसभा सीट से टिकट दिया है। कांग्रेस ने लिंबड़ी से पार्टी विधायक सोमा पटेल को सुंदरनगर सीट पर भाजपा के महेंद्र मुंजपाड़ा के खिलाफ उतारा है।

साथ ही कांग्रेस ने जामनगर सीट से मुरुभाई कंदोरिया को भाजपा की पूनम मदाम के खिलाफ उतारा है। इससे पहले जामनगर सीट से पार्टी के नेता हार्दिक पटेल चुनाव लड़ने की योजना बना रहे थे। कांग्रेस ने बुधवार रात जारी सूची में विधानसभा में विपक्ष के नेता परेश धनानी को अमरेली से अपना उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने भाजपा के पूर्व नेता पार्थी भटोल को बनासकांठा से, मोदासा से मौजूदा विधायक राजेंद्र ठाकोर को साबरकांठा से और मनाहर पटेल को भावनगर से उतारा है।

कांग्रेस ने भाजपा छोड़ पार्टी में शामिल विमल शाह को खेड़ा से और अशोक अधेवड़ा को सूरत से उतारा है। भाजपा ने अब तक 25 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है और अहमदाबाद-पूर्व सीट से उम्मीदवार का ऐलान अब भी बाकी है। गुजरात में 2014 में भगवा पार्टी ने सभी 26 सीटों पर जीत हासिल की थी।