लोकसभा चुनाव 2019: मध्य प्रदेश में अब RSS ने संभाला मोर्चा

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार के बाद लोकसभा में बीजेपी की साख बचाने की जिम्मेदारी फिर संघ के जिम्मे है. संघ ने लोकसभा के सियासी समीकरणों को समझते हुए प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर अपने पदाधिकारियों की ड्यूटी लगाई है.

दरअसल, इस मुहिम में संघ से जुड़े अनुषांगिक संगठनों के ज्यादातर बड़े नाम शामिल हैं. जो हर लोकसभा सीट पर जाकर एक और बीजेपी के पक्ष में माहौल तैयार करेंगे तो दूसरी और विधानसभा में हार की सबसे बड़ी वजह भीतरघात और बगावती सुरों को साधने की कोशिश करेंगे.

संघ ने विधानसभा के वक्त मंत्रियों को ये जिम्मेदारी थी वो डैमेज कंट्रोल करें लेकिन वो उसमें नाकाम रहे. हार के चलते संघ ने अब खुद जिम्मा उठाया है और वो डैमेज कंट्रोल के साथ ही एनजीओ से मुलाकात कर बीजेपी के पक्ष में माहौल भी तैयार कर रहे हैं. नोटा को लेकर भी संघ घर घर जाकर नोटा बटन न दबाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहा है. क्योंकि विधानसभा में नोटा ने बीजेपी के कई दिग्गजों का खेल बिगाडा़ था.

,कहां किसकी ड्यूटी

-रीवा में विद्या भारती के पूर्व प्रांत सचिव संतोष अवधिया को जिम्मा

  • सागर में विभाग कार्यवाहक डॉ सुशील भार्गव
  • दमोह में भारतीय किसान संङ के पदाधिकारी भरतजी
  • सीधी में जिला संघ चालक पुष्पराज सिंह
  • सतना में प्रांत संघ चालक उत्तम बनर्जी
  • शहडोल में विभाग कार्यवाहक अजय दास
  • तो मंदसौर में विभाग प्रचारक योगेश शर्मा को मिली जिम्मेदारी

वहीं संघ के बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने को लेकर पार्टी का कहना है कि संघ स्वयं सेवी संगठन है जो कभी राजनीति नहीं बल्कि लोगों को जागरुक करने का काम करता है. तो वहीं कांग्रेस ने इस मामले में संघ को आड़े हाथ लिया है. कांग्रेस का कहना है कि संघ कहने मात्र को स्वयंसेवी है लेकिन काम बीजेपी के करता है और अगर संघ को बीजेपी का प्रचार है करना है था जो उसे खुद अब चुनावी मैदान में आ जाना चाहिए.

ज्योतिरादित्य की सीट पर प्रचार कमान संभालेंगी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया

ज्योतिरादित्य सिंधिया की गैरमौजूदगी में प्रियदर्शिनी पार्टी के पक्ष में प्रचार करेंगी. वे 6 से 10 अप्रैल तक पन्ना प्रभारियों के साथ बैठक करेंगी.

मध्य प्रदेश की गुना शिवपुरी सीट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया प्रचार कमान संभालेंगी. दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया की गैरमौजूदगी में प्रियदर्शिनी पार्टी के पक्ष में प्रचार करेंगी. वे 6 से 10 अप्रैल तक पन्ना प्रभारियों के साथ बैठक करेंगी.

जानकारी के अनुसार गुना शिवपुरी में 5 दिन के दौरे पर रहकर प्रियदर्शनी राजे सिंधिया अपने पति के लिए चुनाव प्रचार करेंगी. इससे पहले गुना में यह अटकलें तेज थीं कि प्रियदर्शिनी राजे ग्वालियर से लोकसभा चुनाव लड़ सकती हैं. इतना ही नहीं इस संबंध में ग्वालियर ज़िला कांग्रेस कमेटी ने एक प्रस्ताव भी पास किया था.

हालांकि प्रियदर्शनी राजे सिंधिया के चुनाव लड़ने को लेकर कांग्रेस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और ना ही पार्टी ने टिकट का दावेदार बताया है. खुद प्रियदर्शनी राजे ने भी इस संबंध में कोई बयान नहीं दिया है. वे सिर्फ अपने पति के प्रचार करती ही दिख रही हैं.

वहीं दूसरी ओर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जरूर इस बारे में बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार आते ही महिला आरक्षण बिल पास होगा और तब हो सकता है, मुझे भी सांसद पति के रूप में सामने आना पड़े. पिछले दिनों अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे सिंधिया ने जनता से मुखातिब होते हुए बोले-लेकिन आप ऐसा ना होने देना. क्योंकि मेरी पत्नी बहुत आगे हैं.

बिहार: सीट बंटवारे से नाराज तेज प्रताप को मिला भाजपा, JDU का साथ

पटना: बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में सीट बंटवारे के बाद बागी हो चुके तेज प्रताप यादव को विरोधियों का साथ मिला है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (युनाइटेड) तेज प्रताप के पक्ष में उतर आए हैं। भाजपा के नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने यहां बुधवार को कहा कि वंशवादी रातनीतिक पार्टियों में जब दो वारिस हो जाते हैं, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

सुशील मोदी ने कहा, “राजद वंशवाद की कलह झेल रहा है। यह दो वारिसों को बीच का संघर्ष है। सारण से तेज प्रताप यादव के ससुर को टिकट देना उनके लिए जले पर नमक छिड़कने जैसा है। राजद तेज प्रताप के जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है।” उन्होंने कहा कि राजद के कार्यकर्ताओं में तेज प्रताप की मांग ज्यादा है। लोगों का कहना है कि तेज प्रताप के भाषण देने की शैली लालू प्रसाद जैसी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह संघर्ष अब थमने वाला नहीं है।
इधर, जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी तेज प्रताप के पक्ष में उतरते हुए कहा कि यह राजनीतिक हक की लड़ाई है, तो तेज प्रताप लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेज प्रताप अपने छोटे भाई से ज्यादा अंतर से विधानसभा चुनाव में विजयी हुए थे। इसके बावजूद उनको हक नहीं दिया गया।

उल्लेखनीय है कि तेज प्रताप यादव राजद में टिकट बंटवारे से नाराज हैं। उन्होंने जहानाबाद और शिवहर सीट से अपनी पसंद के प्रत्याशी को उतारने की मांग की है। तेज प्रताप अपने ससुर चंद्रिका राय को भी सारण से टिकट दिए जाने से नाराज हैं। सारण सीट से उन्होंने राबड़ी देवी से चुनाव लड़ने का आग्रह किया है।

गुना से सिंधिया, मुरैना से रामनिवास रावत, भिंड से देवाशीष का नाम तय ,ग्वालियर का फैसला अटका

इंदौर, विदिशा, रीवा, धार और राजगढ़ सीट पर भी नहीं हो सका निर्णय 

कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) ने मंगलवार को देर रात मध्यप्रदेश की 14 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार तय कर दिए हैं। इनमें बड़े नामों में गुना-शिवपुरी से ज्योतिरादित्य सिंधिया, छिंदवाड़ा से नकुल नाथ, जबलपुर से विवेक तन्खा, सीधी से अजय सिंह, खंडवा से अरुण यादव, मुरैना से रामनिवास रावत, भिंड से देवाशीष झारिया के नाम प्रमुख हैं। हालाकि एआईसीसी ने अभी सूची जारी नहीं की है जो बुधवार को जारी होने की संभावना है। ग्वालियर, इंदौर, विदिशा, रीवा, धार और राजगढ़ सीट को होल्ड कर दिया गया है। सीईसी का इस बात पर जोर था कि किसी भी नेता के रिश्तेदार को टिकट नहीं दिया जाए और सभी बड़े नेताओं को चुनाव लड़ा़या जाए। 

कांग्रेस 9 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। इनमें भोपाल से दिग्विजय सिंह, रतलाम से कांतिलाल भूरिया, मंदसौर से मीनाक्षी नटराजन, शहडोल से प्रमिला सिंह, टीकमगढ़ से किरण अहिरवार, खजुराहो से कविता सिंह, होशंगाबाद से शैलेंद्र दीवान, बैतूल से रामू टेकाम और बालाघाट से मधु भगत का नाम शामिल है। 

प्रियदर्शिनी को चुनाव लड़ाने से इनकार 

ग्वालियर सीट को होल्ड किए जाने की वजह इस सीट से प्रत्याशी नए सिरे से तय किया जाना है। यहां से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की प|ी प्रियदर्शिनी राजे को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन सिंधिया ने उत्तरप्रदेश की चुनावी व्यस्तता और उनके गुना-शिवपुरी से चुनाव लड़ने के कारण प्रियदर्शिनी राजे को ग्वालियर से चुनाव लड़ाए जाने से मना कर दिया है। इस वजह से इस सीट से अब अशोक सिंह या केदार कंसाना में से प्रत्याशी का चयन किया जाएगा। इंदौर, विदिशा, राजगढ़, रीवा और धार सीट से प्रत्याशी तय नहीं है। 

अब पनडुब्बियों पर होगा अचूक वार, भारत US से खरीदेगा 24 MH60 रोमियो सी हॉक हेलीकॉप्टर

अमेरिका ने 2.4 अरब डॉलर की अनुमानित कीमत पर भारत को 24 बहुउपयोगी एचएच 60 ‘रोमियो सी हॉक हेलीकॉप्टर की बिक्री को मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी। भारत को पिछले एक दशक से अधिक समय से इन हंटर हेलीकॉप्टर की आवश्यकता थी। लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित ये हेलीकॉप्टर पनडुब्बियों और पोतों पर अचूक निशाना साधने में सक्षम हैं। ये हेलीकॉप्टर समुद्र में तलाश एवं बचाव कार्यों में भी उपयोगी हैं।

ट्रम्प प्रशासन ने मंगलवार को कांग्रेस में अधिसूचित किया कि उसने 24 एमएच-60आर बहु उपयोगी हेलीकॉप्टरों की बिक्री को मंजूरी दे दी है। ये हेलीकॉप्टर भारतीय रक्षा बलों को सतह रोधी और पनडुब्बी रोधी युद्ध मिशन को सफलता से अंजाम देने में सक्षम बनाएंगे। विदेश मंत्रालय ने अपनी अधिसूचना में कांग्रेस को बताया कि इस प्रस्तावित बिक्री की मदद से भारत एवं अमेरिका के सामरिक संबंधों को मजबूत करके अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

उसने कहा कि इन हेलीकॉप्टरों की अनुमानित कीमत 2.4 अरब डॉलर होगी। इस बिक्री से उस बड़े रक्षा साझीदार की सुरक्षा स्थिति सुधरेगी जो हिंद प्रशांत और दक्षिण एशिया क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता, शांति एवं आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण कारक रहा है। अधिसूचना के अनुसार इस बढ़ी क्षमता से क्षेत्रीय खतरों से निपटने में भारत को मदद मिलेगी और उसकी गृह सुरक्षा मजबूत होगी। भारत को इन हेलीकॉप्टरों को अपने सशस्त्र बलों में शामिल करने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
इसमें कहा गया कि इस प्रस्तावित बिक्री से क्षेत्र में मूल सैन्य संतुलन नहीं बिगड़ेगा इन हेलीकॉप्टरों को दुनिया के सबसे अत्याधुनिक समुद्री हेलीकॉप्टर माना जाता है। ये हेलीकॉप्टर भारतीय नौसेना की मारक क्षमताओं को बढ़ाएंगे। विशेषज्ञों के अनुसार हिंद महासागर में चीन के आक्रामक व्यवहार के मद्देनजर भारत के लिए ये हेलीकॉप्टर आवश्यक हैं।

भारत से बातचीत के लिए अमेरिका के सामने गिड़गिड़ाया PAK, की ये अपील

पुलवामा आतंकवादी हमले (Pulwama Attack) और बालाकोट (Balakot) में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी प्रशिक्षिण शिविरों पर भारतीय वायुसेना के हवाई हमले के बाद से भारत के साथ बढ़े तनाव के बीच पाकिस्तान ने मंगलवार को अमेरिका से अपील की है कि वह सभी लंबित मामलों को सुलझाने के लिए इंडो-पाक वार्ता फिर से शुरू कराने में अपनी भूमिका निभाए।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और अमेरिका के विदेश मंत्री माइकल पोम्पिओ ने मंगलवार को फोन पर बात की और क्षेत्र में मौजूदा हालात पर चर्चा की।
मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि दक्षिण एशिया में शांति एवं स्थिरता के लिए तनाव कम करना आवश्यक है। कुरैशी ने तनाव करने के लिए भारतीय पायलट को सौंपने समेत पाकिस्तान द्वारा उठाए गए कदमों की भी जानकारी पोम्पिओ को दी।

मंत्रालय ने कहा, ‘उन्होंने अमेरिका से यह भी अपील की कि वह भारत एवं पाकिस्तान के बीच फिर से वार्ता शुरू कराने में अपनी भूमिका निभाए ताकि सभी लंबित विवादों का समाधान तलाशा जा सके।’

लोकतंत्र में जनता के हाथों में होती है जीत-हार-सिंधिया

ग्वालियर। ग्वालियर प्रवास पर पहंचे पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यहं पत्रकारों से बात करते हु कहा है कि प्रजातंत्र में हार जीत जनता के हाथो होती है ओर भोपाल सहित पूरे प्रदेश की सीटों पर इस बार कंाग्रेस अपना परचम लहराएगी और इस बार प्रदेश में भाजपा की हालत खराब होने वाली है।

दरअसल पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्या सिंधिया से जब पत्रकारों ने शिवराज सिंह चैहान द्वारा भोपाल सीट पर पूछे गए सवाल के जवाब में उनके द्वारा दिग्विजय सिंह के सामने किसी भी भाजपा नेता की जीत के दावे पर जवाब चाहा तो सिंधिया यहं सीधे शिवराज पर तो निशाना नहीं साधा लेकिन इतना कहा कि प्रजातंत्र में जीत हार जनता के हाथों होती है और जनता जिसे चाहेगी उसके सर पर ताज होगा जह|तक मेरा अंकलन है कि प्रदेश की सभी सीटों पर इस बार कंग्रेस पार्टी बढत बनाएगी और भाजपा साफ हो जाएगी।
कार्यकर्ताओं ने लाईन में लगकर किया स्वागत- सिंधिया के ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर पहंुचने पर यहंा कंाग्रेस कार्यकर्ताओं की खासी भीड उनका स्वागत करने पहंची पिछली बार सिंधिया के आगमन पर बिगडी व्यवस्था को देखते हुए इस बार स्वागत सत्कार के लिए एक समिति बनाई गई थी जिसने स्टेशन पहंचे कार्यकर्ताओं को कतारबद्ध खडा कर सिंधिया का स्वागत कराया।

बेगूसराय में कन्हैया के समर्थन में लगेगा फिल्मी सितारों का मेला

बेगूसराय लोकसभा सीट पर इस बार पूरे देश की नजर है। राज्य के इस हाई प्रोफाइल सीट पर पहली बार फिल्मी सितारों का मेला लगेगा। नामांकन से लेकर चुनाव प्रचार तक देश के नामी गिरामी नेता-अभिनेता यहां आएंगे।

खास बात है जहां एक ओर जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया भाकपा के प्रत्याशी हैं , वहीं दूसरी ओर भाजपा के केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह खड़े हैं। किसी प्रत्याशी ने अभी नामांकन नहीं किया है। लेकिन कई फिल्मी सितारों ने यहां आने और कन्हैया के पक्ष में प्रचार करने की घोषणा कर दी है। इससे लोगों की उत्सुकता बढ़ने लगी है।

भाकपा से मिली जानकारी के अनुसार कन्हैया नौ अप्रैल को नामांकन करेंगे। इस दौरान बालीबुड की नामचीन अभिनेत्री स्वरा भास्कर एवं उनकी टीम साथ रहेंगी। उनके साथ गुलमेहर कौर, गुजरात के विधायक जिग्ेनश मेवाणी, पाटीदार नेता हार्दिक पटेल आदि नेता भी रहेंगे। चर्चित समाजिक कार्यकर्ता व नर्मदा बचाओ आंदोलन की मेधा पाटेकर भी रहेंगी।

नामांकन के बाद से देश के विभिन्न हिस्सों से नामचीन फिल्मी हस्तियों का बेगूसराय में कन्हैया के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए आना शुरू हो जाएगा। दक्षिण भारत के प्रसिद्ध अभिनेता प्रकाश राज, अभिनेत्री शबाना आजमी, लेखक जावेद अख्तर , निदेशक इम्तिजाय अली , टीवी अभिनेत्री सोनल झा आदि दर्जनों कलाकारों ने आने की सहमति दी है।
नामांकन के पहले से ही कलाकारों में चुनाव प्रचार की होड़ मची है। अब भाकपा की जिला इकाई और कन्हैया के सहयागियों की परेशानी है कि कैसे इन फिल्मी टोलियों को संभाला जाए और किस प्रकार उनका उपयोग किया जाए। पार्टी शहर में उनके रोड शो तथा नुक्कड़ सभाओं पर विचार कर रही है। कन्हैया समर्थकों का मानना है कि फिल्मी सितारों के आने से इतनी भीड़ हो जाएगी कि उसे संभालना मुश्किल हो जाएगा।

अभिनेता-अभिनेत्री के आलावा कई वाम, प्रगतिशील विचारक, दार्शनिक से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता आने को उत्सुक है। खासबात यह है कि सृजनात्मक कार्यों से जुड़ी हस्तियां स्वत:स्फूर्त तरीके से खुद कन्हैया के पक्ष में आने को लेकर उत्साहित हैं। कन्हैया के चुनाव अभियान से जुड़ी निवेदिता झा के मुताबिक प्रमुख फिल्मी हस्तियों को लेकर एक साथ ही किसी रैली के आयोजन पर भी विचार चल रहा है। उनसे अभी कोई निश्चित तारीख नहीं ली गई है पर इतना तय है कि चुनाव प्रचार में कई हस्तियां शामिल रहेंगी।

मायावती ने की भगवान राम की मूर्ति से अपनी तुलना, कहा-मेरी क्यों नहीं

नई दिल्ली: बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सुप्रीम कोर्ट में एक अजीबोगरीब हलफनामा दिया है। अपने एफिडेविट में मायावती ने कहा है कि जब भगवान राम की मूर्ति बन सकती है तो उनकी मूर्ति क्यों नहीं लग सकती। बता दें कि लखनऊ के अंबेडकर पार्क में मायावती की मूर्तियां लगाने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार किया था और उनसे जवाब मांगा था। इस पर सुप्रीम कोर्ट में मायावती की तरफ से जो हलफनामा दायर किया गया है उसमें काफी चौंकाने वाली बातें हैं।

मायावती ने कहा कि जनभावनाओं को देखते हुए उनकी मूर्तियां अंबेडकर और कांशीराम के साथ लगाई गईं और ये कैबिनेट के फैसले के बाद हुआ था। मायावती ने दलील दी है कि अपने समाज के लिए उन्होंने शादी नहीं की और पूरी जिंदगी बहुजन मिशन के साथ जुड़ने का फैसला किया। इसी त्याग की वजह से उनकी मूर्तियां लगाना सही है।
इसी के साथ बीएसपी सुप्रीमो ने अयोध्या में लगने वाली भगवान राम की मूर्ति से अपनी तुलना की। मायावती ने पूछा है कि सरकारी पैसे से 221 मीटर की भगवान राम की मूर्ति बन सकती है तो उनकी क्यों नहीं। मायावती ने इसी क्रम में गुजरात सरकार द्वारा 3,000 करोड़ रुपये की लागत से सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची मूर्ति और मुंबई में शिवाजी महाराज की मूर्तियों का भी जिक्र किया।

मायावती ने अपने हलफनामे में कहा कि उनकी प्रतिमाएं ‘‘लोगों की इच्छा का मान रखने के लिए राज्य विधानसभा की इच्छा’’ के अनुसार बनवाई गई। उन्होंने कहा कि स्मारकों के निर्माण और प्रतिमाएं स्थापित करने के लिए निधि बजटीय आवंटन और राज्य विधानसभा की मंजूरी के जरिए स्वीकृत की गई। मायावती ने, प्रतिमाओं के निर्माण में जन निधि का दुरुपयोग किये जाने का आरोप लगाने वाली याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित और कानून का घोर उल्लंघन बताया।