एक्शन में कमलनाथ सरकार : 2 सहकारी बैंकों पर FIR, प्रोफेसरों को मिला सातवां वेतनमान

मध्य प्रदेश के सरकारी प्रोफेसरों को कमलनाथ सरकार ने सातवां वेतनमान दे दिया है. उच्च शिक्षा विभाग ने आज आदेश जारी कर दिया है. प्रोफेसर्स को एक जनवरी 2016 से बढ़ा हुआ वेतनमान मिलेगा.

किसानों के नाम पर कर्ज़ घोटाला करने वाले सहकारी बैंकों और उनके स्टाफ के खिलाफ कमलनाथ सरकार एक्शन में आ गयी है. सागर और कटनी में दो प्रबंधकों के ख़िलाफ FIR दर्ज की गयी है.कटनी में फर्ज़ी ऋण मामले में जरवाही समिति प्रबंधक लक्ष्मीकांत दुबे के खिलाफ धारा 420, 409, 201 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया है. माधव नगर थाना में मामला दर्ज किया गया है. दूसरी रिपोर्ट सागर में दर्ज की गयी. यहां कर्ज़ घोटाला करने पर ज़िला सहकारी बैंक के तत्कालीन सोसायटी प्रबंधक, शाखा प्रबंधक और सोसायटी अध्यक्ष के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. यहां एक मृत किसान मुकुंदी आदिवासी के नाम पर लोन निकाला गया था. मुकुंदी सरदई गांव का रहने वाला था. उसकी 23 जनवरी को सागर में हार्ट अटैक में मौत हो गयी थी.
मध्य प्रदेश में बिगड़े मौसम से किसानों पर कहर टूट रहा है. प्रदेश के कुल 440 गांव में ओले गिरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है. शुरुआती सर्वे रिपोर्ट में 5 से 35 फीसदी फसलों को इससे नुक़सान होने की खबर है.सीएम कमलनाथ ने जताई चिंता
ओले से फ़सल ख़राब होने पर सीएमकमलनाथ ने चिंता जताई है. उन्होंने ट्वीट कर किसानों को सांत्वना दी है. अपने ट्वीट में कमलनाथ ने कहा किसान भाई चिंतित ना हों ,सरकार आपके साथ है. ओला- बारिश से फ़सलों को हुए नुक़सान का सर्वे करवाकर सरकार उसकी भरपाई करेगी. संकट की हर घड़ी में सरकार आपके साथ है. भोपाल में बना कंट्रोल रूम.
भोपाल में जय किसान फसल ऋण माफ़ी मामलों में किसानों की आपत्ति औऱ शिकायतें सुनने के लिए कंट्रोल रूम बना दिया गया है. इसमें 14 अफसरों की ड्यूटी लगायी गयी है. कलेक्ट्रेट परिसर में ये कंट्रोल रूम बनाया गया है. ऋण माफी से संबंधित सभी समस्याएं, शिकायतें और आपत्तियां सुनी जाएंगी. प्रदेश भर के किसान इसमें अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे.प्रोफेसरों पर मेहरबान सरकार
मध्य प्रदेश के सरकारी प्रोफेसरों को कमलनाथ सरकार ने सातवां वेतनमान दे दिया है. उच्च शिक्षा विभाग ने आज आदेश जारी कर दिया है. प्रोफेसर्स को एक जनवरी 2016 से बढ़ा हुआ वेतनमान मिलेगा. लंबे समय से प्रोफेसर इसकी मांग कर रहे थे.

प्रणब मुखर्जी नाना जी देशमुख और भूपेन हजारिका को भारत रत्न

भारत सरकार ने 26 जनवरी के मौके पर नाना जी देशमुख, भूपेन हजारिका और प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न देने का फ़ैसला किया.

इनमें नानाजी देशमुख और भूपेन हज़ारिका को ये सम्मान मरणोपरांत दिया गया है जबकि कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रणब मुखर्जी भारत के पूर्व राष्ट्रपति रहे हैं.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन तीनों को भारत रत्न दिए जाने पर अलग अलग ट्विट करके इनके योगदानों के बारे में बताया है. मोदी के मुताबिक नानाजी देशमुख के ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए विकास कामों का जिक्र करते हुए उन्हें सच्चा भारतरत्न बताया है.

MP: 7 जिलों में ओले गिरे, 6 में कोहरा, 13 में बारिश और ओलों की संभावना

भोपाल। पूरे मध्यप्रदेश पर बादल छा गए हैं। अब तक 7 जिलों मे ओले गिर चुके हैं। शुक्रवार को समाचार लिखे जाने तक 6 जिलों में दोपहर 1:30 बजे घना कोहरा था। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 48 घंटों में प्रदेश के 13 जिलों में भारी बारिश या ओले गिरने की संभावना है।

देश के कई हिस्सों में ओले गिरने और बारिश से शुक्रवार को घने कोहरे के बीच सुबह हुई। भोपाल में सुबह साढ़े पांच बजे दृश्यता 1500 मीटर थी, जो 6:30 बजे तक 50 मीटर हो गई। उधर, सतना में सुबह तेज बारिश के साथ ओले गिरे। बारिश और ओले गिरने से तापमान में खास असर देखने को नहीं मिला। भोपाल का तापमान गुरुवार की रात को न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं, बुधवार की रात को 12.4 डिग्री दर्ज किया गया था। भोपाल समेत राजगढ़, जबलपुर, नीमच, शाजापुर और मंडला में कोहरा छाया हुआ है।
गुरुवार को जमकर गिरे ओले, किसान चिंतित
प्रदेश के सिवनी-मालवा में सुबह और बैतूल में दोपहर के समय तेज बारिश के साथ जमकर ओले गिरे। इसके अलावा शहडोल, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली में भी ओलावृष्टि हुई। इससे फसल खराब होने की संभावना जताई जा रही है और किसान चिंतित हैं।
अब आगे क्या
मौसम विभाग ने रीवा, शहडोल, सागर, जबलपुर, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में हल्की बारिश और कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना जताई है।
इस वजह से बदला मौसम
कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरे मध्य प्रदेश पर हो गया है। इस सीजन में स्ट्रांग सिस्टम से कश्मीर घाटी में जमकर बर्फबारी हो रही है। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में कहीं घना कोहरा छाने के साथ बारिश हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार ऊपरी सतह (जमीन से 15 किमी ऊपर) में तेज हवा चला रही है। इससे उत्तर भारत में कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इस वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरा छाया हुआ है।

लोगों पर अत्याचार हुआ तो ईंट -से ईंट बजा देंगे – धैर्यवर्धन .

पिछोर में प्रीतम लोधी का अनशन पांचवें दिन भी जारी ।
सरकार बदलने के बाद मध्य प्रदेश की फिजा बदल गयी है .कांग्रेस की सरकार में अपराधियों ने सिर उठाने प्रारम्भ कर दिया है । जहां तहां हो रही भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या इस बात का द्योतक है । भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य धैर्यवर्धन ने पिछोर पहुंचकर भूख हड़ताल स्थल पर समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने कानून का दुरुपयोग करके लोगों को आतंकित करने का प्रयास किया तो प्रशासन की ईंट से ईंट बज दी जाएगी ।
ज्ञात हो आज लगातार पांचवें दिन भी भाजपा नेता प्रीतम लोधी की भूख हड़ताल जारी है । इस दौरान सैकड़ों की तादाद में मौजूद समर्थकों ने नारे लगाते हुए कहा कि अभी तो ली अंगड़ाई है , आगे और लड़ाई है ।
पिछोर से भाजपा से चुनाव लड़ चुके प्रीतम लोधी खुद पर झूठा मुकदमा लगाए जाने के खिलाफ अनिश्चित कालीन हड़ताल कर रहे है । मौजूद कार्यकर्ताओं को प्रीतम लोधी सहित जिला महामंत्री जगराम सिंह यादव , जिला उपाध्यक्ष हेमंत ओझा , खनियाधाना मंडल अध्यक्ष भानु जैन, वरिष्ठ नेता कुलदीप सिंह , विद्या शंकर पुरोहित आदि ने संबोधित किया । संगठन मंत्री देवेंद्र भार्गव ने इस अवसर पर कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक चर्चा की।
अनशन स्थल पर सर्दी के मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं की उपस्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है।

*जल्दी ही आ रहा है पत्रकार प्रोटेक्शन एक्ट : जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा*

.भोपाल-पत्रकारों के प्रतिष्ठित अंर्तराष्ट्रीय संगठन IFJ से संबद्ध एकमात्र ट्रेड यूनियन संगठन NUJ (I) (नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया ) की प्रदेश इकाई जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ म.प्र. (जम्प) की कार्य समिति की बैठक में मुख्य अथिति की हैसियत से बोलते हुए प्रदेश के जनसम्पर्क मंत्री श्री पीसी शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में पत्रकारों के सम्मान को बरकरार रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी। पी.सी. शर्मा ने पुनः दोहराया कि सरकार शीघ्र ही पत्रकार प्रोटेक्शन एक्ट को विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पास आवश्यक परीक्षण के लिए भेज रही है। तत्पश्चात शीघ्र ही आगे की कार्यवाही की जाएगी। यूनियन ने पी.सी. शर्मा को स्मृति-चिन्ह भेंटकर एक मांग-पत्र सौपा जिसमें सुप्रीमकोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार वेजबोर्ड की सिफारिशों के अनुपालन कराना, पत्रकारों के परिवार को एजुकेशन लोन में छूट,छोटे और मझोले समाचारपत्रों को सकारात्मक छूट,अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों को प्रदेश के शासकीय विश्रामगृहों में रुकने की पात्रता,पत्रकारों की श्रद्धानिधि दस हज़ार करने, श्रमजीवी पत्रकारों के लिए शासन द्वारा हर 3 माह में एक बार प्रशिक्षण कार्यशाला जैसी मांगें शामिल थीं। बैठक जम्प के प्रदेशअध्यक्ष खिलावनचंद्राकर ,महामंत्री डॉ नवीनआनंदजोशी ,प्रदेशउपाध्यक्षगण अजय सिंह कुशवाह ग्वालियर चंबलक्षेत्र, विवेक पटेरिया भोपाल क्षेत्र, सुदर्शन सोनी उज्जैन मालवा क्षेत्र, सचिव नीरज निगम, महिला विंग प्रांतप्रमुख अनुराधा त्रिवेदी , कोषाध्यक्ष महेंद्र शर्मा कार्यकारिणी सदस्यगण अजयराज सक्सेना,प्रवीण द्विवेदी,रूबी सरकार अनूप सक्सेना, देवेंद्र पुरोहित, पंडित राजेश जोशी, श्रीमती रईसा मलिक सहित प्रदेश के समस्त जिलों से आये कार्यसमिति सदस्य उपस्थित थे। बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी भूपेंद्र गुप्ता विशिष्ट अथिति की रूप में उपस्थित थे।

*जल्दी ही आ रहा है पत्रकार प्रोटेक्शन एक्ट : जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा*

.भोपाल-पत्रकारों के प्रतिष्ठित अंर्तराष्ट्रीय संगठन IFJ से संबद्ध एकमात्र ट्रेड यूनियन संगठन NUJ (I) (नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया ) की प्रदेश इकाई जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ म.प्र. (जम्प) की कार्य समिति की बैठक में मुख्य अथिति की हैसियत से बोलते हुए प्रदेश के जनसम्पर्क मंत्री श्री पीसी शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में पत्रकारों के सम्मान को बरकरार रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी। पी.सी. शर्मा ने पुनः दोहराया कि सरकार शीघ्र ही पत्रकार प्रोटेक्शन एक्ट को विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पास आवश्यक परीक्षण के लिए भेज रही है। तत्पश्चात शीघ्र ही आगे की कार्यवाही की जाएगी। यूनियन ने पी.सी. शर्मा को स्मृति-चिन्ह भेंटकर एक मांग-पत्र सौपा जिसमें सुप्रीमकोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार वेजबोर्ड की सिफारिशों के अनुपालन कराना, पत्रकारों के परिवार को एजुकेशन लोन में छूट,छोटे और मझोले समाचारपत्रों को सकारात्मक छूट,अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों को प्रदेश के शासकीय विश्रामगृहों में रुकने की पात्रता,पत्रकारों की श्रद्धानिधि दस हज़ार करने, श्रमजीवी पत्रकारों के लिए शासन द्वारा हर 3 माह में एक बार प्रशिक्षण कार्यशाला जैसी मांगें शामिल थीं। बैठक जम्प के प्रदेशअध्यक्ष खिलावनचंद्राकर ,महामंत्री डॉ नवीनआनंदजोशी ,प्रदेशउपाध्यक्षगण अजय सिंह कुशवाह ग्वालियर चंबलक्षेत्र, विवेक पटेरिया भोपाल क्षेत्र, सुदर्शन सोनी उज्जैन मालवा क्षेत्र, सचिव नीरज निगम, महिला विंग प्रांतप्रमुख अनुराधा त्रिवेदी , कोषाध्यक्ष महेंद्र शर्मा कार्यकारिणी सदस्यगण अजयराज सक्सेना,प्रवीण द्विवेदी,रूबी सरकार अनूप सक्सेना, देवेंद्र पुरोहित, पंडित राजेश जोशी, श्रीमती रईसा मलिक सहित प्रदेश के समस्त जिलों से आये कार्यसमिति सदस्य उपस्थित थे। बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी भूपेंद्र गुप्ता विशिष्ट अथिति की रूप में उपस्थित थे।

गुना से लड़ेंगे लोकसभा चुनाव सिंधिया

भोपाल। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं गुना शिवपुरी लोकसभा से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उस बड़े सवाल का जवाब दे दिया जिसके बारे में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों के लोग जानना चाहते थे। सवाल सिंपल था: ज्योतिरादित्य सिंधिया को यूपी पश्चिम का प्रभार मिल गया है, क्या अब वो मध्यप्रदेश में सक्रिय रहेंगे, क्या वो लोकसभा चुनाव के दौरान मध्यप्रदेश में प्रचार करेंगे।

बता दें कि राहुल गांधी ने सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को महासचिव बनाते हुए पश्चिम उप्र के 40 जिलों का प्रभार सौंपा है। इसके बाद उनका पहला बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मैं राहुल जी और सोनिया जी का शुक्रगुजार हूं। उप्र में दोबारा कांग्रेस के पक्ष में माहौल है। प्रियंका गांधी के नेतृत्व में काम करना भी मेरा सौभाग्य है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि निश्चित रूप से गुना में हूं, यहीं से लोकसभा चुनाव लड़ूंगा। उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश में हम विधानसभा की तरह लोकसभा में भी जीत दर्ज करेंगे। लोकसभा चुनाव में भी पूरी क्षमता के साथ कैंपेन कर पार्टी को जिताने के लिए काम करूंगा। इस तरह सिंधिया ने स्पष्ट कर दिया कि वो उत्तरप्रदेश में काम करेंगे परंतु मध्यप्रदेश में भी सक्रिय रहेंगे।

कैलाश-लक्ष्मीकांत, राघवजी जैसे वरिष्ठों को ठिकाने किसने लगाया, भड़के गौर

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने कहा कि पार्टी ने उन्हें मजदूर से मुख्यमंत्री बनाया तो इसके एवज में हमने भी काम किया।

भोपाल। एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर सुर्खियों में हैं। अब गौर ने बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि एक के बाद एक वरिष्ठ नेताओं को षड़यंत्र कर ठिकाने लगाया गया।

कैलाश विजयवर्गीय जैसे नेता को प्रदेश छोड़ना पड़ा। लक्ष्मीकांत शर्मा का कद बढ़ने लगा तो व्यापमं में फंसा दिया। राघवजी, सरताज सिंह और रामकृष्ण कुसमरिया जैसे उम्र और अनुभव में बड़े, पांच-छह बार के सांसद रहे नेताओं को किस तरह अपमानित किया गया।

किस तरह उनकी दुर्गति की गई, किसी से छिपी नहीं है। सब जानते हैं, इसके लिए कौन जिम्मेदार है। सब कुछ प्लानिंग से किया गया। गौर ने नवदुनिया से कहा कि मैं सम्मान की लड़ाई लड़ रहा हूं।

पार्टी ने सीएम बनाया तो हमने भी काम किया

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने कहा कि पार्टी ने उन्हें मजदूर से मुख्यमंत्री बनाया तो इसके एवज में हमने भी काम किया। इस बार पार्टी को चुनाव जितवाया।

सम्मान को सरेआम ठेस पहुंचाई

गौर अब तक इस बात से खफा हैं कि उन्हें कैबिनेट से बाहर क्यों निकाला गया। गौर कहते हैं कि मुझे बिना गलती के कैबिनेट से बाहर कर दिया। क्या यह उचित था। एक बार तो सोचते कि मेरी जीवनभर की मेहनत, सम्मान को धक्का पहुंचा रहे हो। सम्मान नहीं दे सकते, मत दो, कम से कम अपमानित तो न करो।

चुनाव लड़ने का फैसला बाद में करूंगा

वे बोले कि मैं अभी तटस्थ हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंबूरी मैदान में कहा था ‘बाबूलाल गौर एक बार और” बस उन्हीं के इशारे का इंतजार कर रहा हूं। उसके बाद फैसला करूंगा कि क्या करना है किसका प्रस्ताव मानना है किसका नहीं।

कैलाश-लक्ष्मीकांत, राघवजी जैसे वरिष्ठों को ठिकाने किसने लगाया, भड़के गौर

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने कहा कि पार्टी ने उन्हें मजदूर से मुख्यमंत्री बनाया तो इसके एवज में हमने भी काम किया।

भोपाल। एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर सुर्खियों में हैं। अब गौर ने बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि एक के बाद एक वरिष्ठ नेताओं को षड़यंत्र कर ठिकाने लगाया गया।

कैलाश विजयवर्गीय जैसे नेता को प्रदेश छोड़ना पड़ा। लक्ष्मीकांत शर्मा का कद बढ़ने लगा तो व्यापमं में फंसा दिया। राघवजी, सरताज सिंह और रामकृष्ण कुसमरिया जैसे उम्र और अनुभव में बड़े, पांच-छह बार के सांसद रहे नेताओं को किस तरह अपमानित किया गया।

किस तरह उनकी दुर्गति की गई, किसी से छिपी नहीं है। सब जानते हैं, इसके लिए कौन जिम्मेदार है। सब कुछ प्लानिंग से किया गया। गौर ने नवदुनिया से कहा कि मैं सम्मान की लड़ाई लड़ रहा हूं।

पार्टी ने सीएम बनाया तो हमने भी काम किया

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने कहा कि पार्टी ने उन्हें मजदूर से मुख्यमंत्री बनाया तो इसके एवज में हमने भी काम किया। इस बार पार्टी को चुनाव जितवाया।

सम्मान को सरेआम ठेस पहुंचाई

गौर अब तक इस बात से खफा हैं कि उन्हें कैबिनेट से बाहर क्यों निकाला गया। गौर कहते हैं कि मुझे बिना गलती के कैबिनेट से बाहर कर दिया। क्या यह उचित था। एक बार तो सोचते कि मेरी जीवनभर की मेहनत, सम्मान को धक्का पहुंचा रहे हो। सम्मान नहीं दे सकते, मत दो, कम से कम अपमानित तो न करो।

चुनाव लड़ने का फैसला बाद में करूंगा

वे बोले कि मैं अभी तटस्थ हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंबूरी मैदान में कहा था ‘बाबूलाल गौर एक बार और” बस उन्हीं के इशारे का इंतजार कर रहा हूं। उसके बाद फैसला करूंगा कि क्या करना है किसका प्रस्ताव मानना है किसका नहीं।