**गुना शिवपुरी लोकसभा पर विशेष**

*गुना—शिवपुरी लोकसभा चुनाव 2019 में क्या
होगा कड़ा मुकाबला.
अभी अभी हुये विधानसभा चुनाव में आये परिणाम पर नजर डालें तो गुना शिवपुरी की लोकसभा में आने वाले परिणाम बड़े दिलचस्प हैं और यह दर्शाते हैं कि आगे आने वाला चुनाव बड़ा ही रोचक होने जा रहा है, मतदाता का धुर्वी करण साफ दिखता है अगर शिवपुरी की विधानसभाओं की कुल स्थिति पर नजर डाली जाये तो भाजपा अच्छी बढ़त बनाये हुये है. जो आगे भाजपा के पक्ष को मजबूत करेगी गुना की दो और अशोकनगर की तीन विधानसभा सीटों पर कांग़ेस ने बढ़त जरुर ली है पर बहुत कम अंतर से हजारों में गिनी जा सकती है.
पूरी लोकसभा में बासपा भी अच्छी खासी जमीन की मालिक है उसका एक इशारा किसी को भी हरा और जिता सकता है.
ऐसा लगने लगा है कि गुना शिवपुरी लोकसभा का मतदाता धुर्वीकृत हो रहा है. इसका ताजा उदाहरण कोलारस विधानसभा का परिणाम है कांग़ेस की हवा और मुख्यमंत्री पद कोलारस को मिलने की हवा के बाद भी मतदाता वीरेंद़ रघुवंशी की तरफ झुक गया . इससे एक संदेश तो साफ है जनता अब जागरुक होने लगी है और जो काबिल है ,उसकी तरफ झुकने लगी है
उम्मीदवारों के चयन में दल जो तानासाही पूर्ण रवैया अपनाते हैं, उनके मुंह पर करारा तमाचा है. कोलारस विधानसभा में एक जाति के खिलाफ तमाम जातियों ने धुर्वीकरण कर जिद को हरा दिया.
अगर गुना शिवपुरी लोकसभा चुनाव में भाजपा ने रणनीति के साथ किसी वीरेंद़ रघुवंशी जैसे जुझारु उम्मीदवार को उतार दिया तो कुछ भी परिणाम आ सकते हैं. और अगर वीरेंद़ रघुवंशी उम्मीदवार होते हैं तो जैसे की नुक्कड़ों पर चर्चा है या कोई दीगर जमीन वाला रघुवंशी उम्मीदवार आता है तो एक जाति विशेष का झुकाव भी इनको मिलेगा. वशर्ते भाजपा कस लगाये.
खैर मुकाबला तो कड़ा ही होना है भाजपा के रणनीतिकार प़भात झा पिछले चार साल से इसक्षेत्र में गोटिया फिट कर रहे हैं.

सत्येंद़ सिंह रघुवंशी*
चीफ एडीटर द न्यूज़ लाइट
थाटीपुर मयुरनगर ग्वालियर

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