*कांग्रेस के जनपद अध्यक्ष को नहीं बुलाया अंत्योदय मेले में, कांग्रेसी नेता ने कहा -ऐसा तो पूर्व की भाजपा सरकार में भी नहीं होता था*

– *न तो आमंत्रण पत्र में शिवपुरी जनपद अध्यक्ष का नाम था और न ही कार्यक्रम में बुलाया गया*

– *प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में जनपद पंचायत अध्यक्ष ने किया मेले का बहिष्कार*

*शिवपुरी।*

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद भी कांग्रेस नेताओं की पूछपरख अफसरशाही नहीं कर रही है। ऐसे ही एक मामला शिवपुरी जिले में गुरुवार को देखने को मिला। शिवपुरी में गुुरुवार को जिला स्तरीय अंत्योदय मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान इस अंत्योदय मेले में शिवपुरी जनपद पंचायत के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता पारम रावत को न तो इस कार्यक्रम में बुलाया गया और न ही इस कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में उनका नाम था। जबकि शिवपुरी जनपद में कार्यक्रम होने के नाते प्रोटोकॉल के हिसाब से उनका नाम कार्ड में होना था और ससम्मान उन्हें बुलावा भी आना चाहिए था लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
अपनी उपेक्षा से नाराज शिवपुरी जनपद पंचायत अध्यक्ष पारम रावत ने गुरुवार को प्रभारी मंत्री प्रद्युम्मन सिंह तोमर की मौजूदगी में इस अंत्योदय मेले का बहिष्कार कर दिया और अपने अपमान को लेकर जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मेले के मंच से पारम रावत ने इसकी निंदा भी की। प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में पारम रावत ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद भी अधिकारी मनमानी कर रहे हैं और प्रोटोकॉल के हिसाब से शिवपुरी जनपद में कार्यक्रम होने के नाते उनकी अध्यक्षता में यह कार्यक्रम होना चाहिए था और कार्ड में भी नाम होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार के दौरान भी ऐसा व्यवहार नहीं हुआ जो अब हो रहा है। कुल मिलाकर प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में अंत्योदय मेले में हुआ यह मामला दिनभर राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बना रहा।

*पारम ने मंच से निकाली अपनी भड़ास*

पारम रावत ने कार्यक्रम के मंच से जमकर अधिकारियों के खिलाफ आग उगली। उन्होंने जिला प्रशासन के जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि ऐसा तो पूर्व की भाजपा सरकार में भी नहीं हुआ। अपनी भड़ास निकालने के बाद पारम रावत कार्यक्रम का बहिष्कार कर चले गए। इससे पहले मंच पर भी प्रभारी मंत्री प्रद्युम्मन सिंह तोमर ने अपनी ओर से पारम रावत को मनाने का प्रयास किया। उन्होंने मंच पर पारम रावत को खुद भी माला पहनाई लेकिन जब पारम रावत मंच से बोलने के लिए आए तो उन्होंने सार्वजनिक तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर की।

*लाखों रुपए का बजट ठिकाने लगाया, खाली रहीं कुर्सियां*

गांधी पार्क में आयोजित किए गए इस अंत्योदय मेले व जनसमस्या निवारण शिविर में अपेक्षा से कम भीड़ देखी गई। प्रभारी मंत्री के आगमन से पहले तो कार्यक्रम में कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। बाद में जब प्रभारी मंत्री आए तो जरूर कुर्सियां भरी लेकिन लोगों के आने की जो अनुमान था वह फेल रहा।

शिवराज सिंह और गोपाल भार्गव में हार पर मतभेद

भोपाल. भाजपा में गुटबाजी और अंतद्र्वंद्व अब बयानों से ऊपर बैठकोंं में भी सामने आने लगा है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में बुधवार को लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि इस समय कार्यकर्ता हताश हैं। उन्हें हार के अवसाद से बाहर निकालना बहुत जरूरी है। इसके ठीक बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भार्गव की बात को नकारते हुए मंच से कहा कि भाजपा कार्यकर्ता कतई हताश नहीं है। वो विधानसभा चुनाव की हार का बदला लेने के लिए तैयार खड़ा है। दो बड़े नेताओं के परस्पर विरोधी बयानों से सन्नाटा खिंच गया।
बैठक में शिवराज ने कहा कि खुजनेर जैसे मुुद्दों पर संघर्ष करना जरूरी है। यह मामला राजगढ़ की सीट जितवा देगा। चुनाव में हार पर उन्होंने कहा कि जो हुआ अच्छा हुआ। अब निराश होने की कोई बात नहीं है। लोगों में यह भाव है कि वो तो अपने यहां के प्रत्याशी को निपटाना चाहते थे, लेकिन भाजपा की सरकार निपट गई। इससे बड़ी गड़बड़ हो गई। अब इसी भाव को लोकसभा चुनाव में भुनाना है। शिवराज ने कहा कि दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री पद से हटे थे तो जनता वर्षों जश्न मनाती रही थी, लेकिन अब तो दो महीने में ही लोगों को भाजपा की सरकार याद आने लगी है। भार्गव ने कहा कि 15 साल में भाजपा की सरकार थी तो हमारे कार्यकर्ता का भी सरकारीकरण हो गया था। अब उसे नींद से बाहर निकालना जरूरी है।
– बैठक में मत करना समीक्षा
बैठक में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने कहा कि जीत का श्रेय सभी स्वयं लेते हैं, लेकिन हार का ढीकरा दूसरो पर फोड़ते हैं। यह ठीक नहीं है। रामलाल ने अध्यक्षों से कहा कि हार की समीक्षा बैठक में मत करना। इससे बात फैलती है। जिसे जो कहना है उससे वह लिखित में ले लेना। रामलाल बैठक में पदाधिकारियों के विलंब से आने पर नाराज भी हुए।

– सरकार नहीं है पैसे की व्यवस्था खुद करो
बैठक मेंं रामलाल ने कहा कि अब हमारी सरकार नहीं है। पहले खर्च की व्यवस्था हो जाती थी, लेकिन अब मोर्चों और जिला संगठनों को खुद ही अपने खर्च पर सम्मेलनों और विरोध-प्रदर्शन की व्यवस्था करनी है। रामलाल ने बैठक में पूछा कि कितने किसानों को इस बार पद्म पुरस्कार मिले हैं। जब कोई नहीं बता पाया तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि 17 लोगों को मिला है। आपको यह जानकारी होना चाहिए और आम जनता तक यह पहुंचाना भी चाहिए।
– प्रदेश अध्यक्ष को फ्री-हैंड
रामलाल ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश ङ्क्षसह को एक माह तक जिला अध्यक्ष और मोर्चा अध्यक्ष बदलने के लिए फ्री-हैंड दिया है। रामलाल ने कहा कि जो काम नहीं कर रहे हैं, उन्हें बदला जाए। जिनके खिलाफ गंभीर शिकायतें हैं, उन पर कार्रवाई भी हो, लेकिन जो कार्यकर्ता नाराज हैं, उनसे आत्मीयतापूर्वक मिलो और लोकसभा चुनाव से पहले जोड़ो।
– कांग्रेस के साथ जोड़ो झूठ
रामलाल ने कहा कि कांगे्रस के साथ झूठ शब्द भी चिपका दो। जहां भी कांग्रेस का नाम आए वहां यह भी पता चले कि वह पार्टी तो झूठी है। कांग्रेस ने जो भी दावे किए हैं, वे सब झूठे साबित हो रहे हैं। रामलाल ने बैठक में पदाधिकारियों से कांग्रेस झूठी है के नारे भी लगवाए।

ग्वालियर से लड़ाना चाहते सिंधिया को लोकसभा चुनाव कांग़ेस के कार्यकर्ता

ग्वालियर। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (JYOTIRADITYA SCINDIA) को ग्वालियर कांग्रेस कमेटी (GDCC) वापस बुलाना चाहती है। ग्वालियर के कांग्रेसी चाहते हैं कि 2019 का लोकसभा चुनाव ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर से लड़ें। बता दें कि ग्वालियर सिंधिया परिवार की पुरानी सीट है, यहां से उनके पिता स्व. माधवराव सिंधिया (Late MADHAVRAO SCINDIA) चुनाव लड़ते थे।

मंगलवार को शहर जिला कांग्रेस कार्यालय में लोकसभा क्षेत्र प्रभारी की मौजूदगी में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक खत्म होने के बाद लोकसभा प्रभारी जब बंद कमरे में पदाधिकारियों की राय जानने बैठे तो सिंधिया समर्थकों ने राय दी- हो सके तो ग्वालियर सीट से सिंधिया को ही मैदान में उतारा जाए। बैठक में पार्टी के ब्लाॅक, सेक्टर और मंडल अध्यक्षों के साथ जिला अध्यक्ष और विधानसभा क्षेत्र प्रभारियों को बुलाया गया था। आधिकारिक रूप से तय किया गया है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया इस सीट का फैसला करेंगे।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर से क्यों
भारतीय जनता पार्टी गुना लोकसभा से शिवराज सिंह चौहान को उतारने की प्लानिंग कर रही है। यह बड़ी चुनौती होगी और इसके कारण ज्योतिरादित्य सिंधिया पश्चिम उत्तरप्रदेश में स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पाएंगे।
2014 में ज्योतिरादित्य सिंधिया कुछ विशेष विधानसभाओं में हार गए थे। इस बार चुनाव चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

ग्वालियर में भाजपा सांसद नरेंद्र सिंह तोमर का भारी विरोध है। वो सीट छोड़कर भागना चाहते हैं। भाजपा के पास कोई विकल्प नहीं है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में ग्वालियर व्यापार मेले में 50 प्रतिशत टैक्स छूट दिलवाई है इससे उनकी लोकप्रियता का ग्राफ काफी बढ़ गया है।
ग्वालियर सीट सिंधिया परिवार की प्रतिष्ठापूर्ण सीट रही है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के लड़ने से वह सीट सिंधिया परिवार के पास वापस आ जाएगी।

SC ने एक बार फिर SC/ST कानून में संशोधनों पर रोक लगाने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक बार फिर अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (SC/ST Act) कानून में किये गये संशोधनों पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। संशोधनों के माध्यम से, इस कानून के तहत शिकायत होने पर आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं देने का प्रावधान बहाल किया गया है।

न्यायमूर्ति उदय यू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस विषय पर विस्तार से सुनवाई की आवश्यकता है और उचित होगा कि एक साथ इन पर विचार किया जाए। पीठ ने कहा कि केन्द्र की पुनर्विचार याचिका सहित सारे मामलों की 19 फरवरी को सुनवाई की जाएगी। पीठ ने 20 मार्च 2018 के शीर्ष अदालत के फैसले से पहले की स्थिति बहाल करने से संबंधित अजा-अजजा कानून में संशोधनों पर रोक लगाने से इंकार कर दिया।
इससे पहले, एक याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने इन संशोधनों पर तत्काल रोक लगाने का अनुरोध किया था। शीर्ष अदालत ने इससे पहले 25 जनवरी को कहा था कि वह केन्द्र की पुनर्विचार याचिका और इन संशोधनों को चुनौती देते वाली याचिकाओं को उचित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने पर विचार करेगी।

शीर्ष अदालत ने सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ अजा-अजजा कानून के दुरूपयोग के मद्देनजर 20 मार्च, 2018 को अपने फैसले में कहा था कि इस कानून के तहत शिकायत मिलने पर तत्काल ही गिरफ्तारी नहीं की जायेगी। इस फैसले के बाद संसद ने पिछले साल नौ अगस्त को एक संशोधन विधयेक पारित करके न्यायालय की व्यवस्था को निष्प्रभावी बना दिया था। इस संशोधन के तहत प्रावधान किया गया है कि अजा-अजजा कानून के तहत किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होने पर किसी तरह की प्रारंभिक जांच की आवश्यकता नहीं है और बगैर किसी मंजूरी के ही आरोपी को गिरफ्तार किया जा सकता है।

संपत्ति पर कब्जा करने वाला उसका मालिक नहीं हो सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में व्यवस्था दी है कि किसी संपत्ति पर अस्थायी कब्जे करने वाला व्यक्ति उस संपत्ति का मालिक नहीं हो सकता। साथ ही टाइटलधारी भूस्वामी ऐसे व्यक्ति को बलपूर्वक कब्जे से बेदखल कर सकता है, चाहे उसे कब्जा किए 12 साल से अधिक का समय हो गया हो।

शीर्ष कोर्ट ने कहा कि ऐसे कब्जेदार को हटाने के लिए कोर्ट की कार्यवाही की जरूरत भी नहीं है। कोर्ट कार्यवाही की जरूरत तभी पड़ती है जब बिना टाइटल वाले कब्जेधारी के पास संपत्ति पर प्रभावी/ सेटल्ड कब्जा हो जो उसे इस कब्जे की इस तरह से सुरक्षा करने का अधिकार देता है जैसे कि वह सचमुच मालिक हो।
जस्टिस एनवी रमणा और एमएम शांतनागौडर की पीठ ने फैसले में कहा कि कोई व्यक्ति जब कब्जे की बात करता है तो उसे संपत्ति पर कब्जा टाइटल दिखाना होगा और सिद्ध करना होगा कि उसका संपत्ति पर प्रभावी कब्जा है। लेकिन अस्थायी कब्जा (कभी छोड़ देना कभी कब्जा कर लेना या दूर से अपने कब्जे में रखना) ऐसे व्यक्ति को वास्तविक मालिक के खिलाफ अधिकार नहीं देता। कोर्ट ने कहा प्रभावी कब्जे का मतलब है कि ऐसा कब्जा जो पर्याप्त रूप से लंबे समय से हो और इस कब्जे पर वास्तविक मालिक चुप्पी साधे बैठा हो। लेकिन अस्थायी कब्जा अधिकृत मालिक को कब्जा लेने से बाधित नहीं कर सकता।
पीठ ने कहा कि संपत्ति पर कभी कभार कब्जा कर लेना या उसमें घुस जाना, जो स्थायी कब्जे में परिपक्व नहीं हुआ है, उसे वास्तविक मालिक द्वारा हटाया जा सकता है और यहां तक कि वह आवश्यक बल का भी प्रयोग कर सकता है। कोर्ट ने कब्जेदार का यह तर्क भी ठुकरा दिया कि लिमिटेशन एक्ट, 1963 की धारा 64 के तहत मालिक ने कब्जे के खिलाफ 12 वर्ष के अंदर मुकदमा दायर नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि यह समय सीमा प्रभावी / सेटल्ड कब्जे के मामले में ही लागू होती है और अस्थायी कब्जे के मामले में नहीं।

23 प्राइवेट कॉलेजों में 38 कोर्स की 1410 सीटें खत्म होंगी

ग्वालियर . जीवाजी यूनिवर्सिटी से जुड़े अंचल के 23 कॉलेजों ने अपने यहां चलाए जा रहे 38 कोर्स को बंद करने की अनुमति मांगी है। इससे बीसीए, बीबीए, पीजीडीसीए जैसे कोर्स की 1410 सीटें समाप्त हो जाएंगी। बुधवार को जेयू में हुई स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। अब इन्हें 7 फरवरी को होने वाली कार्यपरिषद की बैठक में रखा जाएगा।

जहां कोर्स बंद करने पर अंतिम मुहर लगेगी। कोर्स बंद करने की वजह इनके प्रति छात्रों का रुझान कम होना रहा है। कुछ साल पहले तक बीसीए, बीबीए, पीजीडीसीए जैसे कोर्स की मांग ज्यादा होने के कारण कॉलेजों ने इनकी सीटें बढ़ा ली थीं, लेकिन अब धीरे-धीरे इन कोर्सेस में छात्र मिलना बंद हो गए हैं। 
9 सरकारी कॉलेजों में बढ़ेंगी सीटें : वहीं दूसरी ओर सरकारी कॉलेजों में बीए, बीकॉम जैसे रेगुलर कोर्स की 784 सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। 6 कॉलेजों को शोधकेंद्र बनाए जाने को मंजूरी : स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में माधव लॉ कॉलेज, एचआईसीटी शिक्षा महाविद्यालय, महात्मा गांधी कॉलेज ऑफ लॉ, विजयाराजे शासकीय कन्या महाविद्यालय, वीणा वादिनी टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, एमपीएस शिक्षा महाविद्यालय को शोध केंद्र बनाए जाने को मंजूरी दी गई है। बैठक में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, प्रभारी रजिस्ट्रार आईके मंसूरी तथा विभागों में डीन मौजूद थे। 

“छात्रों का रुझान वोकेशनल कोर्सों की ओर बढ़ा है, इसलिए पुराने कोर्स बंद हो रहे हैं। हमने इसी कारण कुछ कोर्स बंद करने का प्रस्ताव जेयू को भेजा है। -राकेश चौबे, डायरेक्टर, एमजीएम कॉलेज “

“जिन कोर्सों से रोजगार के अवसर कम हुए हैं, छात्र उन कोर्सों में प्रवेश नहीं ले रहे हैं इसलिए कॉलेज संचालकों को काेर्स बंद करने का प्रस्ताव भेजना पड़ा है। -प्रो. डीडी अग्रवाल, डायरेक्टर, कॉलेज डवलपमेंट काउंसिल “

पूर्व विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी पूर्व विधायक राव राजकुमार सिंह यादव पूर्व जिला पंचायत मलकीत सिंह भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल


अशोक नगर
पूर्व विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी पूर्व विधायक राव राजकुमार सिंह यादव पूर्व जिला पंचायत मलकीत सिंह भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल भोपाल प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं सांसद सिंधिया के समक्ष ली सदस्यता।
सूत्रों के अनुसार भाजपा अपनी लोकसभा तैयारियों के तहत कांग्रेस के सिंधिया सहित बड़े नेताओं को घेरने का अभी प्लान ही बना रही थी कि इससे पहले ही कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा पर एक ऐसा तीखा प्रहार किया है कि भाजपा तिलमिला गई है।
दरअसल सिंधिया ने अशोकनगर, गुना और शिवपुरी क्षेत्र के भाजपा नेताओं को कांग्रेस में शामिल कराया। वे इनको लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे।इसमें भाजपा के पूर्व विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी और राजकुमार यादव शामिल हैं। इनके अलावा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मलकीत सिंह संधु व पूर्व जिला पंचायत सदस्य अमरजीत कौर के साथ चार सरपंच व चार पूर्व सरपंच भी भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए। दोनों पूर्व विधायक व संधु भाजपा से विधानसभा चुनाव का टिकट नहीं मिलने से नाराज थे।

इधर,सीएम के चेंबर में सिंधिया और सीएस… वहीं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलने मंत्रालय पहुंचे। उन्होंने लोकसभा चुनाव के पहले ग्वालियर-गुना संसदीय क्षेत्र के विकास को लेकर मॉडल प्रोजेक्ट पेश किया।

क्यों ठिठुर रहे भारत सहित कई देश

नई दिल्ली भारत, अमेरिका और ब्रिटेन समेत दुनिया के कई देशों में इस बार कड़ाके की ठंड ने कई साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कड़ाके की ये ठंड इस बार न केवल बहुत जल्दी शुरू हुई, बल्कि लंबी चल रही है। आलम ये है कि इस वर्ष भारत के उन पहाड़ी इलाकों में भी भारी बर्फबारी हुई है, जहां 10 साल से ज्यादा समय से बर्फ नहीं गिरी थी। बर्फ गिरने का ये सिलसिला अब भी जारी है। इसकी वजह आर्कटिक ब्लास्ट है। इसी वजह से अमेरिका में खून जमा देेने वाली सर्दी पड़ रही है और लोगों को ठंड से बचने के लिए घर से बाहर निकलने पर गहरी सांस न लेने और कम बात करने की चेतावनी जारी की गई है।

मंगलवार को राजस्थान के चूरू में तापमान -1.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भारतीय मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान समेत समस्त उत्तर भारत में भीषण ठंड पड़ने की वजह, पोलर वोर्टेक्स (ध्रुवीय चक्रवात) का टूटना हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में जनवरी के अंतिम पश्चिमी विक्षोभ ने दस्तक दी है। लिहाजा, गुरुवार तक इसका असर देखने को मिलेगा। इसकी वजह से पश्चिमी हिलायन क्षेत्र (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल व उत्तराखंड) में बर्फबारी और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत समेत दुनिया के अन्य देशों में इस वर्ष पड़ रही कड़ाके की सर्दी का संबंध आर्कटिक की बर्फीली हवाओं से है। वहां की बर्फीली हवाओं के कारण ही उत्तर भारत समेत यूरोप व अमेरिका में भी इस बार रिकॉर्ड तोड़ सर्दी पड़ रही है। आर्कटिक से ठंड यूरोप और अमेरिका में फैल रही है, जो पश्चिमी विक्षोभ के साथ उत्तर भारत तक पहुंच रही है।

अमेरिका में पारा -53 डिग्री गिरने की ओर
आर्कटिक ब्लास्ट की वजह से अमेरिका में पड़ रही कड़ाके की सर्दी ने कई वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अमेरिका में भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त है और पारा -53 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की ओर है। ये सब पोलर वोर्टेक्स (ठंडी हवाओं) की वजह से हुए आर्कटिक ब्लास्ट के कारण हो रहा है। ऐसे में मध्य पश्चिमी राज्य जैसे विस्कोंसिन, मिशिगन और इलिनोइस आदि में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका के दक्षिणी राज्यों अलाबामा और मिसीसिपी आदि में भी जल्द मौसम की मार पड़ने वाली है, लिहाजा यहां भी आपातकाल लागू किया जा सकता है। आयोवा राज्य के मौसम अधिकारियों के अनुसार अमेरिका में खून जमाने वाली सर्दी पड़ रही है। ऐसे में अधिकारियों ने लोगों के लिए चेतावनी जारी की है कि वह घर से बाहर निकलते वक्त गहरी सांस न लें और कम से कम बात करें। अमेरिका में मौसम की मार की वजह से 1100 उड़ाने रद कर दी गई हैं।

10 मिनट में जानलेवा हो सकती है ठंड
अमेरिका में इन दिनों इतनी ज्यादा सर्दी पड़ रही है कि राष्ट्रीय मौसम सेवा ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि ऐसे मौसम में 10 मिनट तक खुले आसमान के नीचे रहना जानलेवा साबित हो सकता है। मौसम सेवा केंद्र ने अमेरिका में मंगलवार से गुरुवार तक मौसम की सबसे ज्यादा मार पड़ने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने आशंका व्यक्त की है कि इस दौरान शिकागो का तापमान पृथ्वी के सबसे ठंडे आर्कटिक से भी कम हो सकता है। इस दौरान इलिनोइस, विस्कोंसिन, अलाबामा और जॉर्जिया में भीषण बर्फबारी होने की संभावना व्यक्त की गई है।

क्या होता है पश्चिमी विक्षोभ
पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागर से पश्चिम और आसपास की ओर आता है। इसमें कम दबाव की हवाओं के कण होते हैं। इससे ठंडी और नम हवाएं चलती हैं। पश्चिमी विक्षोभ दो तरह से चलता है, पहला ये हिमालय से टकराकर उत्तर भारत को प्रभावित करता है और दूसरा ये उत्तर की ओर उड़ जाता है। मौसम विभाग के अनुसार जनवरी 2019 में अब तक सात पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में दस्तक दे चुके हैं। पश्चिमी विक्षोभों की ये संख्या काफी ज्यादा है, इस दौरान अमूमन इनकी संख्या लगभग चार होती है।

मंगलवार को कांपती रही दिल्ली
मंगलवार को उत्तर भारत का अधिकतम तापमान 20.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री और न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम था। इस दौरान हवा में नमी का स्तर 52 से 94 फीसद के बीच रहा। मंगलवार को दिल्ली के लोदी रोड पर पारा 4.4, आया नगर पर 5.2, पालम पर 5.1, जफरपुर पर 3.8, मंगेशपुर पर 4.4 और नजफगढ़ पर 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने एक फरवरी तक हल्की बारिश के आसार जताए हैं।

आर्कटिक ब्लास्ट या कोल्ड ब्लास्ट का मतलब
पृथ्वी पर सबसे ठंडी जगह अंटार्कटिका महासागर है, जो उत्तरी ध्रुव पर मौजूद है। यहां हर वक्त तापमान शून्य

बड़ी खबर-डकैतो ने की किसान के साथ 40 हजार की लूट,फिरौती के पैसे न होने के चलते नग्न हालत में रोड किनारे छोड़ फरार

पोहरी- एक बार फिर वर्षो बाद पोहरी क्षेत्र डकैतो के आतंक से दहशत में नजर आ रहा है बात करे तो 8-10 सालों से पोहरी या आस पास के क्षेत्रों में डकैतो का खत्मा से ही हो गया। इसके बाद क्षेत्र की जनता अमन शांति से अपना जीवन यापन कर रही है जंगलो में भी बिना भय के आदिवासी क्षेत्र के लोग अपनी रोजी रोटी के लिए जंगल मे काम के लिए निकल जाते है।लेकिन क्षेत्र में नई सरकार के आने के बाद मानो डकैत समस्या एक बार फिर क्षेत्र में उत्पन हो गई है लगभग 20 दिनों से 10 से 12 हथियारबंद डकैत पोहरी एव आस पास के क्षेत्र में आतंक का काला अध्याय लिख रहे हो।
बात करे तो चकराना के बाद रिजोदा- देबरीखुर्द के पास नदी yu के आस पास हवाई फायरिग,के बाद देहदे के जंगल मे मारपीट,घटना के बाद धींगपुर-एनपुरा के मार से किसान का अपहरण का प्रयास,मारोरा में बंधक बनाकर बुजुर्ग दंपति के साथ लूट,इसके बाद भी अलग अलग क्षेत्र में अपना आतंक डकैतो ने फैलाया है
इसी बीच डकैतो द्वारा किसान का अपहरण कर 40 हजार की लूट को अंजाम दिया है एव उसे 5 दिनों तक किसान के साथ मारपीट की किसान के पास फिरौती पैसे नही होने के कारण ,नग्न हालत में रोड किनारे छोड़ कर भाग गए यदि अपहरण कार्यकर्ता किसान की माने तो जरियाखेड़ी के आस पास सरसो के खेत एव जंगल मे ही किसान को रखते एव कुल 7 लोग इस गिरोह में है एव जो डकैतो की भाषा है एव क्षेत्रीय बोली में ही बात करते थे पोहरी क्षेत्र में डकैतो के हौसले इतने बुलंद है कि पुलिस प्रशासन का भी भय नही रहा।जबकि पुलिस प्रशासन क्षेत्र एव जंगल मे लगातार सर्चिग कर रही है लेकिन कोई खास सफलता पुलिस को अभी मिली देखी नही दे रही है