इलाहाबाद: कुंभ 2019 में छह मुख्य स्नान पर्व, 12 करोड़ लोग करेंगे कल्पवास

इलाहाबाद । संगम तट पर कुंभ 2019 का आयोजन 14 जनवरी से चार मार्च तक होगा। इस अवधि में 14 जनवरी को मकर संक्रांति, 21 फरवरी को पौष पूर्णिमा, चार फरवरी को मौनी अमावस्या, 10 फरवरी को वसंत पंचमी, 19 फरवरी को माघी पूर्णिमा व चार मार्च को महाशिवरात्रि मुख्य स्नान पर्व होंगे। इसी अवधि में तीन शाही स्नान मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या व वसंत पंचमी पर होंगे। महाशिवरात्रि स्नान के साथ ही कुंभ का समापन होगा।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही कमलनाथ मंत्रिमंडल की सूची जो इस प्रकार है देखिए

भोपाल। चलिए कांग्रेस सरकार का मंत्रिमंडल भी तय हो गया। 28 मंत्रियों ने शपथ ली और सारे के सारे कैबिनेट मंत्री। यानी अभी राज्यमंत्रियों के लिए गुंजाइश बाकी है। हाईकमान की पोटली में कुछ पद बाकी हैं।

मंत्रियों में विभागों का बंटवारा कुछ इस तरह हुआ है

बाला बच्चन-वित्त

गोविंद सिंह -सहकारिता
प्रभुराम चौधरी-स्वास्थ्य
सज्जन सिंह वर्मा-नगरीय प्रशासन,
जीतू पटवारी-जनसम्पर्क
हुकुमसिंह -वन
विजयलक्ष्मी साधो-महिला एवम बाल विकास
गोविंद राजपूत-उद्योग
तुलसी सिलावट-गृह
आरिफ अकील-अल्प संख्यक कल्याण,गैस राहत
सचिन यादव-खाद्य
सुखदेव पांसे-उच्च शिक्षा
पी सी शर्मा-तकनीकी शिक्षाबृजेन्द्र सिंह-पंचायत ग्रामीण विकास
बृजेन्द्र सिंह-पंचायत ग्रामीण विकास
प्रियव्रत सिंह -राजस्व
प्रदीप जायसवाल-आबकारी
ओमकार मरकामर-आदिम जाति कल्याण
तरुण भनोट-नर्मदा घाटी विकास
इमरती देवी-पर्यटन
उमांग श्रृंगर-संसदीय कार्य
कमलेश्वर पटेल-पिछड़ा वर्ग
जयवर्धन सिंह-खेल एवं युवा कल्याण
लखन घनघोरिया-नर्मदा घाटी विकास
प्रद्युम्न तोमर-स्कूल शिक्षा
महेंद्र सिसोदिया-संस्कृति
हर्ष यादव-बुन्देलखण्ड विकास
लाखन सिंह यादव-मेडिकल एजुकेशन

कैबिनेट में CM कमलनाथ ने दिखाए कड़े तेवर, बिजली सप्लाई को लेकर निर्देश जारी

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी पहली कैबिनेट में मंत्रियों और अधिकारियों को अपने कड़े तेवर दिखला  दिए। उन्होंने बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए जिला स्तर पर ऊर्जा समितियों को भंग करने के निर्देश दिए। सीएम ने तय समय मे खराब ट्रांसफॉर्मर बदलने के भी आदेश दिए। इसके अलावा उन्होंने मंत्रियों से साफ तौर पर कहा कि विभाग की पूरी जिम्मेदारी मंत्रियों की रहेगी।

कैबिनेट की पहली बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वय की जिम्मेदारी अधिकारियों की रहेगी। अधिकारी याद रखे कि जो काम नहीं करेगा उन अधिकारियों को बदल दिया जाएगा। कमलनाथ बिजली व्यवस्था को लेकर सबसे ज्यादा गंभीर दिखे। बिजली सप्लाई व्यवस्थित और निर्बाध बनाने के लिए उन्होंने बिजली कंपनी के अधिकारियों को हर कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को हर कैबिनेट में बिजली व्यवस्था के अपडेट को लेकर एक प्रेजेंटेशन देने को कहा है। ये पूरी कवायद बिजली बिल हाफ करने के लिए की जा रही है।

करीब  2 घंटे तक चली इस बैठक में कमलनाथ ने अधिकारियों से कहा कि जो काम उनके स्तर का है वो वहीं निपटा लिया जाए। यदि ये काम उनके पास पहुंचा तो ये बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पहली ही बैठक में उन्होंने कड़े तेवर दिखलाते हुए कहा कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही और गड़बड़ी नहीं होना चाहिए। कमलनाथ सरकार की दूसरी कैबिनेट गुरुवार को फिर बुलाई गई है, जिसमें किसान कर्ज माफी पर चर्चा की जाएगी।

अधिकारियों के लिए तो कमलनाथ सख्त दिखे ही, लेकिन अपनी टीम के सदस्यों को भी कमलनाथ ने कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि प्रदेश का शासन मुख्यमंत्री सचिवालय से नहीं बल्कि विभाग से ही चलेगा। अपने विभाग के लिए मंत्री खुद जिम्मेदार होंगे। विभागीय मंत्रियों की जिम्मेदारी है कि वचन पत्र में किए वादे का जल्द से जल्द क्रियान्वन हो और समापन निश्चित समय में हो ये निर्धारित किया जाए।

शाही घराने से हैं दिग्विजय सिंह की बहु सृजाम्या, जानें उनसी जुड़ी कुछ बातें

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और उनके सांसद बेटे जयवर्धन सिंह के बारे में तो आपको खूब सुना होगा। आज हम आपको उनके बेटे की पत्नी यानी दिग्विजय सिंह की बहु सृजाम्या सिंह के बारे में बताने जा रहे हैं। जयवर्धन और बिहार के डुमरिया शाही घराने की राजकुमारी सृजाम्या की शादी 19 मई, साल 2015 में हुई थी। 

सृजाम्या अपने 32 वर्षीय विधायक पति से आयु में पांच साल छोटी हैं। मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल के शपथ वाले दिन सृजाम्या अपने पति के साथ आई थीं। जयवर्धन विधानसभा के लिए राघौगढ़ सीट से लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं। अपने पति को जिताने के लिए सृजाम्या ने काफी जोर शोर से प्रचार किया था। 
अपने जन्मदिन के दिन भी सृजाम्या ने गांव वालों की मौजूदगी में केक काटा और बर्थविश के तौर पर पति के लिए वोट की मांग की। उन्होंने लोगों से पूछा कि उन्हें उनके पति का काम कैसा लगा। उनका कहना है कि वह अपने पति के निर्वाचन क्षेत्र कई बार जा चुकी हैं और वहां के लोग उनके परिवार की तरह हैं। 

राघौगढ़ के लोगों से उनका बेहद अच्छा जुड़ाव है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के गृह नगर राघौगढ़ में उनका ऐतिहासिक किला भी है। वहीं उनका परिवार निवास करता है। सृजाम्या का परिवार काफी समय से राजनीति से जुड़ा है। उनके दादा रणविजय सिंह आरजेडी का मुख्य चेहरा रह चुके हैं और दो बार बिहार विधानसभा में विधायक रह चुके हैं। उनके परदादा शत्रुमर्दन शाही पूर्व शिक्षा मंत्री रह चुके हैं।

तीन बार मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय का बिहार से पुराना नाता है। उनकी दादी वहीं की रहने वाली थीं। वह मुख्यमंत्री रहते हुए भी कई बार बिहार जाते रहे हैं। आज भी उन्हें राघौगढ़ के लोग राजा कहकर संबोधित करते हैं। उनके बेटे जयवर्धन ने देहरादून के स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने के बाद आगे की पढ़ाई अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी से की है।

सृजम्या ने अजमेर के मायो कॉलेज गर्ल्स से पढ़ाई की है। उन्होंने प्रमुख चार्टर्ड कंपनी ठाकुर, वैद्यनाथ अइयर एंड सीओ के साथ काम किया है। इस कंपनी के संस्थापक पूर्व गृह मंत्री रामेश्वर ठाकुर थे। अभी वह अपने पति का राजनीति में पूरा सहयोग कर रही हैं।

उनके निवास स्थान राघौगढ़ में भी लोग अपनी समस्याओं के निवारण के लिए उनसे मिलने आते हैं। शाही तौर तरीकों से बड़ी हुई सृजाम्या लोगों की परेशानियों को काफी आराम से सुनती हैं। वह अपने पति के निर्वाचन क्षेत्र में उनके बिना भी जाती रहती हैं और लोगों से मुलाकात करती हैं। 

संगम नगरी में पहली पेशवाई: जूना अखाड़े के साधु संतो का कुंभ में प्रवेश; एक लाख टेंट तैयार हो रहे हैं


प्रयागराज
संगम नगरी इलाहाबाद में कुंभ की तैयारियों के बीच मंगलवार से अखाड़ों का शाही प्रवेश शुरू हो गया। शुरुआत सबसे बड़े श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा और श्रीपंच अग्नि अखाड़े से हुई। विधिवत रूप से ये पेशवाई अखाड़े के शिविर मौज गिरि से सुबह 11 बजे गाजे बाजे के साथ शुरू हुई। पेशवाई में अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि मौजूद थे। इस दौरान बड़ी संख्या में अखाड़े के महंत और संत घोड़ों, हाथी और ऊंटों पर सवार होकर निकले। साधु-संतों के जयकारों से संगमनगरी गूंज उठी। नागाओं ने लाठी-डंडों के करतब दिखाए। कोई हाथ में तलवार लेकर नजर आया तो कोई भोले बाबा का त्रिशूल लेकर करतब दिखा रहा था। रमता पंच के कलाकाराें ने पेशवाई की शोभा बढ़ाई 

पांच हजार कॉटेज बन रहे 

25 किमी में कुंभ मेला लगेगा, जो करीब 45 दिन तक चलेगा। कुंभनगरी में एक लाख टेंट लगाए जाएंगे। पांच सितारा सुविधाओं वाले पांच हजार कॉटेज बनाए जा रहे हैं। दुनिया में एक जगह सबसे सबसे अधिक लोगों के जुटने के कारण कुंभ यूनोस्को की सांस्कृतिक विरासत में शामिल है। 

कुंभनगरी में कैश जरूरी नहीं, पीएनबी का ई-रुपया चलेगा 

कुंभ आस्था के साथ ही तकनीकी सहूलियत का भी संगम बनेगा। श्रद्धालुओं के लिए ‘ई रुपया कार्ड’ का विकल्प उपलब्ध है। मोबाइल की तरह रिचार्ज करवाकर इससे रोजमर्रा की शॉपिंग की जा सकेगी। सुविधा के तहत सरकार का सहयोगी पंजाब नेशनल बैंक ऑफलाइन प्रीपेड ई रुपया कॉर्ड दे रहा है। 

अखाड़ों की पेशवाई 10 जनवरी तक 

अखाड़ा धर्म ध्वजा पेशवाई 

आह्वान अखाड़ा 20 दिसंबर 27 दिसंबर 
महानिर्वाणी अखाड़ा 27 दिसंबर 1 जनवरी 

निरंजनी अखाड़ा 28 दिसंबर 2 जनवरी 

आनंद अखाड़ा 28 दिसंबर 3 जनवरी 

अटल अखाड़ा 27 दिसंबर 3 जनवरी 

बड़ा उदासीन अखाड़ा 12 जनवरी 11 जनवरी 

निर्मल अखाड़ा 4 जनवरी 13 जनवरी 

नया उदासीन अखाड़ा 9 जनवरी 10 जनवरी 

(अखाड़ों के कार्यक्रम में बदलाव संभव है।) 
भागलपुर, बुधवार, 26 दिसंबर, 2018 

26 मंत्री दूत बने, न्योता देने जाएंगे 

कुंभ को उत्तर प्रदेश सरकार सबसे बड़ा इवेंट बनाने जा रही है। यही वजह है कि योगी सरकार दूसरे प्रदेशों में भी कुंभ का आमंत्रण बांटने के लिए अपने 26 मंत्रियों को दूत बनाकर भेजने वाली है। वे दूसरे राज्यों में आमंत्रण पत्र देंगे। 

मौज गिरि जूना अखाड़े की शाही पेशवाई के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। महात्मा स्वामी नरेंद्रनंद सरस्वती ने बताया कि मौज गिरि अखाड़ा ने नैनी ब्रिज और परेड ग्राउंड होते हुए मेला क्षेत्र में प्रवेश किया। रथ में बैठे साधु-संतों पर श्रद्धालुओं ने फूलों की बारिश की। नागा साधु नगाड़ों की थाप पर जमकर नाचे। विदेश से भी सैलानियों का पहुंचना शुरू हो गया है। 

ट्रक ने खंबे मैं मारी टककर, तार गिरने से कोल्ड स्टोरेज में आग, 15 घंटे सुलगी


ग्वालियर
पुरानी छावनी स्थित गणपति कोल्ड स्टोरेज के पास बिजली के खंभे में ट्रक ने टक्कर मार दी। ट्रक की टक्कर से हाईटेंशन लाइन के तार टूटने से कोल्ड स्टोरेज में आग लग गई। कोल्ड स्टोरेज में भारी मात्रा में मिर्ची, लौंग, गुड़ भरा हुआ था। आग सुबह लगभग 4 बजे लगी औैर कर्मचारियों ने धुअां सुबह 11 बजे देखा। आग 15 घंटे में रात तक काबू में नहीं आई थी और एयरफोर्स की दमकलें भी रात में काबू करने के लिए कोल्ड स्टोरेज पर पहुंच गई थीं। स्टोरेज में रात तक धुआं उठ रहा था। स्टोरेज में मिर्ची, लौंग सहित किराना व मेवा के लगभग 35 हजार बोरे रखे थे। 

बताया गया है कि सुबह लगभग 4 बजे अजय चौधरी के गणपति कोल्ड स्टोरेज के पास एक अनियंत्रित ट्रक ने बिजली के खंभे में टक्कर मार दी। इस टक्कर से बिजली के हाईटेंशन तार टूटकर कोल्ड स्टोरेज पर गिर गए। इसके बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों ने कुछ देर में बिजली सप्लाई बंद कर दी। समझा यही जा रहा है कि आग सुबह इसी हादसे के बाद सुलगी, लेकिन धुआं न उठने से कर्मचारियों को पता नहीं चला। सुबह 11 बजे धुआं उठते देख कर्मचारियों ने दमकल को सूचना दी। आग की सूचना मिलने पर तत्काल नगर निगम का दमकल दस्ता मौके पर पहुंचा और आग को काबू करने के प्रयास किए। रात तक दमकल की 25 से अधिक गाड़ियों से पानी फेंका जा चुका था फिर भी आग लगातार धधक रही थी। 

देर रात तक नहीं बुझाई जा सकी आग 

नगर निगम की दमकल से आग काबू न आने पर शाम को एयरफोर्स से मदद मांगी गई और एयरफोर्स से शाम लगभग 7 बजे फोम की दमकल मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। एयरफोर्स की दमकल रात लगभग 9 बजे वापस रवाना हुई, इसके बाद भी नगर निगम की दमकलें किराने के सामान में सुलग रही आग को काबू करने में लगी थी। 

10 करोड़ का माल था 

कोल्ड स्टारेज में अधिकतर किराना सामग्री के बाेरे थे। इसके अलावा दालें भी रखी हुई थीं। लगभग 35 हजार रखे बोरे जिनकी कीमत 10 कोड बताई गई है। 

कोल्ड स्टोरेज में आग लगने के कारण उठता धुआं। 

आसपास के गांवों के रहवासी रात तक रहे परेशान 

स्टोरेज में रखी मिर्ची जलने से दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक मिर्ची के धुएं(भंस) से पुरानी छावनी सहित क्षेत्र के गावों के ग्रामीण परेशान रहे। मिर्ची के धुएं के कारण ग्रामीण दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक घरों के बाहर मुंह खोलकर नहीं निकल सके। 

भारतीय जनता पार्टी से क्षेत्र में लोहा लेने वाले के पी सिंह को कांग्रेस का तोहफा.

(करुणेश शर्मा संपादक)
*लोकसभा चुनाव में खामियाजा भुगत सकती है कांग़ेस.
*कद्दावर नेताओं को धीरे धीरे समाप्त किया जा रहा है, शिवपुरी जिले की राजनीति में.
शिवपुरी छठवीं बार विधायक पिछोर से रहने वाले के पी सिंह जो हमेशा भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर रहे हैं ,भारतीय जनता पार्टी की तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती से लेकर शिवराज सिंह चौहान के खास निशाने पर रहने वाले के पी सिंह ने भारतीय जनता पार्टी से जमकर लोहा 15 वर्षों में लिया है ,अपने समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेताओं को पिछोर के अभेद्य कांग्रेसी किले में दाखिल नहीं होने दिया के पी सिंह नेे.  पिछोर की शान समझे जाने वाले इस कद्दावर कांग्रेसी नेता को व शिवपुरी जिले की जनता को कांग्रेस ने मंत्रिमंडल में के पी सिंह को शामिल ना करके काफी मायूस किया है.
जनता को उम्मीद थी कि कैबिनेट मंत्री बन कर के पी सिंह क्षेत्र के लोगों की मदद कर सकेंगे क्योंकि 15 वर्षों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पिछोर से विकास की सारी योजनाओं को समेट लिया था. के पी सिंह के कारण भाजपा ने पिछोर में विकास कार्य लगभग बंद कर दिये थे एवं कोई सुनवाई भारतीय जनता पार्टी शासन में नहीं थी किंतु अपने व्यक्तिगत प्रभाव व व्यवहार से जनता के दुख दर्द में शामिल होते रहे क्योंकि जनता के पी सिंह को परिवार का एक सदस्य मानकर 15 वर्षों से उनको साथ लेकर चल रही थी इस उम्मीद में कि हमारा नेता जब पावर में आएगा अर्थात कांग्रेस के शासन में कद्दावर कैबिनेट मंत्री बनेंगे तब हम क्षेत्र की जनता सारी भरपाई कर लेगी. इस कारण शिवपुरी जिले की जनता काफी मायूस नजर आ रही है और सोशल साइट्स पर प्रतिक्रियाएं देती हुई देखी जा रही है कांग्रेस के सारे कार्यकर्ता मायूसी की हालत में शांत बैठे हुए हैं यह कांग्रेस के लिए अच्छे संकेत नहीं है और केपी सिंह जी भी कोई प्रतिक्रिया ना देकर बिलकुल चुप अपनी जनता के बीच बैठे हुए हैं.
क्योंकि क्षेत्र को ऐसा नेता जो जनता अपने परिवार का सदस्य मानने लगे भाग्य से ही मिलता है . इन 15 वर्षों में के पी सिंह ने जनता व अपने बीच की थोड़ी बहुत दूरी को बिल्कुल पाट दिया था .कांग्रेस हाईकमान ने  के पी सिंह को मंत्रिमंडल में ना लेकर लोकसभा चुनाव के दृष्टिकोण से आत्मघाती कदम उठाया है , शिवपुरी जिले में कांग़ेस में कद्दावर नेता थे धीरे धीरे अपना वजूद खोते जा रहे क्योंकि सिंधिया जी को उन पर विश्वास नहीं. लेकिन ये वो लोग हैं जो हर हाल में कांग़ेस के लिये लड़ते हैं किसी राजवंश के लिये नहीं इनकी गिनती वफादार कांग़ेसियों में होती है, ऐसे लोगों को सिंधिया जी चुन चुन कर पृष्ठभूमि में भेज रहे ऐसा यहां के राजनीतिक पंडितों का कहना है. लेकिन लोकसभा चुनाव में इसका खामियाजा सिंधिया जी को भुगतना पड़ सकता है, इसका उदाहरण तो कोलारस विधानसभा के परिणाम हैं ही जनता अब मंदबुद्धि लोगों और चापलूसों को नकारने लगी है, हो सकता है कोई रघुवंशी जैसा सूरवीर और रघुवंशी अगर लोकसभा में आ गया तो लेने के देने पड़ जायेंगे.राजनीतिक पंडित यह गणित तरह तरह से समझने की कोशिश कर रहे हैं इस दिशा में कांग्रेस हाईकमान राहुल गांधी सोनिया गांधी को सोचना होगा व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी इस दिशा में पहल करके राहुल गांधी को स्थिति से अवगत कराने की जरूरत है क्योंकि लोकसभा क्षेत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया का भी है और केपी सिंह के मंत्री ना बनने से जनता में अच्छा मैसेज नहीं जा रहा है एवं लोकसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देने के मूड में दिखाई दे रही है भारतीय जनता पार्टी के लिए यह शानदार मौका है. ज्योतिरादित्य सिंधिया को पहल कर कर राहुल गांधी को इस स्थिति से अवगत कराना आवश्यक है जिससे समय रहते इस स्थिति से निपट कर जनता को संतुष्ट किया जा सके.
हाईकमान को इस दिशा में गंभीरता से सोच कर क्षेत्र की जनता को संतुष्ट करने के लिए के पी सिंह को मंत्रिमंडल में सम्मानजनक पद देना ही एकमात्र विकल्प नजर आ रहा है क्योंकि अभी भी समय है जिसे पाटा जा सकता है.
ये शिवपुरी की जनता का दुर्भाग्य ही है सत्ता में आने के बाद भी क्षेत्र के कार्यकर्ता मायुस हैं आखिर जनता और कार्यकर्ता का कसूर क्या है केवल इतना ही एक राजवंश का पोषण.