विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को तगड़ा झटका लगा !!

इंदौर: विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को तगड़ा झटका लगा है, बीजेपी के तीन बड़े कद्दावर नेताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ले ली है। नरसिंहपुर के तेंदूखेड़ा से वर्तमान बीजेपी विधायक संजय शर्मा, पूर्व विधायक कमला पति आर्य और गुलाब सिंह किरार ने कांग्रेस को दामन थाम लिया है। कांग्रेस अध्यक्ष अभी प्रदेश के दौरे पर हैं, जहां इन्दौर में तंदुखेड़ा के बीजेपी विधायक ने राहुल के सामने भाजपा को छोड़ कर कांग्रेस की सदस्यता ले ली। संजय शर्मा तेंदूखेड़ा सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं। एसे में चुनाव के एन वक्त पहले भाजपा नेताओं का कांग्रेस में शामिल होना पार्टी के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
वहीं मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य और राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त डॉ. गुलाब सिंह किरार के साथ ही भांडेर से बीजेपी के पूर्व विधायक कमलापति आर्य ने भी आज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के सामने बीजेपी छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया है। बीजेपी के लिए तीन बड़े नेताओं का चुनाव के एन वक्त पहले ही पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो जाना एक बड़ा झटका है। बता दें कि, तीनों ही बीजेपी के बड़े नेता है, जहां गुलाब सिंह किरार, किरार समाज का एक बड़ा नाम है वही भांडेर के पूर्व विधायक कमलापति आर्य प्रभावशाली नेता हैं। किरार का व्यापमं घोटाले में नाम आ चुका है। वहीं तेंदूखेड़ा के बीजेपी विधायक संजय शर्मा का कांग्रेस में शामिल होना बड़े फेरबदल की ओर संकेत दे रहा है। बीजेपी के सर्वे में संजय शर्मा की टिकट कटने की चर्चा चल रही थी, जिस कारण से उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ले ली। जिसके बाद संजय शर्मा ने शिवराज पर जमकर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह के नेतृत्व में घुटन महसूस हो रही थी, मुख्यमंत्री ने मेरे विधानसभा क्षेत्र में बातों के अलावा कुछ नहीं किया।

2018: मध्य प्रदेश में २०१८ विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस, बीजेपी, बसपा और सपा के उम्मीदवारों की सूची

मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों पर 28 नवंबर को वोटिंग होगी, जिसके नतीजे 11 दिसंबर को सामने आएंगे. राज्य में पिछले 15 साल से बीजेपी सत्ता पर काबिज है. हालांकि इस बार कांग्रेस पूरे दम-खम के साथ चुनाव मैदान में जुटी है. यहां शिवराज सरकार को लेकर लोगों में थोड़ी नाराज़गी देखने को मिल रही है, जिसके बदौलत कांग्रेस सत्ता में अपनी वापसी की उम्मीद लगाए बैठे है. हालांकि मायावती की बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन न करके बीजेपी की मुश्किल थोड़ी कम जरूर की 

इस बार के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस उम्मीदवारों के चयन को लेकर फूंक-फूकंकर कदम उठाती दिख रही हैं. शायद यही वजह है कि दोनों ही पार्टियों ने अभी उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया है. वहीं मायावती की बहुजन समाज पार्टी अब तक अपने 72 उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है और खबर है कि 31 अक्टूबर तक पार्टी बाकि बचे उम्मीदवारों की सूची जारी कर देगी. 

इस बार बीजेपी, कांग्रेस और बसपा गठबंधन के अलावा समाजवादी पार्टी और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी चुनाव मैदान में है. हालांकि मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही माना जा रहा है.

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मध्य प्रदेश में करीब 15 फीसदी मतदाता अनुसूचित जाति-जनजाति से हैं. यहां की कुल 230 सीटों में से 35 सीटें आरक्षित हैं, जिनमें से 29 पर बीजेपी काबिज है. ऐसे में बसपा इन सीटों पर कड़ी टक्कर दे सकती है.

उम्मीदवारों की सूची

सीटबीजेपीकांग्रेसअन्यअम्बाह घोषित नहीं घोषित नहीं सत्यप्रकाश (बसपा)मुरैना घोषित नहीं घोषित नहीं बलवीर सिंह डण्डोतिया विधायक (बसपा)सबलगढ़घोषित नहीं घोषित नहीं लाल सिंह केवट (बसपा)जयसिंह नगर घोषित नहीं घोषित नहीं विजय कौल (बसपा)सुमावली घोषित नहीं घोषित नहीं मानवेंद्र सिंह सिकरवार (बसपा)मनगंवा घोषित नहीं घोषित नहीं शीला त्यागी (बसपा)सिरमौर घोषित नहीं घोषित नहीं रामगरीब कौल (बसपा)गुन्नौर घोषित नहीं घोषित नहीं जीवनल लाल सिद्धार्थ (बसपा)सेमरियाघोषित नहींघोषित नहींपंकज सिंह पटेल (बसपा)नेपानगर घोषित नहींघोषित नहींअशोक मार्को (बसपा)देवतलाव घोषित नहींघोषित नहींसीमा जयवीर सिंह (बसपा)जैतपुर घोषित नहींघोषित नहींमोहदल सिंह पाव (बसपा)मऊगंज घोषित नहींघोषित नहींमृगेंद्र सिंह (बसपा)त्योंथर घोषित नहींघोषित नहींगीता राजमणि मांझी (बसपा)रैगांव घोषित नहींघोषित नहींऊषा चौधरी विधायक (बसपा)गुढ़ घोषित नहींघोषित नहींमुनिराज पटेल (बसपा)रामपुर बघेलान घोषित नहींघोषित नहींरामलखन सिंह पटेल (बसपा)भिण्ड घोषित नहींघोषित नहींसंजीव सिंह कुशवाह (बसपा)सेबढ़ा घोषित नहींघोषित नहींलाखन सिंह यादव (बसपा)करैरा घोषित नहींघोषित नहींप्रागीलाल जावट (बसपा)अशोकनगर घोषित नहींघोषित नहींबालकृष्ण महोबिया (बसपा)चन्दला घोषित नहींघोषित नहींपुष्पेंद्र अहिरवार (बसपा)पथरिया घोषित नहींघोषित नहींरामबाई परिहार (बसपा)जबेरा घोषित नहींघोषित नहींडेलन सिंह धुर्वे (बसपा)रैगांव घोषित नहींघोषित नहींऊषा चौधरी (बसपा)अमरपाटन घोषित नहींघोषित नहींछगेलाल कोल (बसपा)रामपुर बघेलान घोषित नहींघोषित नहींरामलखन सिंह पटेल (बसपा)सिलवानी घोषित नहींघोषित नहींगौरी यादव (सपा)ग्वालियर ग्रामीण घोषित नहींघोषित नहींअशोक यादव (सपा) सीधी घोषित नहींघोषित नहींकेके सिंह (सपा)परसवाड़ा घोषित नहींघोषित नहींकंकर मुंजारे (सपा)बालाघाट घोषित नहींघोषित नहींअनुभा मुंजारे (सपा)निवाड़ी घोषित नहींघोषित नहींमीरा यादव (सपा)पन्ना घोषित नहींघोषित नहींदशरथ सिंह (सपा)बुधनी घोषित नहींघोषित नहींअशोक आर्या (सपा)कटंगी घोषित नहींघोषित नहींअनिल ध्रुर्वे (GGP)वारासिवनीघोषित नहींघोषित नहींफुलोवन उइके (GGP)लांजीघोषित नहींघोषित नहींअनाराम ढोक (GGP)परसवाड़ा घोषित नहींघोषित नहींदरबू सिंह उइके (GGP)बिछिया घोषित नहींघोषित नहींकमल टेकाम (GGP) बालाघाट घोषित नहींघोषित नहींसरिता मर्सकोले (GGP)डिंडौरी घोषित नहींघोषित नहींगंगा सिंह पट्टा (GGP)शाहपुराघोषित नहींघोषित नहींरणजीत सिंह मरावी (GGP)कोतमाघोषित नहींघोषित नहींराम खिलावन (GGP)चुरहटघोषित नहींघोषित नहींराजीव कुमार (GGP)सीधी घोषित नहींघोषित नहींफतेह बहादुर सिंह (GGP)देवसर घोषित नहींघोषित नहींसुरेश प्रजापति (GGP)बड़वारा घोषित नहींघोषित नहींअरविंद सिंह टेकाम (GGP)कटनी घोषित नहींघोषित नहींश्याम भूमिया (GGP)शाहपुर घोषित नहींघोषित नहींरामेश्वर मौर्य (GGPहोशंगाबादघोषित नहींघोषित नहींगणेश गौंड (GGP)

गुना जिले के धरनावदा पुलिस को मिली सफलता 18 मोटरसाइकिल चोरी की पकड़ी 10 लाख रुपए से अधिक कीमत*

(शिवराज यादव गुना)

गुना।धरनावदा पुलिस ने बाइक चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के पास से पुलिस को चोरी की 18 मोटरसाइकिल मिली हैं। साथ ही, एक चोर व एक खरीददार को गिरफ्तार कि या गया है। इस मामले में तीन अन्य आरोपित अभी फरार हैं। यह गिरोह गुना शहर समेत आसपास के इलाके में पिछले 8 माह से सक्रिय था। चोरी के बाद नई बाइक को भी यह महज पांच हजार रुपए में ही बेच देते थे।
पकड़े गए चोर का नाम प्रताप मीना निवासी खेजरा थाना जामनेर है। इसके अलावा धर्मेंद्र मीना खरीददार थे। इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही इस मामले में श्रीराम मीना व उसके भाई समेत तीन लोग अभी फरार हैं। इनका पूरा गिरोह था जो कि बाइक चोरी करते थे। यह लोग उन बाइक को निशाना बनाते, जिनके लॉक खराब होते थे। चोर गिरोह के सदस्य तमाम बाइक की चाबियां अपने साथ रखते थे। इन चाबियों से ही गाड़ी को चालू करते थे। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में चोर ने बताया कि उन्होंने गुना शहर से 10 बाइक चोरी की थीं। इनमें से कई वारदात में वह सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गए थे। बाइक किन-किन स्थान से चोरी की गई हैं, इस संबंध में पूछताछ की जा रही है।


?इनसे मिलिए कार्यक्रम में शिवसेना जिला प्रमुख बालकिशन शिवहरे उर्फ पप्पू भैया से मुलाकात करवा रहे.?

[करुणेश शर्मा] ?

इनसे मिलिए में हम आपकी मुलाक़ात शिव सेना के जिला प्रमुख बाल किशन शिवहरे से करवा रहे हैं. ऊर्जावान हिंदुत्व के प्रबल समर्थक शिव सेना के जिला प्रमुख बाल किशन का जन्म भिंड जिले में हुआ ,किंतु परिवार बचपन से ही शिवपुरी में बस गया बालकिशन के पिताजी स्वर्गीय श्री हरज्ञान शिवहरे का स्वर्गवास बाल किशन जी के बचपन में ही हो गया था इस कारण बाल किशन को अपने भाइयों के साथ बचपन में ही बहुत संघर्ष करना पड़ा, प्रारंभिक शिक्षा शिवपुरी में ही पूरी की . आर्थिक परिस्थितियों के कारण शिक्षा के क्षेत्र में ज्यादा आगे नहीं बढ़ सके किंतु समाज सेवा का कार्य बचपन से ही करते रहे . धन उपार्जन के लिए व्यवसाय भी करते रहे .आज आर्थिक रूप से काफी सुदृढ़ स्थिति में बाल किशन शिवहरे जी हैं. समाज सेवा के क्षेत्र में बाल किशन जी ने कई कार्यक्रम चला रखे हैं ,समाज सेवा के रूप में निशुल्क खाना वितरण कार्य भी आपके द्वारा किया जा रहा है, जिसमें निर्धन गरीब लोगों को भोजन की व्यवस्था लंगर के रूप में होती है.
इन्ही अभूतपूर्व कार्यों के कारण बालकिशन शिवहरे को 2016 में श्री उद्धव ठाकरे शिवसेना प्रमुख ने शिवपुरी का शिव सेना जिला प्रमुख नियुक्त किया . तब से शिवसेना का अस्तित्व शिवपुरी जिले में दिखाई देने लगा है. बालकिशन शिवहरे ने जिले में तहसील स्तर तक कमेटी का गठन कर काफी अच्छी टीम तैयार कर ली है. शिवपुरी में शिव सैनिकों की अच्छी काफी बड़ी टीम बाल किशन शिवहरे के नेतृत्व में कार्य कर रही है. इसी क्रम में शिव सैनिकों द्वारा प्रति मंगलवार को अस्पताल में रक्तदान किया जाता है ,गरीब बेसहारा लोगों को आर्थिक मदद बालकिशन शिवहरे अपने व्यक्तिगत खर्चे से करते हैं .
गरीब बेसहारा लोगों की आर्थिक मदद के अलावा गरीबों का इलाज गरीब बच्चियों की शादी करवाने का कार्य भी बालकिशन शिवहरे द्वारा समाज सेवा के रूप में अपने स्वयं के व्यय से किया जाता है.धार्मिक आयोजनों में भी बालकिशन शिवहरे अपने स्वयं के खर्च पर कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं. इसके साथ-साथ मंदिरों के निर्माण में भी उन्होंने उल्लेखनीय सहयोग प्रदान किया है, सर्किट हाउस स्थित शिव मंदिर के निर्माण में उन्होंने सहयोग दिया .इसी प्रकार जागीरा सरकार मंदिर नक्काड़ खाना के पास में मंदिर के निर्माण पर बाल किशन ने काफी सहयोग किया. 2017 ,18 में बाल किशन शिवहरे शिव सेना जिला प्रमुख बनाकर पार्टी को मजबूत किए हुए हैं .

हमने उनसे पूछा कि आपकी पार्टी हिंदुत्व के किस सिद्धांत पर चलती है तो बालकिशन शिवहरे ने कहा कि हमारी पार्टी हिंदुत्व के मुद्दे पर चलती है, लेकिन हमारी पार्टी का एक सिद्धांत और है कि जो हिंदुस्तान का विरोध करता है ,हम उसका विरोध करते हैं ,चाहे वह कोई भी क्यों ना हो बालकिशन के अनुसार हमारी पार्टी के संस्थापक बाला साहब ठाकरे एवं वर्तमान शिवसेना प्रमुख उद्धव जी के सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है . हमारी शिवसेना वादा नहीं करती कार्य करने में विश्वास करती है राम मंदिर के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम वादा नहीं करते किंतु राम मंदिर वहीं बनाएंगे ऐसी प्रतिज्ञा है. जब हमने उनसे चुनाव के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी मध्यप्रदेश में राजस्थान में सारी सीटों पर चुनाव लड़ेगी .मध्य प्रदेश के चुनाव पर जब हमने उनसे पूछा तो उन्होंने कहा मध्य प्रदेश में 230 सीटों पर हमारी पार्टी चुनाव लड़ेगी शिवपुरी की पांचों विधानसभा के बारे में जब हमने उनसे पूछा तो उन्होंने कहा के शिवपुरी की पांचों विधानसभा सीटों पर शिवसेना अपने पार्टी के उम्मीदवारों को उतारेगी. शिवपुरी से शालू गोस्वामी व पोहरी से धर्मेंद्र धाकड़ को शिवसेना ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है ,शीघ्र 3 सीटों के बारे में और घोषणा कर दी जाएगी. जब हमने शिवपुरी के विकास के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा शिवपुरी ही नहीं बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में भाजपा ने विकास कार्यों को बिल्कुल भी अंजाम नहीं दिया है ,शिवपुरी जिले में विकास बिल्कुल नहीं हुआ है.
शिवपुरी शहर आज जिस हालात में है वह किसी से छुपा हुआ नहीं है ,सड़कें टूटी फूटी पड़ी हुई है सीवर प्रोजेक्ट अपूर्ण पड़ा हुआ है. पेयजल का मणि खेड़ा का पानी आज तक शहर में नहीं आया है ,इससे बुरे हालात शिवपुरी शहर के कभी नहीं रहे.
बालकिशन शिवहरे ने बताया कि शिवसेना में युवा शक्ति के रूप में आदित्य ठाकरे बड़ी शक्ति पुंज बनकर उभर रहे हैं, आने वाले समय में आदित्य ठाकरे बहुत बड़े नेता हिंदुस्तान में साबित होंगे.

योगी बोले- धैर्य रखें, दिवाली पर खुशखबरी लेकर जा रहा हूं

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले में सुनवाई जनवरी, 2019 तक टलने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बड़ा बयान दिया है. योगी ने कहा है,  ‘यह हमारे लिए दुख की घड़ी है, जनभावना का सम्मान होना चाहिए था, लेकिन अध्यादेश मामले पर हमें धैर्य रखने की जरुरत है. दिवाली पर मैं खुशखबरी लेकर जा रहा हूं. जल्द ही कुछ अच्छा होने वाला है.’
बता दें कि पिछली बार योगी ने अयोध्या में दिवाली मनाई थी ऐसे में माना जा रहा है कि वह इस दिवाली में अयोध्या में ही कोई घोषणा करेंगे.   
सुनवाई टलने के बाद भाजपा सरकार से उम्मीद लगाए बैठे संतों का धैर्य जवाब दे रहा है. संत समाज लागातार इस मामले में अध्यादेश लाने की बात कर रहा है.   
सुप्रीम कोर्ट के सुनवाई टालने पर योगी ने कहा कि यह दुख की बात है, पर हम सुख और दुख में एकसमान रहने वाले लोग हैं. उन्होंने कहा कि जल्द ही कुछ होगा. साधु संत तो हमेशा धैर्य रखने वाला होता है, सैकड़ों वर्षों से धैर्य रखा है थोड़ा और रखें, जल्द ही कुछ अच्छा होगा.
दिवाली पर वो कई खुशखबरी लेकर जाने वाले हैं, लेकिन वह खुशखबरी क्या होगी इस बारे में उन्होंने कुछ नहीं बताया. उन्होंने यह जरूर कहा कि जनभावना का सम्मान होना चाहिए था.
सुनवाई से पहले भी योगी ने कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट सबरीमाला मंदिर पर फैसला दे सकता है, तो उसे राम मंदिर पर भी फैसला देना चाहिए. राम मंदिर हिंदुओं की आस्था का मामला है.
मंगलवार को उन्होंने कहा था कि समय पर मिला न्याय, उत्तम न्याय माना जाता है. न्याय में देरी कभी-कभी अन्याय के समान हो जाती है. इंसाफ में देरी से लोगों को निराशा होती है.
लेकिन कोई ना कोई रास्ता जरूर निकलेगा. कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया में योगी ने कहा, ‘देश की न्यायपालिका के प्रति सबका सम्मान है और हम भी उन संवैधानिक बाध्यताओं से बंधे हैं. स्वाभाविक रूप से अगर न्याय में देरी होती है तो लोगों को निराशा होती है.’
उन्होंने कहा, ‘अच्छा होता कि कोर्ट इस मामले की जल्दी सुनवाई करके देश में भाईचारे और शांति के लिए इस मामले में जल्दी फैसला कर देता लेकिन मुझे लगता है कि अभी फिलहाल इस तरह की संभावनाएं नहीं दिखती हैं.’ सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद के मालिकाना हक पर सुनवाई जनवरी के पहले हफ्ते में होगी

अग्नि-1 का कामयाब परीक्षण, गिरा सकता है एटम बम

भारत ने रात में अग्नि-1 मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. यह परमाणु बमों को भी गिराने में सक्षम है. इसकी मारक क्षमता काफी अधिक है और सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करके दुश्मनों को तबाह कर सकती है

स्वदेश निर्मित अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक रात्रि परीक्षण ओडिशा में मंगलवार को किया गया. यह मिसाइल 700 किलोमीटर की दूरी तक के लक्ष्य को भेद सकती है. 

भाषा के मुताबिक, सैन्य सूत्रों ने बताया कि सामरिक बल कमान ने अभियान तैयारियों को मजबूत करने के लिए डॉ अब्दुल कलाम द्वीप से मिसाइल का परीक्षण किया. 
सूत्रों ने परीक्षण को सफल बताते हुए कहा कि परीक्षण के दौरान सभी लक्ष्यों को हासिल कर लिया गया. 
आपको बता दें कि अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का भी भारत सफल परीक्षण कर चुका है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा निर्मित अग्नि-5, अग्नि मिसाइल श्रृंखला का सबसे उन्नत संस्करण है.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा- सील बंद लिफाफे में 10 दिन के भीतर राफेल की कीमत और डिटेल जमा करें

नई दिल्ली: राफेल मामले (Rafale Deal) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  ने अरुण शौरी और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से दस दिनों के भीतर सील बंद लिफाफे में राफेल विमान की कीमत और उसके डिटेल जमा करने को कहा है. बता दें कि पिछली बार सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ सौदे की प्रक्रिया की जानकारी मांगी थी. मगर इस बार सुप्रीम कोर्ट ने महज 10 दिनों के भीतर राफेल की कीमत और उसकी विस्तृत जानकारी मांगी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार जो भी जानकारी कोर्ट को दे, वह याचिकाकर्ताओं को भी दे ताकि वह इस पर अपना जवाब दे सके. कोर्ट ने कहा कि सरकार को लगता है कि कोई जानकारी गोपनीय है तो वह उसे याचिकाकर्ता को देने से मना कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को कहा है कि वह राफ़ेल डील में क़ीमत के बारे में जानकारी दस दिनों में सीलबंद लिफ़ाफ़े में कोर्ट को दें और ऑफसेट पार्टनर कैसे चुना गया ये भी बताएं. 
याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि इस मामले में कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए. तो इस पर CJI ने कहा कि अभी उसके लिए वक्त लग सकता है. पहले उन्हें (सीबीआई को) अपना घर (विभाग) तो व्यवस्थित कर लेने दो. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो पब्लिक डोमेन में जानकारियां हैं, उसे दें.
अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि राफेल से जुड़े कुछ दस्तावेज ऑफिसियल सीक्रेट एक्ट के तहत आते हैं. जिन्हें दिया नहीं जा सकता. इस पर सीजेआई ने कहा कि आप कोर्ट में हलफनामा दायर करो कि आप क्यों दस्तावेज नहीं दे सकते?
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कि हम केंद्र को नोटिस जारी नहीं कर रहे है. ये भी साफ कर रहे हैं कि याचिकाकर्ताओं की दलीलों को भी नहीं रिकार्ड कर रहे हैं, क्योंकि उनकी दलीलें पर्याप्त नहीं हैं. हम सिर्फ डील को लेकर फैसले की प्रक्रिया पर खुद को संतुष्‍ट करना चाहते हैं.
दरअसल, राफेल सौदे को लेकर विवाद बढ़ने के बीच फ्रांस से 58000 करोड़ रुपये की लागत से भारत के 36 लड़ाकू विमानों को खरीदने के समूचे मामले को समझते हैं: राफेल क्या है? राफेल अनेक भूमिकाएं निभाने वाला एवं दोहरे इंजन से लैस फ्रांसीसी लड़ाकू विमान है और इसका निर्माण डसॉल्ट एविएशन ने किया है. राफेल विमानों को वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक सक्षम लड़ाकू विमान माना जाता है. 

यूपीए का क्या सौदा था ? 
भारत ने 2007 में 126 मीडियम मल्टी रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एमएमआरसीए) को खरीदने की प्रक्रिया शुरू की थी, जब तत्कालीन रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने भारतीय वायु सेना से प्रस्ताव को हरी झंडी दी थी. इस बड़े सौदे के दावेदारों में लॉकहीड मार्टिन के एफ-16, यूरोफाइटर टाइफून, रूस के मिग-35, स्वीडन के ग्रिपेन, बोइंग का एफ/ए-18 एस और डसॉल्ट एविएशन का राफेल शामिल था.    लंबी प्रक्रिया के बाद दिसंबर 2012 में बोली लगाई गई. डसॉल्ट एविएशन सबसे कम बोली लगाने वाला निकला. मूल प्रस्ताव में 18 विमान फ्रांस में बनाए जाने थे जबकि 108 विमान भारत में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ मिलकर तैयार किये जाने थे. रिपोर्ट्स की मानें तो 2012 से लेकर 2014 के बीच बातचीत किसी नतीजे पर न पहुंचने की सबसे बड़ी वजह थी विमानों की गुणवत्ता का मामला. कहा गया कि डसाल्ट एविएशन भारत में बनने वाले विमानों की गुणवत्ता की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं थी. साथ ही टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को लेकर भी एकमत वाली स्थिति नहीं थी.

धृतराष्ट्र से दुर्योधन तक महाभारत के सभी चरित्र आज भी जीवित : प्रणब

नई दिल्ली [प्रेट्र]। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि धृतराष्ट्र से लेकर दुर्योधन तक महाभारत के सभी चरित्र आज भी ‘जीवित’ हैं। द्रोपदी को बेहद गुणवान महिला बताते हुए उन्होंने कहा कि अपने आत्मबल की बदौलत ही वह अपमान और अन्याय के खिलाफ आवाज उठा पाई थीं।

पूर्व राष्ट्रपति राष्ट्रीय संग्रहालय में ‘द्रौपदी और उनका पांचाल : इतिहास में उनकी पुनस्र्थापना’ नामक पुस्तक का विमोचन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस किताब में द्रोपदी पर 20 से ज्यादा विद्वानों के अध्ययन शामिल किए गए हैं। महाभारत में द्रौपदी प्राचीन राज्य पांचाल के राजा द्रुपद की पुत्री थीं। 

प्रणब ने कहा, ‘वास्तव में महाभारत का प्रत्येक चरित्र आज भी वैसे ही जीवित है जैसा उस कालखंड में था। आपको सिर्फ समाज में अपने आसपास देखना है। आपको धृतराष्ट्र भी मिलेंगे, और दुर्योधन व शकुनी भी। लेकिन आपको वहां हमेशा एक द्रौपदी भी मिलेगी जो न्याय के लिए आवाज उठा रही होगी। हम सभी को उसे अपना अनंत समर्थन देना चाहिए।’ मालूम हो कि महाभारत में धृतराष्ट्र कुरू राज्य के राजा थे जिनके सौ पुत्र थे। दुर्योधन सबसे बड़ा था। शकुनी दुर्योधन का मामा था। वह बेहद बुद्धिमान, लेकिन कपटी व्यक्ति था।

द्रौपदी आज भी प्रासंगिक
द्रौपदी के गुणों की सराहना करते हुए पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि वह आज भी प्रासंगिक हैं और यही समय है जब इस गुणवान महिला को मान्यता और सम्मान दिया जाए। उन्होंने कहा, ‘लगभग सभी अध्ययन पत्रों में उनके आत्मबल, विषम परिस्थितियों को चुनौती देने की क्षमता और सम्मान सहित विपत्तियों से लड़ने के गुण का उल्लेख किया गया है। इनमें एक महिला के रूप में उनका आत्मबल ही है जो उन्हें अपमान और अन्याय के खिलाफ बोलने के लिए प्रेरित करता है।’ द्रौपदी के कार्य और उनकी प्रतिक्रियाएं समाज में महिलाओं के स्थान की महत्ता बताते हैं और वर्तमान विश्व में भी यह मुद्दा प्रासंगिक है।

कई लोगों की धारणा गलत
प्रणब ने कहा कि कई लोग वास्तविक द्रौपदी के बारे में गलत धारणा रखते हैं और उनके चरित्र की गलत व्याख्या करते हैं। उन्होंने कहा, ‘आज के समाज को वास्तविक द्रौपदी के बारे में जानने और उनकी बौद्धिक व भक्ति की शक्ति को समझने की जरूरत है।’ उन्होंने कहा कि द्रौपदी के मित्र भगवान कृष्ण उनके आध्यात्मिक गुरु और मार्गदर्शक थे। उन्हीं से द्रौपदी को अपने खिलाफ लगे आरोपों से निपटने, लैंगिक असमानता के खिलाफ बोलने और सभी तरह के अन्यायों के खिलाफ आवाज उठाने की ऊर्जा मिलती थी।

सिर्फ पांचाल की नहीं, भारत की भी थीं पुत्री
उन्होंने कहा कि द्रौपदी न सिर्फ पांचाल की बल्कि हमारे भारत की भी महान पुत्री थीं। किताब में इस मान्यता पर भी चर्चा की गई है कि कुरुक्षेत्र युद्ध के लिए द्रौपदी जिम्मेदार थीं। उन्होंने कहा कि विभिन्न विषयों के विद्वानों ने ऋगवेद काल से मध्यकाल और आधुनिक काल के बाद तक के तथ्यों का अध्ययन करके संयुक्त कार्य प्रस्तुत किया है।

पिछोर प़ीतम लोधी बोले मेरे खिलाफ साजिश कर रहे कुछ लोग

शिवपुरी मध्‍यप्रदेश (पिछोर) पिछोर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के अघोषित और पूर्व भाजपा प्रत्‍याशी श्री प्रीतमसिंह लोधी ने पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक श्री केपी सिंह के खिलाफ किया चुनावी शंकनाद अपने सैकडो समर्थकों के साथ साजिश का भंडाफोड़ करने पहुचे खनियाधाने थाने कराई शिकायत दर्ज पुलिस कर रही है जांच प्रीतमसिंह लोधी का आरोप मेरे खिलाफ घीनोनी साजिश रच रहे है कांग्रेस विधायक केपी सिंह के गुंडे जिले के खनियाधाना थाना अंतर्गत कुछ शरारती लोगों ने भाजपा नेता के खिलाफ झूठे पर्चे छपवाकर सोशल मीडिया पर डालने के मामले में शिकायत दर्ज कराते हुये कार्रवाई की मांग की है बताया जा रहा है कि जिल लोगों की शिकायत की गई है वह कांग्रेस पार्टी से जुडे है ।
जानकारी के मुताबिक भाजपा नेता प्रीतमसिंह लोधी ने मंगलवार अपने कई समर्थकों के साथ खनियाधाना थाना पहुचकर शिकायती आवेदन दिया इसमें उन्‍होने आरोप लगाया गया कि बलराम पाल निवासी खनियाधाना, सैयद फिरोज अली निवासी खनियाधाना, एवं सत्‍येन्‍द्र सिंह चौहान निवासी ओढी द्वारा एक फर्जी अपील छपवा कर फेसबुक पर पोस्‍ट की गई है इस अपील में उनके द्वारा एक आदिवासी के साथ मारपीट की घटना का उल्‍लेख है जो कि पूरी तरह से गलत है इसके साथ ही न तो उसकी अपील पर प्रिटिंग प्रेस का नाम है और न ही उस पर कोई प्रेषक है ।
इससे प्रतीत हो रहा है कि यह पूर्णत फर्जी पेम्‍पलेंट है जो कि उनके खिलाफ जानबूझकर डाला गया है इससे उनके खिलाफ दुष्‍प्रचार हो रहा है इतना ही नही पिछले कुछ दिनों से यह तीनों लोग उनके खिलाफ सोशल साइट पर काफी अशोभनीय व अभद्र भाषा का प्रयोग कर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे है पुलिस ने पूरे मामले में जांच कराकर उचित कार्रवाई की बात कही है ।