पूर्व जिला पंचायत सदस्य विभा रघुवंशी ने पढ़ाया बच्चों को शिक्षा का पाठ

शिवपुरी:
पूर्व जिला पंचायत सदस्य विभा रघुवंशी ने पढ़ाया बच्चों को शिक्षा का पाठ

मिल बांचे कार्यक्रम में पहुंची विभा रघुवंशी तो स्कूल में पंखे की कमी को देखते हुए उनकी तरफ नौ  पंखे वितरण का आश्वासन दिया!

पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाली पूर्व विधायक वीरेंद्र रघुवंशी की पत्नी श्री मति विभा रघुवंशी ने शासकीय  प्राथमिक माध्यमिक विद्यालय पचावली पहुंचकर मिल बांचे कार्यक्रम में वालंटियर के र तौर पर हिस्सा लिया एवं बच्चों को शिक्षा का नैतिक पाठ पढ़ाया श्रीमती रघुवंशी ने स्कूली बच्चों को स्वयं के स्कूली समय के बारे में भी बताया कि किस तरह उनके समय पर सुविधाएं ना होने के बाद भी शिक्षा ग्रहण की गई! इस दौरान श्रीमती रघुवंशी ने बच्चों को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लागू की गई योजनाएं जो बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए बनाई गई है उसके बारे में भी परिचित करवाया श्रीमती रघुवंशी ने पचावली विद्यालय में पहुंचकर मौजूदा स्कूली बच्चों को कॉपी पेन वितरण किए एवं कार्य साला मैं पंखे की कमी को देखते हुए उनके द्वारा 9 पंखे स्कूल में वितरण  करने का अश्वासन स्कूल के प्रधानाध्यापक को दिया गया

किसानों के फसल पंजीयन की तिथि बढ़ाई गई साथ ही अब किसी एक बैंंक में खाता होने के साथ प़क़िया सरल की

प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान, मोटा अनाज और अन्य फसलों के लिए किसान पंजीयन की प्रक्रिया को सरल किया गया है। साथ ही पंजीयन की तिथि बढ़ाकर 20 सितम्बर कर दी गई है। इस संबंध में आज निर्देश जारी किये गये हैं।

कलेक्टर्स को जारी निर्देश में कहा गया है कि पंजीयन का कार्य प्रात: 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक किया जाये। किसानों द्वारा खसरा अथवा वन अधिकार पट्टे इत्यादि में से कोई एक दस्तावेज साक्ष्य की स्व-प्रमाणित छायाप्रति स्वरूप ली जाये। किसानों से राजस्व विभाग का अलग से प्रमाणीकरण नहीं माँगा जाये। अब भू-अधिकार ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता नहीं होगी। आज जारी किये गये निर्देश में 23 अगस्त 2018 के अनुरूप किसानों का एक ही बैंक खाता पर्याप्त होगा। उनसे दूसरे बैंक खाता क्रमांक की माँग नहीं की जाये।

आज जारी निर्देशों में कहा गया है कि संयुक्त भूमि खाते की स्थिति में समस्त खाताधारियों की पंजीयन केन्द्र पर उपस्थिति अथवा उनसे किसी प्रकार की सहमति और शपथ-पत्र लिये जाने के निर्देश नहीं हैं। संयुक्त खाताधारियों की स्थिति में किसी भी एक खाताधारी द्वारा आवेदन दिये जाने पर पंजीयन किया जाये। पंजीयन केन्द्र खोलने की प्रक्रिया को भी सरलीकृत किया गया है। अतिरिक्त केन्द्र खोलने की स्थिति में जिला कलेक्टर, संचालक खाद्य नागरिक आपूर्ति से अनुमति प्राप्त कर सकेंगे।

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने आज फसलों के पंजीयन के संशोधित निर्देशानुसार जिला कलेक्टर्स को सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ करने के लिए कहा है। इस संबंध में सचिव कृषि उपज मंडियों को भी आवश्यक निर्देश जारी किये गये हैं।

कोका कोला अब बेचेगी कॉफी! 36 हजार करोड़ में खरीदी दुनिया की सबसे बड़ी कॉफी चेन कंपनी

कोका-कोला ने दुनिया की सबसे बड़ी कॉफी चेन कोस्‍टा को खरीद लिया है. कोका-कोला ने विटब्रेड पीएलसी से कोस्‍टा को 5100 करोड़ डॉलर (करीब 36,720 करोड़ रुपये) में खरीद लिया है.

कोल्‍ड-ड्रिंक और जूस के बाद अब कोका-कोला कॉफी बेचेगी. कंपनी इस मार्केट पर कब्‍जा करने की तैयारी पूरी कर ली है. कोका-कोला ने दुनिया की सबसे बड़ी कॉफी चेन कोस्‍टा को खरीद लिया है. कोका-कोला ने विटब्रेड पीएलसी से कोस्‍टा को 5100 करोड़ डॉलर (करीब 36,720 करोड़ रुपये) में खरीद लिया है. आपको बता दें कि विटब्रेड इस समय अपने होटल कारोबार से कॉफी कारोबार को अलग करने की प्रकिय्रा में है. विटब्रेड ने 1995 में कोस्‍टा को 19 मिलियन पाउंड में खरीदा था. उस समय कोस्‍टा के पास सिर्फ 39 आउटलेट थे.
कोका-कोला ने क्यों उठाया ये कदम- कोका-कोला के लिए भी यह कदम सोडा आधारित ड्रिंक के कारोबार से आगे बढ़कर ग्राहकों को स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक विकल्‍प प्रदान करने की कोशिशों का हिस्‍सा है.
इस सौदे के बाद विटब्रेड ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि इस सौदे के बाद ब्रिटेन और यूरोप में मौजूद लगभग 4000 कॉफी आउलेट पर अब कोका-कोला का अधिकार हो जाएगा. विटब्रेड के बोर्ड ने शेयरधारकों के फायदे के लिए एक मत से इस सौदे को मंजूरी दे दी.कोका-कोला के सीईओ जेम्‍स क्विंसी ने कहा, गर्म पेय पदार्थ उन कुछ क्षेत्रों में शामिल है जहां कोका-कोला के पास वैश्विक ब्रांड नहीं है. कोस्टा के जरिए हमें मजबूत काफी मंच के माध्यम से इस बाजार में पहुंच का मौका मिल रहा है.

बोधगया कांड: बाल भिक्षुओं को बना दिया गया था सेक्‍स वर्कर, कराते थे न्‍यूड डांस

बिहार के बोधगया कांड में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस ने पाया है कि बौद्ध चिंतन केंद्र (मठ) में बाल भिक्षुओं को कथित तौर पर सेक्स वर्कर बना कर रखा जाता था। उन्हें जबरन वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं के साथ न्यूड डांस कराया जाता था। शोषण का शिकार होने वाले इन बच्चों को खास किस्म की ट्रेनिंग के नाम पर देश के उत्तर पूर्वी राज्यों से लाया जाता था। ज्यादातर बच्चे इनमें त्रिपुरा और असम से होते थे। यही नहीं, कुछ बाल भिक्षुओं को यहां से कोलकाता और अन्य जगहों पर क्लाइंट्स के पास भेजा जाता था।

स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के एक सदस्य ने बताया, “अगर बच्चों ने प्राज्न ज्योति नोविस स्कूल और मेडिटेशन सेंटर पर वरिष्ठ भिक्षुओं और गुरुओं की बात स्वीकारने से मना कर दिया होता, तो शायद उन्हें मार-पीट कर सजा दी जाती।” बता दें कि इस मठ का संचालन बांग्लादेशी बौद्ध भिक्षु भांटे संघप्रिये सुजॉय करता था, जिसे गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारी के अनुसार, कुछ बार तो बच्चों को कमरे में बंद कर के रखा जाता था, जहां वे खाना-पानी से वंचित रखे जाते थे। रात में उन्हें यहीं पर वरिष्ठ भिक्षुओं के साथ जबरन न्यूड डांस कराया जाता था।

मठ में 15 बच्चों संग प्रताड़ना के इस मामले पर गया के एसएसपी राजीव मिश्रा ने गुरुवार (30 अगस्त) को जांच के लिए एसआईटी गठित की थी, जिसकी कमान बोधगया के डिप्टी एसपी रमन कुमार चौधरी के पास है। मठ के संचालक को बुधवार (29 अगस्त) को गिरफ्तार किया गया था। उस पर दर्जन भर से अधिक बाल भिक्षुओं का यौन उत्पीड़न करने का आरोप था। अगले दिन उसे गया स्थिल स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया।

उधर, पीड़ित बच्चों का गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एएनएमएमसीएच) में मेडिकल कराया गया। उनमें से चार को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करने के लिए पेश किया गया। ये सभी बच्चे आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों से ताल्लुक रखते हैं।

पीड़ितों के अभिभावकों ने बताया, “बच्चों को बोधगया स्थित मठ में ट्रेनिंग के संबंध में भेजने के लिए हर अभिभावक को 1000 रुपए दिए गए थे।” वहीं, पुलिस इस मामले की हर दृष्टिकोण से जांच कर रही है, जबकि अंतराष्ट्रीय बुद्ध परिषद (आईबीसी) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे धार्मिक शिक्षा की आड़ में किया जा रहा बर्बर अपराध बताया है।

Sc,st एक्ट के विरोध में बढ़तेे आक़ोश से कई नेतायों को हुई परेशानी


अशोकनगर विधायक गोपीलाल जाटव को रोक कर नवयुवकों ने sc/ st एक्ट का विरोध किया.
कल जगह जगह गुना,अशोकनगर,शिवपुरी के कोलारस, इंदार, लुकवासा में नवयुवकों ने राजनैतिक दलों के बैनर पोस्टर फाड़ डाले और जहां भी कांग़ेस और भाजपा के विघायक और नेता मिले उन्हें इनके विरोध का सामना करना पड़ा.
गुना के बमौरी से कांग़ेस विधायक महेंद़ सिंह सिसौदिया को भी नवयुवकों ने अशोकनगर से लौटते समय पगारा पर रोककर sc,st एक्ट के खिलाफ विरोध जताया. क्षेत्र के नवयुवकों में इस एक्ट के विरोध में आक़ोश बढ़ता जा रहा इसका खामियाजा आने वाले चुनाव में कांग़ेस और भाजपा दोनों को भुगतना पड़ सकता है.

Sc, st एक्ट के विरोध ने लिया आंधी का रूप। नेताओ के राजनीतिक मंसूबे फंसे इस भँवर में। देश में बन सकता है भयंकर आरक्षण विरोधी बवंडर।

शिवपुरी। देश में भाजपा द्वारा पूरी ताकत से लाया गया SCST एक्ट का विरोध पूरे देश में चल रहा हैं। इससे प्रभावित समाज इस एक्ट का विरोध अधिकाशं सोशल पर किया जा रहा था। लेकिन शिवपुरी में अब यह विरोध सोशल से सडक पर उतर आया हैं। शिवपुरी जिले में इसका श्रीगणेश कोलारस विधासभा के गांव से शुरू हो गया हैं। और इसके फोटो सोशल पर वायरल किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार कोलारस के ग्राम इंदार के ग्राम चक्करामपुर पटरन में इस एक्ट से प्रभावित स्वर्ण समाज सहित अन्य समाज के लोगो ने सडक पर उतरकर इस एक्ट का विरोध किया। अभी रक्षा बंधन के त्यौहार पर कोलारस के पूर्व विधायक देवेन्द्र जैन और उनके अनुज गोटू जैन जो पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भी है ने अपने होर्डिग इस त्यौहार की सभी जनमानस को बधाई देते हुए लगाए थे। कोलारस के ग्राम चक्कराम पुर के लोगो ने एक बैनर लेकर इस एक्ट का विरोध शुरू किया,और वहां पर पूर्व विधायक देवेन्द्र जैन और उनक अनुज पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गोटू जैन के द्वारा रक्षा बंधन की बधाईया देते हुए होर्डिग पर कालिख पोत दी, और जूतो की माला पहनाते हुए इस एक्ट का विरोध किया। इस एक्ट का विरोध कर रहे लोगो के जनसमूह के फोटा में इस ग्राम का नाम दिख रहा हैं,लेकिन होर्डिग के साथ दुर्वव्यवहार कर रहे फोटो में नाम पता स्पस्ट नही हैं। लेकिन उक्त सभी फोटो एक साथ वायरल हुए हैं, इस लिए कयास लगाए जा रहे है कि इसी ग्राम में ऐसा हुआ हैं। बैनर वाले फोटो पर स्पस्ट हैं कि हम सभी लोग समान्य और पिछडा वर्ग से हैं। इस सभी SCST एक्ट का विरोध करते हैं। अब यह विरोध सोशल से सडको पर उतर आया हैं। इस एक्ट के संशोधन के चलते भाजपा ने बैठी भैस में लठ्ठ मारा हैं। पूरे देश में इस एक्ट के कारण भाजपा का जो मूल मतदाता है वह नाराज हैं। इसी एक्ट के कारण कांग्रेस ने बसपा से आने वाले चुनावो में गठबंधन नही किया है। कांग्रेस भी इस एक्ट को अंदरूनी तौर पर हवा देर रही हैं। राजनीतिक पंडितो को कहना हैं कि इस एक्ट का जो सुखकर्ता वोटर है वह मप्र में तो हाथी का हैं। भाजपा को इस एक्ट के कारण अपने मूल मतदाता की नाराजगी झेलनी पड सकती हैं। और जो भाजपा के लिए घातक हो सकती हैं।पूरे मध्यप्रदेश मेंं लहर का असर दिख रहा है।

महज 20 सेकंड से क्रैश होते-होते बचा था राहुल गांधी का प्लेन

नई दिल्ली
बीते 26 अप्रैल को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जिस चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली से कर्नाटक के हुबली जा रहे थे, वह क्रैश से महज 20 सेकेंड दूर था। तब विमान में सिर्फ तकनीकी गड़बड़ी बताई गई थी मगर कांग्रेस ने इसे साजिश करार दिया था। इसी के बाद एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने दो सदस्यीय जांच कमिटी बनाई थी।

इसी जांच कमिटी की रिपोर्ट हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ के हाथ लगी है। इस रिपोर्ट में साफ-साफ जिक्र है कि राहुल का प्लेन उस दिन उड़ान के दौरान क्रैश से बाल-बाल बचा था। यह रिपोर्ट अभी एनडीए सरकार ने सार्वजनिक नहीं की है। खास बात यह है कि 12 जून को जब टाइम्स नाउ की पत्रकार ने आरटीआई आवेदन में रिपोर्ट के बारे में पूछा था तो सरकार ने कहा था कि वह रिपोर्ट जल्दी ही सार्वजनिक करेगी मगर उस जवाब के 49 दिन बाद भी रिपोर्ट राज ही बनी हुई है।

बहरहाल, जो रिपोर्ट टाइम्स नाउ के हाथ लगी है, उससे पता लगता है कि प्लेन में जब गड़बड़ी आई तो क्रू ने इसे संभालने में देरी कर दी। अगर 20 सेकेंड के भीतर गड़बड़ी दूर न की गई होती तो प्लेन क्रैश हो चुका होता। इस घटना के वक्त प्लेन ऑटो पायलट मोड में था। ऐसे हालात में उसे पायलट की ओर से तुरंत मैनुअल तरीके से कंट्रोल में करना होता है। क्रू को उस दिन प्लेन काबू करने में कुछ समय लगा। कांग्रेस जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग कर रही है।

आपको बता दें कि राहुल कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार के सिलसिले में 26 अप्रैल को नई दिल्ली से हुबली जा रहे थे। इस घटना का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि वह अंदर से हिल गए थे। तब उन्हें कैलास मानसरोवर की याद आई थी। इसके बाद राहुल ने कैलास जाने की बात कही थी। अब राहुल गांधी अपनी मन्नत पूरी करने के लिए 31 अगस्त को कैलास मानसरोवर की धार्मिक यात्रा पर जा रहे हैं।

SC-ST एक्ट के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग, सिंधिया को घेरा, बैनर फाड़े…

अशोकनगर ; सुप्रीम कोर्ट में एससी/एसटी के विभिन्न मामलों को लेकर सुनवाई चल रही है, वहीं एससी/एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है, बिहार के कई जिलों में इसको लेकर प्रदर्शन किया गया, वहीं मध्य प्रदेश के अशोकनगर में भारी विरोध देखने को मिला और स्थानीय सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी विरोध का सामना करना पड़ा| जिला मुख्यालय के साथ शाडोरा मे सांसद सिंधिया का जमकर विरोध हुआ, यहाँ हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने मुर्दाबाद के नारे लगाए एवं सिंधिया के काफिले को घेर लिया। पहली बार अशोकनगर में सांसद सिंधिया को आम लोगो की भीड़ का विरोध सहना पड़ा। इन लोगो ने कांग्रेस  एवं भाजपा के विरोध में भी जबरदस्त नारे लगाए। गांधी पार्क से स्टेशन रोड तक आंदोलनकारियो ने एक रैली भी निकाली, इस दौरान इस क्षेत्र में लगे कांग्रेस पार्टी के बैनरों को  फाड़ दिया एवं उनके साथ तोड़फोड़ की ।

उल्लेखनीय है सांसद सिंधिया अशोकनगर में जिला कांग्रेस कार्यालय  का उद्घाटन करने आये थे। आंदोलन कर रहे लोगों ने सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया से संसद में बिल के समर्थन करने पर स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही झूठे मुकदमों को लेकर लोगों को हो रही परेशानी के बारे में बताया। ज्ञापन देने वाले लोगों से तो सिंधिया ने कहा कि नवंबर में हमारी सरकार बनाओ फिर इस मुद्दे पर बात करेंगे। बाद में प्रेसवार्ता में सांसद सिंधिया ने कहा कि लोगों को अपनी बात कहने का अधिकार है और  इस बात का ध्यान रखेंगे कि उनके क्षेत्र में किसी भी बेगुनाह पर कोई कार्यवाही ना हो । इसके बाद जब सांसद सिंधिया गुना की ओर रवाना हो रहे थे तो गुना तिराहे पर आंदोलनकारी  सांसद सिंधिया को काले झंडे दिखाने का प्रयास करने लगे, इस दौरान पुलिस ने इनपर लाठीचार्च कर दिया। बीते कुछ दिनों से जिले के अलग अलग हिस्सों में इस संशोधन बिल का  विरोध कर रहे लोग आज जिला मुख्यालय पर एकत्रित हुए विरोध स्वरूप बहुत से लोग काले कपड़े पहने हुए थे।

दोशियान ने तोड़ी पाइप लाइन, राम बाग कॉलोनी में पानी सप्लाई ठप, जनता परेशान

बर्षाकाल में भी नहीं मिल पा रहा पानी
नपा अधिकारियों को शिकायत दर्ज कराई लेकिन कोई सुनवाई नहीं
शिवपुरी। नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत सर्किट हाउस रोड पर रामबाग कॉलोनी के लोग बारिश के दौर में भी पीने के पानी को लेकर परेशान हैं। यहां पर नगर पालिका के ट्यूबवेल से रामबाग कॉलोनी में जो पाइप लाइन डली थी उसे दोशियान कंपनी ने छह महीने पहले खुदाई के दौरान तोड़ दिया इसके कारण अब पानी सप्लाई ठप है। बारिश के दौर में नपा के ट्यूबवेल में भूमिगत जलस्तर बढ़ चुका है इसके बाद भी पानी सप्लाई नहीं हो पा रही है। रामबाग कॉलीनी में रहने वाले राजेश गुप्ता, घनश्याम अग्रवाल, महादेव शर्मा, मोनू, गिर्राज आदि ने बताया कि उनकी कॉलोनी में प्लास्टिक की जो पाइप लाइन डली थी उसे तोड़े जाने के बाद इसे अभी तक नहीं बदला गया है और वह कई बार नपा के जिम्मेदार अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत करा चुके हैं। इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों ने बताया है कि नगर पालिका में जल शाखा है वहां पर कोई जिम्मेदार अधिकारी न होने के कारण प्लास्टिक की पाइप लाइन नहीं मिल पा रही इसके कारण नगर पालिका यहां पर नई लाइन नहीं डाल पा रही है।
सीएम हेल्पलाइन में की शिकायत
कॉलोनीवासियों ने बताया कि पानी सप्लाई में बाधा आने और पाइप लाइन टूटने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर भी की गई है लेकिन इसके बाद भी निष्क्रिय अधिकारी जनता की परेशानी की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस कॉलोनी में 300 से ज्यादा लोग पानी सप्लाई न होने से पीने के पानी को लेकर परेशान हो रहे हैं।
नपा का बुरा हाल, एई से लेकर दूसरे अधिकारी गायब

नगर पालिका में जलशाखा सहित अन्य निर्माण काम देखने वाले अधिकतर तकनीकि अधिकारी इस समय गायब हैं। सूत्रों ने बताया है कि जल शाखा में लगातार हो रहे भ्रष्टाचार के कारण यहां पर पिछले एक साल में दो अधिकारियों की बदली हो चुकी है। सिंध जलावर्धन योजना ेमें हुए भ्रष्टाचार के बाद जल शाखा का प्रभार भगवान भरोसे चल रहा है इस कारण लोगों की जो समस्याएं हैं वह सुलझ नहीं पा रहीं। इसके अलावा दूसरी तकनीकि अधिकारी जैसे सब इंजीनियर व एई भी कई दिनों से गायब बताए जा रहे हैं। इससे नगर पालिका के अधिकतर काम ठप हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार

अभी हमारे पास पाइप नहीं हैं इस कारण से रामबाग कॉलोनी में लाइन नहीं बदल पा रहे हैं। हमने वरिष्ठ अधिकारियों को लिखकर दे दिया है। जब लाइन आएगी तब बदल देंगे।
कोमल कुशवाह
जोन प्रभारी,नपा कर्मचारी, गांधी पार्क टंकी
रामबाग कॉलोनी की लाइन को दोशियान ने तोड़ दिया था मैंने अधिकारियों को अवगत कराया है। नए पाइप नहीं हैं और जल शाखा की हालत भी इस समय खराब है इसलिए पाइप लाइन नहीं बदल पा रही।
ज्योति धाकड़
पार्षद वार्ड 7 शिवपुरी