इमरान खान की पार्टी की जीत पर इमरान खान बोले भारत से दोस्ती को तैयार अगर राजी हो तो.

पाक नेता इमरान खान
पाकिस्तान के आम चुनाव में जीत हासिल करने के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान ने पहली बार जनता को संबोधित करते हुए कहा कि वो देश को इंसानियत भरा मुल्क बनाएंगे. हम कमजोरों के लिए काम करेंगे.
पाक के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे इमरान खान ने कहा, ‘अल्लाह ने मुझे मौका दिया. पाकिस्तान की सेवा का मौका मिला. पाकिस्तान के लिए मैंने 22 साल संघर्ष किया. मैं पाकिस्तान को मदीने जैसा बनाना चाहता हूं.’
राजनीति में आने के पीछे के राज का खुलासा करते हुए इमरान ने कहा, ‘ मैं बताना चाहता हूं कि 22 साल पहले सियासत में क्यों आया जिसे ऊपरवाले ने सब कुछ दिया. बिना कुछ किए मैं आराम से जीवन गुजार सकता था. लेकिन जब मैं पल-बढ़ रहा था उस समय की कई परिस्थितियों को देखा. देश में भ्रष्टाचार को देखते हुए राजनीति में आने को मजबूर हुआ.’
इस्लामाबाद में उन्होंने पीसी में कहा, ‘मैं पाकिस्तान से किया अपना वादा निभाऊंगा. अपने घोषणा पत्र को लागू करने का मौका मिला. इस चुनाव में कई लोगों ने कुर्बानियां दी. पाकिस्तान के लोगों ने लोकतंत्र को मजबूत किया.’
इमरान खान ने चुनाव में जीत हासिल करने के बाद पहली बार देश के नाम संबोधन में कहा, ‘मैं इंसानियत से भरा पाकिस्तान बनाऊंगा. कमजोरों के लिए काम करूंगा.’
उन्होंने कहा, ‘मुल्क की पहचान अमीर से नहीं होती बल्कि इससे होती है कि गरीब लोगों की जिंदगी कैसी होती है और वो किस तरह से रहते हैं.’

इमरान ने कहा, ‘हम पाकिस्तान को ऐसे चलाएंगे जिसे इससे पहले कभी किसी के द्वारा नहीं चलाया गया. अब तक जो हुक्मरान आए उन्होंने अपने शानो-शौकत पर खर्च किए, उनकी फिजूलखर्ची को देखते हुए लोग टैक्स नहीं भरते थे, पहले लोग अपने लिए खर्च नहीं करूंगा. हम ऐसा माहौल बनाएंगे कि लोग टैक्स भरने को आगे आए. सरकार के पैसे का सही इस्तेमाल करूंगा.’
उन्होंंने यह भी वादा किया कि वह प्रधानमंत्री आवास में नहीं रहेंगे. प्रधानमंत्री आवास में रहने पर उन्हें शर्म आएगी.
विदेश नीति को लेकर पाकिस्तान में बड़ी चुनौती है. आतंकवाद बड़ी चुनौती है हमारे लिए. हमें अपने पड़ोसियों से रिश्ते बेहतर करने होंगे. सबसे अहम पड़ोसी मुल्क है चीन, इस देश से हमें काफी कुछ सीखना होगा. चीन ने अपने करीब 70 करोड़ लोगों को गुरबत की जिंदगी से बाहर निकाला और उन्हें एक बेहतर जिंदगी दी. हम उससे सीखने के लिए अपने लोगों को वहां भेजेंगे.
इमरान ने पड़ोसी मुल्कों का जिक्र करते हुए सबसे पहले चीन का जिक्र किया. फिर अफगानिस्तान, ईरान, सऊदी अरब. इसके बाद हिंदुस्तान का नाम लिया.
इमरान ने कहा, ‘हिंदुस्तान में मुझे बॉलीवुड का विलेन दिखाया गया. मैं हिंदुस्तान को बेहद अच्छी तरह से जानता हूं.’
उन्होंने कहा, ‘कश्मीर मसला बड़ी समस्या है. इस मसले का हल करना जरुरी है. मैं चाहता हूं कि भारत से संबंध बेहतर हो और उसके साथ बातचीत आगे बढ़ाना चाहता हूं.’ अपने संबोधन के दौरान उन्होंने चुनाव में विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे धांधली के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया.

आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की चर्चा कर रही है सरकार- सूत्र

नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार सभी जातियों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने पर विचार कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार के भीतर सभी जातियों में आर्थिक रूप से पिछड़े और कमज़ोर तबकों को आरक्षण देने पर विचार किया जा रहा है. हालांकि ये चर्चा फिलहाल प्रारंभिक स्तर पर शुरू हुई है. आरक्षण पर कोई भी फैसला लेने से पहले बड़े स्तर पर सलाह मशविरा किया जाएगा.

बता दें कि देश के कई राज्यों में आरक्षण को लेकर अलग अलग समुदायों की तरफ से मांग उठती रही है और हमेशा सरकारें या राजनीतिक दल इन मांगों को पूरा करने के नाम पर झूठे वादे करते रहे हैं. क्योंकि आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला बिलकुल साफ है.सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक, कोई भी राज्य 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण नहीं दे सकता. आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था के तहत देश में अनुसूचित जाति के लिए 15 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के लिए 7.5 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण है.

जानें- देश में क्या है आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था?

आरक्षण को लेकर क्या कहता है संविधान?
विवाद के केंद्र में आरक्षण का मुद्दा है. संविधान में सीधे सीधे आरक्षण का तो जिक्र नहीं है, लेकिन संविधान की मूल भावना के हिसाब से ही आरक्षण की व्यवस्था है. आपको बताते हैं कि इस मुद्दे पर संविधान क्या कहता है.

संविधान के अनुच्छेद 46 के मुताबिक, समाज में शैक्षणिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के हित का विशेष ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है. खासकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को अन्याय और शोषण से बचाया जाए.

क्या है आरक्षण का इतिहास?
देश में अंग्रेजों के राज से ही आरक्षण व्यवस्था की शुरुआत हुई थी. साल 1950 में एससी के लिए 15%, एसटी के लिए 7.5% आरक्षण की व्यवस्था की गई थी. पहले केंद्र सरकार ने शिक्षा, नौकरी में आरक्षण लागू किया था. केंद्र के बाद राज्यों में भी आरक्षण लागू कर दिया.

राज्यों में जनसंख्या के हिसाब से एससी, एसटी को आरक्षण का लाभ है. आरक्षण लागू करते वक्त 10 साल में समीक्षा की बात कही गई थी. साल 1979 में मंडल आयोग का गठन किया गया. ये आयोग सामाजिक, शैक्षणिक रुप से पिछड़ों की पहचान के लिए बना था. साल 1980 में मंडल आयोग ने पिछड़ों को 27% आरक्षण की सिफारिश की. इसके बाद साल 1990 में वीपी सिंह ने मंडल आयोग की सिफारिश लागू कर दी.

ओबीसी को कितना आऱक्षण मिलता है?
साल 1990 से ओबीसी को 27% आरक्षण मिलने लगा. हालांकि साल 1992 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ओबीसी को आरक्षण मिलता तो सही है लेकिन क्रीमी लेयर के साथ मिलना चाहिए. मतलब जो आर्थिक रूप से संपन्न हैं उनको आरक्षण न मिले. साल 1993 में एक लाख से ऊपर सालाना आमदनी वाले क्रीमी लेयर में माने गए. अभी आठ लाख से ऊपर सालाना आमदनी वाले ओबीसी को आरक्षण नहीं मिलता है.

बिना तकनीकी मापदंड के रास्ता निर्माण – ओ. पी. भार्गव

बिना तकनीकी मापदंड के रास्ता निर्माण – ओ. पी. भार्गव

कोलारस –वदरवास फोर लाईन से जाने वाले रास्ते मे पानी भर गया है । ओ पी भार्गव ने बताया कि फोर लाईन कम्पनी द्वारा विना तकनीकी मापद०डो के रास्ता वनाया है जिसके कारण गॉव वासियो को आवागमन मे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहॉ है सुमेला सरपंच यादव ने वताया कि रास्ते मैं पानी अधिक भराव होने के कारण निकलना मुशिकल हो गया है । हाल कोलारस विधानसभा के काग्रेस प्रवक्ता ओ० पी० भार्गव ने गुना फोर लाईन के प्रोजेक्ट अधिकारी को पत्र भेजकर जनहित मे रास्ते सुधारे जानेका अनुरोध किया है ।

शिवपुरीी जिले में हरिजन छात्रावास बने कमाई का जरिया

कमाई का जरिया बने हरिजन छात्रावास, छात्रों का लाखों का बजट डकार रहे अधीक्षक

कोलारस। आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा अनु. जाति एवं अनु. जनजाति छात्रावासों का संचालन किया जाता है, लेकिन विभाग के कर्ताधर्ताओं की मिलीभगत से इन छात्रावास के अधीक्षक लाखों के बारे न्यारे करने में जुटे हुए हैं। ऐसा ही मामला कोलारस अनुविभाग में संचालित हरिजन छात्रावासों में देखने को मिल रहा है। छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं के लिए आने वाले बजट को अधीक्षक खुलेआम डकार रहे हैं। सूत्रों की मानें तो यह अधीक्षक विभाग के अधिकारियों को भी इसका एक हिस्सा पहुंचाते हैं तो विभाग के कर्ताधर्ता सबकुछ जानकर भी अनजान बने रहे हैं।
विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो कोलारस में संचालित छात्रावास में अधीक्षक न तो निवास करते हैं और न ही दिनभर ड्यूटी पर भी रहते हैं। जिला मुख्यालय पर निवास करने वाले यह अधीक्षक मात्र अपनी हाजरी भरकर चलते बनते हैं। कोलारस अनुविभाग अंतर्गत अधिंकाश छात्रावासों में स्थिति बेहद खराब है। छात्रावास में कई पर महिला अधीक्षकों को पदस्थ किया गया है कोलारस में कॉलेज रोड, जेल रोड, पुराने थाने के पास कृषि विभाग के पास स्थित छात्रावास नर्सरी में स्थित छात्रावास वहीं ग्रामीण अंचलो में तेंदुआ, खरई, सेसईसडक में छात्रावास संचालित है, परन्तु जिन उद्देश्योंं को लेकर सरकार ने छात्रावासों का संचालन किया जा रहा है और लाखो रुपयों का बजट इन छात्रावासो को भेजा जा रहा है परन्तु कोलारस नगर से लेकर ग्रामीण अंचलो में संचालित हो रहे हरिजन छात्रावासों में रहने वाले हरिजन छात्रों को सुविधाएं नहीं मिल रही है और कहीं कहीं तो चौकीदार ही अधीक्षकगिरि का कार्य कर रहे हैं। हरिजन छात्रों से काम कराया जाता है पानी कि सुविधा नहीं होने से हरिजन छात्र पानी लाते है। मीनू अनुसार भोजन , नाशता नही दिया जा रहा है अधिकांश वार छात्रों द्वारा आला अधिकारीयों से शिकायते कि गई परन्तु अधीक्षकों पर वरिष्ठ अधिकारीयों द्वारा कार्यवाही नही की गई और छात्रावासो में कब तक प्रवेश लिया जाता है यह भी पता नहीं चलता है जिसके चलते आज भी अनेक हरिजन छात्र छात्रावासों में प्रवेश के लिये भटक रहे है।
छात्रावासों के पास भरा गंदा पानी

हरिजन कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावास जिनमें बालक हरिजन छात्रावास जगतपुर, हरिजन कन्या छात्रावास कृषि विभाग के पास, छात्रावास में मैंन रास्ते पर ही बारिश का पानी भरा हुआ है, जिसके चलते यहां पर रह रहे छात्र-छात्राओं को बीमारी अपनी चपेट में ले सकती है, जबकि लाखों रूपये का बजट छात्रावासों के रख-रखाव के लिये आता है, परन्तु इस बजट का उपयोग अधीक्षक यहां नहीं करते और फर्जी कागजी कार्यवाही कर बजट से मिली राशि को हड़प कर जाते है।
कार्रवाई के नाम पर जूं तक नहीं रेंगते अधिकारियों के कानों में

यहां बता दें कि विगत दिवस शिवपुरी में संचालित सीनियर कन्या छात्रावास में 75 क्विंटल गेहूं भरे होने का मामला प्रकाश आया था, लेकिन कई दिन गुजरने के बाद भी विभाग कर्ताधर्ताओं के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। इसके बाद लोगों के जहन में सवाल उठते हैं कि क्या छात्रावास अधीक्षक बिना आदिम जाति कल्याण विभाग के कर्ताधर्ताओं से मिलकर यह गड़बड़ी कर सकते हैं? सूत्रों की मानें तो जिले में इस तरह के दर्जनों छात्रावास संचालित हो रहे हैं जिनमें केवल बच्चों के लिए आने वाला गेहूं सहित अन्य सामान फर्जी उपस्थिति दर्शाकर निकाल लिया जाता है।

बड़ी खबर-खनियाधाना रामजानकी मंदिर से सोने का कलश चोरी,कीमत करोड़ो में पुलिस जांच में जुटी

खनियाधाना-अभी अभी बड़ी ख़बर शिवपुरी जिले की खनियाधाना से आ रही है करोड़ो रुपये कीमत का सोने का कलश चोरी हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खनियाधाना राज महल ( किला) के रामजानकी मंदिर का सोने का 40 से 50 किलो बजनी कलश पर चोरे ने अपने हाथ साफ कर लिया है ।बताया जा रहा है कलश की कीमत लगभग करोड़ो रुपये में बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पुहंच गई है पूर्व में भी चोरों द्वारा चोरी का प्रयास किया गया था पर सफलता हाथ नही लगी थी। इस मामले की जांच में पुलिस जुट गई है