राजस्थान के राजसमंद के एक होटल से मिलीं 100 लड़कियां

राजस्थान राजसमंद के राजनगर के एक होटल से
100 लड़कियों के मिलने की सूचना मिली है. सभी लड़कियों को होटल में छिपा कर रखा जाना सामने आया है. सूत्रों के अनुसार इनमें से कई लड़कियों नाबालिग भी हैं. होटल में इन लड़कियों को पिछले 10 दिन से छिपा कर रखा गया था. यह भी बताया जा रहा है कि सभी लड़कियां पाली के दाती मदन महाराज आश्रम की हो सकती हैं. हालांकि अभी तक पुलिस की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है.

जानकारी के अनुसार राजसमंद के राजनगर स्थित होटल राजमहल में सौ से अधिक लड़कियों के रखे जाने की सूचना के बाद पुलिस ने यहां छापा मारा है. पुलिस के साथ मौके पर बाल कल्याण समिति के सदस्य भी मौजूद है. होटल प्रबंधन से लड़कियों के बारे में पूछताछ जारी है और होटल को सीज कर दिया गया है. होटल में डीएसपी राजेन्द्र सिंह सहित बाल कल्याण समिति सदस्य मामले की जांच में जुटे

केंद़ सरकार ने 14 खरीफ की फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया

किसानों के नाराजगी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने खरीफ की सभी 14 फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ा दिया है. आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए सरकार के इस कदम को एक तरह से मास्टर स्ट्रोक के तौर पर देखा जा रहा है.

सरकार ने धान के समर्थन मूल्य में 200 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है. इससे पहले किसानों को धान के लिए 1550 रुपये मिलते थे लेकिन अब इसी के लिए उन्हें 1750 रुपये दिए जाएंगे. देश के तकरीबन 12 करोड़ किसानों को इससे सीधा फायदा पहुंचेगा.

केंद्र सरकार के फैसले के बाद-

फसल पुरानी कीमत नई कीमत (प्रति क्विंटल)

धान- 1550 1750 रुपये

मूंग- 4650 6975 रुपये

उड़द- 5400 5006 रुपये

अरहर- 3432 5675 रुपये

ज्वार- 1619 2,430 रुपये

बाजरा- 990 1,950 रुपये

मक्का 1131 1700 रुपये

कपास- 3433 5150 रुपये

मूंगफली 3260 4890 रुपये

सोयाबिन 2266 3399 रुपये

तिल 4266 6249 रुपये

रामतिल 3918 5877 रुपये

रागी ….. 2,897 रुपये

सूरजमुखी बीज— 5388 रुपये

इस फैसले के बाद पीएम मोदी ने कहा कि मुझे अत्यंत खुशी हो रही है कि किसान भाइयों-बहनों को सरकार ने लागत के 1.5 गुना MSP देने का जो वादा किया था, आज उसे पूरा किया गया है. फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में इस बार ऐतिहासिक वृद्धि की गई है.

उन्होंने कहा, ‘कृषि क्षेत्र के विकास और किसान कल्याण के लिए जो भी पहल जरूरी हैं, सरकार उसके लिए प्रतिबद्ध है. हम इस दिशा में लगातार कदम उठाते आए हैं और आगे भी आवश्यक कदम उठाते रहेंगे.’

थाईलैंड की गुफा में फंसे बच्चों को चार महीने तक रहना पड़ सकता अंदर


थाईलैंड में नौ दिनों तक लापता रहे 12 बच्चों और उनके फ़ुटबॉल कोच की ख़बरों ने पूरी दुनिया को बांधे रखा.

ये सभी लोग 23 जून की शाम फ़ुटबॉल का अभ्यास करने के बाद उत्तरी थाईलैंड की एक गुफा देखने गये थे. लेकिन बाढ़ के पानी के कारण सभी गुफा के अंदर फंस गये.

बचावकर्ताओं के एक दल ने नौ दिन बाद इन सभी को खोज लिया और दसवें दिन इन लोगों तक दवाइयाँ और खाना पहुँचाया गया.

बचाव दल के अनुसार गुफा में फंसे बच्चों और उनके कोच ने गुफा के भीतर कोई ऐसी जगह तलाश ली थी जिससे वे बाढ़ के पानी की चपेट में आने से बच गये.

बहरहाल, थाई सेना की मदद से अब इन बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है. थाई सेना का कहना है कि बच्चों को बाहर निकालने में चार महीने तक का समय लग सकता है.


‘सुरक्षात्मक’ भाव
लेकिन चार महीने, एक लंबा समय है. अगर इतने दिनों तक ये बच्चे गुफा के भीतर ही रहे तो उनके मानसिक स्वास्थ्य पर इसका क्या असर होगा?

डॉक्टर एंड्रिया डेनिस लंदन में बच्चों और किशोरों के मनोचिकित्सक हैं. उनका कहना है कि इस दुर्घटना का बच्चों की मानसिक सेहत पर कई तरह से असर पड़ सकता है.

वो कहते हैं, “इससे उनमें डर बैठ सकता है. वो चिड़चिड़े और मूडी हो सकते हैं. लेकिन यहाँ जो सबसे अच्छी बात है, वो ये है कि बच्चे एक टीम में हैं. इससे उनका एक समुदाय बना हुआ है. साथ ही उनमें एक ‘सुरक्षात्मक’ भाव भी बरकरार है.”

अमरीका के वर्जीनिया में स्थित रिचमंड विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर डोनेल्सन आर फोर्सिथ इससे सहमत हैं.

वो कहते हैं, “समूह में होने से आपदा से बच निकलने और ज़िंदा रहने का जज़्बा बना रहता है. इससे बच्चों को फ़ायदा होगा और वो एक जुट रहेंगे. हालांकि समूह में होने का एक ख़राब पक्ष ये होता है कि लोग भावुक होने लगते हैं. कई बार एक दूसरे पर आरोप लगाने लगते हैं. गुस्सा होते हैं और छोटे-बड़े का भाव मन में ले आते हैं.”

अब तक का सबसे लंबा चंद़ग़हण 27 जुलाई को

नई दिल्लीः सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण 27 जुलाई को देश के सभी हिस्सों से दिखाई देगा. इस दौरान चंद्रमा थोड़ा सा लाल रंग का होगा और इस खगोलीय घटना को ‘ब्लड मून’ कहा जाता है.

एमपी बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च , एमपी बिरला प्लेनेटेरियम के निदेशक देवीप्रसाद दुआरी ने कहा , ‘भारत में दर्शक खुशकिस्मत हैं क्योंकि आंशिक और पूर्ण दोनों ग्रहण देश के सभी हिस्सों से पूरी तरह से दिखाई देगा. ’

उन्होंने बताया कि दक्षिण अमेरिका , अफ्रीका , पश्चिम एशिया और मध्य एशिया के कुछ हिस्सों में भी ग्रहण दिखाई देगा. उन्होंने बताया कि पूर्ण चंद्र ग्रहण एक घंटे 43 मिनट का होगा जबकि आंशिक ग्रहण एक घंटे से ज्यादा समय का होगा. दुआरी ने बताया कि आंशिक चंद्र ग्रहण 27 जुलाई को भारतीय समयानुसार रात 11 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगा और पूर्ण चंद्र ग्रहण 28 जुलाई को तड़के एक बजे शुरू होगा.

वैज्ञानिक ने बताया कि चंद्रमा 28 जुलाई को तड़के 1 बज कर 52 मिनट से 2 बज कर 43 मिनट तक सबसे ज्यादा अंधकार में रहेगा.

उन्होंने कहा , ‘इस अवधि के बाद 28 जुलाई को तड़के 3 बज कर 49 मिनट तक आंशिक चंद्र ग्रहण रहेगा. भारत में खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह स्वर्णिम अवसर होगा क्योंकि ग्रहण लगभग पूरी रात दिखाई देगा.’ 27 जुलाई को पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा पृथ्वी की छाया के मध्य हिस्से से होकर गुजरेगा.

पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा जब पृथ्वी की छाया से होकर गुजरता है तो वह चमकीले नारंगी रंग से लाल रंग का हो जाता है और एक दुर्लभ घटना के तहत गहरे भूरे रंग से और अधिक गहरा हो जाता है. यही कारण है कि पूर्ण चंद्र ग्रहण लगता है और उस समय इसे ब्लड मून कहा जाता है.

यह पूछे जाने पर कि क्या चंद्र ग्रहण को बिना किसी उपकरण के आंखों से देखना सुरक्षित होगा , इस पर दुआरी ने कहा , ‘सौर ग्रहण देखने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों की तरह चंद्र ग्रहण देखने के लिए कोई खास इंस्ट्रूमेंट की जरूरत नहीं है. किसी को भी ग्रहण देखने के लिए टेलीस्कोप की जरुरत नहीं है हालांकि अच्छी गुणवत्ता वाली दूरबीन से बेहतर एक्सपीरिएंस मिलेगा. ’’

आज शुक़ ग़ह बदलेगा राशि, बदल देगा आपका भाग्य

शुक्र घर बदल रहे हैं. शुक्र आपके जीवन में भी बहुत बदलाव लाएगा. 4 जुलाई बुधवार को शुक्र सुबह रात 2 बजे सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. शुक्र का मंगल का षडाष्टक योग बनेगा. मकर राशि में मंगल बैठे हैं. 20 साल बाद ऐसा महा योग बना है. शुक्र की यह बदली चाल सभी का महाकल्याण करेगा. नौकरी में प्रमोशन के योग बनेंगे. सैलरी के पैसे बढ़ेंगे. मार्केट में मंदी दूर होगी. अगर आप कोई बिज़नेस कर रहे हो या आपको व्यापार में बहुत मुनाफ़ा चाहिए. शुक्र को बलवान करें. लड़कों लड़कियों की शादी की अड़चन दूर होगी. कन्याओं और महिलाओं की सरकारी नौकरी मिलने का योग बना है.

उपाय

11 दिन रोज स्फटिक की माला से ॐ शुक्राय नमः का जाप करें

लक्ष्मी जी को एक गुलाब फूल और पेड़े का भोग लगाएं

शादी की अड़चन दूर होगी

उपाय

घर में बेसन का हलवा बनाएं और विष्णु लक्ष्मी जी पर चढ़ाएं

माँ लक्ष्मी और विष्णु जी को गुलाबी चुन्नी चढ़ाएं

पीले फूलों से पूजा करें

कन्याओं और महिलाओं का सरकारी नौकरी का योग बन सकता है

नई नौकरी पाने के लिए अप्लाई करें.

कन्याओं और महिलाओं को सरकारी नौकरी पाने में

आनेवाली अड़चन दूर होगी

सरकारी नौकरी के लिए अगले 15 दिन में अप्लाई

करें

उपाय
सूर्य को गुलाबजल और गुड़ वाला जल चढ़ाएं

अनामिका में ताम्बे का छल्ला और

गले में पांच मुखी रुद्राक्ष धारण करें

शुक्र बनाएगा आकर्षक

शुक्र देंगे बहुत लाभ, किसी से काम करवा लेंगे

शुक्र ग्रह बहुत बलवान होगा

शुक्र का उपाय करेंगे तो शुक्र आपको बहुत आकर्षक बना देगा

दिल्ली बुराड़ी सामुहिक आत्महत्याकांड अंधविश्वास का नतीजा

दिल्ली के बुराड़ी में 11 मौत ने सबको सन्न करके रख दिया. लेकिन आहिस्ता-आहिस्ता रहस्य, अनुमान, आशंका, तंत्र-मंत्र से ढंकी इस कहानी के कई सिरे पकड़ में आने लगे हैं. सबसे बड़ा सबूत और गवाह वो रजिस्टर है, जो बुराड़ी की हत्याओं की इनसाइड स्टोरी बता रहा है.

सूत्रों के मुताबिक बुराड़ी के घर में हुई एक साथ 11 मौत का शक अब परिवार के छोटे बेटे ललित पर आ कर टिक गया है. घर में बरामद हुए रजिस्टर, डायरी और बाकी सबूतों से इशारा मिल रहा है कि तंत्र-मंत्र के फेर में ही बुराड़ी का भाटिया परिवार हमेशा-हमेशा के लिए उजड़ गया.

दरअसल जो कुछ बीती शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को हुआ उसकी भूमिका आज से कई साल पहले बननी शुरू हो गई थी. राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से निकलकर दिल्ली में अपनी मेहनत के बलबूते घर और व्यापार जमानेवाले ललित के पिता भोपाल सिंह का देहांत हो गया.

परिवार का सबसे छोटा बेटा होने की वजह से ललित उनके बेहद करीब था. जाहिर है, पिता की मौत का सबसे बड़ा सदमा भी ललित को ही पहुंचा, जो वक्त के साथ लगातार गहराता गया. फिर जैसे इतना ही काफी नहीं था कि कुछ साल पहले ललित की आवाज एक हादसे में चली गई.

लंबे इलाज के बावजूद ललित की आवाज वापस नहीं आई. पिता की गैर मौजूदगी और बोल ना पाने की वजह से ललित टूटने लगा, लेकिन इसी बीच एक अजीब बात घटने लगी. ललित ने 5-6 साल पहले से दावा करना शुरू किया कि उसे पिता भोपाल सिंह दिखाई देते हैं. उससे बातें भी करते हैं.

सुप़ीम कोर्ट में अरविंद केजरीवाल की जीत

दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार और उपराज्यपाल के बीच काफी लंबे समय से चल रही जंग के बीच आज सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उपराज्यपाल दिल्ली में फैसला लेने के लिए स्वतंत्र नहीं हैं, एलजी को कैबिनेट की सलाह के अनुसार ही काम करना होगा. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना मुमकिन नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साफ है कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार ही राज्य को चलाने के लिए जिम्मेदार है. फैसले के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर खुशी जता दी है, उन्होंने कहा है कि दिल्ली में लोकतंत्र की जीत हुई है. आम आदमी पार्टी लगातार आरोप लगाती रही है कि केंद्र की मोदी सरकार एलजी के जरिए अपना एजेंडा आगे बढ़ा रही है और राज्य सरकार को काम नहीं करने दे रही है.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने टिप्पणी करते हुए कहा कि उपराज्यपाल को दिल्ली सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिए. पुलिस, जमीन और पब्लिक ऑर्डर के अलावा दिल्ली विधानसभा कोई भी कानून बना सकती है.

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि दिल्ली में किसी तरह की अराजकता की कोई जगह नहीं है, सरकार और एलजी को साथ में काम करना चाहिए. दिल्ली की स्थिति बाकी केंद्र शासित राज्यों और पूर्ण राज्यों से अलग है, इसलिए सभी साथ काम करें.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने टिप्पणी करते हुए कहा कि संविधान का पालन सभी की ड्यूटी है, संविधान के मुताबिक ही प्रशासनिक फैसले लेना सामूहिक ड्यूटी है. SC ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच भी सौहार्दपूर्ण रिश्ते होने चाहिए. राज्यों को राज्य और समवर्ती सूची के तहत संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करने का हक है.

सुप़ीम कोर्ट ने आज अगर फैंसला केजरीवाल के पक्ष में दिया तो.

सुप्रीम कोर्ट आज दिल्ली को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाने वाला है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच अधिकारों की लड़ाई चल रही है. अगर आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला अरविंद केजरीवाल के पक्ष में आता है तो केजरीवाल को वो तीन बड़े अधिकार मिल जाएंगे, जिसके लिए वे काफी समय से मांग करते आ रहे हैं.

पहला अधिकार- सलाह मानने के लिए बाध्य होंगे LG

अभी तक अरविंद केजरीवाल कोई भी फैसला खुद नहीं ले सकते हैं. उन्हें अपने हर फैसले के बाद उसके लिए उपराज्यपाल की मंजूरी लेनी होती है. अगर आज सुप्रीम कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया तो केजरीवाल स्वयं फैसले लेने में सक्षम होंगे. उप राज्यपाल के पास उन्हें फाइल भेजने की जरूरत नहीं होगी.

दरअसल संविधान के आर्टिकल 239A के तहत केंद्र शासित दिल्ली में विधानसभा, मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल की व्यवस्था की गई है. इसी आर्टिकल में 239AA (4) के तहत व्यवस्था दी गई है कि उपराज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर काम करेंगे. लेकिन संविधान में कहीं भी इसकी व्याख्या नहीं की गई है कि उप राज्यपाल सीएम के फैसले को मानने के लिए बाध्य हैं या नहीं. पूरा पेंच यहीं फंसा है. इसके उलट अन्य राज्यों में राज्यपाल सीएम के फैसलों को मानने के लिए बाध्य होते हैं.

दूसरा अधिकार- ट्रांसफर-पोस्टिंग कर सकेंगे केजरीवाल

मौजूदा वक्त में अरविंद केजरीवाल दिल्ली में किसी भी कर्मचारी की ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं कर सकते. केंद्र सरकार दिल्ली में कर्मचारियों के स्थानांतरण के फैसले पर अपना हक जताती है. केजरीवाल इसका शुरू से विरोध कर रहे हैं. केजरीवाल दुहाई देते रहे हैं कि दिल्ली में चुनी हुई सरकार की कोई नहीं सुनता. उनका कहना है कि दिल्ली के अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक उनकी बात नहीं मानते. इसके चलते उन्होंने एलजी हाउस में 9 दिन तक धरना भी दिया था. अगर आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला केजरीवाल के हक में आता है तो दिल्ली के अधिकारियों-कर्मचारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार भी केजरीवाल को मिल जाएगा.

तीसरा अधिकार- ACB दिल्ली सरकार के अधीन आएगी

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को लेकर ही आम आदमी पार्टी अस्तित्व में आई. अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में सरकार बनाने के बाद सबसे जोर-शोर से जो काम किया, उसमें भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई रही है. केजरीवाल ने सरकार बनाते ही फौरन एंटी करप्शन ब्रांच का गठन किया. ब्रांच ने ताबड़तोड़ कई छापे भी मारे. लेकिन यहां फिर से उपराज्यपाल का दखल हुआ. तत्कालीन उपराज्यपाल नजीब जंग ने जून 2015 में ACB में अपनी पसंद का अधिकारी बैठा दिया, जिसका केजरीवाल सरकार ने जमकर विरोध किया. यहीं से उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री में ‘ठन’ गई. इस घटना के बाद से केजरीवाल उपराज्यपाल के विरोध में और मुखर हो गए. अगर आज केजरीवाल के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आता है तो ACB में केजरीवाल फिर से अपनी पसंद का अधिकारी नियुक्त कर सकेंगे और भ्रष्टाचार विरोधी अपनी मुहिम को और तेज कर सकेंगे.

सेवानिवृत्त शिक्षकों व कर्मचारियों की बढ़ेगी पेंशन, कम से कम 9 हजार का होगा इजाफा

राज्य विश्वविद्यालयों एवं सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों के सेवानिवृत्त शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की पेंशन में बढ़ोत्तरी की जाएगी। एक जनवरी 2016 और उसके बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। इसके साथ ही मृतक शिक्षकों व कर्मचारियों के आश्रितों की पारिवारिक पेंशन में भी बढ़ोतरी होगी।

सरकार ने वेतन समिति 2016 की संस्तुतियों को स्वीकार करते हुए पेंशन, पारिवारिक पेंशन, ग्रेच्युटी व पेंशन राशिकरण की दरों में संशोधित किया है। उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल ने बताया कि पेंशन कम से कम 9 हजार रुपये प्रतिमाह तथा अधिकतम राज्य सरकार में उच्चतम वेतन के 50 प्रतिशत प्रतिमाह से कम नहीं होगी।

संशोधित पेंशन में पेंशनर की आयु के आधार पर अतिरिक्त पेंशन राशि निर्धारित की गई है। 80 से 85 वर्ष की उम्र वालों को मूल पेंशन का 20 प्रतिशत, 85 से 90 को 30 प्रतिशत, 90 से 95 वर्ष वालों को 40 प्रतिशत, 95 से 100 वर्ष वालों को 50 प्रतिशत और 100 वर्ष या इससे अधिक उम्र के पेंशनर्स को मूल पेंशन का 100 प्रतिशत राशि दी जाएगी।