वेब न्यूज प्रोर्टल के पत्रकारों ने पी.आर.ओ.को ज्ञापन सोपा।

शिवपुरी।आज वेब न्यूज़ पोर्टल के पत्रकारों के संगठन सोशल मीडिया फॉउंडेशन के बैनर तले जिले के समस्त पत्रकारों की बैठक शिवपुरी होटल पर आहूत की गई बैठक के उपरांत सभी पत्रकारों ने जिला जनसमर्क कार्यालय पहुचकर पी. आर. ओ. श्री अनूप भारती को ज्ञापन सौपें जिसमें जिले के समस्त पत्रकारों की सूची जिसमे न्यूज़ वेब पोर्टल का नाम प्रधान संपादक,संपादक एवं ब्यूरोचीफ की जिले के पत्रकारों की लिस्ट सहित एक एक कॉपी जनसम्पर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा एवं आयुक्त जनसमर्क कार्यालय भोपाल के नाम पी आर ओ श्री भारती को सौपीं। जिसमे उपस्थित डॉ भूपेंद्र विकल ,ब्रजेश सिंह तोमर, अशोक जैन अखिलेश दुबे, दुर्गेश गुप्ता, बालकिशन शर्मा, बॉबी, उम्मेद सिंह झा,के.बी.शर्मा लालू,संजय शर्मा पंडित,मनीष बंसल ,साहिल खान, भैया काजी पोहरी,अमन सिद्दीकी, केदार सिंह गोलिया संजय शर्मा,उत्कर्ष बैरागी, रामस्वरूप रजक,सुनील रजक,आदि उपस्थित थे।*

पंचायत सचिव के घर लोकायुक्त का छापा, आय से अधिक संपत्ति का मामला

गुना में आय से अधिक संपत्ति मामले में पंचायत सचिव के घर छापा मारा गया. लोकायुक्त की टीम ने उनके घर से कई गाड़ियां, ज़ेवर और नगदी बरामद किए हैं.

मध्य प्रदेश के गुना जिले में पंचायत सचिव इंद्रभान सिंह यादव के घर लोकायुक्त पुलिस का छापा पड़ा है. आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापा मारा गया. पंचायत सचिव के घर से पुलिस टीम को बड़ी मात्रा में कैश, आभूषण, ज़मीन, गाड़ी और बैंक खातों का पता चला है.

लोकायुक्त की टीम ने पंचायत विभाग में सचिव इंद्रभान सिंह के घर में छापा मारा. वे टकनेरा पंचायत के सचिव हैं. ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस को उनके ख़िलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिली थी. शिकायत की पड़ताल के लिए लोकायुक्त की 14 सदस्यों की टीम पंचायत सचिव के घर पहुंची और छापे की कार्रवाई शुरू कर दी.

लोकायुक्त की टीम ने इंद्रभान के घर से सोने-चांदी के ज़ेवर, चारपहिया गाड़ी बोलेरो, 5 मोटर साइकिल, डेढ़ लाख कैश ज़ब्त किए. पंचायत सचिव के चार बैंक खातों का पता चला है. टीम उसकी भी जांच कर रही है.

हैदराबाद के निजाम ने लालबहादुर शास्त्री के कहने पर दान कर दिया जब 5 टन सोना.

उस मुल्क की सरहदों को कोई छू भी नहीं सकता जिस ​मुल्क के ​लोग उसे मुसीबत में देखकर अपना सब कुछ दांव पर लगाने को तैयार हों ये बात उस दौर की याद दिलाती है… हिंद की जमीन पर विदेशी हमले का खतरा बढ़ रहा था और प्रधानमंत्री के कहने पर एक निजाम ने अपना खजाना भारत की रक्षा के लिए खोल दिया था.

1965 में हैदराबाद के निजाम ‘मीर उस्मान अली’ नाम था उस दानी का!

पैसों के मामले में भारत की सेना के लिए इतना बड़ा दान शायद ही किसी ने किया होगा तो चलिए जानते हैं उस किस्से को जिसने ‘मीर उस्मान अली’ को ‘मोहसिन-ए-हिन्दुस्तान’ बना दिया–

एक टोपी में जिंदगी गुजारने वाला ‘रईस’ निजाम

हैदराबाद के निजाम की संपत्ति का इसी बात से आंकलन किया जा सकता है कि वो 5 करोड़ पाउंड की कीमत वाले शुतुरमुर्ग के अंडे के आकार जितने बड़े एक हीरे को पेपरवेट के तौर पर इस्तेमाल करते थे. वहीं उनके पैलेस में करीब 6000 लोग काम किया करते थे, जिनमें से 38 लोग तो केवल मोमबत्ती स्‍टैंड की धूल ही साफ करते थे.

इतना सब होने के बाद भी उस्मान अली बेहद साधारण किस्म का जीवन-यापन करते थे. वह एक टिन की प्‍लेट में खाना खाते थे, वहीं अपने कपड़ों पर कभी प्रेस तक नहीं करवाते थे. कहा तो यहां तक जाता है कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी केवल एक ही टोपी पहनकर और एक ही पुराना कंबल ओढ़कर गुजार दी.

वहीं इनकी दरियादिली भी इस साधारण जीवन से ऊपर थी, उन्होंने ​बनारस हिंदू वि​श्वविद्यालय के लिए आर्थिक मदद मांगने के तुरंत बाद बिना देरी किए एक लाख रुपए दान कर दिए।

चीन बन चुका था खतरा!

1965 में भारत पाकिस्तान से युद्ध जीत चुका था और जीत के जश्न में डूबा था.

भारतीय इस जीत का जश्न अभी ठीक से मना भी नहीं पाए कि उनके सामने दूसरा खतरा चीन के रूप में खड़ा हो गया. तिब्बत को आजाद कराने के लिए चीन ने भारत को दादागिरी दिखानी शुरू कर दी और युद्ध तक की धमकी दे डाली।

ऐसे में भारत इस बात से चिंतित हो उठा

भारत कुछ दिन पहले ही एक भयावह युद्ध से गुजरा था हालांकि युद्ध में हमारी जीत हुई लेकिन पुन: एक और युद्ध उस पर थोपा जाना कहीं से भी अनुचित था. हालांकि सेना में जवानों की कमी अब भी नहीं थी. देश के युवा बड़ी संख्या में सेना में शामिल होने के लिए तैयार थे, लेकिन असली समस्या थी सेना के लाव-लश्कर, साजो-सामान और असलाह, गोला-बारूद की।

चूंकिे चीन की सेना पूरी तरह से युद्ध के लिए तैयार थी और यहां सैनिकों के हाथ खाली थे, वहीं देश विभाजन का दर्द झेल रहा था और पाकिस्तान से युद्ध के चलते भारत सरकार के पास धन की भी कमी थी. ऐसे में तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने सेना की मदद के लिए भारतीय रक्षा कोष की स्थापना की
शास्त्री जी ने लोगों से सेना के लिए दान करने की अपील की इस अपील ने लोगों को देश भावना से ओत-प्रोत कर दिया और वो देश सेवा के लिए टूट पड़े, आम नागरिक जो हो सकता था दान करने में जुट गए. जिसके पास पैसा नहीं था वह कपड़े और भोजन दान कर रहा था।

5 टन सोना देकर की सेना की मदद

प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने रेडियो द्वारा लोगों और राजे-रजवाड़ों से देश के लिए मदद मांगी. पीएम के इस आह्वान को हैदराबाद में बैठे निजाम भी सुन रहे थे, जिहाजा उन्होंने इस मामले में मदद का मन बनाया और शास्त्री जी और इंग्लैंड व स्कॉटलैंड दोनों के बराबर बड़ी रियासत पर राज्य किया था।

उस समय उनकी कुल संपत्ति अमेरिका की कुल अर्थव्यवस्था का 2 प्रतिशत थी. इसी के चलते टाइम पत्रिका ने सन 1937 में उनकी फोटो अपनी मैग़ज़ीन के कवर पेज पर लगाई थी.
चूंकि सेना को तत्काल सहायता की जरूरत थी इसलिए निमंत्रण मिलते ही बिना किसी देरी के लाल बहादुर शास्त्री उड़नखटोला में सवार होकर हैदराबाद पहुंच गए. निजाम उस्मान अली ने उनका बेगमपेठ एयरपोर्ट पर स्वागत किया।

शास्त्री जी जानते थे कि हैदराबाद से उन्हें निराशा नहीं मिलेगी इसलिए पीएम ने जल्दी निजाम से बात की और उन्हें स्थिति के बारे में अवगत कराया, लेकिन उस्मान अली इसके लिए पहले से तैयार थे।

बिना एक सेकंड के सोचे निजाम मीर उस्मान अली ने अपना खजाना भारत की रक्षा के लिए खोल दिया और राष्ट्रीय रक्षा कोष के लिए 5 टन सोना देने का ऐलान कर दिया।

दालोंं और धान के एमएसपी में बढ़ोतरी कर सकती है सरकार.

लोकसभा चुनाव में अब एक साल से भी कम समय रह गया है. सभी दल चुनाव की तैयारियों में लग गए हैं. ऐसे में केंद्र सरकार किसानों को बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है. धान की एमएसपी में अब तक की सबसे बड़ी बढ़त की जा सकती है.

केंद्र सरकार ने बजट में वादा किया था कि फसलों के न्यूतनम समर्थन मूल्य (MSP) को उनकी लागत के कम से कम डेढ़ गुना किया जाएगा. इसलिए अब सरकार इस खरीफ सीजन के लिए धान की कीमत में रेकॉर्ड बढ़त (किसी एक साल में सबसे ज्यादा) करने जा रही है.

इंडियन एक्सप्रेस अखबार के अनुसार, धान की एमएसपी में 200 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़त की जा सकती है. गौरतलब है कि पिछले साल सामान्य ग्रेड के धान की एमएसपी 1,550 रुपये प्रति क्विंटल थी. इसके पहले धान की एमएसपी में एक साल में रेकॉर्ड बढ़त 155 रुपये प्रति क्विंटल की एक दशक पहले साल 2008-09 में यूपीए सरकार द्वारा की गई थी.

यूपीए की पहली सरकार ने भी यह बढ़त चुनावी साल में ही की थी. अब मोदी सरकार भी ऐसा कदम उठाने जा रही है. एमएसपी में बढ़त ऐसे फसल के लिए करने की तैयारी है जो खरीफ सीजन के दौरान 50 फीसदी कृषि इलाके में बोई जाती है.

इससे सरकार के खजाने पर करीब 12,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. पिछले साल सरकार द्वारा धान की खरीद करीब 5.5 करोड़ टन की थी. गौरतलब है कि पिछले हफ्ते गन्ना किसानों से बात करते हुए पीएम मोदी ने यह वादा किया था कि खरीफ सीजन के लिए फसलों के इनपुट कॉस्ट के 150 फीसदी तक एमएसपी करने की योजना को लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा था कि उसे इस हफ्ते होने वाली कैबिनेट बैठक के दौरान मंजूरी दी जाएगी.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल बजट पेश करते हुए कहा था, ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सरकार ने खरीफ की फसलों के लिए लागत से डेढ़ गुना एमएसपी रखने का निर्णय लिया है. मुझे भरोसा है कि इस ऐतिहासिक निर्णय से किसानों की आय डबल करने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.’

इसके अलावा सरकार, दालों के एमएसपी में भी 200 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़त करने की तैयारी कर रही है.

लक्ष्मी को प़सन्न करने के कुछ उपाय, तिजोरी में रखें कुछ चीजें सिद्ध कर.


तिजोरी यानी धन की पेटी अधिकांश घरों में होती है. यह ऐसी जगह होती है जहां हम अपनी कीमती सामग्री और धन-पैसा रखते हैं. यह तिजोरी कभी खाली नहीं रखना चाहिए. हम आपको कुछ ऐसे उपाय बता रहे हैं जिनकी मदद से आपकी तिजोरी में सदा धन की आवक बनी रहेगी.

धन प्राप्ति के लिए ये उपाय करें

पहला उपाय-

तिजोरी में रखें पूजा की सुपारी: पूजा की सुपारी पूर्ण एवं अखंडित होती है. इसलिए इसको पूजा के समय गौरी-गणेश का रूप मानकर उस पर चढ़ाते हैं. पूजा के बाद उस सुपारी को तिजोरी में रखें. क्योंकि माना जाता है कि जहां गणेश जी यानी बुद्धि के स्वामी का निवास होता है वहीं मां लक्ष्मी का निवास भी होता है. साथ ही इससे घर में लक्ष्मी का स्थाई निवास बना रहता है.

लक्ष्मी पूजन में सुपारी रखें. सुपारी पर लाल धागा लपेटकर अक्षत, कुमकुम, पुष्प आदि पूजन सामग्री से पूजा करें और पूजन के बाद इस सुपारी को तिजोरी में रखें.

दूसरा उपाय-

तिजोरी में रखें ये वस्तुएं: शुक्रवार को पीले कपड़े में 5 कौड़ी और थोड़ी-सी केसर, चांदी के सिक्के के साथ बांधकर तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें. उसके साथ थोड़ी हल्दी की गांठें भी रख दें. कुछ दिनों में ही इसका असर दिखने लगेगा.

तीसरा उपाय-

रहेगी बरकत: तिजोरी में 10-10 के नोट की एक गड्डी रखें. कुछ पीतल और तांबें के सिक्के भी रखें. कुछ सिक्के आपनी जेब में भी रखें. ध्यान रखें कि सिक्के जर्मन या एल्युमिनियम वाले न हों.

चौथा उपाय-

पीपल का पत्ता: एक पीपल का पत्ता लें और उस पर देसी घी में मिश्रित लाल सिंदूर से ॐ लिखें. इसे तिजोरी या धन रखने वाले स्थान पर रख दें. ऐसा कम से कम पांच शनिवार करेंगे तो पांच पत्ते हो जाएंगे. इससे धन संबंधी तंगी दूर हो जाएगी.

पांचवां उपाय-

पीली कौड़ी: पुष्य नक्षत्र के दिन शाम के समय लक्ष्मी पूजन करें. पूजन में पुराने चांदी के सिक्के और रुपयों के साथ कौड़ी रखकर उनका केसर और हल्दी से पूजन करें. पूजा के बाद इन्हें तिजोरी में रख दें. आपकी तिजोरी हमेशा पैसों से भरी रहेगी.

छठा उपाय-

दक्षिणावर्ती शंख रखें: तंत्र-मंत्र में दक्षिणावर्ती शंख का विशेष महत्व है. इसे घर के पूजा स्थान या तिजोरी में रखने से माता लक्ष्मी स्वयं ही इसकी ओर आकर्षित होती हैं और रंक को भी राजा बना देती हैं. ये बहुत ही चमत्कारी उपाय है. सोम-पुष्य योग में इसे घर में रखने से सुख-समृद्धि बनी रहती है.

सातवां उपाय-

भोजपत्र: लाल चंदन को पानी में घोलकर उसको इंक की तरह इस्तेमाल करते हुए अखंडित भोजपत्र पर मोर पंख से ‘श्रीं’ लिखें. अब उस भोजपत्र को तिजोरी में रख दें. कुछ ही दिनों में फायदा होने लगेगा और पैसा बढ़ता चला जाएगा.

आठवां उपाय-

बहेड़ा की जड़: बहेड़ा सहज सुलभ फल है. इसका पेड़ बहुत बड़ा, महुआ के पेड़ जैसा होता है. रवि-पुष्य के दिन इसकी जड़ या पत्ते लाकर उनकी पूजा करें, तत्पश्चात् इन्हें लाल वस्त्र में बांधकर भंडारगृह या तिजोरी में रख दें. यह उपाय आपकी समृद्धि बढ़ाएगा.

नौवां उपाय-

शंखपुष्पी की जड़: पुष्य-नक्षत्र के दिन शंखपुष्पी की जड़ लाकर, इसे देव-प्रतिमाओं की भांति पूजें और इसके पश्‍चात्य चांदी की डिब्बी में प्रतिष्ठित करके, उस डिब्बी को धन की पेटी, तिजोरी, भण्डारघर अथवा बक्से में रख दें. यह उपाय लक्ष्मीजी की कृपा कराने में अत्यन्त समर्थ है. हर गुरु-पुष्य के दिन शंखपुष्पी की जड़ व चांदी की डिब्बी बदल दें. पहले वाली बहते पानी में प्रवाह कर दें.

दसवां उपाय-

यंत्र स्थापना : ऐश्वर्य वृद्धि यंत्र या धनदा यंत्र की स्थापना करें. दोनों में से किसी भी एक यंत्र को विधिवत रूप से पूजन करके उसे धन रखने के स्थान पर या तिजोरी में रख दें. इससे आपकी तिजोरी कभी भी खाली नहीं रहेगी और धन बढ़ता ही जाएगा.

ग्यारहवां उपाय-

काली गुंजा: धन-संपदा के लिए तिजोरी के नीचे या तिजोरी के अंदर काली गुंजा के ग्यारह दाने पवित्र करके रखें. धन रखने के स्थान पर या तिजोरी में हमेशा लाल वस्त्र बिछाएं. दुकान में तिजोरी के पास लक्ष्मी गणेश की तस्वीर लगाएं.

बारहवां उपाय-

व्यापार में लाभ हेतु: होली के दिन गुलाल के एक खुले पैकेट में एक मोती शंख और चांदी का एक सिक्का रखकर उसे नए लाल कपड़े में लाल मौली से बांधकर तिजोरी में रखें, इससे व्यवसाय में लाभ होगा. अगर व्यवसाय में लाभ की प्राप्ति नहीं हो रही है तो किसी भी शनिवार के दिन नीले कपड़े में 21 दाने रक्त गुंजा के बांधकर तिजोरी में रख दें. अपने इष्टदेव का ध्यान करते हुए हर रोज धूप, दीप अवश्य जलाएं. ऐसा नियमित रूप से करने से व्यापार में लाभ होगा और सफलता भी प्राप्त होगी.

तेरहवां उपाय-

श्रीफल: किसी शुभ मुहूर्त में श्री लक्ष्मी फल को लाल कपड़े में रखकर उस पर कामिया सिन्दूर, देसी कपूर तथा साबुत लौंग चढ़ाकर धूप-दीप देकर एवं कुछ दक्षिणा अर्पित करके अपने गल्ले या तिजोरी में रखें. इससे धन में वृद्धि होती चली जाएगी. यदि एक नारियल चमकदार लाल कपड़े में लपेटकर धन रखने के स्थान पर रखा जाए तो शीघ्र ही धन का आगमन होगा.