छत्तीसगढ़ में फैसला देने वाले फ़ख़रुद्दीन नहीं रहे

छत्तीसगढ़ में फैसला देने वाले फ़ख़रुद्दीन नहीं रहे
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में थे जज ,
इससे पूर्व ग्वालियर में जज रह चुके थे,

हाई कोर्ट में करीब 5 साल तक पदस्थ रहे और छत्तीसगढ़ी में फैसला देकर इतिहास रचने वाले जस्टिस फ़ख़रुद्दीन का सोमवार को रायपुर में निधन हो गया। रिटायर होने के बाद भी सुप्रीम कोर्ट में वकालात कर रहे थे। पिछले कुछ माह से वह बीमार चल रहे थे। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 21 मई 2001 से 3 सितंबर 2006 तक पदस्थ रहे जस्टिस फकरुद्दीन का सोमवार को रायपुर के एक हॉस्पिटल में निधन हो गया। उनका रायपुर में एक निजी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। यहां पर 10 रहने के दौरान उन्होंने एक महिला की अर्जी पर 8 जनवरी 2002 को छत्तीसगढ़ी से निर्णय कर इतिहास रचा था। इसे आज तक किसी दूसरे जाल में नहीं दोहराया। रिटायरमेंट के बाद में सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रहे थे।

बड़ी खबर-दिनदहाड़े सुने घर में करोड़ो की चोरी गुना में हुई बारदात,चोर सीसीटीवी कैमरे में कैद

गुना-अभी अभी खबर गुना जिले से मिल रही है गुना में दिनदहाड़े ठेकेदार के सुने घर मे चोरों ने एक करोड़ से ज्यादा नगदी पर हाथ साफ की है
प्राप्त जानकरी के अनुसार गुना की दवली कॉलोनी में दिनदहाड़े ठेकेदार के सुने घर मे चोरों ने चोरी की बारदात को अंजाम दी है ।सूचना मिल रही है कि चोरी की वारदात करते समय चोर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए है दो लड़के नाबालिक भी बताये जा रहे है। पुलिस ने शहर के सभी बाहर जाने वाले रास्तो पर नाकाबंदी लगा दी है।

मध्यप़देश कांग़ेस चुनाव जीतने का ठिकाना नहीं लेकिन मुख्यमंत्री को लेकर घमासान’

कांग्रेस अभी भी क्षत्रपों में बंटी हुई है और मुख्यमंत्री कौन बनेगा इसे लेकर अंदरूनी घमासान मचा हुआ है. ऐसा लग रहा है कि मध्यप्रदेश कांग्रेस में अभी कुछ ठीक नहीं चल रहा है
मध्य प्रदेश में कांग्रेस अध्य्क्ष कमलनाथ की तीन महीने की लंबी कवायद सैकड़ों की तादाद में कमेटियों की जमावट, पांच हजार से ज्यादा छोटे बड़े नेताओं को काम पर लगाने के बावजूद ऐसा लग रहा है कि मध्यप्रदेश कांग्रेस में अभी कुछ ठीक नहीं चल रहा है. कांग्रेस अभी भी क्षत्रपों में बंटी हुई है और मुख्यमंत्री कौन बनेगा इसे लेकर अंदरूनी घमासान मचा हुआ है.कमलनाथ और सिंधिया समर्थक मुख्य मंत्री को लेकर पोस्टर वार चला रहे हैं. वहीं अजयसिंह समर्थकों ने तो प्रभारी महासचिव के साथ धक्का मुकी कर उनका कुर्ता तक फाड़ दिया है. सभी गुटों के बीच समन्वय के लिए निकले दिग्विजय सिंह के प्रयास धाराशाही होते दिख रहे हैं.रेस से बाहर बता रहे
पार्टी हाईकमान मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट नहीं करने की अपनी परंपरा दुहाई दे रहा है. कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, सिंधिया खुद को इस रेस से बाहर बताते हुए नही थक रहे हैं, लेकिन पार्टी नेता समर्थक आपस में भिड़ रहे हैं. मध्यप्रदेश में पिछले 15 साल से कांग्रेस सत्ता से बेदखल है. सिर्फ 57 सीटें विधानसभा की और मात्र तीन सीटें लोकसभा की इस रेकार्ड पर कांग्रेस चुनाव मैदान में है. यानि चुनाव जीतने का कोई ठोस पता ठिकाना अभी नदारद है, लेकिन मुख्यमंत्री कौन बनेगा इसे लेकर संघर्ष चरम पर है.पहली लड़ाई भाजपा को हराना
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता नाम नहीं छापने की शर्त पर कहते हैं कि जो भी घटनाक्रम चल रहा है वह कांग्रेस को एक सूत्र में नहीं बांध सकता. पहली लड़ाई भाजपा को हराने की है. लेकिन देखने में आ रहा है कि जहां-जहां पार्टी नेता दौरे कर रहे हैं, वहां-वहां समर्थकों का हुजूम मुख्यमंत्री को लेकर नारेबाजी कर रहा है.देखने में आ रहा है कि जहां-जहां पार्टी नेता दौरे कर रहे हैं, वहां-वहां समर्थकों का हुजूम मुख्यमंत्री को लेकर नारेबाजी कर रहा हैसारा खेल टिकटों का
दरअसल सारा खेल टिकटों को लेकर है. हर गुट हर नेता अपने समर्थक को टिकट का भरोसा दे रहा है. दिग्विजय सिंह समन्वय के लिए जहां भी बैठकें कर रहे हैं, वहां उन्हें चुनावी टिकट के दावेदारों से जूझ रहे हैं. वे समन्वय के लिए किसी को क्षेत्र बदलने की बात कह रहे हैं, तो किसी को दूसरी जगह से टिकट लेने के बात कह रहे हैं.सिंधिया चुनाव अभियान समिति की बैठकों के लिए दौरे कर रहे हैं. वे जहां भी जा रहे हैं वहां आसपास के क्षेत्र के नेता टिकटों के लिए भीड़ लगा रहे हैं. कमलनाथ नेताओं को आगाह कर रहे हैं कि वे टिकट की दौड़ में भोपाल तक नहीं आए. बावजूद इसके सिंह, सिंधिया और कमलनाथ समर्थकों को उम्मीद है कि टिकट तो उनकी झोली में ही होगा.कमलनाथ नेताओं को आगाह कर रहे हैं कि वे टिकट की दौड़ में भोपाल तक नहीं आए. बावजूद इसके सिंह, सिंधिया और कमलनाथ समर्थकों को उम्मीद है कि टिकट तो उनकी झोली में ही होगादो सर्वे टीम मैदान में
हालांकि मध्यप्रदेश में दो सर्वे टीम मैदान पकड़ चुकी हैं. गुजरात और कर्नाटक के नेताओं को काम पर लगाया गया है. वे एक-एक विधानसभा का सर्वे कर सीधे हाइकमान को रिपोर्ट कर रहे हैं. करीब 80 सीटों पर कांग्रेस के पास जीतने वाले उम्मीदवारी का टोटा है. पिछले पांच चुनाव से यह हारी हुई सीटे हैं.कोषाध्यक्ष के साथ भी झूमा–झटकी
पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी कहते हैं कि पार्टी अध्यक्ष कमलनाथ किसी कार्पोरेट कंपनी के सीइओ की तरह संगठन को मुस्तैद कर रहे हैं. कई कमेटियां, प्रकोष्ठों की लंबी चौड़ी फौज उन्होंने खड़ी कर संगठन में जान फूंक दी है. लेकिन कांग्रेस के अनुशासन का वे कोई तोड़ नहीं ढूंढ़ पा रहे हैं. खेमे में बंटे कांग्रेसी भिड़ रहे हैं.पार्टी के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ही नहीं, पार्टी के कोषाध्यक्ष, समेत कई नेताओं के साथ कार्यकर्ताओं की भिडंत हो रही है. लेकिन किसी पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. वजह साफ है कांग्रेस इस दौर में है कि वह अपने कार्यकर्ताओं को खोना नहीं चाह

ताजा समाचार

शिक्षकों के सेवा भर्ती नियम जारी, संविलियन का रास्‍ता साफ

भोपाल। मध्‍यप्रदेश्‍ा सरकार ने राज्‍य शिक्षा सेवा के तहत शिक्षकों के सेवा भर्ती नियम जारी कर दिए। इसी के साथ अध्‍यापकों का स्‍कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में संविलियन का रास्‍ता साफ हो गया है।
इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके तहत उच्‍चतर माध्‍यमिक, माध्‍यमिक और प्राथमिक शिक्षक तीन संवर्ग रहेंगे। इससे करीब 2 लाख 35 हजार अध्‍यापकों को फायदा होगा

प़ोफेसर ए.पी.एस चौहान लड़ सकते हैं शिवपुरी विधानसभा से चुनाव

शिबपुरी ।। शिबपुरी विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जीवाजी विश्वविधायल के प्रोफेसर अजय प्रताप सिंह चौहान भी उम्मीदवार के रूप में सामने आ सकते है,सूत्रों के अनुसार इन दिनों प्रोफेसर चौहान खोड इलाके के 70 से ज्यादा मतदान केंद्रों पर अपनी सक्रियता बनाये हुए है वह भी गोपनीय तरीके से ये इलाका उनके परिवार के प्रभाव क्षेत्र वाला माना जाता है राजा खोड के रूप में फेमस राजनीतिविज्ञान के प्रोफेसर चौहान का दिल वैसे भी पढ़ाई लिखाई के साथ राजनीति में ज्यादा रमता है,उनकी पूरी मित्रमण्डली शिवपुरी शहर में ही है इसलिय वे इस इलाके को अपने लिये मुफीद मानकर चल रहे है।जीवाजी विश्वविधायल के छात्र संघ सचिव रहे प्रो चौहान के रिश्ते राजमाता सिंधिया से लेकर माधवराव सिंधिया तक से बेहद मधुर रहे है स्व सिंधिया के लिए तो वे खुलकर प्रचार किया करते रहे है लेकिन उन्हें मूल रूप से दिग्विजय सिंह का चेला कहा जाता है जेएनयू की पढ़ाई के दौरान वे तारिक अनवर ओर अशोक गहलोत के भी नजदीकी रहे है और पार्टी में उनके ऊपर के नेताओँ से सम्पर्क का फायदा उन्हें टिकट दिलाने में कामगार साबित हो सकता है।इन दिनों जीवाजी विश्वविधायल की वीसी संगीता शुक्ला से उनकी लडाई जगजाहिर है इसलिये भी वह राजनीति में हाथ आजमा सकते है।श्री चौहान सहरियों में अध्ययन के नाम से पिछले कई दिनों से यहाँ सक्रिय भी है उनसे जब इस विषय पर बात की गई तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि “शिवपुरी मेरा घर है और रिटायरमेंट के बाद वह अपने गांव खोड में रहने वाले है आगे क्या होगा किसी को नही पता रहता” । प्रो चौहान के बारे में एक बात तो तय है कि उन्हें काँग्रेस का टिकट आसानी से मिल सकता है और एक पढ़े लिखे आदमी होने के नाते उन्हें शिवपुरी शहर में अच्छा समर्थन भी प्राप्त हो सकता है।शिवपुरी में उनके भाई अरुण प्रताप सिंह नपा के उपाध्यक्ष रह चुके है और दूसरे भाई अनिल सिंह जिला पंचायत के सदस्य। लेकिन इस जिले के सबसे ताकतवर ठाकुर नेता केपी सिंह से उनके रिश्ते बहुत मधुर नही बताये जाते है।

बाबूओं की हड़ताल के बाद पटवारियों ने लिपिकीय कार्य करने से किया मना

– *विरोध में उतरे पटवारी*

शिवपुरी। जिले में लिपिकीय संवर्ग की चल रही हड़ताल के चलते प्रशासनिक कामकाज प्रभावित है। बाबूओं की हड़ताल को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में व्यवस्था संभालने के लिए जिले के कुछ पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन पटवारियों ने इस लिपिकीय वर्ग के कार्य को दिए जाने का विरोध दर्ज कराते हुए जिला पटवारी संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया है, जिसमें लिपिकीय कार्य ना करने की बात कही गई है। कुल मिलाकर बाबूओं की हड़ताल के चलते जिले में प्रशासनिक कामकाज ठप पड़ा है और आमजनों के काम नहीं हो पा रहे हैं।

भारत में चढ़ रहा है ‘कीकी चैलेंज’ का बुखार, पंजाब के बाद अब यूपी पुलिस भी परेशान

दुनियाभर में लोगों पर कीकी चैलेंज का बुखार चढ़ा हुआ है। चाहे कोई बच्चा हो या बड़ा हर कोई इस चैलेंज को पूरा करना चाहता है। लेकिन ये चैलेंज बहुत ही खतरनाक है। इससे अब भारतीय पुलिस भी परेशान हो गई है। वह लोगों को ट्वीट कर चेतावनी दे रही है। हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस और पंजाब पुलिस ने भी ट्वीट कर परामर्श दिए हैं।

क्या है ‘कीकी चैलेंज’

‘कीकी चैलेंज’ एक कैनेडियन रैप सिंगर का गाना है। इस गाने को यूट्यूब पर अब तक 8.2 करोड़ व्यूज मिल चुके हैं। चैलेंज को पूरा करने के लिए गाड़ी में एक आदमी बैठा होता है जो कि गाड़ी चलाने के साथ ही वीडियो भी बनाता है। वहीं गाड़ी का आगे का एक दरवाजा खुला होता है जिसके बाहर एक अन्य व्यक्ति चलती हुई गाड़ी की ओर देखकर सड़क पर डांस करता है।

साथ में यह गाना भी बज रहा होता है। कीकी.. डू यू लव मी। उसकी वीडियो गाड़ी चलाने वाला ही बनाता है। यह एक खतरनाक चैलेंज है क्योंकि इससे बड़ी दुर्घटना होने का खतरा बढ़ सकता है। इसे केवल युवा ही नहीं बल्कि छोटे बच्चे भी करने में लगे हैं। चैलेंज पूरा करने के बाद बाहर नाचने वाले व्यक्ति को कूदकर चलती गाड़ी में अंदर बैठना होता है। तभी इस चैलेंज को पूरा माना जाता है।

अभिनेता भी कर रहे चैलेंज एक्सेप्ट

इस चैलेंज को पूरा करने में कई मशहूर बॉलीवुड सितारे भी लगे हैं। हाल ही में नूरा फतेह और वरुण शर्मा की वीडियो भी वायरल हुई है। जिसमें वह इस चैलेंज को पूरा करने में लगे हैं। इससे जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं और लोगों को इस ओर खींच रहे हैं।

उत्तरप़देश कैश वैन लूट मामले में अखिलेश का योगी सरकार पर वार

कैश वैन लूटकांड: अखिलेश ने कसा तंज, कहा-‘एनकाउंटरवाली सरकार’ अब क्या सफाई देती है!
बता दें कि जहां ये घटना हुई वहां पर यूपी सरकार के तमाम मंत्री और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी रहते हैं. राज्यपाल का भी आवास है जिस वजह से यहां हाई सिक्योरिटी होती है.

लखनऊ में सोमवार को बाइक सवार बदमाशों ने गार्ड और ड्राइवर को गोली मारकर ऐक्सिस बैंक की कैश वैन से 6.44 लाख रुपए लूटे थे. ये घटना शहर के बेहद पॉश इलाके राजभवन कॉलोनी में हुई थी. इस घटना के बाद अखिलेश यादव ने एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा, ”राजभवन और मुख्यमंत्री की नाक के नीचे कैश वैन की करोड़ों की डकैती-गोलीबारी ने राजधानी व पूरे प्रदेश को दहशत में डाल दिया है. एक दिन पहले जहां ‘विशिष्ट’ लोगों के लिए सर्वोच्च स्तर की सुरक्षा थी, वहां आज कुछ भी सुरक्षित नहीं. देखते हैं ‘एनकाउंटरवाली सरकार’ अब क्या सफ़ाई देती है.”राजभवन के पास गार्ड की हत्याकर कैश वैन से लूटे 6.44 लाख, लुटेरे का स्केच जारीबता दें कि जहां ये घटना हुई वहां पर यूपी सरकार के तमाम मंत्री और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी रहते हैं. राज्यपाल का भी आवास है जिस वजह से यहां हाई सिक्योरिटी होती है. दिन दहाड़े हुई इस घटना ने सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिया है. वारदात के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था.आनन फानन में पुलिस ने देर शाम लूट में शामिल एक बदमाश का स्केच जारी किया था.

कैश वैन लूट, हत्या का वीडियो आया सामने, सफेद बाईक से भागता दिखा बदमाशमामले में डीजीपी ओपी सिंह ने घटना के खुलासे के लिए एसटीएफ को लगा दिया है. डीजीपी के मुताबिक, घटना में अहम सुराग मिले हैं. खुलासे के लिए छह टीमें बनाई गईं हैं. पुलिस के मुताबिक, राजभवन के सामने स्थित एक्सिस बैंक के सामने कैश वैन खड़ी थी. इसी बीच बाइक सवार बदमाशों ने कैश वैन पर फायरिंग करते हुए 6.44 लाख रुपए लूट लिए और फरार हो गए. गोली लगने से कैश वैन गार्ड इंद्रमोहन की मौत हो गई. वहीं कस्टोडियन उमेश चंद्र को भी गोली मारी गई, जिसे इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. वहीं वैन ड्राइवर रामसेवक से पुलिस पूछताछ कर रही है

अपराधी नेताओं के मामले में भी भाजपा नंबर वन कांगेस दूसरे पर! एडीआर की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

देश के मौजूदा सांसदों-विधायकों में हर पांचवां किडनैपिंग सहित अनेक अपराधों में लिप्त है। ऐसे अपराधी नेताओं के मामले में भाजपा नंबर वन और कांग्रेस दूसरे नंबर पर है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।

हर पांचवां नेता अपराधी

एडीआर ने नेताओं के द्वारा चुनाव के समय दिये गए हलफनामे को आधार बनाकर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। संस्था के मुताबिक उसने वर्तमान 4,856 सांसदों-विधायकों के हलफनामों का अध्ययन किया है। इनमें 770 सांसद और 4,086 विधायक शामिल हैं। एडीआर के मुताबिक इनमें 1,024 सांसदों-विधायकों (कुल संख्या का 21%) ने अपने खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज होने की बात स्वीकार की है।

भाजपा नेताओं के खिलाफ सबसे ज्यादा मामले

एडीआर ने कहा है कि जिन 64 नेताओं ने अपने खिलाफ किडनैपिंग के आरोप लगे होने की बात स्वीकारी है, उनमें 17 राष्ट्रीय पार्टियों के हैं जबकि चार स्वतंत्र हैं। संगठन के मुताबिक अपराध की घोषणा करने वाले नेताओं में सबसे ज्यादा सांसद-विधायक 16 भाजपा से हैं, जबकि छह-छह उम्मीदवार कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के हैं।