ग्राम रोजगार सहायकों की हड़ताल पर हाइकोर्ट सख्त, जारी किए ये निर्देश

जबलपुर। प्रदेश भर में ग्राम पंचायतों के अधिकांश कामकाज ठप पड़े हैं। प्रधानमंत्री रोजगार योजना सहित ज्यादातर योजनाओं के अंतर्गत काम नहीं हो पा रहे हैं। दरअसल पंचायतों ये सभी काम हड़ताल के शिकार हो गए हैं। पंचायतों के ग्राम रोजगार सहायकों की हड़ताल चल रही है जिसके कारण ग्राम पंचायतोंं में अघोषित तालाबंदी जैसे हालात बन गए हैं। गौरतलब है कि पंचायतों के प्रशासनिक ढांचा में ग्राम रोजगार सहायकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पंचायत सचिवों के बाद वे ही आम ग्रामीणों के नित्य के अधिकांश काम निपटाते हैं। ऐसे में ग्राम रोजगार सहायकों की हड़ताल से पंचायतों की व्यवस्थाएं पूरी तरह लडख़ड़ा गई है। इस पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है।

रोजगार सहायकों की हड़ताल पर हाइकोर्ट सख्त
हाईकोर्ट ने रोजगार सहायकों की हड़ताल पर सख्ती दिखाते हुए सरकार को जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं। सोमवार को कोर्ट की कार्रवाई शुरु होते ही इस संबंध में दायर एक याचिका पर सुनवाई की गई। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ग्राम रोजगार सहायकों की हड़ताल पर सख्त निर्देश जारी कर दिए। हाईकोर्ट ने ग्राम रोजगार सहायकों को साफ शब्दों में निर्देशित किया कि वे हड़ताल खत्म करें और काम पर लौट आएं। इतना ही नहीं, कोर्ट ने इसके लिए बाकायदा समय सीमा भी तय कर दी। हाईकोर्ट ने हड़ताल कर रहे सभी ग्राम रोजगार सहायकों को आगामी ३ दिन में काम पर लौटने को कहा है। कोर्ट की डिवीजन बैंच ने इस मामले में चीफ सेक्रेटरी को आवश्यक निर्देश जारी करने को भी कहा है। कोर्ट ने रोजगार सहायकों की हड़ताल के संबंध में सरकार से भी जवाब मांगा है। इसके लिए भी हाईकोर्ट ने २ हफ्ते की समय सीमा तय की है।

15 मई से हैं हड़ताल पर
गौरतलब है कि ग्राम रोजगार सहायकों की हड़ताल पर लंबे समय से चल रही है। १५ मई से ग्राम रोजगार सहायक हड़ताल पर हैं। दमोह जिले के एक ग्राम पंचायत सरपंच ब्रजेश पटेल ने हड़ताल के संबंध में याचिका दायर की। इस पर सोमवार को जस्टिस एसके गंगेले की अध्यक्षता में हाईकोर्ट की डिवीजन बैंच ने सुनवाई की। याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने रोजगार सहायकों को काम पर लौटने को कहा।

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