मध्यप्रदेश में अच्छी बारिश की संभावना

इस साल देश भर में अच्छी बारिश होने की सम्भावना है। मौसम विभाग के पूर्व अनुमान में मध्यप्रदेश ,राजस्थान ,उत्तरप्रदेश,हिमांचलप्रदेश,पंजाब ,हरयाणा,जम्मू-कश्मीर और दिल्ली के इलाकों में 97% बारिश की सम्भावना बतायी जा रही है।

दक्षिण पाश्चिम मॉनसून तीन दिन पहले केरल पंहुचा ,यह लगभग पूरे केरल को कवर कर चुका है। मॉनसून अब कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों और तमिल नाडु की ओर बढ़ रहा है।36 घंटों के दौरान इसके उत्तर पूर्वी राज्यों के तरफ बढ़ने की स्थिति बन रही है ।

नौतपा हुए खंडित!!!

दिनांक 30/5/2018 की रात्रि 8:30बजे हुई मामूली बारिश ने तापमान गिरा दिया। यह लगातार तीसरे साल है जब नौ तपों में बारिश हुई है । हालांकि इस बार पांच दिन तक शहर खूब तपा पारा 45-46℃ तक पहुँच गया, लोकमत है कि नौ तापों में हुई बारिश से मॉनसूनी बारिश पर असर पड़ता है।

हजारों की तादाद में ज्ञापन देने निकले जल सत्याग़हियों से बनाई शिवपुरी कलेक्टर ने दूरी.

जनता की आवाज को सुनना पड़ेगा: सन् 2018 है , अंग़ेजोंं का जमाना गया. हिटलरशाही नहीं चलेगी.

शिवपुरी कलेक्टर का रवैया जलक़ांति सत्याग़हियों के साथ ठीक नहीं रहा.

जनता कब तक अपमानित होती रहेगी.

 


    शिवपुरी कल जल के लिये सत्याग़ह कर रही जनता के साथ प़शासन का रवैया अपमानजनक रहा.हजारों की तादाद में महिलायें और परुष सत्यागही सड़कों पर रैली के रुप में निकल भीषण गर्मी में जिलाधीश कार्यालय पहुंचे लेकिन जिलाधीश महोदया उनसे मिलने से दूरी बनाये रहीं.प़जातंत्र में जनता की आवाज सुननी ही पड़ेगी.हिटलरशाही का जमाना गया.मानते हैं समस्या विकराल है एकदिन में दूर नहीं हो सकती लेकिन जिलाधीश जनता की आवाज सुन तो सकती थीं.जनता से जिलाधीश का न मिलना अकुशल प़शासनिक क्षमता को दिख लाता है.
    एक तरफ मुख्यमंत्री जनता के लिये जनकल्याण के गीत गाते फिरते हैं दूसरी तरफ उनकी प़शासनिक मशीनरी का ये हाल है. कुशल प़शासनिक अधिकारी और राजनीतिज्ञ वही होता है जो जनता से सतत संपर्क बनाकर रखता है.
    *अंग़ेज और सामंतों के समय में हिटलरशाही चल जाती थी. अब वोट की राजनीति का जमाना है आज जो सत्ता के मद में बेहोश हैं कल उनको जनता सड़कों पर भी लाकर खड़ा कर सकती है.
    जल का संकट सत्य है, सत्याग़ह कर रहे लोगों की आवाज सत्य है,जो भीड़ सड़कों पर दिख रही वह प़ायोजित नहीं स्वयं स्फूर्त है, बस जलन केवल राजनीति के उन आकाओं को हो रही जो जनता को अपना गुलाम समझते.
    सोशलमीडिया, ट्विटर, फेसबुक और टीवी चैनल के समय जनता की अवमानना करना काफी मंहगा पड़ सकता है, पल पल की तस्वीर जनता के सामने पहुंच रही.
    आने वाले चुनाव में यही जनता छटी का दूध याद करा सकती है.
    कुशल प़शासनिक अधिकारी वही होता है जो जनता को संतुष्ट करे.
    शिवपुरी जिले की पानी की समस्या विकराल है और प़शासनिक भ़ष्टाचार जो किया गया है जगजाहिर है.
    भागने से काम नहीं चलना जनता की आवाज सुननी ही पड़ेगी.
    सांसद निधि से करोड़ों हैंडपंप खनन के लिये स्वीकृत हो जाते हैं लेकिन पैसे का उपयोग प़शासन नहीं कर पाता, इसमें केवल प़शासन की लापरवाही नहीं सांसद, विधायक सबकी कोताही साफ दिखती हैं निगरानी भी तो होनी चाहिये कि जनता का पैसा जनता तक पहुंचा या नहीं.
    आगे आने वाले चुनाव में यही जनता जवाब मांगेगी तैयार रहें. जनता जाग रही है और अपनी ताकत को समझ रही है. जनता अब किसी की गुलाम नहीं.समय रहते जनप़तिनिध और सत्तापक्ष समझ जाये तो ठीक है.

कोलारस विधान सभा: 1 करोड़ सांसद निधि से स्वीकृत पड़े रहे हैंडपंपों के लिये न प़शासन न जनप़तिनिधि जागे. गर्मी में जनता पानी तलाशती रही.

शिवपुरी पिछले माह सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कोलारस विधानसभा के लिये पेयजल समस्या को देखते हुये 1 करोड़ रुपये की राशि सांसद निधि से स्वीकृत कर दी थी, इसके लिये उन्होने कलेक्टर को स्वीकृति पत्र भी लिख कर दे दिया था.
करीब 70 हैंड पंप इस राशि से खुदने थे.
भीषण गरमी से जनता उबलती रही . क्षेत्र में हैड पंप सूखते रहे. अब गरमी के बाद मानसून दस्तक देने पर है लेकिन न तो सांसद महोदय न नवनियुक्त विधायक और न प़शासन को इसबात की फिकर रही की जनता का पैसा जनता के पास पहुंच इस भीषण गरमी में हैंडपंप खनन करवा कर पानी की पूर्ति में सहायक बने.
बड़े अफसोस की बात है ये पैसा अभी वहीं पड़ा है जहां से चलना था.
एक तरफ मुख्यमंत्री जनता की समस्याओं को हल करने के लिये जी जान लगा रहे, दूसरी ओर प़शासन सो रहा.
क्षेत्र के विधायक तो महाराज की कृपा से हैं उनको अभी अनुभव न समस्यायें कैसे हल की जाती हैं बिडंबना यही है अकुशल लोग सत्ता पर काबिज होते हैं. सांसद महोदय प़देश में परिवर्तन ला रहे हैं. उनको केवल इतना ही श्रेय लेना है उन्होने राशि स्वीकृत कर दी. निगरानी भी कोई चीज होती है. वोट देने वाली जनता जो सांसद बनाती है उसकी समस्यायों का हल प़ाथमिक तौर पर होना चाहिये.

शिवपुरी जिले में शराब का अवैध कारोबार फलफूल रहा.गांव गांव में अवैध कलारी चल रहीं.

*शराब के समानांतर कारोबार से हो रही सरकारी राजस्व की हानि.

शिवपुरी जिले में शराब का समानांतर कारोबार भी चलता है. इससे सरकार को मिलने वाली एक्साईज ड्यूटी की चोरी खुले आम हो रही.
इसमें जो लोग जुड़े हैं, वो दूसरे राज्यों से सीमावर्ती इलाकों से शराब जिले के भीतर ले आते हैं. इसमें सरकारी महकमे के लोग भी अप़त्यक्ष रुप से जुड़े रहते हैं.
जो लोग शराब सेवन करते हैं उनका कहना है जो बोतल की कीमत दुकान पर होती है उससे आधी कीमत पर वह अवैध व्यापार करने वालों से खरीद लेते हैं.
इसका असर सीधे सीधे सरकार को प़ाप्त होने वाले राजस्व पर पड़ता है. और इस प़कार इस समानांतर कारोबार में कारोबारियों को साल में काफी कमाई हो जाती है.
शिवपुरी जिले में गांव गांव में अवैध शराब की दुकानों का जाल बिछा हुआ है. प़शासन को सब खबर रहती है लेकिन सब नजरअंदाज कर देते हैं. इससे ऐसा लगता है माफिया और एक्साईज प़शासन दोनों मिल इस कारोबार को चलाते है.

यशोधरा राजे ने कई नेताओं को जमीन दिखला दी जो कभी कृपा के पात्र थे.


श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया ने कई नेताओं को फर्श से अर्श तक पहुंचाया
शिवपुरी (करुणेश शर्मा)खेल एवं धार्मिक न्यास मंत्री श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया ने अपने राजनीतिक कैरियर में अपने प्रभाव और राजनैतिक आभामंडल से शिवपुरी के कई नेताओं को उच्च शीर्ष पदों तक पहुंचाया जिनमें कई नेताओं को विधायक पालिका अध्यक्ष संगठन के बड़े-बड़े पदों पर बैठाया आज भी यह क्रम निर्बाध रुप से जारी है इसकी एक लंबी फेहरिस्त है पदों पर बैठते ही उक्त विधायकों अध्यक्षों पदाधिकारियों ने अपनी मनमानी शुरू की यशोधरा राजे के निर्देशों की अवमानना की अपने व्यक्तिगत स्वार्थ सिद्ध किए जिसे शिवपुरी की जनता भली भांति जानती है लाभांवित हुए विधायक अध्यक्ष पदाधिकारियों से इस कारण यशोधरा राजे ने दूरियां बना ली यशोधरा राजे एवं एक राज परिवार की सदस्य होने के नाते उन्होंने यहां के नेताओं को ऊंचाइयों तक पहुंचाया लेकिन यह नेतागण जनता की सेवा ना करके अपने स्वार्थों में अपना निर्माण करने में लग गए जनता की अनदेखी करने के कारण इन नेताओं को यशोधरा राजे ने भुला दिया जिसके कारण पुराने नेता या तो घर बैठे हैं या एंटी ग्रुप में मिले हैं जनता के साथ जब-जब धोखा हुआ है श्रीमंत राजे ने ऐसे नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया है एवं वर्तमान में एक नई टीम खड़ी कर ली है उनका जन सेवा का भाव सदैव प्रमुख रहता है जिससे शिवपुरी शहर विकास की ओर बढ़ रहा है उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों को गिनाने की आवश्यकता नहीं है जनता जनार्दन सब जानती है भविष्य में यशोधरा राजे को बहुत सोच-विचारकर व्यक्तियों का चयन करने की आवश्यकता है ऐसी जनता जनार्दन का विचार है क्योंकि उच्च पदों पर बैठे व्यक्तियों द्वारा उन्हें ज्यादातर धोखा ही मिला है.

सीबीएसई 10वीं के नतीजे देश का रिजल्ट कुल 86.70%रहा

सीबीएसई ने मंगलवार को दसवीं के नतीजे घोषित कर दिए।जिसमे 88.67%लडकियाँ और 85.32% लड़के पास हुए।

यह रहे देश के तॉपर: प्रखर मित्तल ,रिमझिम अग्रवाल ,नंदिनी गर्ग और श्री लष्मी।

ग्वालियर का आल-ओवर परिणाम 83% रहा। इस बार भी छात्राओं ने बाजी मारी!

इनमें से पहले स्थान पर मिताली जैन और दुसरे स्थान पर आदित्य पाराशर रहे ।

सीजीपीए प्रणाँली ख़तम करते हुए आठ साल बाद रिजल्ट प्रतीशत में घोषित किया , निश्चय दीवान एवं दिव्यांशी गोविल ने सीजीपीए सिस्टम ख़त्म होने पर खुशी जाहिर की।

जल सत्याग़ह को लेकर हजारों की संख्या में लोग शिवपुरी की सड़कों पर निकले.

शिवपुरी जल सत्याग़ह को लेकर शहर की जनता ने रैली निकाली.
विकराल होती पीने के पानी की समस्या को लेकर जल सत्याग़ह का जो आंदोलन पिछले एक महीने से चलाया जा रहा उसको लेकर आज शहर की जनता ने हजारों की संख्या में सड़क पर निकल रैली निकाली.
रैली कलेक्ट्रेट तक जाकर समाप्त हुई रैली के दौरान जनता ने प़शासन से कोई तबज्जो न मिलने पर प़शासन मुर्दाबाद के नारे भी लगाये.
नगर पालिका शिवपुरी का प़शासन जनता को पानी पिलाने में पूरी तरह असफल रहा है.
अगर समय रहते इस समस्या का समाधान न खोजा गया तो शहर के जनप़तिनिधियों को आने वाले समय में गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
जनता का आक़ोश सबके सामने है समय रहते चेत जायें तो ठीक हैं.

दिग्विजय सिंह ने नितिन गड़करी से मांगी माफी.


दिल्ली कांग़ेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी केजरीवाल का अनुसरण करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से माफी मांगी है. दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर एक कोयला कारोबारी से करीबी संबंध के आरोप लगाए थे. उन्होंने गडकरी को नेता कम व्यापारी ज्यादा बताया था. इस पर गडकरी ने दिग्विजय सिंह पर मानहानि का मामला दायर किया था. मंगलवार को दिग्विजय सिंह ने अपने आरोपों पर नितिन गडकरी से माफी मांग ली है. कांग्रेसी नेता द्वारा माफी मांगने के बाद गडकरी ने भी सिंह के खिलाफ दायर वाद को वापस ले लिया है.

यह मामला 2012 का है. उस समय नितिन गडकरी को बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया था. नितिन गडकरी को बीजेपी का अध्यक्ष बनाए जाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिगविजय सिंह ने कहा था कि गडकरी नेता से ज्यादा कारोबारी हैं. दिग्विजय सिंह ने नितिन गडकरी पर एक कोयला व्यापारी से करीबी संबंध होने और लाभ लेकर व्यापारी को कोयला ब्लॉक आवंटन करने का आरोप भी लगाया था. सिंह ने अपने आरोप में कहा कि एक कारोबारी को गलत तरीके से कोयला ब्लॉक आवंटन में गडकरी ने 490 करोड़ रुपये हैं.

1 जून से 10 जून प़स्तावित किसान आंदोलन. किसानों को मनाने मंदसौर जा रहे मुख्यमंत्री.


गांव बंद आंदोलन से पहले किसानों को मनाने मंदसौर पहुंचेंगे शिवराज!

मध्य प्रदेश में मंदसौर किसानों पर हुये गोलीकांड की पहली बरसी पर प्रस्तावित किसान आंदोलन की तैयारियों से चिंतित मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज मंदसौर जाएंगे. शिवराज की यात्रा को लेकर मंदसौर, नीमच और रतलाम के विधायकों और जिलाध्यक्षों को भोपाल तलब कर सरकार पूरे क्षेत्र की रिपोर्ट ले चुकी है.दरअसल, एक जून से लेकर दस जून तक प्रदेश के किसानों ने गांव बंद का ऐलान किया है जिसमें वे गांव में उत्पादित किसी भी चीज को शहर नहीं ले जाएंगे. इतना ही नहीं किसान एक जून से शहरी क्षेत्रों में दूध की सप्लाई भी नहीं होने देंगे. यह माना जा रहा है कि सीएम शिवराज अपने मंदसौर दौरे के दौरान किसानों को मनाने और आंदोलन से बचने के लिए कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं.