गंभीर रूप से घायल महिला को किया ग्वालियर रैफर

आंगन में बैठी महिला शिमला धाकड़ पर अचानक बंदर ने हमला कर दिया, जिससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला की चीख सुनकर परिजन दौडक़र आए और आनन फानन में महिला को नजदीक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां प्राथमिक उपचार के बाद सीधे ग्वालियर ले गए। इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि वे कई बार वन विभाग के अधिकारियों को बंदर पकडऩे के लिए कह चुके हैं लेकिन आज तक उत्पाती बंदर नहीं पकड़े गए हैं। बंदर न पकड़े जाने से लगातार नगर में बंदरों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। लोगों में बंदरों का डर इस हद तक है कि दिन के समय अपनी छतों पर गीले कपड़े नहीं सुखा पाते और न ही अन्य सामग्री डाल पाते। बंदरों का उत्पात नगर में सुबह से ही शुरू हो जाता है। छोटे बच्चों से लेकर महिला व पुरुष ठंड का सीजन होने के बावजूद धूप नहीं ले पा रहे हैं। बंदरों का आतंक नगर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंच चुका है। बंदर घर में घुसकर रोटियां तक उठा लाते हैं। मैं सुबह घर के आंगन में बैठकर धूप ले रही थी तभी अचानक एक बंदर आया और हमला बोल दिया। मुझे बचने का कोई मौका नहीं मिला। मैं चीखी चिल्लाई तब कुछ देर बाद परिजन आए और बंदर भाग गया। शिमला धाकड़, घायल महिला
ग्राम बर्रे में सुबह से ही बंदरो का आतंक शुरू हो जाता है। यह बंदर छत ही नहीं बल्कि घरों के अंदर से भी सामान उठाकर ले जाते हैं। वन विभाग शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं कर रहा है। विपिन जैन, ग्रामीण
लगातार बंदरो को पकडऩे के प्रयास किये जा रहे हैं। हाल ही में 8 -10 बंदरो को पकड़ा भी था। मथुरा से भी टीम को बुलाया गया है,कार्रवाई जारी रहेगी। केपीएस धाकड़,वन परिक्षेत्र अधिकारी

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