लोन के 12 लाख मिले नहीं, बैंक का नोटिस मिला, परेशान हितग्राही

विजयपुर, श्योपुर. बैंक से लोन के नाम पर गड़बड़ी किए जाने का एक मामला सामने आया है। जिसमें हितग्राहियों का लोन पास हो गया और राशि भी निकल गई, लेकिन उनके खाते में एक धेला भी नहीं पहुंचा। हितग्राहियों को जब बैंक का नोटिस मिला तो उनके पैरों तले जमीन खिस गई। दरअसल केशव पुत्र मिन्टू निवासी बडौदा, जगदीश पुत्र तुलाराम जाटव बडौदा, बाइसराम पुत्र बिहारी निवासी कींजरी और हरी पुत्र बाबू निवासी कींजरी के नाम पंजाब बैंक की शाखा लाडपुरा मंडी विजयपुर से लोन पास हो गया और राशि इनके खातों में न पहुंचते हुए दूसरे के खाते में डाल दी गई।लोन की किश्त भरने का नोटिस जब बैंक द्वारा इनको भेजा गया तब इन लोगों को पता चला कि उनका लोन पास हुआ है। अब वह बैंक के अफसरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
पीडि़तों ने पंजाब बैंक ग्वालियर व विजयपुर में शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीडितों का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2016 में उद्योग विभाग में लोन के लिए आवेदन किया था, लेकिन पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों ने यह कहकर मना कर दिया कि आपका लोन अस्वीकार हो गया है, लेकिन जब हमको लोन मिला ही नहीं, तो लोन संबंधी नोटिस बैंक ने हमें कैसे भेज दिए। उनका कहना है कि जब जानकारी लगाई तो पता चला कि बैंक की साठगांठ से लोन के सारे रुपए मंडी स्थित मुन्नालाल प्रशांत कुमार ट्रेडर्स के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए।
खाते में जाने कहां-कहां से पैसे आते रहते हैं। हम तो बैंक कुटेशन देते हैं जब बैंक वाले मांगते हैं। ज्यादा जानकारी तो बैंक वाले ही बता सकते।
प्रशांत कुमार, जिनके खाते में पहुंचे पैसे
लोन के लिए आवेदन उद्योग विभाग और बैंक को दिया था। बैंक में मैंनेजर ने हस्ताक्षर भी करवाए थे। फिर कह दिया आपका लोन नहीं हो पाएगा, जब हमें लोन भरने का नोटिस मिला है तब पता चला कि हमारा लोन स्वीकृत होकर पैसा कहीं और चला गया।
केशव, पीडि़त, बड़ौदा
मामला मेरे समय का नहीं है। अगर ऐसा हुआ होगा तो शिकायतकर्ता आवेदन दें। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में मामला सही पाया जाएगा, तो पीडि़तों को न्याय मिलेगा।

भूपेन्द्र, मैनेजर, पंजाब नेशनल बैंक, विजयपुर

एक क्लिक पर मिलेंगी रघुवंशी समाज के परिवारों की जानकारी

भोपाल
अखिल भारतीय रघुवंशी (क्षत्रिय) महासभा की पहली प्रादेशिक पदाधिकारी बैठक संपन्न्
प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रघुवंशी ने दी जानकारी, कहा- यह पहल समाज को अलग बनाएगी
भोपाल। मध्यप्रदेश में निवासरत रघुवंशी समाज के परिवार की संपूर्ण जानकारी आगामी तीन माह में एक क्लिक पर ऑनलाइन देखने को मिलेंगी। कोई भी व्यक्ति चाहे वह देश में हो या विदेश में आसानी से एक-एक परिवार के बारे मंे जानकारी हासिल कर सकेगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अखिल भारतीय रघुवंशी (क्षत्रिय) महासभा द्वारा सभी जिलों में सामाजिक परिवारों की जनगणना का कार्य कर रहा है। अभी शिवपुर, राजगढ़ और ग्वालियर मंे जनगणना का कार्य पूर्ण हुआ है। इनकी जानकारी ऑनलाइन अगले एक सप्ताह में देखने को मिल सकेगी। सारी जानकारी इंदौर के श्रीराकेश सिंह जी रघुवंशी द्वारा निशुल्क ऑनलाइन की जाएगी। यह पहल समाज को अन्य समाजों से अलग बनाएगी।


यह जानकारी रविवार को अखिल भारतीय रघुवंशी (क्षत्रिय) महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व कोलारस विधायक वीरेंद्र सिंह रघुवंशी ने समाज की प्रादेशिक पदाधिकारी बैठक में दी। समारोह रघुकुल रघुवंशी भवन जवाहर चौक टीटी नगर में आयोजित हुआ। इस दौरान महासभा के एक हजार से ज्यादा पदाधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि समाज विकास के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे आना होगा। समाज को एक धागे में पिरोने के लिए अंतिम छोर तक जाएंगे। समाज विकास के लिए पदाधिकारियों के अलावा डॉक्टर, वकील, नेता जैसे समाज के योग्यवान लोगों की एक समिति बनाई जाएगी जो समाज उत्थान के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि समाज में केवल दहेज और मृत्युभोज बंद करने से समाज का कल्याण नहीं होगा। इनके अलावा भी ढेरों कुरीतियां हैं जिन्हें मिलकर हमें खत्म करना होगा। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने सभी से अपील की कि हम रघुवंशी है श्रीराम के वंशज इसलिए सरनेम की जगह सिर्फ रघुवंशी ही लिखे। प्रदेश अध्यक्ष ने पदाधिकारियों से कहा कि समाज को निर्देश न देकर निवेदन करें। ऐसा कोई काम न करें जिससे समाज में बदनामी हो और समाज को अंगुली उठाने का अवसर मिले। सरकार मंे समाज के कम प्रतिनिधित्व को लेकर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि समाज एकजुट नहीं होने के कारण प्रतिनिधित्व घटा है। समाज को जागना होगा। ऐसा नहीं हुआ तो सरकार में समाज का प्रतिनिधित्व शून्य हो जाएगा।
मंदिर निर्माण के लिए युवा इकाई जमा करेगी 21 लाख रुपए
कार्यक्रम के दौरान समाज के युवा कार्यकारी अध्यक्ष बलवीर सिंह रघुवंशी ने कहा कि अयोध्या में होने वाले राम मंदिर निर्माण के लिए अखिल भारतीय रघुवंशी (क्षत्रिय) महासभा की युवा इकाई द्वारा 21 लाख रुपए जुटाए जाएंगे। उन्होंने अपनी ओर से मंदिर निर्माण के लिए 51 हजार रुपये की राशि देने की घोषणा की। इस दौरान समाज के पदाधिकारियों ने अपने-अपने सुझाव भी रखे।

डेयरी किसानों को सरकार का तोहफा, अब कम देना पड़ेगा ब्याज

नई दिल्ली सरकार ने डेयरी किसानों को दिए जाने वाले लोन के इंटरेस्ट पर छूट या सब्सिडी को बढ़ाने का फैसला किया है। इससे देश के लाखों पशुपालकों को फायदा होगा। नरेंद्र मोदी सरकार ने श्वेत क्रांति को अगले स्तर तक ले जाने के लक्ष्य के साथ डेयरी सेक्टर को दिए जाने वाले लोन के ब्याज पर छूट को दो फीसद से बढ़ाकर 2.5 फीसद कर दिया है। कैबिनेट कमिटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) के फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इस कदम से 50 हजार गांवों के 95 लाख किसानों को फायदा होगा।
श्वेत क्रांति को मिलेगा बढ़ावा
जावड़ेकर ने संवाददाताओं से कहा कि डेयरी प्रोसेसिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड के तहत ब्याज में छूट बढ़ाए जाने से श्वेत क्रांति को नए स्तर पर ले जाने में मदद मिलेगी। श्वेत क्रांति को आम तौर पर दूध के उत्पादन से जोड़कर देखा जाता है।
30 जुलाई, 2019 से मिलेगा ब्याज छूट में बढ़ोत्तरी का लाभ
DIDF के तहत केंद्र सरकार केंद्र सरकार 2019-20 से नाबार्ड को ढाई फीसद की ब्याज छूट देगी। यह संशोधन 30 जुलाई, 2019 से प्रभावी हो गया है। जावड़ेकर ने जानकारी दी कि सरकार 28,000 बल्क मिल्क कूलर्स भी स्थापित करेगी। इससे दूध ठंडा रखने की क्षमता में 140 लाख लीटर का इजाफा हो जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट की बुधवार की बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को वैकल्पिक बना दिया गया।
सरकार किसानों की आय दोगुनी करने को कर रही प्रयास
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इस दिशा में सरकार ने अबतक कई कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि इसी लक्ष्य के साथ शुरू की गई योजना थी। इस योजना के तहत सरकार किसानों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है।

पीएम मोदी ने ट्रंप और मेलानिया का स्वागत किया ट्रंप दो दिन की भारत यात्रा पर हैं.

दुनिया के सबसे ताकतवर देश के प्रमुख डोनाल्ड ट्रंप अपने दो दिवसीय दौरे की शुरुआत अहमदाबाद से की, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया.

नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को भारत पहुंच चुके हैं. उनके साथ अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप भी हैं. दुनिया के सबसे ताकतवर देश के प्रमुख डोनाल्ड ट्रंप अपने दो दिवसीय दौरे की शुरुआत अहमदाबाद से की, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके स्वागत के लिए पहुंचे हैं . अब वह सीधे साबरमती आश्रम जाएंगे.

ट्रंप के साथ उनकी पत्नी मेलानिया, बेटी इवांका और दामाद जेरेड कुश्नर और प्रशासन के उच्च अधिकारी भारत यात्रा पर भी पहुंचे हैं.

वहीं इस दौरान पूरा अहमदाबाद शहर ट्रंप के स्वागत में सजा है. देशभर के अलग-अलग राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से ट्रंप के जाने वाले रास्तों पर भारत की झलक मिलेगी.

यहां से वह आगरा फिर दिल्ली जाएंगे.

वहीं इससे पहले भारत के लिए रवाना होने से कुछ देर पहले ट्रंप ने कहा था कि वह काफी समय से भारत जाने के लिए प्रतिबद्ध थे और भारत के लोगों के साथ होने का इंतजार कर रहे हैं.

पीएम मोदी अहमदाबाद हवाई अड्डे पर ट्रंप का स्वागत करने पहुंचे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचे, जहां वह भारत यात्रा पर आ रहे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का स्वागत किया. मोदी ट्रंप के आगमन से करीब डेढ़ घंटा पहले, सुबह 10 बजकर 25 मिनट पर यहां पहुंचे.

ट्रंप और मोदी यहां रोड शो के बाद मोटेरा स्टेडियम में ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.

उनके ‘एयर फोर्स वन’ विमान से पूर्वाह्न 11 बजकर 40 मिनट के आसपास यहां पहुंचा है.

ट्रंप और मोदी हवाई अड्डे से साबरमती आश्रम तक रोड शो करेंगे और इसके बाद नवनिर्मित मोटेरा क्रिकेट स्टेडियम जाएंगे, जहां ‘नमस्ते ट्रंप’ समारोह में करीब एक लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है.

इस 22 किलोमीटर के रोड शो के दौरान देश के विभिन्न नर्तक समूह और गायक प्रस्तुति देंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे के मद्देनजर अहमदाबाद में सभी ओर विविध इश्तेहार लगाए गए हैं जिनमें भारत और अमेरिका के बीच संबंध, लोकतंत्र आदि का बखान किया गया है.

ट्रंप के साथ उनकी बेटी इवांका, दामाद जेरेड कुश्नर और उनके प्रशासन के शीर्ष अधिकारी भी होंगे. ट्रंप को उनके गुजरात दौरे के दौरान भारत की सांस्कृतिक झलक मिलेगी.

सितंबर 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान ह्यूस्टन में ‘’हाउडी मोदी’ कार्यक्रम के बाद से दोनों नेताओं के बीच संबंध और अधिक प्रगाढ़ हुए हैं.

युवा किसानों को तोहफा! यह बिज़नेस शुरू करने के लिए सरकार देगी 3.75 लाख रुपए

नरेंद्र मोदी सरकार ने ग्रामीण युवाओं को रोजगार देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने कृषि मंत्रालय के अधीन मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना बनाई है। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण युवा एवं किसान जिनकी उम्र 18 से 40 वर्ष है

नई दिल्लीः नरेंद्र मोदी सरकार ने ग्रामीण युवाओं को रोजगार देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने कृषि मंत्रालय के अधीन मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना बनाई है। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण युवा एवं किसान जिनकी उम्र 18 से 40 वर्ष है, ग्राम स्तर पर मिनी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना कर सकते हैं। प्रयोगशाला को स्थापित करने में 5 लाख रुपए का खर्च आता है, जिसका 75 फीसदी यानी 3.75 लाख रुपए सरकार देगी।

मृदा स्वास्थ्य प्रबन्धन योजना
इस योजना के तहत यदि स्वयं सहायता समूह, कृषक सहकारी समितियां, कृषक समूह या कृषक उत्पादक संगठन इस प्रयोगशाला को स्थापित करता है तो उनको भी यह सहायता मिलेगी। सरकार द्वारा मिट्टी नमूना लेने, परिक्षण करने एवं सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने के लिए 300 प्रति नमूना प्रदान किया जा रहा है। कृषि मंत्री ने मुताबिक, लैब बनाने के इच्छुक युवा किसान या अन्य संगठन जिले के उपनिदेशक (कृषि), संयुक्त निदेशक (कृषि) या उनके कार्यालय में प्रस्ताव दे सकते हैं।

ऐसे करें शुरू
मिट्टी जांच प्रयोगशाला को दो तरीके से स्टार्ट किया जा सकता है। पहले तरीके में प्रयोगशाला एक दुकान किराए पर लेकर खोली जा सकती है। इसके अलावा दूसरी प्रयोगशाला ऐसी होती है जिसे इधर-उधर ले जाया जा सकता है इसे अंग्रेजी में MOBILE SOIL TESTING VAN कहते हैं।

(1) पहले तरीके में कारोबारी ऐसी मिट्टी को जांचेगा जो उसकी प्रयोगशाला में किसी के द्वारा भेजी या लाई जाएगी और उसके बाद उसकी रिपोर्ट ईमेल या प्रिंट आउट लेकर ग्राहक को भेज दी जाएगी। हालांकि पहले की तुलना में दूसरा विकल्प काफी फायदेमंद हो सकता है, इसलिए जहां तक इसमें निवेश का भी सवाल है वह पहले विकल्प की तुलना में अधिक ही है।

(2) मिट्टी जांच प्रयोगशाला में सेवाओं की एक विस्तृत शृंखला पेश की जा सकती है। इस बिजनेस को कोराबारी छोटे से स्तर से शुरू कर सकता है और जब उसे पूरा आत्मविश्वास हो जाय तो इस बिज़नेस को उसी आधार पर बढ़ा भी सकता है।

(3) कृषि के अलावा कारोबारी खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को भी टारगेट कर सकता है। जो कंपनियां बीज, जैव ईधन, उर्वरक, कृषि मशीनरी इत्यादि का मैन्युफैक्चरिंग करते हैं ऐसी कंपनियों को भी बाद में कारोबारी द्वारा सर्विस दी जा सकती है।

गलती से किसी और अकाउंट में ट्रांसफर हो गया है पैसा, जानिए कैसे वापस मिलेगा

कभी नेटबैंकिंग तो कभी मोबाइल वॉलेट से मनी ट्रांसफर, आजकल यह काफी आम हो गया है हम अपने दोस्तों या रिश्तेदारों को फंड भेजने के लिए ज्यादातर इनका ही इस्तेमाल करते हैं रियल टाइम में किसी को भी पैसा भेजने की यह सुविधा आसान और कम समय में पूरी होती है लेकिन, यह सुविधा जितनी आसान है, उतना ही जोखिम भी है.

जरा सी चूक मसलन, एक जीरो के बढ़ने और एक गलत नंबर की फीडिंग पर पैसा किसी और अकाउंट में भी ट्रांसफर हो सकता है. ऐसे में फंड ट्रांसफर के वक्त कुछ जरूरी बातें हैं जो याद रखनी चाहिए. लेकिन, अगर गलती से किसी और के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर हो गया है तो क्या करें? आपका पैसा कैसे वापस मिलेगा?

दो तरीकों से मिल सकता है पैसा

गलती से दूसरे के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर होने पर दो तरीकों से पैसा वापस हासिल किया जा सकता है. पहला तरीका ये है कि किसी दूसरे व्यक्ति के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर होने पर बैंक को तत्‍काल सूचना दें आपकी सूचना के आधार पर बैंक उस व्‍यक्ति के बैंक को सूचना देगा, जिसके खाते में गलती से पैसा ट्रांसफर हो गया है. बैंक उस व्‍यक्ति से गलत ट्रांसफर हुए पैसा को वापस करने की अनुमति मांगेगा.

केस दर्ज कराने का अधिकार

अपना पैसा वापस लेना के दूसरा तरीका कानूनी है अगर वह व्यक्ति जिसके खाते में गलती से पैसा ट्रांसफर हुआ है, वो लौटाने से इनकार करता है तो उसके खिलाफ कोर्ट में केस भी दर्ज कराया जा सकता है हालांकि, पैसा वापस न करने की स्थिति में यह अधिकार आरबीआई नियमों के उल्लंघन के संदर्भ में होता है.

कब करें शिकायत

गलत व्‍यक्ति या खाते में पैसा ट्रांसफर होने के तत्‍काल बाद बैंक को सूचित करें. आपका और लाभार्थी का खाता एक ही बैंक में होने पर प्रोसेस तेज होता है. पैसा एक या दो दिन में आपके खाते में आ जाएगा.

क्‍या है आरबीआई का दिशा निर्देश

भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देश के अनुसार लाभार्थी के खाते की सही जानकारी देना लिंक करने वाले की जिम्मेदारी है अगर, किसी कारण बस लिंक करने वाले से गलती होती है तो उसका जिम्‍मेदार बैंक नहीं होगा.

ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर का प्रोसेस

अगर आप का किसी भी बैंक में इंटरनेट खाता है तो आप ऑनलाइन NEFT और RTGS के तहत पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं इसके लिए बैंक के द्वारा मिले हुए पासवर्ड और यूजर नेम संख्या को ऑनलाइन बैकिंग प्रणाली में डालकर लॉग-इन करें इसके बाद थर्ड पार्टी ट्रांसफर या सेम बैंक अकाउंट होल्डर के विकल्प पर जाकर, जिसको पैसा भेजा जाना है उसका विवरण भरें. आधे घंटे के भीतर बैंक वेरीफाई कर आपके खाते को संबंधित खाते से लिंक कर देता है हालांकि, निजी और प्राइवेट बैंकों के नियम अलग-अलग हैं.

मध्यप़देश100 यूनिट से ऊपर पहुंची खपत तो 4.95 की बिजली 6.60 रुपए में देने की तैयारी

जबलपुर सरकार की महत्वाकांक्षी इंदिरा गृह ज्योति योजना को नई टैरिफ में मुश्किल हो सकती है। बिजली कंपनियों ने 101 यूनिट से ऊपर की खपत पर करीब 33 फीसद दाम बढ़ाने की तैयारी की है। आपत्तिकर्ता का दावा है कि जो बिजली घरेलू उपभोक्ता को अभी 4.95 पैसे में उपलब्ध है, उसे कंपनी 6.60 रुपए में देना चाहती है। इतना ही नहीं नियत प्रभार 100 की जगह 250 रुपए यानी करीब ढाई गुना बढ़ाने का प्रस्ताव बनाया गया है। इस संबंध में आपत्तिकर्ता ने ऊर्जा मंत्री को भी चिट्ठी लिखी है।
ऐसे समझें कैसे होंगे प्रभावित
अभी इंदिरा गृह ज्योति योजना में 150 यूनिट मासिक खपत वाले उपभोक्ता शामिल होते हैं। 100 यूनिट तक 100 रुपए की दर से तथा इसके ऊपर 150 यूनिट तक बिजली की दर मौजूदा टैरिफ के अनुसार वसूल की जाती है। बिजली कंपनी 101 यूनिट से ऊपर की खपत का दाम अभी 4.95 रुपए ले रही है। जिसे 6.60 रुपए प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव बनाया गया है।
आपत्तिकर्ता राजेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि कंपनी ने इससे पहले टैरिफ में 50 यूनिट तक अलग दाम और 51 से 150 यूनिट तक अलग दाम तय किये थे। इस बार 51 से 100 यूनिट का दाम रखा गया है। नए प्रस्ताव से योजना में लाभ लेने वालों को काफी वित्तीय भार उठाना होगा, जिस वजह से इंदिरा गृह ज्योति योजना की सार्थकता पर सवाल उठेंगे।
बढ़ोतरी ये भी
बिजली के दाम सिर्फ कंपनी नहीं बढ़ाना चाहती है बल्कि वर्तमान में 100 रुपए नियत प्रभार वसूला जा रहा है इसे कंपनी 250 रुपए करवाना चाह रही है करीब ढाई गुना की बढ़ोतरी।
ऊर्जा मंत्री से शिकायत
एडवोकेट राजेंद्र अग्रवाल ने इस संबंध में ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह को चिट्टी लिखी है। उन्होंने 2020-21 की टैरिफ याचिका को संशोधित करने की मांग की है।

इंजीनियर का ATM कार्ड फंसा मशीन में, खींचते ही निकली ऐसी चीज कि होश उड़ गए

आप भी एटीएम इस्तेमाल करते हैं तो हो जाइये सावधान क्योकि ग्रेटर नोएडा में स्थित एक्सिस बैंक के एक एटीएम में क्लीन डिवाइस मिलने का मामला सामने आया है। एटीएम मशीन में क्लोन डिवाइस लगे होने का पता उस वक्त चला जब इंजीनियर एक युवक एटीएम से पैसे निकालने के लिए पहुंचा, पैसे निकालने के दौरान उसका एटीएम जब मशीन में फंस गया तो उसे शक हुआ, उसने जब एटीएम के पास डिवाइस लगी देखी तो उसे उखाड़ लिया, पीड़ित ने इस मामले की शिकायत कासना थाने में की है।

दअरसल ग्रेटर नोएडा कासना कोतवाली क्षेत्र के एसर मार्केट में एक्सिस बैंक का एटीएम बूथ है। इंजीनियर अवधेश पांडे अपने एटीएम कार्ड से इस बूथ में लगी एटीएम मशीन से पैसे निकालने के लिए पहुंचे। जैसे उन्होंने अपना एटीएम मशीन में डाला उनका एटीएम मशीन में फंस गया। अवधेश को एटीएम मशीन में लगे डिवाइस पर शक हुआ। उन्होंने उस डिवाइस को तोड़कर बाहर खींच लिया तो उन्होंने देखा कि जो डिवाइस उन्होंने बाहर निकाला है वह क्लोन डिवाइस है, यह जानकर एक पल के लिए तो अवधेस को यकीन ही नहीं हुआ।

यह क्लोन डिवाइस एटीएम कार्ड की डिटेल क्लोन कार्ड में लगे डिवाइस में सेव करता है, जिससे आसानी से दूसरा क्लोन एटीएम कार्ड बनाकर पैसे निकाले जा सकते हैं।शिकायत मिलने पर पुलिस ने पुरे मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है, की सीसीटीवी फुटेज चेक कर इस डिवाइस को लगाने वाले का पता लगाया जाएगा।

अगर आपको भी एटीएम में किसी चीज की संदेह हो तो तुंरत उसकी जांच करें और हमेशा सावधान रहिये और अपने एटीएम का कार्ड नंबर और सीवीवी कोड किसी को भी ना बताये।

BS-4 Vehicle : इंदौर आरटीओ का आदेश, डीलर 15 मार्च तक बेच दें बीएस-4 वाहन का स्टॉक

BS-4 Vehicle in Indore इंदौर। दो साल पहले बीएस-3 वाहनों के विक्रय पर सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध लगाने के बाद हुई आपाधापी से निपटने के लिए इस बार परिवहन विभाग (आरटीओ) ने कमर कस ली है। इस बार डीलरों पर अभी से सख्ती की जा रही है। परिवहन विभाग ने डीलरों से कहा है कि उनके पास का बीएस-4 वाहन का स्टॉक 15 मार्च तक बेच दें और 20 मार्च तक फाइल आरटीओ में जमा करवा दें। आयुक्त के आदेश का हवाला देकर डीलरों से कहा गया है कि बीएस-3 वाहनों के समय 31 मार्च तक गाड़ी बेचने का नियम था और उसी दिन वीआईडी (व्हीकल आईडेंटिफिकेशन) करवाना जरूरी था, लेकिन इस बार हमने यह तय किया है कि डीलर अपना स्टॉक 15 मार्च तक बेच दें। इसके बाद 20 मार्च तक फाइल आरटीओ में पहुंचा दें। केवल विशेष परिस्थितियों में वाहनों का रजिस्ट्रेशन 31 मार्च तक होगा। इसके बाद किसी भी वाहन का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा।
एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने बताया कि हमने इस संबंध में आदेश दिए हैं। डीलरों को बता भी दिया गया है। अधिकांश डीलरों ने बताया है कि उन्होंने अपने बीएस-4 वाहनों के स्टॉक को पहले ही खत्म कर दिया है। केवल कुछ दोपहिया और चार पाहिया वाहनों के डीलरों के पास स्टॉक है, जिसे वे जल्द बेच देंगे। कई कंपनियों ने इसके लिए पहले ही तैयारी कर ली थी और अब बाजार में केवल बीएस-6 वाहन ही उपलब्ध हैं।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक दो साल पहले जब बीएस-4 का नियम लागू हुआ था, उस समय लोग अप्रैल और मई में अपनी गाड़ी लेकर आरटीओ पहुंचते थे। इन लोगों की गाड़ी काफी पहले ही खरीदी हुई थी, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ था। बाद में जैसे-तैसे इन वाहनों के मामले का निपटान हुआ था, वहीं कुछ डीलरों ने अपने बचे वाहनों को अपने कर्मचारियों के नाम पर ही रजिस्टर्ड करवा दिया था। बाद में इन वाहनों को बेचा गया था।