साल के आखिरी सूर्य ग्रहण और सोमवती अमावस्या पर बन रहा है विशेष संयोग

इस बार साल के आखिरी सूर्य ग्रहण पर अगहन मास की सोमवती अमावस्या और पांच ग्रहों का विशेष संयोग बन रहा है। इस संयोग के कारण स्नान और दान का कई गुणा फल मिलेगा

ममता बनर्जी ने एकसाथ 291 कैंडिडेट की लिस्ट जारी की, 100 नए चेहरों को पहली बार मौका

पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने 291 उम्मीदवारों के लिस्ट जारी कर दी है। TMC की लिस्ट में 100 ऐसे चेहरे हैं, जिन्हें पहली बार मौका दिया जा रहा है। TMC पहली पार्टी है, जिसने अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया है। इनमें 50 महिलाएं और 42 मुस्लिम उम्मीदवार शामिल हैं। नॉर्थ बंगाल की 3 सीटों पर पार्टी चुनाव नहीं लड़ेगी। ममता ने कहा कि वे खुद नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ेंगी।

ममता बनर्जी पिछले 10 साल से बंगाल पर राज कर रहीं हैं, लेकिन यह पहला मौका है जब उन्हें किसी पार्टी से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। BJP की हिन्दुत्व राजनीति का जवाब देने के लिए ममता महाशिवरात्रि के दिन अपना नामांकन दाखिल कर सकतीं हैं।

सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने 2019 लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन को सुधारने के लिए सभी उम्मीदवारों से जनसंपर्क बढ़ाने पर जोर देने को कहा है।

महाराष्ट्र से नेपाल जा रहे थे, अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, चार की माैत सात घायल

भिंड। उल्लास नगर महाराष्ट्र से 11 लाेग सतुरी नेपाल अपने घर आेमनी वैन से जा रहे थे। इसी दाैरान भिंड-ग्वालियर हाइवे ज्ञानेंद्रपुरा आसमानी मंदिर के पास किसी अज्ञात वाहन ने आेमनी वैन में टक्कर मार दी। इस घटना में वैन में सवार चार लाेगाें की माैके पर ही माैत हाे गई। जबकि सात गंभीर घायलाें काे इलाज के लिए जयाराेग्य अस्पताल ग्वालियर रैफर किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है।

भिंड जिले के ज्ञानेंद्रपुरा इलाके में आसमानी माता मंदिर के पास आेमनी वैन क्रमांक एमएच 02 बीटी 8385 में सवार लाेग सड़क हादसे का शिकार हाे गए। घटना की सूचना मिलते ही भिंड पुलिस माैके पर पहुंच गई आैर गाड़ी में फंसे लाेगाें काे स्थानीय लाेगाें की मदद से बाहर निकाला गया। घायलाें ने बताया कि वह लाेग सेतुरी नेपाल के रहने वाले हैं आैर उल्लास नगर महाराष्ट्र से नेपाल जाने के लिए निकले थे। वैन में सवार ग्यारह लाेगाें में से तीन पुरूष एवं एक महिला की हादसे में माैत हाे गई है। इसके अलावा उदय उम्र 31 साल, कृष्णा उम्र 28 साल, सीता उम्र 22 साल, विनाेद उम्र 30 साल, शेर बहादपुर उम्र 42 साल , प्रकाश उम्र 21 साल, किशन उम्र 28 साल गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे में घायलाें काे गंभीर चाेटें आई हैं, इसलिए ग्वालियर जयाराेग्य अस्पताल रैफर किया गया है। पुलिस आसपास के लाेगाें से पूछताछ कर पता लगाने में जुटी है कि वैन काे किस वाहन ने टक्कर मारी है। हालांकि खबर लिखे जाने तक वाहन का पता नहीं चल सका था।

हादसा:यमुना एक्सप्रेस वे पर पलटी तेज़ रफ़्तार डबल डेकर बस; 6 यात्री जख्मी, घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया

ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस वे पर तेज़ रफ्तार का कहर देखने को मिला। जिले के दनकौर थाना क्षेत्र के यमुना एक्सप्रेस वे पर फर्रुखाबाद से गुरुग्राम जा रही डबल डेकर बस शुक्रवार सुबह अनियंत्रित होकर पलट गई। बस पलटने से कम से कम 6 यात्री घायल हो गए। बस में करीब 60 यात्री सवार थे। दनकौर पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया है जहां घायलों का इलाज चल रहा है।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा दनकौर थाना क्षेत्र के यमुना एक्सप्रेस वे पर हुआ। दनकौर पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को थाना क्षेत्र दनकौर के अंर्तगत एक डबल डेकर बस न0 UP76k 9000 जो फर्रुखाबाद से गुड़गांव जा रही थी वह पलट गई।

कैलाश अस्पताल में चल रहा है घायलों का इलाज

यमुना एक्सप्रेस वे पर अनियंत्रित होकर पलट गई जिसमें 5-6 यात्रियों को हल्की चोटे आई हैं जिसमें 3 लोगों कों उपचार के लिए कैलाश हाॅस्पिटल ग्रेटर नोएडा भेजा गया है। कोई जनहानि नहीं हुई है। यातायात सामान्य रूप से चालू है। आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने JCB की मदद से बस को रोड से हटा दिया है

मुहाड़ी फाल में पिकनिक मनाने गए थे 35 से ज्यादा स्टूडेंट, दो छात्र डूबे; एक का शव मिला

खुडैल थाना क्षेत्र के जंगल में बसे मुहाड़ी गांव से 500 मीटर दूर फाल वाले कुंड में डूबने से रेनेसा कॉलेज के दो छात्रों की मौत हो गई। एक का शव पुलिस और रेस्क्यू टीम ने रात 8 बजे बरामद कर लिया था, जबकि दूसरे की तलाश जारी थी। जानकारी के अनुसार यहां 35-40 स्टूडेंट पिकनिक मनाने आए थे। ये पहाड़ से 300 मीटर नीचे कुंड में जाकर नहा रहे थे। उन्हें गहराई का अंदाजा ही नहीं था। इसी के चलते हादसा हुआ है।

कंपेल चौकी प्रभारी विश्वजीत तोमर के अनुसार हादसा गुरुवार शाम 4 बजे के करीब मुहाड़ी फाल का है। इस हादसे में रेनेसा कॉलेज के 20 वर्षीय छात्र वीरेंद्र पिता हरिसिंह पंवार निवासी टिगरिया बादशाह की मौत हो गई है। जबकि उसका साथी सीधी निवासी हर्ष गुप्ता अभी लापता है। आशंका है कि उसका शव खोह में फंस गया होगा। वीरेंद्र और हर्ष दोनों लॉ के स्टूडेंट है।

हर्ष विजय नगर में रहकर पढ़ाई करता है। घटना की जानकारी मिलते ही वीरेंद्र के परिजन औऱ हर्ष के मामा घटना स्थल पर पहुंच गए। रात को वीरेंद्र का शव मिलते ही परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल रवाना हो गए। वहीं हर्ष की तलाश में परिजने वहीं रुके रहे।

गहराई का अंदाजा नहीं था

चौकी प्रभारी के अनुसार उन्हें प्रारंभिक जानकारी मिली है कि रेनेसा कॉलेज के 25 और उनके दोस्तों के 10-12 बच्चे अचानक पिकनिक मनाने पहुंचे थे। यहां ऊपर सबका भोजन बना रहा था। तभी कुछ लड़कों ने नीचे कुंड में नहाने का प्लान बनाया। फिर कुछ छात्र नीचे नहाने उतर गए। उन्हें पानी की गहराई का अंदाजा ही नहीं था। वे नहाने लगे तभी कुंड में दोनों छात्र अचानक डूबने लगे। बताया जा रहा है कि उन्हें बचाने के लए भी साथियों ने प्रयास किए, लेकिन वे उसे बचा नहीं पाए।

OTT प्लेटफॉर्म की स्क्रीनिंग जरूरी है, पोर्न तक दिखा दिया जाता है, सुप्रीम कोर्ट ने की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को OTT प्लैटफॉर्म्स की स्क्रीनिंग को जरूरी बताते हुए कहा कि इन प्लैटफॉर्म्स पर पोर्न तक दिखाया जा रहा है। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि इस तरह के प्रोग्राम की निगरानी के लिए व्यवस्था की जरूरत है। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स के रेग्युलेशन को लेकर तैयार गाइडलाइंस को भी पेश करने को कहा। 

वेबसीरीज तांडव के खिलाफ चल रही जांच में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ अमेजन की इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस अशोक भूषण ने कहा, ”इंटरनेट और ओटीटी पर सिनेमा देखना आम हो गया है। इस पर पोर्नोग्राफी तक दिखाया जा रहा है।” बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को हाल ही में सोशल मीडिया के लिए जारी गाइडलाइन्स को भी पेश करने को कहा। 

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में पुरोहित की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि उनकी क्लाइंट के खिलाफ करीब 10 केस दर्ज किए गए हैं, जबकि वह केवल एक कर्मचारी हैं, नाकि प्रोड्यूसर जो की ओटीटी प्लैटफॉर्म्स पर वेब सीरीज की स्ट्रीमिंग करते हैं। 

हाई कोर्ट ने 25 फरवरी को पुरोहित को गिरफ्तारी से संरक्षण देने से इनकार कर दिया था और अग्रिम जमानत याचिका के आवेदन को खारिज कर दिया था। पुरोहित की याचिका खारिज करते हुए हाई कोर्ट ने कहा था कि इस तरह के लोग बहुसंख्यक समुदाय के धर्म के प्रतिष्ठित चेहरों को बेहद खराब तरीके से पैसा कमाने जा जरिया बनाते हैं और देश की सहिष्णु परंपरा का फायदा उठाते हैं। 

गजब! बिहार में यहां तालाब में मछली उत्पादन संग ऊपर नाव पर हो रही आर्गेनिक सब्जियों की खेती

बिहार का सहरसा सूबे का पहला जिला है जहां तालाब में नीचे मछली और ऊपर सब्जी का उत्पादन शुरू किया गया है। सहरसा जिले के कहरा प्रखंड के बनगांव और नवहट्टा के रमोती गांव में तालाब में 200-200 लीटर के आठ-आठ ड्रम लगाकर ऊपर नावनुमा बांस का मचान तैयार करते सब्जी उपजाने की व्यवस्था की गई है।

धूप और पानी में बर्बाद नहीं होने वाली ग्रो बैग में वर्मी कम्पोस्ट, नारियल की भूसी, लकड़ी का बुरादा, स्लिम स्वायल जैसी सामग्रियों का उपयोग डस्ट तैयार कर सब्जी उत्पादन के लिए किया गया है। मिट्टी की मात्रा तनिक भी नहीं डाली गई है। ना ही रसायनिक खाद का उपयोग किया गया है। दोनों जगहों पर पालक, लाल साग, करेला, बैगन और धनिया पत्ता की बुआई की गई है। जिला कृषि परामर्शी डॉ. मनोज कुमार सिंह ने कहा कि बनगांव में 8 और रमोती में 11 फरवरी को आर्गेनिक सब्जियों की बुआई की गई। अभी स्थिति यह है कि 10 से 12 सेंटीमीटर का एक पौधा हो गया है। इस तरह से सब्जी उत्पादन की वैकल्पिक व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि बाढ़ के दौरान भी सब्जियों की उपज होती रहे। किसानों को खाने के लिए सब्जी मिलती रहे। शेष सब्जी को चयनित किसान बाजार में बेचकर आय का जरिया भी इजाद कर सके। 

साउथ एशियन फोरम फॉर एनवायरमेंट के निदेशक अमृता चटर्जी और चिरंजीत चटर्जी ने कहा कि कृषि विभाग के द्वारा 25-25 की संख्या में चयनित किसानों के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत तालाब में मुफ्त में सब्जी और मछली उत्पादन के लिए यह व्यवस्था की गई है। यह परियोजना किसानों को हाइड्रोपोनिक खेती और मत्स्य पालन में आपदा और जलवायु परिवर्तन के दौरान एक अनुकूली कदम के रूप में प्रशिक्षित करती है। खाद्य सुरक्षा, स्थाई आजीविका और वित्तीय सशक्तिकरण प्रदान करता है। 

सौर ऊर्जा से सिंचाई की व्यवस्था
हाइड्रोपोनिक खेती के तहत की गई सब्जी की खेती को सौर ऊर्जा के तहत पर्याप्त पानी मिल रहा है। सोलरचलित यंत्र का उपयोग सिंचाई के लिए किया जा रहा है। ऑटोमेटिक सिंचाई व्यवस्था के कारण सब्जी के पौधे में पानी डालने के लिए किसानों को अधिक मशक्कत भी नहीं करनी पड़ रही। निदेशक ने कहा कि पानी के कम उपयोग के लिए सूक्ष्म सिंचाई का उपयोग किया जाता है। कृषि सलाहकार चंदन कुमार ने कहा कि प्रतिदिन सब्जी फसल की निगरानी रखी जाती है। कहीं भी कीड़े लगने की अगर जानकारी मिलती तो तुरंत उसे दूर किया जाता है। जिला स्तर से जिला कृषि पदाधिकारी और जिला कृषि परामर्शी इसकी मॉनिटरिंग करते हैं। किसान टुन्ना मिश्र ने कहा कि वैकल्पिक सब्जी खेती की यह व्यवस्था बाढ़ प्रभावित कोसी क्षेत्र इलाके के लिए वरदान साबित होगी। 

इसी माह में सुपौल जिले में दो जगहों पर होगा उत्पादन
मार्च से ही पड़ोसी जिले सुपौल में दो जगहों पर तालाब में ऊपर सब्जी और नीचे मछली का उत्पादन करना शुरू होगा। साउथ एशियन फोरम फॉर एनवायरमेंट के निदेशक अमृता चटर्जी ने कहा कि सुपौल के डीएम और डीएओ से बातचीत हो चुकी है। जल्द ही उनके द्वारा दो जगहों पर तालाब चिन्हित करने की बात कहीं गई है। 

असम से शुरू हुआ उत्पादन बांग्लादेश फिर बिहार पहुंचा
असम के मांझली आइलैंड के तालाब में सब्जी-मछली उत्पादन की हाइड्रोपोनिक खेती व्यवस्था शुरू हुई थी। निदेशक ने बताया कि ब्रह्मपुत्र नदी से तबाही के कारण असम के मांझली आइलैंड में हाइड्रोपोनिक खेती शुरू की गई। उसके बाद बंगाल के दक्षिण 24 परगना के सुंदरवन में इस वैकल्पिक खेती को शुरू किया गया। फिर बांग्लादेश के सुंदरवन क्षेत्र में भी दो जगहों पर सब्जी की खेती की गई। उसके बाद बिहार राज्य के सहरसा जिले में इसे शुरू किया गया। इसी माह मार्च में सुपौल जिले में दो जगहों पर सब्जी की खेती शुरू हो जाएगी। 

ड्रम लगाने और बांस का नाव जैसा मचान तैयार करने में खर्च
ड्रम लगाने और बांस का नाव जैसा मचान तैयार करने में साउथ एशियन फोरम फॉर एनवायरमेंट को 20 हजार से अधिक राशि का खर्च पड़ता है। इसके अलावा सामग्रियों पर अलग खर्च पड़ता है। निदेशक ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत फिलहाल कृषि विभाग से चयनित किसानों के लिए यह मुफ्त की व्यवस्था है। 

तालाब में नाव पर खेती नाम से हुआ प्रचलित
किसानों ने पानी भरे तालाब के बीच शुरू हुई इस खेती को नाव पर खेती का नाम दे दिया है। जिले में नाव पर खेती के नाम से प्रचलित हो गया है।

भविष्य में सहकारी समितियों के गठन की योजना
भविष्य में किसानों की सहकारी समितियों के गठन की भी योजना है। निदेशक ने कहा कि भविष्य में प्रशिक्षित किसान स्थानीय संस्थाओं को मजबूत करने के लिए सहकारी समितियों का गठन करेंगे। जो कोविड या बाढ़ जैसी आपदा की घड़ी में सहायता कर सकेंगे।

चार युवकों के साथ घर से भागी थी लड़की, तय नहीं कर पा रही थी किससे शादी करे; पर्ची डालकर हुआ फैसला

यूपी के अंबेडकरनग नगर के टांडा इलाके में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर सबके होश उड़े हुए हैं. यहां एक लड़की की शादी के लिए दूल्हा चुनने की खातिर पंचायत बैठी और पंचों को पर्ची डालकर फैसला करना पड़ा. ये लड़की चार लड़कों के साथ घर से भाग गयी थी और लड़की खुद भी ये तय नहीं कर पा रही थी कि उसे कौन सा लड़का ज्यादा पसंद है, या उसे किस से शादी करनी है.

कोतवाली टांडा के अजीमनगर थाना इलाके में इस समस्या को हल करने के लिए बाकायदा पंचायत बैठी और पर्ची डालकर फैसला किया गया. ये चार युवक पांच दिन पहले इस लड़की को घर से भागकर ले गए थे. आरोपियों ने दो दिन तो युवती को अपनी रिश्तेदारी में छुपा कर रखा लेकिन छानबीन में वे लोग पकड़े गए. युवती के परिजन आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की तैयारी करने लगे लेकिन पंचायत ने शादी करने का प्रस्ताव रख दिया. जब लड़की से पूछा गया तो वो ये तय नहीं कर पा रही थी कि आखिर वह किसे अपना जीवन साथी चुने

लड़के भी नहीं थे तैयार

बता दें कि लड़की को भगा ले जाने वाल कोई भी युवक उससे शादी के लिए तैयार नहीं था. मामले का कोई हल न निकलने पर पंचों ने तीन दिन तक बंद कमरे में इस बात पर चर्चा की कि आखिर अब क्या किया जा सकता है. काफी सोच-विमर्श के बाद पंचायत ने तय किया कि अब लड़की से शादी कौन करेगा इसका फैसला पर्ची डालकर ही किया जा सकता है.

ऐसे हुआ फैसला

इसके बाद चारों युवकों के नाम की पर्ची डाली गई और जो नाम निकला उसी पर समझौता हो गया. पंचायत के दौरान चारों युवकों के नाम पर्ची पर लिखने के बाद उसे कटोरी में रख दिया गया. इस दौरान पंचों ने एक छोटे बच्चे से एक पर्ची को उठाने कहा. बच्चे के पर्ची उठाते ही तीन दिन से चल रहा विवाद सुलझ गया और युवती की शादी उसी युवक के साथ तय हो गई जिसका नाम पर्ची में निकला.

केंद्र सरकार ने आम आदमी को दी बड़ी राहत, रसोई गैस पर बदला ये नियम

केंद्र सरकार आम आदमी को बड़ी राहत दी है। सरकार रसोई गैस सिलेंडर को लेकर नियम बदलने जा रहा है। नए नियम के मुताबिक ग्राहक अब किसी एक डीलर के बदले एक साथ तीन डीलर से गैस बुक कर सकेंगे। अक्सर एक डीलर के साथ एलपीजी उपलब्धता पर परेशानी होती है। ग्राहकों को नंबर लागने के बावजूद समय पर सिलेंडर नहीं मिल पाता है। ऐसे में जहां पहले मिल जाएं उस नजदीकी डीलर से भी एलपीजी सिलेंडर ले सकेंगे। ऑयल सेक्रेटरी तरुण कपूर ने कहा गर्वनमेंट कम दस्तावेज में रसोई गैस कनेक्शन देने की तैयारी कर रही। बदले नियमों में एड्रेस प्रूफ के बिना भी कनेक्शन देने की योजना चल रही है। उन्होंने कहा कि एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए निवास प्रमाण पत्र जरूरी होता है। इसके बिना सिलेंडर लेना कठिन है। हालांकि सबके पास यह डॉक्यूमेंट नहीं होता और गांवों में इसे बनवाना मुश्किल होता है। न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में तरुण ने कहा कि पिछले चार साल में 8 करोड़ एलपीजी सिलेंडर कनेक्शन दिए गए हैं। इस साल पेश हुए बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया था कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत देश में 1 करोड़ गैस कनेक्शन फ्री में बांटे जाएंगे। सरकार की योजना इस संख्या को 2 करोड़ तक बढ़ाने की है। बजट में इसके लिए अलग आवंटन का प्रावधान नहीं किया है। अभी जो सब्सिडी चल रही है, उससे कनेक्शन बांटने का काम पूरा होगा। सरकार ने अनुमान लगाया है कि कितने लोगों के पास एलपीजी कनेक्शन नहीं है। यह हिसाब 1 करोड़ के आसपास है। उज्जवला स्कीम में अबतक 29 करोड़ लोगों को मुफ्त में एलपीजी कनेक्शन मिल चुका है।

अब सिर्फ एक मिस्ड कॉल के साथ एक एलपीजी गैस सिलेंडर बुक करें

इंडेन गैस उपभोक्ताओं के लिए गैर-सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर की बुकिंग अब बहुत आसान होने जा रही है क्योंकि केंद्र सरकार ने अब इसके लिए मिस्ड कॉल की सुविधा शुरू की है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सुविधा शुरू की और कहा कि कॉस्ट्यूमर्स अब 8454955555 पर मिस्ड कॉल देकर एलपीजी सिलेंडर बुक कर सकेंगे।

व्हाट्सएप, एसएमएस के जरिए भी एलपीजी सिलेंडर बुक करें

आप व्हाट्सएप और व्हाट्सएप के माध्यम से एलपीजी गैस सिलेंडर भी बुक कर सकते हैं। व्हाट्सएप के माध्यम से सिलेंडर बुक करने के लिए, आपको REFILL टाइप करना होगा और व्हाट्सएप पर 7588888824 पर भेजना होगा। दूसरी ओर, एसएमएस के जरिए सिलेंडर बुक करने के लिए, आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से अपने वितरक के टेलीफोन नंबर पर एक संदेश आईओसी भेजना होगा।

1 मार्च को 25 रुपए बढ़ गया LPG सिलेंडर का दाम

मालूम हो कि गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतें 1 मार्च, 2021 को, 25 तक बढ़ गई थीं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार 1 मार्च से गैर-रियायती एलपीजी की कीमत ₹ 819 प्रति सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) हो गया है। देश की सबसे बड़ी फ्यूल रिटेलर इंडियन ऑयल ब्रांड इंडेन के तहत एलपीजी की आपूर्ति करती है। आमतौर पर, गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की दरों की समीक्षा मासिक आधार पर की जाती है और प्रत्येक महीने के पहले दिन पर कोई भी परिवर्तन होता है। स्थानीय करों के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में रसोई गैस की दरें भिन्न हैं। फरवरी 2021 के महीने में एलपीजी की कीमतों में लगभग तीन गुना बढ़ोतरी हुई थी। एलपीजी रसोई गैस की दरों में बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब पेट्रोल और डीजल की कीमतें चार मेट्रो शहरों में सभी समय के उच्च स्तर को छू चुकी हैं। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बीच, तेल विपणन कंपनियों ने सभी महानगरों में ईंधन दरों में वृद्धि की। आमतौर पर, गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की दरों की मासिक आधार पर समीक्षा की जाती है और किसी भी परिवर्तन को हर महीने के पहले दिन लागू किया जाता है। स्थानीय करों में भिन्नता के कारण देश भर के विभिन्न हिस्सों में खाना पकाने की गैस की दरें भिन्न हैं। ग्राहक को बाजार मूल्य के आधार पर एलपीजी सिलेंडरों के लिए आवश्यक अतिरिक्त खरीदारी करनी होगी। 12 रीफिल के वार्षिक कोटे पर सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी की राशि महीने-दर-महीने बदलती रहती है। एलपीजी पर सब्सिडी मोटे तौर पर कच्चे तेल के साथ-साथ विदेशी विनिमय दरों जैसे कारकों से निर्धारित होती है।

गैंस सिलेंडर पर मिलता है बीमा

गैंस सिलेंडर पर बीमा भी होता है। जिसका इस्तेमाल एलपीजी सिलेंडर में विस्फोट या कोई हानि में किया जा सकता है। रसोई गैस उपलब्ध करवा रही कंपनियां इंश्योरेंस करवाती है। इस बीमा की कुछ शर्ते होती हैं। कंपनियां तीन तरह का इंश्योरेंस ग्राहकों को देती है। किसी के मरने पर 6 लाख रुपए का कवर होता है। वहीं घायल होने पर 30 लाख का इंश्योरेंस होता। जिसमें दो से ज्यादा लोगों को 2 लाख रुपए तक का इलाज होता है। जबकि संपत्ति को नुकसान होने पर दो लाख का बीमा मिलता है। इसके लिए ऑयल कंपनियां कोई चार्ज नहीं लेती है। कोई अनहोनी होने पर इंश्योरेंस कंपनी पैसा ऑयल कंपनी को ट्रांसफर करती है। जिसके बाद विक्टिम तक मदद पहुंचाई जाती है।

जानें रसोई गैस बचाने की टिप्स

गौरतलब है कि रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसे में आप कुछ सावधानी अपनाकर गैस बचा सकते हैं। सबसे पहले रात को गैस सिलेंडर की नॉब बंद करे। जहां तक हो सके हमेशा खाना ढककर ही पकाएं। फ्रोजन फूड, दूध, सब्जियों को पकाने से कम से कम 1-2 घंटे पहले फ्रिज से बाहर निकाल लें। खाना बनाते वक्त सही साइज के पैन या कड़ाही का इस्तेमाल करना चाहिए। बड़े पैन या कड़ाही होने से उन्हें गर्म होने और खाना पकाने में गैस की खपत ज्यादा होती है। मीट, चिकन, दाल और सब्जियों को उबालने में गैस की खपत ज्यादा होती है। इसलिए प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करना चाहिए। समय-समय पर सिलेंडर के रेग्युलेटर, पाइप और बर्नर को चेक करें, कहीं गैस लीक तो नहीं कर रही है।

पेटीएम पर सिलेंडर बुकिंग पर कैशबैक

वहीं पेटीएम सिलेंडर बुकिंग पर कैशबैक दे रहा है। जो भी कस्टमर 31 मार्च से पहले एप के माध्यम से बुकिंग करेंगे उन्होंने 100 रुपए तक का कैशबैक मिलेगा। इस ऑफर का एक बार ही इस्तेमाल की किया जा सकता है।

गैस सिलेंडर बुकिंग आसान, एक ही समय में तीन डीलरों से रिफिल ऑर्डर ऐसे करें

जैसे ही एलपीजी की कीमत बढ़ रही है, एलपीजी गैस सिलेंडर उपयोगकर्ताओं के लिए कुछ अच्छी खबर है, अब उपभोक्ताओं को जल्द ही तीन डीलरों से बुकिंग करने का विकल्प मिलेगा। यह स्पष्ट रूप से उन उपभोक्ताओं की मदद करने के लिए किया गया है, जिन्हें एक विशेष गैस डीलर के रूप में भुगतना पड़ता है, समय पर एलपीजी गैस सिलेंडर देने में विफल रहता है। इसकी पुष्टि तेल सचिव तरुण कपूर ने की। घरेलू रसोई गैस या तरल पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की कीमत में 1 मार्च को 25 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी। नवीनतम मूल्य वृद्धि के बाद, 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब दिल्ली में 819 रुपये है। 28 फरवरी को पीटीआई से बात करते हुए, तेल सचिव ने कहा, “योजनाएँ रसोई गैस को कम से कम पहचान दस्तावेजों के साथ प्रदान करने के काम में हैं और खाना पकाने की गैस का लाभ उठाने के स्थान के निवास प्रमाण पर जोर दिए बिना। इसके अलावा, उपभोक्ताओं को जल्द ही एक विकल्प मिलेगा।

मुफ्त एलपीजी कनेक्शन का दायरा पहले से बहुत बढ़ा

इस बीच, मुफ्त एलपीजी कनेक्शन योजना मोदी सरकार का एक सुधार है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इनडोर घरेलू प्रदूषण से छुटकारा पाने और महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए प्रशंसित है। और अब, सरकार की योजना है कि अगले दो वर्षों में जरूरतमंदों को एक करोड़ से अधिक मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन दिया जाए और देश में स्वच्छ ईंधन के 100 प्रतिशत तक पहुँच प्राप्त करने के लिए रसोई गैस की पहुँच को आसान बनाया जाए। पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में कपूर ने कहा कि रसोई गैस के आक्रामक रोलआउट के साथ, केवल चार वर्षों में गरीब महिलाओं के घरों में रिकॉर्ड तोड़ 8 करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए गए, जिससे देश में एलपीजी उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग 29 करोड़ हो गई। केंद्रीय बजट ने इस महीने की शुरुआत में प्रधान मंत्री उज्ज्वला (पीएमयूवाई) योजना के तहत एक करोड़ से अधिक मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन देने की योजना की घोषणा की। “हमारी योजना दो वर्षों में इन अतिरिक्त एक करोड़ कनेक्शनों को पूरा करने की है।”

एलपीजी सब्सिडी की जांच कैसे करें

– पेज पर “अपनी एलपीजी आईडी जानने के लिए यहां क्लिक करें” पर क्लिक करें। (…

– एक पॉप-अप आपको अपने वितरक की कंपनी चुनने का संकेत देगा: भारत गैस / एचपी गैस / इंडेन। …

– लैंडिंग पेपर आपसे ग्राहक का विवरण पूछेगा। …

– फिर कैप्चा कोड दर्ज करें और “आगे बढ़ें” पर क्लिक करें।

– आपकी एलपीजी आईडी पृष्ठ के निचले सिरे पर दिखाई देनी चाहिए।

एलपीजी सब्सिडी ऑनलाइन ऐसे पाएं

आपको इंडेन की वेबसाइट पर जाना होगा और उस लिंक पर क्लिक करना होगा, जो कहता है कि ‘PAHAL स्थिति जांचें’। ग्राहक दो विकल्पों के माध्यम से अपनी स्थिति का पता लगा सकते हैं। पहले एक में, उन्हें वितरक का नाम, एलपीजी आईडी या आधार नंबर या उनका उपभोक्ता नंबर और क्लिक आगे बढ़ाना होगा।

बैंक खाते में एलपीजी गैस सब्सिडी कैसे प्राप्त करें

यदि आप एलपीजी कनेक्शन का उपयोग करते हैं, तो आप अपने आधार को अपने कनेक्शन से जोड़कर सीधे अपने बैंक खाते में सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं। गैस कंपनियां कई तरह के तरीके पेश करती हैं जिनसे आप अपने आधार को अपने एलपीजी कनेक्शन से जोड़ सकते हैं। आप एक वितरक पर कॉल करके, IVRS के माध्यम से या एसएमएस भेजकर ऐसा कर सकते हैं।

वर्तमान एलपीजी सब्सिडी क्या है?

दिल्ली और मुंबई में प्रत्येक की दर 694 रुपये प्रति सिलेंडर और चेन्नई में Chennai 610 प्रति सिलेंडर है। वर्तमान में, सरकार प्रत्येक वर्ष प्रति परिवार 14.2 किलोग्राम के 12 सिलेंडरों पर सब्सिडी देती है। उपभोक्ता को बाजार मूल्य पर एलपीजी सिलिंडर की कोई अतिरिक्त खरीद करनी होगी।

मेरे 15-16 सांसद बिक गए, मैं विपक्ष में बैठने को तैयार… बेबस इमरान खान ने मान ली हार, पाकिस्तान में बदलेगी सरकार?

सीनेट चुनाव में इस्लामाबाद सीट पर हार के बाद शर्मसार इमरान खान क्या अपनी कुर्सी गंवाने जा रहे हैं। गुरुवार शाम देश को संबोधित करते हुए इमरान खान ने जो बातें कहीं उससे साफ है कि उन्होंने हार मान ली है। शनिवार को बहुमत परीक्षण में उतरने से पहले इमरान खान ने साफ कहा कि उनके 15-16 सांसद बिक गए हैं और वह विपक्ष में बैठने को तैयार हैं। विपक्षी नेताओं को चोर बताते हुए इमरान खान ने कहा कि उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा रही थी।  

इमरान खान ने कहा, ”इनकी सोच थी कि मेरे ऊपर नो कॉन्फिडेंस की तलवार लटकाएंगे और मैं मुझे कुर्सी से प्यार है तो मैं इनके सारे केस खत्म कर दूंगा। मैं खुद विश्वास मत लेने जा रहा हूं। मैं संसद में सबके सामने विश्वास मांगूगा। मैं अपनी पार्टी के लोगों से भी कहता हूं कि आप यदि मेरे साथ नहीं हैं, तो आपका हक है, आप संसद में हाथ उठाकर कह दीजिए। कोई बात नहीं मैं विपक्ष में चला जाऊंगा।”

पीडीएम के नेताओं और उनके करप्शन के खिलाफ जंग जारी रखने का ऐलान करते हुए इमरान खान ने कहा, ”मैं आपको बता दूं, ये जो पीडीएम के सारे बड़े-बड़े हैं….आपको मेरा पैगाम है, मैं सत्ता में रहूं या ना रहूं, मेरी जिंदगी में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मैं चाहे विपक्ष में रहूं या सत्ता में मैं किसी को नहीं छोड़ूंगा। मैं बाहर भी हो जाऊंगा तो मैं कौम को बाहर निकालूंगा। मैं पब्लिक निकाल कर दिखाऊंगा। मैं जब तक जिंदा हूं, मैं मुल्क के इन गद्दारों का मुकाबला करता रहूंगा। यह मुल्क एक अजीम मुल्क बनेगा और ये तब होगा जब ये सारे डाकू जेल में होंगे।”

इमरान खान ने सीनेट चुनाव में सीक्रेट वोटिंग को लेकर चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाए और कहा कि इससे उन लोगों को बचा लिया गया है जिन्होंने पैसे लेकर वोट दिए हैं। उन्होंने कहा कि आपको पता था कि पैसों की लेनदेन होनी है फिर भी आपने सबकुछ होने दिया। आपने देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है। इमरान खान ने कहा कि पैसे युसूफ रजा गिलानी ने पैसे देकर वोट खरीदे हैं। 

इमरान खान ने देश की जनता से कहा कि सत्ता में बैठे हुए लोग जब चोरी करते हैं तो इसका नुकसान देश की जनता को उठाना पड़ता है। इमरान खान ने कहा, ”गरीब आदमी चोरी करता है वो पैसे बनाता है जब मुल्क का पीएम और मंत्री चोरी करता है तो वह मुल्क को बर्बाद करते हैं। देश में जितने चोर हैं, उनके सारे पैसे मिला दो तो 2 अरब 3 अरब होंगे। मैं पीएम हूं मैं चाहूं तो एक प्रॉजेक्ट में अरबों बना सकता हूं। फिर इसकी कीमत आप चुकाते हैं।”

इमरान खान ने देश की जनता को यह भी बताया कि किस तरह एफएटीएफ का दबाव है और यदि पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाता है तो देश पर कई प्रतिबंध लगा दिए जाएंगे। बाहर से आने वाले चीजें महंगी हो जाएगी और देश और अधिक गरीबी में चला जाएगा।

गौरतलब है कि पाकिस्तान के वित्त मंत्री अब्दुल हफीज शेख को महत्वपूर्ण सीनेट चुनावों में बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने पराजित कर दिया। इस नतीजे को प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मंत्रिमंडल के अपने सहयोगी के लिए प्रयास किया था।

सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) ने दावा किया था कि उसे 182 सदस्यों का समर्थन हासिल है जबकि सीनेटर को चुनने के लिए 172 वोटों की आवश्यकता थी। पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने घोषणा की कि, ”यूसुफ रजा गिलानी को 169 मत मिले जबकि शेख को 164 मत मिले। सात मत खारिज हुए। कुल 340 वोट डाले गए।