भिंड में अस्थाई अतिक्रमण हटाने के खिलाफ बवाल विधायक और पूर्व

भिंड
दरअसल शनिवार को कलेक्ट्रेट में हुई मीटिंग के बाद रविवार सुबह कलेक्टर और एसपी साफ सफाई का जायजा लेने निकले थे । जायजा लेने के दौरान ही उन्होंने बाजार में मुख्य सड़क पर अतिक्रमण हटाने के लिए नगरपालिका को निर्देशित किया। इसकी खबर लगते ही विरोध में व्यापारी एकजुट हो गए और प्रशासन का विरोध करने लगे । व्यापारियों के विरोध के बाद वर्तमान विधायक संजीव सिंह कुशवाह एवं पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह व्यापारियों के बीच पहुंचे ।व्यापारियों ने सहालग तक किसी प्रकार की कार्यवाही ना किये जाने की मांग की । प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए 24 घण्टे की मोहलत दी है।

मन की बात में बोले पीएम मोदी- नए कृषि कानून से किसानों को मिले नए अधिकार, नए अवसर

नई दिल्ली, । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित किया।  यह मन की बात का 71वां संस्करण था। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना की स्थिति से लेकर किसान कानून पर अपने विचार साझा किए। पीएम मोदी ने नए कानून को लेकर कहा कि यह किसानों को नए अधिकार दे रहा है। यह खेती को नए आयाम देगा। इससे किसानों की परेशानियां दूर होंगी। इस दौरान पीएम मोदी ने कई अहम मुद्दों पर भी अपने विचार सामने रखे।

नए कानून से मिले किसानों को नए अधिकार

मन की बात के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि संसद ने हाल ही में कठोर मंथन के बाद कृषि सुधार कानून पारित किया है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों ने न केवल किसानों की दिक्कतें कम हुई हैं बल्कि इस कानून ने उन्हें नए अधिकार और अवसर भी दिए हैं। 

पीएम मोदी ने कहा कि बीते दिनों हुए कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोले हैं। बरसों से किसानों की जो मांग थी, जिन मांगों को पूरा करने के लिए किसी न किसी समय में हर राजनीतिक दल ने उनसे वायदा किया था, वो मांग पूरी हुई हैं। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से न सिर्फ किसानों के अनेक बन्धन समाप्त हुए हैं, बल्कि उन्हें नए अधिकार भी मिले हैं, नए अवसर भी मिले हैं।

देवी अन्नपूर्णा की मूर्ति वापस भारल लाई गई- पीएम मोदी

मन की बात कार्यक्रम में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हर भारतीय को यह जानकर गर्व महसूस होगा कि देवी अन्नपूर्णा की एक प्राचीन मूर्ति को कनाडा से भारत वापस लाया जा रहा है। लगभग 100 साल पहले 1913 में, यह मूर्ति वाराणसी के एक मंदिर से चुराई गई थी और देश के बाहर तस्करी की गई थी।

पीएम मोदी ने कहा कि माता अन्नपूर्णा का काशी से बहुत ही विशेष संबंध है। अब उनकी प्रतिमा का वापस आना हम सभी के लिए सुखद है। माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा की तरह ही हमारी विरासत की अनेक अनमोल धरोहरें, अंतरराष्ट्रीय गिरोहों का शिकार माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा की वापसी के साथ एक संयोग यह भी जुड़ा है कि कुछ दिन पूर्व ही World Heritage Week मनाया गया है। World Heritage Week संस्कृति प्रेमियों के लिए, पुराने समय में वापस जाने, उनके इतिहास के अहम पड़ावों को पता लगाने का एक शानदार अवसर प्रदान करता है।

पीएम मोदी ने आज कहा कि आज देश में कई Museums और लाइब्रेरी अपने कलेक्शन को पूरी तरह से डिजिटल बनाने का काम कर रहे है। दिल्ली में हमारे राष्ट्रीय संग्रहालय ने इस संबंध में कुछ सराहनीय प्रयास किए हैं।

डॉक्टर सलीम अली जी को किया याद

पीएम मोदी ने कहा कि इस महीने 12 नवंबर से डॉक्टर सलीम अली जी का 125वां जयंती समारोह शुरू हुआ है। डॉक्टर सलीम ने पक्षियों की दुनिया में Bird Watching को लेकर उल्लेखनीय कार्य किए है। दुनिया में Bird Watching को, भारत के प्रति आकर्षित भी किया है। 

उन्होंने आगे कहा कि भारत में बहुत सी Bird Watching Society सक्रिय हैं। आप भी जरूर इस विषय के साथ जुड़िए। मेरी भागदौड़ की जिन्दगी में, मुझे भी पिछले दिनों केवड़िया में पक्षियों के साथ समय बिताने का बहुत ही यादगार अवसर मिला।

भारत की संस्कृति और शास्त्र का महत्व बताया

इस दौरान पीएम मोदी ने भारत की संस्कृति को लेकर कहा कि भारत की संस्कृति और शास्त्र, दोनों हमेशा से ही पूरी दुनिया के लिए आकर्षण के केंद्र रहे हैं। कई लोग तो इनकी खोज में भारत आए और हमेशा के लिए यहीं के होकर रह गए, तो कई लोग वापस अपने देश जाकर इस संस्कृति के संवाहक बन गए।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मुझे जोनस मैसेट्टी के काम के बारे में पता चला, जिन्हें ‘विश्वनाथ’ के नाम से भी जाना जाता है। जोनास ब्राजील में वेदांत और गीता पर पाठ देता है। वह ‘विश्वविद्या’ नामक एक संस्था चलाते हैं, जो रियो डी जनेरियो से एक घंटे की दूरी पर पेट्रोपोलिस की पहाड़ियों में स्थित है। उन्होंने आगे बताया कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद, जोनास ने अपने शेयर बाजार कंपनी के लिए काम किया। बाद में वे भारतीय संस्कृति की ओर आकर्षित हुए, खासकर वेदांत की ओर। उन्होंने भारत में वेंदांता का अध्ययन किया और कोयम्बटूर में अर्श विद्या गुरुकुलम में 4 साल बिताए। मैं जोनास को उनके प्रयासों के लिए बधाई देता हूं।

गुरु नानक देव जी की जयंती पर साझा किए विचार

कल 30 नवंबर को हम श्री गुरु नानक देव जी का 551वां प्रकाश पर्व मनाएंगे। पूरी दिनिया में गुरु नानक देव जी का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। Vancouver से  Wellington तक, Singapore से South Africa तक उनके संदेश हर तरफ सुनाई देते हैं। गुरुग्रन्थ साहिब में कहा गया है- ‘सेवक को सेवा बन आई’, यानी सेवक का काम सेवा करना है। बीते कुछ वर्षों में कई अहम पड़ाव आए और एक सेवक के तौर पर हमें बहुत कुछ करने का अवसर मिला।

उन्होंने कहा कि क्या आप जानते हैं कि कच्छ में एक गुरुद्वारा है, लखपत गुरुद्वारा साहिब। 2001 के भूकंप से कच्छ के लखपत गुरुद्वारा साहिब को भी नुकसान पहुंचा था। यह गुरु साहिब की कृपा ही थी कि मैं इसका जीर्णोद्धार सुनिश्चित कर पाया।

स्टूडेंट्स और संस्थानों को लेकर साझा किए विचार

पीएम मोदी ने मन की बात के दौरान कहा कि पिछले दिनों, मुझे, देश-भर की कई Universities के Students के साथ संवाद का, उनकी Education Journey के महत्वपूर्ण Events में शामिल होने का, अवसर प्राप्त हुआ है। देश के युवाओं के बीच होना बेहद तरो-ताजा करने वाला और उर्जा से भरने वाला होता है।

उन्होंने आगे कहा कि कोरोना से पहले के दिनों में जब मैं रूबरू किसी Institution की Event में जाता था, तो यह आग्रह भी करता था कि आस-पास के स्कूलों से गरीब बच्चों को भी उसी समारोह में आमंत्रित किया जाए। वो बच्चे उस समारोह में मेरे Special Guest बनकर आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल-कॉलेज से निकलने के बाद दो चीजें कभी खत्म नहीं होती है- एक आपकी शिक्षा का प्रभाव और दूसरा आपका अपने स्कूल, कॉलेज से लगाव। मेरा संस्थानों से आग्रह है कि Alumni engagement के नए और innovative तरीकों पर काम करें।

उन्होंने आगे कहा कि 5 दिसम्बर को श्री अरबिंदो की पुण्यतिथि है। श्री अरबिंदो को हम जितना पढ़ते हैं, उतनी ही गहराई हमें मिलती जाती है। मेरे युवा साथी, श्री अरबिंदो को जितना जानेंगे, उतना ही अपने आप को जानेंगे, खुद को समृद्ध करेंगे।

प्यार में चखा बेवफाई का स्वाद,तो खुद का नाम रखा बेवफा चाय वाला

ग्वालियर । यूं तो प्यार में धोखा खाने वाले लोगों के बहुतेरे किस्से- कहानियां हमने सुनी हैं, जिसमें सभी धोखा खाने वाले लोग दूसरे पर बेवफाई का इल्जाम लगाकर खुद का दामन साफ बताते हैं। ग्वालियर के गोला का मंदिर, हनुमान नगर रोड पर लगभग 20 वर्षों से चाय की दुकान चलाने वाले कालू उर्फ रामजीत किरार की जिंदगी में बेवफाई की कड़वाहट घुली तो उन्होंने किसी और को इसका जिम्मेदार न बताकर खुद को ही बेवफा नाम दे दिया। कालू राम उर्फ रामजीत किरार अब तक जो सादा, कड़क, बिना शक्कर और मसाले वाली चाय के स्वाद लोगों तक पहुंचाते थे, अब उन्होंने अपनी दुकान का नाम बदल कर टूटे हुए दिल का अस्पताल काली बेवफा चाय वाला रख लिया है। साथ ही चाय के नाम व दाम भी बदल दिए है। अब उनकी चाय की दुकान पर प्यार में धोखा चाय 5 रुपये में मिलती है। इस चाय में दूध को केवल उसका रंग बदलने के लिए डाला जाता है।

चाय के नाम आैर उसके दामः

-प्रेमी जोड़ों की स्पेशल चाय- 15 रुपये। इस चाय में दूध की मात्रा ज्यादा होने के साथ ही इसमें इलायची का भी स्वाद मिलता है।

नए प्रेमियों की चाय 10 रूपये में उपलब्ध है। इसमें सिर्फ दूध का उपयोग होता है।

-मनचाहा प्यार पाने के नाम से बिकने वाली चाय 49 रुपये आैर सबसे महंगी भी है। इसमें इलायची, सोंफ, पीपल, दालचीनी,काली मिर्च सहित स्वास्थ्य के लिए लाभकारी मसालों का उपयोग होता है।

अकेलापन चाय 20 रूपये की है। इसमें चाय में दूध के साथ मलाई का स्वाद भी मिलता है।

डेमाे दिखाकर पी लाे मुफ्त चायः

बेवफा टी स्टाल पर पत्नी से प्रताड़ित लोगों के लिए फ्री में चाय पीने का स्पेशल ऑफर भी है। इसके लिए व्यक्ति को पत्नी के साथ दुकान पर आकर पति-पत्नी के झगड़े का लाइव डेमो देना होगा। आजकल यह कालू बेवफा चाय वाले की दुकान लोगों को अपनी ओर खूब आकर्षित कर रही है।

पत्नी का प्यार हासिल करने के लिए दो बार की शादी- गोसपुरा नं.2 ग्वालियर निवासी रामजीत किरार उर्फ कालू चाय वाले की पहली शादी 2013 में हुई थी । पहली पत्नी का 2015 में बीमारी से निधन हाे गया। पहली पत्नी से कालू के एक बेटा भी है। दूसरी शादी उन्होंने 2017 में की, जिससे उन्हें डेढ़ साल की एक बेटी है। कालू ने बताया कि दाे शादी करने के बाद भी उन्हें सच्चा प्यार नहीं मिला है। इसकी कमी वे अपनी तरह प्यार में धोखा खाने वाले और पत्नी से प्रताड़ित लोगों को चाय में मिठास घोलकर पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चाय के पोस्टर भी कई जगह लगा दिए हैं, जिसे पढ़कर लोग दूर-दूर से उनकी दुकान पर आने लगे हैं।

पाकिस्तानी हिंदुओं पर इमरान सरकार के बाद कट्टरपंथियों का कहर, हमला कर घरों से खदेड़ा

इस्लामाबाद
पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं की स्थिति दिन-प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है। अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार के लिए बदनाम सिंध सूबे में हिंदू भील जाति के कई मकानों को स्थानीय सरकार ने तोड़ दिया। जब इस घटना का वीडियो वायरल हुआ तो सरकार को दबाव में कार्रवाई को रोकना पड़ा, लेकिन अब कट्टरपंथियों की भीड़ ने टूटे-फूटे घरों में रह रहे हिंदुओं को हमला कर खदेड़ दिया है।

पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता ने किया खुलासा

पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता राहत ऑस्टिन ने इस घटना का वीडियो ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि कुछ दिनों पहले ही सिंध सूबे के खीप्रो के प्रशासन ने हिंदू भील समुदाय के मकानों को ढहा दिया था। वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने कार्रवाई तो रोक दी, लेकिन कट्टरपंथियों की भीड़ ने गरीब-बेसहारा हिंदुओं पर हमला कर उन्हें खदेड़ दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस हमले में कई पुरुष, महिलाएं और बच्चे घायल भी हुए हैं।

अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार के लिए बदनाम है सिंध

पाकिस्तान का सिंध सूबा अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के लिए बदनाम है। इसी सूबे से पाकिस्तान में सबसे ज्यादा हिंदू और ईसाई लड़कियों के जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कर निकाह कराने की खबरें आती है। अक्टूबर में ही 13 साल की ईसाई लड़की आरजू राजा का 44 साल के एक अधेड़ कट्टरपंथी ने अपहरण कर लिया था। जिसके बाद उसने जबरदस्ती लड़की का धर्म परिवर्तन करवाया और उससे निकाह रचाई।

हर साल 1000 से ज्यादा लड़कियों का धर्म परिवर्तन

मानवाधिकार संस्था मूवमेंट फॉर सॉलिडैरिटी एंड पीस (MSP) के अनुसार, पाकिस्तान में हर साल 1000 से ज्यादा ईसाई और हिंदू महिलाओं या लड़कियों का अपहरण किया जाता है। जिसके बाद उनका धर्म परिवर्तन करवा कर इस्लामिक रीति रिवाज से निकाह करवा दिया जाता है। पीड़ितों में ज्यादातर की उम्र 12 साल से 25 साल के बीच में होती है। मानवाधिकार संस्था ने यह भी कहा कि आंकड़े इससे ज्यादा भी हो सकते हैं क्योंकि ज्यादातर मामलों को पुलिस दर्ज नहीं करती है। अगवा होने वाली लड़कियों में से अधिकतर गरीब तबसे से जुड़ी होती हैं। जिनकी कोई खोज-खबर लेने वाला नहीं होता है।

जून में भी हिंदुओं का कराया गया था धर्म परिवर्तन

जून के अंतिम हफ्ते में आई रिपोर्ट के अनुसार, सिंध प्रांत में बड़े स्तर पर हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराकर उन्हें मुस्लिम बनाए जाने का मामला सामने आया था। सिंध के बादिन में 102 हिंदुओं को जबरन इस्लाम कबूल कराया गया। हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ के मुताबिक इन लोगों में बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल थे।

रेलवे नें कैंसिल कर दी आज कई ट्रेनें, सफर से पहले चेक कर लें ये लिस्ट…!

नई दिल्ली: पंजाब में कई दिनों से चल रहे आंदोलन के कारण रेलवे ने आज भी कुछ ट्रेनों (indian railways) को रद्द करने का फैसला लिया है. इसके अलावा कुछ ट्रेनों का रूट भी डायवर्ट कर दिया है. उत्तर रेलवे की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक, नांदेड-अमृसर एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन और बांद्रा टर्मिनस-अमृतसर एक्सप्रेस को आंशिक रूप से रद्द किया है. इसके अलावा दो ट्रेनों के रूटों को भी डायवर्ट किया गया है. आप सफर करने से पहले चेक कर लें कहीं आपकी ट्रेन भी तो इस लिस्ट में शामिल नहीं है-

फार्मर बिल की वजह से कैंसिल हैं कई ट्रेनें

आपको बता दें किसान (Farmer agitation in Punjab) फार्मर बिल का विरोध कर रहे थे, जिसकी वजह से यह प्रदर्शन चल रहा था. 23 नवंबर को किसानों ने इस प्रदर्शन को खत्म करने का फैसला लिया है, लेकिन रेलवे ट्रैक पूरी तरह से खाली न होने की वजह से अभी कुछ दिनों तक ट्रेनें कैंसिल रहेंगी.

आंशिक रूप से रद्द ट्रेनें

02715 Nanded-Amritsar exp special train 28.11.20 को नई दिल्ली तक चलेगी. इस कारण 02716 Amritsar–Nanded exp special train 30.11.20 को नई दिल्ली से खुलेगी. NewDelhi-Amritsar-NewDelhi के बीच इसका परिचालन रद्द रहेग
02925 BandraTerminus–Amritsar exp 28.11.20 को चंडीगढ़ तक चलेगी. इस कारण 02926 Amritsar-Bandra Terminus exp. 30.11.20 को चंडीगढ़ से खुलेगी. Chandigarh-Amritsar-Chandigarh के बीच इसका परिचालन रद्द रहेगा.

डाइवर्ट ट्रेनें

02903 Mumbai Central-Amritsar express special 27.11.20 को वाया Beas–Tarntaran–Amritsar चलेगी जबकि 02904 Amritsar-Mumbai Central exp. 28.11.20 को वाया Amritsar–Tarntaran– Beas चलेगी.

04650/74 Amritsar-Jaynagar express special 29.11.20 को वाया Amritsar–Tarntaran–Beas चलेगी जबकि 04649/73 Jaynagar-Amritsar express special 27.11.20 को वाया Beas–Tarntaran–Amritsar चलेगी.

‘दिल्ली चलो’ निकाला गया

आपको बता दें कि दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस की तैनाती है. साथ ही तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है. केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च को देखते हुए दिल्ली मेट्रो सर्विस भी आंशिक रूप से प्रभावित है. दिल्ली में कई जगह मेट्रो स्टेशन बंद किए गए हैं.

सीएम ने ट्रैक खाली कराने के दिए आदेश

बता दें कि 21 नवंबर को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और प्रदर्शनकारी किसान संगठन के बीच बातचीत के बाद रेलवे ट्रैक खाली करने और रेल सेवा शुरू होने पर सहमति बनी थी. हालांकि, पंजाब के किसान संगठन ने 15 दिनों के लिए ही यात्री ट्रेन सेवा बहाल करने की सहमति दी थी.

आपको बता दें किसानों ने कहा है कि अगर इस कृषि बिल को वापस नहीं लिया गया तो वह एक बार फिर से आंदोलन करेंगे. पंजाब में लगभग 2 महीनों से ये आंदोलन चल रहा है.

लगातार चार हफ्तों से बाजार में बढ़त जारी, प्रमुख इंडेक्स ने बनाए तेजी के नए रिकॉर्ड

तेजी के लिहाज से नवंबर का महीना बाजार के लिए अबतक सबसे बेहतर रहा। बाजार लगातार चार हफ्तों से बढ़त के साथ बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स ने 44,825 और निफ्टी ने 13,145 के रिकॉर्ड स्तर को छुआ। दोनों इंडेक्स में रिकॉर्ड तेजी की बड़ी वजह रिकॉर्ड विदेशी निवेश और कोरोना वैक्सीन की खुशखबरी रही। बाजार की इस तेजी को बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों ने लीड किया। वहीं, BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप पहली बार 174 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा गया है।

बाजार ने बनाया नया रिकॉर्ड

चालू महीने में अबतक BSE सेंसेक्स 4,535 अंक (11.44%) और निफ्टी 1,326 अंक (11.38%) ऊपर बढ़े हैं। दूसरी ओर, 24 नवंबर को सेंसेक्स 44,523 पर और निफ्टी 13,055 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि, 25 नवंबर को कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स ने 44,825 और निफ्टी ने 13,145 को टच किया, जो इंडेक्स का सर्वोच्च स्तर है। बता दें कि, 30 अक्टूबर को सेंसेक्स 39,614 और निफ्टी 11,642 पर बंद हुआ था।

बैंकिंग शेयरों में रही तेजी

बाजार की बढ़त को बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों ने सपोर्ट किया। निफ्टी बैंक इंडेक्स शुक्रवार को 29,609 पर बंद हुआ, जो 30 अक्टूबर को 23,900 पर बंद हुआ था। यानी नवंबर माह में अबतक इंडेक्स 5,709 अंक (28.88%) ऊपर चढ़ा। BSE बैंक इंडेक्स में इंडसइंड बैंक का शेयर 46.49% ऊपर चढ़ा। वहीं, देश का सबसे बड़ा बैंक SBI का शेयर 29.10% ऊपर बंद हुआ। जबकि बजाज फानसर्व के शेयर ने नवंबर में अबतक 57% का रिटर्न दिया।

अप्रैल से सितंबर के दौरान FDI में 15% की बढ़ोतरी, 6 महीने में 30 बिलियन डॉलर का निवेश

दिग्गज शेयरों ने किया निराश

इस माह बाजार के टॉप-10 दिग्गज शेयरों में बैंकिंग शेयरों को छोड़ अन्य ने शेयरों निराश किया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर नवंबर में अबतक 6% नीचे गिरा। जबकि, टीसीएस और इंफोसिस के शेयरों में हल्की बढ़त रही। दूसरी ओर, एचडीएफसी बैंक का शेयर 21%, कोटक बैंक का शेयर 22.88% और बजाज फाइनेंस का शेयर 48.26% ऊपर चढ़ा।

अन्य कौन से सेक्टर्स में रही तेजी?

BSE डेटा के मुताबिक बैंकिंग सहित कैपिटल गुड्स, ऑटो, मेटल, पावर और रियल्टी सेक्टर्स में तेजी देखने को मिली। इसकी बड़ी वजह केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया राहत पैकेज है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 12 नवंबर को आत्मनिर्भर भारत अभियान 3 के तहत कुल 2.65 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान किया। इससे पहले सरकार प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) के तहत अलग-अलग सेक्टर्स के लिए 1.45 लाख करोड़ रुपए के प्रोत्साहन राशि देने की बात कही थी। नवंबर माह में सरकार की ओर से राहत पैकेज के चलते सेक्टोरियल तेजी दर्ज की गई।

मार्केट कैप में रिकॉर्ड बढ़त

25 नवंबर को BSE में लिस्टेड कंपनियों का टोटल मार्केट कैप भी पहली बार 175 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा था। इससे पहले 24 नवंबर को बाजार बंद होने के बाद टोटल मार्केट कैप 174.81 लाख करोड़ रुपए था। वहीं, 2 नवंबर को बाजार बंद होने के बाद कंपनियों का कुल मार्केट कैप 174.14 लाख करोड़ रुपए रहा, जो 30 अक्टूबर को 157.90 लाख करोड़ रुपए रहा था। यानी नवंबर माह में अबतक लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 16.24 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है।

मार्च के निचले स्तर से कितना सुधरा मार्केट

2020 में मार्च का महीना बाजार और निवेशकों के लिए बेहद बुरा साबित हुआ था। क्योंकि, बाजार में देशव्यापी लॉकडाउन के ऐलान के कारण भारी बिकवाली दर्ज की गई थी। 23 मार्च को निफ्टी 7,610 और सेंसेक्स 25,981 स्तर पर बंद हुआ था। 27 नवंबर को सेंसेक्स 44,149 पर और निफ्टी 12,968 पर बंद हुआ। यानी मार्च के निचले स्तर से सेंसेक्स 69.92% और निफ्टी 70.40% ऊपर आ गया है। निफ्टी बैंक इंडेक्स 23 मार्च के निचले स्तर 16,917 से 75% ऊपर 29,609 पर बंद हुआ है।

बाजार में तेजी की वजह

(1) भारी विदेशी निवेश – शेयर बाजार में तेजी की बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का भारी निवेश है। एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, इक्विटी मार्केट में FII ने नवंबर में अब तक 65.31 हजार करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया है। ऐतिहासिक रूप से जब से FII भारत में निवेश कर रहे हैं, यह किसी एक महीने में सबसे ज्यादा शुद्ध निवेश रहा। केवल 27 नवंबर के दिन निवेशकों ने बाजार में 7.71 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया।

(2) कोरोना वैक्सीन की खबर से झूमा बाजार – कोरोना महामारी के लिए वैक्सीन की सबसे पहली खुशखबरी 8 नवंबर को आई। जब अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर ने वैक्सीन की सफल ट्रायल की बात कही। पहली बार कंपनी ने बताया कि उसकी वैक्सीन 90% असरदार है। बाद में कंपनी ने ऐलान किया कि उसकी वैक्सीन 94% असरदार है। वैक्सीन की खबर के बाद दुनियाभर के बाजारों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली। अमेरिका, यूरोप सहित एशियाई बाजारों में शानदार तेजी रही है।

(3) अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव – महीने के शुरुआत में दुनियाभर के बाजारों में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का असर रहा। 3 नवंबर से चुनावी रुझानों में जो बाइडेन के बढ़त की खबर से वैश्विक बाजारों में शानदार तेजी रही। बाजारों में तेजी का सिलसिला हफ्ते भर चला। उसके बाद वैक्सीन की खबर ने बाजार की तेजी को सपोर्ट किया।

कुल मिलाकर शेयर बाजार के लिए नवंबर माह अबतक अच्छा रहा। लेकिन, क्या बाजार की तेजी आगे भी रहेगी? इसका जवाब हां है। क्योंकि, आगे भी बेहतर आर्थिक आंकड़ों से बाजार को सहारा मिलेगा। 27 नवंबर को दूसरी तिमाही के आंकड़े जारी हुए, जो -7.5% रहा। यह पहली तिमाही के 23.9% की तुलना में बेहतर है।

आगे भी तेजी का अनुमान

अब अगले हफ्ते नवंबर माह के ऑटो सेल, GST कलेक्शन सहित अन्य आंकड़े जारी किए जाएंगे। अनुमान के मुताबिक आने वाले आंकड़े पॉजिटिव रहेंगे। क्योंकि इसे फेस्टिव सीजन का सपोर्ट मिला है। रिलायंस सिक्युरिटीज के मुताबिक ऑटो सेल में मारुति सबसे बेहतर आंकड़े पेश करेगी।

क्या बिहार में बन रहे नए समीकरण: राज्यसभा उपचुनाव में LJP ने रीना पासवान को उतारा तो, आरजेडी का मिल सकता है साथ

पटना
बिहार की एक राज्यसभा सीट (Bihar Rajya Sabha Byelection) पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। इसी के साथ सवाल उठ रहे हैं कि क्या सूबे में नए राजनीतिक समीकरण में बनने जा रहे हैं? ऐसा इसलिए क्योंकि लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के नेतृत्व वाले आरजेडी ने बड़ा फैसला लिया है। बताया जा रहा कि पार्टी ने फैसला लिया है कि अगर लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) की ओर से रामविलास पासवान (Ram Vilas paswan) की पत्नी रीना पासवान को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया जाता है तो आरजेडी उनका बिना शर्त समर्थन करेगी।

पासवान की सीट पर पत्नी रीना पासवान के दावेदारी की थी चर्चा

राज्यसभा की ये सीट एलजेपी संस्थापक रामविलास पासवान के निधन से खाली हुई है। पहले ये चर्चा थी कि एनडीए की ओर से एक बार फिर ये सीट एलजेपी को दी जा सकती है। चर्चा ये भी थी कि इस सीट पर पासवान की पत्नी की रीना पासवान को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। लेकिन जिस तरह से एलजेपी के विधानसभा चुनाव में बिहार एनडीए से अलग अकेले विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला लिया, उसके बाद बीजेपी ने राज्यसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया।

आरजेडी ने एलजेपी नेतृत्व से कहा- रीना पासवान को बनाएं उम्मीदवार
बीजेपी ने इस सीट के लिए पार्टी के दिग्गज नेता सुशील कुमार मोदी का नाम घोषित किया है। बीजेपी की ओर से उम्मीदवार का ऐलान होने के अगले ही दिन आरजेडी ने एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान से उम्मीदवार उतारने की अपील की है। इसमें कहा गया कि चिराग पासवान अपनी मां रीना पासवान को राज्यसभा उपचुनाव में अपनी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर उतारें। आरजेडी प्रवक्ता और पूर्व विधायक शक्ति सिंह ने शनिवार को टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत कहा, ‘आरजेडी को दृढ़ता से लगता है कि स्वर्गीय रामविलास पासवान बिहार के एक बड़े नेता थे। अगर एनडीए ने उनकी पत्नी रीना पासवान को उनकी मौत के कारण खाली हुई राज्यसभा सीट के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया होता, तो यह उनके लिए श्रद्धांजलि होती। लेकिन बीजेपी ने सुशील मोदी को चुना।’

एलजेपी के उम्मीदवार नहीं उतारने पर आरजेडी घोषित करेगी कैंडिडेट
फिलहाल इस मामले में लोक जनशक्ति पार्टी नेतृत्व को अभी फैसला लेना बाकी है। आरजेडी के एक नेता ने कहा कि अगर एलजेपी इस पर फैसला करने में असफल रहती है, तो महागठबंधन राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार उतारेगा। इस मामले में रामविलास पासवान के दामाद अनिल साधु, जो आरजेडी के एससी/एसटी सेल के प्रमुख हैं, उनके नाम पर भी विचार किया जा रहा है। राज्यसभा का उपचुनाव 14 दिसंबर को होना है।

चिराग पासवान ने कहा- बीजेपी उम्मीदवार चयन के लिए पूरी तरह स्वतंत्र
दूसरी ओर राज्यसभा उपचुनाव में
बीजेपी की ओर से तवज्जो नहीं दिए जाने के बाद लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने शनिवार को कहा कि यह सीट भगवा पार्टी की है और उम्मीदवार के चयन के लिए वह पूरी तरह स्वतंत्र हैं। इस सीट पर महागठबंधन उम्मीदवार नहीं उतारता है तो सुशील मोदी का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। विपक्ष की ओर से उम्मीदवार उतारे जाने की स्थिति में 14 दिसम्बर को चुनाव होगा। चिराग ने ये बातें अपनी पार्टी के 20वें स्थापना दिवस पर एक कार्यक्रम में कही हैं।

केबीसी के द्वारा अमिताभ बच्चन, पर लगा हिंदु धर्म को ठेस पहुंचाने का आरोप

बॉलीवुड के महानायक कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन के होस्ट करने के अनूठे अंदाज की वजह से कौन बनेगा करोड़पति ऐसा शो है, जो हर ऐज ग्रुप में पॉपुलर है, हालांकि केबीसी के इस सीजन में टीआरपी को लेकर काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, इसके साथ ही कई कानूनी झमेलों में भी ये शो और इससे संबंधित लगातार उलझते जा रहे हैं, इसी क्रम में धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में अमिताभ बच्चन समेत 7 लोगों के खिलाफ मुजफ्फरपुर कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है।

क्या है मामला

जानकारी के मुताबिक सिकंदरपुर निवासी आचार्य चंद्रकिशोर पराशर ने गुरुवार को सीजेएम कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया है, जिसमें सुपरस्टार अमिताभ बच्चन, एक टीवी क्विज शो के निर्देशक अरुणेश कुमार, राहुल वर्मा, टीवी चैनल के अध्यक्ष मनजीत सिंह, सीईओ एनपी सिंह और कंटेस्टेंट बेजवाड़ा विल्सन समेत 7 को नामजद किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक परिवाद पर अगली सुनवाई के लिये तीन दिसंबर की तिथि तय की गई है, इसमें आरोप लगाया गया है कि शो के दौरान कंटेस्टेंट से धर्मशास्त्र से संबंधित एक सवाल पूछा गया, सवाल और ऑप्शन में दिये गये उत्तर आपत्तिजनक थे, इससे धार्मिक भावना को ठेस पहुंची है।

हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस

चंद्रकिशोर पराशर ने आरोप लगाया है कि तीस अक्टूबर को अपने आवास पर कौन बनेगा करोड़पति के सीजन 12 के एपिसोड को देख रहे थे, कार्यक्रम में होस्ट महानायक अमिताभ थे, दूसरी ओर जवाब देने के लिए विल्सन बैठे थे। वे सारे सवालों का जवाब सोच समझ कर दे रहे थे। हर सवाल के बीच-बीच में अमिताभ और विल्सन हंसी मजाक कर रहे थे, एपिसोड के बीच में अमिताभ ने कंटेस्टेंट से 64 लाख रुपये का सवाल पूछा था, उस सवाल से हिंदू भावना को ठेस पहुंची है।

क्या था सवाल
आपको बता दें कि तीस अक्टूबर को प्रसारित शो में अमिताभ ने सवाल पूछा था कि 25 दिसंबर 1927 को भीमराव अंबेडकर के अनुयायियों ने किस धर्मग्रंथ की पर्चियां जलाई थी, इसके विकल्प दिये गये थे ए में विष्णुपुराण, बी भगवत गीता, सी ऋगवेद और डी मनुस्मृति। इसी सवाल को लेकर वादी चंद्रकिशोर परासर ने परिवाद में कहा है कि जान बूझकर हिंदू भावना को ठेस पहुंचाने के लिये शो में इस तरह के सवाल को सेट किया गया, इसे हिंदू भावना को आघात पहुंचता है, कोर्ट 3 दिसंबर को इस पर फैसला करेगी, कि ये परिवाद मुकदमा का रुप लेगी या नहीं।

Google Assistant में दिए हैं ये सीक्रेट फीचर्स, जान गए तो कई काम होंगे आसान 


आज हम आपको यहां Google Assistant के ऐसे ही कुछ सीक्रेट फीचर्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें जानने के बाद कई चीजें आसान हो जाएंगी.


नई दिल्ली. Google Assistant प्लेटफॉर्म पर कई ऐसे फीचर्स मौजूद हैं, जिनसे इंटरनेट सर्फिंग बहुत आसान हो गई है. कुछ समय पहले ही कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए Google ने कोविड-19 से जुड़े नए अपडेट जारी किए थे. इसके साथ ही Google Assistant Dirving मोड को भी जारी करने का ऐलान किया था. इसी तरह के और भी कई फीचर हैं जिनकी यूजर को जानकारी नहीं होती है. आज हम आपको यहां गूगल असिस्टेंट के ऐसे ही कुछ सीक्रेट फीचर्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें जानने के बाद कई चीजें आसान हो जाएंगी.

Google Assistant Driving मोड

इस फीचर के चलते अब ड्राइविंग करते हुए बार-बार ड्राइवर को फोन की स्क्रीन पर नही देखना होगा. मतलब ड्राइविंग करते हुए ड्राइवर वॉयस कमांड से कॉल को रिसीव और रिजेक्ट कर पाएंगे. साथ ही मैसेज भी भेज पाएंगे. इसके अलावा Google असिस्टेंट ड्राइवर को फोन पर आने वाली इनकमिंग कॉल की जानकारी उपलब्ध कराएगा.

Google Assistant Lens

गूगल असिस्टेंट में दिया गया असिस्टेंट लैंस का फीचर बेहद खास है. इस फीचर के जरिये यूजर्स किसी भी वस्तु यानी सामान की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. कई बार ऐसा होता है कि आपके सामने कोई वस्तु रखी होती है और आपको उसका नाम पता नहीं होता है तो आपको किसी व्यक्ति से उसके बारे में पूछने की जरूरत नहीं है. गूगल असिस्टेंट लैंस का उपयोग कर आप आसानी से उसके बारे में पता लगा सकते हैं.

Google Interpreter Mode
कुछ लोगों को विभिन्न भाषाओं को पढ़ने का शौक होता है और वे उसका मतलब जानना चाहते हैं. किसी भी भाषा को ट्रांसलेट करने के लिए उन्हें गूगल ट्रांसलेटर की जरूरत नहीं है. वे गूगल असिस्टेंट के इंटरप्रेटर मोड का उपयोग कर आसानी से भाषा को ट्रांसलेट कर सकते हैं. इसका इस्तेमाल करने के लिए यूजर को गूगल इंटरप्रेटर मोड की कमांड देनी होगी. उसके बाद ट्रांसलेटर बॉक्स ओपन हो जाएगा. अब वे कमांड देकर ट्रांसलेट कर सकते हैं.