दिल्ली में चुनावी सरगरमियां तेज

दिल्ली विधानसभा चुनाव में सत्ता की जंग तेज होती जा रही है. बीजेपी की और से चुनाव प्रचार की कमान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संभाल ली है तो आम आदमी पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मोर्चा संभाले हुए हैं. केजरीवाल सोमवार को तीन रोड शो कर रहे हैं तो बीजेपी की अमित शाह दो और जेपी नड्डा तीन रैलियों को संबोधित करेंगे.

गांधी नगर में केजरीवाल की रैली

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नरेला, बवाना और गांधी नगर विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में रोड शो करेंगे. केजरीवाल सोमवार को चुनाव प्रचार की शुरुआत नरेला सीट से करेंगे. पहला रोड शे सुबह दस बजे नरेला और फिर 11 बजे बवाना में करेंगे. इसके बाद आखिर में शाम को पूर्वी दिल्ली की गांधी नगर सीट पर रोड शो करेंगे.

वहीं, बीजेपी की ओर से चुनाव प्रचार की कमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संभाल ली है. शाह सोमवार को दिल्ली में नुक्कड़ सभाओं के जरिए बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने की कवायद करेंगे.अमित शाह शाम चार बजे रिठाला विधानसभा सीट पर जनसभा को संबोधित करेंगे. यह रैली बुद्ध विहार के शमशान घाट रोड पर मदर डेरी के पास होगी. इसके बाद शाम छह बजे जनकपुरी विधानसभा सीट पर रैली को संबोधित करेंगे.

केवल 7 दिनों तक खाली पेट खाएं पके हुए अमरूद, हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी यह 4 बीमारियां

अमरूद हमारे देश का एक प्रमुख फल है. हल्के हरे रंग का अमरूद खाने में मीठा होता है इसके अंदर सौकड़ों की संख्या में छोटे-छोटे बीज होते हैं। अमरूद बेहद आसानी से मिल जाने वाला फल है. लोग घरों में भी इसका पेड़ लगाते हैं। अमरूद में मौजूद विटामिन और खनिज शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाने में मददगार होते हैं साथ ही ये इम्‍यून सिस्‍टम को भी मजबूत बनाता है।
अमरूद खाने की सलाह डॉक्‍टर भी देते हैं। अमरूद अनेक पोषक तत्वों का भंडार है जो अनगिनत बीमारियों से मानव के शरीर की रक्षा करता है। तो आइये हम भी जानें इसके कुछ स्वास्थ्य सम्बंधित लाभ जिन्हें पढ़ कर आप भी यह बोल उठेंगे कि अमरूद एक चमत्कारी फल से कम नहीं है।

विटामिन ए आंखों को स्वस्थ रखने का काम करता है। अमरूद में पाए जाने वाले पोषक तत्व मोतियाबंद बनने की संभावना को कम करते है। इसे खाने से कमजोर आंखों की रोशनी बढऩे लगती है।
फल के साथ ही अमरूद की पत्तियों का सेवन मुंह के छालों को दूर करने में कारगर होता है।
स्कर्वी एक प्रकार का रक्तरोग होता है जो शरीर में विटामिन सी की कमी की वजह से होता है और शरीर में विटामिन सी की पूर्ति करना ही इसका एकमात्र इलाज है। चूँकि अमरूद विटामिन सी की मात्रा में संतरे का भी बाप है, यह ना केवल स्कर्वी को होने से रोकता है अपितु स्कर्वी होने पर जल्द से जल्द उससे अलविदा कहने में मदद करता है।
अमरूद में मौजूद लाइकोपीन नामक फाइटो न्‍यूट्र‍िएंट्स शरीर को कैंसर और ट्यूमर के खतरे से बचाने में सहायक होते हैं।

माथे की बनावट से जान सकते हैं व्यक्ति का स्वभाव | JYOTISH TIPS


हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र (Palmistry astrology) के अध्ययन से हथेली पर बनने वाली रेखाओं और अलग-अलग तरह के निशानों से व्यक्ति के भविष्य और स्वभाव के बारे में जानकारियां प्राप्त की जाती हैं। इसके अलावा माथे की बनावट (Forehead texture) को देखकर भी व्यक्ति के स्वभाव के बारे में बताया जाता है। माथे की लकीरों और बनावट को देखकर आप जान सकते हैं कि कौन ज्ञानी होगा, कौन धनी या आर्थिक रूप से परेशान रहेगा। आइए जानते हैं माथे की बनावट से व्यक्ति का भाग्य और स्वभाव कैसा होता है। 

समुद्रशास्त्र के अनुसार (According to Smudrashastr) जिस किसी के माथे का आकार बड़ा होता है वह व्यक्ति बहुत ही तेज दिमाग का होता है। ऐसा व्यक्ति अपनी कुशलता और चालाकी से अपनी हर बात दूसरों से मनवा लेता है। ऐसे व्यक्ति को प्रशासनिक सेवा (administrative Services) में काम करने को मिलता है।

समुद्रशास्त्र के अनुसार जिन लोगों का सिर के साथ माथा भी बड़ा होता है वह बहुत ही बुद्धिमान होते हैं। ऐसे व्यक्ति ज्ञानी होने के साथ कई विषयों के जानकार हो सकते हैं।

जिस किसी का माथा पतला होता है वह व्यक्ति स्वभाव से काफी भावुक होता है। ऐसा व्यक्ति अपनी बुद्धि और विवेक का इस्तेमाल दूसरे के कहने पर करता है।

जिस व्यक्ति का सिर चिकना और चमकीला होता है वह प्रतिभाशाली और गुणवान होते हैं। ऐसे व्यक्ति अपनी प्रतिभा और ज्ञान से धन संपत्ति अर्जित करते हैं।

माथे पर रेखाएं भी बनी हुई होती है जिस किसी के माथे की रेखाएं जिनकी गहरी और अटूट होती है वह लंबे समय तक जीवित रहता है। ऐसे व्यक्ति दार्शनिक और गहरी सूझबूझ रखने वाले होते हैं।

जिस किसी का माथे आगे की तरफ निकला हुआ होता है वह बहुत ही भाग्यशाली और तीव्र बुद्धिवाला व्यक्ति होता है।

पेट में गैस बनने के 2 बड़े कारण जो आपको करती है बेहद परेशान

आज के खानपान से लोगों में गैस की समस्या आम बात हो गई है। क्योंकि आजकल लोग अपने काम में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि खाने का सही ढंग से ख्याल नहीं रखते। जिससे उनके पेट में खाना सही से पच नहीं पाता है और आगे चलकर ये गैस का रूप ले लेता है। तो आज मैं आपको उन्हीं दो बड़े कारणों के बारे में बताने वाली हूं जिससे पेट में गैस बनना शुरू हो जाता है और आप बेहद परेशान हो जाते हैं।

1) मसाले वाले भोजन का सेवन- सबसे बड़ा कारण यह है कि आजकल के लोग तेल मसाले वाली चीजें खाना ज्यादा पसंद करते हैं। और बाहर की चटपटी चीजों को बड़ा ही आनंद लेकर खाते हैं। लेकिन बाहर की चीजें ना तो स्वच्छ होती है और ना ही शुद्ध होती है। इसमें लाल मिर्ची भी ज्यादा उपयोग किया जाता है। इस कारण ज्यादा मसाला खाने से पेट में मरोड़ उठती हैं गैस भी बनने लगती है।

2) फ़ास्ट फ़ूड का सेवन- आजकल लोगों में पिज्जा बर्गर और पास्ता और फास्ट फूड जैसी कई चीज खाने की होड़ लगी रहती है। लेकिन यह जंक फूड बेहद ही हानिकारक होता है। इनके अंदर तेल, घटिया क्वालिटी वाले मसाले और लाल मिर्च भरपूर मात्रा में डालते हैं। जिसकी वजह से पेट में गैस का बनाना स्वावाविक हैं।

गैस को दूर भगाने के लिए रात को सोते समय इस चीज़ का सेवन करें-

एक चुटकी अजवाइन में एक चुटकी काला नमक मिलाकर खाएं और ऊपर से एक गिलास गर्म पानी पीलें। ये नुस्खा बहुत कारगर है।

विजयवर्गीय ने इस तरह बताई दिग्विजय और सिंधिया की हैसियत

मध्यप्रदेश में समझ ही नही आता मुख्यमंत्री कौन है? दिल्ली में लोग मुझसे पूछते है कि एमपी का सीएम कौन है तो, मैं कहता हूं- दिग्विजय नाथ सिंधिया…। यह कहना है, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का।

राजधानी भोपाल में कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित एक सम्मेलन में विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए ऐसा कहा। इस सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को ‘लक्ष्य हमारा – मोदी दोबारा’ का नारा भी दिया गया।

शनिवार को एक मॉल में संयोजक पालक एवं बूथ समिति कार्यकर्ता सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को एकजुटता से चुनाव में जुटने का संकल्प भी दिलाया गया। इस तरह कहा जा सकता है कि, सम्मेलन का उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं में हो रहे बिखराव और शुरु हुई कथित गुटबाजी को रोकना था।

किंतु, राष्ट्रीय स्तर के नेता विजयवर्गीय द्वारा कांग्रेस पर किए गए इस कटाक्ष ने प्रदेश के अन्य तमाम बड़े व प्रभावशाली नेताओं की मेहनत पर पानी फेर दिया। सूत्रों की मानें तो उनके इस कथन से पार्टी हतप्रभ है।

मालूम हो कि भाजपा के कई बड़े नेता यह साबित करने में लगे हैं कि, कांग्रेस में वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भेदभाव किया जा रहा है लेकिन विजयवर्गीय के कथन से साबित होता है कि मप्र की कमलनाथ सरकार में सिंधिया और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की हैसियत किसी मुख्यमंत्री से कम नहीं।

मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी, 29 जनवरी को इन सभी राज्य में होगी बारिस

आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से मौसम साफ है लेकिन आने वाले कुछ दिनों के बाद मौसम में बदलाव होने वाला है।मौसम से जुड़ी जानकारी देने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक उत्तर भारत की तरफ एक नया पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है, इसके अलावा राजस्थान और इससे सटे भागों पर एक सर्कुलेशन भी बना हुआ है। ये सिस्टम पूरे उत्तर भारत को प्रभावित करने वाले हैं और इन सिस्टमों के प्रभाव के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की पहाड़ियों पर हल्की बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है।

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश पर आंशिक तौर पर इन सिस्टमों के कारण बादल आ सकते हैं मगर मौसम शुष्क रहेगा और राजस्थान में एक या दो जगहों पर हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।वहीं दिल्ली के अनेक राज्य में भी 29 जनवरी को मौसम मैं बदलाव देखा जा सकता है तथा कुछ इलाकों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है।

छत्तीसगढ़ में भी 28 जनवरी को कुछ इलाकों में बूंदाबांदी तथा कुछ इलाकों में धुंध पड़ने के आसार मौसम विभाग द्वारा दिए गए हैं,वही समुद्री इलाकों में हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलने के असार मौसम विभाग द्वारा चलाए जा रहे हैं।

अपराध / दोस्तों की महंगी बाइक मांग कर ले जाते, फिर सिकलीगर से उन्हीं की डुप्लीकेट चाबी बनाकर हफ्तेभर में चुरा लेते थे

इंदौर. लसूिड़या पुलिस ने एक ऐसी वाहन चोर गैंग को पकड़ी है जो चोरी के पहले हर गाड़ी की डुप्लीकेट चाबी बनाती थी। हरदा के चोर पहले दोस्तों की महंगी बाइक मांग कर ले जाते, फिर सिकलीगर से उन्हीं की डुप्लीकेट चाबी बनाकर हफ्तेभर में चुरा लेते थे। चोरी के लिए इन्होंने गैंग में 4 सिकलीगरों को शामिल कर रखा था। चोरी करने वाले वाहन की जानकारी देकर सिकलीकरों से डुप्लीकेट चाबी बनवा लेेते थे तो कई बार सकलीगर को ही स्पॉट पर ले जाकर बाइक दिखा देते थे। वे मोबाइल पर स्पेशल कोड में बात करते थे।
लसूड़िया टीआई संतोष दूधी के अनुसार पकड़ाए बदमाश स्कीम नंबर 78 निवासी सूरज पिता इंद्रापाल जाटवा, हरदा के ग्राम बीड़ का किशन पिता सेवादास शर्मा, वहीं का सूरज पिता सोहनलाल शर्मा, स्कीम नंबर 114 का अमर सिंह पिता कैला पंचवारिया, कुख्यात सिकलीगर चन्दन सिंह पिता सुरजीत सिंह निवासी बाबूलाल नगर, उसका भाई कुंदन सिंह, छोटा भाई गोलू सिंह और निरंजपुर नई बस्ती का सिकलीगर राहुल पिता भगवान सिंह है। इन्हें पकड़ने के लिए एसआई अफसर अंसारी, आरक्षक राजकुमार चौबे, श्याम पटेल और सुरेंद्र यादव ने एक हफ्ते तक खासी मशक्कत की है। सबसे पहले सिकलीगर चन्दन सिंह को पकड़ा तो उसने कबूला हरदा का किशन शर्मा और सूरज शर्मा चाबी उससे चाबी बनवाते थे। वे अधिकांश गाड़ियां पार्किंग से चुराते और उन्हें ऐसे स्टार्ट करते थे जैसे खुद मालिक हो। फिल पुलिस ने किशन शर्मा को पकड़ा तो उसने पूरी गैंग के नाम कबूले। आरोपियों से 11 बाइक बरामद हुई है, जो बेचने के लिए एक मल्टी की पार्किंग में रखी थी। इन्होंने विजय नगर, लसुड़िया, एमजी रोड सहित अन्य क्षेत्र में महंगी बाइकें चुराई है।

शुरुआत दोस्तों की बाइक से की
आरोपियों ने पहले अपनी गैंग में 4 सिकलीगरों को शामिल किया। चोरी करने की शुरुआत अपने ही दोस्तों की बाइक से की। फिर अपने 3-4 दोस्तों की महंगी बाइक मांगकर ले गए। सिकलीगरों से उनकी डुप्लीकेट चाबी बनवाई। फिर दोस्तों को उनकी बाइक वापस दे दी। हफ्तेभर बाद उन्हीं दोस्तों की रैकी कर उनकी बाइकों को चाबी लगाकर चुरा ले गए। जब उनके हौंसले बढ़े तो दूसरी गाड़ियां भी चुराने लगे। फिर फोन पर जानकारी देकर सिकलीगरों से संबंधित बाइक की चाबी बनवा लेते तो कई बार सिकलीगरों को साथ लेजाकर ही बाइक दिखा देते थे। सिकलीगरों के पास चाबी बनाने की मशीनें भी मिली है। ये लोग आपस में कोड वड में बात करते थे, जैसे चोरी होने के बाद वे फतेह शब्द का इस्तेमाल करते थे।

एसईई में कश्मीरी पंडितों व कश्मीरी हिंदुओं को भी मिलेगा कोटे का लाभ

कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के साथ ही वहां के युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर दिलाने की कवायद भी तेज हुई है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने उच्च शिक्षण संस्थानों व तकनीकी शिक्षण संस्थानों में कश्मीरी विस्थापितों के साथ-साथ कश्मीर में रहने वाले कश्मीरी पंडितों व कश्मीरी हिंदुओं को भी पूर्व में दिए जा रहे कोटे का लाभ देने को कहा है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) सत्र 2020-21 के लिए होने जा रही राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) में इसे लागू करने जा रहा है।

एकेटीयू प्रदेश के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी संस्थानों में प्रवेश के लिए एसईई का आयोजन करता है। इसके बाद प्रवेश में कश्मीरी माइग्रेंट कोटे के तहत प्रत्येक तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षण संस्थान में मेरिट पर इन्हें एक सीट आवंटित किया जाता है। इन्हें प्रवेश परीक्षा में भी शामिल नहीं होना होता है। प्रवेश से पहले आवेदन लेकर मेरिट के आधार पर इन विद्यार्थियों को कोटे के तहत प्रवेश दिया जाता है। इसके लिए उन्हें अपना निवास प्रमाण पत्र देना होता है।

अब इसी कोटे में कश्मीर में रहने वाले कश्मीरी पंडितों व कश्मीरी हिंदुओं को भी लाभ दिया जाएगा। अभी तक यह लागू नहीं था। एमएचआरडी ने स्पष्ट किया है कि इसके लिए अलग से कोई कोटा लागू नहीं किया जाएगा। एकेटीयू की केंद्रीय प्रवेश समिति की बैठक में मंत्रालय के इस निर्देश को नए सत्र के प्रवेश में लागू करने का निर्णय किया गया है। एसईई समन्वयक प्रो. विनीत कंसल ने कहा कि कश्मीरी माइग्रेंट की तरह ही इस कोटे का लाभ लेने वाले विद्यार्थियों को अपना स्थायी निवास प्रमाण पत्र देना होगा। 

लेह-लद्दाख पर निर्देश का इंतजार
अनुच्छेद 370 समाप्त किए जाने के बाद कश्मीर और लेह-लद्दाख अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश हो गए हैं। ऐसे में लेह-लद्दाख के विद्यार्थियों को भी इस कोटे का लाभ मिलेगा या नहीं, इस पर एकेटीयू को मंत्रालय के निर्णय का इंतजार है। एकेटीयू प्रशासन का कहना है कि मंत्रालय का जो भी निर्णय होगा, उसे लागू किया जाएगा।

कल से शुरू होंगे आवेदन
एसईई के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 27 जनवरी को दोपहर 2 बजे से शुरू होकर 15 मार्च तक चलेगी। प्रवेश परीक्षा 10 मई को होगी। प्रवेश आवेदन शुल्क दिव्यांगजन, सभी वर्ग की महिला अभ्यर्थियों, एससी-एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 650 रुपये व अन्य सभी वर्ग के लिए 1300 रुपये है।

पीएम मोदी ने तोड़ी 48 साल पुरानी परंपरा, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गणतंत्र दिवस पर 48 साल पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए एक नई परंपरा का आगाज किया है। दरअसल, पीएम मोदी युद्धवीरों की शहादत को सलाम करने के लिए इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति नहीं गए, बल्कि हाल ही में नवनिर्मित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।   

यह पहला मौका है जब प्रधानमंत्री अमर जवान ज्योति की जगह युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने गए। इस मौके पर देश के पहले सीडीएस के अलावा तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने उनकी अगवानी की।

1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के शहीदों की याद में अमर जवान ज्योति की इंडिया गेट पर 1972 में तैयार किया गया था। पहले तीनों सेनाओं के प्रमुख स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस या अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि दिया करते थे। इस बार पहली बार सीडीएस भी गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा ले रहे हैं। गौरतलब है कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने एक जनवरी को सीडीएस का पदभार ग्रहण किया है। 

‘अमर जवान ज्योति’ पर एक झुकी हुई बंदूक के ऊपर जवान का हेलमेट रखा हुआ है तथा उसके नीचे निरंतर ज्योति जलती रहती है। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहीद हुए जवानों की याद में इंडिया गेट के नीचे 1972 में इसका निर्माण किया गया था।

तकरीबन 40 एकड़ क्षेत्र में फैले राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में चार चक्र ‘अमर चक्र’, ‘वीरता चक्र’, ‘त्याग चक्र’ और ‘रक्षक चक्र’ हैं जिन पर ग्रेनाइट के पत्थरों पर स्वर्ण अक्षरों से 25,942 जवानों के नाम लिखे हैं।

इसमें 15.5 मीटर ऊंचा एक स्मारक स्तंभ, निरंतर जल रही ज्योति और कांस्य के छह भित्ति चित्र हैं जो भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना द्वारा लड़ी गई प्रसिद्ध लड़ाइयों को दर्शा रहे हैं।

यह स्मारक 1962 में भारत-चीन युद्ध, 1947,1965 और 1971 में भारत-पाक युद्ध, श्रीलंका में भारतीय शांति रक्षा बल के अभियानों और 1999 में कारगिल युद्ध तथा संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा अभियानों के दौरान शहीद जवानों को समर्पित है।

42 मीटर ऊंचा इंडिया गेट प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) और तीसरे एंग्लो-अफगान युद्ध (1919) में मारे गए जवानों के सम्मान में ऑल इंडिया वॉर मेमोरियल आर्च के रूप में ब्रिटिश राज के दौरान बना था।