मास्क नहीं लगाया तो 3 दिन Corona वालंटियर बनना पड़ेगा, ग्वालियर कलेक्टर का आदेश 

मध्य प्रदेश में COVID-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए चल रहे ‘किल कोरोना’ अभियान (Kill corona campaign) के बीच ग्वालियर कलेक्टर ने नया आदेश जारी किया है.

ग्वालियर में मास्क के बगैर बाहर निकले तो जुर्माने के साथ-साथ वॉलंटियर के रूप में करना होगा काम.

ग्वालियर. मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस महामारी का संक्रमण रोकने के लिए राज्य सरकार ‘किल कोरोना’ अभियान (Kill corona campaign) चला रही है. इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस-प्रशासन को वायरस का संक्रमण रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं. इसी क्रम में ग्वालियर जिले के कलेक्टर (Gwalior Collector) ने आज नया आदेश जारी किया. इस आदेश में कहा गया है कि बिना मास्क पहने अगर कोई व्यक्ति पकड़ा जाता है, तो उसे 3 दिन कोरोना वालंटियर (Corona Volunteer) के रूप में काम करना होगा. COVID-19 संक्रमण रोकने को लेकर दिए गए इस आदेश के तहत कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा है कि कोरोना प्रोटोकॉल तोड़ने वालों पर न सिर्फ जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उन्हें अस्पताल या अन्य जगहों पर जाकर सेवा करनी होगी. ‘किल कोरोना’ अभियान के तहत अधिकारियों के साथ सोमवार को बैठक के दौरान कलेक्टर ने यह आदेश जारी किया.

ग्वालियर के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने अपने आदेश में कहा है कि इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने वालों को 3 दिन के लिए कोरोना वालंटियर के रूप में काम करना होगा. प्रशासन क्षमता के अनुरूप ऐसे वालंटियर्स की ड्यूटी जिला प्रशासन के चेकपोस्ट, अस्पताल और दूसरे संस्थानों में लगा सकेगा. कलेक्टर ने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिले में सख्ती बरतना आवश्यक हो गया है. ग्वालियर में शनिवार-रविवार को एक ही दिन में 120 मरीज मिलने से प्रशासन सकते में है. कोरोना के कम्युनिटी स्प्रेड का खतरा देखते हुए प्रशासन ने संक्रमण की रोकथाम के लिए सोमवार से यह नया प्रयोग लागू करने का फैसला किया है.

गोविंद सिंह ने कहा सिंधिया समर्थक को न मिले राजस्व विभाग तो विश्नोई बोले कोई विभाग न दें

भोपाल । अनुशासन और आपसी सामंजस्य के लिए पहचानी जाने वाली भाजपा को इस बार की सरकार भारी पड़ रही है । लंबी कबायद के बाद जैसे- तैसे शिवराज सिंह ने अपने मन्त्रिमण्डल का विस्तार तो कर लिया लेकिन चार दिन बीतने के बावजूद विभागों का बंटवारा नही हो पा रहा है । विभागों की खींचतान भाजपा और सिंधिया के बीच चल रही थी कि अब इसमें कांग्रेस के अलावा भाजपा में मन्त्री बनने से वंचित नेता भी कूद पड़े है । कांग्रेस का कहना है सिंधिया तमाम जमीन हड़पना चाहते है इसलिए उनके समर्थक को राजस्व विभाग न दिया जाए जबकि भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहाकि उप चुनाव जीतने तक सिंधिया समर्थक किसी भी मन्त्री को विभाग ही नही दिया जाए । 

भारतीय जनता पार्टी ज्योतिरादित्य सिंधिया पर जमीन हथियाने के आरोप  पूरे जोर शोर से लगाती रही है । भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने तो ग्वालियर,भोपाल,गुना आदि में बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर श्री सिंधिया को भूमाफिया तक कह दिया था । स्वयं शिवराज सिंह ने शिवपुरी में बाकायदा एक विशाल रैली करके हाथ मे कागज लहराते हुए कहा था कि सिंधिया ने हजारों करोड़ की भूमि कांग्रेस सरकार में हथिया ली ।

अब वही आरोप कांग्रेस लगा रही है । अटकलें  है कि सिंधिया राजस्व विभाग अपने किसी समर्थक को दिलाने पर अड़े हैं । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने कल भोपाल में बड़ा बयान दिया । उंन्होने कहाकि सिंधिया समर्थक किसी मन्त्री को राजस्व विभाग न दिया जाए।

उनका आरोप है कि ग्वालियर में  शासकीय जमीन पर गजट नोटिफिकेशन के बावजूद सिंधिया ने करोड़ों की जमीन गलत तरीके से परिवार और ट्रस्ट के नाम एलॉट करा ली हैं । अगर राजस्व विभाग दे दिया तो वे उन पर दबाव बनाकर और जमीनें हड़प लेंगे । उंन्होने कहाकि सिंधिया परिवार सिर्फ सरकारी जमीन हड़पने के लिए दोनों दलों में मिला रहता था ।

उधर कांग्रेस ही नही भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के भी निशाने पर सिंधिया हैं । भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ अजय विश्नोई मन्त्री न बन पाने से खफा है । आज उंन्होने कहाकि सिंधिया समर्थक किसी भी मन्त्री को कोई विभाग अभी नही देना चाहिए । जब तक वे चुनाव जीतकर नही आ जाते तब तक सभी को बिना विभाग का मन्त्री रखना चाहिए ।

नो मेंस लैंड’ में नेपाल बना रहा था सड़क, नाव से जाकर भारतीय अफसरों ने रोका

चीन से चल रही तनातनी के बीच भारत-नेपाल के बीच खुली सीमा पर विवाद की स्थिति पैदा हो गई. भारत और नेपाल के संबंधों के बीच रविवार को नेपाल की तरफ से खुली सीमा पर ‘नो मेंस लैंड’ पर निर्माण कराया जाने लगा. इस जगह से भारत का नजदीकी जिला उत्तर प्रदेश का पीलीभीत जिला है. सूचना मिलने पर एसएसबी के डीआईजी, पीलीभीत डीएम व एसपी फोर्स समेत मौके पर पहुंचे. दोनों देशों के अफसरों से वार्ता कर फिलहाल निर्माण को रुकवा दिया है. मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है.

रविवार को जिला प्रशासन को सूचना मिली कि इंडो-नेपाल बॉर्डर पर पिलर संख्या 38 के नज़दीक ‘नो मेंस लैंड’ पर नेपाल की तरफ से सड़क का निर्माण कराया जा रहा है.

जानकारी मिलते ही डीएम वैभव श्रीवास्तव, एसपी जयप्रकाश, डीआईजी एचएनएस बिष्ट, एसएसबी जवानों के साथ इंडो-नेपाल बॉर्डर पर शारदा नदी पार करके पहुंचे. यहां पर नेपाल के अफसरों से भी चर्चा हुई. इसमें नेपाल की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्य को फिलहाल रुकवा दिया गया है.

नेपाल की तरफ से अचानक शुरू कराए गए निर्माण कार्य से खलबली सी महसूस की गई. गनीमत रही कि बॉर्डर पर तैनात एसएसबी को भी समय रहते निर्माण कराए जाने की सूचना मिल गई. इसके बाद अफसर पूरी सतर्कता के साथ मौके पर पहुंच गए और मुआयना कर शीर्षस्थ स्तर पर सूचना दी.

डीएम वैभव श्रीवास्तव ने फोन पर बताया कि एक पिलर के नज़दीक निर्माण की सूचना मिली थी. इसे चेक किया गया और फिलहाल काम रुकवा दिया है और वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत कराया है. बॉर्डर पर सतर्कता और चौकसी है.

सीओ पूरनपुर योगेंद्र कुमार ने बताया कि इस जगह पर पहले भी विवाद हुआ था. ‘नो मेंस लैंड’ पर नेपाल प्रशासन सड़क का काम शुरू करने जा रहा था. समय से सूचना मिली तो काम रुकवा दिया गया. दोनों तरफ के अधिकारी बैठ कर इस पर बात करेंगे. फिलहाल शांति बनी हुई है

क्या होता है ‘नो मेंस लैंड’

जब 2 देशों के बीच की सीमा निर्धारित करने के लिए कुछ भूमि छोड़ दी जाती है तो उस जगह को ‘नो मेंस लैंड’ कहते हैं. ये जगह किसी भी देश के अधिकार क्षेत्र में नहीं होती है और इसमें सीमा निर्धारण के लिए स्तंभ या बाड़ लगा दी जाती है.

लद्दाख में चीन के झुकने के पीछे है NSA अजीत डोभाल कनेक्शन!

नई दिल्ली:

भारत के पराक्रम से पीछे हटा चीन, लद्दाख में 3 पोस्ट से लौटने लगे चीनी सैनिक

लद्दाख के गलवान घाटी से चीनी सैनिकों को पीछे धकेलने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने सबसे मजबूत कूटनीतिक हथियार का प्रयोग किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल(Ajit Doval) को मोर्चे पर लगा दिया था और उन्होंने रविवार को चीनी समकक्ष वांग यी के साथ करीब दो घंटे तक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक की थी। भारत के सख्त रुख के बाद चीन के पास पीछे हटने के अलावा कोई और चारा भी नहीं था। भारत ने ड्रैगन को चौतरफा घेर रखा था। चीन के 59 ऐप्स पर बैन के बाद पेइचिंग पूरी तरह से हिल गया था। 
पढ़ें, चीन ने बोला- हां, तनाव घटाने को हटाए सैनिक 

ऐक्शन में डोभाल, झुका चीन 

डोभाल ने वांग यी के साथ बातचीत में तमाम मुद्दों पर बातचीत की। लद्दाख सीमा पर दोनों पक्षों के सैनिकों के हटने के पीछे की वजह यही बातचीत है। गलवान घाटी में 15 जून को दोनों पक्षों के बीच खूनी संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे जबकि चीन के 40 सैनिक मारे गए थे। डोभाल की बातचीत के बाद चीन ने गलवान घाटी में संघर्ष वाली जगह से 1.5 किलोमीटर अपने सैनिकों को पीछे हटा लिया है। बता दें कि दोनों देश तनाव को कम करने के लिए कई दौर की कमांडर स्तर की बातचीत कर चुके हैं। 

दोबारा न हो गलवान, इसपर भी चर्चा 
डोभाल ने कल वीडियो कॉल पर चीनी विदेश मंत्री और स्टेट काउंसलर वांग यी के साथ बातचीत की। दोनों पक्षों के बीच बातचीत काफी सौहार्दपूर्ण और दूरदर्शी रही। दोनों के बीच बातीचत में भविष्य में गलवान घाटी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए शांति बनाए रखने पर बातचीत हुई ताकि आगे इस तरह की विकट स्थिति पैदा न हो। 

विवादित क्षेत्र से सेना हटाने पर सहमति 

बातचीत के दौरान दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत दिखे कि जल्दी से जल्दी से विवादित क्षेत्र से सेनाएं पीछे हट जाएं और वहां शांति बहाली हो जाए। दोनों पक्ष इसके लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के करीब मौजूद सैनिकों के जल्द हटाने पर भी हामी भरी। भारत और चीन ने चरणबद्ध तरीके से LAC के करीब से सैनिकों को हटाने की बात कही। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी की दोनों पक्ष LAC का उल्लंघन नहीं करेंगे और कोई भी पक्ष वहां यथास्थिति बदलने के लिए कोई एकपक्षीय कार्रवाई नहीं करेगा। 

, गलवान पर भारत की बड़ी जीत हु है. लद्दाख में चीन के सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. गलवान से चीन के सैनिकों की गाड़ियां, बख्तरबंद गाड़ियां वापस जा रही हैं. चीन के सैनिक पीएलए पीपी 14 से टेंट हटाते दिखे. चीन के सैनिक गलवान, हॉटस्परिंग और गोगरा में वापस जाते दिखे. सूत्रों के मुताबिक, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चीन के सैनिक कितने किमी तक पीछे हटे हैं.  

3 पोस्ट से पीछे हटने लगे चीनी सैनिक 
सूत्रों के मुताबिक, चीन के सैनिक तीन पोस्ट गलवान, हॉटस्परिंग, गोगरा से वापस जाते दिखे हैं. अगले 24 घंटे बहुत महत्वपूर्ण हैं. पिछले दो माह से दोनों देश के सेनाएं आमने-सामने हैं. भारत अभी चीन के सैनिकों के वापस जाने के मामले पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं. पैंगोंग पर अभी भी चीन के सैनिक जमे हैं. भारत का साफ कहना है कि चीनी सैनिकों को फिंगर 8 से पीछे जाना होगा. 

LAC पर भारत के अडिग रुख के आगे चीन झुक गया है. गलवान से चीन के सैनिकों ने पीछे हटना शुरू कर दिया है जिसका मतलब है गलवान में भारत की बड़ी जीत हुई है. LAC पर चीन की आर्मी पीपी 14 से टेंट हटाते दिखाई दिए हैं जिसका मतलब है विस्तारवाद पर भारत के विकासवाद की जीत हुई है.

ग्वालियर में बनेगा कांग्रेस का चुनाव मुख्यालय, कमलनाथ के लिए आलीशान बंगले की तलाश शुरू

भोपाल. सितंबर में संभावित प्रदेश की 24 सीटों के उपचुनाव की बिसात बिछना शुरू हो गई है। भाजपा ने जहां वर्चुअल रैलियों की शुरुआत कर दी है तो कांग्रेस अगले हफ्ते तक एक्शन मोड में आ जाएगी। फिलहाल कांग्रेस में मंथन का दौर जारी है। इसकी वजह भी है, 22 विधानसभा क्षेत्रों में उसे नए तरीके से पार्टी खड़ी करनी है। ये वही विधानसभा क्षेत्र हैं जिनके कांग्रेस विधायक इस्तीफा देने के बाद भाजपा में शामिल हो गए,और प्रदेश में कमलनाथ सरकार के पतन के बाद भाजपा सरकार बन गई। 24 विधानसभा चुनाव में 22 क्षेत्र कांग्रेस विधायकों द्वारा इस्तीफे देने से रिक्त हुई हैं। 2 सीटे विधायकों के निधन के कारण रिक्त हैं।

भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रभाव वाली ग्वालियर-चंबल अंचल की 16 सीटों पर कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा चरमरा गया है, जिसे नए सिरे से खड़ा करना पार्टी के लिए चुनौती बन गया है। इसे देखते हुए फैसला लिया गया है कि उपचुनाव होने तक पार्टी का चुनाव मुख्यालय भोपाल के बजाए ग्वालियर में रखा जाए, ताकि हर एक सीट की राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी रखी जा सके।

सूत्रों का कहना है कि अगले दिनों में प्रदेश की राजनीति का नजारा बदला-बदला नजर आने वाला है। कांग्रेस का चुनाव मुख्यालय ग्वालियर में शुरू हो जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के लिए ग्वालियर में एक आलीशान बंगले की तलाश की जा रही है। 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के बाद कमलनाथ ग्वालियर में ही रहेंगे। इसकी वजह भी है, ग्वालियर-चंबल संभाग में ही सबसे ज्यादा 17सीटों पर उपचुनाव होना है।(16 सिंधिया समर्थक और एक विधायक के निधन से रिक्त विधानसभा क्षेत्र)कमलनाथ का फोकस भी इन्हीं विधानसभा क्षेत्रों पर रहेगा।

दो दिन से मुकुल वासनिक भोपाल में

प्रदेश से सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस को सत्ता में वापसी की पूरी उम्मीद हैं। उपचुनाव की तैयारियों के सिलसिले में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक दो दिन से भोपाल में हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ग्वालियर-चंबल संभाग के नेताओं से वन-टू-वन चर्चा कर रहे हैं। रविवार को कमलनाथ व वासनिक ने प्रभारियों से पूछा कि सत्ता में वापसी के लिए पार्टी को सभी सीटों पर होने वाले उप चुनाव जीतना होगा। इसलिए इन सीटों पर अब तक की चुनाव तैयारी क्या है। इसका सीधा जवाब न मिल पाने से उनसे कहा गया कि मंडलऔर सेक्टर पर संगठन को मजबूत बनाएं। ज्यादा से ज्यादा पार्टी कार्यकर्ताओं की संगठन में भागीदारी तय की जाए। गुटबाजी को बढ़ावा देने वालों को चिह्नित किया जाए ताकि उन पर सख्त कार्रवाई की जा सके।

कांग्रेस के सामने उम्मीदवारों का टोटा

ग्वालियर-चंबल संभाग की 16 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव के लिए कांग्रेस के सामने उम्मीदवारों का टोटा हो गया है। इस स्थिति से निपटने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भाजपा के असंतुष्टनेताओं के संपर्क में हैं। सूत्रों का कहना है कि चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही इन विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के कुछ असंतुष्ठ वरिष्ठ नेता कांग्रेस का दामने थाम सकते हैं।

21 दिसंबर 2019 को मुरैना जिले के जौरा से विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा की मौत हुई थी।30 जनवरी को आगर-मालवा से भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल का भी असमय निधन हो गया।

शिवपुरी शहर आवश्यक सेवायें छोड़ 6–7 जुलाई के लिये बंद: कलेक्टर .

शिवपुरी
*धारा 144 के तहत आदेश जारी
*शहर में कोविड-19 संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए दिनांक 06 एवं 07 जुलाई के लिए शिवपुरी नगर पालिका सीमाक्षेत्र के लिए आदेश।

अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़ी दुकाने जैसे दूध/मेडिकल एवं पेट्रोल पंप खुले रहेगे। शेष सभी दुकाने पूर्णतः बंद रहेगी।
सब्दी मंडी में आमजन का प्रवेश बंद रहेगा, सब्जी फल ठेले वाले घूमकर बेच सकेंगे.
गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी की जा सकेगी.
सभी शासकीय व निजी कार्यालय खुले रहेंगे.
आवश्यक कार्य से ही लोग फेस मास्क, कवर लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुये घर से निकलें.
परिवहन ऑटो रिक्शा पूर्णतया बंद रहेंगे.
यह आदेश शिवपुरी शहर तक सीमित रहेगा.

नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी 2020, हो सकती हैं ये 5 भयंकर घटनाएं

*संकलन सत्येंद्र रघुवंशी

‘एक समय ऐसा भी आएगा कि विश्वव्यापी आग से अधिकांश राष्ट्रों में नरसंहार होगा।…यह समय कब आएगा इसका संकेत देते हुए वे कहते हैं, ‘मेष वृषभ, कर्क, सिंह, कन्या, मंगल, बृहस्पति तथा सूर्य के प्रभाव में होंगे। तब धरती जलने लगेगी, जंगल और शहर यूं तबाह होंगे जैसे मोमबत्ती पर लिखे अक्षर।’ ऐसी ग्रह स्थिति 1994 में उत्पन्न हुई थी। अब 22 फरवरी 2020 और फिर 28 मई 2021 में उत्पन्न होगी।- (सेंचुरी 6-35)
 

नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियों की व्याख्या करने वाले लोगों के अनुसार 2020 के लिए जो भविष्यवाणियां की हैं, उसमें दुनिया में प्राकृतिक खतरा और भयंकर हिंसा बढ़ने के संकेत हैं। आओ जानते हैं 5 खास भविष्यवाणियां।
 

1.जलवायु परिवर्तन से होगा विनाश : तेजी से बदल रहा है धरती का पर्यावरण। ब्राजील के अमेजन के जंगल में आग और ऑस्ट्रेलिया के जंगल की आग इस सदी की सबसे भयानक त्रासदी है। दूसरी ओर  दुनिया के ग्लेशियर खत्म हो रहे हैं। हाल ही में जलवायु परिवर्तन के चलते आइसलैंड का ‘ओक्जोकुल’ ग्लेशियर खत्म हो गया। इसी तरह अंटार्कटिका, अलास्का, न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड, किलिमंजारो पर्वत, चिली, ग्रीनलैंड और दुनियाभर के ग्लेशियर जिसमें हिमालय भी शामिल है वहां की बर्फ तेजी से पिघल रही है। एक तीसरी ओर धरती के प्राकृतिक संसाधनों का लगातर दोहन किए जाने के कारण भविष्य में धरती पर या तो समुद्र का सम्राज्य रहेगा या भी सिर्फ आग ही आग होगी।…नास्त्रेदमस के मुताबिक, इस साल जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया को प्रभावित करेगा और प्रदूषण के खिलाफ युद्ध स्तर पर मुहिम शुरु करेंगे। दुनिया के कुछ हिस्सों में इस साल भयकंर तूफान और भूकंप आएगा।
 

नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी के मुताबिक धनु राशि का तीर एक स्याह हलचल की ओर इशारा कर रहा है, विनाश की शुरुआत से पहले तीन ग्रहण पड़ेंगे और तब सूरज और धरती पर तीव्र भूकंप आएंगे। सूरज पर भूकंप से विकिरण के तीव्र तूफान उठेंगे जो धरती को इस कदर गरमा देंगे कि ध्रुवों पर जमी बर्फ पिघलने लगेगी। जब ऐसा होगा तब धरती के ध्रुव भी बदल जाएंगे। कुंभ राशि के युग की शुरुआत में आसमान से एक बड़ी आफत धरती पर आ टूटेगी। धरती का ज्यादातर हिस्सा प्रलयकारी बाढ़ की चपेट में आ जाएगा और तब जान और माल की भारी क्षति होगी।
 

2.बढ़ेगा वर्ग संघर्ष : नास्त्रेदसम के अनुसार यह साल हिंसा से भरा रहेगा। कई देशों में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के साथ ही वर्ग संघर्ष भी बढ़ेगा। नास्त्रेदमस के अनुसार मध्यपूर्व के देशों और दुनिया के कुछ अन्य क्षेत्रों में भी धार्मिक कट्टरता के चलते गृहयुद्ध जैसे हालात होंगे और कई लोगों को अपना देश छोड़कर दूसरे देशों में शरण लेना पड़ेगी। हालांकि यह स्थिति तो कभी से जारी है। भविष्यवाणी के अनुसार साल 2020 में दुनिया के बड़े देशों में गृहयुद्ध जैसे हालात हो जाएंगे और लोग सड़कों पर उतर आएंगे।
 

नास्त्रेदमस ने 2020 को एक बहुत ही हिंसक साल बताया है। नास्त्रेदमस ने ये भविष्यवाणी साल 2020 के लिए है हालांकि, भारत में नए साल से पहले ही CAA को लेकर ज़बरदस्त विरोध देखने को मिल रहा है। इसके अलावा, फ्रांस समेत मध्य-पूर्व के ज़्यादातर देशों में भी हिंसक प्रदर्शन हो रहा है।
 

3. तीसरे विश्व युद्ध की आशंका : नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी के अनुसार तीसरा विश्व युद्ध कभी भी भड़कर सकता है। कुछ लोग इस भविष्यवाणी को 2020 में अमेरिका द्वारा एशिया में सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू करने की योजना से जोड़कर देखते हैं। ऐसा भी अनुमान लगाया जा रहा है कि 2020 में कई देशों में आपस में टकराव बढ़ जाएंगे।
 

यदि तृतीय विश्व युद्ध होता है कि नास्त्रेदमस के विश्लेषकों अनुसार उस दौरान आग का एक गोला पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है जो धरती से मानव की विलुप्ति का कारण बन सकता है। ऐसा तब होगा जबकि तृतीय विश्व युद्ध चल रहा होगा तब आकाश से एक उल्का पिंड हिंद महासागर में गिरेगा और समुद्र का सारा पानी धरती पर फैल जाएगा जिसके कारण धरती के अधिकांश राष्ट्र डूब जाएंगे या यह भी हो सकता है कि इस भयानक टक्कर के कारण धरती अपनी धूरी से ही हट जाए और अंधकार में समा जाए।
 

4. दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी : नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी के अनुसार 2020 में इस सदी का सबसे बड़ा आर्थिक संकट भी आएगा। हालांकि भविष्यवाणी को छोड़ भी दें तो अमेरिका और चीन के टकराव के चलते पुरी दुनिया की अर्थव्यवस्था की हालत काफी खस्ता है। अर्थव्यवस्था का केंद्र हांगकांग इस वक्त हिंसा की आग में जल रहा है जिसके चलते भारत सहित दुनिया के कई दक्षिण एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ रहा है।
 

5. बड़े नेताओं की जान को खतरा : वर्ष 2020 के लिए नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियों की व्याख्या करने वालों के अनुसार कुछ चौंकाने वाली भविष्यवाणी यह है कि इस वर्ष रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हत्या की कोशिश की जा सकती है। जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति, डोनल्ड ट्रम्प को बड़ा नुकसान हो सकता है। दूसरी ओर नरेंद्र मोदी को मारने की साजिश दो बार खुलासा हो चुका है। व्याख्‍याकारों के अनुसार 2020 में ग्रेट ब्रिटेन की महारानी की मृत्यु हो सकती है जिसके बाद प्रिंस चार्ल्स ग्रेट ब्रिटेन की गद्दी संभालेंगे और जल्द स्कॉटलैंड और वेल्स का दौरा करेंगे।
 

उल्लेखनीय है कि नास्त्रेदमस की कुछ भविष्यवाणियों को तोड़-मोरोड़कर हर वर्ष इसी तरह इंटरनेट पर किसी न किसी तरह प्राचारित किया जाता रहा है। उनकी भविष्वाणियों के कई अर्थ निकाले जा सकते हैं और कई व्यक्तियों से उनकी भविष्यवाणी को जोड़ा जा सकता है। जहां तक जलवायु परिवर्तन का सवाल है तो यह कई वर्षों से जारी है। प्राकृतिक घटनाएं हर वर्ष होती है। सूर्य ग्रहण भी हर वर्ष 2 या 3 होते ही रहते हैं। हर वर्ष कोई न कोई नेता किसी न किसी कारण से मारता या मारा जाता है। वर्ष संघर्ष आज से नहीं पिछले कई वर्षों से हर देश में जारी है। हर वर्ष के अंत में यह घोषणा की जाती है कि अगले वर्ष तृतीय विश्‍व युद्ध होने की आशंका है। ऐसे में इन भविष्यवाणियों के विश्‍वसनीय होने का कोई आधार नहीं रह जाता है।

ATM से नकली नोट निकल आए तो घबराए नहीं, करें ये काम

आरबीआई की गाइडलाइन के मुताबिक एटीएम से नकली नोट निकलने के लिए बैंक की जवाबदेही और जिम्मेदारी बनती है। बैंक इस परिस्थिति मुंह नहीं मोड़ सकते और उन्हें ग्राहको उस नोट के बदले पूरा रिफंड जारी करना होगा।

दिल्ली अक्सर देखने को मिलता है जब कोई शख्स एटीएम से नोट निकालता है तो नकली नोट की निकासी हो जाती है। ऐसे वक्त में उस शख्स को समझ नहीं आता कि वह क्या करें और क्या नहीं। एटीएम के इस्तेमाल के दौरान कई बार ऐसी मुसीबत अक्सर लोगों को सामना करना पड़ जाता है। एटीएम से कई बार नकली नोट निकलने के मामले भी सामने आ चुके हैं।

ऐसे मामलों की हर रोज पूरे देश से शिकायत आती रहती है। अक्‍सर बैंक, एटीएम से नकली नोट निकलने की बात स्वीकार नहीं करते हैं जिससे ग्राहक को नुकसान उठाना पड़ता है। अगर कभी आप इस तरह की मुसीबत में फंस जाए तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इसके लिए नियम व शर्तें बनाई हुई हैं जिन्हें बैंकों को फॉलो करना होता है।

आरबीआई की गाइडलाइन के मुताबिक एटीएम से नकली नोट निकलने के लिए बैंक की जवाबदेही और जिम्मेदारी बनती है। बैंक इस परिस्थिति मुंह नहीं मोड़ सकते और उन्हें ग्राहको उस नोट के बदले पूरा रिफंड जारी करना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि एटीएम में करेंसी को डालने से पहले सभी नोटों की जांच जाली नोट पकड़ने वाली मशीन से की जाती है।

Coronavirus: दुनिया में तीसरा सबसे प्रभावित देश बना भारत, पिछले 24 घंटे में आए 24 हजार मामले

भारत में आज लगातार चौथे दिन 20 हजार से ज्यादा कोरोना के मामले दर्ज किए गए हैं. कोरोना संक्रमण मामले में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है.

नई दिल्ली: भारत कोरोना वायरस से दुनिया का तीसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश बन गया है. अमेरिका और ब्राजील के बाद सबसे ज्यादा कोरोना मामले अब भारत में है. संक्रमण के मामले में भारत ने रूस को भी पछाड़ दिया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अबतक 6 लाख 97 हजार लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. इनमें से 19,693 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार लाख 24 हजार लोग ठीक भी हुए हैं. पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 24 हजार नए मामले सामने आए और 425 मौतें हुईं.

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक 5 जुलाई तक टेस्ट किए गए सैंपलों की कुल संख्या एक करोड़ के करीब है, जिसमें से 1,80,596 सैंपलों का कल टेस्ट किया गया है.

दुनिया में तीसरा सबसे प्रभावित देश
कोरोना संक्रमितों की संख्या के हिसाब से भारत दुनिया का तीसरा सबसे प्रभावित देश है. अमेरिका और ब्राजील के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा मामले भी भारत में ही दर्ज किए जा रहे हैं. भारत से अधिक मामले अमेरिका (2,981,009), ब्राजील (1,604,585) में हैं. वहीं अब रूस (681,251) में भारत से कम संक्रमण है.

एक्टिव केस के मामले में टॉप-5 राज्य

आंकड़ों के मुताबिक, देश में इस वक्त 2 लाख 53 हजार कोरोना के एक्टिव केस हैं. सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में हैं. महाराष्ट्र में 86 हजार से ज्यादा संक्रमितों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है. इसके बाद दूसरे नंबर पर तमिलनाडु, तीसरे नंबर पर दिल्ली, चौथे नंबर पर गुजरात और पांचवे नंबर पर उत्तर प्रदेश है. इन पांच राज्यों में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं.

एक्टिव केस मामले में भी दुनिया में भारत का तीसरा स्थान है. यानी कि भारत ऐसा तीसरा देश है, जहां फिलहाल सबसे ज्यादा संक्रमितों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है.